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कोडरमा विधायक के ड्राइवर की हत्या; 4 अरेस्ट:लोगों ने चार घंटे मेन...

कोडरमा में विधायक डॉ नीरा यादव के निजी वाहन चालक राजकुमार यादव की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ रांची-पटना मेन रोड को करीब चार घंटे जाम रखा। जहां पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलने पर एसडीओ निर्मल सोरेन के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बात की। एसडीओ ने बताया कि अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है। थाना प्रभारी विकास पासवान पर कार्रवाई को लेकर भी उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने जाम हटाया और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। घर शव पहुंचते ही लोगों का भड़का गुस्सा पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही राजकुमार यादव का शव गांव पहुंचा, लोग गुस्से में आ गए। ग्रामीणों ने हत्या के आरोपी रिश्तेदार भीखन यादव के घर में आग लगा दी। हालांकि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने आग पर काबू पाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी है। पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, उनका आक्रोश शांत नहीं होगा। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। बीती रात हुई थी हत्या कोडरमा जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत चितरपुर गांव में जमीन को लेकर हुए विवाद में कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी वाहन चालक राजकुमार यादव की हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार, राजकुमार यादव देर रात विधायक के साथ एक कार्यक्रम में मौजूद थे। झुमरीतिलैया से लौटने के दौरान उन्हें गांव में विवाद की सूचना मिली। जानकारी मिलने के बाद राजकुमार यादव तुरंत अपने गांव चितरपुर पहुंचे। वहां पहले से गोतिया परिवार के लोगों के साथ विवाद चल रहा था। जैसे ही वह घर के पास पहुंचे बहस हिंसक झड़प में बदल गया। इसी दौरान आरोपियों ने राजकुमार यादव पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना से पहले विधायक ने भी पुलिस को फोन कर स्थिति की जानकारी दी थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। पिता, मां और बेटी पर भी हमला, इलाजरत इस घटना में मृतक की बेटी सोनिका कुमारी, मां सुधा देवी और पिता दशरथ यादव भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तीनों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। सोनिका कुमारी के अनुसार, जब वे घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचीं तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी विवाद के दौरान मृतक की मां को जमीन में आधा गाड़ने की कोशिश की गई थी, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया था। विधायक ने पुलिस पर उठाए सवाल घटना की जानकारी मिलते ही विधायक डॉ. नीरा यादव देर रात सदर अस्पताल पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। विधायक का कहना है कि यदि पहले मिली शिकायतों पर कार्रवाई होती, तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लोगों ने किया सड़क जाम इधर इस मामले से आक्रोशित विधायक के समर्थकों ने मृतक राजकुमार यादव के शव के साथ कोडरमा थाना के सामने रांची-पटना मुख्य मार्ग को किया जाम। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की है कि कोडरमा थाना प्रभारी विकास पासवान को अविलंब निलंबित किया जाए। इसके साथ ही दोषियों को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिया जाए। Source link

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अवैध बांग्‍लादेशियों की शामत, अब तक 500 हिरासत में लिए गए –...

Last Updated:June 04, 2026, 13:54 IST Illegal Bangladeshi News: देशभर में अवैध तरीके से भारत की सीमा में घुसे घुसपैठियों के खिलाफ एक्‍शन लिया जा रहा है. गुजरात में इसके लिए बकायदा ऑपरेश डेल्‍टा हंट लॉन्‍च किया गया है. इसके तहत सैकड़ों की तादाद में अवैध बांग्‍लादेशियों को पकड़ा गया है. गुजरात में अवैध बांग्‍लादेशियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है. Illegal Bangladeshi News: गुजरात पुलिस ने अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ पूरे राज्य में ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ को तेज कर दिया है. इसी क्रम में पुलिस ने 501 लोगों को हिरासत में लिया है. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई एक ही समय में कई जिलों में हुई. कोऑर्डिनेटेड एक्‍शन में अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान और उनका वेरिफिकेशन किया गया. पुलिस टीमों ने खुफिया जानकारी के आधार पर चिह्नित आवासीय क्षेत्रों, मजदूरों के ठिकानों और अन्य स्थानों पर जांच की. इस कार्रवाई में पुलिस की जिला इकाइयां, क्राइम ब्रांच टीमें और साइबर सेल की टीमें शामिल थीं. ऑपरेशन के शुरुआती चरणों में अधिकारियों ने हजारों संदिग्ध लोगों की जांच की थी और सत्यापन के बाद सैकड़ों लोगों को हिरासत में ले लिया. गुजरात के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री हर्ष संघवी ने इस पहल को एक खुफिया सूचना आधारित अभियान बताया है, जिसमें पुलिस की विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वित कार्रवाई शामिल है. उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य बिना दस्तावेज वाले निवासियों की पहचान करना और जाली दस्तावेज, आवास और रोजगार सहायता से जुड़े संभावित मददगार नेटवर्क की जांच करना है. फेक आधार कार्ड पिछले चरणों में पुलिस की जांच में पहचान के दस्तावेजों की बारीकी से जांच भी शामिल थी. कुछ मामलों में जाली या धोखाधड़ी से प्राप्त आधार रिकॉर्ड के संदिग्ध इस्तेमाल की बात सामने आई और जांच का दायरा उन लोगों और नेटवर्क तक भी बढ़ाया गया, जो कथित तौर पर बिना दस्तावेज वाले निवासियों की मदद कर रहे थे. वेरिफिकेशन के साथ पूछताछ अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया था कि हिरासत में लिए गए लोगों के वेरिफिकेशन के साथ-साथ अन्य संदिग्ध लोगों से भी आगे की पूछताछ जारी रहेगी. ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ के पिछले चरणों में अहमदाबाद, सूरत और राजकोट जैसे शहरों में बड़े पैमाने पर जांच-पड़ताल और लोगों को हिरासत में लेने की कार्रवाई दर्ज की गई थी. फिलहाल, हिरासत में लिए गए लोगों का जिला-वार ब्योरा और आगे की कानूनी कार्रवाई समेत अन्य विस्तृत जानकारी, जारी सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद सामने आने की संभावनाएं हैं. बता दें कि देशभर में अवैध तरीके से सीमा पार करने वालों पर एक्‍शन लिया जा रहा है. ये लोग नेशनल थ्रेट के तौर पर भी सामने आए हैं. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ahmedabad,Ahmedabad,Gujarat Source link

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फर्जी वेंडरों की अब खैर नहीं, टाटानगर स्टेशन पर रेलवे ने लागू...

Last Updated:June 04, 2026, 13:18 IST क्यूआर कोड आधारित डिजिटल आईडी कार्ड में कर्मचारी का नाम, फोटो, विभाग और एजेंसी की जानकारी दर्ज रहेगी. रेलवे अधिकारी या स्टेशन पुलिस क्यूआर कोड स्कैन कर तुरंत कर्मचारी की पहचान और रिकॉर्ड की जांच कर सकेंगे. इससे फर्जी पहचान पत्र के जरिए स्टेशन में प्रवेश करने वालों पर रोक लगेगी. वेंडर राधा ने बताया कि इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को होगा. जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन ने सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक नई पहल शुरू की है. अब स्टेशन परिसर में काम करने वाले निजी एजेंसियों के कर्मचारियों को क्यूआर कोड आधारित डिजिटल आईडी कार्ड दिए जा रहे हैं. दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में यह व्यवस्था लागू करने वाला टाटानगर पहला स्टेशन बन गया है. अनधिकृत आवाजाही पर रोकइस पहल का उद्देश्य स्टेशन पर होने वाली अवैध गतिविधियों, फर्जी वेंडिंग और बाहरी लोगों की अनधिकृत आवाजाही पर रोक लगाना है. अब तक कई बार ऐसे मामले सामने आते थे, जिनमें कुछ लोग रेलवे या अधिकृत वेंडर का नाम लेकर स्टेशन में प्रवेश कर जाते थे और यात्रियों को एमआरपी से अधिक कीमत पर सामान बेचते थे. कई बार निम्न गुणवत्ता वाले या गलत उत्पाद भी यात्रियों को उपलब्ध कराए जाते थे. डिजिटल आईडी कार्ड में कर्मचारी का नामक्यूआर कोड आधारित डिजिटल आईडी कार्ड में कर्मचारी का नाम, फोटो, विभाग, एजेंसी और अन्य आवश्यक जानकारियां दर्ज रहेंगी. रेलवे अधिकारी, स्टेशन पुलिस या संबंधित विभाग के कर्मचारी क्यूआर कोड स्कैन कर तुरंत उसकी पहचान और रिकॉर्ड की जांच कर सकेंगे. इससे फर्जी पहचान पत्र के जरिए स्टेशन में प्रवेश करने वालों पर प्रभावी रोक लग सकेगी. सबसे बड़ा लाभ यात्रियों को मिलेगावेंडर राधा ने बताया कि इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यात्रियों को मिलेगा. केवल अधिकृत और सत्यापित कर्मचारी ही स्टेशन पर काम कर सकेंगे, जिससे यात्रियों को सही कीमत पर सामान और बेहतर सेवाएं मिलने की संभावना बढ़ेगी. एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने, गलत जानकारी देने और नकली सामान बेचने जैसी शिकायतों में भी कमी आएगी. अधिकृत वेंडरों को भी फायदाइस पहल से अधिकृत वेंडरों और निजी एजेंसियों को भी फायदा होगा. लंबे समय से अवैध कारोबार करने वालों के कारण वैध वेंडरों को नुकसान उठाना पड़ रहा था. नई व्यवस्था लागू होने के बाद केवल पंजीकृत और अधिकृत कर्मचारी ही स्टेशन परिसर में काम कर पाएंगे. स्टेशन परिसर अधिक सुरक्षितरेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पहल स्टेशन परिसर को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो भविष्य में अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी इसे लागू किया जा सकता है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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पाकुड़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिला दूसरा स्थान:महिला हितैषी पंचायत के रूप...

पाकुड़ जिले की झिकरहट्टी पूर्वी पंचायत ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ‘महिला हितैषी पंचायत’ श्रेणी में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह सम्मान पंचायत को महिला सशक्तिकरण, समावेशी विकास और सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया। राजधानी दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार समारोह में पंचायत प्रतिनिधियों ने यह सम्मान ग्रहण किया। इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष ख्रिष्टमुनि हेम्ब्रम, उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल, जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक कुमार भगत, जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू, मुखिया नरगिसा सुल्तान और पंचायत सचिव मो. मुस्तकिर मौजूद रहे। पंचायत की इस उपलब्धि ने पूरे जिले का मान बढ़ाया है। महिला सशक्तिकरण और जनभागीदारी की मिली सराहना झिकरहट्टी पूर्वी पंचायत को यह सम्मान महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए किए गए नवाचारों के कारण मिला है। पंचायत स्तर पर महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने, जनभागीदारी आधारित विकास योजनाओं को लागू करने और सुशासन की प्रभावी व्यवस्था स्थापित करने के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। पंचायत ने स्थानीय स्तर पर महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में शामिल कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई पहलें की हैं। यही कारण है कि पंचायत के कार्यों को अन्य राज्यों के बीच भी एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। जिले के लिए गर्व, अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पूरे पाकुड़ जिले के लिए गर्व का विषय है और अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिले की पंचायतें लगातार जनभागीदारी, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही हैं। झिकरहट्टी पूर्वी पंचायत को मिला यह सम्मान जिले की प्रतिबद्धता और विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी जिले की पंचायतें इसी तरह उत्कृष्ट कार्य कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करेंगी। Source link

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चतरा में अज्ञात वाहन ने कोयला विक्रेता को रौंदा:संघरी घाटी में बाइक...

चतरा जिले की संघरी घाटी में गुरुवार सुबह एक सड़क हादसे में बाइक सवार एक कोयला विक्रेता की मौत हो गई। एक अज्ञात भारी वाहन ने उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक कोयला विक्रेता अपनी दैनिक आजीविका कमाने के लिए घर से निकला था। हादसे में उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। मृतक की पहचान हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड क्षेत्र के शिवाडी गांव निवासी 40 वर्षीय महेंद्र प्रसाद महतो पिता बासुदेव महतो के रूप में की गई है। महेंद्र रोज बड़कागांव में एनटीपीसी द्वारा डंप किए गए कोयले में से बचा हुआ कोयला चुनते थे और उसे अपनी बाइक पर लादकर बेचने के लिए चतरा आते थे। सुबह भी वह अपनी बाइक पर कोयले की बोरियां लादकर चतरा की ओर आ रहे थे। घाटी के मोड़ पर एक अज्ञात भारी वाहन ने उनकी बाइक को सीधी टक्कर मार दी और महेंद्र को कुचलते हुए वहां से फरार हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि महेंद्र का शव बुरी तरह रौंदा गया और उनकी मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए। बाइक पर लदा कोयला पूरी सड़क पर बिखर गया। महेंद्र प्रसाद महतो अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। इधर, घटना की जानकारी मिलते ही चतरा सदर थाना प्रभारी अवधेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत संघरी घाटी पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया। Source link

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इतिहास जिंदा… झुंझुनूं के प्राइवेट बस स्टैंड को अब मिली नई पहचान!...

Last Updated:June 04, 2026, 12:47 IST Jhunjhunu Private Bus Standछ झुंझुनूं शहर के प्राइवेट बस स्टैंड को अब एक नई पहचान मिलने जा रही है. नगर के पहले शहीद इंद्रसिंह सैनी के सम्मान में प्राइवेट बस स्टैंड का नाम बदलकर “शहीद इंद्रसिंह सैनी बस स्टैंड” रखने का निर्णय लिया गया है. इस फैसले का उद्देश्य शहीद के बलिदान को सम्मान देना और आने वाली पीढ़ियों को उनके योगदान से परिचित कराना है. स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है. बताया जा रहा है कि शहर के प्रमुख स्थानों पर भी शहीद इंद्रसिंह सैनी के नाम को सम्मानपूर्वक स्थापित किया जाएगा. नाम परिवर्तन के बाद बस स्टैंड की पहचान आधिकारिक रूप से नए नाम से होगी, जिससे यात्रियों और नागरिकों को शहीद की स्मृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा. Jhunjhunu News: झुंझुनूं शहर के प्राइवेट बस स्टैंड का नाम बदल दिया गया है. जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्व सम्मति इस बस स्टैंड का नाम बदला गया है. अब यह बस स्टैंड शहीद इंद्रसिंह सैनी के नाम से जाना जाएगा. ये झुंझुनूं के पहले शहीद थे, जिन्हें देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे. जल्द ही मुख्य बोर्ड पर भी शहीद इंद्रसिंह सैनी का नाम लिखा जाएगा. आपको बता दें कि झुंझुनूं शहर के इस बस स्टैंड में केवल प्राइवेट बसों का हो संचालन होता है. यहां से लोकल रूट से लेकर देश के अलग अलग राज्यों के लिए बसे जाती है. इसके अलावा लोक परिवहन बसों का भी संचालन यहां होता है. रोजाना दर्जनों लंबी रूटों की स्लीपर बस यहां चलती है. यह बस स्टैंड शेखावाटी के सबसे बड़े बस स्टैंड में से एक है. इस बस स्टैंड का नाम शाहिद के नाम से किए जाने पर लोगों में खुशी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सही मायने में शहीद इंद्रसिंह सैनी का सही सम्मान है. इस प्राइवेट बस स्टैंड का नाम उनके नाम पर रखे जाने से उनका नाम हमेशा के लिए अमर हो गया है. आने वाली पीढ़ी भी उनके शौर्य और पराक्रम के किस्सों के बारे में जान सकेगी. जानकारी के अनुसार इस बस स्टैंड पर शहीद इंद्रसिंह सैनी की जानकारी भी लिखी जाएगी. Add News18 as Preferred Source on Google जानिए कौन थे इंद्रसिंह सैनी: जवान इंद्रसिंह सैनी जवानों की फैक्ट्री कहे जाने वाले झुंझुनू जिले के पहले शहीद जवान थे. जब वे शहीद हुए तब उनकी पोस्टिंग जम्मू के सांबा कैवेलरी रेजीमेंट में थी. गुरुवार का दिन था, तभी अचानक कुछ आतंकवादियों ने हमला कर दिया. तब उन्होंने हिम्मत से आतंकियों को जवाब दिया. लेकिन, अचानक हुए हमले से नहीं बच सके. एक आतंकी की गोली जवान इंद्रसिंह सैनी को लग गई. इस दौरान वे आखिरी सांस तक लड़ते रहे और अंत में लड़ते लड़ते ही शहीद हो गए. जब उनका शव राजकीय अंतिम संस्कार के लिए लाया गया तभी एक उनकी पत्नी और बच्चों को उनके शहीद होने की खबर नहीं थी. जब शहीद इंद्रसिंह सैनी के घर वालों ने बहुत सारे जवानों को घर आते देखा तो वे सहम गए. जब सेना के अधिकारी ने परिवार वालों को उनका सामान दिया, तो घर में चीख पुकार मच गया. जब लोगों को इस बारे में पता चला तो उनके अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग शमिल हुए. इसके बाद उनका स्मारक भी बनाया गया. हर साल उनके शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होता है. इसके अलावा जगह रक्तदान और जगह जगह सेवा के कार्य होते हैं. ऐसे में अब लोगों की मांग के अनुसार उनके नाम पर झुंझुनूं शहर के प्राइवेट बस स्टैंड का नाम रखा गया है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें| Source link

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पलामू में क्यों बढ़ रही इतनी गर्मी? प्रकृति के साथ इंसान भी...

Last Updated:June 04, 2026, 11:53 IST Palamu News: पलामू जिला हर साल बढ़ती गर्मी से जूझ रहा है. कभी जंगलों और पानी के लिए पहचाने जाने वाले इस इलाके में अब तापमान दिन पर दिन लगातार बढ़ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों की कटाई और घटते जल स्रोत इसके बड़े कारण हैं और आगे जाकर यह शहर रेगिस्तान जैसी हालत में पहुंच सकता है. ख़बरें फटाफट पलामू. झारखंड का पलामू जिला इन दिनों लगातार बढ़ती गर्मी, घटते जल स्रोत और बदलते मौसम के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है. कभी घने जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों के लिए पहचाना जाने वाला यह इलाका आज जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों का सामना कर रहा है. पिछले एक दशक में यहां गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ा है. कई बार पलामू देश के सबसे गर्म जिलों में शामिल रहा है. वर्ष 2024 में यहां 47.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो पूर्वी भारत में सबसे अधिक था. इससे पहले भी 2019 और 2022 में तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. इस वर्ष भी तापमान लगातार 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है. प्रकृति का प्रकोप ही नहीं, मानवीय गतिविधियां भी जिम्मेदारपर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. डी.एस. श्रीवास्तव के अनुसार, पलामू की भौगोलिक स्थिति पहले से ही इसे गर्म क्षेत्र बनाती रही है. यह इलाका नेतरहाट, रांची और बिहार के रोहतास पठारी क्षेत्रों से घिरे रेन-शैडो जोन में स्थित है, जहां मानसूनी बादल अपेक्षाकृत कम पहुंचते हैं. इसके अलावा कर्क रेखा भी पलामू से होकर गुजरती है, जिससे यहां गर्मी स्वाभाविक रूप से अधिक रहती है. लेकिन वर्तमान संकट केवल प्राकृतिक कारणों से नहीं, बल्कि मानवीय गतिविधियों से भी जुड़ा है. घट गया है वन क्षेत्रडॉ. श्रीवास्तव बताते हैं कि वर्ष 1951 में पलामू क्षेत्र में लगभग 43 प्रतिशत वन क्षेत्र था, जो आज घटकर मात्र 10 से 11 प्रतिशत रह गया है. पर्यावरण संतुलन के लिए कम से कम 30 प्रतिशत वन क्षेत्र जरूरी माना जाता है. गांवों के आसपास की पहाड़ियां, जो कभी हरियाली से ढकी रहती थीं, अब लगभग नंगी हो चुकी हैं. पेड़-पौधों की कमी के कारण चट्टानें दिन में अत्यधिक गर्म हो जाती हैं और रात में तेजी से ठंडी होती हैं. यही कारण है कि दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर पहले जहां लगभग 10 डिग्री होता था, वहीं अब यह 20 से 22 डिग्री तक पहुंच रहा है. भविष्य में बड़ा खतराविशेषज्ञ इसे रेगिस्तानी जलवायु की शुरुआती चेतावनी मान रहे हैं. बढ़ती गर्मी, घटती वर्षा, जल संकट और वन क्षेत्र में लगातार कमी भविष्य के लिए गंभीर संकेत हैं. अगर जंगलों का संरक्षण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और पर्यावरण संतुलन की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में यह इलाका मरुस्थलीकरण की ओर बढ़ सकता है. यह केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि खेती, जल और मानव जीवन के भविष्य का भी बड़ा सवाल है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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कोडरमा में परिवार छत पर सोया, घर से नगदी-बाइक चोरी:खिड़की के रास्ते...

कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 8 स्थित कृष्णापुरी मुहल्ले में बीती रात चोरों ने एक घर को निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, राजू यादव के घर में अज्ञात चोर खिड़की के रास्ते घुसे और अंदर रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। गृहस्वामी ने बताया कि रात में खाना खाने के बाद परिवार के सभी सदस्य मुख्य दरवाजे पर ताला लगाकर छत पर सोने चले गए थे। इसी दौरान चोरों ने घर के पिछले हिस्से की खिड़की के सहारे छत पर चढ़कर घर में प्रवेश किया और आराम से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। नकदी, पूजा सामग्री और बाइक की चोरी सुबह जब परिवार के लोग नीचे आए तो घर के अंदर एक कमरे का दरवाजा खुला मिला। जांच करने पर पता चला कि पूजा स्थल पर रखे कांसे और पीतल के सभी बर्तन गायब हैं। इसके अलावा एक बैग भी चोरी हो गया, जिसमें करीब 40 हजार रुपए नकद रखे थे। घटना यहीं तक सीमित नहीं रही, जब गृहस्वामी ने मुख्य दरवाजा खोलकर बाहर देखा तो उनकी बाइक भी घर के बाहर से गायब थी। इस तरह चोरों ने घर के अंदर और बाहर दोनों जगह से सामान चोरी कर लिया, जिससे परिवार को भारी नुकसान हुआ है। पुलिस जांच में जुटी, सुनसान इलाके का फायदा उठाया घटना की सूचना मिलते ही तिलैया पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। गृहस्वामी के अनुसार, उनका घर रेलवे लाइन के पास और अपेक्षाकृत सुनसान इलाके में स्थित है, जिसका फायदा चोरों ने उठाया। पुलिस आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है। संदिग्धों की तलाश में जुटी है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। वहीं, इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। उन्होंने इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। Source link

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गोड्डा में इलाज के दौरान बच्चे की मौत; हंगामा:परिजन बोले- सुई देने...

गोड्डा जिले के नगर थाना क्षेत्र स्थित लाइफ केयर अस्पताल में इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। घटना के विरोध में परिजनों ने गोड्डा-भागलपुर मुख्य सड़क को जाम कर प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान घटियारी निवासी विवेक कुमार के रूप में हुई है। बच्चे के पिता श्याराम साह ने बताया कि विवेक 30 मई से बीमार था। पहले उसे संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो दिनों तक इलाज के बावजूद उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे एक निजी क्लीनिक में दिखाया गया, जहां से लाइफ केयर अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में नर्स द्वारा सुई दिए जाने के एक घंटे के भीतर ही बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। अस्पताल ने आरोपों से किया इनकार घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चा पहले से ही गंभीर बीमारियों से ग्रसित था। अस्पताल संचालक हरि किशोर कुमार के अनुसार, बच्चे को मलेरिया, टाइफाइड और लो ब्लड प्रेशर की समस्या थी। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा और सुई ही दी गई थी। वहीं संबंधित चिकित्सक का कहना है कि बच्चे की हालत बेहद नाजुक थी और उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किया गया था। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे की मौत किसी दवा या सुई से नहीं, बल्कि उसकी गंभीर बीमारी के कारण हुई है। हालांकि, परिजनों ने अस्पताल में ऑक्सीजन और डॉक्टर की उपलब्धता जैसे बुनियादी सुविधाओं की कमी पर सवाल उठाए हैं। सड़क जाम से यातायात रहा बाधित बच्चे की मौत से गुस्साए परिजनों ने मुख्य सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि अस्पताल की लापरवाही सामने आती है तो उसका लाइसेंस रद्द किया जाए। मृतक के पिता, जो झारखंड पुलिस में कार्यरत हैं, ने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया और कहा कि उन्होंने पहले अपनी पत्नी और अब इकलौते बेटे को खो दिया है। Source link

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धान की रोपाई से पहले कर लें यह काम, 80% तक कम...

बरसात का मौसम शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी है, लेकिन इस बीच किसान धान की रोपाई की तैयारी में जुट गए हैं. अगर आप किसान हैं और धान की रोपाई करना चाहते हैं और चाहते हैं कि आगे चलकर आपकी फसल में खरपतवार न आएं, तो रोपाई से पहले यह जरूरी काम जरूर कर लें. इससे आपकी धान की फसल में खरपतवार की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी. आइए जानते हैं कि वे कौन-से जरूरी उपाय हैं, जिनसे फसल में खरपतवार नहीं उगेंगे. जानकारी के अभाव में किसान नहीं कर पाते सही खेती लोकल 18 से बातचीत में जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि पूर्वांचल में ज्यादातर किसान धान की खेती संडा विधि से करते हैं. इस विधि में पर्याप्त जानकारी के अभाव में किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. खरपतवार को नष्ट करने के लिए किसान काफी पैसा और रसायनों का उपयोग करते हैं, जबकि थोड़ी-सी जानकारी और सावधानी बरतकर इस अतिरिक्त खर्च से बचा जा सकता है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में किसान धान की नर्सरी तैयार कर रहे हैं और लगभग 21 दिन बाद संडा की रोपाई की जाती है. रोपाई से पहले कुछ आवश्यक कार्य कर लेने से खरपतवार की समस्या काफी कम हो सकती है. धान की रोपाई से 20-25 दिन पहले करें हल्की सिंचाई सोम प्रकाश गुप्ता के अनुसार, जब खेत में अंतिम रोपाई करनी हो, तो उससे 20 से 25 दिन पहले किसी भी साधन से हल्की सिंचाई कर दें. इससे खेत में मौजूद खरपतवार के बीज अंकुरित होकर उगने लगेंगे. हल्की सिंचाई के बाद खेत में उगने वाले अधिकांश खरपतवार बाहर आ जाते हैं. जब इन खरपतवारों में दो से तीन पत्तियां निकल आएं, तब रोपाई से पहले खेत में पानी भरकर कीचड़ वाली जुताई कर दें और खरपतवारों को मिट्टी में दबा दें. जब ये खरपतवार कीचड़ में दब जाएंगे और उसके बाद धान की रोपाई कर दी जाएगी, तो वे दोबारा नहीं उग पाएंगे. 80 प्रतिशत तक कम हो सकते हैं खरपतवार उन्होंने बताया कि रोपाई से पहले हल्की सिंचाई करने पर उस मौसम में उगने वाले 80 से 90 प्रतिशत खरपतवार पहले ही अंकुरित हो जाते हैं. यदि इन खरपतवारों को रोपाई से पहले कीचड़ में दबा दिया जाए, तो लगभग 80 प्रतिशत तक खरपतवार की समस्या समाप्त हो सकती है. इससे किसान खरपतवार नियंत्रण पर होने वाले अतिरिक्त खर्च से बच सकते हैं. धान की फसल में खरपतवार आने पर महंगे रसायनों और खरपतवारनाशकों का उपयोग करना पड़ता है, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए, यदि आप धान की रोपाई करने जा रहे हैं, तो पहले खेत में हल्की सिंचाई करें और उगे हुए खरपतवारों को जुताई के दौरान कीचड़ में दबा दें. इससे आपकी फसल मजबूत होगी और खरपतवार की समस्या भी काफी हद तक कम हो जाएगी. Source link

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