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रांची का चिरूडीह बना 'ग्लोबल आर्ट विलेज':सोहराई कला से सजी हैं घरों...

झारखंड की पारंपरिक सोहराई कला कभी गांवों की दीवारों में सिमटती जा रही थी। रांची जिले के तमाड़ प्रखंड के चिरूडीह गांव में उपजी सोच ने न सिर्फ इस कला को नई पहचान दी, बल्कि 100 से ज्यादा महिलाओं और युवाओं की जिंदगी भी बदल दी। चिरूडीह के युवा कलाकार मनीष कुमार महतो ने अपनी मां और दो दोस्तों पुष्कर महतो और पवन मुंडा के साथ मिलकर अप्रैल 2024 में गांव में वर्कशॉप की। इसमें 35 महिलाओं को दोबारा सोहराई कला का इस्तेमाल करने को कहा गया। आज चिरूडीह के 120 घरों में से करीब 50 घरों की दीवारें सोहराई कला से सजी हैं। गांव की पहचान अब ‘ग्लोबल आर्ट विलेज’ की हो गई है। फ्रांस, कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। तस्वीरों में देखें ग्लोबल आर्ट विलेज…. 300-400 की साड़ियां पेंटिंग के बाद 6-7 हजार में बिक रहीं मनीष ने अपने पिता की याद में गांव में कला सदन सह संग्रहालय बनाया है। यहां नई पीढ़ी को फ्री ट्रेनिंग मिलती है। गांव की लड़कियां साड़ियों और गमछों पर सोहराई चित्रकारी कर रही हैं। 300-400 रुपए की साड़ियां पेंटिंग के बाद 7-8 हजार रुपए तक में बिक रही हैं। इससे कई युवतियां हर महीने 8 से 9 हजार रुपए तक कमा रही हैं। ये महिलाएं अब दूसरों को ट्रेनिंग दे रही हैं। वे धनबाद, कोलकाता जैसे शहरों में वर्कशॉप लेकर सोहराई कला सिखा रही हैं। इसके लिए उन्हें रोज 500 से 1000 रुपए तक का मानदेय मिलता है। आसपास के दूसरे गांव भी सजा रहे घरों की दीवारें गांव में फोटो शूट, वीडियो और रील बनाने आने वाले पर्यटक भी स्थानीय कलाकारों को अतिरिक्त आय का अवसर दे रहे हैं। चिरूडीह की सफलता का असर आसपास के गांवों में भी दिखाई देने लगा है। पड़ोसी गांव सिंदवारी और पिरगालडीह जैसे गांवों के लोग भी अब अपनी दीवारों को सोहराई कला से सजाने लगे हैं। कई घरों की दीवारों को मनीष और उनकी टीम की मदद से सजाया गया है। सोहराई कला से बदली जिंदगी और गांव की सूरत सोहराई कला की आर्टिस्ट काजल महतो कहती हैं कि मुझे कला या पेंटिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। 2024 में मैंने सोहराई पेंटिंग सीखनी शुरू की। फिर पेंटिंग के ऑर्डर मिलने लगे। मैंने फोक फेस्टिवल, कोलकाता में हिस्सा लिया। धनबाद में बच्चों को सोहराई कला सिखाने भी गई। आज मैं साड़ी, गमछा और ब्लाउज पर भी सोहराई पेंटिंग कर रही हूं। इस कला ने मुझे पहचान, सम्मान और आत्मविश्वास दिया है। पैसे मिल रहे हैं तो जीवन स्तर भी सुधरा है। गांव की हालत भी बदल गई है। Source link

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झारखंड के 10 जिलों में 3 दिन भारी बारिश:2 जुलाई तक पूरे...

रांची सहित पूरे झारखंड में सोमवार को मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया, जिसका असर आज भी देखने को मिल रहा है। राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आज के लिए भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। विभाग के अनुसार कई जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात और 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। मानसून की इस सक्रियता से तापमान में गिरावट आ रही है। मौसम सुहावना बना हुआ है। पलामू में 24 घंटे में 40 मिमी बारिश इधर, सोमवार को राजधानी रांची सहित अन्य जिलों में दोपहर बाद बारिश शुरू हुई। राज्य के 10 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 40 मिमी बारिश डालटनगंज में हुई, जहां पिछले चार दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। इसके अलावा रामगढ़ में 28 मिमी, देवघर में 23 मिमी, बोकारो में 15 मिमी, जगन्नाथपुर में 11 मिमी और रांची में 4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने 30 जून से 2 जुलाई तक मानसून के और सक्रिय रहने की संभावना जताई है। इस दौरान जामताड़ा, सिमडेगा, रांची, बोकारो, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, रामगढ़ और धनबाद में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। बारिश और तेज हवा के कारण अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री तक गिरावट आने का अनुमान है। तीन दिन प्रदेश में मानसून एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार 30 जून से 2 जुलाई तक पूरे राज्य में मानसून सक्रिय रहेगा, जिससे अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई इलाकों में तेज बारिश के साथ वज्रपात और 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चल सकती है। रांची, बोकारो, रामगढ़, धनबाद, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और जामताड़ा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के आसार जताए गए हैं। वहीं 1 जुलाई को सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम को छोड़कर राज्य के लगभग सभी हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर गर्जन और वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है। लगातार बारिश और तेज हवा के असर से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी। जुलाई में अच्छी बारिश के आसार अरब सागर के कुछ हिस्सों और गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष भागों में मानसून सक्रिय रहेगा। इसके प्रभाव से झारखंड में अच्छी बारिश की संभावना है। जुलाई में भी बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, लगातार और भारी बारिश से खेतों में तैयार हो रहे धान के बिचड़े को नुकसान पहुंच सकता है। मक्का, अरहर और अन्य खरीफ फसलों के खेतों में जलजमाव होने पर बीज सड़ सकते हैं। खेतों में अधिक पानी जमा नहीं होने दें। बारिश का जनजीवन पर पड़ा असर मौसम खराब होने का असर हवाई सेवा और जनजीवन दोनों पर देखने को मिला। कोलकाता से रात 9 बजे रांची आने वाली इंडिगो की फ्लाइट खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के कारण रांची एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर सकी और उसे वापस कोलकाता डायवर्ट करना पड़ा। इसके बाद देर रात करीब 10.50 बजे इस उड़ान को रद्द कर दिया गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, कोलकाता से दोपहर 3.20 बजे आने वाली इंडिगो की दूसरी फ्लाइट लगातार दूसरे दिन भी रद्द रही। इधर, रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र के सिरपा गांव में खेत की जुताई के दौरान मेड़ पर खड़े 26 वर्षीय किसान भागीरथ महतो वज्रपात की चपेट में आ गए। उन्हें सीएचसी से रिम्स रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वहीं, लातेहार के बालूमाथ प्रखंड के गणेशपुर गांव में खेत में काम कर रही 45 वर्षीय तीजनी देवी पर भी आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई। Source link

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कच्चा या पका कटहल? जानिए दोनों में कौन ज्यादा फायदेमंद और किसे...

Last Updated:June 30, 2026, 06:44 IST गर्मी के मौसम में मिलने वाला कटहल स्वाद के साथ-साथ पोषण का भी बेहतरीन स्रोत है. फाइबर, विटामिन C, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर कटहल पाचन, इम्यूनिटी, ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है. जानिए कच्चे और पके कटहल में क्या अंतर है और किसे खाना ज्यादा लाभकारी हो सकता है. गर्मी का मौसम शुरू होते ही मार्केट में तरह-तरह के फल भी मिलने लगते हैं, जो स्वाद में जबरदस्त होने के साथ-साथ शरीर के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं. गर्मी के मौसम में लोग ज्यादातर आम, जामुन जैसे फलों का सेवन करते हैं, क्योंकि ये स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं. इसी तरह गर्मियों के दिनों में एक ऐसा हरा फल भी है जिसे न्यूट्रिशन का खजाना भी कहा जाता है. हम बात कर रहे हैं कटहल की, जिसमे फाइबर, विटामिन सी, पोटेशियम, मैग्नीशियम और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो पाचन तंत्रिकाओं से लेकर इम्यूनिटी को दुरुस्त करने में रामबाण साबित हो सकते हैं. आयुर्वेदिक दावों के सलाहकार डॉ. आशीष बताते हैं की कटहल में विटामिन, मिनरल्स, और फाइटोकेमिकल की भरपूर मात्रा पाई जाती है. इसके सेवन से शरीर में कई तरह के इनफेक्शंस को कम किया जा सकता है. इसके अलावा, कई तरह के स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त किया जा सकते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google कटहल में फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी, पोटैशियम, मैग्निशियम, कैलशियम और थोड़ी मात्रा में प्रोटीन भी पाया जाता है. इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोकेमिकल की मात्रा भी होती है जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है. कटहल का सेवन करने से शरीर को जरूरी फाइबर्स मिलते हैं जिससे कब्ज की समस्या से राहत मिलती है और आंतों को हेल्दी रखने में फायदा पहुंचता है, इसके अलावा इसमें विटामिन सी की मात्रा होने से यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है जिससे शरीर में होने वाले संक्रामक बीमारियों का खतरा कम होता है. इसके अलावा सबसे खास बात यह है कि कटहल में पोटेशियम की मात्रा भी पाई जाती है जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करती है इससे हृदय संबंधित समस्याओं का जोखिम कम होता है, वही एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोकेमिकल सेल को डैमेज होने से और इन्फ्लेमेशन को कम करने में मददगार होते हैं. यानी गर्मी के मौसम में कटहल का सेवन करने से पाचन क्रिया बेहतर होती है ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है, शरीर का इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा कम होता है सबसे खास बात यह है कि इसके सेवन से वजन कंट्रोल करने में भी मदद मिल सकती है और यह त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. हालांकि लोग कच्चे कटहल से ज्यादा पक्की कटहल को खाना पसंद करते हैं लेकिन दोनों की न्यूट्रीशनल वैल्यू में काफी फर्क होता है कच्चे कटहल में स्टार्च और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है जो पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है वहीं इसका ग्लिसमिक इंडेक्स भी कम होता है जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता. जबकि पका कटहल में स्टार्च नेचुरल शुगर में तब्दील हो जाता है इसके सेवन से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है, ऐसे में वेट और ब्लड शुगर कंट्रोल करने वालों के लिए कच्चा कटहल एक बेहतर विकल्प हो सकता है जबकि पका कटहल एनर्जी और पोषक तत्वों का अच्छा और बेहतर सोर्स माना जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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Aaj Ka Mausam Live | IMD Today Weather Alert | गर्मी जाओ...

IMD Weather News Today: अगर आप भी चिलचिलाती और उमस भरी गर्मी से परेशान हैं तो खुशनुमा मौमस के लिए तैयार हो जाइए. देशभर में मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और अब आज से मौसम का मिजाज कुछ ज्यादा ही बदलने वाला है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले 24 से 72 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत, पश्चिमी तट और मध्य भारत के 23 राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में भी मानसून की गतिविधियां जोर पकड़ने वाली हैं. मौसम विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और नेपाल सीमा तक पहुंच चुकी है. अगले दो दिनों में मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बड़े हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिम भारत में भी बारिश का दौर तेज होगा. देशभर में कहां होगी सबसे ज्यादा बारिश? आईएमडी के मुताबिक, आज असम-मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक और केरल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक में भी कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने इन राज्यों में बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और स्थानीय स्तर पर जलभराव की आशंका भी जताई है. लोगों को गैरजरूरी यात्रा से बचने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की गई है. दिल्लीवालों को मिलेगी राहत दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को अब राहत मिलने वाली है. मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में अगले 24 घंटे के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. 30 जून को बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है. वहीं 1 जुलाई से 4 जुलाई के बीच दिल्ली में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है. इसी दौरान अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. हालांकि 29 और 30 जून के लिए दिल्ली में कुछ स्थानों पर लू की स्थिति भी बनी रह सकती है, लेकिन इसके बाद मौसम पूरी तरह बदल जाएगा. पूर्वांचल से पश्चिम यूपी तक झमाझम बारिश उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने जा रहा है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में आज से लेकर 3 जुलाई तक बारिश की संभावना है. कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी आज से 2 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है. 29 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन अब मानसून की सक्रियता के बाद तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. उत्तराखंड में बढ़ सकता है खतरा उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. 30 जून से लेकर 5 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी वर्षा होने का अनुमान है. खासकर पहाड़ी जिलों में भारी और कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने भूस्खलन, सड़क बंद होने, नदियों और नालों के उफान पर आने तथा अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है. चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने की अपील की गई है. बिहार के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट बिहार में मानसून तेजी से सक्रिय रहेगा. राज्य के कई जिलों में आज और कल भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य बिहार के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. बारिश की वजह से किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई में राहत मिलेगी, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव और शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी है. लोगों से खुले मैदानों में बिजली चमकने के दौरान न जाने की सलाह दी गई है. झारखंड में आफत वाली बारिश! झारखंड में 30 जून और 1 जुलाई को कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है. राज्यभर में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है. खनन क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. मानसून का कैसा हाल? मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा. मध्य प्रदेश में 2 से 4 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है. गुजरात में भी मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और 3 जुलाई के बाद कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. सौराष्ट्र और कच्छ में भी अच्छी वर्षा का अनुमान है. दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में बारिश जारी केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. केरल और तटीय कर्नाटक में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड समेत अधिकांश राज्यों में अगले कई दिनों तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है. मछुआरों के लिए चेतावनी आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र में तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है. मछुआरों को 3 जुलाई तक कोंकण-गोवा, केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप, अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के कई

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नदी में फैला छाईयुक्त गंदा पानी, प्रदूषण बोर्ड ने डीवीसी अधिकारियों संग...

भास्कर न्यूज | बोकारो थर्मल डीवीसी के नूरीनगर स्थित ऐश पॉन्ड तक जाने वाली स्लरी पाइपलाइन फटने से राखयुक्त गंदा पानी सीधे नदी में पहुंच गया। यह घटना 27 जून की रात करीब आठ बजे लाल चौक खटाल के पास हुई। पाइपलाइन फटने से आसपास के इलाके में भी राख मिश्रित पानी फैल गया, जिससे पर्यावरण प्रदूषण की आशंका बढ़ गई। घटना की सूचना मिलने के बाद सोमवार को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। बोर्ड के अधिकारी सौगत महतो ने नदी से लेकर लाल चौक खटाल तक पूरे प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। जांच के दौरान डीवीसी के विभागीय डीजीएम तिताबार रहमान और वरीय प्रबंधक सचिन बोदलकर भी मौजूद रहे। निरीक्षण में टीम ने पाया कि पाइपलाइन से निकलने वाला राखयुक्त पानी सीधे नदी में बह रहा था। इसके बाद प्रदूषण के स्तर का पता लगाने के लिए नदी के विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को जांच के लिए रांची स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। सौगत महतो ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्यालय भेजा जाएगा। रिपोर्ट और मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के आधार पर डीवीसी के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन फटने की ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। उन्होंने मांग की है कि डीवीसी पाइपलाइन की नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में नदी और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण की ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। Source link

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CBSE Three-Language Policy New Guidelines

Hindi News National CBSE Three Language Policy New Guidelines | Class 9 Students Get Exemption नई दिल्ली10 घंटे पहले कॉपी लिंक CBSE ने सोमवार को थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर नई गाइडलाइन जारी की। इसके मुताबिक, इस साल 10वीं में पढ़ रहे छात्रों को तीसरी भाषा की परीक्षा नहीं देनी होगी। 7वीं, 8वीं और 9वीं के वे छात्र, जिन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, वे अपनी वही भाषाएं जारी रख सकेंगे। हालांकि, उन्हें इसके साथ एक भारतीय भाषा भी पढ़नी होगी। इन छात्रों को 10वीं में आने पर तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। CBSE के इस फैसले से 50 लाख छात्र-छात्राओं को राहत मिली है। पहले थ्री लैंग्वेज पॉलिसी के बारे में जानें CBSE की नई गाइडलाइन का सब कुछ जो आपका जानना जरूरी- वर्तमान कक्षा 10: सत्र 2026-27 के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। छात्र पहले की तरह केवल दो भाषाओं के साथ ही बोर्ड परीक्षा देंगे। तीसरी भाषा न पढ़नी होगी और न ही उसकी बोर्ड परीक्षा देनी होगी। वर्तमान कक्षा 9 : इस बैच के छात्रों को 3 भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें कम से कम 2 भारतीय भाषाएं जरूरी होंगी। हालांकि, जब ये छात्र अगले साल क्लास 10 में पहुंचेंगे, तब तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। तीसरी भाषा का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा। वर्तमान कक्षा 7 और 8: इन छात्रों के लिए भी यही व्यवस्था रहेगी। तीसरी भाषा पढ़नी होगी, लेकिन 10वीं बोर्ड में उसकी परीक्षा नहीं होगी। मूल्यांकन स्कूल करेगा। वर्तमान कक्षा 6: यही पहला बैच होगा, जिस पर थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पूरी तरह लागू होगी। इन छात्रों को कक्षा छह से 3 भाषाएं पढ़नी होंगी और जब ये कक्षा 10 में पहुंचेंगे, तब तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा भी देनी होगी। इन छात्रों को मिलेगी छूट दिव्यांग छात्रों को कानून के अनुसार तीसरी भाषा की अनिवार्यता से छूट मिलेगी। विदेशों में स्थित CBSE स्कूलों और विदेश से भारत लौटने वाले छात्रों को भी भारतीय भाषा को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ना अनिवार्य नहीं होगा। यदि किसी छात्र के माता-पिता का दूसरे राज्य में तबादला हो जाता है, तो छात्र पहले से चुने गए भाषाएं को जारी रख सकेगा। बोर्ड ने 15 मई को सर्कुलर जारी किया, पैरेंट्स सुप्रीम कोर्ट पहुंचे CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। इसका विरोध शुरू हो गया। स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स के 19 लोगों के एक ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इस पर सुनवाई जारी है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये फैसला CBSE के पहले के फैसले से बिल्कुल उलट है। सीबीएसई ने 9 अप्रैल को साफ कहा था कि तीसरी भाषा वाला नियम (R3) 9वीं क्लास के छात्रों पर 2029-30 सत्र तक लागू नहीं होगा। 34 साल बाद नई शिक्षा नीति 2020 लाई गई नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) को भारत सरकार ने 29 जुलाई, 2020 को मंजूरी दी थी। यह 34 साल बाद भारत की शिक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव है। इससे पिछली नीति 1986 में बनाई गई थी, जिसे 1992 में अपडेट किया गया था। इसका उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालना है, ताकि छात्र व्यावहारिक ज्ञान मिले और वे स्किल सीखें। नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए केंद्र ने 2030 तक का लक्ष्य रखा है। शिक्षा संविधान में समवर्ती सूची का विषय है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार दोनों का अधिकार होता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि राज्य सरकारें इसे पूरी तरह अप्लाई करें। टकराव होने पर दोनों पक्षों को आम सहमति से विवाद सुलझाने का सुझाव दिया गया है। ———————————- ये खबर भी पढ़ें: CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पेरेंट्स:9वीं क्लास में लागू किए जाने का विरोध, जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच करेगी सुनवाई CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। इनमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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बैरिकेडिंग के बावजूद जान जोखिम में डालकर आवागमन को लोग मजबूर, ग्रामीणों...

भास्कर न्यूज|लोहरदगा/किस्को लोहरदगा सदर व किस्को प्रखंड के होंदगा-कुजरा मार्ग पर नदी पर बना पुल पिछले लगभग दो वर्षों से धंसा हुआ है, लेकिन आज तक इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। यह पुल क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां से प्रतिदिन ग्रामीण, छात्र, मरीज और छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। पुल का पिलर बीच से धंस गया है। जिसका मुख्य कारण नदियों से हो रहे बालू का अवैध उठाव है। एनजीटी के रोक के बावजूद लगातार नदी से बालू का उठाव हो रहा है। अभी पुल के पिलर धंसने के साथ प्रशासन द्वारा इसे बैरिकेडिंग कर दिया गया है। बावजूद लोगों का आवागमन जारी है, जिससे हर दिन किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल के धंसने के पीछे एक बड़ा कारण नदी और पुल के आसपास से लगातार हो रहा बालू उठाव भी है। ग्रामीणों के अनुसार भारी पैमाने पर बालू निकासी से पुल की नींव कमजोर हुई, जिसके कारण पुल धीरे-धीरे धंसता चला गया। इसके बावजूद न तो अवैध बालू उठाव पर प्रभावी रोक लगी और न ही पुल की स्थायी मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल की गई। हाल ही में प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन रोकने का प्रयास किया था, लेकिन वह बैरिकेडिंग दो दिन बाद ही हटा िदया गया, जिसके बाद फिर से लोग और वाहन उसी क्षतिग्रस्त पुल से गुजरने लगे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल की तत्काल मरम्मत और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की निर्माण/मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। लोगों ने चेतावनी दी कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पुल के निर्माण और मरम्मत की दिशा में ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। लगभग 20 वर्ष पूर्व पुल का निर्माण जिला परिषद द्वारा किया गया था। इसके अलावा भी कई ऐसे पुल पुलिया है जो सिर्फ नियमित बालू उठाव के कारण जर्जर हो चुका है। Source link

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बंगाल में कांग्रेस का मिशन रिवाइवल, नेताओं को ‘ग्राउंड पर उतरने’ का...

Last Updated:June 30, 2026, 03:27 IST पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली शिकस्त के बाद कांग्रेस ने संगठन को नई धार देने की कवायद तेज कर दी है. पार्टी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कोलकाता पहुंचकर प्रदेश नेताओं को साफ संदेश दिया कि अगर चुनावी मैदान में वापसी करनी है तो बूथ से लेकर ब्लॉक तक संगठन को मजबूत करना होगा. उपचुनाव, निकाय चुनाव और अन्य सियासी तैयारी को लेकर कांग्रेस अब मिशन मोड में नजर आ रही है. ख़बरें फटाफट कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल ने बंगाल के नेताओं से जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने को कहा है. (फाइल फोटो) कोलकाता. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. सी. वेणुगोपाल ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों का जायजा लिया और राज्य के नेताओं से कहा कि वे आगामी विधानसभा उपचुनावों एवं निकाय चुनावों से पहले पार्टी को जमीनी स्तर पर मज़बूत करें. एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने बताया कि पार्टी महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने पश्चिम बंगाल के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान जिला कांग्रेस समितियों के अध्यक्षों और पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्यों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इन बैठकों में हालिया चुनावों के बाद पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा की गई और पश्चिम बंगाल के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई. इन बैठकों में पश्चिम बंगाल के प्रभारी कांग्रेस महासचिव गुलाम अहमद मीर, पार्टी महासचिव दीपा दासमुंशी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार, पार्टी सचिव अंबा प्रसाद तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए. पार्टी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि बैठकों में बूथ स्तर से संगठन को फिर से मजबूत करने और राज्यभर में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया. उन्होंने कहा, “बैठकों में बूथ और प्रखंड स्तर की समितियों को मजबूत करने, जनसंपर्क बढ़ाने तथा आगामी विधानसभा उपचुनावों के साथ-साथ नगर पालिका और नगर निगम चुनावों के लिए संगठन को पूरी तरह तैयार करने पर विशेष बल दिया गया.” पार्टी ने 21 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस के प्रस्तावित ‘शहीद मीनार चलो’ कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की और पार्टी कार्यकर्ताओं से इसमें ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में शामिल होने की अपील की. पार्टी के नेता ने बताया कि वेणुगोपाल ने प्रदेश इकाई से देशव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और नौ अगस्त को नयी दिल्ली में होने वाली इसकी समापन रैली के लिए विद्यार्थियों और युवाओं को एकजुट करने का भी आग्रह किया. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

झारखंड

आंधी, तूफान और वज्रपात! रांची, खूंटी… झारखंड के 19 जिलों में बरसेंगे...

रांची: झारखंड में आज मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार झारखंड में मानसून अब सक्रिय हो चुका है, जिसके प्रभाव से अधिकांश जिलों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाएं चलने की संभावना है. कई जिलों में वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में झारखडं के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. आज रांची में अधिकतम तापमान लगभग 30-33°C और न्यूनतम 22-24°C रहने की उम्मीद है. वहीं, पूरे झारखंड में आज तापमान में 2-4°C की गिरावट होने की संभावना है. इसके अलावा आज झारखंड के 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. झारखंड के इन जिलों में होगी बारिश झारखंड के इन जिलों में होगी बारिश आज रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. कुछ जिलों में तेज बारिश के दौर भी देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. जानें आज कहां-कहां है आंधी और वज्रपात का अलर्ट रांची मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. विशेष रूप से रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, देवघर और दुमका समेत कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है. लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है. आज पलामू रहेगा सबसे ज्यादा गर्म झारखंड में बारिश की गतिविधियों के बावजूद राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर बना रह सकता है. पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जिलों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। डालटनगंज (पलामू) राज्य का सबसे गर्म शहर बना हुआ है, जहां हाल के दिनों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया. आज भी इन जिलों में तापमान अन्य जिलों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है. झारखंड के इन जिलों का मौसम रहेगा सुहावना रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में बादल, बारिश और ठंडी हवाओं के कारण मौसम सबसे ज्यादा सुहावना रहने की उम्मीद है. इन जिलों में दिन का तापमान सामान्य से कम रह सकता है और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी. जानें सोमवार को कहां-कहां हुई बारिश झारखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई. रांची और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई, जबकि खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम के कई इलाकों में अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई. कुछ स्थानों पर मेघगर्जन और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई. मौसम विभाग का कहना है कि 4 जुलाई तक राज्य में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं और कई जिलों में झमाझम वर्षा देखने को मिलेगी. Source link

झारखंड

शहर में अग्निशमन के हिसाब से एक भी होटल सुरक्षित नहीं, जान...

भास्कर न्यूज | हजारीबाग शहर में एक भी होटल और लाज अग्निशमन विभाग के अनुसार सुरक्षित नहीं है। आग लगी तो लोगों की जान बचाना भारी पड़ जाएगा। कहीं एक ही सीढ़ी है। आग बुझाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। शहर के छोटे छोड़िए। शहर के चार बड़े होटलों में भी आग से सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया है। यही वजह है कि अग्निशमन विभाग ने इन चारों को भी एनओसी नहीं दी है। सदर के अग्निशमन पदाधिकारी ने सभी होटल संचालकों को पत्र लिखकर अग्निशमन नियमों का पालन करने के लिए कहा है। लखनऊ की घटना के बाद हजारीबाग में भी अग्निशमन विभाग ने जांच की। सदर अग्निशमन विभाग के पदाधिकारी शैलेंद्र किशोर ने होटलों की जांच की। एक भी होटल नियमों का पालन नहीं कर रहा था। इतना ही नहीं। किसी ने भी एनओसी नहीं ली थी। इसके बाद भी होटलों का संचालन लोगों की जान से खिलवाड़ कर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सदर प्रखंड में करीब 70 छोटे-बड़े होटल हैं। इसके अलावा गेस्ट हाउस रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट भी शामिल हैं। इसके बाद भी किसी ने भी लोगों की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा है। कई होटलों में रेस्टोरेंट भी है। अधिकतर होटल संचालकों ने अग्निशमन उपकरणों के नाम पर छोटा फायर एक्सटिंगुइशर लगा रखा है। जबकि होटल कोई तीन तो कोई पांच मंजिल का बना हुआ है। अधिकतर में एक ही सीढ़ी है। इसके साथ ही अग्निशमन उपकरण भी नहीं लगाए गए हैं। कुछ ने उपकरण लगाए हैं। वे काम ही नहीं कर रहे। चार बड़े होटलों की बिल्डिंग 15 मीटर से अधिक है। इनको अग्निशमन सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए था। लेकिन संचालक इसका ध्यान नहीं दे रहे। शहर में अग्निशमन के हिसाब से एक भी होटल सुरक्षित नहीं है। होटलों में ये होने चाहिए इंतजाम किसी भी होटल में सभी फ्लोर के रूम्स, हॉल, बेसमेंट आदि में स्प्रिंकलर, स्मोक डिटेक्टर और दोनों सीढ़ियों में राइजर के साथ लैंडिंग वाल्व और होस रील होज होना चाहिए। अग्निशमन विभाग द्वारा जारी सलाह के अनुसार पम्प हाउस होगा। उसमें तीन से चार फायर पम्प होंगे। ^शहर में एक भी होटल के पास अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इसकी वजह से किसी को भी अग्निशमन की एनओसी नहीं दी गई है। होटल संचालकों को पत्र लिखकर इंतजाम करने के लिए कहा गया है। चूंकि झारखंड में अभी अग्निशमन कानून नहीं लागू है। इसलिए इन पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही कानून लागू हो जाएगा।^ शैलेंद्र सिंह, अग्निशमन पदाधिकारी सदर प्रखंड बिना एनओसी के चल रहे ये बड़े होटल और रिसॉर्ट जिले में ये बड़े होटल और रिसोर्ट हैं। यहां पर लोग सबसे अधिक ठहराव करना पसंद करते हैं। अग्निशमन विभाग के अनुसार इनके पास भी अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। केनरी इन होटलए, एके इंटरनेशनल होटल, श्री सिद्धि विनायक होटल, फ्लोरेस्टा होटल, अनंता बाय द हिल रिसोर्ट, उपकार होटल, स्काई लोक अम्रपाली होटल। Source link

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