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झारखंड

भाजपा ने राज्य सरकार पर ट्रेजरी घोटाले को दबाने का लगाया आरोप,...

रांची प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10,000 करोड़ रुपए के ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। दावा किया कि सरकार का रवैया मदर ऑफ स्कैम को दबाने की कोशिश वाला है। प्रतुल ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर कहा कि कहा कि एक माह बीत जाने के बाद भी एसपी, डीएसपी, डीडीओ और ट्रेजरी अफसर अभी भी अपने पदों पर यथावत बने हुए हैं। असली जांच तो इन्हीं का होना है। लेकिन, वित्त विभाग ने केवल क्लर्क और किरानियों के तबादले का आदेश दे दिया। उन्होंने एसआईटी की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी जांच टीम की कमान वर्तमान दो सीआईडी आईजी को छोड़कर मानवाधिकार आईजी को दे दी गई है। एसआईटी ने पहले वर्ष 2020 से रिकॉर्ड मांगा, जिस पर एजी की आपत्ति के बाद 2011 से रिकॉर्ड मांगा गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रेजरी घोटाला के कालखंड के दौरान बोकारो में एसपी और हजारीबाग में डीएसपी पद पर रहे पुलिस अधिकारियों को एसआईटी में शामिल किया गया है।प्रेस वार्ता में प्रदेश भाजपा के सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाईक भी थे। भाजपा ने सरकार से पूछा है कि बोकारो स्ट्रांग रूम में जमा 12 से 14 किलो सोना सुरक्षित है। प्रतुल ने आरोप लगाया कि इस पूरे घोटाले का किंगपिन अकाउंटेंट कौशल पांडे का वर्ष 2018 में तबादला हुआ था और उस समय की अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया था। प्रिंसिपल एजी की 2 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रतुल ने आरोप लगाया कि 58% महंगाई भत्ता (डीए) को कई गुना बढ़ाकर फर्जीवाड़ा किया गया। इसी रिपोर्ट में 2023 और 2026 के बीच 2175 कर्मियों की जन्मतिथि और 5037 कर्मियों की ज्वॉइनिंग डेट बदली गई। साथ ही 2890 पैन नंबरों के साथ फेरबदल किया गया। प्रतुल ने कहा कि यदि सरकार ने अविलंब ईडी और सीबीआई से जांच कराने के आदेश नहीं दिए, तो भाजपा उग्र आंदोलन करेगी। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव के आरोपों को भ्रामक करार दिया है। उन्होंने कहा कि जिस कथित घोटाले की भाजपा बात कर रही है, उसकी परतें वर्तमान सरकार खुद खोल रही है। राज्य सरकार ने स्वत: संज्ञान से एसआईटी गठित की है, ताकि जांच निष्पक्ष रहे। कांग्रेस महासचिव ने यह भी कहा कि जांच टीम में अनुभवी अधिकारियों को रखा गया है और उनकी निष्ठा पर सवाल उठाना जांच को प्रभावित करने की साजिश जैसा है। उन्होंने प्रशासनिक तबादलों को सामान्य प्रक्रिया बताया। कहा कि क्लर्क और किरानी जमीनी स्तर पर डेटा एंट्री और रिकॉर्ड्स का रख-रखाव करते हैं, इसलिए जांच को पारदर्शी बनाने के लिए प्रारंभिक कदम उठाए गए हैं। किशोर शाहदेव ने कहा कि चाहे अधिकारी कितने भी बड़े हों, दोषी पाए जाने पर सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा जिस 2011 से 2019 के कालखंड की बात कर रही है, उसमें से अधिकांश समय झारखंड में भाजपा की ही सरकार थी। हमारी सरकार उस समय हुई विसंगतियों को सुधार रही है। सोना की हेरा-फेरी जैसे आरोप जुमला… बोकारो स्ट्रांग रूम के सोना पर प्रतुल शाहदेव के बयान को हास्यास्पद बताते हुए लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि सरकारी संपत्ति पूरी तरह सुरक्षित है। भाजपा के पास जब कोई मुद्दा नहीं बचता, तो वे काल्पनिक सोने की हेरा-फेरी जैसे जुमले उछालने लगते हैं। सरकार हर एक संपत्ति के भौतिक सत्यापन के लिए प्रतिबद्ध है। Source link

झारखंड

हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-वन का लाभ देने...

झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को पाकुड़ और गोड्डा के सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षकों के मामले पर सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सेवानिवृत शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-वन का लाभ देने का निर्देश दिया है। अदालत ने राज्य सरकार को छह सप्ताह के भीतर आदेश का अनुपालन करने को कहा। इस मामले में भीम सिंह एवं अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। अधिवक्ता अभिजीत कुमार सिंह और हर्ष चंद्र ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने 18 जुलाई 2019 को संकल्प जारी कर कार्यरत शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-वन का लाभ देने का निर्णय लिया था, लेकिन सेवानिवृत्त शिक्षकों को वंचित रखा गया। कोर्ट को बताया गया कि पूर्व में हाईकोर्ट संबंधित कंडिका को निरस्त कर चुका है। हाईकोर्ट में बुधवार को झारखंड राज्य सहकारिता बैंक की सरायकेला शाखा में हुए 38 करोड़ रुपए घोटाला के मुख्य आरोपी व्यवसायी संजय कुमार डालमिया की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत ने सुनवाई के बाद निचली अदालत से मामले का रिकॉर्ड (एलसीआर) तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 2 सप्ताह बाद निर्धारित की है। झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को वनरक्षी नियुक्ति से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए समय पर जवाब दाखिल नहीं करने पर वन विभाग पर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की राशि जमा करने के बाद ही विभाग का जवाब रिकॉर्ड पर स्वीकार किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 9 जून को निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट में पेसा नियमावली को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में सुनवाई के दौरान प्रार्थी आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की ओर से विस्तृत बहस की गई। सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार को मामले में अपना लिखित पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को निर्धारित की है। झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर पद पर नियुक्ति को चुनौती देने वाली दिव्यांग अभ्यर्थी शिवम कुमार की रिट याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने जेपीएससी को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि इस रिट याचिका के अंतिम परिणाम से नियुक्ति प्रभावित रहेगी। इससे पहले प्रार्थी की ओर वरीय अधिवक्ता राजीव सिन्हा एवं अधिवक्ता रोहित सिंह ने अदालत को बताया कि प्रार्थी दिव्यांग की श्रेणी में आते हैं, उक्त नियुक्ति परीक्षा में तीन पद दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित की गई है। पेपर लीक मामले में जेल में बंद आरोपी रंजीत कुमार उर्फ चुनचुन की जमानत याचिका पर बुधवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 16 मई निर्धारित की है। Source link

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AIUDF का एक विधायक 100 आवाजों के बराबर, बदरुद्दीन अजमल के ऐलान...

होमताजा खबरदेश कांग्रेस बन गई है दूसरी मुस्लिम लीग, बदरुद्दीन अजमल के ऐलान से असम में हाहाकार Last Updated:May 08, 2026, 02:17 IST बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी ने मिलकर खेल किया. दोनों ने एआईयूडीएफ को कमजोर करने के लिए सरेआम भारी समन्वय किया. गौरव गोगोई जैसे कांग्रेस लीडर बीजेपी का मुकाबला करने में फेल रहे. माइनॉरिटी समुदाय को कांग्रेस से उम्मीद एकदम थी, लेकिन सब बेकार गया. ख़बरें फटाफट बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस पर निशाना साधा. (फाइल फोटो) गुवाहाटी. ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने गुरुवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ‘एक और मुस्लिम लीग’ बन गई है और असम में एक प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल रही है. बिनाकंडी विधानसभा क्षेत्र से अपनी जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अजमल ने दावा किया कि कांग्रेस ने अल्पसंख्यक समुदायों को छोड़ दिया है और अप्रत्यक्ष रूप से राज्य में भाजपा को राजनीतिक रूप से मदद की है. अजमल ने कहा कि कांग्रेस अब एक वास्तविक विपक्षी ताकत के रूप में काम नहीं कर सकती. यह एक और मुस्लिम लीग की तरह हो गई है और लोगों के वास्तविक मुद्दों को उठाने में विफल रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अब एआईयूडीएफ असम विधानसभा में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को चुनौती देने की जिम्मेदारी संभालेगी. एआईयूडीएफ नेता ने कहा कि भले ही पार्टी को मुट्ठी भर सीटें ही मिली हों, लेकिन उसके विधायक अल्पसंख्यकों, बेदखली अभियानों, नजरबंदी केंद्रों और डी-वोटर प्रणाली से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे. उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक एआईयूडीएफ विधायक भी सौ आवाजों के बराबर होगा. अजमल ने आरोप लगाया कि असम में मुसलमानों को पिछले कई वर्षों से भय, असुरक्षा और अपमान का सामना करना पड़ा है, लेकिन कांग्रेस मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार का कड़ा विरोध करने के बजाय चुप रही. मिया समुदाय के इर्द-गिर्द चल रही राजनीतिक बयानबाजी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक मतदाताओं को कांग्रेस से मजबूत रुख की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी की निष्क्रियता से वे निराश हुए. अजमल के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व विपक्ष में पैदा हुए राजनीतिक शून्य को भरने में विफल रहा, जिसके कारण एआईयूडीएफ सत्ताधारी दल के खिलाफ प्रमुख आवाज बनकर उभरा. उन्होंने गौरव गोगोई और लुरिनज्योति गोगोई समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वे भाजपा का राजनीतिक रूप से मुकाबला करने में विफल रहे हैं. एआईयूडीएफ अध्यक्ष ने आगे दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस और भाजपा दोनों ने मिलकर उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए समन्वय किया. पार्टी के आंतरिक मामलों पर अजमल ने एआईयूडीएफ से नेताओं के अलग होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को संगठनात्मक मतभेदों और अनुशासनहीनता के मुद्दों के कारण हटाया गया है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Guwahati,Kamrup Metropolitan,Assam Source link

झारखंड

मजदूर पिता का बेटा फैजान बना झारखंड का सेकेंड टॉपर, बीमार मां...

Last Updated:May 07, 2026, 05:34 IST JAC 12th Second Topper 2026: झारखंड बोर्ड 12वीं रिजल्ट में पलामू के फैजान आलम ने 500 में 483 अंक हासिल कर टॉप किया है. आलम ने राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया है. बता दें कि फैजान के पिता गुजरात में मजदूरी करते हैं. वहीं, उनकी मां हमेशा बीमार रहती हैं. आइये जानते हैं फैजान की सफलता के बारे में. ख़बरें फटाफट पलामू: ‘लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.’ यह पंक्तियां झारखंड बोर्ड के 12वीं परीक्षा परिणाम में सच साबित हुई हैं. 6 मई 2026 बुधवार को जारी नतीजों में पलामू जिले के शाहपुर निवासी फैजान आलम ने 500 में 483 अंक हासिल कर जिले में पहला और पूरे राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद फैजान ने यह उपलब्धि हासिल कर युवाओं के लिए मिसाल पेश की है. फैजान आलम के पिता एम.डी. शकील अहमद गुजरात में मजदूरी करते हैं. जबकि उनकी मां कौशर बानो गृहिणी हैं और पिछले कुछ वर्षों से बीमार चल रही हैं. फैजान अपनी मां की बीमारी के इलाज के लिए हर तीन महीने में वेल्लोर जाना पड़ता है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति और भी कमजोर हो जाती है. इन कठिन हालातों के बीच भी फैजान ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आर.के. प्लस टू उच्च विद्यालय, पाटन से पढ़ाई करते हुए यह मुकाम हासिल किया. मेहनत और अनुशासन का मंत्र फैजान ने लोकल 18 को बताया कि उन्हें शुरुआत में भरोसा नहीं हुआ कि वे राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त कर चुके हैं. रिश्तेदारों के फोन आने के बाद ही उन्हें अपनी सफलता का एहसास हुआ. साथ ही बताया कि उन्होंने नियमित शेड्यूल बनाकर पढ़ाई की. वे रोजाना 5 से 6 घंटे पढ़ाई करते थे और दिन में 2 से 3 बार अपना अध्ययन कार्यक्रम तय करते थे. ट्यूशन के बाद घर के काम और मां की देखभाल करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था. कई बार देर रात 11 से 12 बजे तक पढ़ाई करनी पड़ती थी. परिवार का सहयोग बना ताकत  फैजान अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और मामा को देते हैं. उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान उनके छोटे भाई ने घर के कामों में मदद की, जिससे उन्हें पढ़ाई के लिए समय मिल सका. परिवार के सहयोग और अपने समर्पण के कारण ही वे इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं. मां की देखभाल और घर की जिम्मेदारी के साथ फैजान ने इस सफलता को पाया है. सिविल सेवा में जानें का है सपना फैजान आलम का सपना सिविल सेवा में जाना है. उन्होंने कहा कि समाज में हो रहे अन्याय और अत्याचार को बदलने के लिए वे प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं, ताकि अधिकार मिलने पर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें. उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि पढ़ाई को शुरुआत से ही गंभीरता से लें, ताकि परीक्षा के समय दबाव न बढ़े. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

व्यापार

₹50,000 में शुरू करें अपना खुद का बिजनेस, 5 लाख का होगा...

Last Updated:July 24, 2021, 14:46 IST How to Earn Money: भारत में बड़े पैमाने पर एलोवेरा की खेती (Start Aloe Vera farming) हो रही है. कई कंपनियां इसके प्रोडक्ट बना रही हैं. देश के लघु उद्योगों से लेकर मल्टिनेशनल कंपनियां एलोवेरा प्रोडक्‍ट बेचकर करोड़ों कमा रही हैं. ऐसे में आप एलोवेरा की खेती कर लाखों की कमाई कर सकते हैं. Amazon ऐप के ज़रिए आप पे बैलेंस में 30,000 रुपये जीत सकते हैं. नई दिल्ली. आज हम आपको एक ऐसे बिजनेस के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको शुरू कर आप मोटी कमाई कर सकते हैं. जी हां, हम बात कर रहे हैं एलोवेरा की खेती की (Start Aloe Vera farming). एलोवेरा की डिमांड भारत के साथ विदेशों में भी काफी ज्यादा है. इस कारण एलोवेरा की खेती में बहुत प्रॉफिट है. पिछले कुछ वर्षों में एलोवेरा की मांग तेजी से बढ़ी है. ब्यूटी प्रोडक्ट्स सहित खाद्य पदार्थों में भी इसका खूब इस्तेमाल किया जा रहा है. एलोवेरा के नाम और इसके गुणों से लगभग हर कोई वाकिफ है. भारत में बड़े पैमाने पर एलोवेरा की खेती हो रही है. कई कंपनियां इसके प्रोडक्ट बना रही हैं. देश के लघु उद्योगों से लेकर मल्टिनेशनल कंपनियां एलोवेरा प्रोडक्‍ट बेचकर करोड़ों कमा रही हैं. ऐसे में आप एलोवेरा की खेती कर लाखों की कमाई कर सकते हैं. दो तरह से कर सकते हैं बिजनेसएलोवेरा का बिजनेस आप दो तरह से कर सकते है, एक इसकी खेती करके और दूसरी इसके जूस या पावडर के लिए मशीन लगाकर. यहां हम आपको एलोवेरा की खेती और प्रोसेसिंग प्‍लांट की लागत और उससे जुड़ी कुछ जानकारियां दे रहे हैं. इसके उत्पादन में खर्च कम होने के साथ ही लाभ मार्जिन ज्यादा है. एलोवेरा की खेतीएलोवेरा की खेती आप 50 हजार रूपये के कम निवेश के साथ शुरू कर सकते हैं. आप एलोवेरा को मेन्यूफेक्चरिंग कंपनियों और मंडियों में बेच सकते हैं. इसके अलावा अगर आप अपने बिजनेस को बढ़ाना चाहते हैं तो आप एलोवेरा की प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर भी खूब मुनाफा कमा सकते हैं. प्रोसेसिंग प्‍लांटदूसरा तरीका यह है कि आप एलोवेरा की प्रोसेसिंग यूनिट लगाएं. प्रोसेसिंग यूनिट से एलोवेरा जेल/जूस बेचकर आप मोटी कमाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको 3 से 5 लाख तक खर्च करने पड़ेंगे. इन चीजों में करना होगा खर्चएलोवेरा की खेती में आपको मटेरियल, प्लांट, खाद, लेबर, हारवेस्टिंग, पैकेजिंग आदि में खर्च करना होगा. देश के कई हिस्‍सों में एक बार एलोवेरा प्लांट लगाकर 3 साल तक उत्‍पादन लिया जाता है, जबकि कई जगहों पर 5 सालों तक फसल होती है. होगा लाखों में मुनाफाएलोवेरा की खेती के व्यवसाय में आप लगभग 50 से 60 हजार रूपये तक का निवेश कर 5 से 6 लाख रूपये तक का मुनाफ़ा कमा सकते है. कम लागत में हैण्ड वाश सोप का बिज़नस भी शुरू कर सकते है. कॉस्मेटिक, मेडिकल और फार्मास्यूटिकल्स के फील्ड में एलोवेरा की डिमांड काफी ज्यादा है. ग्राहकों के बीच एलोवेरा जूस, लोशन, क्रीम, जेल, शैम्पू सभी चीज की बड़ी डिमांड है. आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा में सालों से एलोवेरा का इस्तेमाल होता आया है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

12 आईएएस अफसर समेत प्रशासनिक सेवा के 72 अधिकारी कर रहे पदस्थापना...

राज्य भर में प्रशासनिक सेवा के 72 अधिकारी बिना पोस्टिंग के बैठे हैं। जबकि कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं। इन 72 अधिकारियों में 12 आईएएस अधिकारी हैं। 17 अप्रैल की रात राज्य सरकार ने 17 जिलों के उपायुक्तों का तबादला किया था। उस तबादला में 11 जिलों के डीसी की कहीं पदस्थापना नहीं हुई थी। उन्हें मुख्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया गया था। कार्मिक विभाग में योगदान के बाद वे अबतक पदस्थापन की प्रतीक्षा में हैं। कहीं पोस्टिंग नहीं हुई है। इसके अलावा कृषि विभाग में बदलाव के बाद जीशान कमर भी वेटिंग फॉर पोस्टिंग में बैठे हैं। इसके अलावा झारखंड प्रशासनिक सेवा के 60 अधिकारी भी पोस्टिंग की प्रतीक्षा में हैं। इधर, ट्रेनिंग पूरा होने के ढाई साल बाद भी 39 नवनियुक्त डीएसपी को पोस्टिंग नहीं मिल सकी है। राज्य के कई अनुमंडलों में एसडीएम के पद खाली हैं। कई महत्वपूर्ण पद प्रभार में हैं। सचिवालय सेवा के करीब डेढ़ दर्जन अधिकारी भी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। Source link

झारखंड

केतार : गैरमजरुआ जमीन पर बने मकान पर चला जेसीबी, ग्रामीणों ने...

भास्कर न्यूज | केतार श्री बंशीधर नगर अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा के निर्देश पर बुधवार को केतार प्रखंड के दासीपुर गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। दंडाधिकारी सह भवनाथपुर अंचल अधिकारी शंभू राम पुलिस, केतार बीडीओ प्रशांत कुमार, थाना प्रभारी अरुण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सरकारी भूमि पर बने भवन को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन की मदद से गैर मजरुआ भूमि (खाता संख्या 255, प्लॉट संख्या 774) पर बने अवैध भवन की दीवार को तोड़कर ध्वस्त कर दिया गया। इससे पहले अतिक्रमणकारियों और प्रशासन के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। विरोध स्वरूप एक महिला जेसीबी मशीन के बैकेट पर बैठ गई, जिसे महिला थाना प्रभारी रूक्मिणी कुमारी एवं महिला पुलिस बल ने समझा-बुझाकर हटाया। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अतिक्रमित भूमि को खाली कराया। पूरी कार्रवाई के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। गौरतलब है कि इससे पहले भी दो बार प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रयास किया था। मौके पर केतार अंचल अधिकारी प्रशांत कुमार, थाना प्रभारी अरुण कुमार रवानी, भवनाथपुर थाना प्रभारी राज निरंजन, खरौंधी थाना प्रभारी, सीआई सुलेमान अंसारी, राजस्व उपनिरीक्षक प्रकाश कुमार, अमीन रवि तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद थे। Source link

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‘चंद्रनाथ रथ की हत्या एक राजनीतिक आतंकवाद है’, पश्चिम बंगाल में नई...

कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का नतीजा सत्ता परिवर्तन के रूप में सामने आने के महज 48 घंटे बाद वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य को ऐसी स्थिति में धकेल दिया है जहां चुनाव बाद की हिंसा के लोकतांत्रिक परिवर्तन पर भारी पड़ने का खतरा पैदा हो गया है. भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद छिटपुट झड़पों के रूप में जो शुरू हुआ था, वह अब तेजी से एक बड़े टकराव का रूप ले चुका है, जिसमें भय, प्रतिशोध का विमर्श और राजनीतिक रूप से संवेदनशील जिलों में क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई शामिल है. बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाने की तैयारी कर रही भाजपा के लिए यह हत्या एक चुनौती होने के साथ-साथ एक राजनीतिक अवसर भी है. चुनौती भावनात्मक रूप से आवेशित भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से जवाबी हिंसा को रोकने की है जबकि अवसर भगवा खेमे के लंबे समय से चले आ रहे इस आरोप को पुष्ट करने का है कि तृणमूल शासन के तहत धमकियां, लक्षित हमले और मजबूत स्थानीय सत्ता नेटवर्क बंगाल की राजनीति में हिंसा की संस्कृति को दर्शाते रहे हैं. घटना को ‘पूर्व नियोजित’ बताते हुए, अधिकारी ने आरोप लगाया कि उनके करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मध्यग्राम में गोली मारकर हत्या करने से पहले कई दिन तक उनकी रेकी की गई. बुधवार देर रात अस्पताल पहुंचने के बाद अधिकारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, “यह दिल दहला देने वाला है. उन्होंने उसका पीछा किया और उसे मार डाला.” उन्होंने इसके साथ ही समर्थकों से अपील की कि वे “कानून को अपने हाथ में न लें”. इस अपील से ही भाजपा नेतृत्व के भीतर व्याप्त चिंता का व्यापक स्वरूप झलकता है. हत्या के कुछ ही घंटों के भीतर, जिलों में पार्टी के संगठनात्मक नेटवर्क के माध्यम से, विशेष रूप से उत्तर 24 परगना और पूर्वी मेदिनीपुर में, जहां अधिकारी का काफी प्रभाव है, आक्रोश तेजी से फैल गया. भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने निजी तौर पर इस बात की आशंका जताई कि अगर इस स्थिति को राजनीतिक रूप से नियंत्रित नहीं किया गया तो इससे स्वतःस्फूर्त प्रतिशोध भड़क सकता है. पार्टी के एक नेता ने कहा, “यह हत्या का कोई सामान्य मामला नहीं है. यह राजनीतिक आतंकवाद है.” उन्होंने “पुरानी व्यवस्था” पर नई सरकार के सत्ता संभालने से पहले भय का माहौल पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया गया. रथ कोई साधारण कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि भाजपा की चुनाव मशीनरी में गहराई से शामिल व्यक्ति थे. वह बंगाल में पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार और तृणमूल कांग्रेस विरोधी सबसे जुझारू चेहरे सुवेंदु अधिकारी के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए थे. राजनीतिक विश्लेषक सुभोमोय मोइत्रा ने कहा, “यह बंगाल की राजनीति का सबसे संवेदनशील दौर है – एक शासन के पतन और दूसरे के सत्ता में आने के बीच का समय. इस दौरान होने वाली हर हिंसक घटना प्रतीकात्मक महत्व रखती है.” चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद से कई जिलों से पार्टी कार्यालयों पर हमले, तोड़फोड़, धमकी और झड़पों की खबरें सामने आई हैं. मध्यग्राम में हुई हत्या से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ने और उत्तर 24 परगना, नदिया, हुगली तथा पूर्वी मेदिनीपुर जैसे जिलों में ध्रुवीकरण गहराने की आशंका है, जहां हाल के वर्षों में राजनीतिक निष्ठाओं में तेजी से बदलाव आया है. वहीं, एक अन्य विश्लेषक ने कहा, “खतरा यह है कि हिंसा स्वतःस्फूर्त होती है. हर हमला प्रतिशोध के लिए एक और औचित्य प्रदान करता है.” भाजपा इस घटना को न केवल एक आपराधिक कृत्य के रूप में बल्कि इस बात के सबूत के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है कि निवर्तमान सत्ताधारी तंत्र के कुछ वर्ग सत्ता हस्तांतरण को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं. इस हत्या से भाजपा के भीतर उन आवाजों को भी मजबूती मिल सकती है जो शपथग्रहण समारोह के तुरंत बाद राजनीतिक रूप से अस्थिर क्षेत्रों में त्वरित पुलिस फेरबदल, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और आक्रामक कार्रवाई की वकालत कर रही हैं. स्थिति पर एक राजनीतिक विश्लेषक ने टिप्पणी की, “भाजपा का संदेश स्पष्ट है; वे इसे एक ढहती हुई व्यवस्था के अंतिम प्रतिरोध के रूप में चित्रित करना चाहते हैं.” साथ ही, भाजपा नेतृत्व के सामने एक नाजुक संतुलन बनाए रखने की चुनौती है.  हालांकि, पार्टी सार्वजनिक रूप से आक्रामक रुख अपना रही है, लेकिन वह इस बात से अवगत है कि स्थानीय कैडर नेटवर्क के अनियंत्रित प्रतिशोध से नए प्रशासन के औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने से पहले ही अस्थिरता और गहरी हो सकती है. तृणमूल कांग्रेस के लिए, यह घटना एक खतरनाक राजनीतिक जाल की तरह है. पार्टी ने हत्या की निंदा की और अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की, साथ ही यह आरोप भी लगाया कि चुनाव के बाद हुई झड़पों में उसके कई कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया है. हालांकि, भाजपा ने हत्या के इर्द-गिर्द खुद के पीड़ित होने का विमर्श सफलतापूर्वक मजबूत कर लिया है. यह स्थिति तृणमूल कांग्रेस के लिए विशेष रूप से समस्या पैदा करने वाली है, ऐसे समय में जब वह चुनावी हार के बाद संगठनात्मक क्षरण की धारणाओं से पहले से ही जूझ रही है. पिछले कुछ वर्षों में, अधिकारी ने खुद को बंगाल की राजनीति में भाजपा के जमीनी स्तर के प्रमुख लड़ाके के रूप में स्थापित किया है, और तृणमूल कांग्रेस के साथ लगातार टकराव के माध्यम से अपनी छवि बनाई है. अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या से भाजपा का रुख और भी सख्त होने की संभावना है तथा आने वाले दिनों में पार्टी का राजनीतिक संदेश और भी तीव्र हो सकता है. Source link

झारखंड

रांची, खूंटी… झारखंड में आंधी-तूफान का बवंडर, गरज-चमक के साथ बारिश भी...

Last Updated:May 07, 2026, 05:42 IST Jharkhand Aaj Ka Mausam: झारखंड में लगातार हो रही बारिश की वजह से मौसम सुहावना हो गया है. आज भी झारखंड के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है. वहीं. कुछ जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं. आइये जानते हैं आज कहां-कहां बारिश हो सकती है. ख़बरें फटाफट झारखंड के मौसम को लेकर आईएमडी का अलर्ट जारी ( एआई फोटो ) रांची: झारखंड में इन दिनों प्री-मानसून की वजह से मौसम सुहावना हो गया है. आज रांची, खूंटी, गुमला और सिंहभूम जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. इसके अलावा कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. जहां बुधवार को झारखंड के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसकी वजह से गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली. IMD के अनुसार, झारखंड में पिछले 24 घंटों में कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश हुई. सिमडेगा में सबसे ज्यादा 34.2 mm बारिश हुई, जबकि जगन्नाथपुर, बेरो, बानो आदि इलाकों में 13-21 mm बारिश रिकॉर्ड हुई है. साथ ही कुछ जिलों में आंधी और बिजली की गड़गड़ाहट देखी गई. झारखंड के कई जिलों में आज बारिश हो सकती है. वहीं, कई जिलों में आज भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया गया है. आज झारखंड के कई जिलों में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है. जहां उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, गिरिडीह, जामताड़ा, साहिबगंज में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ ही बादलों की गड़गड़ाहट सुनाई देगी. साथ ही 30-40 किलोमीटर घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. आज पलामू, गढ़वा जैसे पश्चिमी जिलों का अधिकतम तापमान 35-38°C तक पहुंच सकता है, जो सबसे गर्म रहने वाला है. वहीं, रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा में न्यूनतम तापमान 20-23°C रहने की संभावना है. IMD के मुताबिक पूरे सप्ताह में झारखंड में बारिश की संभावना है, जिससे किसानों को काफी फायदा होने वाला है, लेकिन बाढ़ या जलभराव से खतरा हो सकता है. शहरों का तापमान और AQI शहर  तापमान अधिकतम/न्यूनतम AQI रांची 36/24 130 पलामू 40/28 140 हजारीबाग 40/27 130 जमशेदपुर 36/24 150 बुधवार को झारखंड में सबसे अधिक तापमान पलामू में दर्ज किया गया. जहां पारा लगभग 35-39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा. वहीं, सबसे कम तापमान रांची में रिकॉर्ड हुआ, जो करीब 28-29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा है. वहीं, बारिश वाले क्षेत्रों में तापमान अपेक्षाकृत काफी कम रहा है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली. वैसे झारखंड का औसतन अधिकतम तापमान 32-35°C और न्यूनतम 20-24°C के बीच रहा है. इसके अलावा गर्म हवाओं का असर कुछ जिलों में महसूस हुआ, लेकिन बारिश की वजह से तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई है. कुल मिलाकर आज झारखंड का मौसम फिलहाल राहत देने वाला हो सकता है. जहां एक ओर कई जिलों में बारिश होने की वजह से गर्मी से राहत मिल रही है. वहीं, दूसरी ओर कुछ जिलों में तेज गर्मी अभी भी बनी हुई है. ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते हालात के अनुसार सतर्क रहने की जरूरत है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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Earn money 2 lakh per month from Sahjan Farming know Learn what...

होमताजा खबरमनी ₹10 हजार लगाकर शुरू करें ये काम, हर महीने होगी ₹2 लाख से अधिक की कमाई Last Updated:July 28, 2021, 06:28 IST इस कारोबार को शुरू करने में आपको एक बार में 10-15 लाख रुपये निवेश करने होंगे, इसके बाद आप हर महीने 2 से 3 लाख रुपये तक कमा सकते हैं. सहजन की खेती से करें कमाई… नई दिल्ली. अगर आपकी नौकरी छूट गई और आपको इनकम के लिए कारोबार की तलाश है तो आपके लिए कृषि सेक्टर बेहतर विकल्प हो सकता है. जहां आप थोड़े से जमीन पर खेती करके भी अच्छी-खासी रकम कमा सकते हैं. जी हां.. अगर आप अधिक कमाई (Earn Money) करना चाहते हैं. तो आपके लिए खेती बेहतर विकल्प (earn money from farming) हो सकता है. इससे आप कम समय में लखपति बन (How to be a billionaire) सकते हैं. इसे शुरू करने में आपको एक बार में 10-15 लाख रुपये निवेश करने होंगे, इसके बाद आप हर महीने 2 से 3 लाख रुपये तक कमा सकते हैं. शुरू करें खेतीबता दें कि भारत के अधिकतर राज्यों में सहजन की खेती (Sahjan Farming) खूब होती है. इसमें कई तरह के मल्टी विटामिन, प्रोटीन, एमीनो एसिड्स मौजूद होते हैं. देश में पिछले कुछ सालों से हेल्थ सप्लीमेंट्स (Health supplements) के रूप में इसकी डिमांड बढ़ी है. कई स्टार्टअप सहजन की प्रोसेसिंग कर नए हेल्दी प्रोडक्ट बना रहे हैं. महाराष्ट्र निवासी प्रमोद पानसरे भी इसी का बिजनेस कर रहे हैं. वे पिछले दो साल से सहजन की पत्तियों और हल्दी की मदद से चॉकलेट, चिक्कियां, खाखरा और स्नैक्स तैयार कर देशभर में मार्केटिंग कर रहे हैं. फिलहाल वे हर महीने तीन लाख रुपए का बिजनेस कर रहे हैं. कैसे करते हैं इसका कारोबारएक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमोद इस कारोबार में 15 लाख रुपए का इन्वेस्टमेंट किया और एक ऑफिस खोला. फिर फूड लाइसेंस सहित जरूरी डॉक्युमेंट्स जुटाए और बिजनेस शुरू कर दिया. बकौल प्रमोद, हम हेल्दी फूड सप्लीमेंट्स पर जोर देने लगे. इससे हमें अपने बिजनेस का दायरा बढ़ाने में काफी मदद मिली. हमारे प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ गई. जानें कैसे करते हैं मार्केटिंग?बकौल प्रमोद, शुरुआत में स्टॉल लगाकर अपने प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग करते थे. बाद में जब उस प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ने लगी, तब रिटेलर्स और बड़े-बड़े होलसेल डीलर्स से कॉन्टैक्ट करके मार्केटिंग शुरू किया. साथ ही प्रमोशन के लिए सोशल मीडिया की मदद ली. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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