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Alphabet Shares Crash : अमेरिकी शेयर बाजार में 29 अक्टूबर को अल्फाबेट के शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट दिखी. कंपनी के एआई पर भारी खर्च और उम्मीद से कम कमाई से निवेशकों में घबराहट दिखी और महज 5 मिनट के भीतर ही कंपनी के शेयरों में 13 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ गई. देखते ही देखते निवेशकों के 48 लाख करोड़ रुपये डूब गए.
अल्फाबेट के शेयरों में 5 मिनट के भीतर 13 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दिखी.
नई दिल्ली. अमेरिका हो या चीन एआई का बुलबुला अब हर तरफ फटना शुरू हो गया है. गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के तिमाही नतीजों में भी एआई का कुछ ऐसा ही हश्र दिखा और कंपनी के शेयर 13 फीसदी तक टूट गए. इतनी बड़ी गिरावट ने कुछ ही देर में कंपनी के निवेशकों को 48 लाख करोड़ रुपये का झटका दिया. अल्फाबेट के शेयरों में इसलिए बड़ी गिरावट दिखी क्योंकि कंपनी की ओर से हाल में जारी किए गए आंकड़ों में बिक्री अनुमान से भी कम रही है, जबकि कंपनी के एडवरटाइजिंग बिजनेस में भी सुस्ती आई है.
दरअसल, गूगल और उसकी पैरेंट कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पर भारी-भरकम निवेश कर रही है. ऐसे में कंपनी के निवेशकों को इस बात की आशंका रहती है कि क्या इस खर्च के मुकाबले मुनाफा आएगा या नहीं. इसी आशंका के बीच अल्फाबेट ने अपने कारोबारी आंकड़े जारी किए तो निवेशकों की आशंका डर में बदल गई. अल्फाबेट ने बताया कि उसकी बिक्री अनुमान से कम रही और विज्ञापन से होने वाली कमाई भी सुस्त पड़ गई है. यह आंकड़े देख निवेशकों ने घबराहट में बिकवाली शुरू कर दी और देखते ही देखते शेयरों में 13 फीसदी की बड़ी गिरावट दिखने लगी.
5 मिनट में डूब गए खरबों रुपये
अल्फाबेट ने बीते जुलाई महीने में बताया था कि उसका पूंजीगत खर्च करीब 205 अरब डॉलर पहुंच गया है, जो पिछले साल से करीब दोगुना ज्यादा है. इसी बात ने अल्फाबेट के निवेशकों को परेशान कर रखा है और उन्हें आशंका है कि क्या कंपनी इसके मुकाबले कमाई कर सकेगी. अब जब अल्फाबेट ने कारोबारी आंकड़े जारी किए तो घबराहट में की गई बिकवाली से महज 5 मिनट में ही कंपनी के शेयर 13.2 फीसदी टूटकर 279.43 डॉलर के भाव पहुंच गए. महज 5 मिनट में ही अल्फाबेट के 500 डॉलर यानी करीब 48 लाख करोड़ रुपये डूब गए. यह कंपनी के मार्केट कैप में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है.
क्या रहे तिमाही नतीजे
अल्फाबेट ने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर बताया कि उसकी कुल बिक्री 111.2 अरब डॉलर रही है, जो एनालिस्ट के अनुमान से कम है. कंपनी के कुल रेवेन्यू में आधी से ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले विज्ञापन वाले हिस्से में भी सुस्ती आई है. विज्ञापन से कमाई बीते 5 तिमाहियों में सबसे कम रही है. इसी बात ने निवेशकों को सबसे ज्यादा परेशान किया. इस गिरावट ने कंपनी को काफी परेशान किया, क्योंकि उसने एआई पर अपना काफी बड़ा निवेश किया है.
कंपनी पर कितने खर्च का बोझ
गूगल इस समय एआई पर खर्च बढ़ने की वजह से भविष्य में भारी-भरकम भुगतान के फेर में फंसी है. उसे डाटा सेंटर, कंप्यूटिंग और एनर्जी के साथ एआई सपोर्ट के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 96 लाख करोड़ रुपये खर्च करने हैं. इससे पहले एनविडिया के शेयरों में भी भारी गिरावट आई थी. इस अमेरिकी टेक कंपनी ने भी एआई और सेमीकंडक्टर सेक्टर पर भारी-भरकम निवेश किया है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…