Last Updated:
नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के भीतर बड़ी राजनीतिक हलचल की खबर है. दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 20 असंतुष्ट सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजकर अलग गुट बनाने की मांग की है. बताया जा रहा है कि इस पहल का नेतृत्व काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं. इससे पहले बागी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर एक गोपनीय बैठक की, जिसमें सुवेंदु अधिकारी के मौजूद रहने की भी चर्चा है. जगदीश चंद्र बसुनिया, अरुप चक्रवर्ती, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार और खलीलुर रहमान समेत कई नेताओं के नाम सामने आए हैं, जबकि देव, पार्थ भौमिक और जून माल्या को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा के बाद लोकसभा में टीएमसी में टूट.
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के बाद नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट होने का प्रोसेस शुरू हो गया है. तृणमूल कांग्रेस के 20 असंतुष्ट सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र भेजा है और उन्होंने अलग गुट बनाने का प्रस्ताव दिया है. बताया जा रहा है कि इस गुट का नेतृत्व सांसद काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं. दिलचस्प बात यह है कि यह बगावत ऐसे समय में आया है जब तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी नई दिल्ली में ही मौजूद हैं. उनके साथ पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी भी हैं. इन सांसदों के पास दो विकल्प हैं. या तो ये टीएमसी से अलग होकर बीजेपी में शामिल हो जाएं या फिर विधानसभा की तरह अलग गुट बनाकर अलग हों.
बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र भेजने से पहले दिल्ली के मोतीलाल नेहरू मार्ग पर स्थित केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के सरकारी आवास पर सोमवार को एक बेहद गोपनीय बैठक की, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे.
ये हो सकते हैं बागी सांसद
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपे गए पत्र में जगदीश चंद्र बसुनिया, अरुप चक्रवर्ती, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार और खलीलुर रहमान जैसे नेताओं के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं. वहीं काकोली घोष दस्तीदार, पार्थ भौमिक, अभिनेता-राजनेता देव और जून माल्या को लेकर भी असंतोष की अटकलें लगाई जा रही हैं.
तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी से इस्तीफा दिया, राज्यसभा सदस्य पद छोड़ा
तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा दे दिया. पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल राय का यह कदम ऐसे समय आया है, जब संगठन के भीतर लंबे समय से असंतोष और गुटबाजी की चर्चा चल रही है. उनके इस्तीफे ने संकेत दिया है कि पार्टी के अंदरूनी मतभेद अब संसदीय स्तर तक पहुंच चुके हैं. राय ने अपने इस्तीफे में शासन और संगठन में बढ़ते भ्रष्टाचार तथा जनता के बढ़ते असंतोष को वजह बताया. उन्होंने आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म-हत्याकांड मामले में पार्टी के रुख पर भी लगातार सवाल उठाए थे. उनका इस्तीफा उस बगावत के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें 58 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ जाकर रिताब्रता बनर्जी का समर्थन किया था. विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर उभरी दरारें अब और गहरी होती दिखाई दे रही हैं.
About the Author
अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते …और पढ़ें