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टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं. उनके एक कथित बयान को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान शुरू हो गया है. भाजपा नेता हीरक भट्टाचार्य ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. आरोप है कि सांसद की टिप्पणी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली है.
नई मुसीबत में फंसी टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा. (फाइल फोटो)
TMC MP Mahua Moitra Controversy: पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का नाम विवादों में आ गया है. उनके एक बयान को लेकर भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है. भाजपा नेता हीरक भट्टाचार्य ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. शिकायत नादिया जिले के करिमपुर के होगलबारिया थाने में दर्ज कराई गई है. भाजपा का आरोप है कि महुआ मोइत्रा ने ऐसा बयान दिया है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हो सकता है. पार्टी नेताओं का कहना है कि सांसद के बयान में एक विशेष समुदाय का उल्लेख किया गया है, जो लोगों को भड़काने वाला माना जा सकता है.
दरअसल, विवाद की शुरुआत कृष्णानगर जिला सत्र न्यायालय के बाहर हुए एक विरोध प्रदर्शन से हुई. कुछ भाजपा महिला कार्यकर्ता अंडे और टमाटर लेकर अदालत परिसर के बाहर पहुंची थीं. उनका दावा था कि यदि महुआ मोइत्रा किसी मामले में अदालत में पेश होने आती हैं तो उनके खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा. इस घटना के बाद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर दो वीडियो जारी किए. पहले वीडियो में उन्होंने विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराने की बात कही. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस उनकी शिकायत स्वीकार नहीं करती है तो वह अदालत का रुख करेंगी और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगी. हालांकि अगले दिन जारी दूसरा वीडियो उनके लिए नई परेशानी का कारण बन गया.
वीडियो में महुआ मोइत्रा ने कहा कि विरोध प्रदर्शन में शामिल सभी महिलाओं के नाम लेकर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर अंडे फेंकने हैं तो बुर्का पहनकर फेंको, तब कोई पहचान नहीं पाएगा और शिकायत भी नहीं होगी. महुआ मोइत्रा की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. भाजपा नेताओं ने इसे धार्मिक संदर्भ से जोड़ते हुए कड़ी आपत्ति जताई. भाजपा नेता हीरक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि सांसद का बयान दो समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा कर सकता है और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है. इसी आधार पर उन्होंने पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
उधर, नादिया जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि उन्हें शिकायत मिल हो चुकी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वीडियो में दिए गए बयान के कानूनी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. फिलहाल कोई एफआईआर दर्ज होने या आगे की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस विवाद ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया सियासी बवाल जरूर खड़ा कर दिया है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें