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बोकारो के उत्तम महतो ने यूट्यूब से आधुनिक खेती सीखी. वे मात्र 50 डिसमिल जमीन में मचान विधि से खीरा उगा रहे हैं. 30 हजार रुपये की लागत में 40 क्विंटल पैदावार हो रही है. इस फसल से उन्हें सवा लाख से अधिक की कमाई हो रही है. खर्च काटकर एक लाख से ज्यादा का शुद्ध मुनाफा है.
बोकारोः हर किसान कम जमीन में अधिक मुनाफा कमाने का सपना देखता है. ऐसे में बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड के अंबाडीह गांव के किसान उत्तम महतो ने इसे सच कर दिखाया है. उत्तम महज 50 डिसमिल जमीन में स्मार्ट मचान विधि से खीरे की खेती कर लाखों रुपये की कमाई कर रहे है और आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं.
उत्तम महतो ने बताया कि वह किसान परिवार से आते हैं और खेती की प्रेरणा उन्हें अपने बड़े भाई राजेश महतो और अपने दादा-परदादाओं से मिली है. वह पारंपरिक अनुभव के साथ-साथ यूट्यूब के जरिए खेती की नई तकनीकें सीखते हैं और उन्हें अपने खेत में अपनाते हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर हो रही है.
आगे उन्होंने बताया कि वह पिछले पांच सालों से खीरे की खेती कर रहे हैं. बाजार में इसकी मांग सालभर बनी रहती है. इसलिए वह अलग-अलग समय पर इसकी खेती करते हैं. इस बार उन्होंने मई महीने में खीरे की बुवाई की थी और यह फसल करीब 45 से 60 दिनों में तैयार हो जाती है. इसके बाद किसान लगभग दो से ढाई महीने तक लगातार तुड़ाई कर अच्छी आमदनी कमा सकते हैं.
50 डिसमिल जमीन में 40 क्विंटल उत्पादन
वहीं, 50 डिसमिल में खीरे की खेती करने पर लगभग 30 हजार रुपये की लागत आती है. इतनी जमीन पर 40 क्विंटल से अधिक उत्पादन होता है. जिसे वह पेटरवार हाट में बेचते हैं. वहीं बाजार में खीरे का औसत भाव 35 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम रहने पर किसान करीब 1.40 लाख रुपये तक की आमदनी कमा सकते हैं. सभी खर्च निकालने के बाद लगभग 1.10 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाई कर सकते हैं.
खीरा की खेती के इच्छुक किसानों को उत्तम ने सलाह देते हुए बताया कि खीरे की खेती में शुरुआत से ही सिंचाई व्यवस्था, अच्छी जल निकासी और जैविक और संतुलित खाद का ध्यान रखना चाहिए. साथ ही मचान विधि अपनाने से बेलों का बेहतर विकास होता है. किसान कम जमीन में भी बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.