Last Updated:
Make in India : सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए पंजाब के एक स्टार्टअप ने 5 सीटों वाला छोटा विमान बनाया है. इसकी खास बात ये है कि यह विमान हेलीकॉप्टर की तरह उड़ान भर सकता है. इसका इस्तेमाल एयर एंबुलेंस, टैक्सी और पर्यटन में किया जा सकता है.
भारतीय स्टार्टअप ने हेलीकॉप्टर तकनीक पर छोटा विमान बनाया है.
नई दिल्ली. सरकार के मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने का असर अब हर क्षेत्र में दिखने लगा है. अभी तक विमान बनाने के क्षेत्र को भारतीय उद्योग के बाहर की बात मानी जाती थी, लेकिन अब तमाम स्टार्टअप इस पर जोर देने लगे हैं. ऐसा ही एक स्टार्टअप है पंजाब का नालवा एयरो प्राइवेट लिमिटेड (Nalwa Aero Private Limited) जिसने अपने स्केल्ड बॉक्स-विंग इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) विमान की शुरुआत उड़ान का सफल परीक्षण किया है.
इस उपलब्धि को उन्नत हवाई परिवहन (Advanced Air Mobility) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. कंपनी के प्रतिनिधियों ने हाल ही में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात कर अपनी तकनीकी प्रगति और सफल उड़ान परीक्षणों की जानकारी दी थी. इस दौरान नालवा एयरो के संस्थापक एवं सीईओ कुलजीत सिंह संधू और सीटीओ नेल्सन सालास ने बताया कि इस विमान का इस्तेमाल एयर एंबुलेंस और एयर टैक्सी के तौर पर किया जा सकता है.
क्या है विमान की खास तकनीक
नालवा एयरो के अनुसार, उसके स्केल्ड बॉक्स-विंग eVTOL विमान के प्रारंभिक परीक्षणों में कम ऊंचाई पर हवा में स्थिर रहने (होवरिंग) और आगे की दिशा में उड़ान भरने की क्षमता को बढ़ाते हैं. कंपनी इस डिजाइन के माध्यम से पारंपरिक विमान संरचनाओं से अलग एक वैकल्पिक वायुगतिकीय व्यवस्था विकसित करने का प्रयास कर रही है. यह तकनीक विमानन वैज्ञानिक लुडविग प्रांटल (Ludwig Prandtl) के एक सदी से भी पुराने शोध सिद्धांतों से जुड़ी है. कंपनी का मानना है कि यह चुनिंदा पारंपरिक विमान संरचनाओं की तुलना में 40 फीसदी तक सुधार की संभावना दिखाई दी है.
पांच सीटों वाले eVTOL विमान पर काम
नालवा एयरो पांच सीटों वाला इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग विमान विकसित कर रही है. प्रस्तावित विमान का उपयोग एयर एम्बुलेंस, एयर टैक्सी, माल परिवहन, पर्यटन और रक्षा संबंधी कार्यों में किए जाने की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है. eVTOL तकनीक ऐसे विमानों के विकास पर केंद्रित है, जो हेलीकॉप्टर की तरह लंबवत उड़ान भरने और उतरने में सक्षम होते हैं. इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन और नए एयरोडायनामिक डिजाइन के संयोजन से भविष्य में परिचालन दक्षता, लागत और पर्यावरणीय प्रभाव से जुड़े पहलुओं में सुधार की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है.
स्वदेशी तकनीक पर जोर
नालवा एयरो के संस्थापक एवं सीईओ कुलजीत सिंह संधू ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल एक और इलेक्ट्रिक विमान बनाना नहीं, बल्कि एक अलग वायुगतिकीय संरचना के माध्यम से विमान डिजाइन की संभावनाओं को नए सिरे से तलाशना है. उन्होंने कहा कि एक सदी से अधिक पुराने वैज्ञानिक विचारों को भारत में स्वदेशी अनुसंधान और इंजीनियरिंग के जरिए व्यावहारिक विमानन अनुप्रयोगों की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है. इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण से भी जोड़ा गया है.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…