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झारखंड

दांतों को रखना है स्वस्थ और मजबूत, मार्शल आर्ट एक्सपर्ट सुमित ने...

Last Updated:July 08, 2026, 19:27 IST सुमित वर्मन ने बताया कि दांतों की मजबूती के लिए सबसे जरूरी है नियमित और सही तरीके से सफाई करना. इसे सही तरीके से करना जरूरी है. सुबह और रात सोने से पहले ब्रश करना अच्छी आदत है. उन्होंने पारंपरिक तरीकों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पहले लोग नमक, कोयला, सरसों तेल आदि….. ख़बरें फटाफट पलामू: आज कल के बदलते खानपान और बदली जीवनशैली का असर लोगों के दांतों की सेहत पर भी पड़ रहा है. मीठे खाद्य पदार्थ, कोल्ड ड्रिंक और जंक फूड जैसे आधुनिक व्यंजनों से कम उम्र में ही लोगों के दांतों में कीड़े लगने लगते हैं. इसके अलावा मसूड़ों से खून आना, दांत कमजोर होना, बदबू और संवेदनशीलता (सेंसिटिविटी) जैसी तकलीफ होती है. कई बार मुंह की सही से सफाई नहीं करने के कारण भी कम उम्र में ही लोगों को ऐसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. यही वजह है कि बच्चों के दांतों की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए. स्वस्थ दांत न केवल भोजन चबाने में मदद करते हैं, बल्कि अच्छे पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी हैं. इसलिए दांतों और जबड़ों को मजबूत बनाए रखने के लिए नियमित देखभाल के साथ कुछ सरल व्यायाम भी लाभदायक हो सकते हैं. इस बारे में मार्शल आर्ट विशेषज्ञ सुमित वर्मन ने लोकल18 को जानकारी दी. उन्होंने एक कहावत से अपनी बात शुरू करते हुए बताया कि कहा जाता है कि जंगल में रहने वाले जानवर ब्रश नहीं करते लेकिन, वो लगातार अपने जबड़ों का उपयोग करते रहते हैं. जानवर ब्रश नहीं करते लेकिन वे लगातार चबाने और मुंह चलाने की प्राकृतिक प्रक्रिया से अपने जबड़ों और दांतों को सक्रिय रखते हैं. लगातार जबड़े की गतिविधि से मुंह की मांसपेशियां मजबूत बनी रहती हैं. उनका कहना है कि इंसान भी यदि अपने जबड़ों की नियमित एक्सरसाइज करें तो उन्हें इसका लाभ मिल सकता है. उन्होंने आगे बताया कि सुबह के समय कुछ मिनट तक मुंह को दाएं-बाएं और गोलाकार घुमाने का अभ्यास किया जा सकता है. इसके अलावा “ओ” और “एक्स” जैसी ध्वनियों का स्पष्ट उच्चारण करने से चेहरे और जबड़ों की मांसपेशियों का अच्छा व्यायाम होता है. यदि किसी व्यक्ति को चिकित्सकीय रूप से कोई परेशानी नहीं है, तो सीमित मात्रा में शुगर-फ्री च्युइंगम चबाने से भी जबड़ों की मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं और चबाने की क्षमता बेहतर होती है. सुमित वर्मन ने बताया कि दांतों की मजबूती के लिए सबसे जरूरी है नियमित और सही तरीके से सफाई करना. इसे सही तरीके से करना जरूरी है. सुबह और रात सोने से पहले ब्रश करना अच्छी आदत है. उन्होंने पारंपरिक तरीकों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पहले लोग नमक, कोयला, सरसों तेल आदि से अपने मुंह और दांत की सफाई करते थे. इसके अलावा लोग नीम से लेकर चिचड़ी तक कई तरह के पौधों की दातून से भी दांत साफ करते हैं. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

झारखंड

दिल्ली में झारखंड सरकार का नेशनल स्टेक होल्डर कंसल्टेशन:उद्योग समूहों से सुझाव...

कई महत्वपूर्ण नीतियों के प्रारूप और पोर्टल्स की लॉन्चिंग व एमओयू होंगे झारखंड सरकार राज्य को निवेश, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। दिल्ली के होटल ताज में बुधवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति निर्माता एक मंच पर जुटेंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। वे दिल्ली पहुंच चुके हैं। इस आयोजन में उद्योग जगत से मिले सुझावों के आधार पर नई औद्योगिक, आईटी, एआई और पर्यटन नीतियों को अंतिम रूप देने की दिशा तय होगी। कार्यक्रम के दौरान कई बड़े औद्योगिक घरानों के साथ एमओयू भी होने की संभावना है। सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग और पर्यटन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य राज्य की नई विकास नीतियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। जिन नीतियों की अवधि समाप्त हो रही है, उन्हें नए सुझावों के आधार पर संशोधित किया जाएगा। जबकि नई नीतियों में भी उद्योग जगत की अनुशंसाओं को शामिल किया जाएगा। सरकार राज्य को औद्योगिक निवेश के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से अन्य राज्यों की तुलना में अधिक आकर्षक नीति तैयार करने पर काम कर रही है। साथ ही यूरोपीय कंपनियों के लिए उद्योग विभाग में विशेष कोषांग बनाने की प्रक्रिया भी जारी है। पहले दिन आईटी-एआई, दूसरे दिन निवेश व पर्यटन पर चर्चा, मुख्यमंत्री रखेंगे राज्य का डिजिटल रोडमैप बुधवार को पहले दिन डिजिटल गवर्नेंस, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी पार्क, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल निवेश पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा होगी। इसके बाद सरकार और आईटी कंपनियों के बीच बी-टू-जी संवाद आयोजित किया जाएगा। दिन का समापन ‘झारखंड में एआई का भविष्य’ विषय पर विशेष सत्र से होगा। वहीं, गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता करेंगे। दूसरे दिन निवेश, औद्योगिक विकास और पर्यटन पर विस्तृत चर्चा होगी। राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन क्षमता को निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसी दिन कई बड़े औद्योगिक घरानों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। कार्यक्रम का समापन झारखंड की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित प्रस्तुति से होगा। आईटी, एआई, पर्यटन और निवेश पर रहेगा विशेष फोकस सम्मेलन में झारखंड एआई पॉलिसी, निवेश प्रोत्साहन नीति, पर्यटन नीति, टेक्सटाइल्स पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पॉलिसी के प्रारूप पर विस्तार से चर्चा होगी। खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी मंथन होगा। यह आयोजन राज्य के विजन-2050 को गति देने और पिछले वर्ष दावोस में हुए वैश्विक निवेश संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गूगल, एक्सेंचर, आईबीएम समेत प्रमुख कंपनियां होंगी शामिल जानकारी के मुताबिक, सरकार आईटी सेक्टर की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, गूगल, अोरेकल, माइक्रोसॉफ्ट, विप्रो, एचसीएल, टेक महिंद्रा, एलटीआईमाइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया, कैपजेमिनी इंडिया के साथ कई विषयों पर मंथन करेगी। इसके अलावा बड़ी औद्योगिक कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, अदाणी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, मेक माई ​िट्रप, रेडिशन, इज माई ट्रिप के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल होंगे। Source link

शिक्षा

NTA Plans 1000+ Centers, CBT Mode; 6-Day Exam

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2027 में कम से कम छह दिन चलेगी। यह पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएगी। परीक्षा के लिए देश भर में 1 हजार से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। NEET पेपर लीक विवाद के बाद यह बदलाव किए जा रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) हर साल मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए NEET आयोजित करता है। अभी तक यह परीक्षा पेन-पेपर मोड में होती रही है। NEET-UG में हर साल करीब 25 लाख कैंडिडेट्स हिस्सा लेते हैं। PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि परीक्षा की नई योजना अभी तैयार की जा रही है। इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE की तरह NEET भी अलग-अलग दिनों में आयोजित होगी। एग्जाम मोड में बदलाव की वजह पेपर लीक विवाद NEET में यह बदलाव 2024 में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों के विवाद के बाद सामने आया है। इसके बाद केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि NEET-UG अब पेन-पेपर की बजाय CBT मोड में कराई जाएगी। शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच कई वर्षों से इस बदलाव पर चर्चा चल रही थी, लेकिन परीक्षा सुधारों की प्रक्रिया पेपर लीक विवाद के बाद तेज हुई। इसी परीक्षा के नतीजों के आधार पर डेंटिस्ट्री, आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में भी दाखिला दिया जाता है। इस साल 3 मई को परीक्षा हुई, 9 दिन बाद रद्द इस साल यानी 2026 में NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 सेंटर्स में हुई थी। इसमें करीब 20 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने NEET री-एग्जाम की तारीख का ऐलान किया। इस मामले की जांच CBI कर रही है। सुधारों के लिए बनी थी समिति जून 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा सुधारों के लिए पूर्व ISRO अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी। समिति को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। —————————– ये खबर भी पढ़ें: NEET री-एग्जाम, 1 मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री:गेट पर रोती रहीं छात्राएं; हिजाब-कलावा पर विवाद; एग्जाम से पहले 2 स्टूडेंट का सुसाइड देश के 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने रविवार को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। इसके लिए देश के 551 और विदेश के 14 शहरों में 5440 सेंटर बनाए गए। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे के बीच हुई। छात्रों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक ही एंट्री दी गई। कई सेंटर्स पर एक-दो मिनट देर से पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं दी गई। इसके चलते कई स्टूडेंट्स का एग्जाम छूट गया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

रामगढ़ में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़:पति-पत्नी गिरफ्तार, अर्ध-निर्मित पिस्तौल, मैगजीन और...

रामगढ़ पुलिस ने भुरकुंडा ओपी क्षेत्र के दत्तो गांव में एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से अर्ध-निर्मित पिस्तौल, मैगजीन और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने एक बताया कि रामगढ़ और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। उन्हें दत्तो गांव में कुछ दिनों से अवैध गन फैक्ट्री चलने की गुप्त सूचना मिल रही थी। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही तलाशी के दौरान, पुलिस ने घर से अवैध रूप से निर्मित अर्ध-निर्मित आग्नेयास्त्र, हथियार निर्माण में प्रयुक्त कल-पुर्जे, मशीनरी और अन्य उपकरण बरामद किए। इस मामले में दिनेश विश्वकर्मा और उनकी पत्नी नूतन विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपी मूल रूप से नवादा के वारसलीगंज के रहने वाले हैं। वे कई वर्षों से दत्तो गांव में रह रहे थे और लोहार के काम की आड़ में अवैध हथियारों का निर्माण कर रहे थे। पुलिस दोनों से गहन पूछताछ कर रही है। यह क्षेत्र अक्सर आपराधिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। पतरातू और भुरकुंडा इलाके राहुल दुबे गैंग, सुजीत सिन्हा गैंग और प्रिंस खान गैंग की सक्रियता के लिए कुख्यात हैं। दो दिन पहले ही पुलिस ने प्रिंस खान गैंग के सक्रिय सदस्य शिवराज राम को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। Source link

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आने वाली है एक और तबाही, विश्‍व मौसम संगठन का अलर्ट,जानें किन...

होमफोटोदेश आने वाली है एक और ‘तबाही’, डब्ल्यूएमओ का अलर्ट,जानें किन चीजों पर बढ़ेगा असर? Last Updated:July 08, 2026, 18:24 IST देश में हाल ही में अल नीनो का प्रभाव देखने को मिला है.इस वजह से मानसून प्रभावित हो हुआ.इसी बीच विश्‍व मौसम विज्ञान (WMO) ने एक और अलर्ट जारी किया है. प्रशांत महासागर में अल नीनो का प्रभाव जुलाई और सितंबर के बीच धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है और इसका असर बाद में देखने को मिलेगा. देश में हाल ही में अल नीनो का प्रभाव देखने को मिला है.इस वजह से मानसून प्रभावित हो हुआ.इसी बीच विश्‍व मौसम विज्ञान (WMO) ने एक और अलर्ट जारी किया है. प्रशांत महासागर में अल नीनो का प्रभाव जुलाई और सितंबर के बीच धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है और इसका असर बाद में देखने को मिलेगा. विश्‍व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने चेतावनी दी है कि प्रशांत महासागर में अल नीनो का प्रभाव जुलाई से सितंबर के बीच धीरे-धीरे बढ़ सकता है. नवंबर से अगले साल फरवरी तक इसके और अधिक मजबूत होने की संभावना है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका असर दुनिया के कई देशों के मौसम में बदलाव के रूप में दिखाई देगा. बढ़ते ग्‍लोबल टेंपरेचर के बीच अल नीनो की सक्रियता मौसम की चुनौतियों को और बढ़ा सकती है. इसलिए सभी देशों को पहले से तैयारी करने और मौसम की लगातार निगरानी रखने की सलाह दी गई है. अल नीनो एक नेचुरल क्‍लाईमेट संबंधी घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से का समुद्री तापमान सामान्य से अधिक बढ़ जाता है. समुद्र का यह तापमान बढ़ने से केवल महासागर ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में हवाओं की दिशा, वर्षा का पैटर्न और तापमान भी प्रभावित होता है. यह घटना सामान्यतः हर दो से सात वर्ष के बीच होती है, लेकिन हर बार इसका प्रभाव अलग-अलग होता है. कई बार इसका असर सीमित रहता है, पर कुछ सालों में यह मौसम परिवर्तन का कारण बन जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google विशेषज्ञों के अनुसार अल नीनो के कारण कई क्षेत्रों में बारिश कम होने से सूखे की स्थिति बन सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर सामान्य से अधिक बारिश होने से बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है. इसका सीधा असर कृषि पर पड़ेगा. कम बारिश से फसलों की पैदावार घट सकती है, वहीं अधिक बारिश से खेतों में जलभराव से फसलें खराब हो सकती हैं. ऐसे में किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के आधार पर फसल की योजना बनाने की सलाह दी गई है. अल नीनो के प्रभाव से इस वर्ष तापमान और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. लंबे समय तक चलने वाली लू, जंगलों में आग और पेयजल संकट जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. अधिक गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक, शरीर में पानी की कमी और कुछ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है. इसके अलावा कई क्षेत्रों में भारी बारिश, बाढ़ और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं की संभावना भी अधिक रहेगी, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. डब्ल्यूएमओ ने अल नीनो के संभावित प्रभावों को देखते हुए देशों को सतर्क रहने की सलाह दी है. कृषि, पेयजल प्रबंधन, आपदा राहत और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े विभागों को पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर लगातार नजर रखकर और समय पर आवश्यक कदम उठाकर अल नीनो से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

यहां कांसे के बर्तनों की कतार से हैं 40 दुकानें, शादी के...

Last Updated:July 08, 2026, 08:00 IST रांची के मेन रोड के पास एक ऐसी खास गली है, जो कांसा के बर्तनों के लिए जानी जाती है. यहां करीब 40 दुकानें हैं. इस बाजार में कुछ ऐसा मिलता है, जिसकी शुद्धता की पूरी गारंटी होती है. खासकर बेटियों की शादी के लिए लोग यहां खिंचे चले आते हैं. झारखंड की राजधानी रांची के मेन रोड स्थित चर्च गली कांसे के बर्तनों के लिए बेहद प्रसिद्ध है. इस बाजार में कतार से करीब 40 दुकानें हैं. हर दुकान में बर्तनों का एक से बढ़कर एक बेहतरीन कलेक्शन मौजूद है. यहां स्टील के बर्तन भी मिलते हैं, लेकिन कांसे की यहां जबरदस्त वैरायटी है. ग्राहक जिस भी बर्तन की तलाश में आता है, वह उसे यहां आसानी से मिल जाता है. यह बाजार बेटियों की शादी के लिए बर्तन खरीदने वालों के लिए बेहद खास है. यहां बर्तनों का स्पेशल कलेक्शन उपलब्ध है, जिसकी शुद्धता की पूरी गारंटी दी जाती है. स्थानीय दुकानदार दिलीप बताते हैं कि ग्राहकों की मांग पर कारीगर खुद डिजाइनर और सिंपल बर्तन तैयार करते हैं. उनके पास ऐसी अनोखी वैरायटी और डिजाइन्स उपलब्ध हैं. जो पूरे शहर में कहीं और नहीं मिल सकतीं. यहां एल्युमिनियम से लेकर स्टील तक के बर्तनों की विस्तृत रेंज उपलब्ध है. ‘बर्तन भंडार’ के संचालक प्रदीप बताते हैं कि ग्राहकों की पसंद के अनुसार यहां हर सामान मिलता है. बाजार में आजकल जो भी लेटेस्ट ट्रेंड चल रहा है, उसके मुताबिक यहां हर दिन नई रेंज आती है. यही कारण है कि शादी-विवाह में लेन-देन के लिए लोग खासतौर पर यहाँ खरीदारी करने आते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google यहां कांसे के बर्तनों की कीमत ₹500 से शुरू होकर ₹15,000 तक जाती है, जिसे लोग अपने बजट के अनुसार खरीद सकते हैं. खासतौर पर शादी के सीजन को देखते हुए बाजार में डिजाइनर कप-प्लेट, कलश और परात की नई रेंज आई है. इन बर्तनों पर खूबसूरत मोरनी डिजाइन बनी हुई है. जिसकी ग्राहकों के बीच आजकल जबरदस्त डिमांड देखने को मिल रही है. इस गली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक दुकान पसंद न आने पर आप दूसरी दुकान पर जा सकते हैं. ग्राहक यहाँ से कभी निराश होकर नहीं लौटते, उन्हें मनपसंद चीज़ मिल ही जाती है. धनतेरस के त्योहार पर इस बाज़ार में पैर रखने तक की जगह नहीं होती. यहां रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए कांसे (ब्रांज़) की थालियों का बेहद खूबसूरत कलेक्शन उपलब्ध है. यहाँ कांसे के देवी-देवताओं की मूर्तियां भी उपलब्ध हैं. गणेश जी और लक्ष्मी माता की हर साइज़ की मूर्तियां यहां मिल जाएंगी. ग्राहकों के लिए ₹1,000 से लेकर ₹20,000 तक की रेंज मौजूद है. यानी लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार यहां आसानी से भगवान की मूर्तियों की खरीदारी कर सकते हैं. शाम के समय इस गली की रौनक काफी बढ़ जाती है. यहां खासतौर पर महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जो जमकर बर्तनों की शॉपिंग करती हैं. चूंकि यह पूरा होलसेल मार्केट है, इसलिए यहां बाकी बाज़ारों की तुलना में सामान काफी सस्ता मिल जाता है. उदाहरण के लिए, बाहर ₹500 में मिलने वाला बर्तन यहां मात्र ₹350 में मिल जाता है. यही बचत लोगों को यहाँ खींच लाती है. Source link

झारखंड

जमशेदपुर में 39 लाख की नकली सिगरेट बरामद:दो गिरफ्तार, तीन मास्टरमाइंड फरार;...

जमशेदपुर पुलिस ने नकली सिगरेट के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने लगभग 39 लाख रुपए मूल्य की 45,600 पैकेट डुप्लीकेट सिगरेट बरामद की है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन कथित संचालक अभी भी फरार हैं। सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि नकली सिगरेट शहर की विभिन्न दुकानों में सप्लाई की जा रही थी। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, पुलिस अधीक्षक (नगर) के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय-1) ऋषभ त्रिवेदी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने मानगो के जवाहरनगर रोड नंबर-17 स्थित केरला पब्लिक स्कूल के पीछे ग्राहक बनकर जाल बिछाया। इसी दौरान, स्कूटी से नकली सिगरेट की खेप लेकर पहुंचे उवैद अंसारी और एहतेशाम शमीम नामक दो युवकों को पुलिस ने मौके पर ही दबोच लिया। आरोपियों की तलाशी के दौरान उनके पास से 500 पैकेट नकली सिगरेट और एक स्कूटी बरामद की गई। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वे कपाली के इस्लामनगर स्थित एक गोदाम से नकली सिगरेट लाकर शहर की अलग-अलग दुकानों में सप्लाई करते थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गोदाम में छापेमारी की। वहां 19 प्लास्टिक के बोरों में रखे 45,600 पैकेट डुप्लीकेट सिगरेट बरामद किए गए। जब्त सिगरेट की अनुमानित कीमत करीब 39 लाख रुपए बताई गई है। गोदाम के संचालक वली आजम, शहनवाज दानिश और एस.के. परवेज फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। Source link

शिक्षा

Bihar | Prince Raj Shuklas Agrate Startup Success

Hindi News Career Bihar | Prince Raj Shuklas Agrate Startup Success | Makhana Boy Achieves 2.5 Crore Turnover 1 मिनट पहले कॉपी लिंक बिहार में पूर्णिया जिले में रहने वाले प्रिंस राज शुक्ला ने बेंगलुरु में अपनी नौकरी करने छोड़कर एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू किया और आज उनकी स्टार्टअप से बहुत अच्छी कमाई हुई। दरअसल प्रिंस विदेश जाकर मास्टर्स की डिग्री लेना चाहते थे। लेकिन कोरोना में लॉकडाउन के चलते उन्हें प्रिंस अपनी नौकरी छोड़ी वापिस गांव आना पड़ा। गांव आकर अपने पिता से 1 लाख रुपए उधार लिए और एग्रीकल्चर स्टार्ट अप एग्रेट ( AGRATE India Private Limited) की शुरुआत की। हालांकि शुरुआत में उन्हें लोगों के तानों का सामना करना पड़ा। गांव वालों ने गंवार कहा कई लोगों का कहना था कि गांव में रहकर वे अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। उन्हें गंवार कहा गया। लेकिन लोगों की बातों का उन पर कोई असर नहीं हुआ। अपने काम के शुरुआत में प्रिंस किसानों को अच्छी क्वालिटी के बीज, जैविक खाद और आधुनिक टूल्स सप्लाई करना था। हालांकि, प्रिंस जानते थे कि केवल सप्लाई से समस्या हल नहीं होगी। इसलिए, उन्होंने छोटे किसानों को आधुनिक खेती की ट्रेनिंग देना शुरू किया। कंपनी का टर्नओवर ढाई करोड़ आज कंपनी सालाना 2.5 करोड़ का कारोबार कर रही है। वह अपने प्रयासों से कई किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। उन्हें ‘मखाना बॉय’ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने गांव-गांव घूमकर 10 हजार से ज्यादा किसानों को जोड़ा और टेक्नोलॉजी (वीडियो कॉल, वर्कशॉप, ऐप) का इस्‍तेमाल करके उन्हें बीज बोने के सही तरीके, पानी बचाने की तकनीक और जैविक खेती सिखाई। प्रिंस के तरीकों से किसानों को फायदा प्रिंस के सिखाए तरीकों से किसानों की फसल दोगुनी हो गई है और घाटा कम हुआ। धीरे-धीरे एग्रेट ने न केवल सप्लाई चेन को मजबूत किया, बल्कि किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर मार्केट लिंक भी प्रदान किए। बड़ी कंपनियों के साथ कर रहे पार्टनरशिप अब प्रिंस की सफलता को देखते हुए कई बड़ी कंपनियों ने भी उनके साथ पार्टनरशिप की है। AGRATE और इसके संस्थापक प्रिंस राज शुक्ला को बिहार में उद्यमिता और कृषि नवाचार के लिए बेस्ट लीडिंग बिहार इंटरप्रेन्योर अवार्ड सहित विभिन्न मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। ये खबर भी पढ़ें 14 की उम्र में AI कंपनी के मालिक बने जैनम:बुर्ज खलीफा की 141वीं मंजिल पर ऑफिस, 6 की उम्र में शुरू किया यूट्यूब चैनल स्कूल की पढ़ाई के साथ टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाकर जैनम जैन पूरी दुनिया में छाए हुए हैं। वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाले एक स्‍टार्टअप के फाउंडर हैं। उनके स्‍टार्टअप का नाम ‘मेंगो इंजन’ (Mengo Engine) है। जैनम का ऑफिस दुबई के बुर्ज खलीफा की 141वीं मंजिल पर है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

विवाहिता से अवैध संबंध अपराध नहीं: हाईकोर्ट:जैप के कांस्टेबल की बर्खास्तगी का...

झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप) के कांस्टेबल भरत पाठक की बर्खास्तगी के आदेश को निरस्त कर दिया है। जस्टिस दीपक रौशन की अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ‘जोसेफ शाइन बनाम भारत संघ’ फैसले के बाद व्यभिचार अब आपराधिक अपराध नहीं रहा। साथ ही अदालत ने माना कि विभाग ने कांस्टेबल को ऐसे आधार पर बर्खास्त किया, जो विभागीय चार्जशीट का हिस्सा ही नहीं था। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। भरत पाठक 2007 में झारखंड सशस्त्र बल में कांस्टेबल के रूप में नियुक्त हुए थे। उनके खिलाफ एक महिला ने शिकायत की थी कि दोनों शादीशुदा होने और बच्चे होने के बावजूद उन्होंने उससे शादी की तथा अक्टूबर 2019 से अप्रैल 2023 के बीच शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसे साथ रखने से इंकार कर दिया। शुरुआती जांच के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू हुई। प्राथमिकी भी दर्ज हुई, फिर उन्हें निलंबित कर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। याचिकाकर्ता के तर्क से मिली राहत: सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने दलील दी कि बर्खास्तगी का आदेश ऐसे आरोप पर आधारित है, जो कभी विभागीय चार्जशीट में था ही नहीं। शिकायतकर्ता ने कोर्ट में बयान के अलावा संबंध के सबूत नहीं दिए अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता के बयानों के अलावा कोई स्वतंत्र या दस्तावेजी साक्ष्य पेश नहीं किया गया। न कथित शादी का कोई प्रमाण था, न होटल की सीसीटीवी फुटेज और न ही किराये के मकान में साथ रहने का कोई सबूत दिया गया। अदालत ने कहा कि पुलिस विभाग के अनुशासनात्मक और अपीलीय अधिकारियों ने बिना ठोस साक्ष्य के कांस्टेबल को सेवा से हटाने जैसी गंभीर सजा दे दी, जो अधिकारों का दुरुपयोग है। इसी आधार पर अदालत ने बर्खास्तगी और उससे जुड़े सभी विभागीय आदेश निरस्त कर दिए। Source link

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दिल्ली के प्रॉपर्टी बाजार में अब एक ऐसा भूचाल आने वाला है जिससे फर्जीवाड़ा करने वालों और टैक्स चोरों की रूह कांप जाएगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक नए और बेहद आक्रामक फैसले ने जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी यानी GPA के जरिए खेल करने वाले भू-माफियाओं के पैरों तले से जमीन खिसका दी है. सरकार ने एक ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है जिसके बाद अब खून के रिश्तों यानी ब्लड रिलेशन को छोड़कर किसी भी तीसरे व्यक्ति के नाम पर होने वाली GPA सीधे रजिस्टर नहीं हो पाएगी बल्कि उसे जांच की ऐसी सख्त भट्टी से गुजरना होगा जहां से बचना नामुमकिन होगा. कम स्टांप ड्यूटी का लालच देकर सरकार को चूना लगाने वाले और आम मासूम खरीदारों को जालसाजी के जाल में फंसाने वाले सिंडिकेट पर सरकार ने यह अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है, जिससे पूरी दिल्ली के प्रॉपर्टी डीलरों और अवैध खरीदार-विक्रेताओं के बीच हड़कंप मच गया है. क्या बदलेगा?अब दिल्ली के सभी सब-रजिस्ट्रार हर GPA दस्तावेज की विस्तार से जांच करेंगे. वे यह देखेंगे कि दस्तावेज में कहीं पैसे के लेन-देन का जिक्र तो नहीं है, संपत्ति का कब्जा देने की बात तो नहीं लिखी गई है या फिर संपत्ति बेचने, उपहार देने, ट्रांसफर करने अथवा गिरवी रखने का स्थायी अधिकार तो नहीं दिया गया है. किन मामलों में होगी अतिरिक्त जांच?यदि GPA माता-पिता, पति-पत्नी, बेटे, बेटी, भाई या बहन जैसे ब्‍लड रिलेशन के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर बनाई गई है तो उसे सीधे रजिस्टर नहीं किया जाएगा. ऐसे सभी मामलों को पहले कलेक्टर ऑफ स्टांप के पास भेजा जाएगा, जो तय करेंगे कि दस्तावेज पर सामान्य स्टांप ड्यूटी लगेगी या फिर उसे बिक्री पत्र (सेल डीड) मानते हुए पूरी स्टांप ड्यूटी वसूली जाएगी. 30 दिन में होगा फैसलासरकार ने कलेक्टर ऑफ स्टांप को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में 30 दिनों के भीतर लिखित आदेश जारी करें. विशेष परिस्थितियों में यह समय अधिकतम तीन महीने तक बढ़ाया जा सकता है. जब तक कलेक्टर का आदेश नहीं आएगा और तय स्टांप ड्यूटी जमा नहीं होगी, तब तक ऐसे दस्तावेजों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा. अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाईमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा है कि यदि कोई सब-रजिस्ट्रार नियमों का उल्लंघन कर बिना जांच के ऐसे दस्तावेजों का पंजीकरण करता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. ऑनलाइन होगी निगरानीसरकार ने सभी सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में ऐसे मामलों का अलग रिकॉर्ड रखने और हर महीने रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, एक महीने के भीतर इन मामलों की निगरानी के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि इस फैसले से सरकारी राजस्व की सुरक्षा होगी, प्रॉपर्टी से जुड़े फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा और आम नागरिकों को गलत दस्तावेजों के कारण होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी. सवाल-जवाब क्या इस नए नियम के आने के बाद दिल्ली में जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) पूरी तरह से बैन हो गई है? नहीं, दिल्ली में GPA पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. सरकार ने केवल इसकी आड़ में होने वाली स्टांप ड्यूटी की चोरी और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए जांच की प्रक्रिया को कड़ा किया है ताकि आम खरीदार सुरक्षित रहें. ब्लड रिलेशन के दायरे में कौन-कौन से पारिवारिक रिश्ते शामिल हैं जिन्हें इस अतिरिक्त जांच से छूट मिलेगी? सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि GPA माता-पिता, पति-पत्नी, बेटा, बेटी, सगा भाई या सगी बहन के नाम पर बनाई जाती है, तो उसे अतिरिक्त जांच के लिए कलेक्टर के पास नहीं भेजा जाएगा. अगर मैं अपने किसी दोस्त या दूर के रिश्तेदार के नाम पर GPA कराता हूँ, तो रजिस्ट्री की प्रक्रिया में क्या बदलाव आएगा? ब्लड रिलेशन से बाहर के किसी भी व्यक्ति के नाम पर बनी GPA को सब-रजिस्ट्रार सीधे पंजीकृत नहीं करेंगे. ऐसे दस्तावेज को पहले कलेक्टर ऑफ स्टांप के पास भेजा जाएगा जो यह जांच करेंगे कि कहीं इसके पीछे मालिकाना हक ट्रांसफर करने या पैसे के लेन-देन का खेल तो नहीं है. कलेक्टर ऑफ स्टांप के पास जांच के लिए भेजे गए मामले में फैसला आने में कितना समय लगेगा? सरकार ने कलेक्टर ऑफ स्टांप को ऐसे मामलों में अधिकतम 30 दिनों के भीतर लिखित आदेश जारी करने का निर्देश दिया है. हालांकि, विशेष या जटिल परिस्थितियों में इस समयसीमा को अधिकतम तीन महीने तक बढ़ाया जा सकता है. अगर कलेक्टर को जांच में पता चलता है कि GPA के जरिए वास्तव में प्रॉपर्टी बेची जा रही है, तो क्या होगा? यदि जांच में यह साबित होता है कि दस्तावेज में संपत्ति का कब्जा सौंपने या स्थायी रूप से बेचने की शर्तें शामिल हैं, तो उसे सामान्य GPA नहीं माना जाएगा. कलेक्टर उसे ‘बिक्री पत्र’ (सेल डीड) मानते हुए पूरी स्टांप ड्यूटी वसूलने का आदेश जारी करेंगे, और टैक्स चुकाने के बाद ही रजिस्ट्री हो पाएगी. Source link

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