भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

शरद पवार ने अब गड़ाई Gen Z पर नजर, युवाओं को रिझाने...


Last Updated:

Maharashtra Politcis: महाराष्ट्र में शरद पवार की एनसीपी-एसपी अब Gen Z युवाओं को अपने साथ जोड़ने की रणनीति बना रही है. पार्टी युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए रणनीति तैयार कर रही है. वहीं SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी मिलने पर पार्टी ने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी.

शरद पवार की Gen Z पर नजर, युवाओं को रिझाने के लिए बना ली चाणक्य वाली नीतिZoom

शरद पवार की पार्टी एनसीपी एसपी अब युवा वोटरों, खासकर जेन-जी (Gen Z) को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है. (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) अब युवा वोटरों, खासकर जेन-जी (Gen Z) को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने शनिवार को कहा कि कोर कमेटी की बैठक में युवाओं को सशक्त करने, उन्हें पार्टी से जोड़ने और उनके मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाने पर विस्तार से चर्चा होगी. उन्होंने साफ संकेत दिया कि आने वाले दिनों में पार्टी बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं के बीच अपनी आवाज और बुलंद करेगी.

शशिकांत शिंदे ने बताया कि कोर कमेटी की बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी को संगठनात्मक रूप से मजबूत करना है. बैठक में नए लोगों को पार्टी से जोड़ने और यह तय करने पर मंथन होगा कि नए कार्यकर्ता पार्टी को मजबूत करने में किस तरह योगदान दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि बैठक में Gen Z युवा वर्ग चर्चा के केंद्र में रहेगा. पार्टी युवाओं के हितों को समझने, उन्हें सशक्त बनाने और उनके लिए ठोस राजनीतिक कार्यक्रम तैयार करने की दिशा में काम करेगी.

शिंदे के मुताबिक, युवाओं के मुद्दों को लेकर पार्टी पहले भी सड़क पर उतर चुकी है. बेरोजगारी के मुद्दे पर निकाले गए मोर्चे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार से यह सवाल पूछा गया था कि युवाओं के हितों के लिए आखिर क्या कदम उठाए गए हैं.

अब पार्टी पेपर लीक, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति तैयार करेगी. इसके साथ ही यह भी तय किया जाएगा कि बड़ी संख्या में Gen Z युवाओं को संगठन से कैसे जोड़ा जाए.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तरफ से ऑटो रिक्शा चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए एक साल का समय दिए जाने के फैसले पर भी शशिकांत शिंदे ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मराठी सीखने के लिए एक साल का समय देना अच्छी बात है, लेकिन इस फैसले के बाद जिस तरह से आम लोगों के बीच खुशी का माहौल बनाया जा रहा है, वह उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतिक्रिया को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता.

जब उनसे पूछा गया कि क्या ऑटो चालकों को मराठी सीखने के लिए समय देने का फैसला उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया है, तो शिंदे ने सीधे तौर पर संभावना से इनकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि ‘हो सकता है कि दिल्ली से फैसला आया हो’ और वहां से यह संदेश दिया गया हो कि फिलहाल इस फैसले को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता और इसे रोकना होगा.

वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी एनसीपी-एसपी प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार और निर्वाचन अधिकारियों को चेतावनी दी. शिंदे ने कहा कि उनकी पार्टी शुरुआत से ही यह मांग करती रही है कि वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए. लेकिन जिस तरह कुछ लोगों के पास SIR फॉर्म की जेरोक्स कॉपियां मिलने की बातें सामने आ रही हैं, वह चिंता का विषय है.

About the Author

Saad Omar

साद बिन उमर मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं, जहां वे होम पेज डेस्क पर काम करते हैं.

कहां से …

और पढ़ें

img

खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव

QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें

QR Code



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top