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भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिले में मौसम ने करवट ले ली है। बारिश, बादल, ठंडी हवाओं के कारण ठंड का एहसास बढ़ने लगा है। मौसम में आए इस बदलाव से आम जनजीवन पर असर पड़ा है। किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में लोहरदगा में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। रुक-रुककर बारिश होने की भी संभावना है। 29 अक्टूबर को जिले में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, इसके विपरीत जिले में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी जारी रही। 30 और 31 अक्टूबर को भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग ने बताया कि आगे बादल छंट सकते हैं। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री तक गिरावट आ सकती है। नवंबर के शुरुआती दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बारिश के कारण तापमान गिरने से सुबह और शाम के समय ठंड का असर बढ़ सकता है। लोहरदगा जिले में धान की कटाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में बारिश से किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। खेतों में तैयार धान की फसल के भीगने की आशंका है। कटाई के बाद खुले स्थानों पर रखी फसल भी भीग सकती है। लगातार बारिश होने पर फसल की मड़ाई प्रभावित हो सकती है। सुखाने का काम भी प्रभावित हो सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। मौसम का पूर्वानुमान देखकर कटाई की योजना बनाएं। मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में खड़े होने से बचना चाहिए। पेड़ों और बिजली के खंभों के पास भी न खड़े हों। आकाशीय बिजली चमकने पर सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेना बेहतर है। बारिश, ठंडी हवाओं के बीच जिले में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिन तक बदला रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।
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