भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

झारखंड

आउटिंग के लिए बेस्ट है रांची का ‘मिनी गोवा’, बीच में टापू,...

Last Updated:May 30, 2026, 12:06 IST Ranchi Best Place To Visit: गर्मी और शहर की भागदौड़ से कुछ देर सुकून चाहिए, तो रांची से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित गेतासुल डैम और रुक्का डैम आपके लिए बेहतरीन जगह साबित हो सकती है. यहां की प्राकृतिक खूबसूरती लोगों का मन मोह लेती है. डैम तक पहुंचने वाली हरियाली से घिरी सड़क किसी फिल्मी सीन जैसी लगती है, जो सफर को और भी खास बना देती है. झारखंड की राजधानी रांची से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है गेतासुल डैम और रुक्का डैम. यहां की खूबसूरती तो है ही बेमिसाल. यहां पर आप आते हैं तो बहुत ही खूबसूरत और रोमांटिक सड़क भी देखने को मिलती है. यहां पर आपको बिल्कुल भी गर्मी का ऐहसास नही होगा. लोग यहां पर आकर वॉटर एक्टिविटीज का भी आनंद लेते हैं. ऐसे में गर्मी के दिनों में इंजॉय करना चाहते हैं तो यहां पर जरूर आएं. लोग पानी के बीच में जाकर डांस करते हैं और रील बनाते हैं. यहां पर आपको गर्मी का बिल्कुल भी एहसास नहीं होगा और पानी का पूरा आनंद ले सकते हैं, स्विमिंग कर सकते हैं. बस एक बात का ध्यान रखना है, शाम के 6:00 बजे के बाद आपके यहां नहीं रुकना है और अकेले न आएं तो अच्छा है. कुछ लोग इस जगह को मिनी गोवा कहते हैं तो कुछ लोग मिनी कश्मीर. जिसके मन में जो आए जो जिस तरीके से इस जगह को देखें, उन्होंने इस जगह को वह नाम दे रखा है. दरअसल, यहां पानी का स्तर कम है और गोवा जैसी लहरें आती हैं. साथ ही, खूबसूरत वादिया और ठंडी हवा आपको कश्मीर की याद दिला देगी. यहां पर अक्सर शहर के मुकाबले 7-9 डिग्री तक कम टेंपरेचर रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google यहां की खास बात यह है कि जब आप इन दो दोनों जगह जाएंगे तो आपको बेहद ही खूबसूरत सड़क देखने को मिलेगी. दोनों तरफ पहाड़ बीच में एकदम चिकनी सड़क, तो ऐसे में आप लॉन्ग ड्राइव का भी जबरदस्त अनुभव ले सकते हैं. सड़क के किनारे भी छोटे-छोटे झरने देखने को मिलेंगे. ऐसे में लोग रुककर सेल्फी भी लेते हैं. यहां पर पहुंचने के बाद आपको बहुत ही खूबसूरत टापू देखने को मिलेगा. डैम के बीच में एक बहुत ही खूबसूरत टापू है, जहां सिर्फ पेड़ पौधे और हरियाली है. वहां पर लोग बोट से जाते हैं ऐसे में बोटिंग का भी आनंद ले सकते हैं. यही भी बगल में लोग आराम से मैगी से लेकर नॉनवेज तक पकाते हैं और डीजे में गाना बजा कर जमकर नाचते गाते हैं. Source link

झारखंड

सिमडेगा: श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ दो से

भास्कर न्यूज | सिमडेगा मुख्यालय के आनंद भवन धर्मशाला में अध्यात्म और भक्ति का एक अनूठा संगम होने जा रहा है। पवित्र अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के शुभ अवसर पर शहर में संगीतमयी शैली में सार्वजनिक श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।​महिला समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह दिव्य आयोजन 2 जून 2026 से प्रारंभ होने जा रहा है। सनातन धर्म में मान्यता है कि पुरुषोत्तम मास में श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही जीव का उद्धार हो जाता है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। आयोजन समिति ने ​ सभी सनातन प्रेमी भाई-बहनों और श्रद्धालुओं से सादर अनुरोध किया है कि वे इस दिव्य कथा अमृत का रसपान करने के लिए सपरिवार पधारें और पुण्य के भागी बनें। उधर कार्यक्रम की तैयारी जोरों पर है। तेजी से प्रचार प्रसार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं में बी उत्साह देखा जा रहा है। Source link

झारखंड

वैभव सूर्यवंशी के फैन हुए अमिताभ बच्चन:बोले- इस उम्र में हम गुल्ली-डंडा...

IPL 2026 से वैभव सूर्यवंशी की टीम राजस्थान रॉयल्स बाहर हो चुकी है। गुजरात टाइटंस ने क्वालिफायर-2 मुकाबले में राजस्थान को 7 विकेट से हरा दिया। फाइनल की रेस से बाहर होने के बाद वैभव सूर्यवंशी रो पड़े। राजस्थान रॉयल्स की टीम भले ही IPL से बाहर हो गई हो, लेकिन टीम के ओपनर बल्लेबाज और बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने अपने परफॉर्मेंस से दुनियाभर के क्रिकेट एक्सपर्ट से लेकर बॉलीवुड तक अपना ध्यान खींचा है। इस बीच सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा, ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ वैभव बनेंगे झारखंड स्वास्थ्य विभाग के ब्रांड एंबेसडर वहीं, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने वैभव सूर्यवंशी को झारखंड स्वास्थ्य विभाग का ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा की है। उन्होंने X पर लिखा, वैभव, भले ही तुम्हारी टीम मैच हार गई हो, लेकिन तुम करोड़ों भारतीयों का दिल जीत चुके हो। मैं स्वयं क्रिकेट का खिलाड़ी रहा हूं, लेकिन इतनी कम उम्र में बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों का जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता से सामना करते हुए लगातार धुनाई करना, यह असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है। तुमने केवल अपना नाम ही नहीं, बल्कि अपने माता-पिता, बिहार और पूरे हिंदुस्तान का नाम रोशन किया है। इसके लिए तुम्हें दिल से बधाई देता हूं। जल्द ही मैं तुम्हें झारखंड में सम्मानित करूंगा।’ IPL 2026 मैं वैभव सूर्यवंशी की धमाकेदार परफॉरमेंस जानिए.. वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाए, क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा IPL में राजस्थान की ओर से खेलने वाले बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने बुधवार को एलिमिनेटर मुकाबले में क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। गेल ने 2012 में IPL के एक सीजन में 59 छक्के जमाए थे। जबकि सूर्यवंशी ने इस सीजन 65 छक्के लगाए। 65 छक्के के साथ वैभव IPL के इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी देख क्रिस गेल भी उनके मुरीद हो गए। इंडियन स्पोर्ट्स नेटवर्क के मुताबिक, गेल ने कहा, मैंने पहले ही कहा था कि अगर कोई मेरा रिकॉर्ड तोड़ सकता है, तो वह सिर्फ वैभव सूर्यवंशी ही होंगे। आज मुझे बेहद खुशी है कि वैभव सूर्यवंशी ने एक ही सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का मेरा रिकॉर्ड तोड़ दिया। महज 15 साल की उम्र में ऐसा करना आसान नहीं है और इतनी कम उम्र में दुनिया में किसी ने यह उपलब्धि हासिल नहीं की। सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होंने साईं सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s पर आउट होने की बराबरी की वैभव ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था। पहले जानिए वैभव की बैटिंग पर किसने क्या कहा Source link

ताज़ा खबर

UPSC vs NTA Paper Leak: यूपीएससी का सीक्रेट फॉर्मूला vs NTA का...

Last Updated:May 30, 2026, 11:25 IST UPSC vs NTA Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए के कायाकल्प का खाका मांगा है. आखिर यूपीएससी में कभी कोई पेपर लीक क्यों नहीं होता, जबकि एनटीए में धांधली रुकने का नाम नहीं ले रही? समझिए इसकी वजह. UPSC vs NTA Exams: यूपीएससी और एनटीए के वर्किंग सिस्टम में कई अंतर हैं नई दिल्ली (UPSC vs NTA Paper Leak). देश में नीट यूजी 2026 पेपर लीक और डिजिटल ‘गेस पेपर’ बिक्री कांड के बाद मचे हाहाकार के बीच सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने साफ लफ्जों में कहा कि स्थिति बेहद संवेदनशील है और NTA के पूरे कायाकल्प का खाका अदालत के सामने पेश किया जाए. सुप्रीम कोर्ट की इन तल्ख टिप्पणियों के बीच अब इस बात को लेकर बहस तेज हो गई है कि आखिर देश का परीक्षा सिस्टम कहां फेल हो रहा है. कोर्ट ने सरकार की उच्च स्तरीय समिति (डॉ. के राधाकृष्णन कमेटी) से भी सवाल किया है कि इतनी निगरानी के बाद भी नीट पेपर लीक कैसे हो गया और ऐसी कौन सी खामी रह गई जो पकड़ में नहीं आई? जो देश यूपीएससी जैसी बेहद प्रतिष्ठित और जटिल परीक्षा बिना किसी दाग के सालों से करा रहा है, वही देश एनटीए के तहत होने वाली परीक्षाओं में बार-बार फेल हो रहा है. आखिर एनटीए की साख पूरी तरह मटियामेट क्यों हो रही है? जानिए UPSC का सिस्टम कैसे ‘लीक प्रूफ’ बना और NTA का ढांचा क्यों बार-बार ढह जाता है. यूपीएससी वर्सेस एनटीए: वो 7 बड़े कारण जिसने दोनों का ढर्रा बदला यूपीएससी यानी संघ लोक सेवा आयोग और एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के काम करने के तरीके और उनकी बनावट में 7 बुनियादी अंतर हैं, जो एक को अभेद्य दीवार बनाते हैं और दूसरे को असुरक्षित: संवैधानिक स्वायत्तता बनाम गैर-संवैधानिक ढांचा: यूपीएससी संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत एक स्वायत्त संस्था है, जिसमें बाहरी राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप 0 होता है. दूसरी तरफ, एनटीए महज सोसाइटी एक्ट के तहत पंजीकृत संस्था है, जिसके पास वैधानिक शक्तियों की कमी है. स्थायी कैडर की कमी: यूपीएससी के पास अपना समर्पित और स्थायी प्रशासनिक ढांचा है जो सालों से गोपनीयता की संस्कृति को बनाए रखता है. इसके उलट, एनटीए में स्थायी कैडर की कमी है और यह पूरी तरह आउटसोर्स और प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर आए कर्मचारियों के भरोसे चलती है. ब्लाइंड पेपर सेटिंग: यूपीएससी में प्रश्नपत्र तैयार करने वाले एक्सपर्ट को अंतिम समय तक नहीं पता होता कि उनका सेट किया हुआ पेपर चुना जाएगा या नहीं. NTA में वेंडर-बेस्ड आउटसोर्सिंग के कारण छपाई और टेक्निकल मैनेजमेंट के लिए अक्सर प्राइवेट थर्ड-पार्टी वेंडर्स पर निर्भर रहना पड़ता है. इन-हाउस सीक्रेट प्रिंटिंग: यूपीएससी के पेपर की छपाई बहुत सुरक्षित, चुनिंदा और बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटे हुए ‘आइसोलेटेड प्रिंटिंग प्रेस’ में होती है. एनटीए के केस में दूर-दराज के अनवेरिफाइड निजी स्कूलों और केंद्रों को भी एग्जाम सेंटर बना दिया जाता है, जिससे सुरक्षा में सेंध आसान होती है. कमजोर लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन: यूपीएससी के पेपर के लिए किसी निजी कूरियर के बजाय सीधे राज्य पुलिस और सरकारी मजबूत कमरों (स्ट्रॉन्ग रूम) का उपयोग होता है, जबकि एनटीए में कई बार निजी कूरियर सेवाओं का सहारा लिया जाता है, जिससे रास्ते में पेपर लीक का खतरा रहता है. ओएमआर बेस्ड फॉर्मेट: एनटीए की नीट जैसी परीक्षाओं में ऑब्जेक्टिव (OMR) पैटर्न होता है, जिसे सॉल्वर गैंग के लिए उत्तर कुंजी के जरिए लीक करना आसान होता है. इसके उलट यूपीएससी मुख्य परीक्षा का फॉर्मेट सब्जेक्टिव और एनालिटिकल होता है, जिसे रटकर या लीक से पास नहीं कर सकते. सिंगल-पॉइंट फेलियर मॉडल: एनटीए के मेगा-एग्जाम में देश के किसी भी एक कोने में सुरक्षा चक्र टूटने पर पूरी राष्ट्रीय परीक्षा पर असर पड़ता है. साथ ही, परीक्षा कराने में कई कमेटियां और वेंडर्स बिखरे हुए हैं, जिससे लीक होने पर हर कोई एक-दूसरे पर उंगली उठाता है. एनटीए की परीक्षाओं का लीक इतिहास: कब-कब दागदार हुआ सिस्टम? एनटीए के गठन (2017) के बाद से कई बार इसकी परीक्षाओं पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं: नीट यूजी 2021 और 2024 विवाद: साल 2021 में ओएमआर शीट लीक और सॉल्वर गैंग के एक्टिव होने की खबरें आईं. इसके बाद 2024 में नीट यूजी परीक्षा के दौरान ओएसिस स्कूल (हजारीबाग) और पटना में पेपर लीक का मामला सामने आया, जिसकी जांच अभी भी सीबीआई कर रही है. नीट यूजी 2026 महा-संकट: मई 2026 में हुए एग्जाम में डिजिटल माध्यमों और WhatsApp ग्रुप्स पर बकायदा हूबहू ‘गेस पेपर’ (जिसमें 180 में से 120 सवाल मैच कर गए) वायरल होने के बाद सरकार को परीक्षा रद्द कर री-नीट का आदेश देना पड़ा. UGC NET परीक्षाओं पर संकट: साल 2022 (अक्टूबर) में इतिहास के पेपर लीक के दावे और हाल के वर्षों में डार्क नेट पर यूजीसी नेट के इनपुट मिलने के बाद परीक्षाओं की शुचिता बार-बार प्रभावित हुई है, जिससे एनटीए के डिजिटल और फिजिकल सुरक्षा चक्रों पर सवालिया निशान लग गया है. About the Author Deepali PorwalSenior Sub Editor Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

ट्रफ लाइन के असर से पारे में भारी गिरावट, आज और कल...

Last Updated:May 30, 2026, 08:57 IST झारखंड में ट्रफ लाइन गुजरने से मौसम का मिजाज बदल गया है. जिससे रांची समेत कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 4 से 5 डिग्री तक गिर गया. इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है. हालांकि, मौसम विभाग ने आज और कल तेज आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है. ख़बरें फटाफट झारखंड वेदर अपडेट रांची: झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है. राजधानी रांची समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है. मौसम के इस बदले मिजाज के कारण प्रदेश के कई इलाकों में मौसम सुहाना हो गया है. क्यों बदला मौसम का मिजाज? मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार इस बदलाव के पीछे एक मजबूत मौसमी सिस्टम काम कर रहा है. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि मध्य पाकिस्तान से शुरू होकर राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए ओडिशा तक एक ट्रफ लाइन (द्रोणिका रेखा) गुज़र रही है, जो झारखंड के ऊपर से होकर जा रही है. इसी निम्न दबाव की ट्रफ लाइन के प्रभाव के कारण राज्य के वायुमंडल में बदलाव आया है और आंधी-बारिश की स्थिति बनी हुई है. आज और कल के लिए चेतावनी जारी इस सिस्टम के सक्रिय होने से रांची और इसके आसपास के इलाकों समेत राज्य के अधिकांश जिलों में शनिवार और रविवार को भी मौसम खराब रहने की आशंका है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों (आज और कल) के लिए राज्य में तेज आंधी के साथ गरज-चमक, मूसलाधार बारिश और कुछ स्थानों पर वज्रपात (ठनका) होने का पूर्वानुमान जारी किया है. पूर्वी और मध्य झारखंड में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने के संकेत हैं. मौसम की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने किसानों और आम लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है. रांची का तापमान और आगे का अनुमान शुक्रवार को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. हालांकि, वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी। अगले पांच दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में एक बार फिर 4 से 5 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे गर्मी दोबारा पैर पसारेगी. फिलहाल, अगले कुछ दिनों तक आंशिक बादल छाए रहेंगे और दोपहर में तेज धूप के साथ-साथ हल्की बारिश व गरज-चमक का दौर जारी रहेगा. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

खड़िया महाडोकलो की समीक्षा बैठक, युवाओं को जोड़ने पर जोर

सिमडेगा| 87वें अखिल भारतीय खड़िया महाडोकलो सम्मेलन के बाद समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज की भागीदारी और भविष्य की व्यवस्थाओं पर मंथन हुआ।फादर जी हेरमन ने सम्मेलन में युवाओं की कम उपस्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में युवा अपनी संस्कृति के प्रति उदासीन हो रहे हैं। माता-पिता को बच्चों को सही राह दिखाने की जरूरत है। संस्कृति और पहचान बचाने के लिए युवा पीढ़ी को जागरूक करना जरूरी है। बताया गया कि युवाओं को जोड़ने के लिए स्कूल-कॉलेजों में नई खड़िया यूथ कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया। इससे अखिल भारतीय खड़िया महासंघ में युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी।अल्फोंस डुंगडुंग ने आगामी आयोजनों के लिए समय पर सूचना और बेहतर प्रबंधन की बात कही। कार्यकारिणी स्थानीय समितियों से पहले समन्वय कर तैयारी करेगी।बैठक में निवर्तमान महासोहोर व टीम को योगदान के लिए धन्यवाद दिया गया। नए महासोहोर रजत कुमार टेटे और नई टीम का स्वागत किया गया। समाज को सामाजिक-आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सहयोग की अपील की गई। मौके पर जोन डुंगडुंग, रतिया इंतजार, जेवियर सोरेंग, इसीदोर केरकेट्टा, किरण कुल्लू, मुक्ता टेटे, अंकिता डुंगडुंग, मीडिया प्रभारी अनुरंजन किड़ो सहित कई बुद्धिजीवी मौजूद थे। Source link

झारखंड

‘108 एंबुलेंस’ नहीं आई तो प्राइवेट एंबुलेंस को 2800 देकर पहुंचे रिम्स

‘108 पर फोन किया था, बोले गाड़ी भेज रहे हैं… लेकिन मरीज की सांसें टूटने लगीं, इसलिए प्राइवेट एंबुलेंस करनी पड़ी…’ यह दर्द सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि झारखंड की बदहाल 108 एंबुलेंस सेवा की हकीकत बन चुका है। ओरमांझी के नजदीक एक गांव से रिम्स पहुंचे एक मरीज के परिजन ने बताया कि करीब 26 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए उन्हें 2800 रुपए देने पड़े। राज्य में गंभीर मरीजों के लिए लाइफलाइन मानी जाने वाली 108 सेवा अब खुद इमरजेंसी में नजर आ रही है। कॉल सेंटर में बात होने के बाद भी कई जगहों पर एंबुलेंस एक-एक घंटे तक नहीं पहुंच रही। मजबूरी में मरीजों के परिजन निजी एंबुलेंस या किराये की गाड़ियों का सहारा लेने को विवश हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि शुक्रवार दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक रिम्स इमरजेंसी में पहुंचे 26 मरीजों में से कई निजी एंबुलेंस से लाए गए थे। इनमें 9 मरीजों के परिजनों ने बताया कि उन्होंने पहले 108 सेवा को फोन किया था, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई। मरीज की हालत बिगड़ती देख उन्हें निजी एंबुलेंस करनी पड़ी। 108 सेवा समय पर नहीं मिलने का फायदा निजी एंबुलेंस चालक उठा रहे हैं। झारखंड के शहरी क्षेत्र में रिस्पॉन्स टाइम 25 मिनट है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 40 मिनट है। लेकिन दुर्भाग्य है कि झारखंड में 80% मामलों में रिस्पॉन्स टाइम फेल साबित होता है। बड़ा सवाल : भरोसा किस पर करें राज्य में 108 एंबुलेंस सेवा को गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए सबसे बड़ी राहत माना जाता है। लेकिन जब गंभीर मरीज को अस्पताल पहुंचाने में ही एक-एक घंटे की देरी होने लगे, तो सवाल पूरे सिस्टम पर उठना तय है। अब नई एजेंसी का चयन होने तक मरीजों की जिंदगी इंतजार में अटकी हुई रहेगी। मेंटेनेंस में लापरवाही से बिगड़ी स्थिति एजेंसी को केवल एंबुलेंस चलाने ही नहीं, बल्कि उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी गई थी। लेकिन कई गाड़ियों का समय पर मेंटेनेंस नहीं हुआ। खराब होने के बाद एंबुलेंस लंबे समय तक ऑफ रोड खड़ी रहीं। नतीजा यह हुआ कि जरूरत के समय सड़क पर एंबुलेंस कम दिखीं और मरीजों को सेवा नहीं मिल सकी। लगातार शिकायतों के बाद एनएचएम ने खत्म किया संचालन एजेंसी से करार 108 सेवा को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने एंबुलेंस संचालन कर रही एजेंसी के साथ हुआ करार खत्म कर दिया है। करीब एक वर्ष में एजेंसी के खिलाफ 100 से अधिक शिकायतें विभाग तक पहुंचीं। हालांकि, नई एजेंसी के चयन तक वर्तमान एजेंसी को ही सेवा संचालन जारी रखने का निर्देश दिया गया है। गिरिडीह निवासी 70 वर्षीय सुकर ठाकुर पहले से शुगर के मरीज हैं। शरीर में सूजन और सांस लेने में दिक्कत बढ़ने के बाद परिजनों ने एंबुलेंस के लिए संपर्क किया, लेकिन सुविधा नहीं मिली। इसके बाद भाड़े की गाड़ी बुक कर रिम्स लाया गया। यहां पहुंचने के बाद भी करीब 45 मिनट तक इमरजेंसी के बाहर पड़ा रहा। एसएनएमएमसीएच धनबाद से रेफर 18 वर्षीय खुशी कुमारी को सांस लेने में गंभीर परेशानी थी। परिजनों ने बताया कि वहां से 108 एंबुलेंस से रिम्स भेजने की बात हुई थी, लेकिन काफी देर तक गाड़ी नहीं पहुंची। मरीज की हालत लगातार बिगड़ रही थी, इसलिए ज्यादा इंतजार नहीं किया। निजी एंबुलेंस बुक कर रिम्स लाना पड़ा। भाड़े की गाड़ी से पहुंचे सुकर ठाकुर निजी एंबुलेंस से लाई गई खुशी कुमारी इन 2 केस स्टडीज से जानिए परेशानी Source link

ताज़ा खबर

आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में अफसर बनने की राह आसान! सीकर की...

Last Updated:May 30, 2026, 10:18 IST Sikar Top NDA Academy: सीकर शिक्षा के क्षेत्र में लगातार अपनी अलग पहचान बना रहा है. इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के साथ-साथ अब NDA और रक्षा सेवाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी यह प्रमुख केंद्र बन गया है. यहां की टॉप NDA एकेडमी छात्रों को लिखित परीक्षा से लेकर SSB इंटरव्यू तक की व्यापक तैयारी कराती है, जिससे उनका सेना में अफसर बनने का सपना साकार हो सके. एकेडमी में अनुभवी फैकल्टी, नियमित टेस्ट सीरीज, फिजिकल फिटनेस गाइडेंस और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है. यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में छात्र NDA परीक्षा में सफलता हासिल कर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. बेहतर रिजल्ट और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन के कारण यह संस्थान छात्रों और अभिभावकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. Sikar NDA Academy: राजस्थान का सीकर आज पूरे देश में शिक्षा नगरी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है. यहां हर साल लाखों विद्यार्थी JEE, NEET, NDA, CDS और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने पहुंचते हैं. खास बात यह है कि डिफेंस परीक्षाओं की तैयारी के लिए सीकर को देश के प्रमुख केंद्रों में गिना जाता है. यहां की कोचिंग संस्थाओं का परिणाम लगातार शानदार रहता है, जिसके कारण देशभर के अभ्यर्थी और उनके अभिभावक सीकर पर भरोसा जताते हैं. सीकर की डिफेंस अकादमियां केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन और देशसेवा का जज्बा भी विकसित करती हैं. हर साल यहां से सैकड़ों युवा भारतीय सेना में जवान और अधिकारी बनकर देश सेवा का सपना पूरा करते हैं. लोकल 18 की स्पेशल एजुकेशन सीरीज में आज हम आपको सीकर की पांच ऐसी डिफेंस एकेडमियों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने अपने बेहतरीन परिणामों और उत्कृष्ट प्रशिक्षण से राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में खास पहचान बनाई है. नवजीवन NDA एकेडमी: यह एकेडमी भी सीकर की टॉप NDA अकादमियों में से एक है. यहा, पर NDA, CDS, Airforce, Navy, Army और Paramilitary Forces की तैयारी करवाई जाती है. यहां पर तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को न केवल शैक्षणिक रूप से बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी मजबूत बनाया जाता है. एकेडमी में SSB इंटरव्यू की स्पेशल कोचिंग, GTO ग्राउंड एक्सरसाइज़ और फिजिकल ट्रेनिंग, खास ध्यान दिया जाता है. यहां पर स्टूडेंट्स के लिए समय समय पर मोटिवेशनल सेशंस भी होते हैं. इसके अलावा यहां बच्चों को हॉस्टल सुविधा भी मिलती है. यहा से हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी डिफेंस सेवाओं में चयनित होते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google राजस्थान डिफेंस एकेडमी: इस एकेडमी ने भी सीकर में ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान में अपनी अलग पहचान बनाई है. यहा पर खासतौर पर फाउंडेशन बेच के जरिए NDA और अन्य डिफेंस परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है. राजस्थान एकेडमी में लड़कियों के लिए भी अलग से NDA की ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाते हैं. एकेडमी में आधुनिक क्लासरूम, नियमित मॉक टेस्ट, पर्सनल गाइडेंस और फिजिकल ट्रेनिंग की बेहतरीन सुविधाए दी जाती हैं. गुरूकृपा डिफेंस एकेडमी: यह सीकर में डिफेंस परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक भरोसेमंद नाम बन चुकी है. यहां NDA, CDS, Navy, Airforce और Army की सभी शाखाओं की कोचिंग दी जाती है. एकेडमी में पढ़ाई के साथ-साथ फिजिकल फिटनेस पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है. यहां पर स्टूडेंट्स के लिए समय-समय पर मॉक टेस्ट व प्रैक्टिस सेशन्स आयोजित किए जाते हैं. इसके अलावा यहां पर भी बच्चों को हॉस्टल और लाइब्रेरी जैसी सुविधा भी मिलती है. प्रिंस NDA एकेडमी: यह सीकर की बड़ी NDA डिफेंस संस्थानों में से एक है. इस एकेडमी ने कम समय में शानदार रिजल्ट्स के दम पर बड़ी पहचान बनाई है. यहा NDA लिखित परीक्षा के साथ-साथ SSB इंटरव्यू की भी विशेष तैयारी कराई जाती है. यहां पर त्यौहारी करने वाले स्टूडेंट्स में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है. इसके अलावा व्यक्तित्व विकास पर भी भरपूर ध्यान दिया जाता है. यहां तैयारी करने वाले अनेकों लड़के और लड़कियां सेना में अधिकारी बन चुके हैं. यहां पर सेना के रिटायर्ड अधिकारियों की देखरेख में स्टूडेंट्स की ट्रेनिंग होती है.  फिजिक्सवाला NDA एकेडमी: यह सीकर में एक मल्टीफेसिलिटी डिफेंस कोचिंग सेंटर है. इस एकेडमी में भी NDA के साथ साथ Airforce, Navy और Army की तैयारी करवाई जाती है. खास बात यह है कि यहा पर स्कूलिंग, कोचिंग, हॉस्टल, मैस और खेलकूद की सभी सुविधाए उपलब्ध हैं, जिससे स्टूडेंट्स को किसी अन्य सुविधा की तलाश नहीं करनी पड़ती. एकेडमी की पढ़ाई का स्तर काफी उच्च है और विद्यार्थी यहाँ से अच्छे रिजल्ट्स लेकर निकलते हैं. छात्रों के संपूर्ण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

मां की पुरानी साड़ियों पर करती थी डिजाइनिंग, आज चला रहीं खुद...

Last Updated:May 30, 2026, 09:58 IST Jamshedpur Nidhi’s Motivational Story: सपनों को जब परिवार का सहयोग मिलता है तो इंसान सफलता की नई ऊंचाइयां छूता है. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जमशेदपुर की निधि ने. उन्होंने शादी के बाद अपने बचपन के शौक को प्रोफेशन में बदला और आज नव्या स्टूडियो चला रही हैं. उनके कपड़ों की डिजाइनिंग इतनी खास होती है कि लड़कियां यहां के कपड़े पहनकर खुद को हीरोइन से कम नहीं समझती. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. अक्सर समाज में ऐसी कहानियां सुनने को मिलती हैं, जहां शादी के बाद लड़कियों को अपने सपने और शौक पीछे छोड़ने पड़ते हैं. कई बार ससुराल में सहयोग की कमी के कारण उनकी प्रतिभा दबकर रह जाती है. लेकिन जमशेदपुर की निधि की कहानी इस सोच को पूरी तरह बदल देती है. यह कहानी बताती है कि अगर परिवार का साथ मिले, तो बेटियां शादी के बाद भी अपने सपनों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती हैं. बचपन से था शौकनिधि को बचपन से ही कपड़ों और फैशन का बेहद शौक था. वह अपनी मां की साड़ियों को नए अंदाज में सजाने-संवारने की कोशिश करती थीं. कभी किसी पुराने कपड़े को नया रूप देतीं, तो कभी उस पर पेंटिंग और डिजाइन बनाकर उसे खास बना देतीं. फैशन और क्रिएटिविटी उनके व्यक्तित्व का हिस्सा था. हालांकि बचपन में उनके इस शौक को ज्यादा प्रोत्साहन नहीं मिला, लेकिन उन्होंने अपने हुनर को कभी खत्म नहीं होने दिया. शादी के बाद खोला स्टूडियोशादी के बाद जब उनके पति और ससुराल वालों को उनके इस टैलेंट के बारे में पता चला, तो उन्होंने निधि का पूरा साथ दिया. परिवार ने न सिर्फ उनका हौसला बढ़ाया, बल्कि उनके सपने को साकार करने के लिए एक स्टूडियो भी खुलवाया. इसी सपने को आकार देते हुए जमशेदपुर में ‘नव्या स्टूडियो’ की शुरुआत हुई. आज यह स्टूडियो महिलाओं और युवतियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. ग्राहकों को आ रहे पसंदनिधि अपने स्टूडियो में बेहतरीन क्वालिटी के कपड़े चुनकर लाती हैं और फिर उन्हें अपनी क्रिएटिव डिजाइनिंग के जरिए नया और आकर्षक रूप देती हैं. यहां ग्राहकों को कुर्ती, साड़ी, सूट, सलवार और लहंगे जैसी कई तरह की ड्रेस मिलती हैं. खास बात यह है कि यहां कुर्तियों की कीमत मात्र 350 रुपये से शुरू होती है, जिससे हर वर्ग की महिलाएं फैशनेबल कपड़े खरीद सकती हैं. उनके डिजाइन पारंपरिक और आधुनिक फैशन का खूबसूरत मेल हैं, जो ग्राहकों को काफी पसंद आ रहे हैं. कोना-कोना सजाया है प्यार सेनिधि बताती हैं कि कपड़ों के साथ उनका रिश्ता बचपन से ही रहा है और वह इस काम को सिर्फ व्यवसाय नहीं, बल्कि अपने जुनून के रूप में देखती हैं. यही कारण है कि उन्होंने अपने स्टूडियो को भी बेहद खास अंदाज में सजाया है. स्टूडियो का हर कोना आकर्षण का केंद्र है. खूबसूरत मिरर डिजाइन, स्टाइलिश इंटीरियर और सेल्फी पॉइंट इसे अलग पहचान देते हैं. यहां आने वाली हर लड़की खुद को किसी फिल्मी अभिनेत्री या दुल्हन से कम महसूस नहीं करती. दूसरों के लिए प्रेरणा हैं नव्यानव्या स्टूडियो सिर्फ एक फैशन स्टोर नहीं, बल्कि उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो शादी के बाद भी अपने सपनों को जीना चाहती हैं. निधि की सफलता यह साबित करती है कि अगर परिवार का सहयोग मिले, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता. उनकी कहानी आज उन सभी बेटियों और बहुओं के लिए प्रेरणा बन रही है, जो अपने हुनर को पहचान दिलाने का सपना देखती हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

झारखंड

जल स्रोतों से कब्जा हटाएं, न माने तो केस दर्ज करें: मुख्यमंत्री...

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के नदी, डैम, तालाब और अन्य जलस्रोतों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल स्रोतों पर कब्जा कर घर या अन्य निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जलस्रोत क्षेत्रों में बने सभी अवैध निर्माणों को चिह्नित कर ध्वस्त करें। अतिक्रमण हटाने की बात न मानने वालों पर एफआईआर दर्ज करें। मुख्यमंत्री शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शहरी विकास योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित करें। साथ ही स्मार्ट सिटी परियोजना, सीवरेज-ट्रीटमेंट प्लांट, पेयजल आपूर्ति, यातायात प्रबंधन और कूड़ा निस्तारण जैसी योजनाओं में तेजी लाएं। उन्होंने रांची स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को प्राथमिकता देने को कहा। नगर निकायों को राजस्व संग्रहण के संसाधन मजबूत करने और शहरी परिवहन व्यवस्था में सुधार पर भी जोर दिया। -शेष पेज 7 पर कांके डैम बचाने के लिए नाले बंद कर घेराबंदी करें बैठक में कांके डैम के संरक्षण को लेकर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने डैम में गिरने वाले नालों को तत्काल बंद कराने, कैचमेंट एरिया की मापी और घेराबंदी कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को भी जागरूक किया जाए, ताकि घरों का गंदा पानी डैम में न जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने योजनाओं की निगरानी के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। बरसात से पहले जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया। निकायों को राजस्व संग्रहण के संसाधन मजबूत करने और शहरी परिवहन व्यवस्था में सुधार पर भी जोर दिया। Source link

Scroll to Top