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अब पूरा का पूरा 1 रुपया गरीब तक पहुंचता है, राजीव गांधी...


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‘इतिहासकार भी मानेंगे बदलाव’, अमित शाह ने 2014 को बताया टर्निंग प्वॉइंट

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अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने तकनीक का कड़ा इस्तेमाल करते हुए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी और जेएएम (जन धन, जेएएम ढांचा, और मोबाइल) के त्रिपक्षीय तकनीकी नेटवर्क के माध्यम से पुरानी भ्रष्ट प्रणाली को समूल नष्ट कर दिया है. उन्होंने कहा कि आज देश में यह विधिक व्यवस्था लागू है कि जब दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक रुपया भेजते हैं, तो पूरे के पूरे 100 पैसे सीधे गरीब के बैंक खाते में बिना किसी कटौती के डिजिटल रूप से पहुंच जाते हैं.

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अमित शाह ने कहा कि भविष्य के इतिहासकार भारत की यात्रा को दो हिस्सों में बांटेंगे.

गांधीनगर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि भविष्य के इतिहासकार देश की यात्रा को दो चरणों में बांटेंगे-2014 से पहले और 2014 के बाद. उन्होंने दावा किया कि नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा जारी किया गया हर रुपया पूरी तरह से लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचता है. शाह ने महात्मा गांधी के ‘राम राज्य’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि सुशासन केवल योजनाओं की घोषणा या बजट आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि हर पात्र नागरिक को वास्तव में उसके लिए निर्धारित लाभ प्राप्त हों.

वह गांधीनगर में पीएम-फैमिली केयर ट्रैकर (पीएम-एफसीटी) की प्रायोगिक परियोजना (पायलट प्रोजेक्ट) की शुरुआत करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह एकीकृत डिजिटल मंच यह सुनिश्चित करेगा कि गर्भवती महिलाओं, माताओं और बच्चों को निरंतर निगरानी और समय पर हस्तक्षेप के माध्यम से सभी पात्र सरकारी लाभ मिलें. सभा को संबोधित करते हुए, गुजरात की राजधानी से लोकसभा सदस्य ने 2014-जिस वर्ष मोदी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला था -को स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक ‘ऐतिहासिक मोड़’ बताया.

शाह ने कहा कि भविष्य के इतिहासकार देश की यात्रा को दो चरणों में बांटेंगे-“2014 से पहले और 2014 के बाद.” उन्होंने कहा कि 2014 के बाद मोदी के नेतृत्व वाली सरकारों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, बुनियादी ढांचा, शिक्षा, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक नीति-निर्माण की शुरुआत की, साथ ही गरीबों के जीवन स्तर को सुधारने को प्राथमिकता दी.

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के एक बयान का हवाला देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र से भेजे गए प्रत्येक रुपये में से केवल ’15 पैसे’ ही गरीबों तक पहुंचते हैं, शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और जेएएम (जन धन-आधार-मोबाइल) ढांचे के माध्यम से इस प्रणाली को बदल दिया है. उन्होंने कहा, “आज, जब नरेन्द्र मोदी एक रुपया भेजते हैं, तो पूरा का पूरा रुपया सीधे गरीबों के बैंक खाते में पहुंचता है.”

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने इस बात पर जोर दिया कि 2014 के बाद से मोदी सरकार की कल्याणकारी नीतियों के केंद्र में 70 करोड़ गरीब लोग रहे हैं. उन्होंने कहा कि आजादी के 70 वर्षों तक इन 70 करोड़ लोगों को विकास में उनका उचित हिस्सा नहीं मिला, लेकिन मोदी सरकार ने इस स्थिति को बदल दिया है. शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र में भाजपा-नीत सरकार ने 70 करोड़ गरीब लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए घर, बिजली, शौचालय, पाइप से पेयजल, एलपीजी कनेक्शन, मुफ्त खाद्यान्न, पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा और सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराईं.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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