भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

झारखंड

जमशेदपुर में ट्रक चालक पर जानलेवा हमला:तीन हथियारबंद बदमाशों ने घेरा, लूट...

जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र स्थित टीआरएफ कंपनी के समीप देर रात एक ट्रक चालक पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे से 2:00 बजे के बीच की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के बीरग्राम निवासी ट्रक चालक जय प्रकाश रजक अपने वाहन के पास मौजूद थे। तभी एक वाहन से तीन अज्ञात युवक वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सभी बदमाशों के हाथों में चापड़ और पिस्टल जैसे हथियार थे। उन्होंने चालक को घेर लिया और धमकाते हुए उसका मोबाइल फोन व नकदी छीनने का प्रयास किया। चालक गंभीर रूप से घायल बदमाशों द्वारा लूटपाट का प्रयास किए जाने पर जय प्रकाश रजक ने हिम्मत दिखाते हुए विरोध किया और आत्मरक्षा की कोशिश की। चालक का विरोध करना हमलावरों को नागवार गुजरा और उन्होंने उस पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में चालक के शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया। हालांकि, घायल अवस्था में भी चालक ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। इसी दौरान इलाके में गश्त कर रही बर्मामाइंस थाना पुलिस की नजर घायल चालक पर पड़ी। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत अपने वाहन से उठाकर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के विरोध में यूनियन का प्रदर्शन घटना की सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ट्रक चालक और ड्राइवर यूनियन के सदस्य बर्मामाइंस थाना पहुंचे। यूनियन प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इसके साथ ही रात के समय ट्रक चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग उठाई गई। इधर, बर्मामाइंस थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। Source link

झारखंड

कोडरमा के चंदवारा में महिला से दुष्कर्म:पड़ोसी ने घटना को दिया अंजाम,...

कोडरमा जिले के चंदवारा थाना क्षेत्र अंतर्गत चौराही गांव में दुष्कर्म की घटना सामने आई है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले एक अधेड़ व्यक्ति ने महिला को घर में अकेला पाकर उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि सोमवार देर रात वह शौचालय से वापस अपने कमरे में लौट रही थी, तभी पड़ोसी एनुल हक ने उसे जबरन पकड़ लिया। आरोपी उसे घसीटते हुए कमरे के अंदर ले गया और विरोध करने पर भी नहीं माना। महिला के मुताबिक, उसने शोर मचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसका मुंह बंद कर दिया। हाथ बांध दिए। मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, जिसके बाद उसने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। छत पर सो रहा था महिला का परिवार पीड़िता ने बताया कि उसके पति हैदराबाद में काम करते हैं। घटना के समय वह घर में अकेली थी। सास-ससुर और बच्चे घर की छत पर सो रहे थे, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद महिला पूरी रात डरी-सहमी रही। मंगलवार सुबह उसने आरोपी के घरवालों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने मामले को दबाने और समझौता करने का दबाव बनाया। इससे आहत महिला ने गांव के लोगों को इकट्ठा किया और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से चंदवारा थाना को सूचना दी गई, जिससे पूरे गांव में इस घटना को लेकर आक्रोश का माहौल बन गया। पुलिस ने दर्ज किया बयान, मेडिकल के लिए ले कर गई सूचना मिलते ही चंदवारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को अपने साथ थाने ले आई। थाना प्रभारी शशिभूषण कुमार ने बताया कि महिला का बयान दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। आरोपी एनुल हक की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। फिलहाल आरोपी फरार बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। Source link

ताज़ा खबर

बस बचे थे आखिरी के 30 मीटर, दुश्‍मन कर रहा था गोलियों...

होमफोटोदेश 30 मीटर का फासला, हो रही थी गोलियों की बौछार, फिर कैसे पलटी टाइगर हिल की बाजी Last Updated:June 30, 2026, 21:06 IST कारगिल युद्ध में टाइगर हिल की लड़ाई भारतीय सेना के साहस, रणनीति और अदम्य हौसले की सबसे बड़ी मिसाल मानी जाती है. टोलोलिंग पर जीत के बाद सेना ने 16,500 फीट ऊंची टाइगर हिल पर कब्जा करने के लिए कई दिशाओं से ऑपरेशन शुरू किया. लेफ्टिनेंट बलवान सिंह, ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव, कैप्टन सचिन निम्बालकर समेत कई जांबाजों ने असाधारण वीरता दिखाई. लगातार आर्टिलरी फायर, कठिन चढ़ाई और आमने-सामने की लड़ाई के बाद भारतीय सेना ने टाइगर हिल पर तिरंगा फहराकर कारगिल युद्ध का रुख बदल दिया था. टाइगर हिल में भारतीय सेना की अद्भुत जीत. टोलोलिंग पर जीत मिलने के बाद भारतीय सेना का अगला सबसे बड़ा टारगेट टाइगर हिल था. करीब 16,500 फीट ऊंची यह चोटी द्रास की सबसे ऊंची पहाड़ियों में एक थी. टाइगर हिल पर जिसका भी कब्‍जा होता, पूरे इलाके में उसकी पकड़ खुद-ब-खुद बन जाती. इसलिए अब असली और सबसे कठिन लड़ाई यहीं लड़ी जानी थी. ब्रिगेडियर एमपीएस बाजवा को 192 माउंटेन ब्रिगेड के साथ द्रास पहुंचने का आदेश मिला. उनके कमांड में 8 सिख, 18 ग्रेनेडियर्स, 13 जैक रिफ और 2 नागा यूनिट्स थीं. दुश्मन को चारों तरफ से घेरने के लिए तीन अलग-अलग दिशाओं से अटैक करने की प्लानिंग की गई. हर सैनिक जानता था कि यह मिशन आसान नहीं होगा. Add News18 as Preferred Source on Google 3 जुलाई को 18 ग्रेनेडियर्स के जवान टाइगर हिल की ओर बढ़े. लेकिन खराब मौसम, बर्फ और बेहद कठिन रास्तों ने उनकी रफ्तार काफी धीमी कर दी. हर कदम खतरे से भरा था, फिर भी भारतीय जांबाज बिना रुके आगे बढ़ते रहे. उनका सपना सिर्फ टाइगर हिल पर तिरंगा फहराना था. लेफ्टिनेंट बलवान सिंह की अगुवाई में कमांडो प्लाटून खामोशी के साथ आगे बढ़ती रही और टाइगर हिल की चोटी के बेहद करीब पहुंच गई. लेकिन तभी दुश्मन से आमने-सामने की जबरदस्त हैंड-टू-हैंड फाइट शुरू हो गई. भारतीय जांबाजों ने पूरी ताकत से मुकाबला किया, लेकिन लगातार हमलों के कारण उन्हें धीरे-धीरे पीछे हटना पड़ा. पीछे हटने के बाद लेफ्टिनेंट बलवान सिंह और उनकी प्लाटून डी कंपनी की उस पोजीशन तक पहुंचे, जो टाइगर हिल की चोटी से सिर्फ 30 मीटर दूर थी. जीत अब बिल्कुल सामने दिखाई दे रही थी. भारतीय जांबाज थके जरूर थे, लेकिन उनका हौसला अभी भी बुलंद था. 04 और 05 जुलाई की रात फायर बेस को आगे बढ़ाकर टाइगर हिल टॉप के बिल्कुल पास लाया गया. इन सभी को सी कंपनी के कर्नल मिजार के नेतृत्व में लाया गया था. पूरी तैयारी के बाद भारतीय सेना ने आखिरी और सबसे अहम कदम उठाने का फैसला किया. कैप्टन निम्बालकर अपनी डी कंपनी और कमांडो प्लाटून के साथ बिना किसी आवाज के पहाड़ी पर चढ़ते रहे. यह स्टेल्थ मूव पूरी तरह सफल रहा. आखिरकार भारतीय जांबाज टाइगर हिल की चोटी तक पहुंच गए. अब जीत बस कुछ ही पलों की दूरी पर थी. 4 जुलाई की कार्रवाई के दौरान ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव ने ऐसी वीरता दिखाई, जिसे पूरी दुनिया ने सलाम किया. उन्होंने दुश्मन के सामने असाधारण साहस का परिचय दिया. उनकी बहादुरी के लिए उन्हें देश का सर्वोच्च वीरता सम्मान परम वीर चक्र दिया गया. भारतीय सेना ने जबरदस्त आर्टिलरी और मशीन गन फायर के साथ दुश्मन पर लगातार दबाव बनाया. 8 सिख और 18 ग्रेनेडियर्स ने मिलकर ऐसा हमला किया कि आखिरकार टाइगर हिल पर चल रहा ऑपरेशन पूरी तरह सफल हो गया. लंबे संघर्ष के बाद भारतीय सेना ने ऐतिहासिक विजय हासिल कर ली. टाइगर हिल की इस कठिन लड़ाई में कई भारतीय जांबाजों ने अद्भुत साहस दिखाया. कुल दस सैनिकों को उनकी वीरता के लिए सम्मानित किया गया. ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव को परमवीर चक्र, लेफ्टिनेंट बलवान सिंह को महावीर चक्र, जबकि कैप्टन सचिन निम्बालकर और हवलदार मदन लाल (मरणोपरांत) को वीर चक्र से सम्मानित किया गया. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

रामगढ़ में गिरिडीह के सब रजिस्ट्रार की हत्या:जमीन विवाद में पत्थर से...

रामगढ़ जिले के मांडू थाना क्षेत्र में गिरिडीह के सब रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की हत्या कर दी गई है। यह घटना बालसेग्रा गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन पर पत्थर से हमला किया गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बालेश्वर पटेल हुल दिवस की छुट्टी पर अपने पैतृक गांव आए हुए थे। मंगलवार सुबह वह अपनी जमीन देखने गए थे, जो विवादित है। वहीं पर उन पर हमला किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। जमीन पर बोरिंग और समरसेबल पंप देखने गए थे मृतक की पत्नी रीता देवी ने मांडू थाने में एक आवेदन दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पति हाल ही में खरीदी गई जमीन पर बोरिंग और समरसेबल पंप देखने गए थे। रीता देवी के अनुसार, इसी दौरान रामू साव उर्फ ज्ञानी साव, विष्णु कुमार, संतोष साव उर्फ पम्पम, पूजा देवी, रूबी देवी, शकुंतला देवी, नन्दु और उनकी बेटी डोली कुमारी सहित कुल आठ लोगों ने उन पर हमला कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी वारदात के बाद घटनास्थल से भाग गए रीता देवी ने इस षड्यंत्र में हुवाग गांव निवासी हेमंत पांडे और दिनेश्वर साव का भी नाम लिया है। हमले के समय बबीता देवी भी वहां मौजूद थीं। आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए घटनास्थल से भाग गए। पुलिस इस मामले में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर रही है। बालेश्वर पटेल गिरिडीह में सब रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार, उन्होंने हाल ही में यह जमीन खरीदी थी और बोरिंग कराने के लिए वहां गए थे। एक महिला और तीन पुरुष हिरासत में लिए गए हैं, बाकी अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है। स्पेशल टीम भी आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। -मुकेश कुमार लुनायत, एसपी, रामगढ़ Source link

झारखंड

सड़क दुर्घटना में स्कूटी सवार दंपती की मौत:आंजन धाम मंदिर से लौटते...

गुमला जिले के सदर प्रखंड क्षेत्र स्थित अंजन धाम में मंगलवार दोपहर एक सड़क दुर्घटना में स्कूटी सवार दंपती की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा भगवान हनुमान की जन्मस्थली कहे जाने वाले अंजन धाम में हुआ। पुलिस के अनुसार, दंपती अंजन पहाड़ी मंदिर से पूजा-अर्चना कर लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक एक मवेशी सामने आ जाने से उनकी स्कूटी अनियंत्रित हो गई। तेज ढलान पर स्कूटी सड़क से नीचे उतरकर पत्थर और पेड़ से जा टकराई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही टोटो थाना प्रभारी कुंदन कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के कुंद गढ़ी निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतकों के मोबाइल फोन से उनके परिजनों से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिजन गुमला सदर अस्पताल पहुंचे। अंजन धाम में मंगलवार को विशेष पूजा-भंडारे का आयोजन होता है। इस कारण दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं और भीड़ रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहाड़ी मंदिर तक जाने के लिए काफी ढलान से गुजरना पड़ता है और सड़क के दोनों ओर रेलिंग न होने से चट्टान या पेड़ से टकराने का खतरा बना रहता है। पूर्व में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। Source link

ताज़ा खबर

65 वर्षीय किसान किसान का कमाल, एक ही खेत में उगा रहे...

होमवीडियोकृषि 65 वर्षीय किसान किसान का कमाल, एक ही खेत में उगा रहे 4 फसलें, कमा रहे लाखों X 65 वर्षीय किसान किसान का कमाल, एक ही खेत में उगा रहे 4 फसलें, कमा रहे लाखों   मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के निम्बोला गांव के 65 वर्षीय किसान पिछले 35 वर्षों से खेती कर रहे हैं. उन्होंने अपनी 6 एकड़ जमीन पर तुअर, केला, ज्वार और सब्जियों की मिश्रित खेती अपनाकर खेती को लाभदायक बना दिया है. इस इनोवेशन से उन्हें हर साल 4 से 5 लाख रुपये की आय होती है. Source link

झारखंड

जमुआ में सड़क हादसा, बाइक सवार की मौत:अज्ञात वाहन की टक्कर से...

गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में 24 वर्षीय बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना खरगडीहा पंचायत अंतर्गत खेदुआडीह के पास हुई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। जानकारी के अनुसार, युवक देवरी थाना क्षेत्र के छोटी तुरी का निवासी था। युवक किसी काम से जमुआ की ओर जा रहा था, तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही जमुआ थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। खरगडीहा पंचायत के मुखिया सुनील कुमार साव भी घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने लगातार लोगों को समझाकर जाम हटाने का प्रयास किया। काफी समझाने के घंटों बाद सड़क जाम हटाया जा सका और यातायात सामान्य हुआ। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक को कब्जे में ले लिया है। शव को थाना लाया गया, जिसके बाद उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला अज्ञात वाहन की चपेट में आने का प्रतीत होता है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। Source link

झारखंड

निरसा विधायक के बयान पर धनबाद सांसद ने किया पलटवार:कहा- जिसने खुद...

धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने निरसा विधायक सह भाकपा माले के नेता अरूप चटर्जी के बयान पर पलटवार करते हुए मंगलवार को एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने अरूप चटर्जी को कई गंभीर आरोप लगाए। सांसद ने आरोप लगाया कि अरूप चटर्जी स्वयं गुंडागर्दी, कोयला चोरी और रंगदारी जैसे मामलों में संलिप्त हैं, फिर भी वे उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने खुद गलत काम किए हैं, उन्हें दूसरों पर उंगली उठाने का अधिकार नहीं है।” मुझे पर लगे आरोपों की जांच कराई जाए: सांसद ढुल्लू महतो ने अरूप चटर्जी के व्यक्तिगत जीवन पर भी टिप्पणी करते हुए कहा, “जिसका खुद का बेटा नहीं है, वह बेटे का दर्द क्या जानेगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक संगठन बनाकर उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। सांसद ने मांग की कि यदि उन पर लगाए गए आरोप सही हैं, तो उनकी जांच कराई जाए। सांसद ने निरसा में बन रहे एलिवेटेड फ्लाईओवर के विरोधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना विकास के लिए है, लेकिन कुछ लोग इसका विरोध कर काम रोकने की कोशिश कर रहे हैं। ढुल्लू महतो ने आरोप लगाया कि निरसा विधायक रंगदारी के कारण फ्लाईओवर का काम नहीं होने दे रहे हैं। ढुल्लू महतो ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में बाधा डालने वालों का कड़ा विरोध किया जाएगा और जनता उन्हें जवाब देगी। उन्होंने चुनौती दी कि यदि वे या उनके परिवार का कोई सदस्य कोयला चोरी, बालू चोरी या किसी अन्य गलत काम में शामिल पाया जाता है, तो इसकी जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि अगर वह कोयला चोरी कर रहे हैं तो राज्य में उनकी सरकार है और सरकार के मुखिया कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि जो विधायक अपनी ही सरकार पर मैनेज होने का आरोप लगाते हैं, ऐसे विधायक पर पार्टी कैसे भरोसा करेगी। क्या कहा था अरुप चटर्जी ने दरअसल, अरुप चटर्जी ने सोमवार को सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपाई सांसद ढुल्लू महतो को राक्षस करार देते हुए कहा था कि वे बाघमारा विधानसभा क्षेत्र को निगल चुके हैं और अब धनबाद संसदीय क्षेत्र पर उनकी नजर है। ढुलू महेशपुर साइडिंग में 40-45 रुपए दिहाड़ी पर मजदूरी करते थे। आज 40 हजार करोड़ रुपए के मालिक हैं। आखिर इतना पैसा कहां से आया? वे और उनके लोग बाघमारा के जमुनिया, लकड़का, तेतुलिया, पांडेयडीह, जोगीडीह, चिटाही, केशलपुर मुंडा धौड़ा, कुम्हारटोला, महुदा में अवैध खनन करा रहे हैं। अगर वे इसमें शामिल नहीं हैं, तो केंद्र सरकार से कहकर सीबीआई जांच करा लें। बेटे को भी बेहतर इंसान बनाने के बजाय रंगदार बना दिया है। बेटा रोज जमुनिया में ट्रकों से रंगदारी वसूलता है। Source link

ताज़ा खबर

राजस्थान का ऐसा बाजार जहां कभी नहीं थमती रौनक! केसरगंज मार्केट में...

Last Updated:June 30, 2026, 18:58 IST Kesar Ganj Market: केसरगंज मार्केट वर्षों से व्यापार और खरीदारी का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यह बाजार स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के शहरों और कस्बों से आने वाले ग्राहकों के लिए भी पहली पसंद माना जाता है. यहां रोजाना हजारों लोग कपड़े, घरेलू सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, कॉस्मेटिक्स, किराना और अन्य जरूरत का सामान खरीदने पहुंचते हैं. थोक और खुदरा दोनों प्रकार के कारोबार के कारण यह बाजार व्यापारियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है. पूरे दिन बाजार में ग्राहकों की चहल-पहल और दुकानों की रौनक देखने को मिलती है. त्योहारों और शादी के सीजन में यहां खरीदारी का उत्साह और भी बढ़ जाता है. उचित कीमत, सामान की विविधता और वर्षों से बनी विश्वसनीयता ने केसरगंज मार्केट को क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना दिया है. अजमेर का केसरगंज बाजार शहर के सबसे पुराने और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान रखता है. कई वर्षों से यह बाजार स्थानीय व्यापार, खरीदारी और जनजीवन का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है. रेलवे स्टेशन के निकट स्थित होने के कारण हर समय यहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है. यही वजह है कि केसरगंज न केवल अजमेर के व्यापारिक मानचित्र का अहम हिस्सा है बल्कि शहर की आर्थिक गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है. इस बाजार की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विविधता और सुविधाजनक व्यवस्था है. यहां दैनिक उपयोग की लगभग हर वस्तु आसानी से उपलब्ध हो जाती है. फल-सब्जियां, किराना, मिठाई, बेकरी उत्पाद, चाट-पकौड़ी, स्टेशनरी, कपड़े, बर्तन, घरेलू सामान और अन्य आवश्यक वस्तुओं की अनेक दुकानें यहां वर्षों से संचालित हो रही हैं. इस कारण शहर के विभिन्न इलाकों से लोग अपनी नियमित खरीदारी के लिए यहां पहुंचते हैं. केसरगंज बाजार केवल व्यापार का केंद्र ही नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है. यहां कई पुराने और प्रतिष्ठित विद्यालय स्थित हैं जहां प्रतिदिन काफी संख्या में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं. स्कूलों की उपस्थिति के कारण सुबह और दोपहर के समय यहां विशेष चहल-पहल देखने को मिलती है. विद्यार्थियों और अभिभावकों की आवाजाही से आसपास की दुकानों और छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलता है. Add News18 as Preferred Source on Google यह बाजार छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक सभी के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है. सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ और व्यापारिक गतिविधियां यहां का सामान्य दृश्य हैं. स्थानीय दुकानदारों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग भी इस बाजार से अपनी आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी करते हैं, जिससे यहां का व्यापार निरंतर सक्रिय बना रहता है. लंबे समय से यहां ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े अनेक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं. रेलवे स्टेशन के पास होने का लाभ व्यापारियों को मिलता है जिससे शहर और बाहरी क्षेत्रों तक सामान पहुंचाने की सुविधा सरल हो जाती है. यही कारण है कि यह क्षेत्र अजमेर के प्रमुख लॉजिस्टिक केंद्रों में भी गिना जाता है. दीपावली, होली, ईद, रक्षाबंधन और अन्य प्रमुख त्योहारों के अवसर पर यहां की रौनक कई गुना बढ़ जाती है. बाजार रंग-बिरंगी सजावट, आकर्षक रोशनी, विशेष छूट और ग्राहकों की भारी भीड़ से गुलजार रहता है. त्योहारों के दौरान यहां का उत्साह और जीवंत वातावरण लोगों को विशेष रूप से आकर्षित करता है. समय के साथ केसरगंज बाजार में काफी बदलाव आया है. पुराने व्यापारिक प्रतिष्ठानों के साथ नई और आधुनिक दुकानें खुलने से यहां की सुविधाओं में लगातार विस्तार हुआ है. परंपरा और आधुनिक व्यापार का संतुलित स्वरूप इस बाजार की सबसे बड़ी पहचान है. यही कारण है कि केसरगज बाजार आज भी शहर के विश्वसनीय और महत्वपूर्ण व्यावसायिक केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें| Source link

झारखंड

झारखंड में रहस्यमयी बीमारी का कहर, एक ही परिवार के 5 लोगों...

Last Updated:June 30, 2026, 18:14 IST गांव के लोगों में डर और चिंता बढ़ गई है. कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर यह कौन-सी बीमारी है, जिससे एक ही परिवार के इतने लोगों की मौत हो गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, पीड़ित परिवार ने इलाज के साथ-साथ झाड़-फूंक का भी सहारा लिया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. पलामू में अज्ञात बीमारी से 5 मौतें (AI इमेज) पलामू: झारखंड के पलामू जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है. पंडवा थाना क्षेत्र के सिक्का गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की रहस्यमयी बीमारी से मौत हो गई है. लगातार हुई इन मौतों से पूरे गांव में दहशत का माहौल है. वहीं, तीन अन्य सदस्य रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है. अब तक बीमारी की असली वजह सामने नहीं आ सकी है. एक परिवार के पांच लोगों की मौतमृतकों में कुलदीप मेहता, उनकी दो बेटियां, एक बेटा और बहू शामिल हैं. बताया जा रहा है कि करीब दो सप्ताह पहले परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई थी. सबसे पहले शरीर पर दाग और अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दिए. इसके बाद एक-एक कर परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई. इनमें से दो लोगों ने रिम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ा. पांच लोगों का अंतिम संस्कारपरिवार के सदस्य अनुज मेहता ने बताया कि उन्होंने अपने हाथों से परिवार के पांच लोगों का अंतिम संस्कार किया. लेकिन अब तक प्रशासन या सरकार की ओर से किसी तरह की सहायता नहीं मिली है. उनका कहना है कि इस दुख की घड़ी में परिवार पूरी तरह अकेला पड़ गया है. वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम गांव नहीं पहुंची है. बीमारी की जांच या लोगों की स्वास्थ्य जांच भी नहीं कराई गई है. लोगों में डर और चिंताअब गांव के लोगों में डर और चिंता बढ़ गई है. कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर यह कौन-सी बीमारी है, जिससे एक ही परिवार के इतने लोगों की मौत हो गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, पीड़ित परिवार ने इलाज के साथ-साथ झाड़-फूंक का भी सहारा लिया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. फिलहाल कुलदीप मेहता की पत्नी समेत तीन अन्य परिजनों का रिम्स में इलाज जारी है. स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवालइस घटना के बाद इलाके में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मेडिकल टीम गांव पहुंचकर जांच करती और बीमारी की सही पहचान होती, तो शायद हालात इतने गंभीर नहीं होते. हालांकि, भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया है. आर्थिक सहायता देने की मांगफिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत किस बीमारी से हुई. स्वास्थ्य विभाग अब तक इसकी जांच के लिए सक्रिय क्यों नहीं हुआ. ग्रामीण प्रशासन से जल्द मेडिकल जांच, बीमारी की पहचान और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

Scroll to Top