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चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हमले में भारत को कितना नुकसान, प्‍लान को लगा पलीता?

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Chabahar Port Attack: वेस्‍ट एशिया में शांति को एक बार फिर से ग्रहण लग गया है. अमेरिका और ईरान की ओर से एक-दूसरे के ठिकानों पर बमबारी कर रहे हैं. भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से अहम चाबहार पोर्ट पर भी अटैक किया गया है, जिसने नई दिल्‍ली की चिंताओं को बढ़ा दिया है.

चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हमले में भारत को कितना नुकसान, प्‍लान को लगा पलीता?Zoom

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से जंग भड़क गई है. अमेरिका ने रणनीतिक रूप से महत्‍वपूर्ण चाबहार पोर्ट पर हमला किया है. (फाइल फोटो)

Chabahar Port Attack: अमेरिका ने एक बार फिर से रणनीतिक रूप से अहम चाबहार पोर्ट पर एरियल अटैक किया है. ईरान के इस बंदरगाह से भारत के हित भी जुड़े हैं, ऐसे में इस हमले से नई दिल्‍ली का चिंतित होना जायज है. भारत चाबहार पोर्ट के जरिये अफगानिस्‍तान और सेंट्रल एशिया तक सीधी पहुंच बनाने की कोशिश में जुटा है. अमेरिकी अटैक से भारत की उस योजना को झटका लग सकता है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि जमीन पर जांच के बाद ही इस बात का आकलन किया जा सकेगा कि चाबहार पोर्ट पर अटैक से कितना नुकसान हुआ है.

ईरान के रणनीतिक महत्व वाले चाबहार पोर्ट पर हालिया अमेरिकी हमले के बाद भारत की चिंता बढ़ गई है. हालांकि, पोर्ट को हुए वास्तविक नुकसान की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है. सूत्रों के अनुसार, नुकसान का सही आकलन मौके पर विस्तृत जमीनी जांच के बाद ही किया जा सकेगा. चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यह बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को बायपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सीधी समुद्री पहुंच उपलब्ध कराता है. इसी मार्ग के जरिए भारत व्यापार, मानवीय सहायता और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करता रहा है. ऐसे में पोर्ट को किसी भी बड़े नुकसान का असर भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और व्यापारिक हितों पर पड़ सकता है.

स्थिति पर भारत की नजर

सूत्रों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थानीय स्तर पर निरीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पोर्ट का ऑपरेशन किस हद तक प्रभावित हुआ है. यदि बुनियादी ढांचे को व्यापक क्षति पहुंची है, तो इससे भारत की लॉजिस्टिक्स योजनाओं और क्षेत्रीय व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है. एक्‍सपर्ट का मानना है कि चाबहार पोर्ट भारत की पश्चिम एशिया और मध्य एशिया नीति का अहम आधार है. इसलिए वहां की मौजूदा स्थिति और संभावित नुकसान का आकलन भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

चाबहार में बिजली सप्‍लाई बंद

अमेरिका ने गुरुवार को ईरान के दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर चाबहार पर ताजा हवाई हमले किए, जिससे दोनों देशों के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल में घोषित युद्धविराम को समाप्त बताया था. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, हमलों के बाद चाबहार के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और शहर में कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि उसने चाबहार समेत करीब 90 ईरानी सैन्य और समुद्री ठिकानों को निशाना बनाया. अमेरिका का कहना है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की क्षमता बढ़ाने में कर रहा था. हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें



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