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10 साल में सिर्फ दीवार बनी, 80 प्रतिशत पैसे की हुई निकासी




प्रखंड मुख्यालय में वर्ष 2014-15 में बड़े सपनों और खेल प्रतिभाओं को मंच देने की सोच के साथ शुरू किया गया स्टेडियम निर्माण कार्य आज भी अधूरा पड़ा हुआ है। करीब एक दशक बीत जाने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं हो सका, जिससे क्षेत्र के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में भारी निराशा है। इस योजना के लिए ग्रामीण विकास विभाग हजारीबाग को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया था तथा इसकी अनुमानित लागत लगभग 60 लाख रुपए तय की गई थी। तत्कालीन सहायक अभियंता सह एसडीओ पप्पू कुमार को विभागीय अभिकर्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान दर्शक दीर्घा और ड्रेसिंग रूम की केवल दीवारें खड़ी की गईं, लेकिन आज तक छत की ढलाई तक नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थल पर जितना काम दिखाई देता है, उससे कहीं अधिक राशि की निकासी कर ली गई। लोगों का कहना है कि तत्कालीन जेई और एई द्वारा स्वयं माप पुस्तिका (एमबी) तैयार कर निर्माण कार्य को लगभग पूर्ण दर्शाते हुए 70 से 80 प्रतिशत राशि की निकासी कर ली गई, जबकि धरातल पर कार्य अधूरा ही पड़ा है। अधूरा स्टेडियम क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के लिए बड़ी समस्या बन गया है। पूरे प्रखंड में यह एकमात्र प्रस्तावित स्टेडियम है, जहां स्थानीय युवक अभ्यास और प्रतियोगिताओं की उम्मीद लगाए बैठे थे। खेल प्रेमी राजेन्द्र प्रसाद राजा, रामनरेश पांडेय, शिशुपाल सिंह, रंजीत गुप्ता, प्रवीण गुप्ता, रंजीत अग्रवाल, गुडू नीतीश सिंह, लेखराज यादव, राहुल सिंह, रोहित सिंह, अनुपम सिंह, संजय पाण्डेय और साजन सिंह समेत अन्य लोगों ने बताया कि बेहतर खेल मैदान नहीं होने के कारण युवाओं को अभ्यास के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। संसाधनों के अभाव में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। स्टेडियम निर्माण को शीघ्र पूरा कराने की मांग की स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराते हुए अधूरे स्टेडियम निर्माण को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। वहीं हजारीबाग विधानसभा सांसद प्रतिनिधि किशोरी राणा ने भी स्वीकार किया कि स्टेडियम का निर्माण अधूरा है। उन्होंने कहा कि मामले से सांसद को अवगत कराया जाएगा और निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए सार्थक पहल की जाएगी। स्टेडियम की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई गई इधर, झारखंड की पूर्व खेल मंत्री अमर बावरी ने भी कटकमसांडी में आयोजित नमो फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान स्टेडियम की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई थी। लोगों द्वारा शिकायत किए जाने पर उन्होंने मामले की जांच कर अधूरे निर्माण को पूरा कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि सरकार बदलने के बाद यह पहल आगे नहीं बढ़ सकी और आज भी स्टेडियम अपने पूरा होने की राह देख रहा है। अब क्षेत्र की जनता की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।



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