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झारखंड

मंईयां सम्मान योजना…:रांची के लाभुकों को एक साथ 3 महीने का भुगतान

रांची जिले की 3 लाख 66 हजार 664 महिलाओं को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की बड़ी सौगात मिली है। राज्य सरकार ने अप्रैल से जून 2026 तक की तीन माह की सम्मान राशि एक साथ लाभुकों के बैंक खातों में भेज दी है। आधार आधारित डीबीटी के जरिए प्रत्येक लाभुक को 7,500 रुपए का भुगतान किया गया। इस मद में कुल 274 करोड़ 99 लाख 80 हजार रुपए हस्तांतरित किए गए हैं। बड़गाईं अंचल और ईटकी प्रखंड के लाभुकों का भुगतान अभी प्रक्रियाधीन है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में भुगतान लंबित है, वहां भी सभी पात्र लाभुकों के खातों में जल्द राशि हस्तांतरित की जाए। क्षेत्रवार भुगतान की स्थिति Source link

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Food : हैदराबाद में बर्न कोकोनट का जलवा; सुलगते कोयले से निकलता...

Last Updated:July 08, 2026, 22:52 IST Hyderabad Famous Nariyal Pani : हैदराबाद में बर्न कोकोनट (भुना हुआ नारियल) का क्रेज बढ़ रहा है. चारमीनार के पास यह अनोखा स्ट्रीट फूड लोगों को खूब पसंद आ रहा है. स्मोकी फ्लेवर और सेहतमंद गुणों के कारण इसकी मांग बढ़ रही है. हैदराबाद के स्थानीय फूड लवर्स का कहना है कि आग पर सीधे भुनने के कारण नारियल के पानी में एक खास तरह का सौंधापन आ जाता है, जिसे स्मोकी फ्लेवर कहा जाता है. ख़बरें फटाफट हैदराबाद. हैदराबाद की गलियों में जहां एक तरफ बिरयानी, हलीम और ईरानी चाय की महक हमेशा घुली रहती है, वहीं अब नवाबों के इस शहर में खाने-पीने के शौकीनों के लिए एक नया जायका भी दस्तक दे चुका है. हैदराबाद के ऐतिहासिक चारमीनार और पुराने शहर के इलाकों में इन दिनों बर्न कोकोनट यानी भुने हुए नारियल का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. इस अनोखे स्ट्रीट फूड को चखने के लिए स्थानीय लोगों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है. इस खास ड्रिंक को तैयार करने का तरीका बेहद दिलचस्प और पारंपरिक है. वेंडर सबसे पहले कच्चे हरे नारियल को सीधे सुलगते हुए कोयले की आंच या भट्टी पर रख देते हैं. इसे तब तक भुना जाता है, जब तक नारियल की बाहरी परत पूरी तरह जलकर कोयले जैसी काली नहीं हो जाती. इसके बाद बड़े चाकू की मदद से जली हुई ऊपरी परत को सावधानी से छीलकर अलग किया जाता है. जैसे-जैसे काली परत हटती है, अंदर से गर्म नारियल का पानी और उसकी मलाई सामने आ जाती है. स्मोकी फ्लेवर बना रहा लोगों को दीवानाहैदराबाद के स्थानीय फूड लवर्स का कहना है कि आग पर सीधे भुनने के कारण नारियल के पानी में एक खास तरह का सौंधापन आ जाता है, जिसे स्मोकी फ्लेवर कहा जाता है. यह स्वाद सामान्य नारियल पानी से बिल्कुल अलग होता है. गर्म होने की वजह से इसका स्वाद और भी बेहतर महसूस होता है. पुरानी मान्यताओं के अनुसार, इस तरह तैयार किया गया नारियल पानी न केवल शरीर को ताजगी देता है, बल्कि पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. मानसून में बढ़ी लोगों की पसंदहैदराबाद हमेशा से अपने अनूठे खान-पान के प्रयोगों के लिए जाना जाता रहा है. यही कारण है कि मानसून और बदलते मौसम के दौरान लोग इस गर्मागर्म और सेहतमंद ड्रिंक को काफी पसंद कर रहे हैं. शहर के प्रमुख बाजारों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. यदि आप भी हैदराबादी जायके के शौकीन हैं और कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो पुराने शहर का यह भुना हुआ नारियल आपके लिए स्वाद और सेहत, दोनों का बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Hyderabad,Hyderabad,Telangana Source link

झारखंड

रांची के जंगलों में पाया जाने वाला जादुई पौधा, छूते ही मुरझा...

Last Updated:July 08, 2026, 21:47 IST Chui Mui Plant Benefits: झारखंड में रांची के जंगलों में खासतौर पर छुईमुई पौधे काफी पाए जाते हैं. दरअसल, इस पौधे की खासियत यह है कि इसके पत्ते पर जैसे आप हाथ रखेंगे यह अपने आप मुरझा जाता है. और थोड़ी देर बाद अपने आप खिल भी जाता है. दरअसल, इसके काफी औषधीय गुण भी हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि ये डारिया तक की समस्या को भी ठीक करता है. आइये जानते हैं इसके बारे में. यहां के स्थानीय निवासी सुजीत बताते हैं कि इससे जल्दी घाव भरता है और पेट की जितनी भी समस्या है, इसके लिए रामबाण मानी जाती है. हम लोग गांव वाले इस पत्ते को तोड़ते हैं और इसका कथा बनाते हैं. अगर आपको डायरिया है, पेट में दर्द है किसी भी तरह की कोई भी तकलीफ है, गैस अपच है तो बस इसको दो चम्मच पी लेना है. इससे ये बीमारियां अपने आप ठीक हो जाएंगी. सुजीत बताते हैं कि हम लोग इसको जादुई पौधा कहते हैं. क्योंकि आप जैसे ही इस पत्ते को छुयेंगे ये अपने आप मुरझा जाएगा और फिर से अपनी जगह पर आ जाएगा. लोग तो कई बार इससे खेलते भी हैं. बाहर से कई लोग आते हैं तो खासतौर पर इस पौधे को देखने के लिए आते हैं और छूकर देखकर आनंद लेते हैं. और इसका वीडियो भी बनाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा त्वचा में जो दाग खुजली यह सारी चीज होती है. इसके इलाज के लिए भी ये रामबाण माना जाता है. हम इसका पेस्ट बना लेते हैं और जहां पर स्किन में समस्या है. वहां पर रगड़ देते हैं, दो-चार बार आप ऐसा करेंगे और आप देखेंगे चर्म रोग से जुड़ी हुई सारी समस्या धीरे-धीरे खत्म होने लगेगी. इसीलिए इसे औषधि के रूप में भी देखा जाता है. सुजीत बताते हैं कि यह पौधा रांची के आसपास खूंटी के जंगलों में पाया जाता है. यह आकर्षण का केंद्र रहता है. कई बार तो लोग सिर्फ पौधे को ही देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं और हमसे पूछते हैं कि वह छुईमुई पौधा कहां है. इसके अलावा स्थानीय लोग इसे जैविक खाद बनाने का भी काम करते हैं. ये एक पौधा है और उसके फायदे अनेक हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

राजद के पूर्व एमएलसी के बॉटलिंग प्लांट की मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में...

ओरमांझी स्थित तरंगनी लीकर्स प्राइवेट लिमिटेड बॉटलिंग प्लांट में मिले अवैध शराब मामले की जांच चल रही है। सहायक उत्पाद आयुक्त रांची ने प्लांट में बचे शराब के स्टॉक की जांच और उसके उठाव के लिए उपायुक्त रांची को पत्राचार किया है। सील बॉट​लिंग प्लांट को मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में खोला जाएगा। 30 जून को उत्पाद विभाग ने फैक्ट्री में छापेमारी के बाद उसे सील कर दिया था। इधर, इस मामले में उत्पाद विभाग ने फैक्ट्री के बाउंड आफिसर रुपेश कुमार, तरंगिनी प्राइवेट लिमिटेड और जिस कंपनी के शराब की वहां बॉटलिंग होती थी उक्त कंपनी रेडिको खेतान लिमिटेड से स्पष्टीकरण मांगा गया था। तीनों को इस मामले में अपना जवाब देने का बुधवार को अंतिम दिन है। तीनों के जवाब मिलने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ेगी। इसके बाद उपायुक्त कंपनी के लाइसेंस रद्द करने या नहीं करने का निर्णय लेंगे। लाइसेंस की शर्तों का खुला उल्लंघन किसी भी बॉटलिंग प्लांट को जिस राज्य का लाइसेंस मिलता है, वह उसी राज्य के नियमों और आबकारी शुल्क के तहत शराब तैयार कर सकता है। तरंगनी लीकर्स को केवल झारखंड के लिए बॉटलिंग की अनुमति थी। लेकिन फैक्ट्री के भीतर दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लेबल वाली शराब का मिलना यह साफ संकेत देता है कि यहां से बड़े पैमाने पर अंतरराज्यीय शराब तस्करी और टैक्स चोरी का काला खेल चल रहा था। Source link

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झारेरा के नए चेयरमैन अजय कुमार सिंह ने कामकाज संभाला:झारेरा अध्यक्ष: फ्लैट...

भास्कर सवाल: आपके पास लॉ एंड ऑर्डर का अनुभव है, ऐसे में रियल एस्टेट को कैसे रेगुलेट करेंगे…? रांची| झारखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (झारेरा) के नव नियुक्त अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने मंगलवार को पदभार ग्रहण कर लिया। झारखंड के डीजीपी पद से सेवानिवृत होने के बाद सीधे रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े संस्थान की बड़ी जिम्मेदारी मिलना चर्चा का विषय बना हुआ था। निगम भवन स्थित झारेरा कार्यालय में प्रभार लेने के बाद सिंह ने कर्मचारियों संग बैठक की। झारेरा के कार्यों को समझा और पेंडिंग मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि फ्लैट खरीदारों की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें, ताकि झारेरा के प्रति लोगों का भरोसा बढ़े। इस मौके पर दैनिक भास्कर के चीफ रिपोर्टर संतोष चौधरी ने झारेरा चेयरमैन से विशेष बातचीत की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश… आपके पास लॉ एंड ऑर्डर संभालने का अनुभव है, ऐसे में रियल एस्टेट सेक्टर को कैसे रेगुलेट करेंगे? जवाब- पुलिस भी नियम-कानून से ही काम करती है। इसलिए रियल एस्टेट सेक्टर को रेगुलेट करना कोई अलग काम नहीं है। सरकार ने फ्लैट खरीदारों और बिल्डरों के बीच होने वाले विवाद, फ्लैट खरीदारों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन किया है। इसके लिए नियम-कानून बनाए गए हैं। इसलिए फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा करने के लिए इस कानून को सख्ती से लागू करेंगे। {पुलिस महकमा में सुरक्षाकर्मियों की बड़ी फौज होती थी, पर यहां इंफोर्समेंट टीम नहीं है, कैसे सख्ती करेंगे? जवाब- हां, यह बात बिल्कुल सही है कि पुलिस महकमा संभालने में सुरक्षाबलों की बड़ी फौज होती है। इस वजह से काम आसान होता था। लेकिन, झारेरा में कानून को सख्ती से लागू कराने के लिए पर्याप्त मैनपॉवर की कमी है। इसके बावजूद फ्लैट खरीदारों के हक अधिकारों को संरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। गड़बड़ी करने वाले बिल्डर-डेवलपर्स पर कार्रवाई करने के लिए जिला प्रशासन से इंफोर्समेंट टीम मांगी जाएगी। लंबित मामलों के निपटारे की क्या प्राथमिकता होगी? जवाब- झारेरा में लंबित मामलों के निपटाने में तेजी आएगी। कई शिकायतें हैं जिसपर सुनवाई के बाद निर्णय लिया जाना है। मैंने सबसे पहले इसी काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है। तय समय सीमा के अंदर पेंडिंग मामलों का निपटारा किया जाएगा, ताकि फ्लैट खरीदारों को उनका हक मिल सकते। समय पर फ्लैट नहीं मिलने, पैसा रिफंड करने में देरी, प्रोजेक्ट में हो रही देरी जैसी शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर होगा। फ्लैट खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए क्या नई पहल करेंगे और उन्हें क्या संदेश देंगे? जवाब- रेरा कानून के तहत बिल्डरों के प्रोजेक्ट के लिए जो भी नियम निर्धारित किए गए हैं, उन्हें उसके दायरे में रहकर ही काम करना होगा। निर्धारित समय पर प्रोजेक्ट पूरे करने होंगे। जमीन की प्लॉटिंग करके बेचने वाले डेवलपर्स को भी नियमों का पालन करना होगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित बिल्डर-डेवलपर्स के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। फ्लैट खरीदार निश्चित होकर उचित प्रमाण के साथ झारेरा में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होगी। जल्द ही इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। Source link

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India Hormuz LPG Supply : होर्मुज में फिर लगी आग! रूस-अमेर‍िका से...

होमताजा खबरदेश होर्मुज में फिर लगी आग! रूस-अमेर‍िका से तेल तो आ जाएगा, LPG कहां से आएगी? Last Updated:July 08, 2026, 21:51 IST अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर समझौता रद्द करने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ब्लॉकेड लगाने का ऐलान कर दिया है. इस समुद्री रास्ते पर तनाव बढ़ने से दुनिया में कच्चे तेल की किल्लत हो सकती है. हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत कच्चे तेल की जरूरत को रूस और अमेरिका से आयात करके पूरा कर सकता है, लेकिन असली संकट घरेलू रसोई गैस (LPG) को लेकर खड़ा हो गया है. भारत अपनी आधी से ज्यादा एलपीजी खाड़ी देशों से आयात करता है, ऐसे में होर्मुज का रास्ता बंद होने पर देश में रसोई गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत हो सकती है. होर्मुज संकट का भारत पर क्या होगा असर नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर बारूद की बू आने लगी है और दुनिया एक बार फिर से तेल की किल्लत का वो मंजर सोचकर कांप उठी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर रद्द करने का ऐलान कर दिया और कह दिया कि बुधवार रात को ही तेहरान पर हमले हो सकते हैं. सिर्फ यही नहीं उन्होंने होर्मुज पर एक बार फिर से ब्लॉकेड लगाने का ऐलान कर दिया है. अगर ईरान-अमेरिका की जंग शुरू हो गई तो दुनिया भर की रेंग-रेंग कर चल रही तेल सप्लाई फिर से ठप हो जाएगी. भारत को क्रूड ऑयल रूस और अमेरिका से मिल जाएगा लेकिन लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि कि एलपीजी (LPG) गैस कहां से आएगी? ईरान-अमेरिका के होर्मुज ब्लॉकेड का भारत पर क्या होगा असर? अगर अमेरिका और ईरान के बीच का यह तनाव एक भीषण और लंबे युद्ध में बदल जाता है, तो भारत के लिए सबसे भयावह स्थिति पैदा होगी. पश्चिम एशिया में होने वाली किसी भी हलचल का सीधा और सबसे पहला असर भारत के मिडिल क्लास फैमिली पर पड़ता है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा, कच्चे तेल और सबसे जरूरी घरेलू एलपीजी के लिए सबसे ज्यादा खाड़ी देशों के इसी रास्ते पर निर्भर है. $130 तक पहुंच सकता है कच्चा तेल: अगर जंग के चलते दुनिया का सबसे सेंसेटिव समुद्री रास्ता यानी ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है और ये लंबे समय तक चलता रहता है तो ये मार्च 2026 के संकट से भी बदतर हालात पैदा कर देगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसी स्थिति में वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें $120 से $130 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं. महंगाई का डबल अटैक और एलपीजी का संकट: भले ही भारत कच्चे तेल के लिए रूस या अमेरिका का रुख कर ले, लेकिन भारत अपनी आधी से ज्यादा एलपीजी खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब, कतर और यूएई से मंगाता है. अगर होर्मुज का रास्ता बंद हुआ तो देश में रसोई गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत हो जाएगी और इसके दाम आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगाड़ देंगे. घरेलू बाजार में ईंधन, खाने-पीने की चीजें और खाद के दाम बेतहाशा बढ़ जाएंगे. एक्सपोर्ट कारोबार पूरी तरह ठप: पश्चिम एशिया को होने वाला भारत का निर्यात भी इस जंग की वजह से बुरी तरह प्रभावित होगा, खासकर यूएई को भेजे जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स और ईरान को जाने वाला बासमती चावल का एक्सपोर्ट पूरी तरह बैठ जाएगा. कुल निर्यात में 50% से ज्यादा की भारी गिरावट आ सकती है. इसके साथ ही, सेंट्रल एशिया का गेटवे कहे जाने वाले ईरान के चाबहार पोर्ट में भारत द्वारा किया गया भारी निवेश भी अधर में लटक जाएगा. भारत के लिए क्या है राहत की खबर इस पूरी जंग और तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी तस्वीर भी बन सकती है, बशर्ते ये दुश्मनी सिर्फ छिटपुट हमलों तक ही सीमित रहे और समुद्र का रास्ता पूरी तरह बंद न हो. फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $75 से $80 प्रति बैरल के आसपास स्थिर बनी हुई हैं. भारत इस संकट के दौरान अपनी उस बेहतरीन रणनीति का इस्तेमाल कर सकता है, जिसके तहत वो दुनिया के 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है. इसमें जोखिम तो है लेकिन भारत दोबारा ईरान से मिलने वाले सस्ते और डिस्काउंटेड तेल और गैस का फायदा उठाकर अपनी डोमेस्टिक सप्लाई को सुरक्षित रख सकता है. अगर तेल और गैस की सप्लाई सुचारू रूप से चलती रही, तो देश के मजबूत आर्थिक आंकड़े जैसे कि शानदार तिमाही जीएसटी कलेक्शन भारत की रफ्तार को धीमा नहीं होने देंगे. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस रणनीति के दम पर भारत की जीडीपी ग्रोथ 7% के आसपास बनी रह सकती है. दुनिया के दूसरे देशों पर क्या गुजरेगी? अगर ये युद्ध लंबा खिंचता है तो सुपरपावर अमेरिका से लेकर खाड़ी के अमीर देशों तक, कोई भी इससे बच नहीं पाएगा. अमेरिका (USA): अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में पूरी तरह नौसैनिक नाकेबंदी होती है तो अमेरिका में महंगाई फिर से 5% के पार चली जाएगी. इससे फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ेंगी, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार बेहद सुस्त हो जाएगी. खाड़ी देश (GCC): सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देशों के बुनियादी ढांचे पर ईरान समर्थित विद्रोही गुट बड़े हमले कर सकते हैं. पानी साफ करने वाले प्लांट और लॉजिस्टिक्स हब निशाना बने तो खाड़ी देशों में पीने के पानी और राशन का हाहाकार मच जाएगा. पूर्वी एशिया और यूरोप: चीन, जापान और दक्षिण कोरिया अपनी 80% ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी रास्ते पर निर्भर हैं. नाकेबंदी हुई तो वहां की फैक्ट्रियां बंद हो जाएंगी और दुनिया भर में मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ जाएगी. वहीं, पश्चिमी यूरोप को खाड़ी से मिलने वाली एलएनजी गैस की सप्लाई ठप होने से उन्हें अमेरिका की महंगी गैस पर निर्भर होना पड़ेगा, जिससे उनकी विंटर एनर्जी सिक्योरिटी खतरे में आ जाएगी. About the Author Utkarsha Srivastava If world leaders are arguing, borders are shifting, or a geopolitical storm is brewing somewhere on the planet, chances are Utkarsha Srivastava is already reading and writing about it. A digital journalist w…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source

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“कॉपी पेस्ट के बजाए बनाना होगा अपना इकोसिस्टम,” दिल्ली में बोले झारखंड...

Last Updated:July 08, 2026, 21:21 IST हेमंत सोरेन ने कहा कि उद्योग में केवल जमीन ही नहीं बल्कि बाकी इकोसिस्टम देखने की भी जरूरत है. इसमें आधारभूत संरचना, पॉलिसी और एनवायरनमेंट सबकुछ देखने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कॉपी पेस्ट के बजाए हम कैसे अपना इकोसिस्टम बना कर आगे बढ़ें. रांची: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन नई दिल्ली में आयोजित 2 दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के भव्य उद्घाटन में शामिल हुए. वहां उन्होंने अपने संबोधन में कहा दो दिन के इस स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में आपका स्वागत है. झारखंड एक युवा राज्य है. उन्होंने कहा कि पहली बार वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया है. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड ने हर क्षेत्र में खनिज संपदा के अलावा कई तरह के ज्ञान दिए हैं. दुनिया रिवोल्यूशन के दौर से गुजर रही है. आने वाले समय के लिए कैसे तैयार हों यह जरूरी है. आईटी सेक्टर 2020-21 से तेजी से रफ्तार पकड़ी है. उन्होंने कहा कि अब एआई के साथ एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में कैसे डेवलप करें इस पर चर्चा करेंगे. हेमंत सोरेन ने कहा कि उद्योग में केवल जमीन ही नहीं बल्कि बाकी इकोसिस्टम देखने की भी जरूरत है. इसमें आधारभूत संरचना, पॉलिसी और एनवायरनमेंट सबकुछ देखने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कॉपी पेस्ट के बजाए हम कैसे अपना इकोसिस्टम बना कर आगे बढ़ें. दिल्ली में झारखंड का ‘विज़न 2050’इस सम्मेलन में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के विशेषज्ञों ने शिरकत की. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में विशेषज्ञों ने ‘झारखंड विजन 2050’ को लेकर कई बेहतरीन सुझाव साझा किए. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड ने देश को हमेशा समृद्ध खनिज संपदा दी है, लेकिन अब वक्त आ गया है कि राज्य को रिसर्च, इनोवेशन और नॉलेज बेस्ड इकोनॉमी यानी ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया जाए. उन्होंने कहा कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संगम ही झारखंड और पूरे देश के विकास का नया रास्ता खोलेगा. कार्यक्रम के दौरान आईटी और डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद भी हुआ. इस दौरान आईबीएम के तल्लीन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट के संदीप अरोड़ा और गूगल के राजेश रंजन ने विशेष प्रेजेंटेशन के जरिए झारखंड में आईटी निवेश की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया. इसके साथ ही, झारखंड सरकार ने अपनी दूरगामी सोच को दिखाते हुए कई महत्वपूर्ण नीतियों के कॉन्सेप्ट पेपर स्टेकहोल्डर्स के सामने रखे. इन नीतियों में-झारखंड एआई (AI) पॉलिसीझारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसीझारखंड टूरिज्म और टेक्सटाइल पॉलिसीजियाडा (JIADA) रेगुलेशंस तथा पीपीपी (PPP) पॉलिसी प्रमुख है. इन नीतियों पर उद्योग जगत से सीधे सुझाव मांगे गए हैं, ताकि इन्हें और अधिक निवेशक-अनुकूल और प्रभावी बनाया जा सके, जिससे राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा हों. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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14वीं जेपीएससी पीटी:पहले पेपर में 100 में 48 अंक, दूसरे में केवल...

14वीं झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (जेपीएससी) प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का परिणाम अब केवल अभ्यर्थियों के बीच विवाद का विषय नहीं रह गया है। आयोग के भीतर से शुरू हुआ विरोध अब सड़क तक पहुंच गया है। अभ्यर्थी, छात्र संगठन और विपक्षी दल भी खुलकर विरोध में उतर आए हैं। कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं करने, सोशल मीडिया पर वायरल ओएमआर और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वायरल पोस्ट में एक अभ्यर्थी के चयन को लेकर किए गए दावों ने प्रतियोगी छात्रों के बीच नई बहस छेड़ दी है। दावा किया गया है कि उपलब्ध अंकों के आधार पर उसका प्रारंभिक परीक्षा में सफल होना संभव नहीं था। इसके बाद भी उसे सफल घोषित कर दिया गया। वायरल पोस्ट के मुताबिक, उस अभ्यर्थी को प्रथम प्रश्नपत्र में 100 में से 48 अंक प्राप्त हुए, जबकि सफल होने के लिए दूसरे प्रश्नपत्र में 100 में से 97 अंक प्राप्त करना आवश्यक हो जाता है। पर पेपर-2 में उसे सिर्फ 45 अंक ही मिले। ऐसे में परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति असामान्य और संदेहास्पद है। इससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते हैं। क्या-क्या है वायरल पोस्ट में 1. वायरल पोस्ट में एक अभ्यर्थी की कथित ओएमआर शीट, रोल नंबर और उत्तरों का विवरण साझा करते हुए दावा किया गया है कि उपलब्ध अंकों के आधार पर उसका प्रारंभिक परीक्षा में सफल होना संभव नहीं था। इसके बाद भी उसे सफल घोषित कर दिया गया। 2. दूसरे पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि पेपर-2 में केवल 45 सही उत्तर होने पर भी संबंधित अभ्यर्थी का चयन कर लिया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसपर जेपीएससी की ओर से कोई स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। संयोग या… लगातार रोल नंबर वाले पास 14वीं जेपीएससी पीटी के परिणाम को लेकर एक और सवाल सामने आया है। अभ्यर्थियों का दावा है कि कुछ परीक्षा केंद्रों पर लगातार क्रमांक वाले कई अभ्यर्थी एक साथ सफल घोषित हुए हैं। अभ्यर्थियों ने आयोग से परीक्षा केंद्रवार चयनित अभ्यर्थियों का विस्तृत डेटा और पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और आयोग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। दो सफल रोल नंबरों के बीच 832 का अंतर अभ्यर्थियों ने परिणाम सूची में दो सफल रोल नंबरों के बीच 832 क्रमांकों का अंतर होने का दावा करते हुए चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थियों के अनुसार, परिणाम सूची में रोल नंबर 2601290656 के बाद अगला सफल रोल नंबर 2601291488 है। यानी इन दोनों के बीच 832 क्रमांक (657 से 1487 तक) का अंतर है। इसी आधार पर अभ्यर्थी आयोग से पूछ रहे हैं कि इतने बड़े अंतर की वजह क्या है। अभ्यर्थी खुद लगा रहे कटऑफ का अनुमान आयोग ने सफल अभ्यर्थियों की सूची तो जारी कर दी, लेकिन किसी भी श्रेणी का कटऑफ नहीं बताया। इससे अभ्यर्थी अपने स्तर पर संभावित कटऑफ का अनुमान लगा रहे हैं। अभिनव, अरविंद, संजय समेत अन्य अभ्यर्थियों का दावा है कि सामान्य वर्ग का कटऑफ करीब 288 अंक तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो अब तक का सबसे ऊंचा कटऑफ होगा। पिछली बार सामान्य का कटऑफ 246 था पिछली बार रिजल्ट के साथ कटऑफ भी जारी किया गया था। उस समय अनारक्षित, पिछड़ा वर्ग-1, पिछड़ा वर्ग-2 और ईडब्ल्यूएस का कटऑफ 246 अंक था, जबकि एससी और एसटी का 236 अंक था। इस बार कटऑफ नहीं आने से पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना रिजल्ट आया परिणाम जारी होने के पहले आयोग के तीन सदस्यों ने चयन प्रक्रिया और आपत्तियां जताते हुए रिजल्ट पर हस्ताक्षर करने से साफ मना कर दिया था। इसके बावजूद जेपीएससी ने उनकी नाराजगी को दरकिनार करते हुए गुरुवार आधी रात को रिजल्ट जारी किया कर दिया। यह वही परीक्षा है, जो मॉडल आंसर-की में त्रुटि व अभ्यर्थियों की आपत्तियों को लेकर सुर्खियों में रहा था। Source link

झारखंड

चालान के लिए फोटो खींचने पर मारपीट की गई:हरमू में ट्रैफिक जवान...

ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने का एक मामला सामने आया है। सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के हरमू रोड स्थित द टाइल्स शॉप के मालिकों ने वीवीआईपी सुरक्षा ड्यूटी में तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवान के साथ न सिर्फ धक्का-मुक्की और मारपीट की, बल्कि बीच सड़क पर उनकी वर्दी तक फाड़ दी। इसे लेकर पीड़ित जवान आरक्षी 460 मो. आमिर खां के लिखित आवेदन पर सुखदेवनगर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर (दिलदारनगर) निवासी और वर्तमान में रांची जिला के गोंदा यातायात थाना में तैनात आरक्षी मो. आमिर खां ने शिकायत में बताया कि 7 जुलाई की दोपहर वे वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर दारोगा अशोक कुमार यादव और होमगार्ड जवान राजदेव उरांव के साथ न्यू मार्केट चौक से किशोरगंज मुख्य सड़क पर अवैध रूप से खड़े बड़े वाहनों को हटाने और जुर्माना करने की ड्यूटी पर थे। दोपहर करीब 2:45 बजे द टाइल्स शॉप के ठीक सामने सड़क पर चार बड़ी गाड़ियां अवैध रूप से खड़ी थीं। जवान ने दुकान से निकले एक युवक को समझाते हुए कहा कि अभी तुरंत मुख्यमंत्री का उनके आवास से एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान होने वाला है, सुरक्षा और जाम को देखते हुए कृपया इन बड़ी गाड़ियों को हटा लें। गाड़ी हटाने के बजाय छोटे भाई ने बड़े भाई को बुलाया इतना सुनते ही वह युवक अचानक भड़क गया और उसने शोरूम के अंदर से अपने बड़े भाई प्रतीक भदानी को आवाज देकर बाहर बुला लिया। पीड़ित जवान का आरोप है कि दुकान से बाहर निकलते ही प्रतीक भदानी और उसका छोटा भाई पुलिस टीम पर चिल्लाने लगे और उनके साथ मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। वे चिल्ला रहे थे कि तुमने हमारी गाड़ियों का फोटो कैसे खींचा, तुम्हें किसने भेजा है। जमीन पर पटक कर मोबाइल भी तोड़ डाला जब ट्रैफिक पुलिस के जवान ने सरकारी नियम और वीवीआईपी रूट का हवाला देकर ई-चालान काटने के लिए गाड़ियों की तस्वीरें लेना जारी रखा, तो दोनों भाई पूरी तरह हिंसक हो उठे। आरोपियों ने कानून का कोई खौफ न दिखाते हुए कहा, तुम्हें गोली मार देंगे तो मेरा कोई क्या बिगाड़ लेगा। इसके बाद दोनों भाइयों ने जवान मो. आमिर खां के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने जवान का कॉलर पकड़कर खींच लिया, जिससे उनकी सरकारी वर्दी फट गई। इस दौरान उन्होंने जवान का सरकारी मोबाइल फोन भी छीनकर सड़क पर पटक दिया, जिससे फोन का कवर और स्क्रीन टूट गई। Source link

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Upasana Chowdhury | saayoni ghosh | सायोनी घोष न सही, अब ममता...

होमताजा खबरदेश सायोनी घोष न सही, अब ममता की इस ‘बुलेट वाली लड़की’ से हिलेगा बंगाल! Last Updated:July 08, 2026, 20:30 IST who is tmc it cell chief upasana chowdhury : पश्चिम बंगाल के बरूईपुर कांड के विरोध में निकाली गई रैली में टीएमसी आईटी सेल की नवनियुक्त अध्यक्ष उपासना चौधरी पर हुए हमले ने सियासी भूचाल ला दिया है. कलकत्ता हाई कोर्ट की इजाजत के बावजूद हुए इस बवाल और उपासना की बहादुरी ने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है. जिस बहादुरी से उपासना प्रदर्शनकारियों से मुकाबला कर रही हैं, उससे पता चलता है कि बंगाल में किस तरह की राजनीति शुरू हो गई है. कौन है यह बुलेटवाली टीएमसी की लीडर, जिससे हिल गया बंगाल? बरूईपुर कांड: पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय अपने सबसे संवेदनशील और आक्रामक दौर से गुजर रही है. बरूईपुर में हुए एक नाबालिग के साथ रेप और मर्डर के बाद इंसाफ मांगने सड़कों पर उतरी तृणमूल कांग्रेस की रैली में बुधवार को जो कुछ हुआ, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इस पूरे घटनाक्रम में टीएमसी के युवा चेहरे और नवनियुक्त आईटी सेल प्रमुख उपासना चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो बंगाल के ताजा हालात की गवाही दे रही है. उपासना बुलेट चला रही है और उसको चारों तरफ से प्रदर्शनाकारियों ने घेर रखा है. चोर तो तू चोर के नारे लगे रहे हैं. उपासना भी डटकर उनसबों का मुकाबला कर रही है. लेकिन आखिरकार उसका बुलेट गिर जाता है. जानिए सोशल मीडिया पर ‘बुलेट वाली लड़की’ उपासना कैसे टीएमसी की बागी फायर ब्रांड नेता सायोनी घोष का काट है? ममता बनर्जी ने जिसके लिए खुद अपने ही एक कार्यकर्ता को चांटा मार दिया. कौन है उपासना चौधरी? क्या हाई कोर्ट के आदेश की उड़ी धज्जियां? बरूईपुर कांड के विरोध में कोलकाता की सड़कों पर शांतिपूर्ण मार्च निकालने के लिए तृणमूल कांग्रेस ने बाकायदा कलकत्ता हाई कोर्ट से अनुमति ली थी. कोर्ट के साफ निर्देश थे कि विपक्ष या प्रदर्शनकारियों को हैंड-माइक का उपयोग करने और शांतिपूर्ण मार्च निकालने की पूरी आजादी होगी. लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट रही. जैसे ही मार्च आगे बढ़ा, उपद्रवियों ने रैली को चारों तरफ से घेर लिया. सोशल मीडिया और एक्स (ट्विटर) पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे टीएमसी आईटी सेल की अध्यक्ष उपासना चौधरी को सरेआम धक्का-मुक्की किया गया और उनके साथ बदसलूकी की गई. 🚨Look at how TMC IT Cell President @03upasana is being heckled and assaulted, while her colleagues are beaten in front of the police. This comes despite the Calcutta High Court permitting the rally. The police appear to stand by as mute spectators. Source link

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