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बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन पर कब्जे के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया जा सका। केंद्र की ओर से समय की मांग की गई। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तिथि निर्धारित की। इस याचिका में मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 44(1)(2) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने के साथ ईडी कोर्ट में चल रहे ट्रायल पर रोक लगाने की मांग की गई है। हेमंत सोरेन की ओर से दलील दी गई कि ईडी ने जांच पूरी करने के बाद ईडी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसके बावजूद जांच जारी रहने की बात कही जा रही है। ऐसी स्थिति में ट्रायल आगे बढ़ाने पर रोक लगाई जानी चाहिए। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार को प्रतिवादी बनाते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। यह मामला रांची के बरियातू स्थित बड़गाईं में 8.86 एकड़ जमीन पर कथित अवैध कब्जे और फर्जीवाड़े से जुड़ा है। इस मामले में ईडी ने हेमंत सोरेन को आरोपी बनाया है। 30 सितंबर को ईडी कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप तय करते हुए जांच एजेंसी को 30 नवंबर से गवाही दर्ज कराने का निर्देश दिया था। इस आदेश को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
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