दुमका | नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को दुमका सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष राधे श्याम वर्मा ने युवा शक्ति की बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के दबाव में सरकार को झुकना पड़ा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। श्री वर्मा ने आंदोलन में शामिल युवाओं के साथ-साथ सोनम वांगचुक और आंदोलन को समर्थन देने वाले बुद्धिजीवियों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का तकाजा है कि सत्ता में बैठे लोग जनता की आवाज सुनें और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें। अपने बयान में उन्होंने 1974 के छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने उस दौर में सत्ता परिवर्तन तो करवाया था, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी थी कि केवल सत्ता बदलने से समस्याएं हल नहीं होंगी, व्यवस्था में मूल परिवर्तन जरूरी है। सिविल सोसाइटी अध्यक्ष ने वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा सवाल खड़ा करते हुए कहा कि चाहे राज्य हो या केंद्र, हर स्तर पर भ्रष्टाचार कैंसर की तरह फैल चुका है। उन्होंने न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका पर भी भ्रष्टाचार के शिकंजे में होने का आरोप लगाया और कथित मीडिया समूह पर सरकार की वकालत करने का आरोप जड़ा, जिसे उन्होंने लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के 77 वर्षों बाद भी आम जनता स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी और यातायात जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है, वहीं बेरोजगारी और महंगाई लगातार बढ़ रही है। श्री वर्मा ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब युवाओं ने संघर्ष का रास्ता चुना, तब-तब व्यवस्था में सुधार हुआ है। उन्होंने देश की युवा शक्ति को प्रणाम करते हुए भविष्य में भी इसी तरह व्यवस्था-सुधार के लिए आंदोलनरत रहने की उम्मीद जताई।
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