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नशे में विवाद, छोटे ने की बड़े भाई की हत्या:जमशेदपुर के सोनारी...

जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र में नशे की हालत में हुए विवाद के दौरान छोटे भाई ने बड़े भाई की लोहे की रॉड से पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल की गई रॉड भी बरामद कर ली है। यह घटना झाबरी बस्ती में रविवार रात हुई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय सनातन हेंब्रम के रूप में हुई है, जो अपने भाइयों के साथ रहता था। जानकारी के अनुसार, रविवार रात सनातन और उसका छोटा भाई दुखू हेंब्रम दोनों नशे में थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद शुरू हो गया, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गया। सिर पर लोहे की रॉड से कई वार किए आरोप है कि दुखू हेंब्रम ने अपने बड़े भाई सनातन के सिर पर लोहे की रॉड से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद, आरोपी दुखू घायल सनातन को घर ले आया और उसे कमरे में सुला दिया। उसने परिवार के अन्य सदस्यों को मारपीट की जानकारी नहीं दी। घरवालों को लगा कि सनातन नशे की वजह से सो रहा है। सोमवार पूरे दिन वह कमरे में पड़ा रहा और किसी ने उसकी हालत पर ध्यान नहीं दिया। सोमवार रात जब दुखू काम से लौटकर कमरे में गया, तो उसने सनातन को मृत पाया। इसके बाद उसने परिवार को घटना की जानकारी दी, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ। सूचना मिलते ही सोनारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी मधुसूदन दे ने बताया कि आरोपी दुखू हेंब्रम को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। Source link

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India Maritime Surveillance : Indian Ocean | China Surveillance | India Vs...

नई दिल्ली: हिंद महासागर जियोपॉलिटिक्स का सेंटर बन गया है क्योंकि यहीं से दुनिया का लगभग 60-70 फीसदी समुद्री व्यापार गुजरता है. इस समंदर में जो देश जितना ताकतवर होगा, दुनिया में उसी की तूती बोलेगी. यही वजह है कि चीन यहां लगातार चालबाजियां बढ़ाने में लगा है लेकिन भारत भी हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठा है. ड्रैगन पर लगाम कसने को भारत ने दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक ऐसा हाई-टेक ‘वॉर रूम’ खड़ा कर दिया है, जो समंदर में चीन की हर चाल, हर गुस्ताखी पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखता है. इसके साथ ही समंदर की रियल-टाइम सूचनाएं सीधे वॉशिंगटन से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक भेजी जाती हैं. समंदर की ‘तीसरी आंख’ है गुरुग्राम का IMAC और IFC-IOR सेंटर गुरुग्राम के इस बेहद सुरक्षित और आधुनिक परिसर में दो मुख्य सेंटर एक साथ काम करते हैं. पहला है IMAC (Information Management and Analysis Centre) और दूसरा है IFC-IOR (Information Fusion Centre – Indian Ocean Region). 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद भारत ने अपनी तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए IMAC की शुरुआत की थी. इसे भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड मिलकर चलाते हैं. ये सेंटर देश की 7,500 किलोमीटर लंबी तटरेखा की सुरक्षा करने वाला ‘नेशनल कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन एंड इंटेलिजेंस’ नेटवर्क का मुख्य दिमाग है. ये सेंटर हर साल दुनिया के 1,20,000 से ज्यादा कमर्शियल और गैर-सैन्य जहाजों को ट्रैक करता है, जिसे ‘व्हाइट शिपिंग’ डेटा कहा जाता है. तटीय रडार, अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स और जहाजों के ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) से मिलने वाले डेटा को यहां प्रोसेस किया जाता है, जिससे समंदर की एक-एक हलचल साफ दिखाई देती है. भारत से वॉशिंगटन से ऑस्ट्रेलिया तक चीन का रियल टाइम डेटा इसी परिसर में मौजूद IFC-IOR भारत की वैश्विक ताकत का सबसे बड़ा प्रतीक है. इसे साल 2018 में स्थापित किया गया था ताकि दुनिया के मित्र देशों के साथ मिलकर समुद्री खतरों से निपटा जा सके. इस सेंटर की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां दुनिया के 15 से ज्यादा देशों के ‘इंटरनेशनल लायजन ऑफिसर्स’ यानी सैन्य अधिकारी हर वक्त तैनात रहते हैं. इन देशों में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, फ्रांस, यूके, सिंगापुर और इटली जैसे बड़े और शक्तिशाली देश शामिल हैं. जब भी हिंद महासागर या उसके आसपास चीन की कोई संदिग्ध पनडुब्बी, जासूसी जहाज या कोई अवैध गतिविधि दिखती है, तो यहां बैठे अधिकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक एनालिटिक्स की मदद से सेकंडों में उसकी पहचान कर लेते हैं. ये सूचना रियल-टाइम में सीधे वॉशिंगटन और कैनबरा जैसे वैश्विक केंद्रों तक पहुंचा दी जाती है. हाल ही में क्वाड देशों के साथ मिलकर शुरू किए गए ‘इंडो-पैसिफिक पार्टनरशिप फॉर मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस’ प्रोग्राम ने इस सेंटर को दुनिया का सबसे खतरनाक सूचना केंद्र बना दिया है. भारत का मैरीटाइम सर्विलांस सेंटर (फोटो क्रेडिट- https://ifcior.indiannavy.gov.in/) चीन के ‘डार्क शिपिंग’ के खेल को कैसे फेल करता है भारत? चीन और उसके इशारे पर काम करने वाले कई अवैध जहाज समंदर में अपनी पहचान छिपाने के लिए अपना ऑटोमैटिक ट्रैकिंग सिस्टम (AIS) बंद कर देते हैं. डिफेंस की भाषा में इसे ‘डार्क शिपिंग’ कहा जाता है. चीन को लगता है कि सिस्टम बंद करके वो भारत और उसके साथियों की नजरों से बच जाएगा, लेकिन गुरुग्राम का ये सेंटर उसकी इसी चालाकी को पकड़ने में माहिर है. यहां की आधुनिक सेंसर-ड्रिवन टेक्नोलॉजी और सर्विलांस सिस्टम समंदर के ऊपर, नीचे और सतह पर होने वाली किसी भी विसंगति को तुरंत भांप लेते हैं. अगर कोई जहाज अपने तय रास्ते से जरा सा भी भटकता है या अपना सिग्नल गलत दिखाता है यानी किसी तरह की ‘स्पूफिंग’ करता है तो गुरुग्राम में तुरंत रेड अलर्ट जारी हो जाता है. इसके साथ ही भारत ने अब अंडर-वाटर सर्विलांस यानी पानी के अंदर की सर्विलांस सिस्टम को भी बेहद मजबूत कर लिया है, जिससे चीनी पनडुब्बियों का छिपकर निकलना अब नामुमकिन हो चुका है. हिंद महासागर में चीन का जहाज ड्रैगन की हर गुस्ताखी का ऑन-स्पॉट इलाज साउथ चाइना सी से लेकर हिंद महासागर तक चीन जिस तरह से छोटे देशों को डराकर अपने बेस बना रहा है, उसे रोकने में गुरुग्राम का ये सेंटर मील का पत्थर साबित हो रहा है. ये सेंटर न सिर्फ चीन की नौसैनिक हरकतों पर नजर रखता है, बल्कि समुद्री डकैती, ह्यूमन ट्रैफिकिंग, हथियारों की तस्करी, और चीन की अवैध फिशिंग को भी ट्रैक करता है. आज ये सेंटर 30 से ज्यादा देशों के साथ सीधे तालमेल बिठाकर काम कर रहा है. भारत की इस ‘मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस’ यानी समुद्री निगरानी क्षमता ने चीन को उसके ही जाल में घेर लिया है. जिनपिंग की सेना चाहे जितनी कोशिश कर लें लेकिन गुरुग्राम में बैठे भारतीय नौसेना के जांबाज और आधुनिक कंप्यूटर उनके हर चक्रव्यूह को पल भर में डिकोड कर देते हैं. Source link

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महिलाओं का ब्यूटी सीक्रेट, घर पर तैयार करें ये फेस पैक, देगा...

होमफोटोलाइफ़फैशन महिलाओं का ब्यूटी सीक्रेट, घर पर तैयार करें ये फेस पैक, देगा पार्लर जैसा निखार Last Updated:June 02, 2026, 16:01 IST Beauty Tips: झारखंड की राजधानी रांची में खासतौर पर महिलाएं घर पर एक फेस पैक का इस्तेमाल करती हैं. यह फेस पैक आटे का होता है, जो आटा साधारण तौर पर हम खाते हैं, उस आटे का इस्तेमाल करना है. रांची की ब्यूटी एक्सपर्ट ऊषा बताती हैं कि आपको थोड़ा सा आटा लेना है और उसमें थोड़ा सा गुलाब जल डाल देना है. अगर आपके पास कोई फल है जैसे पपीता या एलोवेरा जेल भी है तो चलेगा. वह थोड़ा सा डाल दीजिए और इसका पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगा लीजिए. इसे खासतौर पर बना कर दिखाया गृहिणी उषा ने. उषा बताती हैं हम लोग अक्सर घर में इस तरह का पेस्ट बनाते हैं. आटे की रोटी बनाते हैं और इसी को चेहरे पर भी इस्तेमाल करते हैं. क्योंकि, जो बाहर के क्लीनअप होते हैं. उससे हमारा चेहरा खराब हो जाता है. इसमें कई तरह के केमिकल्स का इस्तेमाल होता है. पता चला की गोरे होने गए और उल्टा और काले होकर आ जाते हैं और कई बार स्किन में रिएक्शन भी होता है. उषा बताती हैं कि इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी तरह का कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है. यह हर स्किन टाइप के लोग इसका इस्तेमाल आसानी से कर सकते हैं, चाहे सेंसिटिव हो गया ड्राई हो. आपको कुछ नहीं करना बस आटा लेना है. अगर आपके पास गुलाब जल नहीं है तो थोड़ा सा आप दूध ले लीजिए और थोड़ा सा एलोवेरा ले लीजिए. अब आपको इन तीनों को बढ़िया से मिला लेना है और मिलाने के बाद चेहरे पर 15 से 20 मिनट तक लगा हुआ रहने दें. इसके बाद आपको चेहरा बढ़िया से धो लेना है. इसके बाद ठंडे पानी से धो लेना है. उसके बाद अच्छे से मॉइश्चराइजर कर लेना है. इससे ज्यादा और कुछ नहीं करना है. आपको ब्यूटी पार्लर में क्लीनअप कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने बताया कि ये चेहरे की गंदगी को साफ करता है. चेहरे पर धूल मिट्टी की जो परत होती है. इसको यह एकदम बारीकी तौर पर हटा देता है और आपका चेहरा एकदम साफ हो जाता है. दाग धब्बे कम होते हैं. अगर गर्मी की वजह से टैन हो गया है तो उसमें भी जबरदस्त रिजल्ट देखने को मिलेगी, लेकिन एक बार लगाने के पहले अपने कान के पीछे के स्किन में पैच टेस्ट जरूर कर लें. अगर कोई एलर्जी होती है तो भूल करके इसका इस्तेमाल न करें. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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सरायकेला में जमीन कारोबारी पर फायरिंग, पैर में लगी गोली:रंगदारी न देने...

सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र के वार्ड संख्या-5 में रंगदारी न देने पर एक जमीन कारोबारी पर फायरिंग की गई। इस घटना में कारोबारी अफसर नवाज गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, अफसर नवाज जाकिरनगर रोड नंबर-20 के निवासी हैं। उन्होंने कपाली के वार्ड नंबर-5 में एक प्लॉट खरीदा है, जहां निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान तीन युवक पैदल वहां पहुंचे और कथित तौर पर रंगदारी की मांग करने लगे। युवक ने पिस्तौल निकालकर फायरिंग कर दी जब अफसर नवाज ने रंगदारी देने का विरोध किया, तो एक युवक ने पिस्तौल निकालकर फायरिंग कर दी। फायरिंग में एक गोली अफसर नवाज के पैर में लगी और आर-पार निकल गई, जबकि दूसरी गोली उनके सिर को छूते हुए निकल गई। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से पैदल ही फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही कपाली ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से दो खोखे बरामद किए हैं। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है। कपाली थाना प्रभारी धनंजय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला रंगदारी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की जांच कर रही है। Source link

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पलामू में बेटी की हत्या करने वाला पिता गिरफ्तार:प्रेमी पहले ही पहुंच...

पलामू में एक सप्ताह पहले हुए ऑनर किलिंग मामले में पुलिस ने बेटी की हत्या करने वाले पिता अगस्त कुमार महतो को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले, युवती के प्रेमी राजबली मेहता को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। यह वारदात 25 मई को लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के लोहरा गांव में हुई थी। प्रारंभिक जांच में इसे ऑनर किलिंग का मामला माना गया था। पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि युवती के प्रेमी राजबली मेहता ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल की थीं। दोनों ने गुपचुप तरीके से शादी भी कर ली थी राजबली मेहता और युवती के बीच इंस्टाग्राम के माध्यम से प्रेम संबंध था। दोनों ने गुपचुप तरीके से शादी भी कर ली थी। बाद में जब युवती ने सामाजिक रूप से शादी की मांग की, तो राजबली उससे पीछा छुड़ाना चाहता था। आरोप है कि उसने एक साजिश के तहत युवती की आपत्तिजनक तस्वीरें उसके परिजनों तक पहुंचा दीं। इन तस्वीरों को देखने के बाद परिवार में तनाव बढ़ गया। इसके बाद पिता अगस्त कुमार महतो ने अपनी बेटी की हत्या कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने 26 मई को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। पलामू एसपी कपिल चौधरी के निर्देश पर गठित टीम ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी अगस्त कुमार महतो को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर जब्त कर ली है। वहीं, इस मामले से जुड़ा एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। Source link

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DK शिवकुमार की ‘ताजपोशी’, बैंगलुरू के सरकारी दफ्तरों में कल आधे दिन...

होमताजा खबरदेश DK शिवकुमार की ‘ताजपोशी’, बैंगलुरू के सरकारी दफ्तरों में कल आधे दिन की छुट्टी Last Updated:June 02, 2026, 15:06 IST सिद्धारमैया का ‘त्याग’, ज्योतिषी का ‘मुहूर्त’ और 4 डिप्टी सीएम का सस्पेंस, कल कर्नाटक में सिर्फ कुर्सी नहीं, पूरा भूगोल बदलेगा! कर्नाटक के मनोनीत सीएम डीके शिवकुमार. बैंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति के सबसे बड़े ‘संकटमोचक’ और कांग्रेस के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार की आखिरकार ताजपोशी होने जा रही है. कर्नाटक के राजनीतिक गलियारों से आ रही सबसे बड़ी खबर के मुताबिक, कल होने वाले उनके भव्य शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर राज्य सरकार ने बैंगलुरु के कुछ प्रमुख सरकारी कार्यालयों में आधे दिन की छुट्टी घोषित कर दी है. डीके शिवकुमार के इस शक्ति प्रदर्शन और शपथ ग्रहण को लेकर पूरे बैंगलुरु को किसी दुल्हन की तरह सजाया गया है, जहां देश भर के वीवीआईपी VVIPs जुटने वाले हैं. सुरक्षा और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए ‘हाफ-डे’ का ऐलानशपथ ग्रहण समारोह बैंगलुरु के प्रतिष्ठित कांतीरवा स्टेडियम में आयोजित होगा. चूंकि डीके शिवकुमार के इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए लाखों समर्थकों और देश भर के बड़े राजनेताओं के बैंगलुरु पहुंचने की उम्मीद है, इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा और भारी ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है. सरकार के आधिकारिक आदेश के मुताबिक, स्टेडियम के आसपास और मध्य बैंगलुरु के इलाकों में स्थित सभी सरकारी दफ्तरों, बोर्डों और निगमों में कल दोपहर 1 बजे के बाद आधे दिन की छुट्टी रहेगी, ताकि आम जनता को ट्रैफिक की वजह से किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. राजनीति के ‘कनकपुरा रॉक’ का सबसे बड़ा दिनकर्नाटक की राजनीति में डीके शिवकुमार को ‘कनकपुरा रॉक’ और कांग्रेस का सबसे मजबूत सिपहसालार माना जाता है. सरकार बनाने से लेकर संकट के समय विधायकों को एकजुट रखने तक, डीके शिवकुमार ने हमेशा किंगमेकर की भूमिका निभाई है. लेकिन कल का दिन उनके खुद के ‘किंग’ बनने या राज्य की कमान आधिकारिक तौर पर पूरी ताकत से संभालने का दिन है. यही वजह है कि उनके समर्थक इस दिन को एक महा-उत्सव की तरह मना रहे हैं. कांतीरवा स्टेडियम में वीवीआईपी का जमावड़ाकल होने वाले इस भव्य समारोह के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं. बैंगलुरु पुलिस ने कांतीरवा स्टेडियम के चारों ओर मल्टी-लेयर सिक्योरिटी तैनात की है. ट्रैफिक एडवाइजरी: पुलिस ने कल के लिए एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) की ओर जाने वाले कई रास्तों को डायवर्ट किया गया है. कौन-कौन आ रहा है?: इस समारोह में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व गांधी परिवार और मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा देश के कई विपक्षी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और दिग्गज नेताओं के शामिल होने की पूरी संभावना है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें राजनीति के ‘कनकपुरा रॉक’ का सबसे बड़ा दिनकर्नाटक की राजनीति में डीके शिवकुमार को ‘कनकपुरा रॉक’ और कांग्रेस का सबसे मजबूत सिपहसालार माना जाता है. सरकार बनाने से लेकर संकट के समय विधायकों को एकजुट रखने तक, डीके शिवकुमार ने हमेशा किंगमेकर की भूमिका निभाई है. लेकिन कल का दिन उनके खुद के ‘किंग’ बनने या राज्य की कमान आधिकारिक तौर पर पूरी ताकत से संभालने का दिन है. यही वजह है कि उनके समर्थक इस दिन को एक महा-उत्सव की तरह मना रहे हैं. कांतीरवा स्टेडियम में वीवीआईपी का जमावड़ाकल होने वाले इस भव्य समारोह के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं. बैंगलुरु पुलिस ने कांतीरवा स्टेडियम के चारों ओर मल्टी-लेयर सिक्योरिटी तैनात की है. ट्रैफिक एडवाइजरी: पुलिस ने कल के लिए एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) की ओर जाने वाले कई रास्तों को डायवर्ट किया गया है. कौन-कौन आ रहा है?: इस समारोह में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व गांधी परिवार और मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा देश के कई विपक्षी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और दिग्गज नेताओं के शामिल होने की पूरी संभावना है. किसकी छुट्टी रहेगी?कर्नाटक सरकार के कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग (DPAR) ने छुट्टी के लिए बाकायदा आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है. जब भी कर्नाटक में किसी बेहद बड़े कद के नेता का शपथ ग्रहण या कोई बड़ा राजनीतिक समागम होता है, तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैंगलुरु के चिन्हित इलाकों में इस तरह की छुट्टी का ऐलान किया जाता रहा है. नोटिफिकेशन के मुताबिक छुट्टी सिर्फ उन्हीं दफ्तरों में है जहां सबसे ज्यादा वीवीआईपी मूवमेंट और ट्रैफिक ब्लॉक होने वाला है. निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस हाईकमान के आदेश का सम्मान करते हुए 28 मई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. कर्नाटक के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सीएम रहने वाले सिद्धारमैया ने खुद विधायक दल की बैठक में डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा था. यह महज एक आम शपथ ग्रहण नहीं है, बल्कि कांग्रेस के भीतर 2023 से चले आ रहे ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद के ‘पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट’ का सुपर शो है. शपथ ठीक 4:05 बजे ही क्यों?डीके शिवकुमार राजनीति के धुरंधर होने के साथ-साथ पंचांग और ज्योतिष में अटूट विश्वास रखते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स और उनके पारिवारिक ज्योतिषक ‘आराध्या’ के मुताबिक, 3 जून को दोपहर ठीक 4:05 बजे का समय उनके लिए सबसे बड़ा ‘राजयोग’ बना रहा है. यही वजह है कि शपथ ग्रहण का मुहूर्त बिल्कुल मिनट-टू-मिनट तय किया गया है. शपथ लेने से ठीक पहले वो अपने पसंदीदा ‘कदासिद्देश्वर मठ’ में विशेष पूजा-अर्चना भी करेंगे. खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें login Source link

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खेती की तस्वीर बदल देगी यह मशीन! बिना जुताई सीधे होगी बुआई,...

होमताजा खबरकृषि खेती की तस्वीर बदल देगी यह मशीन! बिना जुताई सीधे होगी बुआई, जानें फायदे Last Updated:June 02, 2026, 14:46 IST खेती में अब आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. इससे किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर मुनाफा मिल रहा है. खासकर खरीफ सीजन में धान और अन्य फसलों की बुआई के लिए नई तकनीकें किसानों का काम आसान बना रही हैं. पारंपरिक खेती में खेत की कई बार जुताई करनी पड़ती है, जिससे डीजल, मजदूरी और समय अधिक लगता है. वहीं आधुनिक मशीनों की मदद से किसान कम समय में बुआई कर सकते हैं और खेती की लागत भी घटा सकते हैं. पलामू: खेती अब केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रह गई है. बदलते समय के साथ किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. खासकर खरीफ सीजन में धान और अन्य फसलों की बुआई किसानों के लिए बड़ी चुनौती होती है. खेत की जुताई, मजदूरी और समय की अधिक जरूरत के कारण खेती की लागत बढ़ जाती है. ऐसे में जीरो टिलेज मशीन किसानों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है. बिना जुताई किए बीजों की बुआईपलामू जिले में इन दिनों किसान खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं. पारंपरिक खेती में बुआई से पहले खेत की कई बार जुताई करनी पड़ती है, जिससे डीजल, मजदूरी और समय की खपत बढ़ जाती है. वहीं, सीड ड्रिल या जीरो टिलेज तकनीक इस प्रक्रिया को काफी आसान बना रही है. इस मशीन की मदद से बिना जुताई किए सीधे खेत में बीजों की बुआई की जा सकती है. यह तकनीक अधिक लाभदायकक्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, चियांकी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अखिलेश शाह ने बताया कि जीरो टिलेज मशीन ट्रैक्टर से संचालित होने वाली आधुनिक तकनीक है, जो किसानों की लागत को काफी हद तक कम करती है. उन्होंने कहा कि धान की खेती में इस तकनीक का उपयोग करने से किसानों को बेहतर लाभ मिल सकता है. मशीन खेत में मौजूद फसल अवशेषों के बीच ही बीज की बुआई कर देती है. बाद में यही अवशेष सड़कर प्राकृतिक खाद का काम करते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है. यही कारण है कि जैविक खेती करने वाले किसानों के लिए यह तकनीक अधिक लाभदायक मानी जाती है. सिंचाई की जरूरत कमउन्होंने बताया कि जीरो टिलेज मशीन से केवल धान ही नहीं, बल्कि अरहर, गेहूं, चना समेत कई फसलों की बुआई की जा सकती है. इसी वजह से इसे मल्टी क्रॉप मशीन भी कहा जाता है. इस तकनीक से समय की बचत होती है, सिंचाई की जरूरत कम पड़ती है और उत्पादन लागत में कमी आती है, जिससे किसानों का मुनाफा बढ़ता है. कीमत करीब 50 हजार रुपयेकृषि वैज्ञानिक के अनुसार बाजार में इस मशीन की कीमत करीब 50 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक है. कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत किसान इस मशीन पर अनुदान का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल कर खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं. जीरो टिलेज तकनीक इसी बदलाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभर रही है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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एम्स देवघर में अत्याधुनिक रक्त केंद्र का उद्घाटन:सांसद निशिकांत दुबे ने कहा-...

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) देवघर में मंगलवार को अत्याधुनिक रक्त केंद्र का उद्घाटन किया गया। गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने सी ब्लॉक के प्रथम तल पर स्थित रक्त आधान चिकित्सा एवं रक्त कोष विभाग द्वारा स्थापित इस केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देवघर को एम्स की सौगात मिली है, जो संथाल परगना और आसपास के क्षेत्रों के लिए वरदान है। उन्होंने जोर दिया कि गंभीर बीमारियों और आपातकालीन स्थितियों में रक्त की आवश्यकता होती है। यह नया रक्त केंद्र मरीजों और उनके परिजनों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में सहायक होगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह सुविधा बिहार, पश्चिम बंगाल और पड़ोसी जिलों के लोगों के लिए भी फायदेमंद होगी। एम्स प्रशासन के अनुसार, यह नया रक्त केंद्र रक्त संग्रह, सुरक्षित भंडारण और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त की आपूर्ति को सुदृढ़ करेगा। इससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं मजबूत होंगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इस अवसर पर एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गनगणे और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार उपस्थित थे। संस्थान के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, अधिकारी और अन्य गणमान्य अतिथि भी समारोह में शामिल हुए। रक्त आधान चिकित्सा एवं रक्त कोष विभाग के एफआईसी डॉ. इंद्रनील दास और सहायक प्रोफेसर डॉ. गिरीश सिंह क्षत्रिया ने इसे संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। एम्स प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह केंद्र मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराएगा और क्षेत्र की चिकित्सा व्यवस्था को मजबूती देगा। Source link

झारखंड

BMW प्लांट रंगदारी मामला; प्रिंस खान का सहयोगी गिरफ्तार:व्हाट्सएप पर किया संपर्क,...

बोकारो पुलिस ने BMW प्लांट से रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कुख्यात प्रिंस खान गैंग के मुख्य सहयोगी राकेश कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी गैंग के विस्तार और प्रभाव बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था। जिस मामले में गिरफ्तारी हुई है, वह 12 मार्च का है। जानकारी के अनुसार BMW प्लांट के मैनेजर सुरेश कुमार सिंह ने 12 मार्च को मामला दर्ज कराया था। उन्होंने औद्योगिक ओपी बालीडीह में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के नाम पर फैक्ट्री लगाने के एवज में रंगदारी मांगी जा रही थी। धमकी दी जा रही थी। इस शिकायत के आधार पर बालीडीह थाना में कांड संख्या 56/26 दर्ज किया गया। इसके बाद, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। आरोपी ने स्वीकार की अपनी गलती एसआईटी ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा करते हुए राकेश कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने स्वीकार किया कि वह प्रिंस खान के अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर के संपर्क में था। उसी के निर्देश पर उसने धमकी भरा पर्चा अपने हाथ से लिखकर घटनास्थल पर छोड़ा था। बाद में प्रिंस खान ने उस पर्चे का वीडियो अपने फेसबुक अकाउंट पर वायरल कर कंपनी को दोबारा धमकी दी थी। दो खातों में ट्रांसफर कराए थे 1.50 लाख रुपए पुलिस के अनुसार, इस काम के बदले प्रिंस खान ने आरोपी के दो बैंक खातों में कुल 1.50 लाख रुपए भेजे थे। इस वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच अभी जारी है। आरोपी के पास से एक रेडमी-8 मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसकी जांच में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। इस मोबाइल में प्रिंस खान के साथ कई व्हाट्सएप कॉल और बातचीत के रिकॉर्ड भी मौजूद हैं।गिरफ्तार राकेश कुमार (37) बोकारो के सेक्टर-2सी का निवासी है। उसका पूर्व में भी चोरी के एक मामले में आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। Source link

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Gold & RBI : रिजर्व बैंक बेच सकता है 83 टन सोना!...

Last Updated:June 02, 2026, 13:51 IST RBI Gold Reserve : ब्‍लूमबर्ग ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि आरबीआई अपने गोल्‍ड रिजर्व में से 12 अरब डॉलर मूल्‍य का सोना बेच सकता है. इन पैसों का इस्‍तेमाल विदेशी मुद्रा जैसे डॉलर को खरीदने में किया जाएगा. अगर ऐसा होता है तो रिजर्व बैंक का गोल्‍ड रिजर्व करीब 83 टन कम हो जाएगा. रुपये की गिरावट को थामने के लिए आरबीआई सोना बेच सकता है. नई दिल्‍ली. ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध ने भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर इस कदर असर डाल दिया है कि रिजर्व बैंक को अपने खजाने से अरबों डॉलर का सोना बेचना पड़ सकता है. ब्‍लूमबर्ग के इकनॉमिस्‍ट का कहना है कि मिडल ईस्‍ट में चल रहे युद्ध की वजह से भारतीय करेंसी पर काफी दबाव पड़ रहा है. करेंसी में गिरावट की वजह से देश का आयात बिल भी लगातार बढ़ता जा रहा है. अब इस दोहरी मुसीबत से निपटने के लिए रिजर्व बैंक को अपने खजाने में से कई टन सोना बेचकर विदेशी मुद्रा खरीदनी पड़ सकती है. ब्‍लूमबर्ग के हवाले से मनीकंट्रोल ने बताया है कि आरबीआई को अपने गोल्‍ड रिजर्व में से करीब 12 अरब डॉलर (1.20 लाख करोड़ रुपये) मूल्‍य का सोना बेचना पड़ सकता है. ब्‍लूमबर्ग के भारतीय इकनॉमिस्‍ट अभिषेक गुप्‍ता का कहना है कि 22 मई से शुरू हुए सप्‍ताह से लेकर अगले 2 हफ्ते में आरबीआई 12 अरब डॉलर का सोना बेचकर उन पैसों से विदेशी मुद्रा की खरीद कर सकता है. उन्‍होंने अनुमान लगाया कि आरबीआई करीब 7.5 अरब डॉलर खर्च करके विदेशी मुद्रा की संपत्तियां खरीद सकता है. क्‍यों आई सोना बेचने की नौबतअभिषेक गुप्‍ता का कहना है कि सरकार की ओर से पिछले दिनों सोने और चांदी पर आयात शुल्‍क बढ़ाए जाने के बाद आरबीआई के रिजर्व में मौजूद बुलियन की कीमत बढ़ गई है. साथ ही डॉलर के मूल्‍य में भी बढ़ोतरी दिख रही है. यही वजह है कि रिजर्व बैंक को सोना बेचने की सलाह दी गई है. एक्‍सपर्ट का कहना है कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था अभी रुपये में गिरावट के साथ होर्मुज जलडमरूमध्‍य बंद होने की वजह महंगे तेल के आयात का बोझ भी झेल रही है. ऐसे में रिजर्व बैंक चालू खाते के घाटे के दबाव से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने पर जोर दे रहा है. यही वजह है कि अपने खजाने में से सोने को बेचकर डॉलर खरीदने पर दांव लगाने की मंशा है. कर्ज भी हो सकता है महंगाब्‍लूमबर्ग ने पहले ही रिपोर्ट दी थी कि आरबीआई गवर्नर संजय मल्‍होत्रा रुपये को स्थिर करने के लिए सभी विकल्‍पों पर विचार कर रहे हैं. इसमें रेपो रेट बढ़ाने से लेकर विदेशी निवेशकों से डॉलर जुटाना तक शामिल है. आरबीआई के अभी तक उठाए गए कदमों की वजह से ही रुपये में थोड़ी मजबूती आई है. 20 मई को यह एशिया की सबसे कमजोर करेंसी बनकर ऑल टाइम डाउन हो गया था, लेकिन मंगलवार को यह 0.20 फीसदी की गिरावट के साथ 95.17 रुपये पर दिख रहा है. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रूड आयातक देश है, लेकिन मि‍डल ईस्‍ट में मचे कोहराम की वजह से भारत का खजाना तेल खरीदने पर तेजी से खाली हो रहा है. आरबीआई के पास कितना सोनारिजर्व बैंक के पास मार्च, 2026 तक करीब 880.52 मीट्रिक टन सोने का भंडार रहा, जिसमें से 77 फीसदी सोना देश में ही रखा हुआ है. 6 महीने पहले तक देश में आरबीआई के कुल गोल्‍ड भंडार का 66 फीसदी था, लेकिन इस दौरान रिजर्व बैंक ने 10 फीसदी रिजर्व और बढ़ा दिया है. देश का शेष 23 फीसदी सोना बैंक ऑफ इंग्‍लैंड और बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट के पास रखा हुआ है. अगर रिजर्व बैंक इसमें से 12 अरब डॉलर कीमत का सोना बेचता है तो यह वजन में करीब 82.6 मीट्रिक टन के आसपास होगा. ग्‍लोबल मार्केट में सोने का भाव अभी 4,500 डॉलर प्रति औंस चल रहा है. इसी भाव से 12 अरब डॉलर में करीब 83 टन सोना आएगा. अगर यह बिक्री होती है तो आरबीआई के पास 797.50 मीट्रिक टन सोने का भंडार बचेगा. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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