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झारखंड

रांची के गेतलसूद में 100 मेगावाट का राज्य का पहला फ्लोटिंग सोलर...

रांची के गेतलसूद डैम में राज्य का पहला फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट बनकर तैयार हो गया है। 100 मेगावाट वाले इस पावर प्लांट का उद्घाटन 8 मई को होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से समय लेने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्लांट से उत्पादित बिजली हटिया व नामकुम ग्रिड को मिलेगी। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) इसकी आपूर्ति करेगा। यह बिजली सस्ती होगी। इसके लिए जेबीवीएनएल विद्युत नियामक आयोग में पिटीशन दायर करेगी। जेबीवीएनएल सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) ने करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण कराया है। इसलिए खास है तैरता हुआ प्लांट {172 हेक्टेयर में फैला यह प्लांट न केवल बिजली बनाएगा, बल्कि डैम के पानी को भाप बनकर उड़ने से भी रोकेगा। यानी बिजली भी मिलेगी और जल संरक्षण भी होगा। {जमीन के मुकाबले पानी की सतह पर सोलर पैनल ज्यादा ठंडे रहते हैं। इससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ जाती है। यह स्वच्छ ऊर्जा का बड़ा उदाहरण होगा, जो कार्बन उत्सर्जन कम करेगा। आगे क्या…पांच साल में तीन दर्जन डैम और जलाशयों में लगेंगे प्लांट सरकार ने अगले पांच साल में तीन दर्जन से अधिक डैम और जलाशयों में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा है। चांडिल डैम में 600 मेगावाट के प्लांट के लिए ज्रेडा ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। तेनुघाट डैम में भी 400 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगना है। इसके अलावा बोकारो और गुमला में ऊपरी शंख डैम में भी प्लांट लगाने की राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस पर भी इसी साल काम शुरू होने की उम्मीद है। रांची को मिलेगी ज्यादा बिजली Source link

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मीन राशि वालों का आज मिलेगा भाग्य का साथ, करियर-व्यापार में सफलता,...

Last Updated:May 02, 2026, 03:31 IST Aaj Ka Meen Rashifal 02 May 2026, Pisces Horoscope Today, आज का मीन राशिफल: मीन राशि वालों के लिए आज का दिन खुशखबरी लेकर आया है.कारोबार में मुनाफा मिलने के प्रबल संकेत हैं और पुरानी सेहत से जुड़ी परेशानियों में सुधार हो सकता है.निवेश किए गए धन से अच्छा लाभ मिलने के योग बन रहे हैं. जीवनसाथी के साथ सुखद समय बिताने और कहीं घूमने का मौका मिल सकता है. मीन राशि के लोगों के लिए आज का दिन बेहद शुभ और उत्साह से भरा रहेगा. आप खुद को ऊर्जा, आत्मविश्वास और नई ताकत से भरपूर महसूस करेंगे. आपका सकारात्मक सोच और मजबूत इरादा हर काम में सफलता की राह खोलेगा. नौकरीपेशा लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं और कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना भी होगी. आज का दिन तरक्की और खुशियों के नए दरवाजे खोलने वाला साबित हो सकता है. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार,आज का दिन अनुकूल है. आपकी ऊर्जा और समर्पण आपको अधूरे कार्य पूरे करने में मदद करेगा. दिन के अंत तक आपको संतुष्टि और आत्मविश्वास का अनुभव होगा. यदि आप समझदारी से निवेश करते हैं, तो भविष्य में इसके अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है. निजी जीवन में भी खुशियां बनी रहेंगी और जीवनसाथी के साथ मधुर समय बिताने का मौका मिलेगा, जिससे रिश्तों में और गहराई आएगी. मीन राशि वालों का करियर राशिफलमीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन करियर में संतुलन और सूझबूझ का संकेत दे रहा है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ बेहतर समन्वय बना रहेगा, जिससे आपके सभी काम समय पर पूरे होंगे. आपका शांत और समझदार रवैया दूसरों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा और टीम में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी. आज लिए गए सोच-समझकर फैसले भविष्य में नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगे और सफलता की राह को मजबूत बनाएंगे. मीन राशि का व्यापार राशिफलमीन राशि के व्यापारियों के लिए आज का दिन ऊर्जा और सफलता के नए अवसर लेकर आएगा. किसी विश्वसनीय साथी के सहयोग से लाभदायक डील मिल सकती है, साथ ही बड़े ऑर्डर मिलने के भी संकेत हैं. इससे आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी और आत्मविश्वास मजबूत होगा. निवेश करने के लिए समय अनुकूल है, समझदारी से लिया गया निर्णय भविष्य में बेहतरीन लाभ देगा और आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ बनाएगा. मीन राशिवालों की सेहत का हालमीन राशि वालों के लिए आज का दिन स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद अनुकूल रहेगा. शरीर में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार महसूस होगा, जिससे आप दिनभर सक्रिय और फ्रेश बने रहेंगे. यदि कोई पुरानी परेशानी चल रही थी तो उसमें राहत मिलने के संकेत हैं. संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा. बच्चों की सेहत भी अच्छी बनी रहेगी. कुल मिलाकर आज का दिन तन और मन दोनों को सुख और संतुलन देने वाला रहेगा. मीन राशि की आर्थिक स्थितिमीन राशि के जातक का आर्थिक दृष्टि से दिन अनुकूल रहने वाला है. धन संबंधी मामलों में संतुलन बना रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर मित्रों व सहकर्मियों का सहयोग भी मिलेगा. पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा. नई योजनाओं में पैसा लगाने से पहले सोच-समझकर रणनीति बनाना जरूरी रहेगा.  समझदारी से लिया गया निर्णय आगे चलकर अच्छे परिणाम देगा. कुल मिलाकर आज वित्तीय स्थिति सकारात्मक और मजबूत बनी रहेगी. मीन राशि वालों की लव लाइफमीन राशि वालों के लिए आज का दिन रिश्तों में खुशियां लेकर आने वाला है. वैवाहिक जीवन में आपसी तालमेल और अपनापन बढ़ेगा, जिससे परिवार में सुखद माहौल बना रहेगा. जीवनसाथी से दिल की बात साझा करने पर पुराने मनमुटाव दूर हो सकते हैं. प्रेम संबंधों में भी आज नयापन और उत्साह बना रहेगा, जिससे रिश्ते और मजबूत होंगे.अविवाहित लोगों के जीवन में किसी खास व्यक्ति का आगमन हो सकता है या प्रेम प्रस्ताव मिलने की संभावना है. मीन राशि वाले जरूर करे यह उपायआज आपके लिए लकी नंबर 4 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. जो जातक धर्म-कर्म में रुचि रखते हैं, वे आज शनि महाराज मे मंदिर जाकर भगवान का तेल से अभिषेक कराएं. साथ ही गरीबों को काली वस्तुओं का दान करें. यह उपाय मानसिक शांति देगा और आत्मविश्वास बढ़ाएगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh Source link

झारखंड

कचरा समझकर जलाते थे पत्ते, अब वही बना कमाई का जरिया, पलामू...

Last Updated:May 01, 2026, 13:10 IST Palamu Leaf Compost: जिस पतझड़ को लोग सूखेपन और बेकार पत्तों का मौसम समझते थे. वहीं, अब ग्रामीण महिलाओं के लिए कमाई का सुनहरा मौका बन गया है. पेड़ों से गिरने वाले सूखे पत्ते, जिन्हें पहले लोग जला देते थे या कचरा समझकर फेंक देते थे. अब पलामू, गढ़वा और लातेहार के जंगल क्षेत्रों में रोजगार और हरियाली दोनों का आधार बन चुके हैं. इन पत्तों से महिलाएं हर्बल कंपोस्ट तैयार कर रही हैं, जिसकी मांग अब झारखंड से निकलकर नोएडा, हरियाणा समेत कई राज्यों तक पहुंच गई है. दरअसल, पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2025 में पत्तों से कंपोस्ट बनाने की शुरुआत की थी. ईको डेवलपमेंट समिति से जुड़ी महिलाओं और ग्रामीणों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया. शुरुआती दौर में विभाग ने तकनीकी और संसाधन सहायता दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण इस योजना से जुड़ते चले गए. आज यह पहल जंगल क्षेत्र के करीब 50 गांवों तक पहुंच चुकी है. हुनर से रोजगार योजना की नोडल नैनी मधु ने लोकल 18 को बताया कि पत्तों से कंपोस्ट तैयार करने की प्रक्रिया बेहद आसान और पूरी तरह प्राकृतिक है. सबसे पहले सूखे पत्तों को इकट्ठा कर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है. फिर इन्हें गोबर मिले पानी के साथ मिलाकर ढेर के रूप में जमा किया जाता है. नियमित नमी और देखरेख के बाद यही पत्ते 55 से 60 दिनों में बेहतरीन जैविक खाद में बदल जाते हैं. यह खाद खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के साथ-साथ फसलों के लिए भी काफी लाभकारी मानी जा रही है. उन्होंने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि इस पहल ने रफ्तार पकड़ ली है. वर्ष 2025 में जहां 28 हजार किलो कंपोस्ट तैयार हुआ था, वहीं, 2026 में अब तक 1 लाख 75 हजार किलो से अधिक कंपोस्ट तैयार किया जा चुका है. स्थानीय बाजार में इसकी कीमत 15 रुपये प्रति किलो है. जबकि बाहर की कंपनियां इसे 25 रुपये प्रति किलो तक खरीदने की इच्छा जता रही हैं. Add News18 as Preferred Source on Google वहीं, ग्रामीण महिला अमोला देवी बताती हैं कि पहले वो घर पर रहती थी. उन्हें इन सभी चीजों के बारे में जानकारी नहीं थी. वो भी लोगों की तरह इन पत्तों को बेकार समझकर जला देती थी, लेकिन अब इन्हें इकट्ठा कर बेच रहे हैं और इससे खाद भी बन रही है. यानी जो पत्ते कभी जंगल में आग का कारण बनते थे. अब वही आय का जरिया बन गए हैं. उन्होंने कहा कि सबसे खास बात यह है कि समितियां ग्रामीणों से किलो के हिसाब से पत्ते खरीद रही हैं. इससे गांव के लोगों को सीधी आमदनी मिल रही है. साथ ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं कम हो रही हैं. पर्यावरण सुरक्षित हो रहा है और वन्यजीवों की भी रक्षा हो रही है. उन्होंने कहा कि इसे बनाने की लंबी प्रक्रिया होती है. जिसमें बहुत लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. इसे बनाने में 3 महीना का समय लगता है. इससे अब पैसे तैयार हो रहे हैं. इससे महिलाओं को काफी फायदा भी हो रहा है. Source link

व्यापार

Women of Agra are becoming self-reliant by knitting shoes – Uttar Pradesh...

होमताजा खबरbusiness आगरा की गलियों से फैक्ट्रियों तक, महिलाओं का हुनर चमका रहा जूता उद्योग Last Updated:August 21, 2025, 21:22 IST आगरा की पहचान सिर्फ जूता नगरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की महिलाएं भी अपने हुनर से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल लिख रही हैं. घर बैठे जूतों की बुनाई कर महिलाएं न केवल परिवार का खर्चा उठा रही हैं बल्कि सालाना लाखों रुपये तक कमा रही हैं, जिससे उनके जीवन में आर्थिक मजबूती आई है. रिपोर्ट- आदित्य मुदगल, आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा की महिलाएं आज घर बैठे आत्मनिर्भर बन रही हैं. घर-गृहस्थी के काम निपटाने के बाद ये महिलाएं जूतों की बुनाई कर न सिर्फ अपने परिवार का आर्थिक सहयोग कर रही हैं, बल्कि सालाना लाखों रुपये की कमाई भी कर रही हैं. आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र में स्थित लंबी गली इसका बड़ा उदाहरण है. यहां लगभग हर घर की महिलाएं जूते की अपर बुनाई का काम करती हैं. महिलाएं तैयार किया गया अपर फैक्ट्री या वर्कशॉप को भेज देती हैं, जहां जूतों में सोल और बाकी काम किए जाते हैं. महिलाओं के लिए रोजगार का जरियाकई महिलाएं इसे टाइमपास का साधन मानकर शुरू करती हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह उनके लिए बड़ी आय का जरिया बन जाता है. महिला मछला बताती हैं कि वह पिछले 40 सालों से घर बैठकर जूते की बुनाई कर रही हैं. परिवार में कमाने वाला कोई न होने के कारण यह काम उनके जीवन-निर्वाह का सहारा बन गया है. इसी तरह महिला अनोखी कहती हैं कि वह सभी तरह के डिजाइन वाले जूतों की बुनाई करती हैं. उनकी गली की लगभग हर महिला इस काम से जुड़ी है. कोई फैक्ट्री जाकर काम करता है तो कोई घर पर ही रहकर। इस काम से घर का खर्चा आराम से निकल जाता है. जूता नगरी है आगराआगरा को जूता नगरी कहा जाता है. यहां सैकड़ों जूता फैक्ट्रियां हैं, जहां पुरुषों के साथ महिलाएं भी बड़ी संख्या में काम करती हैं. जो महिलाएं फैक्ट्री नहीं जा पातीं, वे घर पर ही जूते की बुनाई कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Agra,Uttar Pradesh First Published : August 21, 2025, 21:22 IST Source link

झारखंड

चास प्रमंडल में 14 घंटे ठप रही बिजली, कई जगह ब्लैक आउट

बुधवार को आई तेज आंधी-पानी ने गर्मी से राहत तो दी, वहीं चास प्रमंडल के कई इलाकों में 14 घंटे बिजली गुल रही तो कई जगह ब्लैक आउट रही। तार-खंभे टूटने और डीवीसी की लोड शेडिंग के कारण बिजली आपूर्ति 14 घंटे तक बाधित रही। इससे पेयजल संकट खड़ा हो गया। बुधवार की शाम 5 बजे से बारी सबस्टेशन में मरम्मत और डीवीसी में ब्रेक डाउन के कारण आपूर्ति ठप रही। 30 अप्रैल की सुबह 3 बजे तक 10 घंटे बिजली कटी। गुरुवार की शाम पुन: 4 बजे तेज आंधी-पानी से कई सबस्टेशनों में फॉल्ट आया और कई इलाके अंधेरे में डूब गए। वहीं चंदनकियारी के अमलाबाद, शिवबाबूडीह, सीतानाला समेत कई गांवों में पिछले 24 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति ठप है। इससे ग्रामीण परेशान रहे। सेक्टर-4 में आंधी से गिरा पेड़। Source link

शिक्षा

Uttar Pradesh Prayagraj Up board Exam 10th & 12th Result Breaking News...

यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा का रिजल्ट कल यानी 23 अप्रैल को जारी होगा। छात्र ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि गुरुवार शाम 4 बजे रिजल्ट जारी किया जाएगा। पिछले साल 25 अप्रैल को परीक्षा पर . उन्होंने बताया- यूपी बोर्ड के रिजल्ट जारी होने के साथ ही 10वीं और 12वीं के टॉपर्स स्टूडेंट्स की लिस्ट भी जारी की जाएगी। जो छात्र-छात्राएं राज्य भर में टॉप पोजिशन हासिल करेंगे, उन्हें राज्य सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा। ऐसे चेक करें रिजल्ट> क्लिक करें 50 लाख से ज्यादा बच्चों ने दी थी परीक्षा यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद के मुताबिक, 2026 में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 52 लाख 30 हजार 297 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। हाईस्कूल में 27 लाख 50 हजार 945 छात्र-छात्राएं रजिस्टर्ड हुए थे, जिनमें 14 लाख 38 हजार 682 छात्र और 13 लाख 12 हजार 263 छात्राएं रहीं। वहीं, इंटरमीडिएट में 24 लाख 79 हजार 352 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। परीक्षाएं सभी 75 जिलों में 8033 केंद्रों पर 18 फरवरी से शुरू हुईं। दो पालियों में परीक्षा हुई। 12 मार्च को परीक्षा समाप्त हुई। 2.87 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। इनमें हाईस्कूल के परीक्षार्थियों की संख्या 1.61 लाख और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं की संख्या 1.26 लाख है। 254 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए थे, 4 अप्रैल तक मूल्यांकन चला प्रदेश में कुल 254 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए थे। कॉपी चेक करने के लिए कुल 1 लाख 52 हजार 780 शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, जिनमें हाईस्कूल के लिए 96 हजार 804 और इंटरमीडिएट के लिए 55 हजार 976 परीक्षक शामिल थे। 18 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक मूल्यांकन चला। इस साल 2 करोड़ 80 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। इसमें हाईस्कूल की करीब 1 करोड़ 57 लाख और इंटरमीडिएट की 1 करोड़ 23 लाख कॉपियां शामिल थीं। फेल स्टूडेंट्स भी हो सकेंगे पास यूपी बोर्ड रिजल्ट-2026 जारी होने के बाद जो एक या दो विषयों में फेल हो जाएंगे, ऐसे स्टूडेंट्स को भी पास होने का एक मौका रहेगा। नतीजे जारी होने के बाद UPMSP (उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद) की ओर से कंपार्टमेंट के लिए आवेदन लिए जाएंगे। छात्र तय डेट में फॉर्म भरकर दोबारा फेल होने वाले विषय की परीक्षा दे सकेंगे। इससे उनका साल खराब होने से बच जाएगा। इसके अलावा कोई छात्र किसी विषय में प्राप्त नंबर से संतुष्ट नहीं होगा तो वे स्क्रूटिनी के लिए भी आवेदन कर सकेगा। इसके बाद कॉपी की दोबारा जांच की जाएगी। सभी छात्रों को स्क्रूटिनी और कंपार्टमेंट एग्जाम में प्राप्त अंक ही अंतिम माने जाएंगे। डिजिलॉकर पर मिलेगी मार्कशीट यह दूसरी बार होगा कि रिजल्ट जारी किए जाने के बाद मार्कशीट डिजिलॉकर पर उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद पहले की तरह स्कूलों के जरिए हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। कैसा था 2025 का रिजल्ट? 10वीं में जालौन के यश ने टॉप किया था 2025 के रिजल्ट में 10वीं में जालौन के यश ने टॉप किया था। उन्हें 97.83% अंक मिले थे। 97.67% अंकों के साथ इटावा की अंशी और बाराबंकी के अभिषेक दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान पर मुरादाबाद की रितू गर्ग, सीतापुर के अर्पित वर्मा और जालौन की सिमरन गुप्ता रहीं। सभी को 97.50% अंक मिले। अव्वल जिलों की बात करें तो आगरा सबसे आगे रहा। यहां के 94.99% अभ्यर्थी पास हुए हैं। 94.67% के साथ बस्ती दूसरे नंबर पर, जबकि 94.60% के साथ मथुरा तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, फिसड्डी जिलों में सोनभद्र सबसे आगे रहा। यहां सिर्फ 74.72% अभ्यर्थी पास हुए हैं। 12वीं में टॉप-3 में 5 छात्राएं और एक छात्र था 12वीं में लड़कियों ने बाजी मारी थी। प्रयागराज की महक जायसवाल ने 97.20% के साथ प्रदेश में टॉप किया था। महक के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। दूसरे नंबर पर अमरोहा की साक्षी, सुल्तानपुर के आदर्श यादव, प्रयागराज की शिवानी सिंह और कौशांबी की अनुष्का सिंह रहीं। इन सभी को 96.80% अंक मिले। इटावा की मोहिनी 96.40% अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इस तरह टॉप-3 में 5 छात्राएं और एक छात्र है। लड़कियां, लड़कों से 10% ज्यादा पास हुई हैं। अमेठी जिले का पासिंग प्रतिशत सबसे ज्यादा 92.65, जबकि चंदौली का सबसे कम 65.70% रहा। ———————- ये खबर भी पढ़िए- यूपी में पारा@44.4°C, सड़कों पर पानी डाला जा रहा: 30 जिलों में लू चलेगी, भालू को 8 किलो की फ्रूट आइसक्रीम खिलाई यूपी में भीषण गर्मी पड़ रही है। आज यानी बुधवार को 30 जिलों में हीट वेव (लू) का अलर्ट है। सुबह से तेज धूप निकली है। आगरा और अयोध्या में इतनी भीषण गर्मी है कि प्रशासन सड़कों पर पानी की बौछारें डलवा रहा है। वहीं गोरखपुर जू में गर्मी से बचाने के लिए भालुओं को 8-8 किलोग्राम की फ्रूट आइसक्रीम खिलाई जा रही है। पूरी खबर पढ़िए Source link

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तेज रफ्तार कार व पुलिस गश्ती वाहन की टक्कर, चार घायल

गुरुवार की अहले सुबह करीब चार बजे गोमिया-फुसरो मुख्य मार्ग पर जारंगडीह स्थित ढोरी माता चर्च के समीप एक तेज रफ्तार कार व बोकारो थर्मल थाना की गश्ती वाहन की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन अनियंत्रित हो गई और कार सड़क किनारे जा टकराई, जिससे कार में सवार चार लोग घायल हो गए। घायलों की पहचान सुरेश कुमार, भरत रजक व धर्मनाथ पासवान के रूप में हुई है, जिनके सिर में गंभीर चोटें आई है। वहीं कार चालक बंटी कुमार रजक को मामूली चोट लगी है। राहत की बात यह है कि गश्ती दल में मौजूद पुलिस पदाधिकारी, जवान और चालक पूरी तरह सुरक्षित रहे, हालांकि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने ही सभी घायलों को तत्काल सीसीएल कथारा क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। बताया जाता है कि कार अत्यधिक रफ्तार में थी और चालक को झपकी आ गई थी। दुर्घटनाग्रस्त कार। Source link

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पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजे पर फलोदी सट्टा बाजार ने सुना दिया...

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के बाद सियासी गलियारों से लेकर सट्टा बाजार तक हलचल तेज हो गई है. राजस्थान का प्रसिद्ध फलोदी सट्टा बाजार अपने सटीक अनुमानों के लिए जाना जाता है. यहां पश्चिम बंगाल को लेकर जो आंकड़े पेश कर रहा है उसने राजनीतिक विशेषज्ञों को चौंका दिया है. फलोदी सट्टा बाजार के ताजा दांव और भाव यह संकेत दे रहे हैं कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन की लहर चल रही है. क्‍या है समीकरण? · बीजेपी की छलांग: चुनाव की शुरुआत में भाजपा को महज 100 सीटों के करीब आंकने वाला बाजार अब उसे 150 से 152 सीटों तक पहुँचता दिखा रहा है. · टीएमसी का ग्राफ गिरा: ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी, जो पहले बढ़त में थी, अब 137 से 140 सीटों के बीच सिमटती नजर आ रही है. · ममता बनर्जी की सीट पर संकट: हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी की जीत का भाव 20-25 पैसे से बढ़कर 50 पैसे हो गया है, जो उनकी स्थिति कमजोर होने का संकेत है. · वोटिंग प्रतिशत का असर: सट्टा बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि सर्वाधिक मतदान अक्सर सत्ता विरोधी लहर का संकेत होता है. क्यों बदल रहा है सट्टा बाजार का रुख? सट्टा बाजार के इन आंकड़ों का विश्लेषण करें तो कुछ प्रमुख बिंदु उभरकर आते हैं: 1. चुनावी ध्रुवीकरण: दूसरे चरण के मतदान के बाद ध्रुवीकरण की स्थिति स्पष्ट होती दिख रही है, जिसका सीधा लाभ भाजपा को मिलता दिख रहा है. 2. साइलेंट वोटर: सट्टा बाजार अक्सर उन ‘साइलेंट वोटर्स’ की नब्ज पकड़ता है जो ओपिनियन पोल में सामने नहीं आते. बीजेपी के ग्राफ में अचानक आई तेजी इसी ओर इशारा करती है. 3. अनिश्चितता का माहौल: सट्टा बाजार में उतार-चढ़ाव आम बात है. जैसे-जैसे मतगणना की तारीख नजदीक आएगी, ये आंकड़े और भी बदल सकते हैं. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सट्टा बाजार के अनुमान केवल एक धारणा है, कोई आधिकारिक परिणाम नहीं. सवाल-जवाब फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार बंगाल में बहुमत का आंकड़ा किसके पास है? ताजा अनुमानों के मुताबिक, भाजपा 150-152 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े को पार करती दिख रही है. भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी की स्थिति को लेकर सट्टा बाजार क्या कहता है? बाजार में ममता बनर्जी का भाव 20-25 पैसे से बढ़कर 50 पैसे हो गया है, जिसका अर्थ है कि उनकी जीत पर जोखिम बढ़ गया है और स्थिति पहले के मुकाबले कमजोर हुई है. क्या सट्टा बाजार के आंकड़े हमेशा सही होते हैं? नहीं, सट्टा बाजार के आंकड़े केवल जोखिम और संभावनाओं पर आधारित होते हैं. इनमें मतगणना तक कई बार उतार-चढ़ाव आता है और ये अंतिम चुनाव परिणामों से अलग हो सकते हैं. केरल और असम को लेकर क्या रुझान हैं? असम में भाजपा की सत्ता में वापसी (98-100 सीटें) और केरल में UDF (80 सीटें) को LDF (60 सीटें) पर बढ़त दिखाई जा रही है. डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण केवल सट्टा बाजार के अनुमानों पर आधारित है. हम इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं करते हैं. चुनाव के वास्तविक परिणाम चुनाव आयोग द्वारा घोषित किए जाएंगे. Source link

झारखंड

7 साल के बच्चे का कमाल, श्रीलंका से 29KM तैरकर पहुंचा भारत,...

Last Updated:May 01, 2026, 13:41 IST रांची के लाल ने कमाल कर दिया. महज सात साल की उम्र में उसने समुद्र की लहरों को पार किया. श्रीलंका से भारत तक 29 किमी, 9 घंटे 50 मिनट में तैरकर पार किया. उनके नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड हो गया. रांची के रहने वाले 7 साल के इशांक ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. रांचीः झारखंड के रहने वाले 7 साल के बच्चे ने कमाल कर दिया. उसने तैराकी में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया. वह श्रीलंका के श्रीलंका और भारत के बीच 29 किमी लंबे Palk Strait को पार कर भारत पहुंचा. उसने समुद्र की लहरों को मात देकर यह सफर 9 घंटे 50 मिनट में पार किया है. बच्चे को यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम की ओर से ‘द यंगेस्ट एंड फास्टेस्ट पाक स्ट्रेट स्वीमर’ बनने का वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट मिला. साथ ही सोशल मीडिया पर बधाईंयों की भीड़ आ गई. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी उसे बधाई दी. इशांक रांची के रहने वाले हैं. उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका के तलाईमन्नार से भारत के धनुषकोड़ी तक का सफर महज 9 घंटे 50 मिनट में पूरा कर नया रिकॉर्ड बना दिया. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पूरे देश का नाम रोशन किया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड तमिलनाडु के जय जसवंत के नाम था, जिन्होंने 2019 में 10 साल की उम्र में यही दूरी 10 घंटे 30 मिनट में तय की थी. इशांक ने अपने दमदार प्रयास से पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए एक नया मानक स्थापित कर दिया है. रोज कितने घंटे करते थे प्रैक्टिसइशांक ने यह रिकॉर्ड बनाने के लिए कड़ी मशक्कत ही है. वह लगातार तैराकी की प्रैक्टिस करते थे. बताया जा रहा है कि इंशांक रांची के धुर्वा डैम में हर दिन 4 से 5 घंटे तैरकर तैयारी कर रहे थे. उनके कोच अमन जायसवाल और बजरंग कुमार से सीखकर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया. नन्हे तैराक की अब हर जगह वाहवाही हो रही है. सीएम हेमंत सोरेन ने दी बधाईइशांक के कई लोगों ने बधाई दी है. उनके परिवार में खुशी का माहौल है. उधर, प्रदेश के मुखिया हेमंत सोरेन ने भी उन्हें बधाई देते हुए फेसबुक पर सोशल मीडिया पोस्ट किया, जिसमें लिखा- ‘महज 7 वर्ष की उम्र में झारखंड से नन्हे इशांक ने श्रीलंका और भारत के बीच 29 किमी लंबे Palk Strait को पार कर ऐतिहासिक पल अपने नाम किया. इशांक की यह सफलता अनुशासन और लक्ष्य के प्रति अटूट समर्पण का अद्भुत उदाहरण है. उन्होंने न सिर्फ झारखंड, बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है. इशांक और उनके परिवारजनों, ट्रेनर्स को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए ढेरों बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं, जोहार’ About the Author Mahesh Amrawanshi कहानी सुनने, गुनने और लिखने का शौकीन. शुद्ध कीबोर्ड पीटक. माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी भोपाल से शिक्षा-दीक्षा. द सूत्र, खबरिया न्यूज़, दैनिक नई दुनिया (अखबार) से सीखते हुए हाल मुकाम News18 है. 5 साल से पत्रकार…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Ranchi,Jharkhand Source link

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गर्मी–बरसात में मछली पालन: ये टिप्स अपनाएंगे तो मछलियां रहेंगी तंदरुस्त, ग्रोथ...

होमफोटोकृषि मछली पालन से बढ़ाना है मुनाफा? अपनाएं ये आसान टिप्स, ग्रोथ होगी डबल, जानें सब Last Updated:August 22, 2025, 20:10 IST हमारे देश में मछली पालन का व्यवसाय तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. किसानों का रुझान भी इसकी ओर लगातार बढ़ रहा है. खास बात यह है कि मौसम के हिसाब से सही तकनीक अपनाकर और मछलियों को एक साथ पालकर किसान न सिर्फ बीमारियों से बचाव कर सकते हैं, बल्कि उत्पादन और मुनाफे में भी बढ़ोतरी कर सकते हैं. आइए जानते है इसके बारे में… वैसे मछली पालन भारत में एक प्रमुख व्यवसाय है. गर्मी और बरसात के मौसम में तालाब की विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है. इन मौसमों में तालाब का पानी जल्दी गर्म होता है और खराब हो सकता है. तालाब के पानी की गुणवत्ता बिगड़ने से मछलियां बीमार पड़ सकती हैं. इससे मछली पालकों को दवाइयों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है. पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय किए जा सकते हैं. इनसे मछलियों को स्वस्थ रखा जा सकता है. साथ ही दवाइयों पर होने वाले खर्च को भी कम किया जा सकता है.  बाराबंकी जिले के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गनेश प्रसाद ने बताया कि अक्सर तालाब में पाली जाने वाली मछलियां बीमार हो जाती हैं. इसलिए जरूरी है कि जैसे-जैसे मौसम का तापमान बदले, वैसे ही पानी का तापमान भी जांचते रहें, क्योंकि इसका असर तालाब के पानी में बनने वाली ऑक्सीजन पर पड़ता है. इस दौरान मछलियों को बीमारी से बचाने के लिए कुछ ऐसे उपाय हैं जिन्हें अपनाकर गर्मी व बरसात के मौसम में मछलियों को बीमारियों से दूर रखकर उनकी अच्छी ग्रोथ बढ़ाई जा सकती है.  बारिश हो या गर्मी, इन मौसमों में तालाब का पानी जल्दी गंदा हो जाता है, जिससे मछलियों की सेहत पर सीधा असर पड़ता है. ऐसे में मछली पालने वाले किसानों को चाहिए कि वे नियमित रूप से पानी की जांच करें और समय-समय पर उसे बदलते रहें. खास ध्यान रखें कि तालाब में पानी का स्तर 5 से 5.5 फीट के बीच बना रहे. अगर पानी कम होगा तो तापमान जल्दी बढ़ जाएगा और मछलियों को तनाव, बीमारी या मौत का खतरा हो सकता है. इस सावधानी से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है.  Add News18 as Preferred Source on Google खासकर गर्मी के मौसम में तालाब का पानी गर्म हो जाता है, जिससे उसमें ऑक्सीजन की मात्रा घट जाती है. इसका सीधा असर मछलियों की सेहत पर पड़ता है, वे सुस्त हो जाती हैं और बीमार पड़ने लगती हैं. ऐसे में किसान भाइयों को चाहिए कि पानी में समय-समय पर उचित मात्रा में चूना डालें. चूना पानी का पीएच संतुलित करता है और ऑक्सीजन स्तर बनाए रखने में मदद करता है. इससे मछलियों की सेहत बनी रहती है और उनके मरने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है.  बारिश और गर्मी के मौसम में तालाब में गंदगी बढ़ जाती है, जिससे मछलियों को स्किन इंफेक्शन और दूसरी बीमारियों का खतरा होता है. इस स्थिति से बचने के लिए किसान तालाब के पानी में हल्की मात्रा में पोटेशियम परमैग्नेट का छिड़काव कर सकते हैं. यह एक प्रभावी कीटाणुनाशक है, जो पानी को साफ करता है और मछलियों को संक्रमण से बचाने में मदद करता है. इससे मछलियों की सेहत सुरक्षित रहती है और उत्पादन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता.  अगर किसी तालाब में मछलियों की संख्या ज्यादा हो जाती है तो ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में बेहतर होगा कि कुछ मछलियों को दूसरे तालाब में शिफ्ट कर दिया जाए. इससे उन्हें पर्याप्त जगह और ऑक्सीजन मिलती है, तनाव कम होता है और उनकी ग्रोथ सही ढंग से होती है. साथ ही बीमारी का फैलाव भी प्रभावी रूप से रोका जा सकता है.  गर्मी के मौसम में मछलियों को सूखा चारा देने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे उनके पाचन में दिक्कत हो सकती है. इसकी जगह किसान ताजे पानी में थोड़ा मीठा (गुड़ या ग्लूकोज) घोलकर उसमें विटामिन C मिलाएं और उसे मछलियों को आहार के रूप में दें. यह न सिर्फ मछलियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, बल्कि उन्हें स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में भी मदद करता है.  First Published : August 22, 2025, 20:10 IST Source link

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