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पलामू के किसानों के लिए बड़ी खबर, झारखंड सरकार दे रही पशुपालन...


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पलामू के किसानों के लिए बड़ी खबर, झारखंड सरकार दे रही पशुपालन का मौका

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बकरा विकास योजना में पलामू जिले के लिए 732 लाभुकों का लक्ष्य तय किया गया है. इस योजना के तहत प्रत्येक चयनित लाभुक को आठ बकरियां और दो बकरे दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन करने पर किसान कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

पलामू: बदलते दौर में खेती के साथ पशुपालन अपनाकर किसान अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं. बदलते मौसम, अनिश्चित बारिश और खेती की बढ़ती लागत के बीच पशुपालन किसानों के लिए अतिरिक्त और स्थायी आमदनी का मजबूत जरिया बन रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए झारखंड सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है. पलामू जिले को भी बकरी, सूकर, मुर्गी और भेड़ पालन योजनाओं के लिए लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है. जिला पशुपालन विभाग का कहना है कि इन योजनाओं से ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

बकरा विकास योजना
जिला पशुपालन पदाधिकारी प्रभाकर सिन्हा ने लोकल18 को बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार का आदेश जिले को मिल चुका है. इसके तहत बकरा विकास योजना में पलामू जिले के लिए 732 लाभुकों का लक्ष्य तय किया गया है. इस योजना के तहत प्रत्येक चयनित लाभुक को आठ बकरियां और दो बकरे दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन करने पर किसान कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का भी बेहतर माध्यम बन सकता है.

सूकर विकास योजना
प्रभाकर सिन्हा ने बताया कि जिले को सूकर विकास योजना के तहत 168 लाभुकों का लक्ष्य मिला है. वहीं, लो इनपुट लेयर (अंडा देने वाली मुर्गी) योजना के लिए 172, ब्रॉयलर मुर्गी पालन योजना के लिए 332 और भेड़ पालन योजना के लिए 144 लाभुकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और पशुपालन के माध्यम से नियमित आय उपलब्ध कराना है.

एक नई और महत्वाकांक्षी योजना
प्रभाकर सिन्हा के अनुसार कि इस वर्ष विभाग ने एक नई और महत्वाकांक्षी योजना भी शुरू की है. इसके तहत इच्छुक पशुपालक 100 बकरियों और 5 बकरों की इकाई स्थापित कर सकेंगे. इस योजना का उद्देश्य बड़े स्तर पर व्यवसायिक बकरी पालन को बढ़ावा देना है. विभाग का मानना है कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाकर किसान इस योजना से बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं और इसे सफल व्यवसाय बना सकते हैं.

पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ
प्रभाकर सिन्हा के मुताबिक जिला स्तरीय चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा. विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अभी से अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें. साथ ही पशुपालन के लिए आधारभूत व्यवस्थाएं भी शुरू कर दें. समय पर तैयारी करने वाले किसानों को योजना का लाभ मिलने के बाद पशुपालन शुरू करने में आसानी होगी और वे कम समय में अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



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