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विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में पहली बार सफाई रोबोट और टोटो एंबुलेंस का उपयोग किया जाएगा। इसे दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने तैयार किया है। दुमका के बासुकीनाथ धाम में इसका इस्तेमाल किया जाएगा। दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज के इन दो प्रोजेक्ट्स को जिले के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने सहमति दी है। उनके निर्देश पर दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र इन प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। प्रशासन का उद्देश्य इस बार मेले को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। जिसमें छात्रों की भागीदारी अहम भूमिका निभा रही है। इस तरह से मिली प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी हाल ही में कॉलेज परिसर में सेंटर फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी (CEVT) का उद्घाटन हुआ था। इस दौरान छात्रों ने अपने 12 इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए थे। इस कार्यक्रम में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा, टेक्नो इंडिया के डायरेक्टर डॉ सुदीप्तो चक्रवर्ती, झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के वाइस चांसलर प्रो डॉ डीके सिंह और जिला परिवहन पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार मौजूद रहे। सफाई रोबोट और टोटो एम्बुलेंस मॉडल से प्रभावित होकर उपायुक्त ने तत्काल इन्हें श्रावणी मेले में उपयोग के लिए तैयार करने का निर्देश दिया। इसे लेकर टेक्नो इंडिया के डायरेक्टर डॉ. सुदीप्तो चक्रवर्ती ने कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा में प्रोजेक्ट वर्क की अहम भूमिका है। ऐसे इंटरडिसिप्लिनरी प्रयोग समाज की वास्तविक जरूरतों को पूरा करते हैं। पानी में तैरते कचरे निकालेगा, पानी भी करेगा साफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के एचओडी प्रो पंकज सरकार के मुताबिक श्रावणी मेले के दौरान शिवगंगा तालाब में बढ़ने वाली गंदगी को देखते हुए छात्रों ने वॉटर क्लीनिंग रोबोट विकसित किया है। यह रोबोट स्वचालित तकनीक से पानी की सतह पर तैरते प्लास्टिक और कचरे को साफ करेगा।
इसके साथ नेवसा रिवाइवल बोट भी जल शुद्धिकरण में सहायक होगी। कॉलेज प्राचार्य डॉ. गणेश शंकर के अनुसार यह झारखंड में पहली बार है, जब किसी इंजीनियरिंग कॉलेज की तकनीकी परियोजनाओं को सीधे बड़े धार्मिक आयोजन में उपयोग किया जा रहा है। इस पहल से स्वच्छता के क्षेत्र में नई दिशा मिलने की उम्मीद है। भीड़ वाले इलाके में आसानी से पहुंचेगा टोटो एंबुलेंस मेले में उमड़ने वाली भीड़ के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए टोटो एम्बुलेंस को तैनात किया जा रहा है। यह वाहन संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आसानी से पहुंचकर श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार और अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करेगा। इस कार्यक्रम का संचालन इलेक्ट्रिकल विभागाध्यक्ष प्रो. पंकज सरकार ने किया। उन्होंने बताया कि छात्र तेजी से इन परियोजनाओं को पूरा करने में जुटे हैं। जैसे-जैसे मेले की तारीख नजदीक आ रही है, प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की सक्रियता भी बढ़ती जा रही है, ताकि 30 जुलाई से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार हो सकें।
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