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झारखंड

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचना शीर्ष प्राथमिकता : बसंत

दुमका | सदर प्रखंड में शुक्रवार को कल्याण विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में दुमका के विधायक बसंत सोरेन ने लाभुकों के बीच विभिन्न योजनाओं से संबंधित परिसंपत्तियों का वितरण किया। कार्यक्रम में कला केंद्र के लिए वाद्य यंत्र, जाहेर थान के लिए पूजा सामग्री, सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन स्वीकृति पत्र, पशुपालन विभाग की ओर से बत्तख, दिव्यांगजनों के लिए ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया। विधायक बसंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार की प्राथमिकता गांव-गांव तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। सामाजिक सुरक्षा, स्वरोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कला केंद्र के वाद्य यंत्रों से हमारी संस्कृति और परंपरा मजबूत होगी। पेंशन और ट्राईसाइकिल से जरूरतमंद लोगों को सीधी राहत मिलेगी। Source link

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ज्‍यूडिशियल ऑफिसर का हनी ट्रैप, ₹5200000 की लगाई चपत, कोर्ट का आया...

होमताजा खबरDelhi ज्‍यूडिशियल ऑफिसर का हनी ट्रैप, ₹5200000 की लगाई चपत, कोर्ट का आया बड़ा फैसला Last Updated:June 13, 2026, 10:06 IST Honey Trap Case: ज्‍यूडिशियल अधिकारी के साथ कथित हनी ट्रैप के मामले में कोर्ट ने आरोपी शख्‍स को जमानत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रहे अधिकारी को भी फटकार लगाई है. ज्‍यूडिशियल ऑफिसर का हनी ट्रैप, ₹5200000 की लगाई चपत, अब कोर्ट का आया बड़ा फैसला Honey Trap Case: एक कथित हनी ट्रैप मामले में हरियाणा की एक न्यायिक अधिकारी से 52 लाख रुपये से अधिक की ठगी के आरोपी दीपक वत्स को दिल्ली की एक अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया है. अदालत ने कहा कि आरोपी का रवैया जांच में सहयोग करने के बजाय उसे बाधित करने वाला रहा है और उसके खिलाफ अब तक जुटाए गए साक्ष्य गंभीर सवाल खड़े करते हैं. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी ने जांच एजेंसियों के समक्ष बातचीत और संचार के केवल चुनिंदा हिस्से ही प्रस्तुत किए, जबकि कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई गईं. मामला एक डेटिंग ऐप के जरिए शुरू हुए कथित संबंध से जुड़ा है. शिकायत के अनुसार आरोपी ने भावनात्मक संबंधों का लाभ उठाकर न्यायिक अधिकारी से 52 लाख रुपये से अधिक की रकम हासिल की. हालांकि, आरोपी का दावा है कि दोनों के बीच सहमति से संबंध थे और सभी वित्तीय लेन-देन स्वेच्छा से किए गए थे. सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच में कई खामियों की ओर भी ध्यान दिलाया. अदालत ने कहा कि पुलिस के पास आरोपी का मोबाइल फोन होने के बावजूद शिकायतकर्ता पक्ष से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए. जांच अधिकारी को निर्देश अदालत ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि वह डेटिंग ऐप की पूरी चैट, व्हाट्सऐप रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड तथा दोनों पक्षों के बीच हुई कथित मुलाकातों की जानकारी जुटाए. साथ ही पांच लाख रुपये की नकद जमा राशि और उन संस्थाओं की भी जांच की जाए जिनके माध्यम से धनराशि का लेन-देन हुआ. पीड़ि‍त अधिकारी ने दर्ज नहीं कराया था मामला अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि प्राथमिकी स्वयं न्यायिक अधिकारी ने दर्ज नहीं कराई थी, बल्कि उनकी घरेलू सहायिका ने शिकायत दी थी. हालांकि, अधिकांश वित्तीय लेन-देन न्यायिक अधिकारी के खातों से हुए थे. अदालत ने कहा कि शिकायत में वास्तविक पीड़ित की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं दिखाई देती, लेकिन सामाजिक संकोच या निजी कारणों से तथ्य छिपाना जांच में सहयोग न करने का आधार नहीं बन सकता. अदालत ने माना कि आरोपी द्वारा प्रस्तुत सामग्री अधूरी है और वह जांच में पूरी तरह सहयोग नहीं कर रहा है. ऐसे में मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए उसे जमानत देने से इनकार कर दिया गया. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

कांपटीटिव एग्जाम हो या सिलेबस की किताब, बाजार से 50% तक कम...

Last Updated:June 13, 2026, 09:23 IST Jamshedpur’s Famous Book Street: जमशेदपुर के स्टूडेंट्स को सिलेबस से लेकर कांपटीटिव एग्जाम तक, किसी भी तरह की, कोई भी किताब चाहिए हो वे पुस्तक गली का रुख करते हैं. यहां किताबों की कम से कम 35 दुकानें हैं जहां हर तरह की बुक, बाजार से काफी कम कीमत पर मिल जाती है. यह मार्केट साकची गोलचक्कर के करीब, पुराने बस स्टैंड के पास है. यहां दूसरे शहरों से भी स्टूडेंट्स बुक्स लेने आते हैं. जमशेदपुर को स्टील सिटी के नाम से जाना जाता है, लेकिन यह शहर शिक्षा और पुस्तकों के प्रति अपने प्रेम के लिए भी खास पहचान रखता है. शहर में एक ऐसी प्रसिद्ध ‘पुस्तक वाली गली’ है, जहां हर दिन सैकड़ों विद्यार्थी, अभिभावक और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा पहुंचते हैं. इस गली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां कक्षा 1 से लेकर रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, यूपीएससी, जेपीएससी, बीपीएससी, नीट, जेईई और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं. कई किताबें बाजार कीमत से 50 प्रतिशत तक कम दर पर मिल जाती हैं, जिससे विद्यार्थियों को काफी राहत मिलती है. करीब 35 से अधिक पुस्तक दुकानों से सजी यह गली किताबों का खजाना कही जाती है. यहां पहुंचते ही चारों तरफ पुस्तकों की लंबी कतारें दिखाई देती हैं. स्कूल की पाठ्यपुस्तकों से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की गाइड, प्रश्न बैंक, मॉडल पेपर, सामान्य ज्ञान, साहित्य, उपन्यास और बच्चों की कहानी की किताबें तक उपलब्ध हैं. यही कारण है कि यह जगह विद्यार्थियों और पुस्तक प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं मानी जाती. इस गली की एक और खास बात इसकी व्यवस्थित व्यवस्था है. दुकानों में किताबों को विषय, कक्षा और परीक्षा के अनुसार इस तरह सजाया गया है कि ग्राहक को अपनी जरूरत की पुस्तक ढूंढने में परेशानी नहीं होती. अगर कोई विद्यार्थी किसी विशेष किताब का नाम बताता है, तो दुकानदार लाखों पुस्तकों के बीच से कुछ ही मिनटों में वह पुस्तक निकालकर दे देते हैं. वर्षों के अनुभव और पुस्तकों की गहरी जानकारी के कारण यहां के दुकानदार विद्यार्थियों को सही पुस्तक चुनने में भी मदद करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google यहां देश के प्रमुख प्रकाशकों की किताबें उपलब्ध रहती हैं. एनसीईआरटी, अरिहंत, किरण पब्लिकेशन, लूसेंट, मैकग्रा हिल, एस. चंद, ऑक्सफोर्ड, पेंगुइन, राजकमल प्रकाशन, भारती भवन और प्रभात प्रकाशन जैसी नामी प्रकाशन संस्थाओं की पुस्तकें यहां आसानी से मिल जाती हैं. कई दुकानदार सीधे प्रकाशकों और वितरकों से किताबें मंगाते हैं, जिससे कीमतें अपेक्षाकृत कम रहती हैं और विद्यार्थियों को अधिक विकल्प मिलते हैं. इस पुस्तक बाजार की पहचान केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है. यहां झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार से भी लोग किताबें खरीदने पहुंचते हैं. दुकानदारों के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों से नई-नई पुस्तकें लगातार यहां आती रहती हैं, जिससे विद्यार्थियों को लेटेस्ट एडिशन और अपडेटेड स्टडी मैटीरियल उपलब्ध हो पाता है. आज के डिजिटल दौर में भी यह पुस्तक वाली गली विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का एक मजबूत केंद्र बनी हुई है. कम कीमत, पुस्तकों की विशाल वैरायटी और अनुभवी दुकानदारों की मदद इसे खास बनाती है. बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सपना देखने वाले हजारों युवाओं के लिए यह गली सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि उनके सपनों को उड़ान देने वाली एक महत्वपूर्ण जगह है. Source link

झारखंड

डहरटोला की दो अवैध कोयला खदानें फिर डोजर से किया बंद

भास्कर न्यूज | दुमका गोपीकांदर अंचल क्षेत्र के ओड़मो गांव के डहरटोला में संचालित दो अवैध कोयला खदानों की डोजरिंग शुक्रवार को खनन निरीक्षक गौरव कुमार, मंजीत दुबे, रेंजर एलआर रवि, सीओ विजय प्रकाश मरांडी और थाना प्रभारी सुमित कुमार भगत की संयुक्त टीम ने कराई है। अवैध खदानों की डोजरिंग करने के बाद टीम सिलंगी गांव पहुंची और यहां पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा अंचल क्षेत्र के आमझारी बालू घाट को अवरुद्ध करने की कार्रवाई की। जानकारी के मुताबिक सबसे पहले टीम डहरटोला में अवैध तरीके से संचालित दो अवैध कोयला खदानों को डोजरिंग कर बंद कराने की कार्रवाई की। इससे पूर्व कोयला खदानों में बनाए गए सुरंग में आवाज देकर मौजूद लोगों की जानकारी ली गई। सुरंग में किसी के मौजूद नहीं होने के बाद आश्वस्त होकर जेसीबी से मिट्टी भर दोनों खदानों को बंद कराया गया। प्रशासन की ओर से इससे पूर्व भी करीब छह बार इन दोनों खदानों को डोजरिंग कर बंद कराने की कार्रवाई की जा चुकी है लेकिन डोजरिंग के कुछ ही दिन बाद अवैधा धंधेबाज फिर से अवैध खदानों को चालू कर लेते हैं। डोजरिंग की कार्रवाई के दौरान एसआई धर्मल मांझी, सीआई विक्रम विक्रांत, कर्मचारी पीटर सोरेन, वन विभाग से साकेत कश्यप सहित पुलिस बल मौजूद थे।अवैध खनन पर नकेल कसने निकली टीम सिलंगी गांव पहुंच कर बांसलोई नदी से बालू तस्करी को रोकने के लिए पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा अंचल के आमझारी गांव के दो बालू घाटों का रास्ता काट कर निकासी अवरुद्ध करने की कार्रवाई की। दोनों बालू घाटों से बालू तस्करी किया जाता था। हालांकि दोनों ही बालू घाट पर जब जेसीबी रास्ता काटने की कार्रवाई की जा रही थी तो कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंच कर कार्य को बंद करवा दिया। ग्रामीणों का साफ कहना था कि वे लोग बालू बेचकर ही जीवन यापन करते हैं। बाद में पदाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों बालू घाट का रास्ता अवरुद्ध किया गया ताकि बालू का उठाव रोका जा सके। इससे पूर्व भी दुमका की खनन टास्क फोर्स की टीम ने दोनों बालू घाटों का रास्ता बंद कराने की कार्रवाई की थी लेकिन इसके अगले ही दिन मिट्टी भरकर बालू का उठाव फिर से चालू कर दिया गया था। Source link

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बिना रीडिंग देखे ही लोगों को भेजा जा रहा है जल कर...

भास्कर न्यूज | लातेहार नगर पंचायत क्षेत्र में जल-कर वसूली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। नगर पंचायत उपाध्यक्ष सह वार्ड संख्या 11 के पार्षद संतोष रंजन ने कार्यकारी एजेंसी स्पैरो पर बिना मीटर रीडिंग किए मनमाना जल-कर वसूलने का आरोप लगाया है। उन्होंने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की जांच एवं गलत तरीके से वसूली गई राशि वापस कराने की मांग की है। आवेदन में संतोष रंजन ने बताया कि उनके नाम से वर्ष 2024 में जलापूर्ति कनेक्शन संख्या LT-11030325293934 जारी किया गया था। उनके अनुसार 22 मई तक मीटर की रीडिंग मात्र 11 यूनिट है, जिसकी जांच स्पैरो कंपनी के कर्मचारी प्रवीण पासवान द्वारा की गई थी। नियमानुसार पांच यूनिट प्रति माह निशुल्क मानने के बाद भी उनका कुल देय शुल्क लगभग 55 रुपए बनता है, जबकि एजेंसी उनसे 27 जनवरी तक 952 रुपए वसूल चुकी है। इसके बाद अप्रैल माह में 670 रुपए बकाया का बिल भी भेज दिया। इस प्रकार 1,622 रुपए का बिल 11 यूनिट खपत पर लगाया गया है। इस संबंध में एजेंसी के सर्किल मैनेजर नवनीत कुमार सिंह, टीम मैनेजर आदित्य कुमार सिंह तथा जेई अमित कुमार से भी शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। संतोष ने आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा घर-घर जाकर मीटर रीडिंग लेने के बजाय उपभोक्ताओं को तयशुदा राशि के बिल भेजे जा रहे हैं। मामले पर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र के किसी भी उपभोक्ता को जल-कर संबंधी शिकायत होने पर वह नगर पंचायत कार्यालय में आवेदन दे सकता है। सभी शिकायतों की जांच कर उचित समाधान किया जाएगा। Source link

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Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live | IMD Monsoon Heavy...

Today Weather Live: देश इस समय बदलते मौसम के दौर से गुजर रहा है. जहां मानसून की प्रगति और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता एक साथ देखने को मिल रही है. दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में बादलों की सक्रियता बढ़ चुकी है. इससे तापमान में गिरावट और नमी में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. दूसरी ओर उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण धूल भरी आंधी, गरज-चमक और तेज हवाओं का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार यह मौसमी टकराव अगले कुछ दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में अस्थिरता बनाए रखेगा, जिससे कहीं भारी बारिश तो कहीं तेज गर्मी और आंधी का असर देखने को मिलेगा. इस बदलाव का सीधा असर जनजीवन, कृषि और यातायात पर पड़ रहा है. कई राज्यों में बिजली आपूर्ति और सड़क यातायात भी प्रभावित हो सकता है क्योंकि तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और दृश्यता कम होने की स्थिति बन सकती है. 17 राज्यों में मौसम का बड़ा अलर्ट, 80 KM तक चलेंगी हवाएं IMD के ताजा अपडेट के अनुसार 13 जून को देश के कम से कम 17 राज्यों में मौसम का बड़ा असर देखने को मिलेगा. इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और कई पूर्वोत्तर राज्य शामिल हैं. इन इलाकों में कहीं धूल भरी आंधी तो कहीं गरज-चमक के साथ तेज बारिश का सिस्टम सक्रिय रहेगा. कई जगहों पर हवा की रफ्तार 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जिससे सामान्य जीवन पर असर पड़ सकता है. ओलावृष्टि की संभावना भी कुछ इलाकों में बनी हुई है, खासकर उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में. मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे खुले स्थानों में सतर्क रहें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें क्योंकि अचानक मौसम बदलाव से हादसों का खतरा बढ़ सकता है. बिहार में 13 जून को मौसम खराब रहने का अनुमान है. मानसून की रफ्तार तेज, कई राज्यों में जल्द बरसेगा सिस्टम दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब यह कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है. इससे इन राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं और तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्सों तक पहुंच सकता है. मानसून की इस सक्रियता से देश के कई हिस्सों में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने लगी है. हवा में नमी बढ़ने के कारण वातावरण में ठंडक महसूस की जा रही है. हालांकि मानसून की यह प्रगति पूरी तरह स्थिर नहीं है क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के चलते कई जगहों पर मौसम बार-बार बदल रहा है, जिससे बारिश और आंधी का मिश्रित प्रभाव देखने को मिल रहा है. दिल्ली-NCR में तेज आंधी और बारिश का बड़ा असर दिल्ली-NCR में 13 जून को मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जहां दोपहर के बाद आसमान में घने बादल छा जाएंगे और कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ों और हल्की संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा. तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, लेकिन हवा और बारिश के कारण उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिलेगी. 14 जून को भी मौसम ऐसा ही बना रह सकता है, जहां गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा. प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि अचानक तेज हवाएं यातायात और बिजली आपूर्ति को प्रभावित कर सकती हैं. उत्तर प्रदेश में 13 से 17 जून तक आंधी-बारिश का अलर्ट उत्तर प्रदेश में मौसम लगातार अस्थिर बना हुआ है और 13 से 17 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंधी-बारिश का प्रभाव देखने को मिलेगा. बागपत, मेरठ, आगरा, मथुरा, प्रयागराज, झांसी, कानपुर और आसपास के जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. कई जगहों पर तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की भी आशंका है. 14 जून के बाद राज्य में छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आएगी और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के कारण फसलों को नुकसान और बिजली बाधित होने की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. दिल्ली-NCR में 13 जून को मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. बिहार में तेज हवाओं और गरज-चमक का अलर्ट जारी बिहार में 13 जून को मौसम खराब रहने का अनुमान है, जहां पटना, गया, भागलपुर, बक्सर, सिवान और अन्य जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. कई जगहों पर हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे सामान्य जीवन प्रभावित हो सकता है. मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है, जो ग्रामीण इलाकों के लिए विशेष रूप से खतरनाक हो सकती है. अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन साथ ही सतर्कता की भी आवश्यकता बनी रहेगी. झारखंड में मानसून सक्रिय, भारी बारिश की संभावना झारखंड में मानसून की सक्रियता बढ़ चुकी है और 13 जून को कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है. रांची, धनबाद, जमशेदपुर और दुमका जैसे क्षेत्रों में लगातार बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी. इस बारिश से लंबे समय से जारी उमस भरी गर्मी खत्म होगी और मौसम ठंडा हो जाएगा. हालांकि कुछ इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है, जिसके कारण लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. मानसून की यह एंट्री राज्य के लिए राहत लेकर आई है. पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर बढ़ा पश्चिम बंगाल में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और

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आलू-चॉप के साथ रोटी खायी है कभी? सोनारी का यह होटल 47...

Last Updated:June 13, 2026, 08:43 IST Jamshedpur Hotel Serving Aloo Chaap-Roti: आपने शायद ही यह कॉम्बिनेशन कभी सुना हो पर सोनारी के भरत होटल में आलू चाप और रोटी का कॉम्बो परोसा जाता है. न कोई चटनी, न कोई ग्रेवी बस ये दो आइटम. लोगों को यह स्वाद इतना पसंद आता है कि सुबह से लाइन लग जाती है और 47 साल से लोग यहां इसका मजा लेने आ रहे हैं. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. जमशेदपुर को खान-पान के शौकीनों का शहर कहा जाए तो गलत नहीं होगा. यहां तरह-तरह के व्यंजन और अनोखे स्वाद लोगों को आकर्षित करते हैं. लेकिन शहर के सोनारी इलाके में एक ऐसा नाश्ता मिलता है, जिसका नाम सुनकर ही लोग हैरान हो जाते हैं. यह कॉम्बिनेशन है आलू चाप और रोटी का. पिछले 47 वर्षों से भरत होटल में यह अनोखा नाश्ता लोगों को परोसा जा रहा है और आज भी इसकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है. लोग बड़े चाव से ये कॉम्बिनेशन खाते हैं. 47 साल पहले शुरू हुआ था होटलसोनारी स्थित भरत होटल की शुरुआत करीब 47 साल पहले हुई थी. उस समय संचालक भरत ने बेहद साधारण तरीके से लोगों को आलू चाप और रोटी खिलाना शुरू किया था. धीरे-धीरे इसका स्वाद लोगों की जुबान पर चढ़ गया और यह नाश्ता इलाके की पहचान बन गया. आज भी सुबह होते ही यहां ग्राहकों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है. कई लोग तो वर्षों से इस होटल के नियमित ग्राहक बने हुए हैं. दूर-दूर से खाने आते हैं लोगहैरानी की बात यह है कि यहां आलू चाप के साथ न तो कोई चटनी दी जाती है और न ही मटर या दूसरी कोई सब्जी. सिर्फ गर्मागर्म रोटी और मसालेदार आलू चाप का स्वाद ही लोगों को अपनी ओर खींचता है. साधारण दिखने वाला यह कॉम्बिनेशन स्वाद के मामले में इतना खास है कि शहर के अलग-अलग इलाकों से लोग इसे खाने के लिए पहुंचते हैं. कभी 25 पैसे था दामहोटल संचालक भरत बताते हैं कि शुरुआती दिनों में मात्र 25 पैसे में दो पीस आलू चाप और दो रोटी मिलती थी. समय के साथ महंगाई बढ़ी और कीमतों में बदलाव आया. आज एक आलू चाप की कीमत 10 रुपये और एक रोटी की कीमत 5 रुपये है. हालांकि दाम बढ़ने के बावजूद ग्राहकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है. लोग आज भी उसी उत्साह के साथ यहां नाश्ता करने आते हैं. सालों से नहीं बदला स्वादनाश्ता करने पहुंचे ग्राहक रोहित बताते हैं कि उन्होंने कई जगहों पर अलग-अलग तरह के व्यंजन खाए हैं, लेकिन आलू चाप और रोटी जैसा कॉम्बिनेशन कहीं देखने को नहीं मिला. उनका कहना है कि इस होटल का स्वाद वर्षों से एक जैसा बना हुआ है और यही वजह है कि लोग बार-बार यहां लौटकर आते हैं. कई ग्राहक अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को भी यहां का स्वाद चखाने लेकर आते हैं. खास पहचान बना चुका है यह होटलजमशेदपुर की पहचान केवल उद्योग और स्टील सिटी के रूप में ही नहीं है, बल्कि यहां के अनोखे खान-पान के लिए भी है. सोनारी का भरत होटल इसका बेहतरीन उदाहरण है, जहां 47 वर्षों से एक साधारण-सा दिखने वाला आलू चाप और रोटी का कॉम्बिनेशन लोगों के दिलों पर राज कर रहा है. बदलते दौर में भी यह स्वाद और परंपरा आज तक बरकरार है, जो इसे शहर की खास पहचान बनाती है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

झारखंड

दो माह से वेतन नहीं मिलने पर शिक्षकों का फूटा गुस्सा, समाहरणालय...

सिटी रिपोर्टर | बोकारो अप्रैल और मई माह का वेतन नहीं मिलने से परेशान बोकारो जिले के पीजीटी एवं टीजीटी शिक्षकों ने शुक्रवार को संयुक्त समन्वय समिति के बैनर तले समाहरणालय पहुंचकर अपनी व्यथा प्रशासन के समक्ष रखी। शिक्षकों ने कहा कि वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण उनके समक्ष आर्थिक संकट गहरा गया है और परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। शिक्षकों ने बताया कि पिछले माह लंबे इंतजार और लगातार प्रयास के बाद मार्च महीने का वेतन मिला था। उस समय उम्मीद जगी थी कि अब वेतन भुगतान नियमित हो जाएगा, लेकिन अप्रैल और मई माह का वेतन अब तक नहीं मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। ग्रीष्मावकाश के दौरान जनगणना में लगे रहने के बावजूद उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने शीघ्र बकाया वेतन भुगतान की मांग की। चेतावनी दी कि यदि जल्द वेतन भुगतान नहीं हुआ तो वे अपनी मांगों को लेकर विभागीय सचिव और उच्च स्तर के अधिकारियों के समक्ष मामला उठाने को बाध्य होंगे। मौके पर झारखंड प्लस 2 शिक्षक संघ बोकारो अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह, सचिव डॉ. अवनीश कुमार झा, झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष बासुदेव सिंह चौधरी, सचिव मुफीद आलम, डॉ. अजय कुमार पाठक, बिनोद कुमार महतो, डॉ. शशिकांत पांडेय, डॉ. अशरफ हुसैन, भरत कुमार महतो आ​दि उपस्थित थे। Source link

झारखंड

शाही बोले- घुसपैठ से बदली डेमोग्राफी, सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप

दुमका| झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही शुक्रवार को दुमका पहुंचे। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। शाही ने संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ को सबसे संवेदनशील मुद्दा बताया। कहा, यह आदिवासी समाज की आत्मा पर चोट है। इससे क्षेत्र की जनसंख्या संरचना प्रभावित हो रही है। उन्होंने जनगणना के आंकड़ों का हवाला दिया। कहा, 1960 के दशक में संथाल परगना में आदिवासियों की आबादी 46 प्रतिशत थी। 2011 की जनगणना तक यह 26 प्रतिशत रह गई। यही रफ्तार रही तो आने वाले 60 वर्षों में यह संख्या शून्य हो सकती है। उन्होंने घुसपैठियों को संरक्षण देने वालों को गद्दार बताया। राज्य में कर्मचारियों से लेकर वरीय अधिकारियों तक की तबादला-पोस्टिंग पैसे लेकर हो रही है। Source link

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कश्मीर नहीं जा पाए? झारखंड के इस डैम में लें शिकारा राइड...

X कश्मीर नहीं जा पाए? झारखंड के इस डैम में लें शिकारा राइड का मजा, उमड़ रही भीड़   गर्मी की छुट्टियों में अगर आप प्रकृति के बीच सुकून और रोमांच दोनों का मजा लेना चाहते हैं, तो बोकारो और हजारीबाग की सीमा पर स्थित कोनार डैम बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यहां पर्यटक ठंडी हवाओं, खूबसूरत जलाशय और बोटिंग का आनंद ले सकते हैं. 2020 से संचालित बोटिंग सुविधा में हाई स्पीड बोट, कश्मीरी शिकारा और चप्पू नाव उपलब्ध हैं. किराया 60 से 100 रुपये प्रति व्यक्ति तक है. सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक बोटिंग की सुविधा मिलती है. स्कूल समूहों को विशेष छूट भी दी जाती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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