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झारखंड

बासमती चावल, राजमा, छोले, कढ़ी और मट्ठा… मात्र ₹50; जमशेदपुर में यहां...

Last Updated:June 27, 2026, 11:49 IST जमशेदपुर के प्रवीण पाल सिंह ने एमएनसी की नौकरी छोड़कर स्टार्टअप शुरू किया. वे काशीडीह गोलचक्कर के पास कार की डिक्की में फूड काउंटर लगाते हैं. उनके ‘सरदारजी Yum’ काउंटर पर राजमा-चावल, छोले और कढ़ी की थाली मिलती है. इस स्वादिष्ट थाली की कीमत मात्र ₹50 है. एक घंटे में सारी प्लेटें बिक जाती हैं. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर: आज के दौर में जहां अधिकतर लोग बड़ी कंपनियों में नौकरी को सुरक्षित भविष्य मानते हैं. वहीं जमशेदपुर के रहने वाले प्रवीण पाल सिंह ने एक अलग रास्ता चुना. कई वर्षों तक एमएनसी और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में काम करने के बाद उन्होंने अपनी स्थायी नौकरी छोड़कर अपने जुनून को ही अपना व्यवसाय बना लिया. खाने-पीने के शौकीन प्रवीण ने अपने स्टार्टअप ‘सरदारजी Yum’ की शुरुआत की और आज यह नाम शहर के फूड लवर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. प्रवीण रोजाना दोपहर के समय काशीडीह गोलचक्कर के समीप अपनी कार लेकर पहुंचते हैं. फॉर्मल कपड़ों में आने वाले प्रवीण जैसे ही अपनी कार की डिक्की खोलते हैं, वहां से निकलने वाली खुशबू लोगों को अपनी ओर खींच लेती है. उनकी कार किसी छोटे से फूड काउंटर में बदल जाती है. जहां लोगों को घर जैसा स्वाद और साफ-सुथरा भोजन मिलता है. उनके मेन्यू में बासमती चावल, राजमा, छोले, कढ़ी और ठंडा-ठंडा मट्ठा शामिल होता है. सबसे खास बात यह है कि इतनी स्वादिष्ट और भरपूर थाली की कीमत केवल ₹50 रखी गई है. कम कीमत और शानदार स्वाद के कारण लोगों की भीड़ लग जाती है. स्थिति यह होती है कि लगभग 100 प्लेट भोजन एक घंटे के भीतर ही समाप्त हो जाता है. प्रवीण पाल सिंह ने क्या कहा?प्रवीण बताते हैं कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं है, बल्कि लोगों तक घर के खाने जैसा स्वाद पहुंचाना है. उन्होंने कहा, “मैं हमेशा से अच्छा खाना पसंद करता रहा हूं. गुरुद्वारों में मिलने वाले लंगर से मुझे बहुत प्रेरणा मिली है. वहां का भोजन सादगी, सेवा और प्रेम का प्रतीक होता है. मैं उसी भावना को अपने भोजन में उतारने की कोशिश करता हूं, ताकि लोगों को स्वाद के साथ अपनापन भी महसूस हो.” वह भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देते हैं. सभी व्यंजन ताजे मसालों और अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री से तैयार किए जाते हैं. यही कारण है कि उनके ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. क्या रहते हैं ग्राहक?स्थानीय ग्राहकों का कहना है कि सरदारजी Yum का खाना स्वाद और गुणवत्ता दोनों के मामले में बेहतरीन है. कई नियमित ग्राहक बताते हैं कि यदि समय पर पहुंचने में थोड़ी भी देर हो जाए तो भोजन खत्म हो जाता है. इसलिए वे पहले से फोन करके अपना ऑर्डर बुक करवा लेते हैं. ग्राहकों के अनुसार, भोजन का स्वाद बिल्कुल घर के खाने और गुरुद्वारे के प्रसाद जैसी सादगी और संतुष्टि का एहसास कराता है. जमशेदपुर में कार की डिक्की से शुरू हुई यह अनोखी पहल आज लोगों के दिलों तक पहुंच रही है. प्रवीण पाल सिंह की कहानी यह साबित करती है कि यदि जुनून और समर्पण हो तो नौकरी छोड़कर भी अपने सपनों को सफल व्यवसाय में बदला जा सकता है. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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गुमला में पेड़ से लटका मिला युवक का शव:दुपट्टे के सहारे की...

गुमला के घाघरा थाना क्षेत्र स्थित घोड़ाटांगर सरना टाड़ के समीप एक युवक का शव आम के पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान 27 वर्षीय सत्येंद्र उरांव (पिता सघनू उरांव) के रूप में हुई है। वह घोड़ाटांगर गांव का रहने वाला था। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की आशंका जताई है। जानकारी के अनुसार, सुबह घर से निकले ग्रामीणों की नजर पेड़ से लटके शव पर पड़ी। यह दृश्य देखते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल इसकी सूचना परिजनों व पुलिस को दी गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा सूचना मिलते ही घाघरा थाना की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, शव पेड़ से लटका हुआ था। घटना के बाद से परिजन भी घटना से स्तब्ध हैं। किसी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। साक्ष्य जुटाने में लगी है। केरल में करता था काम, छह माह से घर पर था मृतक के पिता सघनू उरांव ने बताया कि सत्येंद्र केरल में मजदूरी करता था। करीब छह महीने पहले घर लौटा था। घर आने के बाद से वह लगातार शराब का सेवन कर रहा था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह उनकी सत्येंद्र से गांव में मुलाकात हुई थी, जिसके बाद वह मवेशी चराने चले गए थे। शाम को लौटने पर बेटा घर नहीं मिला, लेकिन उन्होंने सोचा कि वह कहीं गया होगा। रातभर उसके वापस नहीं आने के बाद शनिवार सुबह ग्रामीणों से बेटे की मौत की खबर मिली। उन्होंने यह भी बताया कि जब शव को पेड़ से उतारा जा रहा था, उस समय उसके मोबाइल में गाना बज रहा था। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। Source link

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देवघर में हाईटेंशन तार से टकराया ताजिया:9 लोग करंट की चपेट में...

देवघर के कुसुमडीह गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान शनिवार को बड़ा हादसा हो गया, जब ताजिया बिजली के हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गया। इस घटना में ताजिया उठा रहे नौ श्रद्धालु करंट की चपेट में आ गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गांव से ताजिया लेकर श्रद्धालु मेला स्थल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पांडेय दुकान के समीप सड़क के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार से ताजिया अचानक टकरा गया। तार के संपर्क में आते ही तेज करंट प्रवाहित हुआ और ताजिया पकड़े लोग झटके से गिर पड़े। घटना के बाद जुलूस में शामिल लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाया, एक की हालत गंभीर हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल भेजा। इस घटना में गांव निवासी रजाउल अंसारी गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ है। खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। अन्य घायलों को भी हल्की चोटें आई हैं, जिनका इलाज स्थानीय स्तर पर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और पूर्व मुखिया दिनेश मंडल अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से बातचीत कर घायल के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। Source link

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गुजरात दौरे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लॉन्च करेंगे भारत टैक्सी,...

होमताजा खबरदेश गुजरात में गृह मंत्री अमित शाह, लॉन्च करेंगे भारत टैक्सी, लगाएंगे जनता दरबार Last Updated:June 27, 2026, 11:38 IST केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुजरात दौरे पर हैं. इस दौरान वह गांधीनगर में भारत टैक्सी लॉन्च करेंगे. इसके साथ ही वह दिशा बैठक और ग्रीन लोकसभा समीक्षा करेंगे. आज शाम को वह साबरमती में जनता दरबार में शिकायतें सुनेंगे. गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को गुजरात के दौरे पर हैं. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को गांधीनगर और अहमदाबाद में कई आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे. इस यात्रा के दौरान वे साबरमती विधानसभा क्षेत्र में में जनता से सीधे संवाद भी करेंगे. आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार गृह मंत्री अमित शाह अपने दिन की शुरुआत गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर से करेंगे. यहां वे ‘भारत टैक्सी (गुजरात)’ लॉन्च करेंगे, जो सहकारिता मंत्रालय के तहत विकसित एक सहकारी-आधारित राइड-हेलिंग सेवा है. यह पहल ‘सारथी ही मालिक’ मॉडल पर आधारित है, जिसके तहत ड्राइवर भी इस प्लेटफॉर्म में हिस्सेदार होते हैं. इसके बाद, केंद्रीय गृह मंत्री शाह गांधीनगर के सेक्टर-20 स्थित सर्किट हाउस में ‘जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति’ (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे. बैठक में केंद्र सरकार की योजनाओं और जिला-स्तरीय विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की जाती है. इन बैठकों में सांसद, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होते हैं. बाद में अमित शाह गांधीनगर संसदीय क्षेत्र के तहत ‘ग्रीन लोकसभा’ पहल पर अहमदाबाद में दो अलग-अलग समीक्षा बैठकें करेंगे. शाम 5:15 बजे पहली बैठक सरकारी अधिकारियों के साथ होगी और इसके बाद शाम 6 बजे संगठन के प्रतिनिधियों के साथ दूसरी बैठक होगी. दोनों बैठकों में ‘सामूहिक वृक्षारोपण’ अभियान के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी. यह अभियान पूरे संसदीय क्षेत्र में चलाए जा रहे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का हिस्सा है. ‘ग्रीन गांधीनगर’ पहल हाल के समय में संसदीय क्षेत्र-स्तरीय विकास योजना का मुख्य केंद्र रही है. अधिकारियों ने शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण की स्थिति में सुधार के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान के लक्ष्य तय किए हैं. शाम 7 बजे, गृह मंत्री शाह साबरमती विधानसभा क्षेत्र के रानीप और साबरमती वार्ड में जनता से सीधे संवाद के लिए ‘जनता दरबार’ में शामिल होंगे. यह बातचीत शहर के रानीप इलाके में स्थित स्वामीनारायण इंटरनेशनल स्कूल में तय की गई है, जहां लोगों की शिकायतों और चुनाव क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई होने की उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि दिनभर चलने वाले इस कार्यक्रम से गांधीनगर और अहमदाबाद में सहकारी क्षेत्र के विस्तार, केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रशासनिक समीक्षा और चुनाव क्षेत्र के स्तर पर पर्यावरण व नागरिक सुविधाओं से जुड़ी पहलों के बारे में जानकारी हासिल होती है. About the Author संतोष कुमार न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Sev Laddu: मोतीचूर से नहीं बेसन के बारीक सेव से बनते हैं...

जमशेदपुर. भारत में मिठाइयों का अपना एक अलग ही महत्व है. यहां हर राज्य और हर जिले की अपनी खास मिठाइयां हैं, जो अपने अनोखे स्वाद और बनाने की पारंपरिक विधि के कारण पहचान रखती हैं. झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले की ऐसी ही एक प्रसिद्ध मिठाई है सेव का लड्डू, जो वर्षों से लोगों की पसंद बना हुआ है. यह लड्डू न केवल अपने स्वाद के लिए जाना जाता है, बल्कि इसकी बनाने की प्रक्रिया भी दूसरे लड्डुओं से काफी अलग है. दस दिन नहीं होता खराबसरायकेला के प्रसिद्ध हलवाई मंटू मोदक बताते हैं कि यहां का सेव लड्डू दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. कई लोग जब सरायकेला आते हैं, तो इस मिठाई को विशेष रूप से खरीदकर अपने साथ ले जाते हैं. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह लगभग 10 दिनों तक खराब नहीं होता, इसलिए लोग इसे पैक कराकर रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए भी ले जाते हैं और गिफ्ट भी करते हैं. बहुत मेहनत से बनते हैं ये लड्डूमंटू मोदक के अनुसार, इस खास लड्डू को बनाने की प्रक्रिया काफी मेहनत भरी होती है. सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाले बेसन को तैयार किया जाता है. इसके बाद बेसन के घोल से बेहद पतली और महीन सेव बनाई जाती है. इन सेवों को शुद्ध तेल या घी में सुनहरा होने तक तला जाता है. तलने के बाद सेव को पूरी तरह ठंडा होने दिया जाता है, ताकि उसका स्वाद और कुरकुरापन बरकरार रहे. अब आती है चाशनी की बारीइसके बाद तैयार की जाती है चीनी की चाशनी. चाशनी में इलायची पाउडर, मगज, काजू, किशमिश और शुद्ध देसी घी मिलाया जाता है. जब सभी सामग्री अच्छी तरह मिल जाती हैं, तब उसमें तैयार की गई सेव डाली जाती है. मिश्रण को हल्के हाथों से मिलाकर गोल आकार में लड्डू बनाए जाते हैं. यही पारंपरिक विधि इस मिठाई को एक अलग पहचान देती है. आसपास के जिलों से खरीदने आते हैं लोगमंटू मोदक बताते हैं कि सेव लड्डू का स्वाद इतना खास होता है कि एक बार खाने वाला व्यक्ति इसे दोबारा जरूर मांगता है. मिठास, कुरकुरी सेव और सूखे मेवों का संतुलित मेल इसे बेहद स्वादिष्ट बना देता है. यही कारण है कि सरायकेला के अलावा आसपास के जिलों से भी लोग इसे खरीदने पहुंचते हैं. शादी-विवाह, त्योहार में बढ़ जाती है मांगगांवों में जब भी कोई शादी, पूजा, मेला या बड़ा पर्व-त्योहार होता है, तब इस लड्डू की मांग कई गुना बढ़ जाती है. हलवाइयों को लगातार इसकी तैयारी करनी पड़ती है. मंटू मोदक हंसते हुए कहते हैं कि ‘हम लोग इसे लगातार बनाते रहते हैं, क्योंकि कब स्टॉक खत्म हो जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है.’ आज भी चाव से खाते हैं लोगसरायकेला का यह पारंपरिक सेव लड्डू आज भी अपनी पुरानी पहचान और स्वाद को कायम रखे हुए है. आधुनिक मिठाइयों के दौर में भी यह स्थानीय विरासत और पारंपरिक स्वाद का एक बेहतरीन उदाहरण माना जाता है, जिसे लोग आज भी उतने ही चाव से खाते हैं, जितना वर्षों पहले खाया करते थे. Source link

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आज प्रेमिका की आने वाली है बारात:कोडरमा में नाबालिग प्रेमी ने दी...

कोडरमा के सतगांवां थाना क्षेत्र के सियास मुशहरिया गांव में 17 साल के रंजीत मुसहर (पिता नरेश मुसहर) ने फंदे से झूल कर जान दे दी। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार रात सभी लोग खाना खाकर अपने-अपने कमरे में सोने चले गए थे। शनिवार सुबह जब रंजीत काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला, तो परिजनों को चिंता हुई। उसके पिता नरेश मुसहर जब उसे जगाने उसके कमरे के पास पहुंचे, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज देने के बावजूद जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो आशंका होने पर दरवाजा तोड़ा गया। कमरे के अंदर फंदे से लटका मिला शव दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करते ही परिजन स्तब्ध रह गए। रंजीत कमरे के अंदर फांसी के फंदे से झूल रहा था। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, रंजीत का एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह उससे शादी करना चाहता था। हालांकि, युवती के परिजनों ने इस रिश्ते को अस्वीकार कर दिया। उसकी शादी किसी अन्य युवक से तय कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि आज ही युवती के घर बारात आने वाली है। इसी से आहत होकर रंजीत ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने शव कब्जे में ले पोस्टमार्टम को भेजा घटना की सूचना मिलते ही सतगांवां थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल कोडरमा भेज दिया। पुलिस फिलहाल परिजनों से पूछताछ कर रही है। बताया जाता है कि मृतक अपने पिता के पांच पुत्रों में सबसे बड़ा था। गांव के आसपास मजदूरी कर परिवार चलाने में मदद करता था। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। Source link

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चतरा में पानी मांगने के बहाने घर में घुसे हमलावर:भुजाली से युवक...

चतरा के सदर थाना क्षेत्र के गोड़हाई गांव मोहर्रम जुलूस समाप्त होने के बाद करीब 11:30 बजे कुछ हमलावर पानी पीने के बहाने मोहम्मद आबिद के घर में घुस गए और योजनाबद्ध तरीके से युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने पहले घरवालों से पानी मांगा और फिर घर के अंदर मो. शाहजहां को तलाशने लगे। जैसे ही शाहजहां सामने आया, आरोपियों ने टांगी और भुजाली से उसकी जांघ पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमला इतना क्रूर था कि वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखें… बचाने आए चाचा को भी मारा चाकू हमले में शाहजहां की जांघ की मांसपेशियां पूरी तरह कट गईं, जिससे अत्यधिक खून बहने लगा। गंभीर हालत में उसे पहले चतरा सदर अस्पताल और फिर हजारीबाग रेफर किया गया। वहां से बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। हमले के दौरान अपने भतीजे को बचाने पहुंचे उसके चाचा शबीर मियां पर भी हमलावरों ने चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उनके सीने के दोनों तरफ वार किए गए, जिसमें उन्हें कुल 13 टांके लगाने पड़े। फिलहाल उनका इलाज रांची के मेदांता अस्पताल में चल रहा है। उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। तीन दिन पुरानी रंजिश का लिया बदला पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आ रही है। परिजनों ने बताया कि तीन दिन पहले शाहजहां और हमलावरों के बीच विवाद हुआ था, जिसे पंचायत के माध्यम से सुलझाने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच आरोपियों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह ने बताया कि परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर बाप-बेटे फरहान और फैजान (पिता साजिद अंसारी) को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी अभियान चला रही है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। Source link

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तेजस, राफेल, एम्का… सब पर ग्रहण, चौतरफा परेशानी में घिरी IAF, क्या...

Last Updated:June 27, 2026, 10:53 IST Tejas MK1A Rafale AMCA IAF Facing Fighter Jet Crisis: इंडियन एयरफोर्स के पास फाइटर जेट्स की भारी कमी है. तेजस मार्क-1ए और मार्क-2 प्रोजेक्ट इंजन देरी से अटके हुए हैं. राफेल डील भी धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही है. पांचवी पीढ़ी का फाइटर जेट एम्का प्रोजेक्ट भी अभी शुरुआती दौर में है. ऐसे में 2035 तक स्थिति चिंताजनक दिख रही है. भारतीय एयरफोर्स के राफेल और तेजस फाइटर जेट. फोटो- पीटीआई Tejas MK1A Rafale AMCA IAF Facing Fighter Jet Crisis: इंडियन एयरफोर्स इस वक्त लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रही है. यह बात किसी से छिपी नहीं है. लेकिन, असल चिंता यह नहीं है कि एयरफोर्स के पास जरूरत से काफी कम फाइटर जेट्स हैं, बल्कि चिंता की बात यह है कि आने वाले करीब 10 सालों में ऐसी कोई स्थिति नहीं दिख रही जिससे कहा जा सके कि एयरफोर्स के पास 2035-40 तक पर्याप्त संख्या में फाइटर जेट्स उपलब्ध हो जाएंगे. फाइटर जेट्स खरीदने के एयरफोर्स के हर एक प्लान में कहीं न कहीं बड़ा लोचा दिख रहा है. इस कारण आने वाला समय काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है. दरअसल, फाइटर जेट्स खरीदना कोई गाड़ी-बंगला खरीदने जैसा काम नहीं है. कुछ महीने पहले एयरफोर्स चीफ एपी सिंह ने खुद कहा था कि फाइटर जेट्स कोई वाशिंग मशीन या फ्रीज नहीं है जो आप बाजार गए और खरीद कर लेते आए. फाइटर जेट्स बनाना, बेचना और खरीदना बेहद जटिल काम हैं. दुनिया के गिने-चुने मुल्क फाइटर जेट्स बनाने की काबिलियत रखते हैं. उनके साथ डील में तमाम तरह के किंतु-परंतु जुड़े होते हैं. इन्हीं सभी वजह से भारत के सामने मुश्किल घड़ी आ खड़ी हुई है. इस मुश्किल वक्त के लिए सरकार या एयरफोर्स या देश की नौकरशाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार भी नहीं ठहराया जा सकता है. बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां और समय ऐसी चीज है जो हर किसी की पहुंच से बाहर की चीज है. केवल 30 स्क्वाड्रन पर अटकी एयरफोर्स भारतीय एयरफोर्स के पास इस वक्त फाइटर जेट्स के करीब 30 स्क्वाड्रन हैं. एक स्क्वाड्रन में 18 विमान होते हैं. जबकि चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मन देशों से घिरे होने की वजह से कम से कम 42 स्क्वाड्रन की जरूरत है. इतना ही नहीं इस 30 स्क्वाड्रन में कई मिग-29 और जैगुआर जैसे फाइटर जेट्स के स्क्वाड्रन भी हैं. ये भी अगले कुछ ही सालों में रिटायर होंगे. यानी स्क्वाड्रन संख्या लगातार कम हो रही है. अब आते हैं सिक्के के दूसरे पहलू पर. आप सोच रहे होंगे कि अगर स्क्वाड्रन संख्या लगातार गिर रहे हैं तो भारत ने इसकी तैयारी समय रहते क्यों नहीं की. आप इस मामले में कुछ हद तक सही हैं लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है. भारत पूरी तरह से हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठा था. इस बात को समझने के लिए हमें थोड़ा इतिहास खंगालना होगा. स्वदेसी जेट पर जोर सबसे पहली बात यह कि भारत की लंबे समय से कोशिश रही है कि वह अपना स्वदेशी फाइटर जेट बना ले जिससे कि इसके लिए विदेशों पर निर्भर न रहना पड़े. इसमें भारत को काफी हद तक सफलता भी मिल चुकी है. भारत ने चौथी पीढ़ी के तेजस विमान डेवलप कर लिए हैं. 40 तेजस एयरफोर्स के बेड़े में शामिल हैं. उसके बाद भारत ने और एडवांस तेजस मार्क-1ए डेवलप किया. ये एक शानदार हल्के लड़ाकू विमान हैं जिसमें बेहद एडवांस रडार सिस्टम और अन्य चीजें हैं. ये चीनी चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान जे-10 सी से कई मामलों में बेहतर हैं. पाकिस्तान की सेना के पास बड़ी संख्या में जे-10सी विमान हैं. अब वह इसे बांग्लादेश को भी बेचने जा रहा है. ऐसे में एयरफोर्स ने सरकारी कंपनी एचएएल को काफी पहले 180 तेजस मार्क-1ए के ऑर्डर दे दिए. इस डील के मुताबिक एयरफोर्स को पहला तेजस मार्क-1ए जेट फरवरी 2024 में मिल जाना था. लेकिन, इस डिलिवरी में अब तक करीब ढाई साल की देरी हो चुकी है. एयरफोर्स को कोई विमान नहीं मिला है. और इस डिलिवरी में सबसे बड़ा झोल अमेरिका है. दरअसल, भारत ने फाइटर जेट तो बना लिया लेकिन उसके पास इस जेट का इंजन नहीं है. उसने इसके लिए अमेरिकी जनरल मोटर्स यानी जीई कंपनी से उसके एफ404 इंजन की डील की थी. लेकिन, यह जीई कंपनी समय से इंजन की डिलिवरी नहीं कर पा रही है और इस कारण भारत का पूरा प्लान पटरी से उतरता दिख रहा है. अभी तक जीई ने केवल 6-7 इंजन की डिलिवरी की है. दूसरी तरफ चीन और पाकिस्तान अपने एयरफोर्स को तेजी से मॉर्डन बनाने में जुटे हैं. चीन की एयरफोर्स कब का पांचवीं पीढ़ी का जेट उड़ा रही है. वह अब छठी पीढ़ी के जेट पर काम कर रहा है. स्वदेशी तेजस बेहतरीन हल्के लड़ाकू विमान हैं. फोटो- पीटीआई तेजस मार्क-2 की कहानी इस कहानी की दूसरी कड़ी तेजस मार्क-2 है. यह तेजस श्रेणी का ही और एडवांस जेट है. इसको 4.5 पीढ़ी का हल्का जेट कहा जाता है. यह कई मामलों में 4.5+ पीढ़ी के दुनिया के बेहतरीन जेट राफेल को टक्कर देता है. लेकिन, इस प्रोजेक्ट में भी दो स्तरों पर अड़चन आ गई है. योजना के मुताबिक अब तक इस जेट का टेस्ट उड़ान शुरू हो जाना था लेकिन, इसकी डिजाइन में कुछ कमी की वजह से इसमें काफी कुछ बदलाव किया जा रहा है. और एचएएल की रिपोर्ट के मुताबिक अब इस जेट में बदलाव में कम से कम और 10 महीने का समय लगेगा. इसके साथ ही इस जेट में भी अमेरिकी जेई कंपनी का एफ414 इंजन लगाया जाएगा. इसके लिए जीई कंपनी से बातचीत चल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक जई ने अब इस इंजन की प्राइस करीब-करीब तीन गुना बढ़ा दी है. उसने एक इंजन के लिए करीब 200 करोड़ की डिमांड रखी है. इस कारण इस पूरे प्रोजेक्ट पर संकट के बादल छा गए हैं. अगर इस मोड़ पर तेजस मार्क-2 के लिए इंजन में बदलाव किया जाता है तो हर एक चीज बदलनी पड़ेगी और यह प्रोजेक्ट और 4-5 साल पीछे चला जाएगा. अगर इस जेट की टेस्ट उड़ान समय पर हो जाती और जीई के साथ इंजन डील हो भी जाती तो 2029-30 से इस

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2 घंटे बंद रहा AC, गर्मी से बेहाल रहे 170 यात्री, केबिन...

Last Updated:June 27, 2026, 10:03 IST दिल्ली-रांची इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी खराबी आ गई. रनवे पर पहुंचकर विमान वापस लौट आया. खराबी के कारण विमान का एसी बंद हो गया. केबिन में बंद 170 यात्री भीषण गर्मी से बेहाल हो गए. यात्रियों के हंगामे के बाद उन्हें टर्मिनल भेजा गया. विमान करीब चार घंटे देरी से रांची पहुंचा. ख़बरें फटाफट फ्लाइट में 2 घंटे एसी बंद रहने से यात्री परेशान रहे संजय सिन्हा/रांचीः दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को उस समय एक बड़ा हंगामा खड़ा हो गया, जब रांची आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट उड़ान भरने से ठीक पहले तकनीकी खराबी का शिकार हो गई. विमान संख्या 6E 2614 रनवे तक पहुंच चुका था, लेकिन ऐन वक्त पर आई इस खराबी के कारण पायलट को विमान को वापस मोड़ना पड़ा. बिना एसी के केबिन बना भट्टी रनवे से लौटने के बाद तकनीकी खराबी की वजह से विमान का एयर कंडीशनिंग सिस्टम पूरी तरह ठप हो गया. बेहद चिंताजनक बात यह रही कि विमान के अंदर बैठे 170 यात्रियों को बाहर निकालने के बजाय केबिन का दरवाजा करीब 2 घंटे तक बंद रखा गया. दिल्ली की भीषण गर्मी और उमस के बीच एसी बंद होने से विमान के अंदर का तापमान तेजी से बढ़ गया और केबिन किसी भट्टी की तरह तपने लगा. ताजी हवा न मिलने के कारण बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सांस लेने के लिए तड़पने लगे और यात्रियों की हालत बेहाल हो गई. फ्लाइट से वापस टर्मिनल भेजे गए यात्रीयात्रियों का फूटा गुस्सा दमघोंटू माहौल में फंसे यात्रियों ने जब विमान के क्रू मेंबर्स से स्थिति स्पष्ट करने को कहा, तो एयरलाइंस प्रबंधन की ओर से कोई ठोस या संतोषजनक जवाब नहीं मिला. प्रबंधन की इस घोर लापरवाही और टालमटोल वाले रवैये को देख यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया. आक्रोशित यात्रियों ने विमान के अंदर ही जोरदार हंगामा शुरू कर दिया. विवाद बढ़ता देख और यात्रियों की तबीयत बिगड़ने के डर से आखिरकार प्रबंधन ने केबिन का दरवाजा खोला और सभी 170 यात्रियों को वापस एयरपोर्ट टर्मिनल पर भेजा. करीब 4 घंटे की देरी से पहुंची फ्लाइट टर्मिनल पर भेजे जाने के बाद तकनीकी टीम ने विमान की खराबी को दूर करने का काम शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद जब तकनीकी खराबी को पूरी तरह ठीक कर लिया गया, तब कहीं जाकर यात्रियों को दोबारा विमान में बिठाया गया. इस पूरे घटनाक्रम के कारण फ्लाइट ने दिल्ली से काफी देरी से उड़ान भरी. आखिरकार, यह विमान अपने निर्धारित समय शाम 4.35 बजे के बजाय करीब 4 घंटे की देरी से रात 8.05 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर लैंड कर सका. इस लेटी-लतीफी और लापरवाही के कारण यात्रियों को भारी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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पटना से आई टाटा मैजिक गिरिडीह में बीच सड़क जली:सीएनजी टैंक फटने...

गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में पांडेडीह मोड़ के समीप चलती सीएनजी टाटा मैजिक में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही पलों में पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के वक्त वाहन पटना से गिरिडीह की ओर आ रहा था। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचा ली, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि वाहन में लदा ट्रांसफार्मर समेत अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दमकल की मशक्कत के बाद बुझी आग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही वाहन पांडेडीह मोड़ के पास पहुंचा, अचानक उसमें आग लग गई। देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं और पूरा वाहन धू-धू कर जलने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद दमकल विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक टाटा मैजिक पूरी तरह जल चुकी थी। घटना में वाहन के साथ-साथ उसमें रखा मोबाइल टावर का ट्रांसफार्मर और अन्य सामान भी नष्ट हो गया। सीएनजी सिलेंडर फटने की आशंका वाहन चालक मिथलेश कुमार ने बताया कि गाड़ी सीएनजी से चल रही थी और आशंका है कि सिलेंडर फटने से ही आग लगी। उन्होंने बताया कि वह पटना से ट्रांसफार्मर और अन्य सामान लेकर गिरिडीह आ रहे थे। अचानक आग लगने के बाद उन्हें कुछ समझ नहीं आया और जान बचाने के लिए तुरंत गाड़ी से कूदना पड़ा। चालक ने बताया कि वाहन के अंदर रखा उनका मोबाइल, नकदी और अन्य जरूरी सामान भी नहीं बच पाया और सब कुछ जल गया। इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और अब उनके पास घर लौटने तक के लिए पैसे नहीं बचे हैं। Source link

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