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MEA on Rahul Gandhi Meloni Remark: कांग्रेस कार्यक्रम में राहुल गांधी और संदीप दीक्षित द्वारा इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी पर की गई टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय ने सख्त संदेश दिया है. MEA ने कहा कि भारत-इटली संबंध बेहद मजबूत और व्यापक हैं. कूटनीतिक मर्यादा और अंतरराष्ट्रीय प्रैक्टिस के तहत आपसी संबंधों को हमेशा आदर व सम्मान के दायरे में रखा जाना बेहद महत्वपूर्ण है. राजनीतिक बयानों में कूटनीतिक गरिमा का ध्यान रखना जरूरी है.
राहुल गांधी संदीप दीक्षित के विवादित मजाक पर MEA का जवाब आया.
कांग्रेस के कार्यक्रम में राहुल गांधी और संदीप दीक्षित द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का जिक्र कर की गई टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय का पहला बयान सामने आया है. MEA ने साफ शब्दों में कहा कि इटली के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंध बहुत मजबूत, ऐतिहासिक और व्यापक हुए हैं. विदेश मंत्रालय ने कूटनीतिक मर्यादा की याद दिलाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रैक्टिस के तहत आपसी संबंधों को आदर, सम्मान और गरिमा के दायरे में रखना बेहद महत्वपूर्ण है. विदेश मंत्रालय ने इस तरह की हल्की राजनीतिक टिप्पणियों से परे भारत और इटली के प्रगाढ़ कूटनीतिक रिश्तों व आपसी सम्मान पर जोर दिया.
FCRA संशोधन पर अमेरिकी दबाव से इनकार
FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) बिल को जेपीसी (JPC) में भेजने के पीछे अमेरिकी दबाव के आरोपों को विदेश मंत्रालय ने पूरी तरह खारिज कर दिया. MEA ने कहा कि भारत के लेजिस्लेटिव (विधायी) मामले देश की संसद तय करती है, किसी बाहरी दबाव में नहीं. विदेश मंत्रालय ने मीडिया और वैश्विक संस्थाओं को हिदायत दी कि वे FCRA मामले पर भ्रामक और शरारतपूर्ण रिपोर्टिंग करने से बचें.
अफगानिस्तान से जुड़ाव और रणनीतिक संबंध
अफगान दूतावास द्वारा तालिबान शासन के 5 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफगानिस्तान के साथ भारत की कई स्तरों पर बातचीत जारी है. इस संवाद से विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत हुई है. MEA ने दोहराया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक व दीर्घकालिक संबंध रहे हैं और भारत इस सहयोग व जन-केन्द्रित जुड़ाव को आगे भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.
कश्मीर पर नॉर्वे को दोटुक
नॉर्वे के विदेश मंत्री द्वारा कश्मीर पर दिए गए बयान का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट संदेश दिया कि कश्मीर भारत का अविभाज्य और अभिन्न अंग है. MEA ने वैश्विक समुदाय को नसीहत देते हुए कहा कि दुनिया को कश्मीर पर अनाप-शनाप टिप्पणी करने के बजाय पाकिस्तान के गैर-कानूनी कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों और अत्याचारों पर चिंता जतानी चाहिए. नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से मुलाकात की थी. बातचीत के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भी चर्चा हुई थी.
बांग्लादेश के पीएम को भारत और ब्रिक्स का न्योता
विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के साथ संबंधों पर जानकारी देते हुए कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भारत की द्विपक्षीय यात्रा और आगामी ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है. MEA के प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रस्तावित यात्रा को लेकर जैसे ही आगे कोई ठोस प्रगति या तारीखें तय होती हैं, उसकी आधिकारिक जानकारी मीडिया और जनता के साथ साझा की जाएगी.
सिंधु जल समझौते पर भारत दृड़
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के हालिया बयान का जवाब देते हुए साफ किया कि सिंधु जल समझौते को लेकर भारत के रुख और पक्ष में कोई बदलाव नहीं आया है. भारत इस मुद्दे पर अपने पहले से तय स्टैंड पर पूरी तरह कायम है. पाकिस्तान द्वारा लगातार की जा रही बयानबाजी के बीच MEA का यह बयान यह स्पष्ट करता है कि भारत राष्ट्रीय हितों से किसी तरह का समझौता नहीं करेगा.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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