यही है बागवानी का सही समय! बारिश होते ही किसान लगाएं फलदार...
Last Updated:June 27, 2026, 19:00 IST उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. एस.के. त्यागी ने बताया कि जिले की मिट्टी और मौसम कई तरह के फलों की खेती के लिए अनुकूल है. किसान नींबू, केला, पपीता, अमरूद, संतरा, आम, सीताफल और चीकू जैसे फलों के पौधे लगा सकते हैं. सही तकनीक और अच्छी देखभाल के साथ इन फसलों से बेहतर उत्पादन और अच्छा मुनाफा मिल सकता है. जिले में मानसून की दस्तक हो चुकी है और जिन खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है. खरगोन में बारिश का इंतजार हर किसी को था, लेकिन सबसे ज्यादा उन किसानों को जो इस खरीफ सीजन में पारंपरिक फसलों की जगह फलों का बगीचा लगाने की तैयारी कर रहे थे. अब मानसून की शुरुआत के साथ ही ऐसे किसानों के लिए फलदार पौधे लगाने का ये परफेक्ट टाइम आए चुका है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर पौधे लगाने और शुरुआत से ही कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने पर किसान कई वर्षों तक अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं. अगर आप भी इस बार कपास और सोयाबीन जैसी पारंपरिक फसलों की जगह कुछ नया करना चाहते हैं, तो फलों का बगीचा लगाना बेहतर विकल्प हो सकता है. एक बार पौधे लगाने के बाद कई वर्षों तक उत्पादन मिलता है और हर साल नियमित आमदनी भी होती रहती है. यही वजह है कि जिले के कई किसान अब बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं. जिले की मिट्टी कई फलों के लिए अनुकूलउद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. एस.के. त्यागी ने बताया कि जिले की मिट्टी और मौसम कई तरह के फलों की खेती के लिए अनुकूल है. किसान नींबू, केला, पपीता, अमरूद, संतरा, आम, सीताफल और चीकू जैसे फलों के पौधे लगा सकते हैं. सही तकनीक और अच्छी देखभाल के साथ इन फसलों से बेहतर उत्पादन और अच्छा मुनाफा मिल सकता है. उन्होंने बताया कि जिले में मानसून की दस्तक हो चुकी है और जिन खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है. और किसानों की पूरी तैयारी है, वे बिना देर किए पौधों की रोपाई शुरू कर सकते हैं. बारिश पर निर्भर किसान पहले करें ये कामजिन किसानों के खेतों में अभी पर्याप्त नहीं हुई, या बारिश कम हुई है. और वह पूरी तरह बारिश पर ही निर्भर हैं. उन्हें अभी थोड़ा और इंतजार करना चाहिए. जबकि कई किसानों के खेत देरी से खाली हुए उन्हें गर्मी में किए गए गड्ढों में रोपाई से पहले ऊपरी मिट्टी में करीब 25 किलो सड़ी हुई गोबर की खाद, एक किलो नीम की खली, 25 ग्राम ट्राइकोडर्मा, 25 ग्राम पीएचबी और 25 ग्राम मेटाराइज़ियम मिलाना चाहिए. इसके बाद इस मिश्रण से गड्ढे को जमीन की सतह से लगभग 6 इंच ऊपर तक भरना चाहिए. तीन से चार अच्छी बारिश के बाद लगाएं पौधेकिसानों के इस बार का ध्यान रखना चाहिए कि, जब तीन से चार अच्छी बारिश हो जाए या फिर 15 जुलाई के बाद पौधों की रोपाई करना बेहतर रहेगा. इससे पौधों को पर्याप्त नमी मिलती है और उनके सूखने की संभावना काफी कम हो जाती है. रोपाई के दौरान सबसे जरूरी बात यह है कि ग्राफ्टिंग वाला हिस्सा जमीन से करीब 6 इंच ऊपर रहे. यदि यह हिस्सा मिट्टी के अंदर चला गया तो पौधे में बीमारी आने का खतरा बढ़ सकता है और उसकी बढ़वार भी प्रभावित हो सकती है. रोपाई के बाद तुरंत करें सिंचाईविशेषज्ञों का कहना है कि पौधा लगाते समय उसकी जड़ को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. पॉलीथिन में जितनी मिट्टी हो, उतनी ही मिट्टी के साथ पौधे को गड्ढे में लगाना चाहिए. पौधा लगाने के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करना जरूरी है. साथ ही प्रत्येक पौधे के पास करीब तीन फीट ऊंचा मजबूत लकड़ी का डंडा लगाना चाहिए. इससे तेज हवा और बारिश के दौरान पौधा गिरने से बचता है और सीधा बढ़ता है. साथ ही पानी की बचत और बेहतर उत्पादन के लिए ड्रिप सिंचाई सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है. इससे पौधों की जड़ों तक जरूरत के अनुसार पानी पहुंचता है, पानी की बर्बादी कम होती है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Khargone,Madhya Pradesh Source link








