भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

ताज़ा खबर

Ketan Agarwal Murder Case LIVE: आरोपी सिया के वकील ने सबूतों पर...

Pune Ketan Agarwal Murder Case Live Updates: पुणे के चर्चित लोहगढ़ किले में हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. पता चला है कि करीब एक महीने पहले मई में सिया अपने बॉयफ्रेंड चेतन के साथ उदयपुर गई थी, जहां इसी साल नवंबर में सिया और केतन अग्रवाल की शादी होनी थी. अब सिया की मां ने इस पर सफाई देते हुए बताया कि उनकी बेटी अपनी एक दोस्त की शादी में उदयपुर गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि सिया और चेतन साथ नहीं गए थे. सिया की मां के मुताबिक, सिया ने केतन को बताया था कि चेतन उसका दोस्त है. इस मामले के दोनों मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को आज पुणे ग्रामीण अदालत में पेश किया जाएगा. पुलिस दोनों आरोपियों की हिरासत बढ़ाने की मांग कर सकती है, क्योंकि जांच अभी कई अहम पहलुओं पर जारी है. इस बीच केतन और सिया को बाली ट्रिप के लिए एयरपोर्ट ले जाने वाले कैब ड्राइवर के बयान ने इस मामले को नया ट्विस्ट दे दिया है. इससे पहले लोनावाला पुलिस ने रविवार को मुख्य आरोपी सिया गोयल को लोहगढ़ किले ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया था. पुलिस ने उसी जगह पहुंचकर पूरे घटनाक्रम को दोबारा समझने की कोशिश की, जहां से केतन अग्रवाल को कथित तौर पर 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया गया था. इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पूरे किले को आम पर्यटकों के लिए बंद रखा गया था और केवल जांच टीम को ही वहां जाने की अनुमति दी गई थी. सूत्रों के मुताबिक, अब पुलिस की अगली कोशिश इस केस के दूसरे आरोपी चेतन चौधरी के साथ भी घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट करने की है. जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि वारदात के दौरान चेतन की भूमिका क्या थी, दोनों आरोपियों ने किस तरह पूरी साजिश को अंजाम दिया और घटनास्थल पर उनकी गतिविधियां क्या थीं. इससे पुलिस को दोनों आरोपियों के बयानों का मिलान करने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलेगी. पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड लाइव: आरोपी सिया के वकील ने सबूतों पर उठाए सवाल, कस्टडी बढ़ाने का करेंगे विरोध केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल का पक्ष रख रहे वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने अपनी क्लाइंट का बचाव करते हुए सबूतों की मजबूती पर सवाल उठाए. उन्होंने पुलिस कस्टडी बढ़ाने का विरोध किया और कहा कि आरोपों को सही जांच और ट्रायल के जरिए साबित किया जाना चाहिए. सिया और चेतन की पुलिस कस्टडी खत्म होने पर वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा, ‘मेरी कोशिश रहेगी कि कस्टडी न बढ़े. आरोपी ने हर तरह से पुलिस का सहयोग किया है और सभी सवालों के जवाब दिए हैं. परिवार के सदस्यों ने भी अपना बयान दर्ज करवा दिया है. पुलिस को पूछताछ के लिए पर्याप्त समय मिल चुका है. आरोपी 20 साल की लड़की है, इसलिए मुझे लगता है कोर्ट भी इस पहलू को देखेगा और न्यायिक हिरासत में भेज देगा. इसके बाद हम कानूनी प्रक्रिया को बढ़ाएंगे.’ Pune Ketan Agarwal Murder Case: केतन को बताए बिना उदयपुर क्यों गई थी सिया? मां पूजा गोयल का चौंकाने वाला खुलासा पुणे के चर्चित लोहगढ़ किले में हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार, हत्या से एक महीने पहले मई में सिया अपने बॉयफ्रेंड चेतन के साथ उदयपुर गई थी, जहां नवंबर में सिया और केतन अग्रवाल की शादी होनी थी. अब सिया की मां ने इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया है. सिया की मां ने बताया कि उनकी बेटी अपनी एक दोस्त की शादी में उदयपुर गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि सिया और चेतन साथ नहीं गए थे. सिया की मां के मुताबिक, सिया ने केतन को बताया था कि चेतन उसका दोस्त है. केतन अग्रवाल मर्डर केस लाइव: चेतन चौधरी ने क्यों 10 घंटे बंद रखा था इंटरनेट? पुणे पुलिस का घूमा माथा पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में अब आरोपी चेतन चौधरी का करीब 10 घंटे तक इंटरनेट से गायब रहना पुलिस के लिए अहम सुराग बन गया है. जांच एजेंसियों का मानना है कि चेतन ने डिजिटल निगरानी से बचने के लिए जानबूझकर अपना इंटरनेट बंद किया था, लेकिन यही कदम अब उसके खिलाफ जांच की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन गया है. पुलिस के मुताबिक, 18 जून को सुबह करीब 7 बजे चेतन ने अपने मोबाइल का इंटरनेट बंद कर दिया था. जांचकर्ताओं का दावा है कि उसने अपनी डिजिटल मौजूदगी कम करने के लिए कई कदम उठाए, ताकि उसकी लोकेशन और गतिविधियों का पता आसानी से न लगाया जा सके. जांच में सामने आया है कि इस दौरान चेतन ने करीब 640 मिनट तक खुद को ऑनलाइन गतिविधियों से दूर रखा. हालांकि, पुलिस का कहना है कि इंटरनेट से दूरी बनाने का यही पैटर्न जांच के दौरान संदिग्ध साबित हुआ और इससे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार करने में मदद मिली. Ketan Agarwal Murder Case Live Updates: क्या सिया ने ही गायब किया था मंगेतर केतन का पासपोर्ट, कैब ड्राइवर के बयान से केस में नया ट्विस्ट पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक नया मोड़ सामने आया है. जांच एजेंसियों की नजर अब उस घटना पर भी है, जो केतन की मौत से पहले मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हुई थी. कैब ड्राइवर के बयान ने पुलिस की जांच को एक नए एंगल की ओर मोड़ दिया है. ड्राइवर के मुताबिक, वह केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया गोयल को पुणे से मुंबई एयरपोर्ट लेकर जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में सिया ने कैब रुकवाने के लिए कहा और बाद में कार की डिक्की खुलवाई. रिपोर्ट के मुताबिक, कैब ड्राइवर जाधव ने बताया कि उसने सुबह करीब 10 बजे दोनों यात्रियों को पुणे से पिक किया था. ड्राइवर का दावा है कि शुरुआत में सिया कैब में बैठने से मना कर रही थी, लेकिन उसके भाई साहिल ने उसे गाड़ी में बैठने के लिए कहा. इसके बाद कैब रवेट पहुंची, जहां से केतन गाड़ी में सवार हुए और सभी मुंबई एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए. ड्राइवर के अनुसार, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर के

झारखंड

जमशेदपुर में लगी झारखंड की पहली AI हेल्थ चेकअप मशीन, मिनटों में...

Last Updated:June 29, 2026, 10:10 IST Jamshedpur First AI Health Checkup Machine: जमशेदपुर में झारखंड की पहली AI हेल्थ चेकअप मशीन Reach AI की शुरुआत हो गई है. इसे एसआरएच स्वास्थ्य सेवा में लगाया गया है. इससे 350 रुपये में कुछ मिनट में कई जांचें हो जाएंगी. साथ ही ऑनलाइन डॉक्टर कंसल्टेशन की सुविधा भी मिलेगी. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. आज के समय में बढ़ती बीमारियों और महंगे मेडिकल खर्चों के कारण नियमित स्वास्थ्य जांच करवाना हर व्यक्ति के लिए आसान नहीं रह गया है. कई लोग समय और पैसे की कमी के कारण अपने स्वास्थ्य की जांच नहीं करा पाते, जिससे छोटी समस्याएं भी बाद में गंभीर बीमारी का रूप ले लेती हैं. ऐसे लोगों के लिए अब जमशेदपुर में एक बड़ी सुविधा शुरू की गई है. शहर में पहली बार झारखंड की पहली AI आधारित हेल्थ चेकअप मशीन ‘Reach AI’ स्थापित की गई है, जो मात्र 350 रुपये में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांच कुछ ही मिनटों में उपलब्ध करा रही है. यहां हुआ है उद्घाटनइस अत्याधुनिक मशीन का उद्घाटन और संचालन बामनगोड़ा स्थित हाउस नंबर-1, सालगाझरी केबिन के पास एसआरएच स्वास्थ्य सेवा (SRH Swasth Seva) में किया गया है. यह पूरी तरह डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर आधारित हेल्थ स्क्रीनिंग सिस्टम है, जिसका उद्देश्य आम लोगों तक सस्ती और तेज स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है. कुछ ही सेकेंड में मिल जाती है रिपोर्टइस बारे में जानकारी देते हुए टेक्नीशियन साहिल प्रकाश ने बताया कि मशीन में सबसे पहले व्यक्ति का डिजिटल रजिस्ट्रेशन किया जाता है. इसके बाद मशीन द्वारा हाइट, वेट और बॉडी मास इंडेक्स (BMI) की जांच की जाती है. अगले चरण में शरीर के कई महत्वपूर्ण पैरामीटर जैसे ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्लूकोज, ऑक्सीजन लेवल (SpO2), बॉडी टेंपरेचर, हीमोग्लोबिन, फेफड़ों की कार्यक्षमता (Lung Health) और दूसरे स्वास्थ्य संकेतकों की जांच की जाती है. सबसे खास बात यह है कि इन सभी जांचों की रिपोर्ट कुछ ही सेकंड में स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाती है. विशेषज्ञों से कंसल्टेशन भी मिलता हैसाहिल प्रकाश ने बताया कि यह मशीन केवल जांच तक सीमित नहीं है. रिपोर्ट तैयार होने के बाद मरीज को देश के अनुभवी और विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन कंसल्टेशन की सुविधा भी प्रदान की जाती है. इससे लोगों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए लंबी कतारों में खड़े होने या दूर-दराज के अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती. नियमित हेल्थ चेकअप से बच सकती हैं बीमारियांस्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित हेल्थ चेकअप कई गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाने में मदद करता है. डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, एनीमिया और श्वसन संबंधी समस्याओं जैसी बीमारियों की शुरुआती पहचान होने पर उनका उपचार अधिक प्रभावी हो सकता है. ऐसे में यह AI मशीन आम लोगों के लिए एक उपयोगी और किफायती विकल्प बनकर सामने आई है. इतने में होगी जांचतकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं का यह अनोखा संगम जमशेदपुर में स्वास्थ्य जांच के क्षेत्र में एक नई शुरुआत माना जा रहा है. मात्र 350 रुपये में कई महत्वपूर्ण जांच और विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श की सुविधा मिलने से यह मशीन आने वाले दिनों में लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो सकती है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

झारखंड

बुजुर्ग महिला की स्कॉर्पियो से टक्कर में मौत:सड़क किनारे खड़ी थी महिला,...

गुमला जिले के घाघरा प्रखंड स्थित इटकीरी गांव में सड़क हादसे में लगभग 60 वर्षीय मनकुंवर देवी की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, महिला सुबह अपने घर से गोबर फेंकने के लिए निकली थीं और सड़क किनारे खड़ी थीं। इसी दौरान बिशुनपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रही स्कॉर्पियो (JH15 AF-5240) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने किया पीछा, नहीं पकड़ में आई गाड़ी घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने स्कॉर्पियो का पीछा भी किया। बताया जाता है कि वाहन का पीछा गुमला तक किया गया, लेकिन चालक तेजी से भागने में सफल रहा और ग्रामीणों के हाथ नहीं लग सका। इसके बाद ग्रामीण वापस लौट आए। जिसके बाद इटकीरी के पास रांची-नेतरहाट मुख्य पथ को जाम कर दिया। आक्रोशित लोगों ने मृतक के परिजनों को सरकारी मुआवजा देने और दुर्घटना स्थल पर बैरिकेडिंग व स्पीड ब्रेकर निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। डेढ़ घंटे बाद खत्म हुआ जाम घटना की सूचना मिलते ही घाघरा थाना प्रभारी एसआई मनीष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें हरसंभव सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिया। साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और ठोकर निर्माण की मांग संबंधित विभाग तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे बाद जाम समाप्त कर दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। फरार स्कॉर्पियो तथा उसके चालक की तलाश में जुट गई है। Source link

झारखंड

गिरिडीह में मजदूर पर जानलेवा हमला:धारदार हथियार से गला रेता, लहूलुहान हालत...

गिरिडीह के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत सिमरियाधौरा गांव में अज्ञात अपराधियों ने एक मजदूर पर जानलेवा हमला करते हुए धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। घायल की पहचान गांव निवासी मो. मकसूद के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मकसूद रोज की तरह मजदूरी कर देर शाम अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए अपराधियों ने पीछे से उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने बेरहमी से धारदार हथियार से उनका गला काट दिया और मौके से फरार हो गए। हमले के बाद मकसूद खून से लथपथ सड़क किनारे पड़े मिले, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। गंभीर हालत में धनबाद रेफर घटना के कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर घायल मकसूद पर पड़ी। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी। परिजन मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल, गिरिडीह ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी हालत नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया। फिलहाल उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। पुलिस जांच में जुटी, आवेदन का इंतजार घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस सक्रिय हो गई। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस टीम घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो ने बताया कि अब तक परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर ली जाएगी और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। Source link

ताज़ा खबर

अमरनाथ यात्रा से पहले बड़ी खुशखबरी, अब बाबा बर्फानी की यात्रा होगी...

होमताजा खबरदेश अमरनाथ यात्रा से पहले बड़ी खुशखबरी, अब बाबा बर्फानी की यात्रा होगी बहुत आसान Last Updated:June 29, 2026, 10:36 IST Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है. जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर रामबन जिले में बनी 3.5 किलोमीटर लंबी एटी-03 साउथ बाउंड टनल ट्रैफिक के लिए लगभग तैयार है और जल्द खोले जाने की उम्मीद है. करीब 846 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह टनल पंथ्याल और डिगडूल को जोड़ते हुए ‘खूनी नाला’ जैसे भूस्खलन और पत्थर गिरने वाले खतरनाक हिस्से को बायपास करेगी. जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर 3.5 किमी लंबी टनल तैयार, अमरनाथ यात्रा होगी आसान Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की खबर है.  बाबा बर्फानी के दर्शन में उनकी यात्रा आसान होने वाली है. जी हां, जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. रामबन जिले में बनी 3.5 किलोमीटर लंबी एटी-03 साउथ बाउंड टनल अब ट्रैफिक के लिए तैयार है. पंथ्याल को डिगडूल से जोड़ने वाली इस टनल के अगले कुछ दिनों में खुलने की उम्मीद है. इससे अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले ‘खूनी नाला’ और पंथ्याल जैसे खतरनाक रास्तों से बचकर निकलने का एक सुरक्षित, तेज और हर मौसम में चलने लायक रास्ता मिलेगा. सरला प्रोजेक्ट वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा लगभग 846 करोड़ की लागत से बनाई गई एटी-03 टनल, जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे के सबसे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है. उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट भारत के सबसे जरूरी रोड कॉरिडोर में से एक पर यात्रा को बेहतर बनाएगा, सुरक्षा बढ़ाएगा, यात्रा का समय कम करेगा और ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलने में मदद करेगा. कई दशकों से ‘खूनी नाला’ और पंथ्याल वाले हिस्से हाईवे के सबसे खतरनाक हिस्सों में से रहे हैं. यहां अक्सर भूस्खलन (लैंडस्लाइड), पत्थर गिरने, अचानक बाढ़ आने और लंबे समय तक ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं मानसून के मौसम में होती रही हैं. नई टनल के खुलने से इन खतरनाक रास्तों से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे यात्रियों को साल भर बिना रुकावट और भरोसेमंद कनेक्टिविटी मिलेगी. उम्मीद है कि यह टनल अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान अहम भूमिका निभाएगी. यह जम्मू और कश्मीर के बीच यात्रा करने वाले हजारों तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और आसान आवाजाही सुनिश्चित करेगी और साथ ही हाईवे पर भीड़-भाड़ को भी काफी कम करेगी. स्थानीय निवासियों, ट्रांसपोर्टरों और पर्यटकों ने इस विकास का स्वागत किया है. वे इसे एक ‘गेम-चेंजिंग’ (बड़ा बदलाव लाने वाला) प्रोजेक्ट बता रहे हैं, जिससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार आसान होगा और पूरे क्षेत्र में साल भर कनेक्टिविटी मजबूत होगी. एटी-03 साउथ बाउंड टनल का पूरा होना जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि है. यह मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के सरकार के लगातार प्रयासों को दर्शाता है. सरला लिमिटेड के टेक्निकल मैनेजर हरीश कुंजा ने आईएएनएस से कहा, ‘एटी-3 साउथ बाउंड टनल 3.5 किलोमीटर लंबी है. इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 846 करोड़ है. हम अब अमरनाथ यात्रा से पहले इसे ट्रैफिक के लिए खोलने की तैयारी कर रहे हैं. मुख्य काम पूरा हो चुका है और फिनिशिंग व सपोर्ट का काम अभी चल रहा है, लेकिन यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से ट्रैफिक मूवमेंट के लिए लगभग तैयार है.’ स्थानीय निवासी नरेश सिंह ने कहा, ‘टनल बनने से हमें खूनी नाला होकर नहीं जाना पड़ेगा. पहले बाहर से सड़क थी, जिस पर बहुत हादसे होते थे. खूनी नाला में आज भी पत्थर गिर रहा है, ऐसे में इस टनल के खुलने से उस हादसे वाले रास्ते से होकर गुजरना नहीं पड़ेगा. जम्मू से श्रीनगर आने-जाने वाली गाड़ियों को इस टनल बनने से खतरा नहीं होगा, क्योंकि पत्थर नहीं गिरेंगे.’ News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

कम लागत में बंपर कमाई! प्रकृति प्रेम ने लातेहार के पंकज को...

Last Updated:June 29, 2026, 10:21 IST लातेहार के पंकज कुमार मिश्रा ने ‘सदाबहार नर्सरी’ से अपनी खास पहचान बनाई है. वे मिया जाकी और चार किलो वाले आम जैसी दुर्लभ किस्में बेचते हैं. उनकी नर्सरी में पौधों की कीमत 100 से 2000 रुपये तक है. इस व्यवसाय से उन्हें हर महीने 30 से 40 हजार रुपये की आय होती है. ख़बरें फटाफट लातेहारः बदलते दौर में लोग खेती के अलावा नर्सरी से भी अच्छी कमाई कर रहे है. झारखंड जो कि प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है. वहीं प्रकृति के प्रति प्रेम और हरियाली को बढ़ावा देने की सोच ने लातेहार के पंकज कुमार मिश्रा को एक सफल उद्यमी बना दिया है. वहीं लातेहार जिले के किनामाड़ बिजली ऑफिस के समीप संचालित उनकी सदाबहार नर्सरी आज जिले ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के पौधा प्रेमियों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुकी है. कभी छोटे स्तर से शुरू हुई यह नर्सरी आज सैकड़ों प्रजातियों के फलदार, औषधीय और सजावटी पौधों के लिए प्रसिद्ध है. यहां पौधों की कीमत 100 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक है, जबकि कुछ विशेष किस्मों के बड़े पौधे इससे अधिक कीमत में भी उपलब्ध हैं. पंकज मिश्रा ने बताया की सदाबहार नर्सरी की सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाली आम की दुर्लभ और अनोखी किस्में हैं. नर्सरी में मियां जाकी, चार किलो तक वजन वाला आम, अल्फांसो और जर्दालू जैसी विशेष प्रजातियों के पौधे उपलब्ध हैं. इसके अलावा अंजीर, एवोकाडो, कीवी, काजू, कटहल, जामुन और अमरूद की आठ अलग-अलग किस्मों के पौधे भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. यहां मिलने वाला करीब छह फीट ऊंचा आम का पौधा लगाने पर अगले जनवरी महीने से ही फल देना शुरू कर देता है, जिसकी कीमत लगभग 2000 रुपये है. नर्सरी में औषधीय और सजावटी पौधे भी उपलब्धआगे कहा कि यहां फलदार पौधों के साथ-साथ नर्सरी में औषधीय और सजावटी पौधों की भी भरपूर रूप से मौजूद है. जहां लगभग 100 प्रकार के फूलों और शो-प्लांट की किस्में यहां उपलब्ध हैं. इसके अलावा सजावटी पौधों की कीमत 50 रुपये से शुरू होकर 800 रुपये तक है. घर, बगीचे, कार्यालय और संस्थानों की सुंदरता बढ़ाने के लिए लोग बड़ी संख्या में यहां से पौधे खरीदने पहुंचते हैं. पंकज कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्होंने अपने गांव में 13 एकड़ क्षेत्र में विभिन्न फलदार पौधों का बाग विकसित किया है. उसी अनुभव के आधार पर उन्होंने छोटी-सी नर्सरी की शुरुआत की थी. धीरे-धीरे गुणवत्ता, सही मार्गदर्शन और बेहतर पौधों की उपलब्धता के कारण ग्राहकों का विश्वास बढ़ता गया और आज उनकी नर्सरी एक सफल व्यवसाय का रूप ले चुकी है. आगे कहा कि वर्तमान में सदाबहार नर्सरी से उन्हें प्रतिमाह लगभग 40 से 50 हजार रुपये की आय हो जाती है. उनका मानना है कि यदि मेहनत, धैर्य और प्रकृति के प्रति लगाव हो तो नर्सरी का व्यवसाय कम लागत में भी अच्छी आय का माध्यम बन सकता है. उनकी सफलता आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेती और बागवानी के क्षेत्र में स्वरोजगार की नई संभावनाएं तलाश रहे हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Latehar,Jharkhand Source link

झारखंड

पलामू में 10 दिन में एक परिवार के चार मरे:पैर में सूजन...

पलामू के पड़वा थाना क्षेत्र के सिक्का गांव में 10 दिनों में‎ अज्ञात बीमारी से एक परिवार के चार सदस्यों‎ की मौत हो गई। चौथे सदस्य श्वेता देवी की ‎मौत रिम्स में इलाज के दौरान रविवार की‎ सुबह हो गई। लगभग 20 घंटे पहले उनकी‎ ननद इन्दु कुमारी की मौत एमएमसीएच में हो‎ गई थी। इससे पहले 19 जून की रात कुलदीप ‎महतो और आठ घंटे बाद उसकी बेटी बबीता ‎कुमारी की मौत हो गई थी। उसके दो तीन दिन ‎पहले से ही कुलदीप, बबीता, लाखों देवी,‎श्वेता देवी, ईन्दु कुमारी की तबीयत खराब हुई ‎थी।‎ इलाज के लिए अस्पताल नहीं झाड़फूंक कराने ‎गए 16 जून को कुलदीप को इलाज के‎एमएमसीएच में भर्ती कराया गया था। उसके‎ बाद बबीता और श्वेता को भी भर्ती कराया‎ गया। अस्पताल प्रबंधन ने श्वेता को रिम्स ‎रेफर कर दिया था। ग्रामीणों के अनुसार श्वेता ‎देवी, लाखों देवी, ईन्दु कुमारी व नकुल मेहता ‎घर से रिम्स जाने के लिए निकले थे, लेकिन वे‎ रिम्स नहीं जाकर कहीं झाड़फूंक कराने चले‎ गए थे। इधर 20 जून को दो शवों का‎ पोस्टमार्टम करने के बाद भी एमएमसीएच‎ प्रबंधन मौत के असली कारणों को स्पष्ट नहीं ‎कर सका है। ग्रामीणों के अनुसार कुलदीप व‎ बबीता की मौत के बाद भी बीमार लाखों देवी,‎ श्वेता देवी, ईन्दु कुमारी व नकुल मेहता इलाज‎ कराने अस्पताल में न जाकर झाड़ फूंक कराने ‎चले गए थे। अधिक बीमार होने पर कुछ‎ रिश्तेदारों के दबाव के बाद ईन्दु कुमारी को‎ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के‎ दौरान मौत हो गई।‎ पैर में सूजन के बाद फूल गया था‎ ‎शरीर सिक्का के ग्रामीण दिलीप‎ मेहता, राजनाथ महतो व‎ श्याम बिहारी महतो ने‎ बताया कि सबसे पहले ‎मृतक कुलदीप महतो के‎ पैर में सुजन हुआ था।‎ उसके बाद खून की कमी‎ हो गई थी। ग्रामीणों का ‎कहना था कि परिवार के ‎सभी सदस्यों का लगभग‎ यही हाल था। पहले शरीर ‎फूल रहा था। स्वस्थ होने ‎के लिए परिवार के सदस्यों ‎ने अस्पताल में इलाज‎ कराने से झाड़फूंक तक ‎कराया, लेकिन कोई ‎फायदा नहीं हुआ।‎ एक-एक कर परिवार के‎ चार सदस्यों की मौत हो‎ गई। इस बीमारी को लेकर‎ लोगों में भय बना हुआ है।‎ क्या कहते हैं सिविल सर्जन पलामू सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए रिम्स ‎भेजा गया है। अभी तक रिम्स से कोई रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी का पता चल पाएगा।‎ वहीं रिम्स में इलाज कर रहे क्रिटिकल केयर के डॉक्टरों का कहना है कि इनमें दूषित सरसों तेल के इस्तेमाल से होने वाली बीमारी (एपिडेमिक ड्रॉप्सी) की आशंका है। वित्तमंत्री पहुंचे रिम्स, पूछा हालचाल एक परिवार के चार लोगों की मौत की‎ सूचना मिलते ही वित्त मंत्री राधाकृष्ण ‎किशोर रिम्स पहुंचे और वहां इलाजरत‎ नकुल मेहता व लाखों देवी के इलाज‎ का जायजा लिया। वित्त मंत्री ने रिम्स‎ के निदेशक से बात कर बीमार दोनों ‎मरीजों के बेहतर इलाज की व्यवस्था‎ कराते हुए मौत के कारणों का पता ‎लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ‎मौत के कारणों का पता अभी तक ‎एमएमसीएच प्रबंधन द्वारा नहीं लगा ‎पाना गंभीर मामला है।‎ Source link

झारखंड

उदित राज हत्याकांड में इंसाफ की मांग को लेकर 29 जून को...

भास्कर न्यूज | कोडरमा उदित राज हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर समाहरणालय परिसर में पिछले 28 दिनों से चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-आंदोलन के तहत सोमवार 29 जून को शाम 4 बजे न्याय सभा का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि सभा में जेएलकेएम के केंद्रीय अध्यक्ष जयराम महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सभा के माध्यम से हत्याकांड के शीघ्र खुलासे, दोषियों की गिरफ्तारी तथा जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर आवाज उठाई जाएगी। आयोजकों का आरोप है कि अब तक मामले में संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। न्याय सभा में विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों के भी शामिल होने की संभावना है। Source link

ताज़ा खबर

20 साल की यादों को समेटकर सूना हो रहा राबड़ी आवास…पर लालू-राबड़ी...

Last Updated:June 29, 2026, 09:34 IST Rabri Devi shift from 10 circular road : बिहार की राजनीति का सबसे चर्चित ठिकाना 10 सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली करने की आज आखिरी तारीख है. भवन निर्माण विभाग ने 29 जून तक बंगला खाली करने का नोटिस दिया था. वहीं, यहां से सामानों की शिफ्टिंग जारी है और ज्यादातर सामान दूसरी जगहों पर पहुंच चुका है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी फिलहाल कहां रहेंगे? 10 सर्कुलर रोड खाली करने की आखिरी तारीख आज, पर कहां रहेंगे लालू-राबड़ी? पटना. बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा पावर सेंटर रहा पटना के 10 सर्कुलर रोड का बंगला आज सूना होने जा रहा है. भवन निर्माण विभाग के नोटिस के मुताबिक, आज यानी 29 जून को इस ऐतिहासिक आशियाने को खाली करने की अंतिम तिथि है. बंगले के कमरों से करीब 80 प्रतिशत सामान ट्रकों में लादकर विदा किया जा चुका है और अब वहां सिर्फ जरूरत का कुछ चंद सामान ही बचा है. लेकिन, इस पूरी कवायद के बीच पटना के राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल तैर रहा है कि सामान तो शिफ्ट हो गया, लेकिन लालू प्रसाद और राबड़ी देवी आखिर किस छत के नीचे रहेंगे, क्योंकि उनके लिए आवंटित नया सरकारी बंगला अभी पूरी तरह तैयार नहीं है. नए घर में चल रहा काम, कहां होगा वर्तमान ठिकाना? बता दें कि राबड़ी देवी के लिए नया आधिकारिक ठिकाना 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया गया है, लेकिन दिक्कत यह है कि वहां अभी काम पूरा नहीं हो सका है. घर को लालू प्रसाद यादव की सेहत के अनुसार तैयार करने के लिए राबड़ी देवी ने विभाग को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने आरजेडी सुप्रीमो के लिए एक स्पेशल मेडिकल कमरा तैयार करने की मांग की थी. सूत्रों के मुताबिक, इस कमरे का काम अभी भी आखिरी दौर में है, ऐसे में बड़ा सस्पेंस यह है कि जब तक यह नया बंगला पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक दोनों कहां रहेंगे? 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी आवास से 80 प्रतिशत सामान शिफ्ट हो चुके हैं. बेटे का सरकारी आवास या कौटिल्य नगर का निजी आशियाना? इस सवाल और बड़े संशय के बीच दो ठिकानों की चर्चा सबसे अधिक है. माना जा रहा है कि लालू प्रसाद और राबड़ी देवी या तो 1 पोलो रोड स्थित अपने बेटे तेजस्वी यादव के सरकारी आवास में शरण लेंगे या फिर कौटिल्य नगर और गोला रोड स्थित अपने निजी घरों का रुख करेंगे. ऐसा इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि 10 सर्कुलर रोड से निकला ज्यादातर सामान भी इन्हीं तीन ठिकानों पर भेजा गया है. हालांकि, यह भी जानकारी मिल रही है कि लालू यादव की नाजुक सेहत और डॉक्टरों की लगातार निगरानी को देखते हुए ही परिवार आज शाम तक यह अंतिम फैसला लेगा कि उन्हें तुरंत कहां ले जाना सबसे ज्यादा सुरक्षित होगा. यादों को समेटते हुए खाली हो रहा राबड़ी आवास वहीं, पिछले कुछ दिनों से 10 सर्कुलर रोड बंगले की तस्वीरें बेहद भावुक करने वाली हैं. जिस परिसर और कमरों में कभी बिहार के भविष्य के बड़े-बड़े फैसले होते थे, जहां कार्यकर्ताओं का हुजूम लगा रहता था, वहां आज सिर्फ पैकिंग बॉक्स और सन्नाटा पसरा है. सोफे, कुर्सियां, घरेलू सामान और बरसों की यादें गाड़ियों में लोड होकर जा चुकी हैं. फिलहाल इस बंगले में सिर्फ उतना ही सामान बचा है जो लालू जी की रोजमर्रा की दवाइयों और आराम के लिए बेहद जरूरी है. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास की जगह 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास आवंटित किया गया है. 29 जून की डेडलाइन और खत्म होता एक दौर बता दें कि भवन निर्माण विभाग ने इस वीआईपी बंगले को खाली करने के लिए 29 जून की तारीख निर्धारित की थी. इसके बाद लालू परिवार ने भी बिना किसी कानूनी अड़चन के खुद ही आवास खाली करने की इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया और संभव है कि आज शाम होते-होते इस बंगले की चाबियां विभाग को सौंप दी जाएंगी. इसके साथ ही पटना के इस सबसे मशहूर पते से जुड़े एक बेहद लंबे, उतार-चढ़ाव भरे और दिलचस्प सियासी अध्याय पर फिलहाल के लिए पूर्णविराम लग जाएगा. About the Author Vijay jha पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

7 साल तक नहीं खाया चावल, झेले ताने; देश की पहली आदिवासी...

Last Updated:June 29, 2026, 09:16 IST झारखंड की रिया तीर्की देश की पहली आदिवासी ब्यूटी क्वीन बनी हैं. उन्होंने दो बार मिस झारखंड का खिताब जीता है. इस मुकाम के लिए उन्होंने काफी ताने झेले. रिया ने सात साल तक चावल नहीं खाया. वह फेमिना मिस इंडिया की फाइनलिस्ट भी रह चुकी हैं. अब वह लड़कियों को मॉडलिंग सिखा रही हैं. रिया बताती हैं कि आदिवासी समुदाय से आने के कारण उन्हें करियर के शुरुआती दिनों में समाज और बाहर के लोगों से काफी ताने सुनने को मिले. लोग अक्सर उनका मजाक उड़ाते हुए कहते थे, “चली है ऐश्वर्या राय बनने.” इन कड़वी बातों ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का हौसला दिया. ब्यूटी क्वीन बनने की ठान चुकी रिया ने आठ साल तक लगातार कड़ी मेहनत की और अपनी फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया. इस मुकाम को हासिल करने के लिए उन्होंने सात साल तक चावल तक नहीं खाया. रांची के विवेकानंद विद्या मंदिर और आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से अपनी पढ़ाई पूरी करने वाली रिया बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं. मॉडलिंग के अलावा उन्हें बैडमिंटन, बैंकिंग और एथोलॉजी में भी गहरी रुचि है. भविष्य की योजनाओं को लेकर रिया बताती हैं कि उन्हें नागपुरी संस्कृति से बेहद लगाव है. वह आगे चलकर नागपुरी फिल्म इंडस्ट्री में काम करना चाहती हैं. उनके कुछ एल्बम रिलीज भी हो चुके हैं और वह झारखंड की खूबसूरत वादियों में बेहतरीन फिल्में बनाना चाहती हैं. रिया ने आज के युवाओं को सफलता का एक बेहद व्यावहारिक मंत्र दिया है. उन्होंने कहा कि सबसे पहले परिस्थितियों को लेकर ‘कंप्लेंट’ यानी शिकायत करना बंद कर दें, क्योंकि आपकी शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं है. जो भी मौका सामने आए, उसका पूरा फायदा उठाएं और जो साधन आपके पास मौजूद हैं, उसी में सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश करें. रिया के अनुसार, सात साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें यह सफलता मिली है, इसलिए युवाओं को कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए और अपनी मेहनत के प्रति ईमानदार रहना चाहिए. Add News18 as Preferred Source on Google Source link

Scroll to Top