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How to Grow Clove Plant at Home: पलामू के किसान तारकेश्वर सिंह चेरो ने बताया कि औषधीय गुणों से भरपूर लौंग का पौधा घर के गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है. इसके लिए रसोई में रखी सूखी लौंग नहीं, बल्कि ताजे बीज या नर्सरी से लाया गया पौधा इस्तेमाल करना चाहिए. उन्होंने बताया कि लौंग के बीज को नींबू के स्लाइस में रखने से अंकुरण की संभावना बढ़ सकती है. पौधे के लिए 12 से 15 इंच का गमला, भुरभुरी मिट्टी, वर्मीकंपोस्ट और हल्की धूप सबसे उपयुक्त मानी जाती है.
पलामू: भारत में कई ऐसे पौधे हैं, जो स्वाद के साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. लौंग भी उनमें से एक है. भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली लौंग सिर्फ एक सुगंधित मसाला नहीं, बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर प्राकृतिक औषधि भी है. इसका उपयोग लंबे समय से सर्दी-जुकाम, दांत दर्द, पाचन संबंधी समस्याओं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है. अधिकांश लोग लौंग को बाजार से खरीदकर इस्तेमाल करते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसे घर के गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है. सही पौधा, उपयुक्त मिट्टी और नियमित देखभाल से लौंग का पौधा बालकनी या बगीचे की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ आसपास के वातावरण को भी हल्की खुशबू से महका सकता है.
छोटा पौधा सबसे अच्छा विकल्प
किसान तारकेश्वर सिंह चेरो ने लोकल18 से बातचीत में बताया कि लौंग उगाने के लिए रसोई में रखी सूखी लौंग का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. इसके लिए ताजे और नमी वाले बीज या किसी विश्वसनीय नर्सरी से लाया गया छोटा पौधा सबसे अच्छा विकल्प होता है. गार्डनिंग से जुड़े जानकार एक खास तरीका भी बताते हैं. इसके तहत लौंग के बीज को नींबू के स्लाइस में हल्का-सा गाड़कर कुछ समय के लिए रखा जाता है. इससे बीज को पर्याप्त नमी मिलती है. साथ ही उसके सड़ने की संभावना भी कम हो जाती है. माना जाता है कि यह तरीका बीज के अंकुरण की संभावना बढ़ाने में मददगार होता है.
सुरक्षित स्थान पर रखना बेहतर
उन्होंने बताया कि लौंग का पौधा लगाने के लिए कम से कम 12 से 15 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनना चाहिए. गमले में पानी निकासी के लिए पर्याप्त छेद होना जरूरी है. मिट्टी तैयार करते समय 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट और 20 प्रतिशत रेत मिलानी चाहिए. मिट्टी हल्की और भुरभुरी होनी चाहिए, ताकि जड़ों का विकास अच्छी तरह हो सके. पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां दिन में तीन से चार घंटे हल्की धूप मिले. हालांकि, तेज और सीधी धूप से पौधे को बचाकर रखना चाहिए. सर्दियों में यदि तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाए, तो गमले को घर के अंदर या किसी सुरक्षित स्थान पर रखना बेहतर होता है.
लौंग का पौधा नमी पसंद करता है
तारकेश्वर सिंह चेरो ने आगे बताया कि लौंग का पौधा नमी पसंद करता है. इसलिए मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर ही सिंचाई करनी चाहिए. गर्मियों में पत्तियों पर हल्का पानी छिड़कने से पौधे के आसपास नमी बनी रहती है. हर 30 से 45 दिनों के अंतराल पर वर्मीकंपोस्ट या नीम की खली डालने से पौधे की बढ़वार अच्छी होती है. समय-समय पर सूखी और पीली पत्तियों की छंटाई भी करते रहना चाहिए. इससे नई शाखाएं निकलती हैं और पौधा स्वस्थ व घना बनता है. थोड़ी देखभाल और धैर्य के साथ घर में लौंग का पौधा तैयार किया जा सकता है. इससे घर में प्राकृतिक हरियाली बढ़ती है और औषधीय लाभ भी मिलते हैं.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…
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