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झारखंड

Demand to honour 1306 Jharkhand agitators on 15th August, documents submitted

. झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा एवं झारखंड आंदोलनकारी युवा मोर्चा के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने डीडीसी शताब्दी मजूमदार से उपायुक्त कार्यालय में मुलाकात कर विभिन्न मांगों से संबंधित दस्तावेज सौंपे। नेताओं ने बताया कि 10 जुलाई 2026 को उपायुक्त आवास के अनिश्चितकालीन घेराव कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने उनकी मांगों से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा था। उसी क्रम में मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित दस्तावेज डीडीसी को सौंपे, ताकि उपायुक्त को पूरे मामले की तथ्यात्मक जानकारी मिल सके। मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजदेव माहथा ने डीडीसी को बताया कि गृह विभाग, रांची द्वारा आयोग से चिह्नित 881 और 425, कुल 1306 झारखंड आंदोलनकारियों की अधिसूचित सूची जिला समाहरणालय में लंबित है। उन्होंने मांग की कि 15 अगस्त 2026 के अवसर पर जिला मुख्यालय में सम्मान समारोह आयोजित कर सभी आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाए। इस पर डीडीसी श्रीमती शताब्दी मजूमदार ने आश्वासन दिया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मान समारोह आयोजित कर आंदोलनकारियों को सम्मानित करने का प्रयास किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने विस्थापितों से जुड़े दस्तावेज भी सौंपते हुए कहा कि यह लगभग 70 वर्षों पुरानी समस्या है। दस्तावेजों की समीक्षा कर सात दशक से लंबित विस्थापितों की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। इस पर डीडीसी ने कहा कि 15 अगस्त 2026 के बाद उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर विस्थापितों की समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो, केंद्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं जिला अध्यक्ष राजदेव माहथा, युवा मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष ललित नारायण, जिला सचिव परमेश्वर मंडल, विक्की मौर्य आदि मौजूद थे। Source link

झारखंड

नीट ओएमआर शीट विवाद: हाईकोर्ट ने एनटीए से तलब की अभ्यर्थी की...

नीट यूजी-2026 परीक्षा की ओएमआर शीट को लेकर उठे विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को अभ्यर्थी लक्ष्य सिंह की मूल ओएमआर शीट अगले सप्ताह सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त तय की है। लक्ष्य सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि परिणाम घोषित होने के बाद उनकी ओएमआर शीट में बदलाव किया गया। -शेष पेज 9 पर NTA ने अभ्यर्थियों का दावा किया खारिज वहीं, एनटीए ने लक्ष्य सिंह समेत पांच अभ्यर्थियों के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रस्तुत ओएमआर शीट में डिजिटल छेड़छाड़ की गई है। एजेंसी के रिकॉर्ड के अनुसार अभ्यर्थी का सत्यापित स्कोर 116 अंक ही है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने विवाद की गंभीरता को देखते हुए एनटीए को मूल ओएमआर शीट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया। साथ ही एनटीए के अधिवक्ता को आदेश की प्रति उपलब्ध कराने को भी कहा। अब 4 अगस्त को अदालत मूल ओएमआर शीट का परीक्षण करेगी। Source link

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from 800 salary in punjab to 20 lakhs farming east champaran vijay...

Last Updated:July 29, 2026, 22:16 IST Vijay Yadav Success Story: पूर्वी चंपारण के अमवा गांव निवासी विजय यादव ने आर्थिक तंगी के कारण 1996 में पंजाब जाकर महज 800 रुपये की नौकरी से शुरुआत की थी. पंजाब के खेतों से प्रेरणा लेकर वे गांव लौटे और आधुनिक खेती की राह चुनी. आज विजय यादव बैंगन, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, शिमला मिर्च और बागवानी के साथ-साथ पशुपालन से हर साल 20 लाख रुपये तक की शानदार कमाई कर रहे हैं. जानें इनकी कहानी. ख़बरें फटाफट आदित्य गौरव/पूर्वी चंपारण: बिहार में कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि मेहनत और लगन के दम पर आर्थिक समृद्धि की नई इबारत लिखने का जरिया भी बन रही है. राज्य में ऐसे कई किसान हैं, जिनका संघर्ष और सफलता दूसरों के लिए मिसाल है. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है पूर्वी चंपारण जिले के तुरकौलिया प्रखंड स्थित अमवा गांव के रहने वाले किसान विजय यादव की. जो आज पूरे जिले में अपनी लीक से हटकर की जाने वाली खेती के लिए पहचाने जाते हैं. कभी 800 रुपये की नौकरी से शुरुआत करने वाले विजय आज सालाना 20 लाख का टर्नओवर है. आर्थिक संकट ने भेजा पंजाब, 800 रुपये से शुरू किया सफरविजय यादव बताते हैं कि मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करते ही उन पर पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ आ पड़ा. परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और पिता जी संन्यास लेकर संत बन गए थे. पूरे घर की जिम्मेदारी विजय के कांधों पर आ गई. जिसके चलते उन्हें वर्ष 1996 में पंजाब का रुख करना पड़ा. कड़े संघर्ष और काफी भटकने के बाद पंजाब में उन्हें महज 800 रुपये महीने की नौकरी मिली. अपनी ईमानदारी और बेहतर काम के बदौलत धीरे-धीरे उनकी पगार बढ़कर 5000 रुपये प्रतिमाह तक पहुंच गई. पंजाब के खेतों ने बदला नजरिया, गांव लौटने का लिया फैसलापंजाब में काम के दौरान रविवार को छुट्टी के दिन विजय अक्सर वहां के लहलहाते खेतों को देखा करते थे. वहां आधुनिक और विविधतापूर्ण खेती देखकर उनके मन में भी अपने गांव जाकर कृषि क्षेत्र में कुछ बड़ा करने का विचार आया. आखिरकार उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर गृहग्राम लौटने का निर्णय लिया. बैंगन से शुरुआत, स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट का उत्पादनगांव लौटने के बाद विजय यादव ने सबसे पहले बैंगन की खेती से अपनी शुरुआत की. मेहनत रंग लाई और वे धीरे-धीरे कृषि के नए प्रयोगों को अपनाते चले गए. उन्होंने पारंपरिक व हरी सब्जियां जैसे बैंगन, भिंडी और विभिन्न प्रकार की गोभी की बड़े पैमाने पर खेती की. इसके बाद हॉर्टिकल्चर व आधुनिक फसलें जैसे ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और रंग-बिरंगी शिमला मिर्च की विशेष खेती शुरू की. इसके बाद उन्होंने बागवानी में नींबू और पपीते के बड़े-बड़े बागान लगाए. सालाना 20 लाख का टर्नओवरखेती के साथ-साथ विजय यादव ने पशुपालन को भी अपनी आय का मजबूत जरिया बनाया है. उनके घर पर उन्नत नस्ल के मवेशी मौजूद हैं. जिससे दूध उत्पादन से बेहतर मुनाफा होता है. कभी 800 रुपये की मामूली नौकरी से अपना सफर शुरू करने वाले विजय यादव आज आधुनिक खेती और पशुपालन के दम पर हर साल लगभग 20 लाख रुपये की शानदार कमाई कर रहे हैं. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Motihari,Purba Champaran,Bihar Source link

झारखंड

देवघर में शुरू हुआ श्रावणी मेला, AI रखेगा श्रद्धालुओं पर नजर, कई...

Last Updated:July 29, 2026, 18:32 IST Shravani Mela 2026 Deoghar: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 का शुभारंभ झारखंड के देवघर स्थित दुम्मा प्रवेश द्वार से विधिवत किया गया. सावन के दौरान लाखों कांवरिये बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण के लिए पहुंच रहे हैं. इस बार मेले में पहली बार भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्लॉक रूम, अलग ब्रिज, चिकित्सा शिविर, पेयजल, शौचालय और सहायता केंद्र जैसी नई व्यवस्थाएं की गई हैं. वहीं स्पर्श पूजा पर रोक लगा दी गई है. साथ ही, शीघ्रदर्शनम कूपन का शुल्क 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है. देवघर: आस्था, श्रद्धा और विश्वास का सबसे बड़ा संगम बाबा बैद्यनाथ धाम एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंग गया है. 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूरे साल श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है. लेकिन सावन शुरू होते ही देवघर का माहौल पूरी तरह शिवमय हो जाता है. ऐसा लगता है मानो पूरा शहर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूब गया हो. देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए देवघर पहुंचते हैं. भगवा वस्त्र पहने कांवरिये कंधे पर पवित्र गंगाजल लेकर और ‘बोल बम’ का जयघोष करते हुए बिहार के सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम से करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करते हैं. लंबी यात्रा के बाद जब श्रद्धालु बाबा के दरबार पहुंचते हैं, तो जलार्पण कर अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं. दुम्मा से हुआ श्रावणी मेला 2026 का शुभारंभविश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ बुधवार को बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित देवघर के दुम्मा प्रवेश द्वार से किया गया. उद्घाटन समारोह की शुरुआत तीर्थ पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई. इसके बाद झारखंड सरकार के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने नारियल फोड़कर और फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया. उद्घाटन के दौरान पूरा दुम्मा क्षेत्र “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा. प्रशासन ने श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था की है. अधिकारियों का कहना है कि मेले के दौरान आने वाले लाखों कांवरियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी. कांवरियों ने साझा किया अपना अनुभवटाटानगर से आए एक कांवरिये ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से लगातार सावन में बाबा बैद्यनाथ पर जल चढ़ाने आते हैं. उन्होंने कहा कि बाबा से जो भी मनोकामना मांगी, वह पूरी हुई. इसी विश्वास के कारण वह हर साल अपने परिवार और दोस्तों के साथ देवघर पहुंचते हैं. उन्होंने बताया कि 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा आसान नहीं होती. लेकिन बाबा के दरबार पहुंचते ही सारी थकान दूर हो जाती है. मन को अलग तरह की शांति और संतोष मिलता है. यही वजह है कि हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है. पहली बार AI तकनीक से होगी निगरानीइस बार का श्रावणी मेला कई मायनों में खास है. पहली बार पूरे मेले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. भीड़ की निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य गतिविधियों पर आधुनिक तकनीक के जरिए नजर रखी जाएगी. पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से पुलिस छावनी में बदल दिया गया है. जगह-जगह पुलिस बल, दंडाधिकारी, महिला पुलिस, क्यूआरटी टीम और अन्य सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है. सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी की जाएगी. इसका उद्देश्य किसी भी अव्यवस्था या दुर्घटना को समय रहते रोकना है. श्रद्धालुओं के लिए कई नई सुविधाएंश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चिकित्सा शिविर, पेयजल, शौचालय, सहायता केंद्र और विश्राम स्थल बनाए गए हैं. इस बार पहली बार क्यू कॉम्प्लेक्स में क्लॉक रूम की व्यवस्था की गई है. यहां श्रद्धालु अपना मोबाइल, बैग, पर्स और अन्य सामान सुरक्षित रख सकेंगे. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी नई व्यवस्था की गई है. पहले शीघ्रदर्शनम कूपनधारक और सामान्य कतार के श्रद्धालु एक ही स्थान पर मिल जाते थे. इससे काफी भीड़ और धक्का-मुक्की होती थी. इस बार शीघ्रदर्शनम के श्रद्धालुओं के लिए अलग ब्रिज बनाया गया है. इससे दोनों कतारें अलग-अलग रहेंगी और भीड़ का दबाव कम होगा. स्पर्श पूजा पर रोक, शीघ्रदर्शनम शुल्क बढ़ाप्रशासन ने गुरुवार से मंदिर में स्पर्श पूजा पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है. अर्घा लगने के बाद श्रद्धालु दूर से ही जलार्पण करेंगे. वहीं शीघ्रदर्शनम कूपन की कीमत 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दी गई है. कुल मिलाकर इस बार का श्रावणी मेला पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीक से लैस बनाया गया है. प्रशासन का दावा है कि आधुनिक व्यवस्थाओं और बेहतर सुरक्षा इंतजामों के कारण इस बार श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुविधाजनक और सुगम दर्शन का अनुभव मिलेगा. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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मंडल यांत्रिक अभियंता से मिले मेंस कांग्रेस के प्रतिनिधि

बोकारो | दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस बोकारो शाखा प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को नवनियुक्त वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (एसडीएमई) अनुराग कुमार सिंह से उनके कार्यालय कक्ष में शिष्टाचार एवं परिचयात्मक भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया और सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। बैठक में रेलवे कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण एवं जनहित के मुद्दों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की समस्याओं और आवश्यकताओं से संबंधित विषयों को प्रमुखता से उठाया। इस पर अनुराग कुमार सिंह ने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की वास्तविक एवं न्यायोचित समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे तथा उनका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने की दिशा में सकारात्मक पहल होगी। मौके पर दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस, बोकारो शाखा के शाखा सचिव राजन कुमार उपाध्याय के अलावा बोकारो रेलवे इंस्टीट्यूट के सचिव सुब्रत शाह, अविनाश कुमार, प्रदीप कुमार भौमिक, जितेन गोरीई, सुभाष कुमार महतो, संदीप कुमार और अभिषेक कुमार आदि थे। Source link

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छेड़खानी का विरोध करने पर पिता को मारी गोली:मां और बेटे को...

पलामू के चैनपुर थाना क्षेत्र के काराकाट बंदूआ गांव में बुधवार की देर शाम एक खूनी वारदात हुई। छेड़खानी का विरोध करने पर अपराधियों ने लड़की के पिता को गोली मार दी, जबकि मां और भाई पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। तीनों को इलाज के लिए मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। लड़की के भाई की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रेफर किया गया है। घायलों के परिजनों ने बताया कि यह वारदात बेटी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर की गई। आरोपियों में तबरेज एवं अबरेज आलम (पिता क्यूम मियां), गोखुला मियां (पिता मोहिब मियां), आजाद मियां (पिता स्व. सहीम मियां), क्यूम मियां (पिता रहमान मियां), शेरू मियां (पिता स्व. सहीम मियां), सोनू मियां (पिता इसराफिल मियां) और इमरान मियां (पिता अंजू मियां) समेत अन्य लोग शामिल थे। घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और हमलावरों की पहचान में जुटी है। गांव में तनाव का माहौल है। चैनपुर थाना प्रभारी लाल जी ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं है। इधर जख्मी पिता का कहना है कि बेटी के छेड़खानी के संबंध में चैनपुर थाना को दो बार आवेदन दिया लेकिन कोई कार्रवाई पुलिस ने नहीं की। Source link

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Cockroach News | Bombay High Court on Cockroach | ‘यहां भी मक्खी...

क्या किचन में एक-दो कीड़े मिलने भर से किसी बड़े होटल का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है? महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित एक 5 स्टार होटल के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट में इसी सवाल पर सुनवाई हुई. लेकिन इस दौरान कोर्ट में एक जज की टिप्पणी ने सबका ध्यान खींच लिया. इस मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस गौतम अखंड की बेंच ने महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से पूछा कि आखिर किसी होटल का लाइसेंस रद्द करने के लिए क्या मानक तय हैं? सुनवाई के दौरान जब चर्चा किचन में मिले कॉकरोच और साफ-सफाई को लेकर हुई तो जजों में से एक ने मजाक में कहा, ‘पिछले हफ्ते मेरी डेस्क पर ठीक मेरे सामने एक बड़ा कीड़ा बैठा था. अब हम क्या कर सकते हैं? हम भारत में हैं. मैं आपको एक मक्खी के बारे में बता रहा, है ना? यहां अभी भी एक मक्खी उड़ रही है. हम भारत में हैं; हमें प्रैक्टिकल और असलियत को ध्यान में रखकर काम करना होगा.’ जज की इस टिप्पणी का इशारा साफ था कि खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन कार्रवाई भी परिस्थितियों और वास्तविकता को ध्यान में रखकर होनी चाहिए. 5 स्टार होटल ने दी FDA की कार्रवाई को चुनौती मामला नवी मुंबई के पार्क इन बाय रेडिसन नवी मुंबई का है. होटल ने अपने फूड लाइसेंस रद्द किए जाने के फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है. होटल की ओर से दलील दी गई कि मामला सिर्फ एक चेकलिस्ट या कुछ कमियों का नहीं हो सकता. किसी भी होटल का लाइसेंस रद्द करना एक गंभीर कदम है और इसके लिए ठोस कारण और उचित प्रक्रिया जरूरी है. होटल के वकील ने कहा कि ‘यह मामला एक या दस कॉकरोच मिलने का नहीं है, लेकिन केवल एक निरीक्षण रिपोर्ट या चेकलिस्ट के आधार पर इतना बड़ा फैसला नहीं लिया जा सकता.’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि FDA ने लाइसेंस रद्द करने से पहले पर्याप्त और स्पष्ट लिखित कारण नहीं बताए. ‘किचन में मिली थीं गंभीर खामियां’ वहीं FDA ने कोर्ट को बताया कि होटल की जांच के दौरान किचन में गंभीर स्वच्छता संबंधी उल्लंघन पाए गए थे. विभाग के मुताबिक, जांच में कॉकरोच मिलने समेत कई कमियां सामने आई थीं. FDA ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती और इसी आधार पर कार्रवाई की गई. इस मामले की अगली सुनवाई अगले शुक्रवार को होगी. कई बड़े क्लबों पर भी FDA का शिकंजा इस बीच महाराष्ट्र एफडीए ने होटल, रेस्टोरेंट और क्लबों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. इसी अभियान के तहत क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया , एमआईजी क्रिकेट क्लब समेत कई क्लबों के फूड लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं. एफडीए के मुताबिक, जांच में कुछ जगहों पर वेज और नॉन-वेज खाना बनाने के लिए अलग व्यवस्था नहीं मिली. इसके अलावा किचन में कॉकरोच और मक्खियां, गंदे कटिंग बोर्ड, जाम नालियां, खराब सब्जियां, एक्सपायर खाद्य सामग्री और स्टोरेज में लापरवाही जैसी कमियां सामने आईं. विभाग ने यह भी दावा किया कि कई जगहों पर खाद्य पदार्थों की सही लेबलिंग और FIFO/FEFO नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था. यानी एक तरफ FDA का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता, वहीं होटल का तर्क है कि छोटी-मोटी कमियों के आधार पर लाइसेंस रद्द करना उचित नहीं है. अब कोर्ट के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं. Source link

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देवघर के श्रावणी मेला में गुरु पूर्णिमा पर रिकॉर्ड भीड़, जानिए श्रद्धालुओं...

Last Updated:July 29, 2026, 19:51 IST Shravani Mela 2026: देवघर के विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 का शुभारंभ हो गया है. इसके साथ ही बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है. आज गुरु पूर्णिमा होने के कारण मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं. देश के अलग-अलग राज्यों से आए हजारों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण और स्पर्श पूजा के लिए मंदिर पहुंचे. पूरा देवघर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा. गुरु पूर्णिमा का दिन बाबा बैद्यनाथ धाम में विशेष महत्व रखता है. इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्पर्श पूजा करते हैं. यही वजह है कि सुबह से मंदिर परिसर में काफी भीड़ देखने को मिली. श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए कतार में खड़े रहे. जिला प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुगमता से जलार्पण कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई. बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पुरोहित लंबोदर महाराज ने बताया कि गुरु पूर्णिमा का दिन बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है. उन्होंने कहा कि आज स्पर्श पूजा का अंतिम दिन है. इसके बाद श्रावणी मेले के दौरान अगले एक महीने तक मंदिर में स्पर्श पूजा पूरी तरह बंद रहेगी. अत्यधिक भीड़ को देखते हुए मंदिर में अर्घा की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी. इसके बाद श्रद्धालु अर्घा के माध्यम से ही बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करेंगे. पुरोहित ने यह भी कहा कि कई श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल रहता है कि स्पर्श पूजा नहीं कर पाने से कहीं उनका पुण्य कम तो नहीं हो जाएगा. उन्होंने बताया कि ऐसा बिल्कुल नहीं है. उनके अनुसार, बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचना, पंचशूल का दर्शन करना और श्रद्धा के साथ जलार्पण करना भी उतना ही पुण्यदायी माना जाता है, जितना स्पर्श पूजा करना. इसलिए श्रद्धालुओं को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है. Add News18 as Preferred Source on Google श्रावणी मेला शुरू होते ही देवघर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है. सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर आने वाले कांवरिये लगातार बाबा धाम पहुंच रहे हैं. कंधे पर कांवर और मुख पर ‘बोल बम’ का जयघोष लिए श्रद्धालु लंबी पैदल यात्रा पूरी करने के बाद बाबा के दरबार में जल अर्पित कर रहे हैं. मंदिर परिसर और आसपास का पूरा इलाका शिवभक्ति में डूबा नजर आ रहा है. जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. कतार प्रबंधन, सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी श्रद्धालु को दर्शन और जलार्पण के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े. मंदिर पहुंचे कई कांवरियों ने बताया कि उनकी बाबा भोलेनाथ में अटूट आस्था है. उनका कहना है कि हर वर्ष वे बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जल चढ़ाने आते हैं. उनका विश्वास है कि बाबा उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. वहीं, कई श्रद्धालुओं ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के दिन बाबा धाम पहुंचना उनके लिए सौभाग्य की बात है. बाबा के दर्शन के बाद उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है. श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा बैद्यनाथ की कृपा से जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं. यही विश्वास हर साल लाखों कांवरियों को देवघर खींच लाता है. Source link

झारखंड

Ranchi Samvidhan Yatra | Students Protest Against JPSC JSSC Exam Fraud

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। . इसी क्रम में, हजारों की संख्या में युवा बुधवार को राजधानी रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उनकी मांगों में एग्जाम में हुई गड़बढ़ी की CBI जांच और इस मामले पर तय समय-सीमा के भीतर फ़ैसला लेने की बात शामिल है। इस प्रदर्शन का नेतृत्व बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने ‘झामुमो-कांग्रेस सरकार युवाओं के भविष्य का सौदा बंद करें’ और ‘पेपर लीक बंद करो’ जैसे नारे भी लगाए। कई जिलों से छात्र इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। तेज बारिश में उत्साह नहीं हुआ कम गौरतलब है कि झारखंड के छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर अपनी मांगों को लेकर रांची की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को राजधानी रांची में मूसलाधार बारिश के बावजूद छात्रों का उत्साह कम नहीं हुआ। वे छाता लेकर पैदल मार्च निकालते और प्रदर्शन करते रहे, जो उनके आक्रोश को दर्शाता है। आंदोलनकारियों ने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि जब तक राज्य की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शी सुधार नहीं होता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। इसके अतिरिक्त, आंदोलनरत छात्रों ने सभी राजनीतिक दलों को चेतावनी दी है कि वे इस आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने या इसका श्रेय लेने का प्रयास न करें। छात्रों की भीड़ की वजह से फिरायालाल चौक पर जाम लग गया। फिरायालाल चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं संविधान यात्रा के कारण राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। कचहरी चौक से फिरायालाल चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही। इसका असर मेन रोड, रेडियम रोड और लालपुर रोड तक देखा गया, जहां वाहन धीमी गति से चलते रहे। Source link

झारखंड

जारंगडीह अस्पताल की बदहाली पर फूटा लोगों का गुस्सा

भास्कर न्यूज | कथारा सीसीएल जारंगडीह अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर मंगलवार को स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। अस्पताल में डॉक्टर और नर्स की नियमित तैनाती नहीं होने तथा भवन के धीरे-धीरे जर्जर होने पर लोगों ने अस्पताल का निरीक्षण किया और सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेता सैयद मो. हारुण उर्फ प्रिंस और भाजपा नेता गौतम राम ने आरोप लगाया कि सुनियोजित तरीके से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, महिला एवं पुरुष वार्ड, बिजली और पानी जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसके बावजूद इसे निष्क्रिय छोड़ दिया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना काल में यही अस्पताल बेरमो क्षेत्र का प्रमुख कोविड सेंटर था, जहां सैकड़ों मरीजों का सफल उपचार हुआ था। नेताओं ने कहा कि जारंगडीह परियोजना के अलावा यहां साइडिंग, रीजनल स्टोर और बीएंडके क्षेत्र की महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित होती हैं, जहां बड़ी संख्या में कोयला कर्मी कार्यरत हैं। ऐसे में अस्पताल को बंद करने या उसकी सेवाएं समाप्त करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल नहीं की गईं तो सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिससे उत्पादन और उत्पादकता भी प्रभावित हो सकती है। इस दौरान रंजीत यादव अहिर, मो. बबलू, ललित सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे। Source link

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