नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने बीते 12 वर्षों में कई ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने भारत की राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाला. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये निर्णय आने वाली पीढ़ियों तक याद रखे जाएंगे. जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने से लेकर राम मंदिर निर्माण, जीएसटी, तीन तलाक कानून, नई शिक्षा नीति, डिजिटल इंडिया, महिला आरक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कदमों तक, मोदी सरकार ने कई बड़े निर्णय लिए. इनमें कुछ फैसले ऐसे रहे जिन्होंने दशकों पुरानी व्यवस्थाओं को बदल दिया, जबकि कुछ ने भारत की वैश्विक छवि और रणनीतिक स्थिति को मजबूत किया.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी प्रधानमंत्री की विरासत केवल चुनावी जीत से नहीं, बल्कि उन फैसलों से तय होती है जो देश की दिशा बदल देते हैं. हालांकि इन फैसलों के प्रभाव और परिणामों पर बहस जारी रहेगी, लेकिन इतना तय है कि 2014 के बाद के भारत के इतिहास को लिखते समय इन निर्णयों का उल्लेख प्रमुखता से किया जाएगा. देखें पीएम मोदी के 12 अहम फैसले-
1. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना (2019)
5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया. इसे स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े संवैधानिक फैसलों में गिना जाता है.
2. राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और 2024 में प्राण प्रतिष्ठा आधुनिक भारत की सबसे बड़ी सांस्कृतिक-धार्मिक घटनाओं में से एक मानी जाती है.
3. तीन तलाक कानून
मुस्लिम महिलाओं को तत्काल तीन तलाक से संरक्षण देने के लिए कानून बनाया गया. सरकार ने इसे महिला अधिकारों की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया.
4. वस्तु एवं सेवा कर (GST)
पूरे देश को “एक राष्ट्र, एक कर” व्यवस्था में लाने का प्रयास किया गया. इसे स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा कर सुधार माना जाता है.
5. नोटबंदी (2016)
500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का फैसला भारतीय आर्थिक इतिहास के सबसे चर्चित और विवादित निर्णयों में शामिल है.
6. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू करना
पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना का शिकार होकर भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देने के लिए सीएए कानून बनाकर लागू करना मानवीय दृष्टिकोण से एक ऐतिहासिक फैसला था.
7. नई शिक्षा नीति (NEP 2020)
करीब 34 साल बाद शिक्षा नीति में व्यापक बदलाव किया गया. स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक नई संरचना लागू की गई.
8. कोविड-19 वैक्सीन अभियान
भारत ने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियानों में से एक चलाया और करोड़ों लोगों को वैक्सीन उपलब्ध कराई.
9. डिजिटल इंडिया और UPI क्रांति
डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने भारत को दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम पेमेंट अर्थव्यवस्थाओं में ला खड़ा किया.
10. नया संसद भवन और ‘कर्तव्य पथ’ का निर्माण
गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए मोदी सरकार ने रिकॉर्ड समय में देश को नया, अत्याधुनिक ‘संसद भवन’ सौंपा. राजपथ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ करना और औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति दिलाना इस कालखंड की बड़ी उपलब्धि रही.
11. ऑपरेशन सिंदूर और नई सुरक्षा नीति (2025)
पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई सैन्य और कूटनीतिक नीति को सरकार ने निर्णायक कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत किया.
12. भारतीय न्याय संहिता (BNS): कानूनों का स्वदेशीकरण
अंग्रेजों के जमाने के 150 साल से भी पुराने आईपीसी (IPC) और सीआरपीसी (CrPC) को बदलकर ‘भारतीय न्याय संहिता’ लागू करना, ताकि देश की न्याय व्यवस्था ‘दंड’ देने के बजाय ‘न्याय’ देने की अवधारणा पर काम कर सके.
इसके अलावा भी कई फैसले लिए गए जैसे, सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक-आतंकवाद के खिलाफ भारत की आक्रामक रणनीति का प्रदर्शन माना गया. इससे राष्ट्रीय सुरक्षा की राजनीति में बड़ा बदलाव आया. पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना जिसने देश के 80 करोड़ से अधिक जरूरतमंदों को हर महीने मुफ्त राशन की गारंटी देना. साथ ही आयुष्मान भारत योजना, जिसके तहत 60 करोड़ से अधिक गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देना, जिसने वैश्विक स्तर पर कल्याणकारी योजनाओं की परिभाषा बदल दी.