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झारखंड

गिरिडीह में छात्र की अज्ञात वाहन से मौत:मॉर्निंग वॉक के दौरान वाहन...

गिरिडीह के पीरटांड़ थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले 14 वर्षीय छात्र पीयूष कुमार सिंह की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। यह घटना कठवारा के पास मुख्य सड़क पर हुई। मृतक की पहचान कठवारा निवासी लखराज सिंह के पुत्र पीयूष कुमार सिंह के रूप में हुई है। पीयूष मॉडल स्कूल पीरटांड़ में पढ़ता था। बताया गया कि पीयूष रोजाना की तरह बुधवार तड़के अपने एक मित्र के साथ बायो डायवर्सिटी पार्क की ओर मॉर्निंग वॉक के लिए निकला था। इसी दौरान कठवारा के पास मुख्य सड़क पर एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीयूष ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पीरटांड़ थाना के अवर निरीक्षक जितेंद्र सिंह और इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया है। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान करने और मामले की जांच में जुट गई है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने नियंत्रित कर सामान्य कराया। जानकारी के अनुसार, पीयूष अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था और उसकी एक छोटी बहन भी है। Source link

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pm modi 12 Historic Decisions | Article 370 Abrogation | Ram Mandir...

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने बीते 12 वर्षों में कई ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने भारत की राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाला. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये निर्णय आने वाली पीढ़ियों तक याद रखे जाएंगे. जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने से लेकर राम मंदिर निर्माण, जीएसटी, तीन तलाक कानून, नई शिक्षा नीति, डिजिटल इंडिया, महिला आरक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कदमों तक, मोदी सरकार ने कई बड़े निर्णय लिए. इनमें कुछ फैसले ऐसे रहे जिन्होंने दशकों पुरानी व्यवस्थाओं को बदल दिया, जबकि कुछ ने भारत की वैश्विक छवि और रणनीतिक स्थिति को मजबूत किया. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी प्रधानमंत्री की विरासत केवल चुनावी जीत से नहीं, बल्कि उन फैसलों से तय होती है जो देश की दिशा बदल देते हैं. हालांकि इन फैसलों के प्रभाव और परिणामों पर बहस जारी रहेगी, लेकिन इतना तय है कि 2014 के बाद के भारत के इतिहास को लिखते समय इन निर्णयों का उल्लेख प्रमुखता से किया जाएगा. देखें पीएम मोदी के 12 अहम फैसले- 1. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना (2019) 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया. इसे स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े संवैधानिक फैसलों में गिना जाता है. 2. राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और 2024 में प्राण प्रतिष्ठा आधुनिक भारत की सबसे बड़ी सांस्कृतिक-धार्मिक घटनाओं में से एक मानी जाती है. 3. तीन तलाक कानून मुस्लिम महिलाओं को तत्काल तीन तलाक से संरक्षण देने के लिए कानून बनाया गया. सरकार ने इसे महिला अधिकारों की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया. 4. वस्तु एवं सेवा कर (GST) पूरे देश को “एक राष्ट्र, एक कर” व्यवस्था में लाने का प्रयास किया गया. इसे स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा कर सुधार माना जाता है. 5. नोटबंदी (2016) 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का फैसला भारतीय आर्थिक इतिहास के सबसे चर्चित और विवादित निर्णयों में शामिल है. 6. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू करना पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना का शिकार होकर भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देने के लिए सीएए कानून बनाकर लागू करना मानवीय दृष्टिकोण से एक ऐतिहासिक फैसला था. 7. नई शिक्षा नीति (NEP 2020) करीब 34 साल बाद शिक्षा नीति में व्यापक बदलाव किया गया. स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक नई संरचना लागू की गई. 8. कोविड-19 वैक्सीन अभियान भारत ने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियानों में से एक चलाया और करोड़ों लोगों को वैक्सीन उपलब्ध कराई. 9. डिजिटल इंडिया और UPI क्रांति डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने भारत को दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम पेमेंट अर्थव्यवस्थाओं में ला खड़ा किया. 10. नया संसद भवन और ‘कर्तव्य पथ’ का निर्माण गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए मोदी सरकार ने रिकॉर्ड समय में देश को नया, अत्याधुनिक ‘संसद भवन’ सौंपा. राजपथ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ करना और औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति दिलाना इस कालखंड की बड़ी उपलब्धि रही. 11. ऑपरेशन सिंदूर और नई सुरक्षा नीति (2025) पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई सैन्य और कूटनीतिक नीति को सरकार ने निर्णायक कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत किया. 12. भारतीय न्याय संहिता (BNS): कानूनों का स्वदेशीकरण अंग्रेजों के जमाने के 150 साल से भी पुराने आईपीसी (IPC) और सीआरपीसी (CrPC) को बदलकर ‘भारतीय न्याय संहिता’ लागू करना, ताकि देश की न्याय व्यवस्था ‘दंड’ देने के बजाय ‘न्याय’ देने की अवधारणा पर काम कर सके. इसके अलावा भी कई फैसले लिए गए जैसे, सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक-आतंकवाद के खिलाफ भारत की आक्रामक रणनीति का प्रदर्शन माना गया. इससे राष्ट्रीय सुरक्षा की राजनीति में बड़ा बदलाव आया. पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना जिसने देश के 80 करोड़ से अधिक जरूरतमंदों को हर महीने मुफ्त राशन की गारंटी देना. साथ ही आयुष्मान भारत योजना, जिसके तहत 60 करोड़ से अधिक गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देना, जिसने वैश्विक स्तर पर कल्याणकारी योजनाओं की परिभाषा बदल दी. Source link

झारखंड

कभी साइकिल से चलते थे, आज कार से पहुंचते हैं दुकान; 3...

Last Updated:June 10, 2026, 19:32 IST स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना छोटे व्यापारियों, उद्यमियों और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दे रही है. यह योजना उन लोगों के लिए नई उम्मीद और नया रास्ता साबित हो रही है, जो अपने दम पर कुछ बड़ा करना चाहते हैं. ख़बरें फटाफट प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से धनेश्वर साव को काफी फायदा पहुंचा. रांची. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना छोटे व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है. आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती देने वाली इस योजना के 11 वर्ष पूरे हो चुके हैं. बिना गारंटी आसान ऋण उपलब्ध कराने वाली इस योजना ने देशभर में हजारों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है. झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड स्थित पकरार गांव निवासी धनेश्वर साव भी उन सफल उद्यमियों में शामिल हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ लेकर अपने छोटे कारोबार को नई पहचान दिलाई. धनेश्वर साव ने 2017 में बैंक ऑफ इंडिया से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 5 लाख रुपए का लोन लिया था. उस समय उनके पास केवल एक छोटी सी दुकान थी, लेकिन मेहनत और सरकारी योजना के सहयोग से आज वे हजारीबाग की सब्जी मंडी और मेन रोड में तीन दुकानों का संचालन कर रहे हैं. उनकी सफलता को देखते हुए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मानित भी कर चुके हैं. धनेश्वर साव बताते हैं कि इस योजना ने उनके कारोबार को नई रफ्तार दी और उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास मिला. उन्होंने कहा कि इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बिना किसी गारंटी के ऋण मिल जाता है. छोटे व्यापारियों के लिए यह बड़ी राहत है, क्योंकि पहले पूंजी और गारंटी के अभाव में कारोबार बढ़ाना काफी मुश्किल होता था. उन्होंने समय पर पूरा ऋण चुकाकर बैंक का भरोसा भी कायम रखा. धनेश्वर साव की सफलता आज पूरे इलाके के लिए प्रेरणा बन चुकी है. कभी साइकिल से चलने वाले धनेश्वर आज अपनी कार से दुकान पहुंचते हैं. उन्होंने अपना घर बनाया, परिवार को बेहतर जीवन दिया और अपनी तीन बेटियों की शादी धूमधाम से की. स्थानीय निवासी मोहम्मद शाहिद ने बताया कि वे धनेश्वर साव को पिछले 40-45 वर्षों से जानते हैं. उन्होंने कहा कि पहले धनेश्वर साव एक छोटी सी दुकान चलाते थे, लेकिन मुद्रा योजना से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी की गरीब हितैषी योजनाओं में से एक बताते हुए कहा कि ऐसी योजनाओं से छोटे लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Hazaribagh,Jharkhand Source link

झारखंड

धनबाद के टुंडी में हाथियों का उत्पात जारी:ब्लिंकिंग लाइट से रोकने की...

टुंडी क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। इस समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन अब ब्लिंकिंग लाइट तकनीक अपनाने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य हाथियों को गांवों में आने से रोकना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना है। पिछले लगभग 15 दिनों से करीब 35 हाथियों का झुंड टुंडी पहाड़ी क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। ये हाथी भोजन की तलाश में अक्सर रात के समय पहाड़ से उतरकर आसपास के गांवों में पहुंच जाते हैं। हाथियों की अचानक आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत पर्वतपुर और बसहा सहित कई गांवों में हाथियों ने घरों को क्षतिग्रस्त किया है। खेतों में खड़ी धान, गेहूं सहित अन्य फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया गया है। हाथियों की अचानक आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत है और उन्हें हर रात डर के साए में गुजारनी पड़ रही है। वन विभाग लगातार ग्रामीणों से सतर्क रहने और रात के समय विशेष सावधानी बरतने की अपील कर रहा है। हालांकि, हाथियों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाने में अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। इसी के मद्देनजर, जिला प्रशासन ने ब्लिंकिंग लाइट तकनीक को अपनाने की तैयारी शुरू की है। इस तकनीक के तहत रात के समय झिलमिलाती रोशनी से हाथियों को यह भ्रम होगा कि वहां मानव गतिविधि मौजूद है, जिससे वे गांवों में प्रवेश नहीं करेंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि यह कदम हाथियों के उत्पात को कम करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होगा। Source link

शिक्षा

Organic Clothing: Natural Dyes & Herbal Beauty Products

Hindi News Career Organic Clothing: Natural Dyes & Herbal Beauty Products | Eco Friendly Store Earning 10 मिनट पहले कॉपी लिंक इको फ्रेंडली प्रोडक्ट्स वे होते हैं जो पर्यावरण को नुकसान न पहुचाएं। ये प्रोडक्ट्स रिन्यूबल या रिसाइकिल चीजों से बनते हैं। ईको फ्रेंडली प्रोडक्ट्स की डिमांड बीते कुछ समय में बढ़ी है। इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए ईको फ्रेंडली प्रोक्ट्स स्टोर खोले जा रहे हैं जो कमाई का बेहतरीन जरिया है। अगर आप भी कम बजट में पैसे कमाने का तरीका ढूंढ रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं इको फ्रेंडली स्‍टोर के लिए 4 आइडियाज- 1. ऑर्गेनिक प्लांट से सजाएं स्टोर क्या करें : ऑर्गेनिक प्लांट्स के अंतर्गत इनडोर प्लांट्स, एयर प्यूरीफायर प्लांट्स, औषधीय पौधे अपने स्टोर में रखें। इसके अलावा सब्जियों के बीज भी आपके लिए कमाई का जरिया बन सकते हैं। कैसे करें : इसके लिए किसी नर्सरी से संपर्क करें। यहां से ईकोफ्रेंडली प्लांट्स की अलग-अलग वैरायटी जैसे एयर प्यूरीफायर पौधों से लेकर मेडिसिनल प्लांट खरीद कर अपने स्टोर में सजाएं। इनकी कीमत भी कम होती है और जल्दी खराब भी नहीं होते। सीमेंट, टेराकोटा, प्लास्टिक और चीनी मिट्टी के अलग-अलग आकार के गमले भी अपने स्टोर में रखें। इसके अलावा, पौधों के लिए मिट्टी, ग्रो बैग, गार्डनिंग टूल्स और देखभाल के साधन भी रखने चाहिए। इससे ग्राहकों को ऑर्गेनिक प्लांट्स के साथ अन्य चीजों की रेंज एक ही जगह मिल जाएगी। 2. लोकल फूड क्या करें : घर में पीसे मसाले, अचार, चटनी, रायते या डेजर्ट जैसी चीजें अपने मेन्यू में शामिल करें। इसकी शुरुआत अकेले भी की जा सकती है। कैसे करें : आपके बनाए खाने की पैकेजिंग साफ-सुथरी और आकर्षक होनी चाहिए। इसे पैक करने के लिए हमेशा लीक-प्रूफ और इको-फ्रेंडली कंटेनर्स का इस्तेमाल करें। अपने डिब्बों पर ब्रांड का नाम और फोन नंबर जरूर लिखें ताकि ग्राहकों को दोबारा ऑर्डर करने में आसानी हो। भारत में फूड बिजनेस शुरू करने के लिए FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) का रजिस्ट्रेशन जरूरी है। यदि आपका टर्नओवर कम है, तो बेसिक रजिस्ट्रेशन से शुरुआत करें। 3. ऑर्गेनिक कपड़े क्या करें ऑर्गेनिक कॉटन, बांस, खादी जैसी चीजों से बने कपड़े फैशन वर्ल्ड के साथ ही आम लोगों को भी खूब पसंद आते हैं। पुरानी प्लास्टिक बॉटल्स या कपड़ों को रिसाइकिल करके बना फैब्रिक भी आपके स्टोर की शान बढ़ा सकता है। कैसे करें इन कपड़ों को पैक करने के लिए रीसाइकिल किए गए कागज या गत्ते के बॉक्स का इस्तेमाल करें। इन कपड़ों पर किया गया नैचुरल डाई इसकी कीमत के साथ ही डिमांड भी बढ़ाएगा। इस काम के लिए अपने राज्य के उद्योग विभाग में एमएसएमई (MSME) रजिस्ट्रेशन करवाएं। पैन कार्ड और जीएसटी (GST) नंबर भी जरूरी होगा। 4. ब्यूटी प्रोडक्ट्स क्या करें स्किन केयर के लिए हर्बल फेस पैक, नेचुरल लिप बाम और मुल्तानी मिट्टी/हल्दी-बेस्ड प्रोडक्ट्स को अपने स्टोर के लिए चुनें। हेयर केयर के लिए हर्बल शैम्पू बार, नेचुरल हेयर आइल और मेंहदी बेस्ड प्रोडक्ट खरीदें। लकड़ी या बांस के बने मेकअप ब्रश, और कॉटन पैड ग्राहकों को पसंद आएंगे। कैसे करें स्थानीय स्तर पर सर्टिफाइड ऑर्गेनिक और नेचुरल चीजें जैसे एलोवेरा, एसेंशियल ऑइल, शहद आदि चीजों से बने प्रोडक्ट्स चुनें। सामान की अच्छी क्वालिटी ही आपके ब्रांड का आधार बनेगी। ——————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

आरा गांव में 78 साल बाद भी सड़क-पुल नहीं:वन विभाग की एनओसी...

हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड की डाढ़ा पंचायत का आरा गांव आजादी के 78 साल बाद भी सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव तक न तो पक्की सड़क पहुंची है और न ही स्थायी पुल का निर्माण हो सका है। इस कारण बरसात के दिनों में गांव का संपर्क मुख्य सड़क से पूरी तरह कट जाता है। बारिश के मौसम में गांव के रास्ते कीचड़ से भर जाते हैं, जिससे आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों को नदी-नाले पार करने के लिए श्रमदान से बनाई गई लकड़ी की अस्थायी पुलिया का सहारा लेना पड़ता है। इससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी होती है। जान का जोखिम भी बना रहता है स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। बीमार व्यक्तियों या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए कई बार खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसमें काफी समय बर्बाद होता है और जान का जोखिम भी बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क और पुल निर्माण के लिए लगभग दो साल पहले निविदा (टेंडर) जारी की गई थी। इससे ग्रामीणों में समस्या के समाधान की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जिससे उनमें निराशा और आक्रोश है। पुल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है पूरी डाढ़ा पंचायत की मुखिया सुनीता देवी ने बताया कि पुल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिलने के कारण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और वन विभाग से जल्द एनओसी जारी कर पुल निर्माण कार्य शुरू कराने की अपील की है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अपनी वर्षों पुरानी समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है, ताकि आरा गांव के लोग भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। Source link

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PM Narendra Modi Legacy | Modi becomes longest serving elected PM |...

होमताजा खबरदेश PM मोदी 8 साल और रहेंगे देश के प्रधानमंत्री! यकीन नहीं, तो ये आंकड़ा देख लें Last Updated:June 10, 2026, 19:22 IST PM Narendra Modi Legacy: पीएम मोदी देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बना लिया है. बुधवार को दिल्ली के भारत मंडपम में एनडीए नेताओं के जुटान हुआ. एक-एक कर एनडीए नेताओं ने पीएम मोदी के इस उपल्बधि पर सम्मानति किया. पीएम मोदी के ऐतिहासिक सम्मान के बीच देश की राजनीति में सबसे बड़ा उलटफेर भी हो गया है. बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत और संसद में टीएमसी के 20 से ज्यादा सांसदों की बगावत के बाद बीजेपी केंद्र की सत्ता अगले 8 साल के लिए एक तरह से फिक्स कर ली है. जानिए 2029 के लोकसभा चुनाव में किंगमेकर कैसे बेअसर हो जाएंगे. पीएम मोदी और कितने साल तक देश के प्रधानमंत्री रह सकते हैं? PM Narendra Modi Legacy- देश की राजधानी में स्थित भारत मंडपम बुधवार को एक ऐतिहासिक पल का गवाह बन गया. दिल्ली में एनडीए के तमाम दिग्गज नेताओं का महाजुटान हुआ. इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया. लेकिन इस जश्न और सम्मान के शोर के बीच, भारत मंडपम के गलियारों से देश की राजनीति को अगले 8 सालों के लिए पूरी तरह बदलने वाली एक इनसाइड स्टोरी भी निकल कर बाहर आई. बेशक, बीजेपी अपने साथी दलों का सम्मान करती है, लेकिन लोकसभा चुनाव 2029 की कहानी 2026 में ही साफ हो गई. जानिए बीजेपी ने कैसे पीएम मोदी को अगले आठ साल तक और प्रधानमंत्री रहने का रास्ता साफ कर दिया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और उसके बाद संसद में हुए भारी उलटफेर ने केंद्र सरकार का पूरा समीकरण बदल दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों का साफ मानना है कि बंगाल जीतकर भारतीय जनता पार्टी ने कम से कम अगले 8 साल के लिए केंद्र की सत्ता को पूरी तरह सुरक्षित और फिक्स कर लिया है. इस नए गणित का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू यह है कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बैसाखी वाली सरकार चलाने के लिए न तो नीतीश कुमार की जरूरत बची है और न ही चंद्रबाबू नायडू की. टीएमसी के 20 सांसदों के आने से बदल गया लोकसभा का गेम संसद के भीतर इस वक्त सबसे बड़ा भूचाल आया हुआ है. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की करारी हार के बाद, दिल्ली में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 से ज्यादा लोकसभा सांसदों ने डॉ. काकोली घोष दस्तिदार के नेतृत्व में विद्रोह कर दिया है. बंगाल की जीत केवल एक राज्य की सत्ता का परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह 2029 और उसके आगे के लोकसभा चुनावों का ब्लूप्रिंट है. नीतीश-नायडू का ‘किंगमेकर’ टैग खत्म टीएमसी के तकरीबन 20 बागी सांसदों ने टीएमसी से नाता तोड़कर संसद में एक अलग गुट बना लिया है और बिना शर्त नरेंद्र मोदी सरकार को अपना समर्थन घोषित कर दिया है. अब तक केंद्र की एनडीए सरकार नीतीश कुमार की जेडीयू की 12 सीटें और चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी की 16 सीटें के समर्थन के भरोसे टिकी हुई थी, जिससे इन्हें ‘किंगमेकर’ कहा जा रहा था. लेकिन बंगाल से आए तकरीबन 20 सांसदों के समर्थन के बाद भाजपा का अपना संख्या बल और एनडीए का आंकड़ा बहुमत के जादुई आंकड़े से बहुत आगे निकल गया है. अब यदि नीतीश या नायडू कोई दबाव बनाने की कोशिश भी करते हैं, तो सरकार की स्थिरता पर कोई आंच नहीं आने वाली. अगले 8 साल के लिए सत्ता कैसे हो गई सुरक्षित? राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बंगाल की जीत केवल एक राज्य की सत्ता का परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह 2029 और उसके आगे के लोकसभा चुनावों का ब्लूप्रिंट है. वर्तमान में बंगाल विधानसभा सीटों पर भाजपा के प्रचंड प्रदर्शन को अगर लोकसभा वार देखा जाए, तो आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा अकेले दम पर पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में से कम से कम 35 सीटें जीतने की स्थिति में आ चुकी है. अब यूपी या अन्य हिंदी बेल्ट में कुछ सीटों के नुकसान की भरपाई भाजपा अकेले पश्चिम बंगाल से कर सकती है. बंगाल की यह बढ़त भाजपा को बैसाखियों से मुक्त कर अपने दम पर 300 से अधिक सीटों के आंकड़े की ओर ले जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आत्मविश्वास बंगाल जीत के बाद बढ़ गया. भारत मंडपम में बदला हुआ बॉडी लैंग्वेज यही कारण है कि बुधवार को भारत मंडपम में जब एनडीए के नेता जुटे, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आत्मविश्वास देखने लायक था. जहां पहले सहयोगियों को साधने की एक कूटनीतिक मजबूरी दिखती थी, वहीं अब बंगाल की जीत ने भाजपा को ड्राइविंग सीट पर ला दिया है. राजनीतिक जानकारों की मानें तो राजनीति में अंकगणित ही सब कुछ होता है. बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों और टीएमसी सांसदों के एनडीए खेमे में आने के बाद नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू की मोलभाव करने की शक्ति पूरी तरह समाप्त हो चुकी है. पीएम मोदी अब बिना किसी क्षेत्रीय दबाव के अपने बड़े और कड़े फैसले ले सकेंगे. यह जीत 2034 तक के सियासी परिदृश्य को तय कर चुकी है. जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रचने वाले पीएम मोदी अब एक ऐसी मजबूत पिच पर खेल रहे हैं, जहां विपक्ष तो बिखरा हुआ है ही, साथ ही गठबंधन के भीतर की शर्तें भी अब खुद प्रधानमंत्री तय करेंगे. बंगाल की एक जीत ने दिल्ली सल्तनत के समीकरणों को हमेशा के लिए बदल दिया है. About the Author रविशंकर सिंहChief Reporter I am an alumnus of Bharatiya Vidya Bhavan, Delhi with a career in journalism that spans across several prestigious newsrooms. Over the years, I have honed my craft at Sahara Samay, Tehelka, P7 and Live India, a…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

बाल झड़ने और रूखेपन से हैं परेशान? प्याज, मेथी और एलोवेरा से...

X बाल झड़ने और रूखेपन से हैं परेशान प्याज,मेथी और एलोवेरा से बना सीरम करेगा कमाल   रांची में कई लोग बालों को मुलायम, चमकदार और स्वस्थ रखने के लिए घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करते हैं. ब्यूटी एक्सपर्ट के अनुसार, प्याज का रस, मेथी का पानी और एलोवेरा से बना नेचुरल हेयर सीरम बालों की देखभाल में मददगार माना जाता है. सीरम बनाने के लिए सबसे पहले मेथी को रातभर पानी में भिगो दें. सुबह मेथी के पानी में प्याज का रस मिलाएं. इसके बाद इसमें एलोवेरा जेल डालें. चाहें तो कड़ी पत्ते का पानी भी मिला सकते हैं. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर स्प्रे बोतल में भर लें. इसके बाद इस सीरम को हफ्ते में 2 से 3 बार नहाने से करीब एक घंटा पहले बालों में स्प्रे करें. एक घंटे बाद बालों को सादे पानी से धो लें. शैंपू का इस्तेमाल अगले दिन किया जा सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित उपयोग से बालों की चमक और मुलायमपन बढ़ाने में मदद मिल सकती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

गिरिडीह में चलती कार में लगी भीषण आग:सभी सवार ने कूदकर बचाई...

गिरिडीह जिले के गावां थाना क्षेत्र में बुधवार को पटना-डोरंडा मुख्य मार्ग पर एक चलती कार में भीषण आग लग गई। सांख गांव के पास हुई इस घटना में कार पूरी तरह जलकर राख हो गई। हालांकि, कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। अचानक कार के इंजन से धुआं निकलने लगा जानकारी के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब वाहन पटना-डोरंडा मुख्य मार्ग पर सांख गांव के पास से गुजर रहा था। अचानक कार के इंजन से धुआं निकलने लगा। चालक ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए कार को सड़क किनारे रोका और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके कुछ ही देर बाद कार में आग तेजी से फैल गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कोई भी प्रयास सफल नहीं हो सका। देखते ही देखते कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई और उसका केवल ढांचा ही बचा। कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात प्रभावित रहा घटना के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। हालांकि, प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया। समय रहते सभी यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने से एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई। Source link

झारखंड

मनरेगा में 4.83 लाख की फर्जी निकासी का आरोप:पीड़ित दंपती पहुंचा जामताड़ा...

जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड की चकनायपाड़ा पंचायत में मनरेगा योजना के तहत 4.83 लाख रुपए की फर्जी निकासी का मामला सामने आया है। जीवनपुर गांव के निवासी बुधन मिर्धा और उनकी पत्नी बेबी देवी ने इस संबंध में जामताड़ा उपायुक्त आलोक कुमार के पास शिकायत दर्ज कराई है। दंपती ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दंपती ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि पंचायत की मुखिया दुखी मुर्मू, बिचौलिया वनमाली मिर्धा और प्रखंड कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से उनके नाम पर मनरेगा योजनाओं के फर्जी मास्टर रोल और दस्तावेज तैयार किए गए। योजनाओं का कार्य पूर्ण दिखाकर राशि का भुगतान कर दिया गया इसके माध्यम से कुल 4 लाख 83 हजार 456 रुपए की अवैध निकासी की गई। दंपती का दावा है कि योजनाओं का कार्य पूर्ण दिखाकर राशि का भुगतान कर दिया गया, जबकि मौके पर कोई काम नहीं हुआ। बुधन मिर्धा ने बताया कि उनके पास रहने के लिए एक घर के अलावा कोई जमीन नहीं है। इसके बावजूद, उनके और उनकी पत्नी के नाम पर विभिन्न मनरेगा योजनाओं में कार्य दिखाकर सरकारी राशि निकाल ली गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इन योजनाओं की कोई जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं। आवेदन में उन योजनाओं का विवरण दिया गया है, जिनके तहत राशि की निकासी दर्शाई गई है। जांच अधिकारी के घर पहुंचने पर दंपती का पता चला फर्जीवाड़ा बुधन मिर्धा ने बताया कि उन्हें इस कथित फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई जब प्रखंड स्तर से एक जांच अधिकारी उनके घर पहुंचे। अधिकारी ने उन्हें सूचित किया कि उनके नाम पर संचालित मनरेगा योजनाओं और अबुआ आवास का कार्य पूर्ण दिखाया गया है। इसके बाद उन्होंने संबंधित अभिलेखों की जानकारी जुटाई, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित दंपती ने उपायुक्त से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा सरकारी राशि के कथित गबन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। आवेदन प्राप्त होने के बाद डीडीसी को जांच करने का आदेश दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -आलोक कुमार, डीसी, जामताड़ा Source link

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