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जमशेदपुर के रिंकू पाल बने ‘यंग क्लाइमेट चैंपियन’, पर्यावरण संरक्षण के लिए...


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झारखंड के जमशेदपुर के युवा अब पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं. शहर के 22 वर्षीय रिंकू पाल को ‘यंग क्लाइमेट चैंपियन’ सम्मान से सम्मानित किया गया है. मुंबई में आयोजित समारोह में उन्हें यह पुरस्कार दिया गया। सम्मान के साथ उन्हें मोमेंटो और 50 हजार रुपये की राशि भी मिली. रिंकू पाल लंबे समय से पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता को लेकर काम कर रहे हैं. वे अपने इलाके और आसपास की बस्तियों में लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते रहे हैं. जमीन स्तर पर किए गए उनके प्रयासों और सक्रियता के कारण उन्हें यह राष्ट्रीय सम्मान मिला है.

जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर के युवाओं की पहचान अब केवल शिक्षा, खेल और उद्योग तक सीमित नहीं रही, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी शहर के युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. इसी कड़ी में शहर के युवा रिंकू पाल को “यंग क्लाइमेट चैंपियन” के सम्मान से नवाजा गया है. मुंबई में आयोजित एक विशेष समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया. पुरस्कार स्वरूप उन्हें मोमेंटो के साथ 50 हजार रुपये की राशि भी दी गई.

सिर्फ 22 वर्ष की उम्र में रिंकू पाल ने जिस तरह पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता के लिए काम किया है, वह युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आया है. अपने क्षेत्र और आसपास की बस्तियों में पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहने वाले रिंकू को यह उपलब्धि उनके जमीन स्तर पर किए गए प्रयासों के कारण मिली है.

रिंकू पाल को 13वें जेस्मडब्ल्यू-टाइम्स ऑफ इंडिया अवॉर्ड्स 2026 के लिए चुना गया. यह सम्मान उन्हें झारखंड में स्थानीय स्तर पर नेतृत्व क्षमता विकसित करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए दिया गया. उनके कार्यों को सामाजिक बदलाव और सामुदायिक भागीदारी का मजबूत उदाहरण माना गया.

रिंकू ‘वायु वीर’ नेटवर्क के सदस्य हैं और इसी मंच के माध्यम से वे स्वच्छ हवा, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई अभियान चला रहे हैं. उनका उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं बल्कि लोगों को सीधे जोड़कर व्यवहारिक बदलाव लाना है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए वे तकनीक और डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग करते हैं ताकि पर्यावरण से जुड़े संदेश अधिक लोगों तक पहुंच सकें.

पिछले एक वर्ष के दौरान उन्होंने जमशेदपुर में कई कार्यक्रमों और अभियानों में भाग लिया. इनमें एयर पॉल्यूशन को लेकर जागरूकता अभियान, “अब मंथ इन माय लाइफ” और बेलडीह ग्राम स्वच्छता अभियान जैसे प्रयास शामिल रहे. खास तौर पर बेलडीह ग्राम में चलाया गया स्वच्छता अभियान काफी चर्चा में रहा, जहां ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, खुले में कचरा जलाने को कम करने और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया.

रिंकू के प्रयासों का असर अब शहर में भी दिखाई देने लगा है. वायु गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर काम हो रहा है. उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि अगर युवा ठान लें तो छोटे स्तर से शुरू हुआ प्रयास भी राष्ट्रीय पहचान बना सकता है. जमशेदपुर के लिए यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूक भविष्य की उम्मीद भी है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



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