भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

झारखंड

स्थापना दिवस पर अय्यप्पा में प्रतिभा, संस्कृति का भव्य संगम

सिटी रिपोर्टर | बोकारो श्री अय्यप्पा पब्लिक स्कूल का शनिवार को 38वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और उत्साह के साथ मनाया। शुरुआत अतिथियों के तिलक एवं पौधा भेंट कर पारंपरिक स्वागत से हुई। विद्यार्थियों के स्वागत गीत और विद्यालय के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में केक काटने की रस्म ने समारोह को यादगार बना दिया। प्रधानाचार्या पी. शैलजा जयकुमार ने विद्यालय की 38 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को हर कार्य उत्कृष्टता के साथ करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्कृष्टता कोई मंजिल नहीं, बल्कि निरंतर सीखने, समर्पण और ईमानदारी की यात्रा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों ने अर्पिता घोष एवं अनामिका झा के निर्देशन में ऊर्जावान हनुमान चालीसा की प्रस्तुति दी। इसके अलावा गोवा के लोकनृत्य और शिल्पा एस. के निर्देशन में प्रस्तुत मोहिनीअट्टम ने भारतीय संस्कृति की विविधता और सौंदर्य को जीवंत कर दिया। समारोह में कक्षा 1 से 12 तक के शैक्षणिक टॉपर्स, विषयवार टॉपर्स तथा जेईई मेन एवं जेईई एडवांस्ड में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थियों को अचीवर्स अवार्ड तथा कक्षा 6 से 12 के विद्यार्थियों को स्कॉलर बैज एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विद्यालय के कर्मचारी संजय कुमार को 25 वर्ष की उत्कृष्ट सेवा के लिए विशेष सम्मान दिया गया। चेयरमैन पी. राजगोपाल ने विद्यार्थियों से अनुशासन, विनम्रता और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। निदेशक डॉ. एसएस महापात्रा ने शिक्षा को जीवन की सबसे मूल्यवान उपलब्धि बताते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, परिश्रम और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। समारोह में उपाध्यक्ष शशीन्द्रन करात, मोहनन आर नायर, महासचिव ईएस सुसीलन, कोषाध्यक्ष बालाचंद्रन, निदेशक मंडल के सदस्य सुरेश कुमार केए, डॉ. सुरेश बाबू आदि उपस्थित रहे। Source link

झारखंड

देवर ने की गर्भवती भाभी और भतीजी की हत्या:चाईबासा में नशे की...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र के मारिया साईं टोला में गर्भवती महिला और उसकी आठ वर्षीय बेटी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान 30 वर्षीय नानिका बिरुवा और उनकी पुत्री शर्मीला बिरुवा के रूप में हुई है। घटना के समय महिला का पति दखल सिंह बिरुवा खेत में काम करने गया हुआ था। इसी दौरान घर में घुसकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। दोहरी हत्या की इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। नशे की हालत में दोनों को मारा प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी रमाय बिरुवा मृतका का देवर है। घटना के समय वह नशे में था। बताया जा रहा है कि घर पहुंचने के बाद किसी बात को लेकर पारिवारिक विवाद हुआ, जिसके बाद रमाय ने गुस्से में आकर कुल्हाड़ी उठा ली। इसके बाद भाभी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच में आई आठ वर्षीय बेटी शर्मीला को भी उसने नहीं छोड़ा और उस पर भी वार कर दिया। हमले की गंभीरता ऐसी थी कि मां-बेटी दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी गांव में आग की तरह फैल गई। पति पर भी हमला करने की कोशिश घटना की सूचना मृतका की दूसरी बेटी तुलसी बिरुवा ने खेत में जाकर अपने पिता दखल सिंह को दी। जब दखल सिंह घर पहुंचे, तो आरोपी ने उन पर भी हमला करने की कोशिश की। हालांकि, दखल सिंह ने खुद को बचाने के लिए पास में पड़ा पत्थर उठा लिया। जिसके बाद आरोपी वहां से जंगल की ओर भाग गया। इस दौरान बीच-बचाव करने आए कांडे बिरुवा पर भी आरोपी ने कुल्हाड़ी से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायल को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने जंगल से आरोपी को दबोचा घटना की सूचना गांव के मानकी द्वारा पुलिस को दी गई, जिसके बाद मंझारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, चाईबासा भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जंगल में छापेमारी की। जहां से आरोपी रमाय बिरुवा को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद को ही हत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है। वहीं आरोपी के नशे में होने की भी पुष्टि की जा रही है। Source link

ताज़ा खबर

CBSE Class 10 Second Exam Result 2026: cbseresults.nic.in पर एक्टिव होने वाला...

Last Updated:June 28, 2026, 15:07 IST CBSE Class 10 Second Exam Result 2026: सीबीएसई क्लास 10वीं के सेकेंड एग्जामिनेशन के नतीजों का इंतजार खत्म होने वाला है. बोर्ड जल्द ही ऑफिशियल वेबसाइट cbseresults.nic.in पर स्कोरकार्ड जारी करने की तैयारी में है. सीबीएसई 10वीं रिजल्ट 2026 चेक करने के लिए रोल नंबर और स्कूल कोड की जरूरत होगी. CBSE Class 10 Second Exam Result 2026: सीबीएसई 10वीं के नतीजे जल्द जारी होने की उम्मीद है नई दिल्ली (CBSE Class 10 Second Exam Result 2026). सीबीएसई कक्षा 10वीं के स्टूडेंट्स के लिए जरूरी खबर है. सीबीएसई 10वीं सेकंड बोर्ड परीक्षा के नतीजे जल्द ही घोषित होने वाले हैं. बोर्ड अब किसी भी वक्त अपनी ऑफिशियल वेबसाइट cbseresults.nic.in पर सीबीएसई 10वीं सेकंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अपलोड कर देगा. करीब 6.68 लाख स्टूडेंट्स ने सीबीएसई कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा दी थी. साइंस विषयों के लिए सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुआ था. नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के तहत स्टूडेंट्स को स्कोर सुधारने का दूसरा मौका मिला था. सीबीएसई 10वीं सेकंड बोर्ड परीक्षा खत्म होने के बाद से ही कॉपियों को जांचने का काम बहुत तेजी से चल रहा है और अब यह आखिरी दौर में है. नतीजे घोषित होते ही स्टूडेंट्स बोर्ड की वेबसाइट पर अपने रोल नंबर और जरूरी डिटेल्स की मदद से रिजल्ट देख सकेंगे. जानिए सीबीएसई 10वीं सेकंड बोर्ड परीक्षा का स्कोरकार्ड कैसे डाउनलोड कर सकते हैं. सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट पर रखें नजर सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं के सेकंड एग्जामिनेशन 2026 के नतीजे किसी भी वक्त जारी कर सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीएसई 10वीं रिजल्ट 2026 तैयार करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है. छात्रों को किसी भी तरह की अफवाहों से बचने और केवल सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cbseresults.nic.in या cbse.gov.in पर ही अपडेट्स चेक करने की सलाह दी जाती है. जैसे ही बोर्ड की तरफ से हरी झंडी मिलेगी, रिजल्ट का लिंक एक्टिवेट कर दिया जाएगा. सीबीएसई 10वीं सेकंड बोर्ड परीक्षा के नतीजे कैसे चेक करें? सीबीएसई 10वीं सेकंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद वेबसाइट पर अचानक ट्रैफिक बढ़ जाता है, जिससे कई बार पेज धीमा हो जाता है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है. इन आसान स्टेप्स से स्कोरकार्ड देख सकते हैं: सीबीएसई की रिजल्ट वेबसाइट cbseresults.nic.in पर विजिट करें. होमपेज पर ‘CBSE Class 10th Second Examination Result 2026’ का लिंक दिखेगा, उस पर क्लिक करें. अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा, जहां रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी जैसी जरूरी डिटेल्स एंटर करनी होंगी. सभी जानकारी सही-सही भरने के बाद ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें. डिजिटल स्कोरकार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा. इसे डाउनलोड कर लें और फ्यूचर रेफरेंस के लिए प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें. डिजिलॉकर और उमंग ऐप पर भी चेक कर सकेंगे रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट के साथ ही सीबीएसई डिजिटल माध्यमों से भी रिजल्ट देखने की सुविधा दे रहा है. स्टूडेंट्स अपने स्मार्टफोन में DigiLocker (डिजिलॉकर) ऐप या UMANG ऐप डाउनलोड करके अपना डिजिटल पासिंग सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं. इसके लिए बस अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए इन ऐप्स में साइन-इन करना होगा. यह डिजिटल डॉक्यूमेंट हर जगह मान्य होता है. इसके आधार पर 11वीं में एडमिशन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं. सीबीएसई सेकंड बोर्ड परीक्षा का गणित क्या है? सीबीएसई सेकंड बोर्ड परीक्षा का सिस्टम स्टूडेंट्स का मानसिक तनाव कम करने के लिए शुरू किया गया है. अक्सर देखा जाता है कि मुख्य परीक्षा के दौरान तबीयत खराब होने या अन्य दवाब के कारण कई होनहार छात्र अपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाते. इस परीक्षा के जरिए स्टूडेंट्स को अपनी कमियां सुधारने और बिना साल बर्बाद किए आगे की स्ट्रीम (साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स) चुनने का बेहतरीन मौका मिला है. इस बार के मूल्यांकन में भी स्टूडेंट्स की सहूलियत का ध्यान रखा गया है. About the Author Deepali PorwalSenior Sub Editor Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

बोकारो के गांवों में गर्भवती हथनियों के साथ डेरा डाले हैं 30...

Last Updated:June 28, 2026, 13:19 IST ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने इलाके में दो क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की हैं. ये टीमें लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं. वो जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करेंगी. वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं हाथियों का झुंड दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें. वन विभाग की बड़ी चेतावनी बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया क्षेत्र में जंगली हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. करीब 30 हाथियों का एक बड़ा झुंड गोपो, पालू, बड़की पुन्नू और कुसुमडीह-कानीडीह गांव के आसपास घूम रहा है. हाथियों की लगातार गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. बोकारो वन प्रमंडल के संलग्न पदाधिकारी संदीप शिंदे ने बताया कि इस झुंड में 2 से 3 गर्भवती हथनियां भी शामिल हैं. गर्भावस्था के दौरान हाथियों का स्वभाव सामान्य से अधिक आक्रामक हो सकता है. यही वजह है कि यह झुंड फिलहाल धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और संभावना है कि कुछ दिनों तक इसी इलाके में डेरा डाले रह सकता है. वन विभाग ने ग्रामीणों से रात के समय घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है. साथ ही लोगों से कहा गया है कि वे हाथियों के पास जाकर फोटो या सेल्फी लेने की कोशिश न करें. हाथियों को शोर मचाकर, पटाखे फोड़कर, ट्रैक्टर या अन्य वाहनों से भगाने का प्रयास भी नहीं करें, क्योंकि इससे वे उग्र हो सकते हैं और जान-माल का नुकसान हो सकता है. ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने इलाके में दो क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की हैं. ये टीमें लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं. वो जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करेंगी. वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं हाथियों का झुंड दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें. खुद किसी तरह का जोखिम न उठाएं. वन अधिकारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में हाथियों का झुंड अक्सर गांवों के आसपास पहुंच जाता है. ऐसे समय में लोगों की सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है. विभाग ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है. फिलहाल पूरे इलाके में वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

झारखंड

नौजवान नशा से रहे दूर, नशा नाश का है द्वार : एसपी

भास्कर न्यूज|कुडू नौजवान मोहर्रम कमेटी कुडू के नेतृत्व में मोहर्रम की दसवीं पर शनिवार को मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। प्रखंड के मुख्य और ग्रामीण इलाके के विभिन्न टोलों व मोहल्लों से निकले जुलूस में नौजवानों व अखाड़ा समिति के सदस्यों ने हैरतंगेज करतब का प्रदर्शन किया। जुलूस में प्रखंड के ननतिलों, टाकू, चंद्लासों, कुडू, चंडू सहित विभिन्न क्षेत्र से मुस्लिम धर्मावलंबियों ने अखाड़ों के साथ जुलूस निकाला। जुलूस या अली या हुसैन, नारे तकबीर, अल्लाह-हु-अकबर के नारे लगाए गए। जुलूस में बड़ी संख्या में महिला, युवा और बच्चे भी अखाड़े की करतबों को देखने पहुंचे थे। मौके पर मोहर्रम कमिटी के नेतृत्व में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। अखाड़ों के सदस्यों ने खेल का प्रदर्शन किए। मौके पर पहुंचे मुख्य अतिथि एसपी सादिक अनवर रिजवी ने अच्छे खेल का प्रदर्शन करने वालो को पारंपरिक हथियार तलवार देकर सम्मानित किया। मौके पर एसपी ने कहा अपनी अजीम कुर्बानी पेश कर संपूर्ण मानव जाति के स्वाभिमान, इंसानियत व मानवता के वजूद को महफूज रखने वाले हजरत इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम मनाया जाता है। उन्होंने कहा नौजवान नशा से दूर रहे, नशा नाश का द्वारा है। इधर प्रशासन मोहर्रम को लेकर विशेष एहतियात बरत रही है। कई जगहों पर दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गयी थी थाना प्रभारी अजीत कुमार सुरक्षा को लेकर कुड़ू थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों का दौरा कर पुलिस जवानी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मौके पर एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, सीओ संतोष उरांव,कमिटी के संरक्षक मोजमिल अहमद,उप प्रमुख ऐनुल अंसारी,सलीम अमीर,मोहर्रम कमिटी अध्यक्ष इम्तियाज खलीफा, भोला खान,सलीम पाडू,उमेर खान, एनामुल खान, सजाद अंसारी,रज्जी अंसारी, कांग्रेस नेता संजू तुरी, सुंदर अमीर, खुर्शीद खान, असगर अंसारी सहित अन्य शामिल थे। Source link

झारखंड

इस साल बारिश की अवधि कम, हवा में कम दबाव से मानसून...

भास्कर न्यूज|लोहरदगा मानसून में हो रही देरी के बीच जिलेभर के किसान बारिश की आस में आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। इस वर्ष मानसून अपने समय से काफी देर चल रही है, जिसके कारण किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। संपन्न किसान भाई तो वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बीड़ा लगा चुके हैं, परंतु बारिश की आस में रहने वाले किसान अब भी बीड़ा तैयार करने को लेकर बारिश की प्रतीक्षा में है। यदि गत वर्ष की ओर नजर डाली जाए तो अब तक किसान भाई रोपनी कार्य में जुट गए थे। परंतु इस वर्ष मानसून में हो रही देरी के कारण बीड़ा तैयार करने को लेकर भी किसान चिंतित है। कृषि विभाग के अनुसार जून माह में 137.4 एमएम बारिश का लक्ष्य रखा जाता है। इसके विपरीत अब तक मात्र 24 एमएम बारिश ही जिले में हुई है। जबकि गत वर्ष 2025 में जून माह में लक्ष्य के विपरीत 340 एमएम बारिश हुई थी। सिर्फ 20 जून 2025 तक 100 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी थी। लगभग 10 से 11 जून 2025 तक मानसून जिले में पूरी तरह सक्रिय हो गया था। जबकि इस वर्ष मानसून जून माह के आखिरी समय तक भी सुस्त पड़ा है। वहीं अबतक मात्र 20 प्रतिशत किसान ही बीड़ा लगा सके है। वहीं अभी भी कई किसान खेतों को तैयार करने में जुटे है। विभाग के अनुसार आगे 2 जुलाई से मानसून सक्रिय होने की बात कही गई है। इधर रुक-रुक कर बारिश होने के कारण उमस भी बढ़ गई है। सुबह शाम मौसम कूल रह रहा है। वहीं दिन में लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश को लेकर खेती किसानी कार्य में जुटे किसान। बीते दिन बारिश से अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आई थी, जिसके बाद शनिवार को पुनः जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री दर्ज किया गया है। कृषि वैज्ञानिक डॉ शंकर कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष मौसम विभाग के द्वारा बारिश की अवधि कम बताई गई है। मानसून के अबतक सक्रिय नहीं होने का कारण हवा में दबाव कम बनना है। केरल में मानसून समय से पहुंची थी परंतु हवा में कम दबाव बनने के कारण झारखंड पहुंचते पहुंचते मानसून सुस्त पड़ गई है। उन्होंने किसानों से बीड़ा लगाने में सप्ताह भर का अंतराल रखने की बात कही है, जिससे बीड़ा समय से तैयार हो सके। उन्होंने किसानों से अपील किया है कि अभी किसान कम पानी में होने उत्पादित होने वाले फसलों पर वैकल्पिक रूप से अधिक ध्यान दें, जिससे कम बारिश होने पर भी उन्हें अधिक नुकसान का सामना न करना पड़े। Source link

ताज़ा खबर

30,000 किसानों ने भरा फॉर्म, फिर भी केवल 600 को मिलेगा अनुदान!...

होमफोटोकृषि 30,000 किसानों ने भरा फॉर्म, फिर भी केवल 600 को मिलेगा अनुदान! Last Updated:June 28, 2026, 14:19 IST Agriculture News: प्याज उत्पादकों के लिए एक बड़ी निराशाजनक खबर सामने आई है. कृषि विभाग की अनुदान योजना के तहत बड़ी संख्या में किसानों ने आवेदन किया, लेकिन उपलब्ध बजट और निर्धारित पात्रता के कारण करीब 30 हजार आवेदनों में से केवल 600 किसानों को ही अनुदान का लाभ मिल सकेगा. इससे हजारों प्याज उत्पादकों की उम्मीदों को झटका लगा है. किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में अनुदान की सीमित संख्या ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में बजट बढ़ाया जाए और अधिक किसानों को योजना का लाभ मिले. Agriculture News: अनुदान की उम्मीद में आधुनिक और हाईटेक खेती अपनाने वाले किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है. कृषि एवं उद्यान निदेशालय ने सीकर जिले में संचालित आधा दर्जन योजनाओं के लिए लक्ष्य जारी कर दिए हैं, लेकिन उपलब्ध लक्ष्य आवेदनों की तुलना में बेहद कम हैं. इससे बड़ी संख्या में किसानों को सरकारी सहायता मिलने की संभावना कम हो गई है. जिले में विभिन्न कृषि और उद्यान योजनाओं के तहत कुल 48,434 किसानों ने आवेदन किए हैं. हालांकि जारी किए गए लक्ष्यों के अनुसार केवल करीब 2,500 किसानों को ही अनुदान का लाभ मिल सकेगा।l. इसका सीधा मतलब है कि 45 हजार से अधिक किसान इस बार सरकारी सहायता से वंचित रह सकते हैं, जिससे किसानों में निराशा का माहौल है. सबसे बड़ा असर प्याज उत्पादक किसानों पर पड़ेगा. सीकर प्रदेश में सबसे अधिक प्याज उत्पादन करने वाला जिला है. यहां लगभग 30 हजार किसानों ने प्याज भंडारण गोदाम के लिए अनुदान योजना में आवेदन किया है, लेकिन सरकार ने फिलहाल केवल 600 किसानों के लिए ही लक्ष्य निर्धारित किया है. इससे अधिकांश किसानों की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं. Add News18 as Preferred Source on Google प्याज भंडारण योजना किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इससे फसल को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. भंडारण की सुविधा मिलने पर किसान बाजार में उचित कीमत मिलने तक प्याज को सुरक्षित रख सकते हैं. इससे उन्हें कम दाम पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं रहती और आय बढ़ाने का अवसर मिलता है. इस योजना के तहत सरकार प्रति इकाई प्याज भंडारण गोदाम निर्माण के लिए अधिकतम 87,500 रुपए तक का अनुदान प्रदान करती है. इस प्रकार का गोदाम लगभग 500 टन प्याज के सुरक्षित भंडारण की क्षमता रखता है. पिछले वर्ष जिले में 700 किसानों को इस योजना का लाभ मिला था, लेकिन इस बार लक्ष्य घटाकर 600 कर दिया गया है. संयुक्त निदेशक कृषि मोहन सिंह बिजारणिया ने बताया कि वर्तमान में उपलब्ध लक्ष्यों के अनुसार ही चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी. उन्होंने कहा कि नियमानुसार वरीयता और लॉटरी प्रणाली के आधार पर पात्र किसानों का चयन होगा. विभाग को उम्मीद है कि अतिरिक्त लक्ष्य मिलने पर अधिक किसानों को अनुदान का लाभ दिलाया जा सकेगा. Source link

झारखंड

लखनऊ हादसे के बाद हजारीबाग में बढ़ी चिंता, कोचिंग सेंटरों में फायर...

Last Updated:June 28, 2026, 13:53 IST इस मामले में जिला प्रशासन का रवैया भी सवालों के घेरे में है. प्रशासन की ओर से समय-समय पर कोचिंग संस्थानों की जांच की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है. हालांकि हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती का कहना है कि कोचिंग सेंटरों को बंद करना समाधान नहीं है. कोचिंग सेंटरों की चौंकाने वाली तस्वीर हजारीबाग: झारखंड का हजारीबाग इन दिनों शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है. यहां राज्य के विभिन्न जिलों से हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहुंच रहे हैं. शहर में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं. लेकिन इन संस्थानों में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं, यह अब एक बड़ा सवाल बन गया है. हजारीबाग में 200 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं. यहां रोजाना हजारों छात्र पढ़ाई करने आते हैं. इनमें से कई संस्थान छोटे-छोटे कमरों और बहुमंजिला इमारतों में चल रहे हैं. ऐसे में आग जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. हाल ही में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा तेज हो गई है. इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि किसी कोचिंग सेंटर में आग लग जाए तो वहां मौजूद छात्रों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम हैं. हजारीबाग की बात करें तो शहर के केवल एक-दो कोचिंग संस्थानों में ही फायर सेफ्टी के बुनियादी इंतजाम दिखाई देते हैं. अधिकांश कोचिंग सेंटरों में अग्निशमन उपकरण या आपातकालीन निकास जैसी सुविधाएं नहीं हैं. कई जगहों पर एक ही कमरे में 100 से अधिक छात्र पढ़ाई करते हैं. ऐसी स्थिति में यदि कोई हादसा होता है, तो छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो सकता है. इस मामले में जिला प्रशासन का रवैया भी सवालों के घेरे में है. प्रशासन की ओर से समय-समय पर कोचिंग संस्थानों की जांच की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है. हालांकि हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती का कहना है कि कोचिंग सेंटरों को बंद करना समाधान नहीं है. वहां सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए. ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या जिला प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? अगर पहले से ही सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कर दिया जाए, तो संभावित हादसों को टाला जा सकता है. अभिभावकों का कहना है कि कोचिंग संस्थान छात्रों से मोटी फीस तो वसूलते हैं. लेकिन सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के नाम पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं करते. इसके बावजूद बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए उनके पास दूसरा विकल्प भी नहीं है. कोचिंग में पढ़ने वाले छात्रों का भी कहना है कि अधिकांश संस्थानों में सुरक्षा के नाम पर कोई खास व्यवस्था नहीं है. एक-एक क्लास में 70 से 80 छात्रों को बैठाया जाता है. कई कोचिंग सेंटर संकरी गलियों में स्थित हैं और एक ही इमारत में कई संस्थान संचालित हो रहे हैं. ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में बाहर निकलना कठिन हो सकता है. छात्रों का कहना है कि लखनऊ की घटना के बाद उनमें डर का माहौल है. इसके बावजूद पढ़ाई जारी रखना उनकी मजबूरी है. उन्होंने जिला प्रशासन से फायर सेफ्टी को लेकर सख्त नियम लागू करने की मांग की है. वहीं, कोचिंग एसोसिएशन हजारीबाग के सचिव डॉ. प्रकाश कुमार ने कहा कि सभी कोचिंग संस्थानों के संचालकों के साथ लगातार बैठक की जा रही है. छात्रों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. सभी संस्थानों में सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने की दिशा में काम किया जा रहा है. हजारीबाग में कोचिंग का कारोबार करोड़ों रुपये का है, लेकिन सुविधाओं और सुरक्षा के मामले में अभी भी कई कमियां नजर आती हैं. छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Hazaribagh,Jharkhand Source link

झारखंड

लोहरदगा में आज बंद रहेगी विद्युत आपूर्ति

लोहरदगा|जिले में 28 जून दिन रविवार को 5 घंटे दिन में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दिशा में विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल के सहायक विद्युत अभियंता अज्जू कच्छप ने बताया कि 28 जून को 11 केवी पीएचईडी फीडर में पुराने कंडक्टर को बदलकर नए कंडक्टर लगाने का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा 11 केवी लोहरदगा फीडर में मेंटेनेंस का कार्य भी किया जाएगा। जिस कारण सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:30 तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। Source link

झारखंड

चिन्मय विद्यालय में सीबीएसई की दो दिवसीय कार्यशाला

सिटी रिपोर्टर | बोकारो चिन्मय विद्यालय, बोकारो में सीबीएसई की ओर से आयोजित दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम (सीबीपी) शनिवार को संपन्न हो गया। आकलन एवं मूल्यांकन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ बनाना विषय पर आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए शिक्षकों को नई मूल्यांकन पद्धतियों से अवगत कराना था। कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में राखी बनर्जी और अनिल मोदी ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर विद्यालय के सचिव महेश त्रिपाठी, प्राचार्य सूरज शर्मा, वरीय उपप्राचार्य नरमेंद्र कुमार एवं उपप्राचार्य डॉ. रोशन शर्मा उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंतिम दिन राखी बनर्जी ने शिक्षण और मूल्यांकन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के समावेश पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में एआई आधारित शिक्षण विद्यार्थियों के समावेशी विकास के लिए अत्यंत उपयोगी है। वहीं, अनिल मोदी ने प्रश्न पत्र निर्माण, दक्षता आधारित मूल्यांकन और समय प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र तैयार करते समय विद्यार्थियों की क्षमता के साथ निर्धारित समय सीमा का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। कार्यशाला के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। अंत में उपप्राचार्य डॉ. रोशन शर्मा ने सभी प्रतिभागियों एवं रिसोर्स पर्सन का आभार व्यक्त किया। Source link

Scroll to Top