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AI in Accounting: क्या एआई सीए की नौकरी खा जाएगा? एक्सपर्ट्स ने...


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AI in Accounting: दिल्ली के भारत मंडपम में देशभर के हजारों चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) जुटे थे. मौका था एआई (AI) के दौर में नई स्किल्स सीखने का. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में सीए ने जाना कि कैसे एआई उनके काम को मिनटों में आसान बना रहा है.

क्या AI सीए की नौकरी खा जाएगा? एक्सपर्ट्स ने दिया चौंकाने वाला जवाबZoom

AI in Accounting: सीए एआई के जरिए अपना काम आसान कर सकते हैं

नई दिल्ली (AI in Accounting). आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने सबका काम करने का ढर्रा बदल दिया है. पैसों का हिसाब-किताब रखने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट भी अब इससे अछूते नहीं हैं. पहले टैक्स प्लानिंग, ऑडिटिंग और भारी-भरकम बैलेंस शीट के मिलान में सीए के कई-कई घंटे और दिन निकल जाते थे. लेकिन अब टेक्नोलॉजी के नए दौर में सारा खेल बदल चुका है. रिटर्न फाइलिंग से लेकर डेटा एनालिसिस तक के सबसे उलझे हुए काम अब एआई की मदद से महज कुछ मिनटों में निपटाए जा रहे हैं.

इसी बड़े बदलाव को समझने के लिए देशभर के हजारों सीए दिल्ली के भारत मंडपम में जुटे थे. उनका मकसद खुद को नए जमाने के हिसाब से अपग्रेड करना था. इस खास सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी शिरकत की. सम्मेलन का सबसे बड़ा मकसद यही था कि एआई से डरने या उसे सीए की नौकरी के लिए खतरा मानने के बजाय, उसे अपना सबसे पक्का और मददगार साथी कैसे बनाया जाए. इसका मतलब है कि अब सीए भी अपने काम-काज में एआई का इस्तेमाल कर सकेंगे.

एआई कैसे बना सीए का नया असिस्टेंट?

चार्टर्ड अकाउंटेंसी के प्रोफेशन में एक्यूरेसी का महत्व सबसे ज्यादा होता है. सम्मेलन में इस बात पर गहन चर्चा हुई कि एआई टूल्स अब सीए के लिए रोबोटिक असिस्टेंट की तरह काम कर रहे हैं. जो काम पहले इंसानी आंखों से बार-बार चेक करने के बाद भी रिस्की रहता था, उसे एआई सॉफ्टवेयर बिना किसी गलती के पलक झपकते ही कर देते हैं.

  • अकाउंट्स का मिलान: बैंकों के हजारों ट्रांजैक्शन का मिलान अब चुटकियों में हो जाता है.
  • स्मार्ट टैक्स प्लानिंग: एआई अब पुराना डेटा देखकर खुद ही टैक्स बचाने के बेस्ट और लीगल तरीके सुझा देता है.
  • डेटा एनालिसिस: बड़ी-बड़ी कंपनियों के महीनों के डेटा को एआई मिनटों में स्कैन करके फ्रॉड या कमियों को पकड़ लेता है.

भारत मंडपम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने क्या कहा?

इस सम्मेलन में पहुंचे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सीए कम्युनिटी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारत की इकोनॉमी को बढ़ाने में सीए रीढ़ की हड्डी की तरह हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई तकनीकों को अपनाने में कभी पीछे नहीं रहना चाहिए. एआई कोई चुनौती नहीं है, बल्कि हमारे प्रोफेशनल्स के काम को और अधिक ग्लोबल स्टैंडर्ड का बनाने का सुनहरा अवसर है. अगर देश का सीए एआई-पावर्ड हो जाएगा तो बिजनेस और स्टार्टअप्स को बहुत मजबूती मिलेगी.

एआई को जानने वाले सीए की बढ़ेगी भारी डिमांड

सम्मेलन में शामिल हुए टेक और फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स ने बहुत ही पते की बात कही. उन्होंने साफ किया कि एआई कभी किसी सीए को रिप्लेस नहीं कर सकता, लेकिन एआई का इस्तेमाल करने वाला सीए, उस सीए की नौकरी जरूर ले लेगा जो अपडेटेड नहीं है. आने वाले समय में कॉरपोरेट जगत में उन्हीं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को सबसे ज्यादा पैकेज और वैल्यू मिलेगी जो फाइनेंशियल नॉलेज के साथ-साथ एआई टूल्स और डेटा साइंस को भी अच्छी तरह समझते होंगे.

डर छोड़िए, अपग्रेड हो जाइए!

इस सम्मेलन से देश के युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए बेहद साफ और सीधा संदेश निकला है- बदलाव प्रकृति का नियम है. जब कंप्यूटर आए थे, तब भी लोगों को लगा था कि नौकरियां चली जाएंगी, लेकिन नौकरियां और बढ़ गईं. ठीक वैसे ही, एआई से घबराने के बजाय इसकी स्किल सीखने की जरूरत है. अगर आप समय के साथ खुद को अपग्रेड कर लेते हैं तो यह टेक्नोलॉजी आपकी राह का रोड़ा नहीं, बल्कि आपकी सफलता का सबसे बड़ा रॉकेट साबित होगी!

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Deepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें



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