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Ranchi Panchrangi Flower: रांची में पचरंगी फूल शहर की सड़कों और जंगलों में खूब दिखते हैं. इसे अंग्रेज दक्षिण अमेरिका से लाए थे. यह फूल भोले बाबा और माता रानी को चढ़ाया जाता है. इसके पत्ते से खरपतवार हटाने की दवा बनती है, लेकिन यह जहर के समान माना जाता है.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची की सड़कों पर आपको खासतौर पर पचरंगी फूल देखने को मिलेगा, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसे अंग्रेज बगिया सजाने के लिए भारत लेकर आए थे. रांची के साहित्यकार मनोज खरपादार बताते हैं कि यह अंग्रेज दक्षिण अमेरिका से बाग में सजाने के लिए लेकर आए थे, लेकिन यहां के वातावरण में ये जच गया और आज रांची के बाहर और जंगलों में या खूब देखने को मिलती है.
इस फूल की सबसे खास बात यह है कि एक फूल में पांच रंग का फूल दिखने में काफी आकर्षक और खूबसूरत लगता ही है. इसमें आपको पीला, बैगनी, बेबी पिंक, डार्क येलो यह सब देखने को मिलता है और इतने सारे खूबसूरत रंग एक ही फूल में देखने में बहुत भाता है. इस फूल को लोग खासतौर पर भोले बाबा और माता रानी पर चढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं.
इसके पत्ते की बनती है जबरदस्त दवाई
यह सिर्फ फूल ही नहीं, बल्कि इसका जो पत्ता होता है. वह जहर का काम करता है. इसमें इतना जहर होता है कि अगर कोई भी पशु इसे खा ले तो उसका लीवर तक खराब हो सकता है. इसमें जहर की क्वांटिटी काफी अधिक मात्रा में होती है. यह फूल आपको खासतौर पर मनातू गांव में खूब देखने को मिलेगा. वहां के स्थानीय निवासी जयदीप बताते हैं कि हम लोग इसके पत्ते को तोड़ कर ले जाते हैं और इससे खरपतवार हटाने की दवाई बनाते हैं.
इससे खरपतवार हटाने की बहुत ही शानदार दवाई बनती है. इस सारे पत्ते को पीस लिया जाता है और गौ मूत्र में मिला दिया जाता है. इसके बाद पौधे की जड़ों के आस पास दिया जाता है और फिर देखिए कैसे खरपतवार की छुट्टी हो जाएगी. इसमें इतना जहर होता है कि खरपतवार को पनपने ही नहीं देता है. यही कारण है कि फूलों के साथ-साथ इसका पत्ता भी बड़ा लाभदायक है.
रांची की सड़कों की बढ़ जाती है सुंदरता
इसके अलावा आप रांची से थोड़ा सा बाहर जायेंगे तो चारों तरफ रोड के किनारे या फिर जंगल में आपको यह फूल देखने को मिलेगा. ऐसे में यह सड़कों की खूबसूरती भी बढ़ती है. इसके लिए कोई विशेष देखभाल की जरूरत नहीं होती और लोगों को मुफ्त में अच्छी खासी फूल भी मिल जाता है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से Hindi.News18.com<…
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