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Aaj Ka Mausam Live | Weather News Today Live | 80 KM...

IMD Weather News Today : जून का महीना लगभग खत्म होने को है और अब भी मध्य और उत्तर भारत लोगों को गर्मी और लू के थपेड़ों से राहत देने वाली मानसून की झमाझम बारिश का इंतजार है. और मानसून है कि इस बार धोखे पर धोखा दिए जा रहा है. एक तो इस दक्षिण पश्चिम मानसून ने देर से दस्तक दी और फिर बेहद धीमी से बढ़ता हुआ उत्तर पूर्वी राज्यों, पश्चिम बंगाल से होता हुआ बिहार तक पहुंचा और वहीं जाकर थम गया. हालांकि मौसम विभाग ने अब एक गुड न्यूज दी है. देश के कई हिस्सों में मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है. आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के हिस्सों तक पहुंच चुकी है. मौसम विभाग का कहना है कि 23 जून के आसपास मानसून इन राज्यों के और अधिक हिस्सों में आगे बढ़ सकता है. इसके लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, सोमवार 22 जून को उत्तर पूर्वी राज्यों के अलावा ओडिशा और बिहार सहित कुल 15 राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. आईएमडी के मुताबिक,  पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत, दक्षिण भारत और पश्चिमी तटीय राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि मध्य भारत और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी लू और गर्म हवाओं का असर बना रहेगा. राजस्थान में तेज आंधी और धूल भरी आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं वहीं बिहार, झारखंड और ओडिशा में गरज-चमक के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. पूर्वोत्तर भारत में भारी से बेहद भारी बारिश 22 जून को सबसे ज्यादा बारिश पूर्वोत्तर राज्यों में देखने को मिल सकती है. असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश होने की संभावना है. नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है. लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. बिहार, झारखंड, ओडिशा में बारिश के साथ तूफानी हवाएं पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है. बिहार में कई जगह भारी बारिश हो सकती है. साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है. मुंबई में रविवार को मूसलाधार बारिश हुई. झारखंड और ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ बारिश होगी. दोनों राज्यों में थंडरस्क्वॉल यानी तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट है. मौसम विभाग का कहना है कि किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. दिल्ली-एनसीआर में राहत की शुरुआत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. आईएमडी के मुताबिक अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है. राजधानी में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है. दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि उमस बनी रह सकती है. यूपी और उत्तराखंड का मौसम पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 जून को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं. हालांकि राज्य के पूर्वी हिस्सों में अभी भी लू का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. तापमान सामान्य से ऊपर बना रह सकता है. ऐसे में लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी गई है. वहीं उत्तराखंड में 22 जून को कई जिलों में बारिश और गरज-चमक का पूर्वानुमान है. पर्वतीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने यात्रियों और चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है. बारिश के कारण पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है. राजस्थान में आंधी और धूलभरी हवाओं का खतरा राजस्थान में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है. पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति झोंकों के साथ 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी का भी अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई है. मध्य भारत में लू का असर जारी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में गर्मी अभी पूरी तरह कम नहीं हुई है. छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना में लू चलने की संभावना बनी हुई है. विदर्भ में हीटवेव से लेकर गंभीर हीटवेव की स्थिति बनने का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार विदर्भ में रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रह सकता है, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी. बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. महाराष्ट्र और पश्चिमी तट पर तेज बारिश कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में मानसूनी गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं. कोंकण और गोवा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि 22 जून के बाद महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जाएगी. दक्षिण भारत में कई राज्यों के लिए भारी बारिश की चेतावनी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में

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कहीं जमीन अधिग्रहण तो कहीं तकनीकी बनी अड़चन:जाम से जूझती रांची को...

राजधानी रांची में ट्रैफिक जाम अब केवल आवाजाही की समस्या नहीं, बल्कि आम लोगों के दैनिक जीवन का बड़ा संकट बन गया है। हरमू रोड, अरगोड़ा चौक, करमटोली, बरियातू, कांके रोड और बूटी मोड़ जैसे प्रमुख मार्गों पर सुबह-शाम लंबी वाहन कतारें आम बात हो गई हैं। शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए सरकार ने तीन प्रमुख एलिवेटेड कॉरिडोर और फ्लाईओवर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें अरगोड़ा-हरमू-डिबडीह एलिवेटेड कॉरिडोर, करमटोली-साइंस सिटी एलिवेटेड कॉरिडोर और हरमू रोड फ्लाईओवर शामिल हैं। इन परियोजनाओं पर कुल मिलाकर करीब 1305 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। लेकिन टेंडर प्रक्रिया, भूमि अधिग्रहण, बिजली और पेयजल पाइपलाइन की शिफ्टिंग समेत कई तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं लंबित हैं। खासकर हरमू रोड फ्लाईओवर का प्रस्ताव 2019 से विभिन्न कारणों से अटका हुआ है और इसकी अनुमानित लागत करीब 487 करोड़ रुपए है। वहीं अरगोड़ा-हरमू-डिबडीह एलिवेटेड कॉरिडोर और करमटोली -साइंस सिटी एलिवेटेड कॉरिडोर पर कुल 820 करोड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगले सप्ताह तीनों परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी किए जाने की संभावना है। 1 . हरमू रोड फ्लाईओवर परियोजना कब क्या हुआ… आखिर क्यों अटका प्रोजेक्ट अभी क्या स्थिति है हरमू रोड 2. करमटोली-साइंस सिटी फ्लाईओवर कब क्या हुआ वर्तमान स्थिति: कार्य एजेंसी चयन और टेंडर जारी करने की तैयारी। यह परियोजना करमटोली चौक को साइंस सिटी से जोड़ेगी। इसका उद्देश्य कांके रोड, बरियातू और बूटी मोड़ क्षेत्र के ट्रैफिक दबाव को कम करना है। क्या होगा फायदा यह रांची के सबसे अधिक ट्रैफिक दबाव वाले मार्गों में शामिल है। इसका निर्माण हो जाने के बाद रांची से हजारीबाग- रामगढ़ और पटना जाने वाले वाहनों को बरियातू रोड, बूटी मोड़ होकर नहीं जाना होगा। कांके रोड, रातू रोड के वाहन करम टोली चौक से सीधे एलिवेटेड कॉरिडोर में चढ़कर रिंग रोड चले जाएंगे। जाम से मुक्ति मिलेगी। 3. अरगोड़ा-हरमू-डिबडीह फ्लाईओवर कब क्या हुआ क्या है बाधा यह होगा फायदा यह परियोजना अरगोड़ा चौक से हरमू होते हुए डिबडीह ब्रिज तक प्रस्तावित है। हरमू रोड और अरगोड़ा चौक का जाम कम होगा। अशोक नगर, हरमू और अरगोड़ा क्षेत्र को राहत मिलेगी। रातू-पंडरा से आने वाले वाहन दलादली, कटहल मोड़ होते हुए सीधे अरगोड़ा चौक आकर इस एलिवेटेड कॉरिडोर से धुर्वा, प्रोजेक्ट भवन की ओर आसानी से जा सकेंगे। Source link

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रांची में आज बारिश-आंधी का ऑरेंज अलर्ट:प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून हो रहा...

रांची सहित पूरे झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे सक्रिय होता नजर आ रहा है। यही वजह है कि हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा सहित 8 से अधिक जिलों में देर रात से लेकर सुबह तक हल्की बारिश हो रही है। मौसम में बदलाव रविवार से दिखने लगा है। रविवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। कई इलाकों में सुबह व देर रात बारिश दर्ज की गई। रांची में 4 मिमी और खूंटी में 8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई। अधिकतम तापमान 2.1 डिग्री कम होकर 33.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे। हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। 60 किमी रफ्तार से चल सकती है हवा मौसम विभाग ने आज के लिए रांची, खूंटी, लोहरदगा और रामगढ़ समेत कई जिलों में तेज हवा और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही 23 से 27 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में यलो अलर्ट लागू रहेगा। इस अवधि में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है। टर्फ और बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में पंजाब से बिहार तक एक टर्फ रेखा सक्रिय है, जबकि झारखंड से आंध्र प्रदेश तक दूसरी टर्फ बनी हुई है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के साथ बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी राज्य में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रही है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद का कहना है कि जून के अंत तक हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी, जबकि जुलाई में नया सिस्टम बनने से अच्छी वर्षा की संभावना है। झारखंड, बिहार और ओडिशा के कुछ हिस्सों में 23 जून के आसपास मानसून के और आगे बढ़ने के संकेत हैं। कई जगहों में हुई अच्छी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट हो सकती है। हालांकि इसके बाद फिर तापमान में बढ़ोतरी संभव है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई, जिसमें गुमला के चैनपुर में सबसे अधिक 40.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा रांची में 35.6 मिमी, बोकारो में 35.5 मिमी और नामकुम में 23.5 मिमी बारिश हुई। फिलहाल रांची को छोड़कर अन्य जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है, जबकि रांची में अब तक सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। Source link

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भारत में जुटे रूस-चीन और ईरान के NSA, अजीत डोभाल के साथ...

होमताजा खबरदेश भारत में जुटे रूस-चीन और ईरान के NSA, अजीत डोभाल के साथ करेंगे मीटिंग Last Updated:June 22, 2026, 07:30 IST BRICS NSA Meeting Today: ईरान जंग के बीच देश और दुनिया में कई ऐसी घटनाएं घट रही हैं, जो काफी महत्‍वपूर्ण हैं. इनमें BRICS के सदस्‍य देशों के NSA की बैठक एक है. अजीत डोभाल इस अहम बैठक की अध्‍यक्षता करेंगे. इस मीटिंग में चीन और रूस के साथ ही ईरान के प्रतिनिधि भी हिस्‍सा लेंगे. BRICS NSA की बैठक आज शुरू होगी, जिसकी अध्‍यक्षता अ‍जीत डोभाल करेंगे. (फाइल फोटो/PTI) BRICS NSA Meeting Today: भारत की अध्यक्षता में आज यानी सोमवार 22 जून 2026 से राजधानी नई दिल्ली में BRICS देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधियों की दो दिवसीय अहम बैठक शुरू हो रही है. इस महत्वपूर्ण सुरक्षा सम्मेलन की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे. बैठक में BRICS सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी हिस्सा लेंगे और दुनिया के सामने उभर रही गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों (Non-Conventional Security Challenges) पर व्यापक मंथन करेंगे. विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष BRICS अध्यक्ष के रूप में भारत की मेजबानी में आयोजित यह बैठक ‘आज की दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां’ विषय पर केंद्रित होगी. सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा के बदलते स्वरूप, नई और अत्याधुनिक तकनीकों से उत्पन्न हो रहे खतरों, साइबर सुरक्षा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के सुरक्षित उपयोग तथा डिजिटल क्षेत्र में बढ़ते जोखिमों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है. बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु और ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के उप सचिव समेत विभिन्न सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के शामिल होने की संभावना है. चीन ने पहले ही पुष्टि की है कि वांग यी 22 और 23 जून को नई दिल्ली में होने वाली BRICS NSA बैठक में भाग लेंगे. उनके भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से अलग से मुलाकात करने की भी संभावना जताई जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सीमा पार आतंकवाद, पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, रूस-यूक्रेन युद्ध और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े अन्य संवेदनशील मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं. भारत इस मंच पर आतंकवाद, खासकर जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाने वाली सीमा पार आतंकी गतिविधियों पर अपनी चिंताओं को प्रमुखता से उठा सकता है. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी तनाव भी बातचीत का हिस्सा बन सकता है. चुनौतियों से निपटने में सहयोग विदेश मंत्रालय ने कहा है कि प्रतिनिधि BRICS के आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के सुरक्षित उपयोग से जुड़े सुरक्षा कार्य समूह की हालिया बैठकों के निष्कर्षों की भी समीक्षा करेंगे. माना जा रहा है कि यह समीक्षा BRICS देशों के बीच आतंकवाद, साइबर खतरों और अन्य पारंपरिक तथा गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग को और मजबूत करने की दिशा तय करेगी. यह बैठक सितंबर में भारत में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में जब पश्चिम एशिया से लेकर यूरोप और एशिया तक कई भू-राजनीतिक संकट एक साथ सामने हैं, तब BRICS देशों के लिए साझा सुरक्षा दृष्टिकोण विकसित करना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है. BRICS के सदस्‍य देशों में मतभेद हालांकि, BRICS के भीतर कई मुद्दों पर मतभेद भी रहे हैं. मई में हुई BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक पश्चिम एशिया से जुड़े मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच मतभेद के कारण संयुक्त बयान जारी किए बिना समाप्त हुई थी. ऐसे में नई दिल्ली की यह सुरक्षा बैठक इस बात की भी परीक्षा मानी जा रही है कि क्या BRICS देश वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर न्यूनतम साझा सहमति बना पाते हैं. भारत 2026 में चौथी बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की BRICS अध्यक्षता का व्यापक विषय ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ है. अब 11 सदस्य देशों वाला यह समूह वैश्विक राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक अहम मंच बन चुका है. ऐसे में नई दिल्ली की यह बैठक BRICS शिखर सम्मेलन से पहले सुरक्षा एजेंडे को दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखी जा रही है. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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आसमान में होगा बड़ा उलटफेर! बुध की उलटी चाल से 3 राशियों...

Last Updated:June 22, 2026, 07:07 IST देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुद्गल के अनुसार 29 जून को बुध ग्रह मिथुन राशि में वक्री (उल्टी चाल) होने जा रहे हैं. इसका नकारात्मक असर तीन राशियों पर पड़ेगा. मिथुन, धनु और मीन राशि वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. इन लोगों को धन, व्यापार और सेहत के मामलों में विशेष सावधानी बरतनी होगी. ख़बरें फटाफट देवघरः मान्यता है कि ग्रहों की चाल जब बदलती है तो उसका असर सीधे इंसान के जीवन पर पड़ता है. कभी किसी के लिए खुशियों की सौगात लेकर आती है तो कभी कुछ लोगों के लिए सावधानी का संकेत भी देती है. इसी कड़ी में अब ग्रहों के राजकुमार कहे जाने वाले बुध देव अपनी चाल बदलने जा रहे हैं. बुध ग्रह 29 जून को मिथुन राशि में ही वक्री होने वाले हैं, यानी सीधी चाल छोड़कर उल्टी चाल चलेंगे. ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, व्यापार, वाणी, शिक्षा और संवाद का कारक माना गया है. ऐसे में उनकी चाल में बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा. हालांकि कुछ राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस दौरान थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत होगी, क्योंकि बुध की यह उल्टी चाल उनके लिए परेशानियां भी खड़ी कर सकती है. आइये देवघर के ज्योतिषी से जानते हैं कि किन राशियों पर क्या असर पड़ने वाला है. क्या कहते है देवघर के ज्योतिषाचार्य देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुद्गल ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया कि 29 जून को बुध मिथुन राशि में वक्री हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि वक्री बुध हमेशा सभी लोगों के लिए शुभ परिणाम नहीं देते. खासकर जिन राशियों पर बुध का सीधा प्रभाव रहता है, उन्हें अपने फैसलों में सतर्कता बरतनी चाहिए. तीन ऐसी राशि है जिसके ऊपर बुद्ध की खुद दृष्टि पड़ने वाली है कुछ समय तक इन तीनों राशि वालों को संभल कर रहने की जरूरत है. इनमें मिथुन, धनु और मीन राशि शामिल है. इन तीन राशियों को सतर्क रहने की जरूरत मिथुन राशिः मिथुन राशि वालों को सबसे ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत होगी. इस दौरान बने-बनाए काम अटक सकते हैं, मानसिक तनाव बढ़ सकता है और किसी करीबी से कहासुनी होने की संभावना रहेगी. किसी से बेवजह लड़ाई झगड़ा हो सकता है. नौकरी में अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर रखना होगा. व्यापार करने वालों को साझेदारी के मामलों में सावधानी रखनी होगी. प्रेम संबंधों में भी गलतफहमी पैदा हो सकती है. स्वास्थ्य के मामले में सिरदर्द, अनिद्रा और मानसिक बेचैनी जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. धनु राशिः धनु राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में विशेष सतर्क रहने की जरूरत है. जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान करा सकता है. नौकरी और व्यापार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. परिवार के किसी सदस्य के साथ मतभेद होने की भी संभावना है. वाहन चलाते समय और यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी. मीन राशिः मीन राशि वालों के लिए यह समय पारिवारिक मामलों में थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. घर-परिवार में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं और खर्चों में भी इजाफा होने के संकेत है. नौकरीपेशा लोगों को अपने काम पर पूरा ध्यान देना होगा क्योंकि छोटी सी लापरवाही परेशानी खड़ी कर सकती है. छात्रों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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कुमीरडोबा में स्वास्थ्य केंद्र भवन का हुआ शिलान्यास

भास्कर न्यूज | चंदनकियारी चंदनकियारी प्रखंड के कुमीरडोबा में विधायक उमाकांत राजक ने स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण का शिलान्यास किया। यह भवन लगभग 50 लाख की लागत से 15वें वित्त आयोग मद के से जिला परिषद बोकारो की ओर से निर्मित कराया जाएगा। विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। स्वास्थ्य केंद्र बनने से स्थानीय ग्रामीणों को उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस दौरान पंचायत की दर्जनों महिलाएं विधायक के समक्ष पेयजल संकट को लेकर पहुंचीं। महिलाओं ने बताया कि गर्मी शुरू होते ही अधिकांश चापाकल खराब हो चुके हैं तथा कुएं और तालाब सूख गए हैं। इस कारण लोगों को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने पंचायत में बिजली आपूर्ति की खराब स्थिति का भी मुद्दा उठाते हुए स्थायी समाधान की मांग की। ग्रामीण महिलाओं ने पंचायत में सोलर आधारित जलापूर्ति योजना स्थापित करने का आग्रह किया। विधायक ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। मौके पर जिप सदस्य नरेश रजवार, मंगल मुर्मू, तपन सिंह चौधरी, लक्ष्मीकांत हांसदा, रघुनाथ मुर्मू, दशरथ रजवार, नरेश भगत, असीम शर्मा आदि थे। Source link

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भाकपा माले प्रखंड कमेटी ने कार्यक्रमों पर की चर्चा

भास्कर न्यूज | चंदनकियारी चंदनकियारी-झरिया रोड में रविवार को भाकपा माले प्रखंड कमेटी की बैठक हुई। अध्यक्षता दुलाल प्रमाणिक ने की, जबकि संचालन लाल मोहन रजवार ने किया। बैठक में आगामी कार्यक्रमों एवं संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने आगामी 8 जुलाई से इलेक्ट्रोस्टील वेदांता सियालजोरी में प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना को सफल बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। इसके अलावा पार्टी सदस्यता अभियान एवं नवीकरण कार्य में तेजी लाने का निर्णय लिया गया। बैठक में पशुपति महतो, अनिल महतो, दुलाल महतो, मनोज गोराई, नीलकमल महतो, अंबुज माझी, लखीराम महतो, भवेश रजवार, मंटू महतो, मनोज महतो, महेश्वर मरांडी, फूलचंद गोराई समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे। नेताओं ने सभी कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील की। Source link

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पाकिस्‍तानी सबमरीन का बाप, भारतीय शेर के सामने मेमने की औकात –...

Last Updated:June 22, 2026, 06:27 IST INS Agray Warship: भारत अपनी सामरिक ताकत को लगातार बढ़ा रहा है. एक तरफ मॉडर्न फाइटर जेट खरीदा जा रहा है तो दूसरी तरफ देसी स्‍तर पर अत्‍याधुनिक लड़ाकू विमान डेवलप करने की प्रक्रिया चल रही है. आर्मी को मॉडर्न वॉरफेयर के लिहाज से तैयार किया जा रहा है. सेना के तीसरे अंग नेवी को भी नई टेक्‍नोलॉजी से अपडेट और अपग्रेड क‍िया जा रहा है. इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून 2026 को तीन वॉरशिप को औपचारिक तौर पर नौसेना के हवाले किया. इनमें से INS अग्रय भी एक है. INS अग्रय को 21 जून 2026 को इंडियन नेवी को सौंपा गया. यह एक एंटी-सबमरीन वॉरशिप है. (पीएम मोदी के फेसबुक अकाउंट से साभार) INS Agray Warship: इंडियन नेवी की ताकत दिन दूनी रात चौगनी बढ़ रही है. समंदर में भारत की ताकत को बढ़ाने की रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून 2026 को विभिन्‍न विशेषताओं से लैस 3 वॉरशिप को भारतीय नौसेना के हवाले किया. तीनों युद्धपोत का जलावतरण यानी कमिशनिंग बंगाल की खाड़ी में किया गया. सामरिक तौर पर यह अपने आप में बेहद अहम है. कुछ दिनों पहले ही पाकिस्‍तान ने चीन निर्मित हंगोर क्‍लास की पनडुब्‍बी को अपने बेड़े में शामिल किया है. इस्‍लामाबाद ने इसके साथ ही 1971 के बाद पहली बार बंगाल की खाड़ी में नौसैनिक मौजूदगी बढ़ाने की इच्‍छा भी जाहिर की है. स्‍ट्रैटजिक और सिक्‍योरिटी के लिहाज से पाकिस्‍तान का यह फैसला भारत के लिए बेहद संवेदनशी है. उसके कुछ दिनों बाद ही भारत ने बंगाल की खाड़ी में 3 युद्धपोत उतार दिए. इनमें से एक कॉम्‍बैट शिप और एक सर्वे शिप है. वहीं, तीसरा युद्धपोत अपने आप में बेहद खास है. थर्ड वॉरशिप यानी INS अग्रय एंटी-सबमरीन क्षमताओं से लैस है. INS अग्रय को पनडुब्बियों का काल माना जाता है. यह स्‍वालो वॉटर यानी समंदर के उथले क्षेत्रों में सबमरीन को ढूंढ कर उसे तबाह करने में सक्षम है. INS अग्रय शिकारी तरह पनडुब्‍बी को खोज कर उसे निष्क्रिय कर सकता है. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर भारतीय नौसेना के लिए तीन महत्वपूर्ण युद्धपोतों (INS दुनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय) को राष्ट्र को समर्पित किया. इस अवसर पर नौसेना अधिकारियों ने इन पोतों की एडवांस कॉम्‍बैट कैपेबिलिटी, स्वदेशी तकनीकों और समुद्री सुरक्षा में उनकी रणनीतिक भूमिका पर विस्तार से बताया. इन तीनों पोतों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमता और समुद्री क्षेत्र में सामरिक बढ़त और मजबूत होने की उम्मीद है. नौसेना अधिकारियों के अनुसार, ये प्लेटफॉर्म केवल आधुनिक हथियारों और सेंसरों से लैस नहीं हैं, बल्कि इनमें बड़ी संख्या में स्वदेशी सिस्‍टम्‍स का इस्तेमाल किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की दिशा में एक अहम कदम है. INS अग्रय क्‍यों खास इनमें INS अग्रय को विशेष रूप से पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए तैयार किया गया है. जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सुनील मलपोत्रा ने कहा कि आकार में अपेक्षाकृत छोटा दिखने वाला यह पोत अपनी युद्धक क्षमता के लिहाज से बेहद शक्तिशाली है. उन्होंने कहा कि जहाज को उसके आकार से नहीं आंका जाना चाहिए, क्योंकि इसमें अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों का घना संयोजन किया गया है. कमांडर मलपोत्रा ने कहा, ‘मैं कहना चाहूंगा कि इस जहाज के आकार को देखकर इसकी क्षमता का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए. यह छोटा जरूर दिखता है, लेकिन इसमें बड़ी मात्रा में हथियार और सेंसर लगे हैं. इसमें दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और निशाना बनाने की सभी जरूरी क्षमताएं मौजूद हैं.’ उन्होंने कहा कि समुद्र की सतह पर उभरते खतरों से निपटने के लिए भी जहाज को पर्याप्त क्षमता के साथ तैयार किया गया है. पाकिस्‍तान ने हाल में चीन से हंगोर क्‍लास की पनडुब्‍बी खरीदी है. INS अग्रय को उसका जवाब माना जा रहा है. (फाइल फोटो/PTI) सबमरीन को ऐसे तबाह करेगा INS अग्रय कमांडर मलपोत्रा ने बताया कि INS अग्रय में पनडुब्बी रोधी अभियानों के लिए स्वदेशी रूप से विकसित सोनार सूट, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो ट्यूब और डिकॉय सिस्टम लगाए गए हैं. यह डिकॉय सिस्टम दुश्मन की ओर से दागे गए टॉरपीडो को भटकाने में मदद करता है, जिससे युद्धपोत की सुरक्षा क्षमता बढ़ जाती है. अधिकारियों के मुताबिक, यह पोत तटीय और उथले समुद्री क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा. INS दुनागिरी और INS संशोधक भी भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे. दुनागिरी एक एडवांस युद्धपोत के रूप में नौसेना की युद्धक क्षमता को सुदृढ़ करेगा, जबकि संशोधक अत्याधुनिक सर्वेक्षण और हाइड्रोग्राफिक क्षमताओं से समुद्री मानचित्रण, नौवहन सुरक्षा और सामरिक समुद्री सूचनाओं के संकलन में योगदान देगा. हिन्‍द महासागर में भी बढ़ेगी ताकत नौसेना अधिकारियों ने कहा कि इन तीनों पोतों का एक साथ शामिल होना केवल बेड़े की संख्या बढ़ाने भर का मामला नहीं है, बल्कि यह भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैयारी, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री उपस्थिति को नई मजबूती देने वाला कदम है. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इन युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित किया जाना भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति और रक्षा आधुनिकीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

50KM की रफ्तार से आंधी-तूफान, वज्रपात! रांची, खूंटी… झारखंड के 13 जिलों...

रांची: झारखंड में आज मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ रहने की संभावना है. रांची मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई जिलों में आज बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण दक्षिणी, पूर्वी और मध्य झारखंड में बादलों का प्रभाव अधिक रहेगा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. IMD के अनुसार 17-23 जून तक बारिश की गतिविधियां लगातार बनी रहेंगी. आज रांची, खूंटी, रामगढ़ समेत 13 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, पलामू, गढ़वा, चतरा में अधिकतम तापमान 38-42°C तक पहुंच सकता है. जहां बारिश कम होगी, वहां उमस और गर्म हवाएं बनी रहेंगी. इन जिलों में है भारी बारिश का अलर्ट आज रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. वहीं, कुछ जिलों में अच्छी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है. इस दौरान बादलों की आवाजाही पूरे दिन बनी रह सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी. कुछ जिलों में तो रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक होता रहेगा. झारखंड के इऩ जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट रांची मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है. वहीं, रांची, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा और पूर्वी सिंहभूम के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. साथ ही खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की चेतावनी भी जारी की गई है. झारखंड के इन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा गर्मी का असर आज बारिश की गतिविधियों के बावजूद उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ जिलों में गर्मी और उमस बनी रह सकती है. पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में तापमान अन्य जिलों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है. इन जिलों का तापमान 38-42°C तक पहुंच सकता है. खासकर डाल्टनगंज और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को दिन के समय गर्म हवाओं और उमस का सामना करना पड़ सकता है. झारखंड के इन जिलों का मौसम रहेगा सुहावना आज रांची, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और रामगढ़ में बारिश तथा बादलों की वजह से मौसम सबसे अधिक सुहावना रहने की उम्मीद है. इन जिलों का न्यूनतम तापमान 24-26°C के आसपास रह सकता है. जबकि अधिकतम 34-36°C तक पहुंच सकता है. इन क्षेत्रों में दिन का तापमान सामान्य से कम रह सकता है और शाम के समय ठंडी हवाएं लोगों को राहत देंगी. झारखंड में गुरुवार को इन जिलों में हुई बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसूनी बारिश दर्ज की गई. रांची, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम के कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई. कई जगहों पर तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. Source link

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राज्यभर में धीरे-धीरे मानसून हो रहा सक्रिय:रांची में आज बारिश और 50...

रांची सहित राज्यभर में मानसून धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है। रविवार को पूरे दिन बादल छाए रहे। सुबह और देर रात कई क्षेत्रों में बारिश हुई। रांची में 4 एमएम और खूंटी में सबसे अधिक 8 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 2.1 डिग्री गिरकर 33.1 डिग्री पर पहुंच गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। रांची, खूंटी, लोहरदगा, रामगढ़ सहित अन्य जिलों में 22 जून को बारिश के साथ तेज हवा चल सकती है। सोमवार को 50 से 60 किमी की रफ्तार से हवा चलने, गर्जन के साथ वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। 27 जून तक रोजाना बारिश और तेज हवा का यलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले 2 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 41.8 डिग्री था। रांची छोड़ पूरे राज्य में अब तक कम बारिश: रांची में अभी तक बारिश ठीक हुई है। सामान्य वर्षापात 105 एमएम के मुकाबले 108 एमएम बारिश हुई है,जो 3 एमएम अधिक है। रांची के अलावा किसी भी जिले में अच्छी बारिश नहीं हुई है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी से होगी बारिश पंजाब से बिहार तक एक टर्फ बनी हुई है। जबकि झारखंड से आंध्र प्रदेश तक एक अन्य टर्फ रेखा सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से राज्य में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। बंगाल की खाड़ी से भी नमी आ रही है। ऐसे में बारिश की संभावना बन रही है। इस माह तक हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। लेकिन अगले माह नया सिस्टम बनने से अच्छी बारिश होने की संभावना है। Source link

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