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टाइगर श्रॉफ फायरिंग: भुजिये की भूख ने तीनों शूटरों को गिरफ्तार कराया


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Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले लॉरेंस बिश्‍नोई के तीनों आरोपी शूटर्स को गिरफ्तार कर लिया गया है. एक्‍टर टाइगर श्रॉफ पर हमला कर तीनों आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे, नाबालिग शूटर को भूख लग गई और फिर भूजिया खाने की चाहत में तीनों पुलिस के हत्‍थे चढ़ गए.

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टाइगर श्रॉफ फायरिंग: भुजिये की भूख ने शूटर्स को गिरफ्तार कराया, इनसाइड स्‍टोरीZoom

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले तीनों शूटर्स को गिरफ्तार करने की इनसाइड स्‍टोरी सामने आई है. (फोटो: ANI)

Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड एक्‍टर टाइगर श्रॉफ पर हमले ने पूरे देश को सन्‍न कर दिया. हमलावर का एक पिस्‍टल यदि जाम नहीं हुआ होता तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी. हमले के बाद पुलिस ने तत्‍परता दिखाई और चंद घंटों में ही आरोपी तीनों शूटर्स के चेहरे सामने आ गए. इसे बाद उन्‍हें गिरफ्तार करने की कोशिशें तेज हो गईं. सुबह होते ही कथित तौर पर लॉरेंस बिश्‍नोई गैंग के तीनों शूटर्स को राजस्‍थान के कोटा रेलवे स्‍टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया. इनकी गिरफ्तारी की इनसाइड स्‍टोरी सामने आई है. तीन में से दो ने ट्रेन में ही बाल काटे और कपड़े बदले थे. नाबालिग आरोपी को भूख लगी तो वह कोटा रेलवे स्‍टेशन पर खिड़की से भूजिया खरीदने लगा और बस यहीं पर खेल हो गया. RPF के सतर्क जवानों ने उसे पहचान लिया. वे तत्‍काल बोगी में दाखिल हुए और नाबालिग से पूछा- मुंबई से तो तुम तीन लोग सवार हुए थे. इसपर आरोपी नाबालिग तपाक से बोल बैठा वे देनों सो रहे हैं. बस फिर क्‍या था एक्‍टर टाइगर श्रॉफ पर हमला करने के तीनों आरोपियों को अलर्ट सुरक्षा बलों ने अपने कब्‍जे में ले लिया.

एक्‍टर टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में पुलिस की जांच में कई अहम खुलासे सामने आए हैं. पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, कथित मास्टरमाइंड अनिल पंडित ने रिहान को टाइगर श्रॉफ की हत्या की सुपारी दी थी. उसने रिहान को विदेश भेजने का भरोसा भी दिया था. अनिल पंडित कैलिफोर्निया से लाइव जुड़कर आरोपियों को निर्देश दे रहा था. उसने वारदात के लिए हथियार उपलब्ध कराए और कथित तौर पर 2.50 लाख रुपये एडवांस में दिए थे. जांच के अनुसार, आरोपियों में ऋतिक को टाइगर श्रॉफ की लोकेशन की रेकी करने का जिम्मा सौंपा गया था. आरोपी करीब एक महीने से मुंबई के एक होटल में रह रहे थे. अनिल पंडित उन्हें खर्च के लिए रोजाना 5 से 10 हजार रुपये ऑनलाइन भेजता था. आरोपी अलग-अलग दुकानदारों को ऑनलाइन भुगतान कर उनसे नकद रुपये लेते थे. अनिल पंडित कथित तौर पर जंगी एप के जरिए आरोपियों के संपर्क में था और वारदात के दौरान भी इसी एप से निर्देश दे रहा था.

आगे का क्‍या था प्‍लान

वारदात के बाद आरोपियों को जल्द दिल्ली पहुंचने और वहां से नेपाल भेजे जाने की योजना थी. पुलिस के मुताबिक, भागने के दौरान रिहान और नाबालिग आरोपी के बाल लंबे थे. पहचान छिपाने के लिए तीनों ने ट्रेन में बाल कटवाए और कपड़े बदले. वे ट्रेन के अलग-अलग कोच में नहीं, बल्कि एक ही कोच में अलग-अलग सीटों पर बैठे थे. कोटा पहुंचने तक दो आरोपी ऊपर की सीट पर सो रहे थे. कोटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकने के दौरान नाबालिग आरोपी खिड़की से एक वेंडर से भुजिया खरीद रहा था. वहां सादे कपड़ों में तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने मुंबई पुलिस से मिली तस्वीरों के आधार पर उसे पहचान लिया. जवान कोच में पहुंचे और उसके पास की सीट पर बैठ गए. पूछताछ में जब उन्होंने मुंबई से तीन लोगों के साथ ट्रेन में सवार होने की बात कही, तो नाबालिग घबरा गया और उसने बताया कि उसके दोनों साथी सो रहे हैं.

और फिर तीनों गिरफ्तार

आरपीएफ के जवानों द्वारा पूछताछ करने पर नाबालिग आरोपी ने अपने दोनों साथियों को जगाया. उनके उठते ही आरपीएफ जवानों ने उन्हें पकड़ लिया. जवानों ने आरोपियों से कहा कि वे मुंबई में पिछली रात हुई वारदात के बाद फरार हुए संदिग्धों से मेल खाते हैं. इस तरह कोटा पुलिस और आरपीएफ की कार्रवाई से आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…

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