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झारखंड

दिशा कमेटी के सदस्य ने समस्याएं सुनी, डीसी को किया निर्देशित

भास्कर न्यूज | मझिआंव मझिआंव प्रखंड के गोपालपुर गांव में बुधवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिशा कमेटी के झारखंड राज्य सदस्य देवेश तिवारी पहुंचे। इधर आने के दौरान बकोइया गांव में संसद प्रतिनिधि भगवान दत्त तिवारी एवं नगर मंडल अध्यक्ष दीपक चंद्रवंशी ने अंग वस्त्र देकर देवेश तिवारी का स्वागत किया। इधर गोपालपुर गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं से अवगत हुए। युवा समाजसेवी आशीष कुमार दुबे उर्फ चिंटू दुबे एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य कविता दुबे के संयोजन में मझिआंव व कांडी प्रखंड के ग्रामीण, किसान मित्र एवं पारा शिक्षकों ने अपनी अपनी समस्याएं रखी। इस दौरान पारा शिक्षकों ने अपने कष्ट बताए और सरकारी स्तर पर उनकी नौकरी बहाल कराने की मांग की गई। इस अवसर पर उत्क्रमित उच्च विद्यालय पुरहे के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सोना बच्चा यादव द्वारा विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई बाधित होने का मुद्दा उठाया गया। जबकि मझिआंव एवं कांडी प्रखंड के उद्यान मित्रों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि प्रखंड कृषि विभाग एवं जिला कृषि विभाग से अनुमोदित होने के बाद सेवा में रखे गए उद्यान मित्रों से तीन माह कार्य लेने के बाद भी उन्हें बिना कोई प्रोत्साहन राशि दिए ही या बिना कोई कारण बताये और बिना कोई सूचना दिए ही उनकी सेवा स्थगित भी कर दी गई। ग्रामीणों एवं उद्यान मित्रों तथा अन्य लोगों की समस्याओं को सुनने के पश्चात देवेश तिवारी ने उपायुक्त गढ़वा से बात कर समस्या समाधान के लिए सार्थक पहल करने का आश्वासन दिया गया। मौके पर उपस्थित लोग पूर्व जिला परिषद सदस्य कविता दुबे, युवा समाजसेवी आशीष कुमार दुबे उर्फ चिंटू दुबे, मीनू दुबे, बिंदल सिंह, बसंत सिंह, सरजू शाह, सोना बच्चा यादव, विजय विश्वकर्मा, अजय दुबे, प्रमोद यादव, धीरेंद्र दुबे, धनंजय तिवारी आदि मौजूद थे। Source link

झारखंड

गढ़वा में पहले एमबीबीएस बैच के 100 में 91 विद्यार्थी सफल, मंदिरों...

भास्कर न्यूज | गढ़वा रामचंद्र चंद्रवंशी ट्रस्ट द्वारा संचालित लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कॉलेज के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब सत्र 2021-26 के पहले एमबीबीएस बैच के 100 में से 91 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण कर सफलता हासिल की। अपनी इस उपलब्धि के बाद विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ काली मंदिर एवं गढ़ देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मौके पर रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. ईश्वर सागर चंद्रवंशी, रजिस्ट्रार प्रो. देवाशीष मंडल, डॉ. ओम प्रकाश भारती, भाजपा नेता ओम प्रकाश तिवारी और विनय चौबे आदि लोग उपस्थित थे। कुलाधिपति डॉ. चंद्रवंशी ने इस सफलता को राज्य और विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब इस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस का बैच पास हुआ है, जो क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। दूसरे राज्यों के विद्या​र्थी भी कर रहे पढ़ाई : कुलाधिपति कुलाधिपति ने कहा कि ट्रस्ट अब मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रहा है, जिससे उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा का विस्तार हो सके। उन्होंने बताया कि कॉलेज में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जो इसकी व्यापक पहचान को दर्शाता है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है। मौके पर सफल विद्यार्थियों ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि देश में डॉक्टरों की कमी एक गंभीर समस्या है, जिसके कारण कई मरीज समय पर इलाज न मिलने से अपनी जान गंवा देते हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि वे सेवा भावना के साथ कार्य करेंगे और आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में योगदान देंगे। एक साल राज्य में ही करेंगे इंटर्नशिप उन्होंने जानकारी दी कि सभी सफल विद्यार्थी झारखंड मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण कराकर राज्य के भीतर ही एक वर्ष की इंटर्नशिप पूरी करेंगे। इसके बाद वे चिकित्सा सेवा देने के लिए अधिकृत होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस संस्थान की स्थापना का उद्देश्य ट्रस्ट के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी का सपना था, जिसमें स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देकर डॉक्टरों की कमी को दूर करना शामिल था। Source link

ताज़ा खबर

Aaj Ka Dhanu Rashifal: धनु वालों खुलेंगे सफलता के द्वार, करियर में...

Last Updated:May 08, 2026, 00:03 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 08 may 2026: धनु राशि वालों के लिए आज का दिन करियर और कारोबार में अच्छा रहेगा. पर फिजूलखर्ची से बचें वरना बजट बिगड़ सकता है. परिवार में तनाव संभव है. लव लाइफ अच्छी रहेगी. जल्दीबाजी में कोई भी फैसला ना लें, नहीं तो इसका दुरगामी परिणाम आपके हित में नहीं रहेगा. सेहत का ध्यान रखें और मां लक्ष्मी की पूजा करें. जमुई: धनु राशि के जातकों का 08 मई 2026 का दिन काफी अच्छा गुजरेगा. खासकर जो लोग नौकरी की तलाश कर रहे हैं, बेरोजगार हैं या किसी तरह के सरकारी सेवा की तैयारी कर रहे हैं, तो उनका दिन आज काफी अच्छा गुजरेगा. आज आपको कोई अच्छी खबर मिल सकती है. आप को कोई रोजगार के अवसर मिल सकते हैं. उन्हें पहचान कर उन्हें अपनाना होगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि धनु राशि के जातकों को आज अपने करियर को लेकर काफी सावधान रहने की जरूरत है. अगर आप नौकरी बदलने की सोच रहे हैं या आप अपने काम को छोड़ने की सोच रहे हैं, तो जल्दीबाजी में कोई भी फैसला ना लें, नहीं तो इसका दुरगामी परिणाम आपके हित में नहीं रहेगा. परिवार में किसी बात को लेकर हो सकता है तनावज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों के परिवार में आज किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है. आज परिवार में एक दूसरे के साथ किसी बात को लेकर कहा-सुनी हो सकती है जिससे आपका मन खिन्न होगा. उन्होंने बताया कि आज आपको अपनी संपत्ति को बढ़ाने और उसे बचाने की दिशा में ध्यान देना चाहिए. आज आप किसी भी तरह की फिजूल खर्ची से बचे. आप अपने किसी भी काम को बजट बनाकर करें, तब आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी. कारोबार करने वाले लोगों के लिए आज का दिन अच्छा गुजरेगा. आज आपको आमदनी के नए अवसर मिलेंगे. प्यार में भी अच्छा जाएगा दिन ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों की लव लाइफ अच्छी रहने वाली है. आज आप अपने परिवार के लिए किसी तरह का सरप्राइज प्लान कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि आज आप अपने पार्टनर के साथ घूमने-फिरने जा सकते हैं. उन्होंने बताया कि आज आपको अपने सेहत को लेकर काफी सावधान रहने की जरूरत है. बदलते मौसम में आपको मौसमी बीमारियां हो सकती हैं. अपने खान-पान पर आज आपको ध्यान देना चाहिए. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों को आज के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए और उन्हें खीर का भोग लगाना चाहिए, ऐसा करना आपके लिए अच्छा रहेगा. आज के दिन के लिए आपका शुभ अंक 6 रहने वाला है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

परदादा ने लगाया था यह एक पेड़, आज पोते के लिए बना...

Last Updated:May 07, 2026, 06:52 IST रांची के मनातू गांव में सुरेश के परदादा का लगाया 50 साल पुराना कटहल का पेड़ आज वरदान बन गया है. यह पेड़ भीषण गर्मी में ठंडी छांव देता है. इसके फल बाजार में ₹50 किलो बिकते हैं. सुरेश हर दिन ₹1500 तक की कमाई कर रहे हैं. यह पेड़ प्यार और आमदनी दोनों दे रहा है. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची के ग्रामीण इलाकों में कटहल के पेड़ों की बहुतायत है, लेकिन रांची के मनातू गांव में एक ऐसा पेड़ है जो आज मिसाल बन गया है. यह पेड़ न केवल एक परिवार को तपती धूप से बचा रहा है, बल्कि उनके लिए हर दिन आमदनी का एक बड़ा जरिया भी बना हुआ है. ग्रामीण सुरेश बताते हैं कि उनके परदादा द्वारा 50 साल पहले लगाया गया यह कटहल का पेड़ आज उनके परिवार के लिए ‘आशीर्वाद’ साबित हो रहा है. गर्मी का ‘प्राकृतिक छाता’ और ठंडी हवामनातु गांव के सुरेश बताते हैं कि यह पेड़ इतना विशाल और घना है कि इसे ‘गर्मी का प्राकृतिक छाता’ कहा जा सकता है. दोपहर की कड़कती धूप में भी इसकी छांव के नीचे सूर्य की एक किरण तक नहीं पहुंच पाती. गांव के लोग अक्सर दोपहर में इसी पेड़ के नीचे बैठकर गप्पे लड़ाते हैं और ठंडी हवा का आनंद लेते हैं. सुरेश के अनुसार, पूर्वजों की यह विरासत उन्हें सुकून के साथ-साथ आर्थिक मजबूती भी दे रही है. हर दिन ₹1500 का ‘फल’सिर्फ छांव ही नहीं, इस पेड़ का फल बाजार में हाथों-हाथ बिकता है। सुरेश बताते हैं कि पेड़ की एक-एक डाली पर 10 से 15 कटहल लदे हुए हैं. बाजार में ताजा कटहल की मांग काफी ज्यादा है और यह ₹50 प्रति किलो तक आसानी से बिक जाता है. सुरेश हर दिन पेड़ से लगभग 25-30 किलो ताजा कटहल तोड़ते हैं, जिससे उन्हें रोजाना ₹1500 तक की कमाई हो जाती है. ग्राहकों की पहली पसंदइस पेड़ के कटहल इतने मशहूर हैं कि कई लोग तो सीधे पेड़ के पास ही खरीदारी करने पहुंच जाते हैं. सुरेश ग्राहकों के सामने ही पेड़ से ताजा फल तोड़कर और काटकर देते हैं. वह बताते हैं कि उनके पास कटहल के और भी पेड़ हैं, लेकिन इस विशेष पेड़ के फल वे बाजार में बेचते हैं, जबकि अन्य पेड़ों के फल खुद के खाने और रिश्तेदारों को भेजने के काम आते हैं. सुरेश बड़े गर्व से कहते हैं, “यह पेड़ हमारे लिए प्यार और अपनापन बढ़ाने का जरिया भी है. हम अपने ससुराल और अन्य करीबियों को भी यहां के कटहल भेजते हैं. वाकई, यह एक पेड़ है लेकिन इसके काम अनेक हैं.” यह कहानी दर्शाती है कि अगर सही मंशा से पेड़ लगाए जाएं, तो वे आने वाली पीढ़ियों के लिए न केवल पर्यावरण बल्कि आर्थिक सुरक्षा का भी आधार बनते हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

व्यापार

शुरू करें नौकरी से ज्यादा मुनाफे वाला बिजनेस, एक बार लगाएं 5...

होमताजा खबरमनी नौकरी से ज्यादा मुनाफे वाला बिजनेस, एक बार लगाएं 5 लाख और हर महीने कमाएं 70000 Last Updated:July 30, 2021, 06:10 IST Earn Money: आज के समय में हर कोई अपना खुद का बिजनेस शुरू (Start New Business) करना चाहता है. लेकिन आइडिया और पैसों की कमी के चलते स्टार्ट नहीं कर पाता. आज हम आपके लिए एक ऐसा बिजनेस आइडिया (Business Idea) लेकर आए हैं जिसे आप कम पैसों के साथ शुरू कर मोटी कमाई कर सकते हैं. डेयरी प्रोडक्ट्स (Dairy Products) का बिजनेस नई दिल्ली. देश में कई ऐसे व्यवसाय हैं, जिन्हें कम लागत में शुरू कर ज्यादा मुनाफ़ा कमाया (Earn Money) जा सकता है. उसमें से एक है डेयरी प्रोडक्ट्स (Dairy Products) का कारोबार. डेयरी प्रोडक्ट ऐसे होते हैं जो रोजमर्रा में उपयोग होने वाला सामना है. इसमें नुकसान ना के बराबर होने की गुंजाइश होती है. डेयरी प्रोडक्ट्स के बिजनेस में सिर्फ 5 लाख रुपए के निवेश से हर महीने 70 हजार रुपए तक कमाया जा सकता है. इस बिजनेस को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार भी मदद कर रही है. अगर आप भी इस बिज़नेस को शुरू करना चाहते हैं तो पहले इसकी पूरी प्लानिंग कर लें. आइए आपको बताते हैं इस बिज़नेस को किस तरह से शुरू किया जा सकता है. मुद्रा लोन योजना के तहत मिल जाएगा लोनकिसी भी बिजनेस को शुरू करने के लिए सबसे पहले पैसों की जरूरत होती है. इसके लिए घबराने की जरूरत नहीं, मोदी सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना से पूंजी का इंतजाम आराम से किया जा सकता है. इस बिजनेस के लिए सरकार आपको पैसे के साथ प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी देती है ताकि आप आराम से बिजनेस शुरू कर सकें. कुल निवेश का 70% मिलेगा लोनजब आप डेयरी प्रोडक्टस का बिजनेस शुरू करेंगे तो सरकार के मुद्रा लोन से कुल लागत का 70 प्रतिशत बैंक से मिलेगा. 5 लाख रुपए लगाने होंगे खुद कोप्रोजेक्ट प्रोफाइल के अनुसार इस बिजनेस का प्रोजेक्ट करीब 16 लाख 50 हजार रुपए तक तैयार किया जा सकता है. इसमें व्यक्ति को सिर्फ 5 लाख रुपए खुद लगाना होगा. इस तरह होगा प्रोजेक्टअगर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के प्रोजेक्ट के मुताबिक देखा जाए तो इस बिजनेस में साल में 75 हजार लीटर फ्लेवर्ड मिल्क का कारोबार हो सकता है. इसके अलावा 36 हजार लीटर दही, 90 हजार लीटर बटर और 4500 किलोग्राम घी बना कर भी बेचा जा सकता है. उस हिसाब से करीब 82 लाख 50 हजार रुपए का टर्नओवर हो जाएगा. जिसमें लगभग 74 लाख रूपए की कॉस्टिंग होगी जबकि 14 फीसदी ब्याज निकालने के बाद भी आपको लगभग 8 लाख की बचत हो सकती है. कारोबार शुरू करने के लिए पड़ेगी इतनी जगह की जरुरतइस कारोबार को शुरू करने के लिए 1000 स्कवायर फीट जगह की जरूरत पड़ेगी. जिसमें 500 स्कवायर फीट की जगह प्रॉसेसिंग एरिया में, 150 स्कवायर फीट में रेफ्रिजरेशन रूम, 150 स्कवायर फीट में वॉशिंग एरिया, 100 स्कवायर फीट में ऑफिस, टॉयलेट व दूसरी सुविधाओं के लिए जरूरत पड़ेगी. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

सदर एसडीएम ने स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण

गढ़वा|सदर एसडीएम संजय कुमार ने बुधवार को चिनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नव-निर्मित अस्पताल भवन के सभी कक्षों, खंडों सहित पूरे परिसर का जायजा लिया। साथ ही इमरजेंसी वार्ड, पुरुष वार्ड एवं महिला वार्ड सहित विभिन्न चिकित्सीय व्यवस्थाओं की स्थिति की समीक्षा की। वे यहां चिनिया प्रखंड के लिए नामित वरीय पदाधिकारी के रूप में निरीक्षण करने पहुंचे हुए थे। इस दौरान एसडीएम संजय ने संस्थागत प्रसव की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सक एवं कर्मियों की उपस्थिति, एंबुलेंस सेवा तथा ओपीडी एवं आईपीडी से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। स्वास्थ्य केंद्र में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक पाई गई। निरीक्षण के समय दो मरीज भी भर्ती पाए गए। ओपीडी का समय समाप्त होने के कारण ओपीडी बंद मिली। Source link

झारखंड

झारखंड में गंभीर अपराध 5.8% घटे, लेकिन धोखाधड़ी और बैंक फ्रॉड के...

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने बुधवार को ताजा रिपोर्ट जारी की। इसमें 2024 में हुए अपराधों का ब्योरा है। रिपोर्ट में कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण तस्वीर सामने आई है। वर्ष 2024 में संज्ञेय (गंभीर) अपराधों में करीब 5.8% की गिरावट आई है, लेकिन आर्थिक अपराध, हत्या, गुमशुदगी और रेलवे क्षेत्र से जुड़े अपराधों में वृद्धि ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। जालसाजी, धोखाधड़ी और बैंक फ्रॉड के मामलों ने राज्य में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। धोखाधड़ी के 1,927 और जालसाजी के 535 नए मामले सामने आए हैं। 2023 में धोखाधड़ी के 1,630 और जालसाजी के 460 मामले दर्ज हुए थे। वहीं संज्ञेय अपराध 2024 में घटकर 47,250 रह गए। जो 2023 में 50,187 थे। रेलवे अपराध, नया उभरता खतरा रेलवे पुलिस के अधिकार क्षेत्र में अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। ट्रेनों और स्टेशनों पर चोरी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। वर्ष 2023 में झारखंड में रेलवे पुलिस द्वारा कुल 745 मामले दर्ज किए गए थे। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 1,058 हो गई है। एससी/एसटी के खिलाफ अपराध घटे अनुसूचित जाति और जनजाति के खिलाफ अपराधों में 2024 में कमी दर्ज की गई है। एसटी के खिलाफ 260 और एससी के खिलाफ 566 मामले सामने आए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में कम हैं। यह गिरावट सकारात्मक संकेत है, लेकिन इन मामलों में चार्जशीट दर अपेक्षाकृत कम होने से न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। गुमशुदा बच्चों की सुरक्षा बड़ा सवाल 2024 में राज्य से 1,042 बच्चे लापता हुए, जिनमें 639 लड़कियां शामिल हैं। यह आंकड़ा बाल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, पुलिस ने पुराने मामलों सहित 2,262 लोगों को खोज निकाला है। इसके बावजूद गुमशुदगी की घटनाओं में वृद्धि समाज और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय है। मानव तस्करी का दाग नहीं धुल रहा झारखंड के लिए मानव तस्करी एक पुरानी और गंभीर समस्या रही है। 2024 के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स ने कुल 97 मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में 185 पुरुषों और 97 महिलाओं समेत कुल 282 पीडितों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया गया या वे तस्करी का शिकार हुए। Source link

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6 LPG सिलेंडर फ्री! सुनते ही झूम पड़ी जनता, पर ‘विजय’ से...

होमताजा खबरदेश 6 LPG सिलेंडर फ्री! सुनते ही झूम पड़ी जनता, पर ‘विजय’ से घबरा गए थलापति, क्‍यो Last Updated:May 07, 2026, 23:21 IST टीवीके प्रमुख थलापति विजय ने तमिलनाडु चुनाव से पहले हर परिवार को साल में 6 मुफ्त LPG सिलेंडर देने का बड़ा वादा किया था. अन्नपूर्णी सुपर 6 योजना ने गृहिणियों और मध्यम वर्ग के बीच तेजी से चर्चा बटोरी है. लेकिन राज्य की खराब आर्थिक स्थिति और बढ़ते कर्ज को देखते हुए इस योजना की व्यवहारिकता पर सवाल उठ रहे हैं. थलापति के लिए विजय बनी चुनौती! Free LPG Cylinder: तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों एक वादा सबसे ज्यादा चर्चा में है. हर परिवार को साल में 6 मुफ्त LPG सिलेंडर दिए जाएंगे. अभिनेता से नेता बने विजय थलापति की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने ‘अन्नपूर्णी सुपर 6’ योजना का ऐलान कर ऐसा सियासी दांव चला है, जिसने गृहिणियों से लेकर मध्यम वर्ग तक को अपना दीवाना बना दिया. महंगाई से परेशान लोगों को यह वादा मरहम की तरह लगा. लेकिन, दूसरी तरफ आर्थिक जानकार इस योजना को लेकर बड़े सवाल उठा रहे हैं. इन्‍हीं दावों ने चुनावी विजय के बाद थलापति की घबराहट बढ़ा दी है. दरअसल, अंतरराष्ट्रीय हालात ने गैस बाजार को पहले ही अस्थिर कर रखा है. ईरान-अमेरिका तनाव और ग्‍लोबल सप्लाई में दबाव के चलते एलपीजी की कीमतों में लगातार असर देखा जा रहा है. आलम यह है कि कमर्शियल सिलेंडर के दाम 3,239 रुपये तक पहुंच चुके हैं. इसका असर सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि होटल, रेस्तरां और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ रहा है. ऐसे माहौल में मुफ्त सिलेंडर का वादा आम लोगों को काफी लुभावना लग रहा है. वहीं, टीवीके का दावा है कि अगर उनकी सरकार बनी तो हर परिवार को साल में 6 सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे. जनता के भरोसे पर विजय के लिए कहां से पैसा लाएंगे थलापतिलेकिन सवाल यह है कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा? अनुमान के मुताबिक इस योजना पर सरकार को हर साल करीब 12,408 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं. यही आंकड़ा अब विजय के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है. तमिलनाडु की आर्थिक हालत पहले से दबाव में बताई जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार 2026-27 तक राज्य पर कुल कर्ज करीब 11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. ऐसे में इतनी बड़ी सब्सिडी योजना लागू करना आसान नहीं माना जा रहा है. आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सरकार मुफ्त सिलेंडर जैसी बड़ी योजना लागू करती है, तो उसे या तो दूसरी योजनाओं में कटौती करनी होगी. केंद्र की मेहरबानी दिला सकती है दावों पर विजयहालांकि तेल कंपनियों के कुछ अधिकारी मानते हैं कि योजना पूरी तरह असंभव नहीं है. उनका कहना है कि अगर एक सिलेंडर की औसत कीमत 1,000 रुपये मानी जाए, तो एक परिवार पर सालाना लगभग 6,000 रुपये का खर्च आएगा. सरकार चाहे तो केंद्र की उज्ज्वला योजना की तरह सीधे लोगों के बैंक खातों में सब्सिडी ट्रांसफर कर सकती है. इससे भ्रष्टाचार और गड़बड़ी की संभावना भी कम होगी. इधर हाल के महीनों में गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर भी चिंता सामने आई थी. मार्च में अफवाहों और डर के कारण लोगों ने सामान्य से ज्यादा सिलेंडर बुक कर लिए थे, जिससे कई जगह कमी की स्थिति बन गई. हालांकि अब तेल कंपनियों का कहना है कि हालात सामान्य हो रहे हैं और दो दिनों के भीतर सिलेंडर डिलीवरी दी जा रही है. सियासी तौर पर बेहद असरदार रही विजय की योजनाराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नपूर्णी सुपर 6 योजना चुनावी नजरिए से बेहद असरदार साबित रही है. इस वादे ने खासतौर पर गृहिणियों और मध्यम वर्ग के बीच मजबूत पकड़ बनाने में मदद की है. लेकिन असली चुनौती विजय मिलने के बाद इस योजना को लागू करने की है. बढ़ती महंगाई, भारी कर्ज और आर्थिक दबाव के बीच विजय थलापति इस वादे को जमीन पर कैसे उतारेंगे, यही सवाल अब तमिलनाडु की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

पलामू में शादी सीजन की चमक, सोना-चांदी नहीं, 200 से शुरू एडी...

Last Updated:May 07, 2026, 22:34 IST Palamu Markets AD Jewelry In Trend: शादी-विवाह का सीजन चल रहा है. ऐसे में पलामू की बाजारों में रौनक लौट आई है. यहां कपड़ों, श्रृंगार सामग्री और सजावटी सामानों के साथ ज्वेलरी दुकानों पर भी ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. किसी भी शादी समारोह में महिलाओं के श्रृंगार में ज्वेलरी की सबसे अहम भूमिका होती है. दुल्हन से लेकर घर की महिलाओं तक हर कोई अपने पहनावे के अनुसार आकर्षक गहनों की तलाश में बाजार पहुंच रहा है. यही वजह है कि इन दिनों पलामू के मेदिनीनगर सहित विभिन्न बाजारों में एडी ज्वेलरी की डिमांड बढ़ रही है. बता दें कि शादी के मौसम में अब महिलाएं महंगे सोने-चांदी के गहनों के साथ-साथ स्टाइलिश और बजट फ्रेंडली विकल्प भी पसंद कर रही हैं. इसी वजह से अमेरिकन डायमंड यानी एडी ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ी है. कम कीमत में शानदार लुक और आकर्षक चमक मिलने के कारण यह हर वर्ग की महिलाओं की पसंद बन चुकी है. दुकानदारों का कहना है कि शादी-विवाह के सीजन में एडी सेट की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है. इसे आम तौर पर अमेरिकन डायमंड (AD) या CZ ज्वेलरी कहा जाता है, जो असली हीरे नहीं होते, बल्कि प्रयोगशाला में बने जिरकोनियम डाइऑक्साइड के क्रिस्टल से बने होते हैं. लेकिन ये असली हीरे की तरह ही रंगहीन, चमकदार और दोषरहित दिखते हैं. पलामू जिले के मेदिनीनगर शहर के बाजार स्थित रूप रंग शॉप में अमेरिकन डायमंड ज्वेलरी देखने को मिल रही है. दुकानदार राजीव कुमार ने लोकल18 को बताया कि इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी चमक और डिजाइन है. यह देखने में बिल्कुल डायमंड सेट जैसी नजर आती है, जिससे पहनने वाली महिलाओं को खास और रॉयल लुक मिलता है. Add News18 as Preferred Source on Google ब्राइडल सेट में इसकी मांग सबसे अधिक है. दुल्हनें अपने लहंगे और साड़ी के अनुसार ग्रीन, रेड, सिल्वर, पिंक, रूबी रेड, पिस्ता और बेबी पिंक रंगों के सेट पसंद कर रही हैं. हर नए सीजन में दुकानदार नए डिजाइन और नया कलेक्शन ला रहे हैं. उन्होंने कहा कि एडी ज्वेलरी 200 रुपये से शुरू होकर 1000 से 1200 रुपये तक उपलब्ध है. नेकलेस सेट, हार, झुमका, ईयररिंग्स और मैचिंग ब्राइडल सेट की अच्छी रेंज दुकानों में सजी हुई है. इसके अलावा कुंदन सेट भी अलग-अलग डिजाइन और रंगों में उपलब्ध हैं, जिन्हें महिलाएं खूब पसंद कर रही हैं. कम बजट में शानदार ज्वेलरी मिलने से मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह बेहतर विकल्प साबित हो रहा है. आगे कहा कि एडी ज्वेलरी टिकाऊ भी होती है. यदि इसे नमी, परफ्यूम और मॉइश्चराइजर से बचाकर रखा जाए तो इसकी चमक लंबे समय तक बनी रहती है. यही कारण है कि आजकल की महिलाओं के बीच यह पसंदीदा फैशन ट्रेंड बन चुका है. शादी-विवाह के इस सीजन में पलामू के बाजार में अमेरिकन डायमंड ज्वेलरी की भारी डिमांड देखी जा रही है और आने वाले दिनों में इसकी बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है. Source link

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Friendship day 2021 3 friends left their job and started this business...

होमताजा खबरमनी Friendship Day: नौकरी छोड़ 3 दोस्तों ने किया कारोबार, सालभर में कमाए 100 करोड़ Last Updated:August 02, 2021, 16:40 IST Friendship day 2021: तीनों ही नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे, रूममेट भी थे.. एक दिन घूमने निकले तभी कुछ यूं हुआ कि वापस आते ही अपना बिजनेस शुरू कर दिया और आज तीनों ही करोड़ों में कमाई कर रहे हैं. Friendship day 2021: तीनों ही नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे, रूममेट भी थे.. एक दिन घूमने निकले तभी कुछ यूं हुआ कि वापस आते ही अपना बिजनेस शुरू कर दिया और आज तीनों ही करोड़ों में कमाई कर रहे हैं. नई दिल्ली. Friendship day 2021.. वैसे तो दोस्तों के नाम हर दिन होता है. दुनिया का सबसे नायाब और खूबसूरत रिश्ता है दोस्ती..आज हम फ्रेंडशिप डे (Friendship day 2021) के मौके पर आपको तीन दोस्तों की एक कहानी बता रहे हैं… जो साथ-साथ एक ही रूम में रहते थे, एक ही कंपनी में नौकरी करते थे और बाद में एक साथ एक कारोबार शुरू कर तीनों ही सफल उद्यमी (Successful entrepreneur) बन गए. आज ये तीनों नोएडा बेस्ड स्टार्टअप चला रहे हैं और मिलकर कमाई कर रहे हैं. हम आपको नोएडा निवासी तीन दोस्त- टिकेन्द्र, प्रतीक और संदीप के बारे में बता रहे हैं. इनका कारोबारी जर्नी करीब साल 2015 में तब स्टार्ट हुआ जब ये तीनों एक दिन एक सफर पर निकले थे, लेकिन बीच रास्ते में गाड़ी में फ्यूल खत्म हो गया और दूर-दूर तक कोई पेट्रोल पंप नहीं था. तभी उन्हें महसूस हुआ कि काश! ऐसा होता कि हम जब चाहते, जहां चाहते हमें फ्यूल मिल जाता.. बस यही से आया आइडिया और तीनों ने इस पर काम शुरू कर दिया.. आज इस कंपनी का सालाना टर्नओवर 100 करोड़ से ज्यादा है. ऐसे हुआ सफर शुरू…टिकेन्द्र और संदीप नोएडा स्थित टेक कंपनी सैमसंग में काम करते थे. वहीं, प्रतीक एक्सिकॉम में काम करते थे. प्रतीक और टिकेन्द्र रूममेट थे. एक दिन तीनों दिल्ली से बाहर घूमने निकले थे, तभी बीच रास्ते में फ्यूल खत्म हो गया. इन्हें रास्ते में करीब 10 किमी तक के आसपास एक भी फ्यूल स्टेशन नहीं मिला. उसी वक्त इन्होंने ऑनलाइन डीजल का कारोबार करने का ठाना और साल 2015 में पेपफ्यूल डॉट काॅम (startup pepfuels.com) नाम से कंपनी शुरू कर दी.. तो आइए जानते हैं क्या है ये कारोबार और इनकी कहानी- सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअपपेपफ्यूल डॉट काॅम (pepfuels.com) सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप है. पेपफ्यूल्स का इंडियन ऑयल के साथ थर्ड पार्टी एग्रीमेंट है. यह डोर-टू-डोर डिलीवरी (online diesel delivery) के लिए है. इस ऐप पर ग्राहक ऑनलाइन या मैसेज के जरिए ऑर्डर कर सकते हैं. जानें, कैसे शुरू किया कारोबारस्टार्टअप के फाउंडर टिकेन्द्र ने News18 Hindi से बताया कि इस पर हमने काफी रिसर्च किया. घर-घर जाकर लोगों से बात की और ऑनलाइन फीडबैक लिया. फीडबैक में बता चला हर दूसरे आदमी ने यही कहा कि पेट्रोल-डीजल के लिए ऑनलाइन ऐप होना चाहिए. हालांकि, पेट्रोल-डीजल की ऑनलाइन डिलीवरी का कारोबार शुरू करना काफी रिस्की है. टिकेन्द्र बताते हैं कि 2016 तक देश में पेट्रोल डिलीवरी की परमिशन नहीं थी. हाल ही में सरकार ने इसकी इजाजत दी है. उस वक्त हमारे सामने सिर्फ डीजल डिलीवरी ही एकमात्र विकल्प था. हमने डीजल की डिलीवरी पर ही काम शुरू कर दिया. तेल कंपनियों से मिला सहयोगकंपनी के एक अन्य फाउंडर संदीप बताते हैं, ‘हमने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (BPCL), पेट्रोलियम प्रोसेस इंजीनियरिंग सर्विस को. (PESCO) जैसी तेल कंपनियों को अपना-अपना सुझाव भेजा. साथ ही हमने अपने-अपने स्टार्टअप का आइडिया PMO को भी भेजा था. कुछ दिनों बाद ही हमें PMO से जवाब आ गया था. दूसरी, तरफ फरीदाबाद स्थित इंडियन ऑयल की तरफ से भी हमें हमारे कारोबार का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR सौंपने को कहा गया.’ वे कहते हैं, हमने अपने प्रोजेक्ट की DPR इंडियन ऑयल को भेजी. अप्रूवल मिलने के बाद हमने अपना कारोबार शुरू कर दिया. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : August 01, 2021, 05:27 IST Source link

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