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सुनील के इडली बर्गर और इडली चाट के दीवाने हैं बोकारो के...

Last Updated:July 08, 2026, 11:28 IST सुनील बताते हैं कि उन्होंने ग्राहकों की पसंद को देखते हुए इडली से नए-नए प्रयोग शुरू किए और आज उनके स्टॉल पर सबसे ज्यादा मांग इडली बर्गर और इडली चाट की रहती है. उनके यहां  ग्राहक मात्र 10 रूपये में इडली बर्गर और इडली चाट का आनंद ले सकते हैं. ख़बरें फटाफट कैलाश कुमार/बोकारो: अगर आप भी सादी इडली, सांभर और नारियल की चटनी खाकर बोर हो चुके हैं, तो बोकारो जिले के फुसरो बाजार में मिलने वाला इडली बर्गर आपके स्वाद को एक नया ट्विस्ट दे सकता है. अपनी चलती-फिरती इडली दुकान लगाने वाले सुनील पिछले 24 वर्षों से इडली बेच रहे हैं. अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने इडली से नई रेसिपी तैयार की. खुद की तैयार की हुई रेसिपी को उन्होंने इडली बर्गर-और इडली चाट नाम दिया है. वह इडली को उसके पारंपरिक तरीके यानी सांभर के साथ नहीं देते बल्कि इडली को नए रूप में पेश करते हैं. उनका इडली बर्गर स्थानीय लोगों के बीच काफी पसंद किया जाता है. कई किलोमीटर दूर से लोग स्वाद लेने आते हैं. विक्रेता सुनील बताते हैं कि उन्होंने ग्राहकों की पसंद को देखते हुए इडली से नए-नए प्रयोग शुरू किए और आज उनके स्टॉल पर सबसे ज्यादा मांग इडली बर्गर और इडली चाट की रहती है. उनके यहां  ग्राहक मात्र 10 रूपये में इडली बर्गर और इडली चाट का आनंद ले सकते हैं. इडली बर्गर बनाने की रेसिपी को लेकर सुनील ने बताया कि सबसे पहले नरम इडली को बीच से काटा जाता है. इसके बाद उसे बर्गर बन की तरह तैयार कर अंदर खास बादाम वाली चटनी की स्टफिंग भरी जाती है. इसके बाद बारीक कटा प्याज और सलाद के छोटे टुकड़े डाले जाते हैं. आखिर में सेव और मीठी इमली की चटनी से गार्निश कर ग्राहकों को परोसा जाता है. यह इडली बर्गर खाने के लिए उनकी दुकान पर लोग जुटे ही रहते हैं. सुनील ने बताया कि वह अपनी चलती फिरती स्टॉल फुसरो बाजार में रोजाना दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक लगाते हैं. वह रोजाना करीब 200 पीस इडली बर्गर कि बिक्री कर लेते हैं.  इडली बर्गर खाने पहुंचे ग्राहक रवि कुमार साह ने बताया कि वह नावाडीह के रहने वाले हैं. उनके इलाके में ऐसा स्वाद कहीं नहीं मिलता. यही वजह है कि वह करीब 13 किलोमीटर का सफर तय कर इडली बर्गर खाने के लिए आते हैं. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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बोकारो में जर्जर सीढ़ी की रेलिंग गिरी:ऊपरी मंजिल पर फंसे दो परिवार,...

बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-6D स्थित आवास संख्या 2358 से 2366 तक के ब्लॉक में बुधवार को एक हादसा होते-होते टल गया। ब्लॉक की ऊपरी मंजिल तक जाने वाली सीढ़ी की लोहे की रेलिंग अचानक टूटकर नीचे गिर गई। इस घटना के बाद ऊपरी मंजिल पर रहने वाले दो परिवार, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं, वहीं फंस गए। सीढ़ियों का फर्श भी जर्जर होने के कारण उनका आवागमन जोखिम भरा हो गया है।आवासधारी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि लगभग पांच वर्ष पहले भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, तब बीएसएल प्रबंधन ने सीढ़ी और रेलिंग की मरम्मत कराई थी। हालांकि, अब पूरी संरचना फिर से जर्जर हो चुकी है। उन्होंने बताया कि घटना के समय वे अपने कमरे में थे और अचानक तेज आवाज सुनकर बाहर निकले तो देखा कि पूरी रेलिंग टूटकर नीचे गिर चुकी थी। गनीमत रही कि उस समय सीढ़ी पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। ऊपरी मंजिल पर फंसी आशा शर्मा ने जानकारी दी कि दो परिवारों के लगभग 10 से 12 लोग, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं, अभी भी ऊपर फंसे हुए हैं। सीढ़ी की खराब हालत के कारण नीचे उतरना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के काफी देर बाद तक बीएसएल का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने बीएसएल प्रबंधन से क्षतिग्रस्त सीढ़ी और रेलिंग की तत्काल मरम्मत कराने, जर्जर आवासों का सर्वेक्षण कराने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। Source link

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देवघर में श्रीराम याचना हवन संपन्न:रामभक्तों और पंडा समाज की रही उल्लेखनीय...

देवघर में अयोध्या श्रीराम मंदिर को समर्पित श्रीराम याचना हवन मंगलवार को संपन्न हुआ। बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रांगण स्थित राम मंदिर में ऋषि ब्रह्मर्षि सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में रामभक्तों, स्थानीय श्रद्धालुओं और पंडा समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से हवन एवं पूजा-अर्चना की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने हवन में आहुतियां देकर देश, समाज और विश्व के कल्याण की प्रार्थना की। पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया पंडा समाज के सदस्यों ने भी इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया। ऋषि ब्रह्मर्षि सांस्कृतिक मंच के महासचिव मणि शंकर ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के प्रति आस्था को मजबूत करते हैं। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग के लिए सभी श्रद्धालुओं, पंडा समाज, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मंच के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। धार्मिक अनुष्ठान के समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा, जिसने देवघर की समृद्ध धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर प्रदर्शित किया। Source link

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क्‍या ‘मुस्लिम’ को मिलेगा आरक्षण? हाईकोर्ट ने सरकार करे कहा-No, अब सुप्रीम...

होमताजा खबरदेश ‘मुस्लिमों’ को मिलेगा आरक्षण? HC की सरकार को NO, अब SC में होगी कानूनी लड़ाई Last Updated:July 08, 2026, 15:49 IST धर्मांतरण के बाद मुस्लिम बनने वाले लोगों को ‘पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम)’ का आरक्षण मिलेगा या नहीं, अब यह लड़ाई सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी है. इस बाबत तमिलनाडु सरकार के एक फैसले को हाईकोर्ट ने असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया था. अब तमिलनाडु सरकार का फैसला बरकार रहता है, या फिर हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर लगती है, यह सुनवाई के बाद ही साफ होगा. फिलहाल, क्‍या है पूरा मामला, जानने के लिए पढ़ें आगे… धर्मांतरण के बाद मुस्लिम आरक्षण पर मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. Muslim Reservation: धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपनाने वाले लोग सिर्फ मुस्लिम कहलाएंगे या फिर उन्‍हें आरक्षण का फायदा भी मिलेगा. सरकारी आदेश और हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद इस सवाल एक एक बार फिर प्रश्‍न चिन्‍ह लग गए हैं. जी हां, धर्मांतरण कर इस्‍लाम धर्म अपनाने वाले लोगों को पिछड़े वर्ग का आरक्षण देने की लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में धर्मांतरण के आधार पर पिछड़ा मुस्लिम आरक्षण वाले सरकारी आदेश को खारिज कर दिया था. मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में अपने फैसले में साफ कहा था कि कोई व्यक्ति सिर्फ इसलिए ‘पिछड़े मुस्लिम’ का दर्जा नहीं मांग सकता, क्योंकि उसने किसी दूसरे धर्म से इस्लाम अपना लिया है. अदालत ने कहा कि केवल धर्म परिवर्तन अपने आप में पिछड़ा वर्ग का दर्जा पाने का आधार नहीं बन सकता है. हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के 2024 के उस सरकारी आदेश (जीओ) को भी असंवैधानिक करार दिया था, जिसमें धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपनाने वाले कुछ वर्गों के लोगों को ‘पिछड़े मुस्लिम’ का प्रमाणपत्र देने का प्रावधान किया था. अपने आदेश में हाईकोर्ट ने कही थी यह बातसरकार के इस आदेश के अनुसार, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, विमुक्त समुदाय और अनुसूचित जाति से आने वाले जिन लोग ने इस्लाम स्वीकार किया है, उन्हें पिछड़े मुस्लिम का प्रमाणपत्र जारी किया जा सकता था. इसी प्रमाणपत्र के आधार पर उन्हें आरक्षण सहित दूसरे सरकारी लाभ मिलने का रास्ता खुल सकता है. हालांकि, मद्रास हाईकोर्ट ने इसे असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि इस आधार पर किसी व्यक्ति को पिछड़ा मुस्लिम आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता है. अदालत ने इस संबंध तमिलनाडु सरकार की तरफ से जारी किए गए जीओ को भी रद्द कर दिया था. तमिलनाडु सरकार ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजाअब तमिलनाडु सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सरकार का कहना है कि हाईकोर्ट के फैसले की कानूनी समीक्षा जरूरी है. ऐसे में अब इस पूरे विवाद पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद ही सामने आएगा. इस मामले पर देशभर की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसका असर धर्मांतरण और आरक्षण से जुड़े दूसरे मामलों पर भी पड़ सकता है. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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पारंपरिक मक्का ही नहीं, साथ में बोएं स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न,...

होमताजा खबरकृषि पारंपरिक मक्का ही नहीं, साथ में बोएं स्वीट कॉर्न-बेबी कॉर्न, होगी तगड़ी कमाई Last Updated:July 08, 2026, 15:06 IST Maize Cultivation In Monsoon: मक्के की खेती से किसान अच्छी आय कमा सकते हैं. अगर सामान्य मक्के के साथ ही स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न लगाया जाए तो कमाई बढ़ने के चांस अधिक रहते हैं. कृषि विशेषज्ञ डॉ. दिलीप पांडे के अनुसार, 15 जुलाई तक बुवाई की जा सकती है. ख़बरें फटाफट पलामू. मानसून आते ही किसान खेती-बाड़ी की तैयारी करते हैं. खरीफ सीजन में मक्के की खेती किसानों के लिए बेहतर आय का जरिया बन सकती है. कृषि विशेषज्ञ डॉ. दिलीप पांडे ने बताया कि 15 जुलाई तक मक्के की बुवाई की जा सकती है. जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, वे अभी भी समय रहते मक्के की खेती शुरू कर अच्छा उत्पादन पा सकते हैं. उन्होंने कहा कि पलामू जैसे इलाके में खासकर स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न की खेती किसानों के लिए अधिक लाभदायक साबित हो सकती है, क्योंकि इनकी बाजार में मांग सामान्य मक्के की तुलना में अधिक रहती है और इनकी कीमत भी बेहतर मिलती है. उन्होंने आगे बताया कि इस मौसम को स्वीट कॉर्न की खेती के लिए अनुकूल माना जाता है. 60 दिनों में होता है तैयारस्वीट कॉर्न करीब 60 दिनों में तैयार हो जाता है, जिससे किसान कम समय में फसल बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. वहीं, बेबी कॉर्न की मांग बड़े होटलों, रेस्टोरेंट और फूड इंडस्ट्री में लगातार बनी रहती है. अगर किसान चरणबद्ध तरीके से इसकी बुवाई करें, तो पूरे साल अलग-अलग समय पर उत्पादन लेकर नियमित आय ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि पलामू क्षेत्र में मक्के की औसत पैदावार अपेक्षाकृत कम रहती है. इसका प्रमुख कारण यहां की कई कृषि भूमि का अम्लीय (एसिडिक) होना है. अम्लीय मिट्टी में पौधों की जड़ें पोषक तत्वों का पूरा लाभ नहीं ले पातीं, जिससे पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है और उत्पादन घट जाता है. इसलिए बुवाई से पहले मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करना बेहद जरूरी है. करें ये दो उपायकृषि विशेषज्ञ ने आगे कहा कि किसानों को सलाह देते हैं कि मक्के की बुवाई से 30 से 40 दिन पहले खेत में बुझा हुआ चूना या डोलोमाइट पाउडर का इस्तेमाल करें. लगभग 5 किलोग्राम प्रति कट्ठा की दर से इसका उपयोग करने से मिट्टी की अम्लीयता कम होती है और पौधों को आवश्यक पोषक तत्व आसानी से उपलब्ध हो पाते हैं. इसके अलावा खेत में मेढ़ या उठी हुई क्यारियां बनाकर बुवाई करने से जल निकासी बेहतर होती है और पौधों की बढ़वार भी अच्छी होती है. स्वीट कॉर्न, बेबी कॉर्न से बढ़ेगी आयउन्होंने कहा कि अगर किसान सही समय पर बुवाई करें, मिट्टी का उपचार करें और सिंचाई की समुचित व्यवस्था रखें, तो मक्के की खेती से बेहतर उत्पादन के साथ अच्छा आर्थिक लाभ अर्जित किया जा सकता है. बदलती खेती के दौर में सामान्य मक्के के साथ-साथ स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न जैसी उन्नत किस्मों की खेती किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी विकल्प बन सकती है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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कुंडा पुलिस ने लूटकांड का किया खुलासा, दो गिरफ्तार:लूटा गया टोटो, मोबाइल...

देवघर जिले की कुंडा थाना पुलिस ने एक लूटपाट की वारदात का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों के कब्जे से लूटा गया टोटो, मोबाइल फोन, चार ई-रिक्शा बैटरियां और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है। देवघर के एसडीपीओ कुलदीप कुमार ने यह जानकारी दी। एसडीपीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि 29 जून को रामबालक राय ने कुंडा थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 28 जून को डीएवी स्कूल के पास बाइक सवार चार अपराधियों ने उन्हें रोका, मारपीट की और उनका टोटो, मोबाइल फोन व नकद राशि लूटकर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान कुंडा थाना क्षेत्र के गोरियापुर निवासी सुमित कुमार मंडल और लीलाम्बर मंडल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया एक टोटो, चार ई-रिक्शा बैटरियां, एक मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद सामान को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। एसडीपीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि इस लूटकांड में शामिल अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है। इस कार्रवाई में कुंडा थाना प्रभारी प्रशांत कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। Source link

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रांची-टाटा हाइवे में महिलाओं से गुंडागर्दी:स्कॉर्पियो से कार का पीछा कर रुकवाया,...

रांची के दशम फॉल इलाके में मंगलवार दोपहर रांची-टाटा हाइवे पर महिलाओं के साथ गुंडागर्दी की घटना सामने आई है। जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही तीन महिलाओं की कार का स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने पहले पीछा किया और फिर रास्ता रोककर कार में तोड़फोड़ की। इस घटनाक्रम का पूरा वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में आरोपी धमकाते, कार का गेट खोलते और पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटने लगे, तब जाकर आरोपी मौके से फरार हुए। घटना के दौरान महिलाओं ने डायल-100 पर कई बार कॉल किया, लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुंच सकी। टक्कर के बाद शुरू हुई बदसलूकी, फिर किया पीछा नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर महिलाओं ने बताया कि वे मंगलवार सुबह अपनी बहन और सहेली के साथ चालक रणवीर सिंह की कार से जमशेदपुर से हजारीबाग के लिए निकली थीं। बुंडू के एक लाइन होटल में नाश्ता करने के बाद वे सूर्य मंदिर घूमने गईं। वहां से दोपहर करीब 12:27 बजे जैसे ही उनकी कार एनएच पर पहुंची, बुंडू की ओर से तेज रफ्तार में आ रही स्कॉर्पियो (जेएच-01-जीएच-4141) ने उनकी कार में टक्कर मार दी। महिलाओं का कहना है कि गलती स्कॉर्पियो चालक की थी। इसके बावजूद दोनों युवक उनसे अभद्र व्यवहार करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख महिलाएं वहां से निकल गईं, लेकिन आरोपी उनका पीछा करने लगे और ओवरटेक कर रास्ता रोकने की कोशिश करने लगे। पत्थर मारकर शीशा तोड़ा, चालक घायल महिलाओं ने बताया कि जान बचाने के लिए चालक ने कार को रिवर्स कर गलत दिशा में मोड़ दिया, लेकिन आरोपी वहां भी उनका पीछा करते रहे। अंततः उन्होंने सामने से आकर कार को रोक लिया और चालक का दरवाजा खुलवाने लगे। दरवाजा नहीं खोलने पर आरोपियों ने पत्थर मारकर ड्राइवर साइड का शीशा तोड़ दिया, जिससे चालक रणवीर सिंह घायल हो गए। इस दौरान महिलाओं ने दोपहर 12:33 बजे डायल-100 पर सूचना दी, जो 12:38 बजे कंट्रोल रूम से रांची पुलिस तक पहुंची। करीब 25 मिनट बाद 12:58 बजे दशम फॉल थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। रिकॉर्ड की गई वीडियो में पहचान के बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो जब्त कर आरोपियों राजकुमार महतो और सोयब रजा को थाने बुलाया। सड़क पर होती रही गुंडागर्दी, नहीं दिखी हाइवे पुलिस घटना के समय सूर्य मंदिर से दशम फॉल तक कहीं भी हाइवे पेट्रोलिंग नजर नहीं आई। लोगों का कहना है कि केवल वीआईपी मूवमेंट के दौरान ही पुलिस गश्ती दिखाई देती है। वर्तमान नियम के अनुसार, डायल-100 या 112 पर कॉल के बाद 10 मिनट के भीतर पुलिस को पहुंचना चाहिए, लेकिन इस मामले में देरी ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के मुताबिक सूचना मिलने के करीब 20 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जिसकी वजह क्षेत्र का अंदरूनी होना बताया गया है। पीड़ित महिलाओं ने कहा कि इस घटना ने उन्हें अंदर तक डरा दिया है। Source link

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पूरे समस्तीपुर में 1970 में था सिर्फ एक B.Ed कॉलेज, रिटायर्ड टीचर...

Last Updated:July 08, 2026, 14:41 IST Samastipur News: एस.एन. ठाकुर बताते है कि जब उन्होंने 1970 में बीएड किया था तब समस्तीपुर में सिर्फ एक ही कॉलेज था. उस समय पढ़ाई के लिए छात्रों से बहुत कम फीस ली जाती थी और आर्थिक बोझ जैसी कोई बात नहीं थी. उन्होंने कहा कि आज प्राइवेट कॉलेजों की संख्या बढ़ गई है और छात्र लाखों रुपये खर्च करके बीएड की पढ़ाई कर रहे है. समस्तीपुरः बिहार में आज बीएड करने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. लेकिन एक समय ऐसा भी था जब पूरे जिले में बीएड की पढ़ाई के लिए सिर्फ एक कॉलेज हुआ करता था. समस्तीपुर के प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाले रिटायर्ड टीचर एस.एन. ठाकुर ने 1966 में मैट्रिक और 1970 में बीएड की पढ़ाई पूरी की थी. करीब 36 सालों तक टीचर के तौर पर सेवा देने वाले ठाकुर ने बताया कि उस दौर में न तो आज जैसी आधुनिक तकनीक थी और न ही ऑनलाइन पढ़ाई. फिर भी छात्र अनुशासन, मेहनत और टीचर्स के मार्गदर्शन से सफलता हासिल करते थे. उनके मुताबिक उस समय शिक्षा का मकसद सिर्फ नौकरी पाना नहीं, बल्कि समाज और चरित्र का निर्माण करना भी था. एस.एन. ठाकुर बताते है कि जब उन्होंने 1970 में बीएड किया था तब समस्तीपुर में सिर्फ एक ही कॉलेज था. उस समय पढ़ाई के लिए छात्रों से बहुत कम फीस ली जाती थी और आर्थिक बोझ जैसी कोई बात नहीं थी. उन्होंने कहा कि आज प्राइवेट कॉलेजों की संख्या बढ़ गई है और छात्र लाखों रुपये खर्च करके बीएड की पढ़ाई कर रहे है. उन्होंने बताया कि टीचर रहते हुए उनकी पोस्टिंग दरभंगा, मधुबनी समेत कमिश्नरी के कई इलाकों में रही और करीब 36 सालों की सेवा के बाद वारिसनगर प्रखंड से रिटायर हुए. उनके अनुसार पहले शिक्षा सेवा और संस्कार का माध्यम थी. एस.एन. ठाकुर का मानना है कि आज शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक, स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन पढ़ाई जैसी सुविधाएं है जो पहले नहीं थी. इसके बावजूद उन्हें लगता है कि पहले गुरु और शिष्य के बीच जो सम्मान, अपनापन और अनुशासन था वह अब काफी कम हो गया है. उन्होंने कहा कि पहले छात्र अपने टीचर्स को आदर्श मानते थे और मेहनत के दम पर आगे बढ़ते थे. आज मौके ज्यादा हैं, लेकिन शिक्षा का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Samastipur,Bihar Source link

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15 जुलाई से शुरू होगी गुप्त नवरात्रि, कई साल बाद बन रहा...

होमताजा खबरधर्म 15 जुलाई से शुरू होगी गुप्त नवरात्रि, कई साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग Last Updated:July 08, 2026, 13:53 IST Gupt Navratri 2026: 15 जुलाई से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है. इस बार पहले ही दिन दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं. इस बार ऐसा क्या खास है और इसका फायदा किन राशियों को मिलेगा, घट स्थापना कब करनी है, जानते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य से. ख़बरें फटाफट देवघर. साल में वैसे तो चार बार नवरात्रि आती है, लेकिन आषाढ़ की गुप्त नवरात्रि को सबसे खास माना जाता है. इसकी वजह यह है कि इस दौरान मां दुर्गा की पूजा के साथ-साथ दस महाविद्याओं की साधना भी की जाती है. ज्योतिषाचार्य की मानें, तो इस बार की गुप्त नवरात्रि कई मायनों में बेहद शुभ रहने वाली है. कई वर्षों बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि नवरात्रि के पहले ही दिन एक शुभ युति का निर्माण होगा. यह योग धन, सुख, समृद्धि और उन्नति देने वाला माना जाता है. शुभ संयोग का असर खास तौर पर तीन राशियों पर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा. कौन-सी हैं वे तीन राशियां, कब से शुरू होगी गुप्त नवरात्रि और कौन-सा शुभ योग बनेगा, सारी जानकारी जानते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य से. क्या कहते हैं पंडित जीदेवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल बताते हैं कि गुप्त नवरात्रि साधना, पूजा और मनोकामना पूर्ण करने का पर्व माना जाता है. इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ दस महाविद्याओं की भी विशेष आराधना की जाती है. इस बार गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 15 जुलाई से हो रही है और पहले ही दिन गुरु और चंद्रमा की युति से लक्ष्मी नारायण योग बन रहा है, जो बेहद शुभ संयोग है. ऐसे योग बार-बार नहीं बनते. घट स्थापना का मुर्हूतइस दौरान श्रद्धा और नियम से मां दुर्गा की पूजा करने वाले भक्तों पर माता रानी की विशेष कृपा बनी रहती है. धन, वैभव, सुख-समृद्धि और परिवार में खुशहाली के योग मजबूत होते हैं. उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को सुबह 5 बजकर 33 मिनट से 10 बजकर 09 मिनट तक घटस्थापना का सबसे उत्तम समय रहेगा. इस दौरान विधि-विधान से कलश स्थापना कर नवरात्रि की शुरुआत करना फलदायी माना गया है. लक्ष्मी नारायण योग का प्रभाव तीन राशियों के ऊपर बेहद सकारात्मक पड़ने वाला है – कर्क, तुला और मकर. इन तीन राशियों के ऊपर मां दुर्गा और लक्ष्मी नारायण की बरसेगी कृपाकर्क राशि: इस राशि के लोगों के रुके हुए काम बनने लगेंगे. नौकरी और कारोबार में अच्छे अवसर मिल सकते हैं. परिवार का साथ मिलेगा और आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी. मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की कृपा से घर में सुख-समृद्धि का माहौल रहेगा. तुला राशि: तुला राशि वालों के लिए यह गुप्त नवरात्रि शुभ समाचार लेकर आ सकती है. व्यापार में लाभ के योग बनेंगे. नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या सम्मान मिल सकता है. पुराने विवाद खत्म होंगे और मन प्रसन्न रहेगा. माता की कृपा से धन लाभ के भी अच्छे संकेत हैं. मकर राशि: मकर राशि के लोगों के लिए यह समय तरक्की देने वाला रहेगा. लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं. मेहनत का पूरा फल मिलेगा. परिवार में खुशियां आएंगी और आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे दूर होंगी. मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा से मान-सम्मान और उन्नति के रास्ते खुल सकते हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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देवघर बाबाधाम में अयोध्या मॉडल:30 एकड़ में बनेगा भव्य कॉरिडोर, एनआईटी पटना...

देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम को अब विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एनआईटी पटना मंदिर परिसर के समग्र विकास का विस्तृत खाका तैयार कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य सिर्फ ढांचागत सुधार ही नहीं है। श्रद्धालुओं के पूरे धार्मिक अनुभव को आधुनिक और सुगम बनाना है। अयोध्या की तर्ज पर यहां एक भव्य और सुव्यवस्थित कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी है, जो श्रद्धा, सुविधा और सुरक्षा का संतुलित मॉडल पेश करेगा। योजना को लागू करने से पहले राज्य सरकार समेत कई एजेंसियों की मंजूरी जरूरी होगी। पहले चरण में 30 एकड़ क्षेत्र पर फोकस परियोजना को तीन चरणों में पूरा करने की रणनीति बनाई गई है। पहले चरण में करीब 30 एकड़ क्षेत्र में मंदिर कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जहां यातायात प्रबंधन, पैदल यात्रियों के लिए अलग जोन और आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। दूसरे चरण में 40.24 एकड़ क्षेत्र में रणनीतिक विकास कार्य किए जाएंगे। वहीं, तीसरे चरण में 83.70 एकड़ में फैले ऐतिहासिक जल निकायों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष जोर रहेगा। शिवगंगा, मानसरोवर, सतार पोखरिया और जलसार जैसे पवित्र जल स्रोतों को संरक्षित कर धार्मिक महत्व को और मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही देवघर के चार प्रमुख प्रवेश मार्गों से बाबाधाम को जोड़ने की योजना भी बनाई गई है। 750 मीटर क्षेत्र में होगा कोर हेरिटेज जोन मंदिर के आसपास 750 मीटर क्षेत्र को ‘कोर हेरिटेज जोन’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इस क्षेत्र में पूरी तरह श्रद्धालु केंद्रित व्यवस्था होगी, जहां पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी और निजी वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी। अतिक्रमण और अव्यवस्थित निर्माण पर सख्ती से रोक लगेगी। इसके बाहर 750 से 1000 मीटर तक ‘मैनेजमेंट जोन’ बनाया जाएगा, जो शहर और मंदिर के बीच ट्रांजिशन एरिया के रूप में काम करेगा। यहां मल्टी लेवल पार्किंग, तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, सार्वजनिक परिवहन इंटरचेंज और विश्राम स्थल विकसित किए जाएंगे, जिससे भीड़ प्रबंधन आसान होगा। 20 मीटर चौड़ा इमरजेंसी एक्सेस कॉरिडोर नई योजना में सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत 20 मीटर चौड़ा इमरजेंसी एक्सेस कॉरिडोर प्रस्तावित है, जो हर समय अतिक्रमण मुक्त रहेगा। भीड़ या किसी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से हो सकेगा। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेवाओं को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा। पूरी योजना का लक्ष्य बाबाधाम को न सिर्फ आस्था का केंद्र बनाए रखना है, बल्कि इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस एक आदर्श धार्मिक शहर के रूप में स्थापित करना भी है। Source link

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