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Maharashtra TET Paper Leak LIVE Updates: नीट के बाद महाराष्ट्र टीईटी में...

Last Updated:June 28, 2026, 12:19 IST Maharashtra TET Paper Leak LIVE Updates: महाराष्ट्र टीईटी 2026 पेपर लीक कांड में बड़ा एक्शन हुआ है. ठाणे पुलिस ने ‘फर्जी ग्राहक’ बनकर दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर आए 3 सप्लायर्स को दबोच लिया है, जबकि बिहार का मास्टर…और पढ़ें Maharashtra TET Paper Leak LIVE: महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक की जांच 4 राज्यों में चल रही है नई दिल्ली (Maharashtra TET Paper Leak LIVE Updates). देश में पेपर लीक का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. नीट पेपर लीक विवाद के बाद महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर भी लीक हो चुका है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में महाराष्ट्र पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 2 बिहार के और 1 हरियाणा का रहने वाला है. महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक कांड का मुख्य मास्टरमाइंड बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला माफिया बिजेंद्र गुप्ता बताया जा रहा है, जो पिछले 25 सालों से पेपर लीक करवा रहा है. Maharashtra TET Paper Leak LIVE: बिहार पुलिस की 4 साल की नाकामी पर सवाल महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक लाइव: इस मामले में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात है कि बिहार पुलिस पिछले 4 सालों से इस शातिर मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार करने में नाकाम साबित हो रही थी. बिहार में कई परीक्षाओं में उसका नाम आने के बावजूद वह खुलेआम घूम रहा था और अपना सिंडिकेट चला रहा था. अब महाराष्ट्र पुलिस ने उसके नेटवर्क पर हाथ डालकर बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. Maharashtra TET Paper Leak LIVE: कई राज्यों की पुलिस फाइलों में दर्ज है नाम महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक लाइव: परीक्षा माफिया बिजेंद्र गुप्ता का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा और पुराना है. उसके खिलाफ पहले भी देश के अलग-अलग राज्यों (जैसे ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार) में पेपर लीक, धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट के तहत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं. वह हर बार कानून की आंखों में धूल झोंककर या तो बच निकलता था या जेल से बाहर आते ही दोबारा अपना धंधा शुरू कर देता था. Maharashtra TET Paper Leak LIVE: 25 साल पुराना है पेपर लीक का काला इतिहास महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक लाइव: मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता परीक्षा से जुड़े अपराधों की दुनिया का कोई नया नाम या नौसिखिया खिलाड़ी नहीं है. वह पिछले लगभग 25 वर्षों से देशभर में सक्रिय बड़े पेपर लीक नेटवर्क और परीक्षा माफियाओं के साथ जुड़ा हुआ है. वह देश के अलग-अलग राज्यों में होने वाली सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को लीक करने, सॉल्वर गैंग तैयार करने और फर्जीवाड़ा करने का पुराना और शातिर हिस्ट्रीशीटर माना जाता है. Maharashtra TET Paper Leak LIVE: सामने आया मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता का नाम महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक लाइव: इस हाई-प्रोफाइल टीईटी पेपर लीक कांड का असली सूत्रधार और मुख्य मास्टरमाइंड बिहार के समस्तीपुर जिले के शेरपुर गांव का रहने वाला बिजेंद्र गुप्ता है. पुलिस डायरी के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता ही वह शख्स है जो इस पूरे नेटवर्क को पर्दे के पीछे से रिमोट कंट्रोल की तरह ऑपरेट कर रहा था. उसी ने दिल्ली के रास्ते महाराष्ट्र तक पेपर पहुंचाने की पूरी साजिश रची थी और अपने गुर्गों को भिवंडी भेजा था. Maharashtra TET Paper Leak LIVE: तीन राज्यों तक फैले सिंडिकेट के तार महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक लाइव: पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में पता चला कि इस पूरे खेल के तार किसी एक शहर या राज्य से नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े हैं. गिरफ्तार किए गए 3 शातिर आरोपियों में से दो आरोपी बिहार के रहने वाले हैं, जबकि उनका तीसरा साथी हरियाणा का निवासी है. इससे पता चलता है कि इस गिरोह ने महाराष्ट्र की परीक्षा में सेंध लगाने के लिए उत्तर भारत से लेकर पश्चिम भारत तक अपना जाल फैला रखा था. Maharashtra TET Paper Leak LIVE: अंतरराज्यीय रैकेट का सनसनीखेज भंडाफोड़ महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक लाइव: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के आयोजन से ठीक पहले ठाणे और भिवंडी पुलिस ने बहुत बड़े और सुनियोजित अंतरराज्यीय पेपर लीक रैकेट का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई ने देश के अंदर सक्रिय परीक्षा माफियाओं का वह खौफनाक नेटवर्क फिर सामने ला दिया है, जो चंद रुपयों के लिए लाखों ईमानदार और मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करता है. पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अब तक तीन आरोपियों को धर दबोचा है. Source link

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चेहरे के झाइयों और दाग-धब्बों से हैं परेशान? आजमाएं ये घरेलू देसी...

X चेहरे के झाइयों और दाग-धब्बों से हैं परेशान? आजमाएं ये घरेलू देसी टोनर   महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की जगह अब कई लोग घर पर बने नेचुरल फेस टोनर का इस्तेमाल कर रहे हैं. खीरा, ग्रीन टी और गुलाब जल से बना टोनर त्वचा को ताजगी देने के साथ दाग-धब्बे और टैनिंग कम करने में मदद कर सकता है. इस टोनर को बनाने के लिए दो खीरे का रस निकालें. इसमें ग्रीन टी का ठंडा पानी और थोड़ा गुलाब जल मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें. तैयार मिश्रण को स्प्रे बोतल में भरकर फ्रिज में रखें. नहाने के बाद मॉइश्चराइजर लगाने से पहले इसे चेहरे पर स्प्रे करें.नियमित इस्तेमाल से झाइयां और दाग-धब्बे गायब हो जाएंगे और चेहरा चमक उठेगा. बेहतर परिणाम के लिए रोज इस्तेमाल करें.. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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मां बोली- बेटी की हत्या कर फंदे से लटकाया:गिरिडीह में विवाहिता का...

गिरिडीह के बिरनी प्रखंड अंतर्गत बलिया पंचायत के पहरियाडीह टोला गढ़ावा गांव में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान अमीर अंसारी की पत्नी गुड़िया खातून के रूप में हुई है। महिला का शव उसके घर के अंदर दुपट्टे के फंदे से लटका हुआ मिला। हालांकि, शव की स्थिति और नाक से खून निकलने की बात सामने आने के बाद मामला और भी संदिग्ध हो गया है। स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। हत्या कर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए। मृतका की मां नुमा बीबी ने कहा कि उन्हें फोन पर बेटी के आत्महत्या करने की सूचना दी गई थी, लेकिन जब वे घर पहुंचीं तो वहां कोई भी मौजूद नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। शरीर पर गंभीर चोटें मिली हैं। हत्या के बाद शव को फंदे से लटकाकर इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। गुड़िया खातून अपने पीछे दो बेटियां और एक पुत्र छोड़ गई हैं। आक्रोशित परिजनों ने किया हंगामा, घर में तोड़फोड़ घटना की खबर फैलते ही मायके पक्ष के लोग और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। गुस्साए लोगों ने आरोपी के घर में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान घर में रखे फ्रिज, शीशे की खिड़कियां, बिजली के तार समेत कई सामान को नुकसान पहुंचाया गया। हंगामे के दौरान गैस सिलेंडर का रेगुलेटर भी खोल दिया गया, जिससे गैस रिसाव शुरू हो गया और एक बड़ी दुर्घटना की आशंका पैदा हो गई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गैस रिसाव को बंद कराया और संभावित हादसे को टाल दिया। पुलिस के समझाने पर शांत हुए परिजन सूचना मिलते ही भरकट्टा ओपी प्रभारी ओमप्रकाश पांडेय, एसआई जितेंद्र सिंह और एएसआई भक्तलाल मंडल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर करीब पांच घंटे तक शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाने नहीं दिया। बाद में स्थानीय मुखिया, जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों के समझाने पर परिजन शांत हुए। पुलिस ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए शाम करीब चार बजे शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Source link

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दमकल समय पर पहुंचती तो दुकान बच जाती:देवघर के कुंडा मोड़ पर...

देवघर के कुंडा थाना क्षेत्र स्थित कुंडा मोड़ पर रविवार सुबह करीब 4:30 बजे भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि हार्डवेयर, प्लाई और स्टेशनरी की दो दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। स्थानीय लोगों ने जब धुआं और तेज लपटें उठती देखीं। जिसके बाद उन्होंने तुरंत आसपास के दुकानदारों को सूचना दी। कुछ ही देर में दुकान मालिक मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटों की तीव्रता के सामने सभी प्रयास नाकाम साबित हुए। दमकल की देरी से लाखों का नुकसान उषा ट्रेड के संचालक संजय कुमार ने बताया कि उन्हें सुबह आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने तुरंत अग्निशमन विभाग को फोन किया। लेकिन दमकल की टीम करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची। तब तक उनकी हार्डवेयर और प्लाई की दुकान में रखा लगभग पूरा सामान जलकर खाक हो चुका था। उन्होंने इस घटना में करीब 15 से 17 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर दमकल पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। बगल की स्टेशनरी दुकान भी आग की चपेट में आई आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बगल में स्थित शिव शक्ति स्टोर भी इसकी चपेट में आ गया। दुकान संचालक राजेश गोप ने बताया कि उन्हें पड़ोसियों से आग लगने की सूचना मिली थी। जब तक वे मौके पर पहुंचे, तब तक दुकान के अंदर रखा पूरा स्टेशनरी सामान जलकर राख हो चुका था। आग के कारण आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपने-अपने स्तर पर सामान बचाने में जुट गए। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, जांच जारी घटना के बाद अग्निशमन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए जांच जारी है। इस अग्निकांड में दोनों दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में अग्निशमन विभाग की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी देखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Source link

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टीएमसी के भीतर आर-पार की लड़ाई, ममता बनर्जी गुट ने दूसरे धड़े...

होमताजा खबरदेश TMC में आर-पार की लड़ाई, ममता गुट ने दूसरे धड़े के खिलाफ दर्ज करवाया 4 केस Last Updated:June 28, 2026, 11:12 IST ममता बनर्जी समर्थक टीएमसी गुट ने बागी धड़े के खिलाफ कोलकाता व बिधाननगर के चार थानों में शिकायत दी है. इन पर आरोप है कि इन्होंने अनधिकृत रूप से टीएमसी नाम व चुनाव चिह्न के इस्तेमाल किया. टीएमसी में ममता बनर्जी गुट ने विरोधी गुट के खिलाफ चार केस दर्ज करवाए हैं. TMC Conflict: पश्चिम बंगाल की सत्ता से बार होने के बाद तृणमूल कांग्रेस में मची अंदरूनी कलह अब खुलकर पुलिस और कानूनी लड़ाई तक पहुंच गई है. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले मूल लेकिन अल्पमत गुट ने पार्टी के बागी और बहुमत वाले धड़े के खिलाफ कोलकाता और आसपास के चार अलग-अलग पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराई है. आरोप है कि बागी गुट पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न का अनधिकृत इस्तेमाल कर रहा है तथा संगठनात्मक नियमों की अनदेखी करते हुए नई नेतृत्व व्यवस्था की घोषणा कर रहा है. जानकारी के मुताबिक शिकायतें कोलकाता पुलिस के कालीघाट और प्रगति मैदान थाने के अलावा बिधाननगर सिटी पुलिस के न्यू टाउन थाना और बिधाननगर साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई हैं. अंतिम शिकायत साइबर पुलिस स्टेशन में दी गई, जिसमें सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कथित तौर पर पार्टी के नाम और प्रतीक के इस्तेमाल का भी मुद्दा उठाया गया है. ममता बनर्जी के प्रति निष्ठा रखने वाले गुट का आरोप है कि पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला बागी धड़ा टीएमसी के आधिकारिक नाम और चुनाव चिह्न का उपयोग कर सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है. पार्टी अध्यक्ष के पद पर अब भी ममता बनर्जी इतना ही नहीं, इस गुट ने वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को पार्टी का नया अध्यक्ष घोषित कर दिया, जबकि पार्टी अध्यक्ष के पद पर अब भी ममता बनर्जी ही हैं. ममता समर्थक गुट का कहना है कि वर्ष 2022 में टीएमसी का संगठनात्मक सम्मेलन आयोजित हुआ था, जिसमें पार्टी प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से ममता बनर्जी को आजीवन पार्टी अध्यक्ष बनाए रखने का प्रस्ताव पारित किया था. पार्टी के संविधान के अनुसार केवल वे सदस्य प्रतिनिधि बन सकते हैं, जो कम से कम पांच वर्षों से संगठन से जुड़े हों. इसी सम्मेलन में ममता बनर्जी को अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला लिया गया था. गुट के नेताओं का कहना है कि संगठनात्मक सम्मेलन हर पांच साल में आयोजित किया जाता है. इस हिसाब से अगला सम्मेलन वर्ष 2027 में होना है. यदि इससे पहले कोई विशेष परिस्थिति उत्पन्न होती है तो केवल पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को ही विशेष अधिवेशन बुलाने का अधिकार है. ऐसे में बागी गुट द्वारा किसी भी संगठनात्मक प्रक्रिया का पालन किए बिना अरूप रॉय को अध्यक्ष घोषित करना पूरी तरह अवैध और पार्टी संविधान के खिलाफ है. ममता समर्थक नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बागी गुट अपनी सुविधानुसार पार्टी के नाम, झंडे और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है. इसी कारण चार अलग-अलग पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है, ताकि इस कथित अनधिकृत गतिविधि पर रोक लगाई जा सके. हालांकि, बागी गुट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष भी सामने रखा है. उनके अनुसार, पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठन पर अधिकार को लेकर मामला पहले ही भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के समक्ष पहुंच चुका है. इसलिए अब अंतिम फैसला आयोग ही करेगा और वही तय करेगा कि पार्टी का वास्तविक अधिकार किस गुट के पास है. About the Author संतोष कुमार न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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2 जुलाई से झारखंड के इन जिलों में लगेगा मेला कैंप, अब...

Last Updated:June 28, 2026, 10:58 IST Jamshedpur Driving Licence Mega Camp: झारखंड के जमशेदपुर और पूर्वी सिंहभूम जिलों में 2 जुलाई 2026 से सितंबर तक ड्राइविंग लाइसेंस मेगा कैंप का आयोजन किया जाएगा. जहां प्रखंड और पंचायत स्तर पर शिविर का आयोजन होगा. इस दौरान ऑन द स्पॉट सहायता और सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रदान की जाएगी. जमशेदपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए बार-बार परिवहन कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की पहल पर 2 जुलाई 2026 से पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले में विशेष ड्राइविंग लाइसेंस मेगा कैंप का आयोजन किया जाएगा. इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को वैध ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराना और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है. यह अभियान सितंबर 2026 तक विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा. जिला प्रशासन के अनुसार, आज भी बड़ी संख्या में युवा बिना ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया और चारपहिया वाहन चला रहे हैं. इससे न केवल दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है, बल्कि कानूनी परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है. इसी समस्या को देखते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है, ताकि लोगों को उनके नजदीकी क्षेत्रों में ही लाइसेंस प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिल सके. कैंप में आने वाले आवेदकों को आवेदन प्रक्रिया से लेकर आवश्यक दस्तावेजों की जांच तक की ऑन-द-स्पॉट सहायता प्रदान की जाएगी. इस अभियान की शुरुआत 2 जुलाई 2026 को पटमदा प्रखंड कार्यालय परिसर से होगी. इसके बाद 7 जुलाई को बोड़ाम, 9 जुलाई को बहरागोड़ा, 14 जुलाई को चाकुलिया, 21 जुलाई को धालभूमगढ़, 23 जुलाई को घाटशिला, 28 जुलाई को डुमरिया और 30 जुलाई को मुसाबनी प्रखंड कार्यालय परिसरों में शिविर लगाए जाएंगे. वहीं अगस्त महीने में भी यह अभियान जारी रहेगा. 4 अगस्त को पोटका, 6 अगस्त को गुड़ाबांदा और 25 अगस्त को धालभूमगढ़ में विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे. Add News18 as Preferred Source on Google सिर्फ प्रखंड मुख्यालय ही नहीं, बल्कि कई पंचायत भवनों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है. ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अधिक सुविधा मिल सके. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11 अगस्त को पटमदा के बिडरा, 13 अगस्त को बोड़ाम के भूला, 18 अगस्त को बहरागोड़ा के खंडामौदा, 20 अगस्त को चाकुलिया के जामुआ, 27 अगस्त को घाटशिला के बड़ाजुड़ी, 1 सितंबर को डुमरिया के बांकीसाल, 3 सितंबर को मुसाबनी के बादिया और 8 सितंबर को पोटका के कालिकापुर पंचायत भवन में कैंप आयोजित किए जाएंगे. कैंप में आने वाले युवाओं को केवल लाइसेंस आवेदन की सुविधा ही नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें यातायात नियमों की जानकारी भी दी जाएगी. सड़क पर सुरक्षित वाहन चलाने, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व तथा ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे. प्रशासन का मानना है कि केवल लाइसेंस बनाना ही पर्याप्त नहीं है. बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार चालक तैयार करना भी उतना ही जरूरी है. परिवहन विभाग ने बताया है कि जिन लोगों ने पहले से ऑनलाइन आवेदन कर रखा है, वे अपनी आवेदन रसीद और आवश्यक दस्तावेजों के साथ कैंप में पहुंच सकते हैं. वहीं, नए आवेदकों को भी पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन दिया जाएगा. आयु प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी भी कैंप में उपलब्ध कराई जाएगी. जिला प्रशासन ने सभी युवाओं और वाहन चालकों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं. यह पहल न केवल लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बनाएगी, बल्कि सड़क सुरक्षा को भी मजबूत करेगी. ऐसे में जो लोग लंबे समय से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सोच रहे थे. उनके लिए यह मेगा कैंप एक सुनहरा अवसर साबित हो सकता है. Source link

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जमशेदपुर के डबल डाउन क्लब में चले लात-घूंसे:छेड़खानी के विरोध पर शुरू...

जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन क्लब में शनिवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब डांस पार्टी के दौरान युवतियों से कथित छेड़खानी का मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार, रात करीब 12 बजे क्लब में युवकों और युवतियों का एक ग्रूप पार्टी कर रहा था। इसी दौरान डांस फ्लोर पर मौजूद दूसरे गुट के कुछ युवकों ने युवतियों पर अभद्र टिप्पणी की और उनके साथ छेड़खानी करने लगे। इसका विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। क्लब के अंदर हंगामा बढ़ता देख वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। बाउंसरों ने बाहर निकाला, सड़क पर फिर भिड़े क्लब के अंदर स्थिति बिगड़ने पर बाउंसरों ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों गुटों को बाहर निकाल दिया। हालांकि, बाहर आने के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। दोनों पक्षों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि वे एक बार फिर आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि एक पक्ष ने फोन कर अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया, जिससे विवाद और बढ़ गया। देखते ही देखते क्लब के बाहर मेन रोड पर भीड़ जमा हो गई। माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। चाकूबाजी में हिमांशु और प्रत्युष घायल इसी दौरान झड़प के बीच एक युवक ने चाकू निकालकर दूसरे पक्ष के युवक पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मारपीट में एक अन्य युवक भी घायल हुआ। घायलों की पहचान आदित्यपुर निवासी हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह के रूप में हुई है। दोनों को तत्काल इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) ले जाया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए, जिससे वहां भी कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दो युवक हिरासत में; CCTV खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही बिष्टुपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। थाना प्रभारी आलोक दुबे ने बताया कि छेड़खानी के विरोध में दो पक्षों के बीच मारपीट और चाकूबाजी की घटना हुई है। पुलिस ने मामले में दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके और अन्य आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। Source link

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कोडरमा में जमीन को लेकर सगे भाईयों में चाकूबाजी:जमीन बंटवारा हुआ, पंचायत...

कोडरमा के सतगावां थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद में पिरवैया जंगल के पास सगे भाई ने अपने ही भाई पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल युवक की पहचान समेडीह निवासी 30 वर्षीय दीपक कुमार के रूप में हुई है। वहीं आरोपी का नाम पवन कुमार है। दोनों चंद्रिका प्रसाद यादव के बेटे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों भाईयों के बीच पैतृक जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए गांव स्तर पर कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। जमीन बंटवारे के बाद भी खत्म नहीं हुआ विवाद परिजनों के अनुसार, पिता चंद्रिका यादव ने अपनी जमीन दोनों बेटों के बीच बराबर बांट दी थी। दीपक ने अपने हिस्से की जमीन पर अलग घर बनाकर रहना शुरू कर दिया था। बावजूद इसके पवन कुमार उसी घर में अपनी हिस्सेदारी का दावा कर रहा था। जिससे दोनों भाइयों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था। शनिवार को ही इस विवाद को लेकर सतगावां थाना में एक बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें दोनों पक्षों के बीच समझौता भी कराया गया था बताया जा रहा है कि पवन इस समझौते से संतुष्ट नहीं था। भीतर ही भीतर नाराजगी बनी हुई थी। घर लौटने के दौरान घात लगाकर किया हमला शनिवार देर रात जब दीपक कुमार बासोडीह बाजार से अपने घर समेडीह लौट रहा था। तभी पिरवैया जंगल के पास पहले से घात लगाए बैठे पवन कुमार ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में पवन ने चाकू से दीपक पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घायल अवस्था में दीपक ने किसी तरह अपने ससुर को फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बबलू सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायल दीपक को पुलिस वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें कोडरमा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। हमलावर पवन कुमार व उसके सहयोगियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। Source link

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Ketan Agarwal Murder Case Latest Update: केतन अग्रवाल अगर लोहगढ़ किले से...

Last Updated:June 28, 2026, 10:14 IST Pune Ketan Agarwal Murder Case: सिया गोयल किसी भी कीमत पर केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी. इसी वजह से उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर कई योजनाओं पर विचार किया था. जांच में सामने आया है कि दोनों ने केतन को रास्ते से हटाने के अलग-अलग तरीकों पर चर्चा की थी. ख़बरें फटाफट केतन अग्रवाल हत्याकांड की FIR में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य. पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने सिर्फ लोहगढ़ किले से धक्का देकर हत्या की साजिश ही नहीं रची थी, बल्कि अगर केतन उस धक्के में बच जाता, तब के लिए भी एक दूसरा प्लान बी तैयार कर रखी थी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिया किसी भी कीमत पर केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी. इसी वजह से उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर कई योजनाओं पर विचार किया था. जांच में सामने आया है कि दोनों ने केतन को रास्ते से हटाने के अलग-अलग तरीकों पर चर्चा की थी. सूत्रों का दावा है कि केतन को सड़क हादसे का शिकार बनाने या उसे जहर देकर मारने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया गया था. हालांकि, इन तरीकों में पकड़े जाने का खतरा ज्यादा होने के कारण आखिरकार लोहगढ़ किले से धक्का देकर हत्या करने की योजना को अंजाम देने का फैसला लिया गया. शादी तोड़ने के लिए भी था ‘प्लान B’ जांच में यह भी सामने आया है कि अगर केतन गहरी खाई में गिरने के बाद भी जिंदा बच जाता, तब भी सिया ने उससे पीछा छुड़ाने की रणनीति बना रखी थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया को उम्मीद थी कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद केतन गंभीर रूप से घायल या स्थायी रूप से दिव्यांग हो सकता है. ऐसी स्थिति में वह इसी आधार पर शादी तोड़ने का फैसला लेती और परिवार के सामने इसे वजह बनाती. तीन साल बाद चेतन से शादी का था कथित प्लान सूत्रों के अनुसार, सिया को यह भी अंदाजा था कि अगर वह सीधे चेतन चौधरी से शादी की बात करती तो परिवार इसके लिए तैयार नहीं होता. बताया जा रहा है कि उसने कथित तौर पर यह योजना बनाई थी कि पहले केतन से छुटकारा पाया जाए और फिर कुछ वर्षों बाद मौका देखकर चेतन से शादी की जाए. जांच एजेंसियां इस एंगल की भी पड़ताल कर रही हैं कि दोनों आरोपियों ने हत्या से पहले कितनी विस्तार से पूरी साजिश तैयार की थी और उसमें किन-किन विकल्पों पर चर्चा हुई थी. पुलिस हिरासत में दोनों आरोपी फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों पुलिस की गिरफ्त में हैं. जांच एजेंसियां उनसे लगातार पूछताछ कर रही हैं. पुलिस डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान मामले में अभी और भी अहम खुलासे हो सकते हैं. पुलिस रविवार सुबह उन दोनों को लेकर लोहगढ़ फोर्ट पहुंची, जहां उन्होंने केतन हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने के लिए पूरे क्राइम सीन को रीक्रिएट कराया. About the Author Saad Omar साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Pune,Maharashtra Source link

झारखंड

रिम्स में न संसाधन बढ़े, न नियुक्ति हुई, सिर्फ जमीन कब्जा मुक्त...

वर्तमान स्थिति: फैैकल्टी की कमी से जूझ रहा संस्थान, वेंटिलेटर नहीं, दवा का पूरा स्टॉक भी नहीं झारखंड हाईकोर्ट ने रिम्स को देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में लाने के लिए भर्ती, आधारभूत संरचना, चिकित्सा उपकरणों की खरीद और भवनों के जीर्णोद्धार समेत आठ महत्वपूर्ण कार्य 30 मई 2026 तक हर हाल में पूरे करने का निर्देश दिया था। तत्कालीन निदेशक डॉ. राजकुमार ने स्वयं कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगा था, जिसके बाद अदालत ने इसे “अंतिम अवसर’ बताते हुए स्पष्ट कर दिया था कि अब किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या प्रक्रियागत बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। लेकिन तय समय सीमा बीतने के एक माह बाद भी रिम्स में आठ में से केवल एक निर्देश ‘परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने’ का ही पालन हो सका है। बाकी अधिकतर कार्य या तो अधूरे हैं या उनकी प्रक्रिया अब भी लंबित है। इसका सीधा असर मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ रहा है। संस्थान आज भी फैकल्टी की कमी, जरूरी मशीनों के अभाव, वेंटिलेटर संकट और दवाओं की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। 1. मेडिकल कैडर के रिक्त पदों पर नियुक्ति कोर्ट का निर्देश : असिस्टेंट प्रोफेसर से प्रोफेसर तक 150 से अधिक पदों पर नियुक्ति 30 मई तक पूरी हो। वर्तमान स्थिति : फरवरी से अप्रैल तक केवल असिस्टेंट प्रोफेसर के इंटरव्यू हुए। दो माह बाद भी अंतिम चयन सूची जारी नहीं हुई। 2. सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर की भर्ती कोर्ट का निर्देश : रिक्त पदों पर शीघ्र की जाए नियुक्ति। वर्तमान स्थिति : कई विभागों में नियुक्तियां हुई हैं, लेकिन अब भी अनेक पद खाली हैं। 3. चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति कोर्ट का निर्देश : रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी हो। वर्तमान स्थिति : 596 स्वीकृत पद, 94 कर्मचारी कार्यरत हैं। वार्ड बॉय, ट्रॉलीमैन, ड्रेसर और सफाईकर्मियों की भारी कमी है। व्यवस्था अब भी आउटसोर्स कर्मियों के भरोसे है। 4. तृतीय एवं नर्सिंग संवर्ग की नियुक्ति कोर्ट का निर्देश : नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए। वर्तमान स्थिति : थर्ड ग्रेड की नियुक्ति लंबित है। नर्सिंग के 144 पदों का विज्ञापन भी अब तक जारी नहीं हुआ। 5. नए भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं मिली कोर्ट का निर्देश: नए निर्माण और पुराने भवनों की मरम्मत। वर्तमान स्थिति : नए भवनों को अब तक प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिली। पुराने भवनों के किसी वार्ड का जीर्णोद्धार पूरा नहीं हुआ। केवल नेत्र एवं ईएनटी वार्ड को तोड़कर न्यूरोसर्जरी वार्ड के एक्सटेंशन का कार्य चल रहा है। 6. जर्जर भवनों की मरम्मत भी नहीं हो सकी कोर्ट का निर्देश : जरूरी मरम्मत कार्य जल्द पूरे हों। वर्तमान स्थिति : चार माह पहले 50 करोड़ रुपए आवंटित होने के बावजूद किसी भी वार्ड की मरम्मत पूरी नहीं हो सकी। 7. मशीन-चिकित्सा उपकरण नहीं खरीदे कोर्ट का निर्देश : जरूरी मशीनों की खरीद पूरी की जाए। वर्तमान स्थिति : कैंसर विभाग की मशीनें, लीनियर एक्सीलरेटर, एडवांस सीटी स्कैन समेत करीब 40 करोड़ रुपए के उपकरणों की खरीद प्रक्रिया अब भी अटकी हुई है। 8. अतिक्रमण हटाने में सफलता मिली कोर्ट का निर्देश : पूरे परिसर को अतिक्रमण मुक्त करें। वर्तमान स्थिति : प्रशासन के सहयोग से रिम्स परिसर की 7 एकड़ जमीन अतिक्रमण मुक्त कर बाउंड्री करा दी गई है। कोर्ट जता चुका है नाराजगी पिछली सुनवाई में भी झारखंड हाईकोर्ट ने लंबित नियुक्तियों और सुधार कार्यों में देरी पर कड़ी नाराजगी जताई थी। अदालत ने स्पष्ट कहा था कि अब ‘प्रशासनिक जटिलता’ जैसे बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे। 30 मई 2026 तक सभी कार्य पूरे करने की जिम्मेदारी तत्कालीन निदेशक डॉ. राजकुमार की तय हुई थी। इधर, सेंट्रल इमरजेंसी में आज भी बंद पड़े हैं अधिकतर मॉनिटर: सेंट्रल इमरजेंसी में मरीजों का इलाज तो हो रहा है, लेकिन अधिकतर बेड पर लगे मॉनिटर बंद हैं। ऐसे में डॉक्टर महत्वपूर्ण पैरामीटर की निगरानी नहीं कर पा रहे हैं।वेंटिलेटर के लिए अब भी इंतजार: गंभीर मरीजों को आज भी वेंटिलेटर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। शनिवार को दो मरीज दो घंटे से अधिक समय तक एंबुलेंस में इंतजार करते रहे। हालांकि एक मरीज को बाद में वेंटिलेटर मिला।इमरजेंसी से भी मरीजों को मेडिकल स्टोर भेजा जा रहा:सेंट्रल इमरजेंसी में जरूरी दवाओं और सामग्री का पर्याप्त स्टॉक नहीं है। शनिवार को भी कई मरीजों के परिजनों को स्लाइन, सिरिंज और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने बाहर भेजा गया। Source link

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