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पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को लगातार मिल रही धमकियों के बीच दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है. अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग पर अंतिम निर्णय होने तक उन्हें तुरंत एक अतिरिक्त PSO मुहैया कराया जाए. जस्टिस मनोज जैन की पीठ ने कहा कि सांसद की सुरक्षा में सेंध की घटना को मनगढ़ंत नहीं माना जा सकता, इसलिए केंद्र 3 सप्ताह में फैसला ले.
कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया.
पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियों और सुरक्षा चिंताओं के बीच दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है. अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा उनकी सुरक्षा बढ़ाने की अर्जी पर अंतिम निर्णय लिए जाने तक उन्हें तुरंत एक अतिरिक्त पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) मुहैया कराया जाए. NEET मामले पर विरोध प्रदर्शन और संसद सत्र के दौरान सुरक्षा में हुई हालिया चूक का हवाला देते हुए सांसद ने यह याचिका दाखिल की थी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जस्टिस मनोज जैन की पीठ ने कहा कि एक वर्तमान सांसद की सुरक्षा में सेंध की घटना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
हाई कोर्ट के आदेश की मुख्य बातें
• अतिरिक्त PSO देने के निर्देश: जस्टिस मनोज जैन की एकल पीठ ने आदेश दिया कि केंद्र सरकार गृह मंत्रालय के समक्ष पप्पू यादव की सुरक्षा बढ़ाने की अर्जी पर अंतिम फैसला लेने तक उन्हें अंतरिम उपाय के तौर पर एक और सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए.
• तीन हफ्ते में फैसला लेगा केंद्र: केंद्र सरकार के वकील ने अदालत को सूचित किया कि पप्पू यादव द्वारा सुरक्षा विस्तार (Y+ कैटेगरी केंद्रीय सुरक्षा) के लिए दी गई अर्जी पर विचार जारी है और इस पर 3 सप्ताह के भीतर निर्णय ले लिया जाएगा.
• अदालत की सख्त टिप्पणी: सुनवाई के दौरान जस्टिस मनोज जैन ने कहा कि पप्पू यादव एक वर्तमान सांसद हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर जताई गई चिंताओं को बेहद गंभीरता से लेने की जरूरत है. कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद उनके आवास पर घटना घटी है, इसलिए इसे मनगढ़ंत नहीं कहा जा सकता.
सवाल-जवाब
पप्पू यादव ने किन वजहों से अपनी जान का खतरा बताया है?
सांसद पप्पू यादव ने संसद में NEET मामले से जुड़े मुद्दों और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था, जिसके बाद से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. इसके अलावा उनके आधिकारिक आवास पर हुए हमले और 51 लाख रुपये के इनाम वाले वायरल वीडियो का हवाला देकर उन्होंने पूरे देश में सुरक्षा विस्तार की मांग की है.
पप्पू यादव के पास फिलहाल कैसी सुरक्षा व्यवस्था है?
पटना हाई कोर्ट के आदेश के बाद पप्पू यादव को बिहार राज्य के भीतर ‘Y+’ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. हालांकि, उनका कहना है कि संसदीय कार्यों के सिलसिले में उन्हें दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में रहना पड़ता है, जहां यह सुरक्षा प्रभावी नहीं रहती, इसलिए उन्हें अखिल भारतीय स्तर पर केंद्रीय सुरक्षा कवर चाहिए.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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