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झारखंड

शराब घोटाला के आरोपी कारोबारी नवीन केडिया को इंग्लैंड जाने की अनुमति...

रांची | झारखंड शराब घोटाला मामले में आरोपी शराब कारोबारी नवीन केडिया को अदालत से बड़ा झटका लगा है। एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने शुक्रवार को उसकी विदेश यात्रा की अनुमति को लेकर दायर याचिका सुनवाई पश्चात खारिज कर दी। नवीन केडिया ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर एक जून से 23 जुलाई तक इंग्लैंड जाने की अनुमति मांगी थी। याचिका में उन्होंने बेटे के ग्रेजुएशन सेरेमनी में शामिल होने समेत कई व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया था। नवीन केडिया फिलहाल झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर हैं। एसीबी ने उन्हें 11 मार्च को गिरफ्तार किया था। Source link

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ब्रिटेन बिक जाए तब भी नहीं चुका पाएगा 4500000 करोड़ डॉलर, फिर...

सौ बात की एक बात ये कि ये जो गोरों में फैलाया जा रहा है भारतीय उनके देशों में जा कर उनकी नौकरियां खा रहे हैं, इस पॉलिटिक्स का जवाब देने की जरूरत है. इसलिए भी जरूरत है क्योंकि लोगों को ये लॉजिक ठीक लग रहा है कि भाई बाहर के देशों से अगर कोई उनके देश में आ कर काम करेगा तो लोकल लोग तो बिफरेंगे ही. ब्रिटेन में तो एक पार्टी ही खड़ी हो गई है रिफॉर्म यूके नाम की जिसने इस बार के वहां के लोकल काउंसिल चुनावों में वहां की पुरानी पार्टियों को ही पीछे छोड़ दिया. और उसकी पॉलिटिक्स ही यही है कि ब्रिटेन अब ब्रिटेन वालों का ही नहीं रहा. और बाहर से आ कर लोग वहां बस रहे हैं. लेकिन इसमें ये फर्क करना जरूरी है कि भाई एक तो वो हैं जो गैर-कानूनी तरीके से इराक से आ रहे हैं, सिरिया से आ रहे हैं, अफगानिस्तान से आ रहे हैं, अफ्रीका के सूडान से आ रहे हैं और भी कई अफ्रीकी देशों से आ रहे हैं. वो तो हो गया वहां का घुसपैठिया फैक्टर. कि वो गैर-कानूनी तरीके से आ रहे हैं और ब्रिटेन के लोगों पर बोझ बन रहे हैं. लेकिन नेता लोग वहां अब भारतीयों को भी लपेटे में लेने लग गए हैं. वहां के एक निर्दलीय सांसद हैं रूपर्ट लो. वो भी रिफॉर्म यूके पार्टी में हुआ करते थे. अब उन्होंने अपनी एक अलग मुहिम शुरू की है ‘रिस्टोर ब्रिटेन के नाम से’. वो भी यही पॉलिटिक्स चमका रहे हैं. उन्होंने कह दिया कि ये लाखों भारतीय और पाकिस्तानी ब्रिटेन में आ कर ब्रिटेन के बेरोजगारों का रोजर छीन रहे हैं. कह रहे हैं कि मुझे जिसको रेसिस्ट कहना है कह ले, जिसको नस्लवादी कहना है कह ले, लेकिन मुझे फर्क नहीं पड़ता, ये बंद होना चाहिए. और लोग कह रहे हैं कि अगर वो अपने देश की बात कर रहे हैं तो गलत क्या है? वहां के सांसद हैं तो अपने लोगों के बारे में ही बोलेंगे, इसमें गलत क्या है? तो ऐसे लोगों को बताने की जरूरत है कि गलत क्या है. कौन से रोजगार छीन रहे हैं भारतीय? गोरों के रोजगार छीन रहे हैं भारत के लोग? कौनसे रोजगार? उनकी कंपनियों के रोजगार? कहां से बनी वो कंपनियां? कहां से बना है वो अमीर देश? हमें गरीब देश के लोग बता रहे हो जो तुम्हारी नौकरियां ले रहे हैं, तुम्हारा काम-धंधा ले रहे हैं? कहां से खड़ा किया गोरों ने ये काम-धंधा जिसपर ऐसे ऐंठ रहे हैं कि उनकी मिल्कियत भारत के लोग ले जा रहे हैं? औद्योगिक क्रांति से बनाया आपने? औद्योगिक क्रांति का पैसा कहां से आया था? याददाश्‍त ताजा करने की जरूरत इन लोगों की याददाश्त ताजा करने की जरूरत है. ये जो ऐंठ रहे हैं कि भारत के लोग हमारे महान ब्रिटेन में कैसे घुसे चले आ रहे हैं इनको याद दिलाने की जरूरत है कि वो आए थे यहां. वो आए थे यहां भीख मांगते हुए कि व्यापार कर लो उनके साथ. 400 साल पहले अग्रेज जब भारत आए थे तो पूरी दुनिया की GDP में भारत का हिस्सा जानते हैं कितना था? 25%, दुनिया की एक चौथाई GDP भारत से आती थी. सबसे अमीर देश भारत था. और ब्रिटेन का हिस्सा कितना था? 2%, सिर्फ 2% हिस्सा रखने वाला मामूली सा देश ब्रिटेन था. वो आए जहांगीर के दरबार में और मिन्‍नतें कर रहे थे कि हमारे साथ व्यापार कर लो. ब्रिटेन के राजघराने का दूत जो आया था 1615 में सर टॉमस रो, वो वहां से तोहफे लेकर आया घड़ियां, शराब, पिस्तौल वगेरह मुगल बादशाह को देने के लिए तो दरबार में लोग हंस रहे थे कि कौन से गरीब से देश से आया है कोई दूत. उसने खुद लिखा कि व्यापार का समझौता करने चला तो गया भारत लेकिन भारत को देने के लिए हमारे पास है क्या? ऐसी कौनसी चीज है जो भारत में नहीं जो हम उसको दे सकें. खुद लिखा उसने कि उसको भारत देख कर ही शर्म आ रही थी कि हम क्या देंगे इनको. ब्रिटेन में भारतीय अपनी काबिलियत के दम पर रोजगार पाते हैं. (फाइल फोटो/Reuters) …तब तो ब्रिटेन में सीवर और शौचालय तक नहीं थे कपड़ा भारत का दुनिया में नंबर एक पर था. ढाका का मलमल दुनिया में मशहूर था. दुनिया में 25% कपड़ा भारत का बिकता था. समुद्री जहाज भारत जैसे दुनिया में कहीं नहीं बनते थे. बंगाल में बने जहाज दुनिया के सबसे मजबूत जहाज माने जाते थे. दिल्ली, आगरा, लाहौर जैसे शहर ऐसे थे कि दुनिया में ऐसे मॉडर्न शहर नहीं थे. और लंदन क्या था? भारत में सिंधु घाटी सभ्यता के समय से नालियों का सिस्टम था. वो तो चलो 5000 साल पहले की बात हो गई लेकिन जब अंग्रेज भारत आए तब तक भी उनके यहां शौच के लिए जगह नहीं होती थी, सीवर नहीं होते थे. लोग घर में गड्ढा कर के उसके अंदर शौच करते थे. जब वो गड्ढा भर जाता था तो मिट्टी डाल कर दूसरा गड्ढा करते थे. लंदन में नालियां सीधा वहां की टेम्स नदी में गिरती थीं. जानवरों की लाशें नदी में डाल देते थे. गरीब तो सड़कों पर खुले में शौच करते थे. लंदन में जब संसद बंद करनी पड़ी थी 1858 में तो ये हालत हो गई थी कि लंदन की संसद बंद करनी पड़ गई थी. क्यों? क्योंकि टेम्स नदी शौच से भर गई थी. पूरे लंदन में सांस लेना मुश्किल हो गया था इतनी बदबू थी इन गोरे अंग्रेजों के प्यारे लंदन में. 1858 की घटना को तो इनके इतिहास में ‘द ग्रेट स्टिंक’ के नाम से जाना जाता है. उनके बच्चे गंदगी में बीमारियों से मर जाते थे. नदी में शौच भरा हुआ था पीने की पानी तक नहीं था. और उस टाइम भारत में सड़कें रोज धुलती थीं. नहरों का जाल था. कसाईखाने शहर से बाहर होते थे. गुसलखाने होते थे. ड्रेनेज सिस्टम होता था. नदियों पर घाट थे. घाट नियमित रूप से साफ रखे जाते थे. शहरों में बाजार ऐसे थे कि दुनिया में कहीं नहीं होते थे ऐसे बाजार. चांदनी चौक उस वक्‍त की दुनिया का टाइम्ज स्क्वेयर था. इंस्टाग्राम

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भीषण गर्मी में सुकून का ठिकाना बना मिर्चैया जलप्रपात, पलामू में यहां...

Last Updated:May 30, 2026, 08:12 IST भीषण गर्मी में पलामू टाइगर रिजर्व के पास स्थित मिर्चैया जलप्रपात पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बन गया है. लातेहार के घने जंगलों और पहाड़ों के बीच बसा यह झरना लोगों को ठंडक और अद्भुत सुकून देता है. बेतला-महुआडांड़ मार्ग पर स्थित इस खूबसूरत स्थल पर सेल्फी प्वाइंट और पर्यटकों के लिए बेहतरीन सुविधाएं मौजूद हैं. ख़बरें फटाफट पलामूः गर्मी के मौसम में भीषण तपिश से राहत पाने के लिए लोग शांत और सुकून भरी जगहों की तलाश में निकल रहे हैं. ऐसे में पलामू टाइगर रिजर्व अंतर्गत स्थित मिर्चैया जलप्रपात पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गया है. लातेहार जिले के मिर्चैया गांव में घने जंगलों के बीच स्थित यह जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण लोगों को खूब लुभा रहा है. पहाड़ों से गिरता झरना, पक्षियों की चहचहाहट और हरियाली से घिरा वातावरण यहां आने वाले पर्यटकों को दूसरी दुनिया का अहसास कराता है. सड़क किनारे बना खास पर्यटन स्थलमिर्चैया जलप्रपात बेतला से महुआडांड़ जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित है. यही वजह है कि इस रास्ते से गुजरने वाली अधिकांश गाड़ियां यहां कुछ देर रुककर प्राकृतिक नजारों का आनंद जरूर लेती हैं. यह स्थल आज के समय में वीडियो और रील बनाने वालों के लिए भी बेहद खास बन गया है. लकड़ी से बना पुल यहां सेल्फी प्वाइंट के रूप में लोगों को आकर्षित करता है. घने जंगलों के बीच स्थित यह जलप्रपात किसी फिल्मी लोकेशन से कम नजर नहीं आता. गर्मी में ठंडक का एहसासपलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित इस जलप्रपात तक लोग सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं. शहर की भीड़-भाड़ और गर्मी से दूर लोग यहां परिवार और दोस्तों के साथ सुकून के पल बिताने पहुंच रहे हैं. गर्मी के दिनों में भी यहां का वातावरण काफी ठंडा और मनमोहक बना रहता है. हालांकि मई महीने में यहां पानी थोड़ा कम देखने को मिल रहा है, लेकिन मानसून के दौरान यह जलप्रपात अपने पूरे सौंदर्य के साथ पर्यटकों का स्वागत करता है. करीब 100 फीट ऊंचाई से गिरता पानी लोगों को रोमांचित कर देता है और लोग झरने के नीचे स्नान का आनंद भी लेते हैं. पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएंपर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहां बैठने के लिए कुर्सियां और शेड बनाए गए हैं. महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग बाथरूम की व्यवस्था भी की गई है. सुरक्षा के लिहाज से वन कर्मी भी यहां तैनात रहते हैं, जो पर्यटकों को प्रकृति के संरक्षण और सुरक्षा को लेकर जागरूक करते हैं. यही वजह है कि यह स्थल धीरे-धीरे लोगों की पसंदीदा पर्यटन जगह बनता जा रहा है. पर्यटकों को भा रहा प्राकृतिक सौंदर्यडाल्टनगंज से परिवार के साथ घूमने आए मनीष पांडे ने बताया कि भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए वे मिर्चैया जलप्रपात पहुंचे हैं. यहां आने के बाद उन्हें ठंडक और सुकून का एहसास हो रहा है. उन्होंने कहा कि शहर की भागदौड़ से दूर यह जगह हर मौसम में घूमने के लिए खास है. यहां का शांत वातावरण, पक्षियों की आवाज और प्राकृतिक सुंदरता मन को बेहद सुकून देती है. रील और वीडियो बनाने के लिए भी यह जगह काफी आकर्षक है. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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Teachers who failed to mark their attendance on the app were issued...

Hindi News Local Jharkhand Ranchi Teachers Who Failed To Mark Their Attendance On The App Were Issued Salary Suspensions And Show cause Notices Were Issued For Poor Results. रांची2 घंटे पहले कॉपी लिंक रांची जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को डीसी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा, समग्र शिक्षा अभियान और मध्याह्न भोजन योजना की जिलास्तरीय समीक्षा बैठक हुई। डीसी ने निर्देश दिया कि जिन स्कूलों में मैट्रिक परीक्षा में 10% से अधिक छात्र फेल हुए हैं, वहां के सभी शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी किया जाए।वहीं ई विद्यावाहिनी ऐप पर अटेंडेंस नहीं बनानेवाले शिक्षकों का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। वहीं इंटरम विज्ञान में खराब परिणाम वाले स्कूलों से भी जवाब मांगा गया। केवल पास प्रतिशत नहीं बल्कि 75% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। 233 स्कूलों ने एक दिन भी दर्ज नहीं की उपस्थिति बैठक में ई-विद्या वाहिनी ऐप पर अटेंडेंस को लेकर सबसे ज्यादा सख्ती दिखाई गई। जिले के 233 विद्यालयों ने एक भी दिन बच्चों की उपस्थिति दर्ज नहीं की। ऐसे सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए अगले आदेश तक वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा 1461 विद्यालय ऐसे पाए गए, जहां छात्रों की उपस्थिति 10 दिनों से भी कम दर्ज की गई। इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को भी नोटिस जारी किया जाएगा। रांची सदर क्षेत्र मेंर प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी आभा कुमारी का वेतन भी रोकने का निर्देश दिया गया। जिले के 215 शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की। इन सभी का वेतन रोक दिया गया। जर्जर भवनों में पढ़ाई बंद होगी : डीसी ने जर्जर भवनों में पठन-पाठन तत्काल बंद करने का निर्देश दिया। साथ ही डीएमएफटी और अन्य निधियों से जर्जर भवनों के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने को कहा। बैठक में उप विकास आयुक्त संजय भगत, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार आदि मौजूद थे। 1416 शिक्षक अब तक जे-गुरुजी ऐप पर सीपीडी प्रशिक्षण शुरू नहीं कर पाए हैं। डीसी ने सभी शिक्षकों को सात दिनों के भीतर प्रशिक्षण शुरू करने का निर्देश दिया। प्रशिक्षण पूरा नहीं करने वालों का वेतन रोकने की चेतावनी दी गई। डीसी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नामांकन पूरा करने के लिए सात दिनों की समय सीमा तय की। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

झारखंड

झारखंड में झमाझम बारिश; गर्मी-उमस से राहत:रांची सहित कई जिलों में ऑरेंज...

झारखंड में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी है। राजधानी रांची सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रांची में सुबह 9 से 11 बजे के बीच तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह पिछले 24 घंटे की तुलना में 8.6 डिग्री कम है। बोकारो में सबसे अधिक 25 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि रांची में करीब 14-15 मिमी बारिश हुई। जमशेदपुर, चाईबासा और मेदिनीनगर में भी तापमान में 3 से 6.5 डिग्री तक गिरावट आई है। जिससे मौसम सुहाना हो गया है। आज भी कई जिलों में बादल, बारिश के आसार शनिवार सुबह से ही राज्य के कई जिलों में बादल छाए हुए हैं। राजधानी रांची में भी घने काले बादलों के बीच बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने रांची, गुमला, खूंटी समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। धनबाद में शुक्रवार को सुबह 10 बजे के बाद तेज आंधी के साथ बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी झमाझम बारिश के कारण तापमान में करीब 4 डिग्री की गिरावट आई है। अगले कुछ दिनों तक राज्य में इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है। आकाशीय बिजली गिरने से चार की मौत बारिश जहां एक ओर राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर वज्रपात की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। राज्य के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। रांची के इटकी क्षेत्र में एक बच्ची की मौत हो गई। जबकि बोकारो, गढ़वा और धनबाद में भी अलग-अलग घटनाओं में लोगों ने जान गंवाई। जामताड़ा में वज्रपात से तीन मवेशियों की भी मौत हो गई। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे शरण न लें। सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। अगले 24 घंटे में और गिर सकता है पारा मौसम विभाग के अनुसार झारखंड के ऊपर दो टर्फ लाइन सक्रिय हैं, जिसके कारण मौसम में यह बदलाव आया है। 31 मई तक राज्य के अधिकांश जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। साथ ही वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा। विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। Source link

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अलवर के लाल जुबेर खान ने कर दिखाया कमाल, श्रीलंका को धूल...

Last Updated:May 30, 2026, 07:16 IST Zubair Khan Alwar: राजस्थान के अलवर जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ी जुबेर खान ने श्रीलंका में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को ऐतिहासिक 3-0 सीरीज जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम ने कोलंबो में खेले गए मुकाबलों में श्रीलंका को पूरी तरह मात देकर विदेशी धरती पर नया इतिहास रचा. कप्तान के नेतृत्व में टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया, जबकि जुबेर खान का प्रदर्शन चर्चा का केंद्र बना रहा. इस उपलब्धि से अलवर सहित पूरे राजस्थान में खुशी की लहर है. भारत की इस जीत ने व्हीलचेयर क्रिकेट में देश की बढ़ती ताकत और खिलाड़ियों के संघर्ष व समर्पण को दुनिया के सामने साबित किया. ख़बरें फटाफट Alwar News: अलवर जिले के खिलाड़ी देश सहित अब विदेश में खेल के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं. खैरथल तिजारा जिले के किशनगढ़ बास क्षेत्र के बखथला गांव निवासी जुबेर खान ने श्रीलंका के कोलम्बो में आयोजित व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम ने श्रीलंका की धरती पर शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया. ‘भारत बनाम श्रीलंका 2026 अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेट 3 टी-20 चैंपियनशिप’ में भारतीय टीम ने श्रीलंका को लगातार तीनों मुकाबलों में हराकर 3-0 से सीरीज अपने नाम कर ली. जुबेर खान ने बताया कि उनका चयन भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में हुआ था. व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में राजस्थान से चार खिलाड़ियों का चयन हुआ था जिसमें दो अलवर जिले से खिलाड़ी शामिल हुए. इस दौरान 26 से 28 मई तक श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित हुई इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट 3T-20 सीरीज में उसने ऑलराउंडर के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया. व्हीलचेयर क्रिकेट खिलाड़ी जुबेर को शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें एमर्जिंग प्लेयर अवार्ड से सम्मानित किया गया. शानदार पारी खेली और 1 विकेट अपने नाम कियाजुबेर खान ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में बेहतरीन प्रदर्शन कर भारत और अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया. जुबेर खान ने पहले मैच में 40 रन बनाए और 1 विकेट लिया. दूसरे मुकाबले में उन्होंने 31 रन बनाकर 2 विकेट हासिल किए. वहीं तीसरे और अंतिम मैच में 48 रनों की शानदार पारी खेली और 1 विकेट अपने नाम किया. भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक जीत से खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की जा रही है. शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मैच जिताएजुबेर खान ने बताया कि लायन व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन (इंडिया) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार उनका चयन उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, बेहतरीन खेल कौशल और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में दिखाई गई प्रतिभा के आधार पर किया गया था. चयनित खिलाड़ियों को 25 मई को चेन्नई एयरपोर्ट पर बुलाया गया था जहां से टीम श्रीलंका के लिए रवाना हुई. जुबेर खान इससे पहले दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट फाउंडेशन (राजस्थान) की टीम के लिए अहम भूमिका निभा चुके हैं. ऑलराउंडर के रूप में उन्होंने राजस्थान व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मैच जिताए हैं. अब उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया है. भारत माता की जय के नारे लगाते हुए जुलूस निकालाजुबेर खान का श्रीलंका के कोलम्बो में आयोजित व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए जीत दर्ज कर वापस लौटने पर खैरथल रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया. जिसे ही वह ट्रेन से उतरे तो उनके समर्थको ने जुबेर भाई जिंदाबाद व भारत माता की जय के नारे लगाते हुए जुलूस निकाला. जुलूस डीजे व वाहनों के काफिले के साथ शहर के मुख्य मार्गो से गुजरता हुआ नई अनाज मंडी में जिला बचाओ धरना स्थल पर पहुंचा जहां विधायक दीपचंद खैरिया ने जुबेर खान का साफा व माला पहनाकर भव्य स्वागत किया. इस दौरान खुशी में लड्डू बांटे गए. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Alwar,Rajasthan Source link

झारखंड

1800 students pass, will get Rs 1000 scholarship

एनएमएमएसएस… . रांची| झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसएस) परीक्षा -2026 का रिजल्ट शुक्रवार को जारी कर दिया गया। चेयरमैन डॉ. नटवा हांसदा ने बताया कि इस परीक्षा में 7206 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इसमें 1800 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। छात्र अपना परिणाम परिषद की वेबसाइट पर देख सकते हैं। चयनित छात्रों को चार साल कक्षा नौवीं से 12वीं तक हर महीने 1000 रुपए की छात्रवृत्ति मिलेगी। इस परीक्षा में आठवीं के छात्र शामिल होते हैं। Source link

झारखंड

10 लाख का इनामी पीएलएफआई का स्टेट चीफ अमृत होरो गिरफ्तार

रांची| प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के स्टेट चीफ और 10 लाख रुपए के इनामी उग्रवादी अमृत होरो उर्फ मेचो उर्फ सूर्या को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से एक स्वचालित पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और पीएलएफआई के नक्सली पर्चे बरामद किए गए हैं। एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि अमृत होरो पिछले करीब 16 वर्षों से झारखंड में सक्रिय था और रांची समेत कई जिलों में नक्सली घटनाओं को अंजाम दे रहा था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लेवी वसूली, फायरिंग, आगजनी और व्यवसायियों को धमकी देने जैसे 50 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार अमृत होरो कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है। वर्ष 2023 में लापुंग के हुलसू निवासी राजेश कुमार साहू की गोली मारकर हत्या, खूंटी में रेल परियोजना साइट पर फायरिंग और मशीनों में आगजनी, ठेकेदारों से लाखों लेवी मांगने तथा विभिन्न जिलों में व्यवसायियों को धमकाने के मामलों में उसका नाम सामने आया था। Source link

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डीके शिवकुमार को CM कुर्सी सिर्फ एक वफादार नेता को इनाम देना...

Rasheed Kidwai Article On DK Shivakumar and Congrsss: कुछ नेताओं को सत्ता विरासत में मिलती है, कुछ उसका इंतजार करते हैं तो कतिपय ऐसे होते हैं जो सत्ता तक पहुंचने की पूरी मशीनरी स्वयं खड़ी करते हैं. डीके शिवकुमार निस्संदेह तीसरी श्रेणी के नेता हैं. कर्नाटक की राजनीति में, जहां हर सियासी कदम को जाति, गठबंधन, वफादारी, धनबल और बाहुबल की तराजू पर तौला जाता है, वहां ‘कनकपुरदा बंडे’ यानी ‘कनकपुरा की चट्टान’ कहे जाने वाले शिवकुमार ने बीते चार दशकों में खुद को एक ऐसे नेता के तौर पर तब्दील कर लिया है, जिसके बिना राजनीति की कल्पना करना भी मुश्किल है. अब जबकि कर्नाटक में मुख्यमंत्री के पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद उनके उत्तराधिकारी के रूप में डीके शिवकुमार के नाम का एलान बस औपचारिकता मात्र है, कांग्रेस के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि क्या प्रदेश की सियासत उनके राजनीतिक मॉडल के लिए तैयार है? यह ऐसा मॉडल है, जो धैर्य रखना जानता है, लेन-देन की व्यावहारिक राजनीति को समझता है, प्रशासनिक महत्वाकांक्षा से भरा है और सत्ता का इस्तेमाल करने से परहेज भी नहीं करता है. चट्टान बनने की कहानी डोड्‌डालाहल्ली केम्पेगौड़ा शिवकुमार का जन्म 15 मई 1962 को कर्नाटक के वोक्कालिगा बहुल ग्रामीण इलाके के एक किसान परिवार में हुआ था. उनके अपने शब्दों में कहें तो उन्हें विरासत में कुछ नहीं मिला. वे कहते हैं, ‘मैं एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से आता हूं, मुझे किसी ने कुछ नहीं दिया. मैंने सब कुछ कदम-दर-कदम खुद हासिल किया है.’ शिवकुमार की राजनीतिक समझ स्कूल और कॉलेज के चुनावों, हॉस्टल के कमरों, छात्र संघों, छोटी-छोटी सभाओं और बेंगलुरु की युवा राजनीति के रफ-टफ माहौल के बीच मंझकर निखरी. जीआरसी कॉलेज में उन्होंने एनएसयूआई का दामन थामा और कांग्रेस की छात्र व युवा संगठन की राजनीति में तेजी से आगे बढ़ते चले गए. किशोरावस्था तक आते-आते ही उन्होंने यह तय कर लिया था कि राजनीति उनके लिए कोई शौक नहीं बल्कि जिंदगी जीने का एक मकसद है. अपनी उम्र के दूसरे दशक तक पहुंचते-पहुंचते वे ऐसे युवा संगठनकर्ता बन चुके थे, जिसका पुराने और वरिष्ठ नेता इस्तेमाल भी करते थे और जिससे सतर्क भी रहते थे. राजनीति के मैदान में उनकी पहली बड़ी परीक्षा 1985 में हुई, जब उन्होंने सतानूर विधानसभा क्षेत्र से एच.डी. देवेगौड़ा जैसे दिग्गज नेता के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन कड़े मुकाबले में मामूली अंतर से उन्हें हार का सामना करना पड़ा. कई युवा राजनेताओं के लिए इस तरह की हार उनके सियासी सफर का ‘द एंड’ बन जाती है. लेकिन शिवकुमार के लिए यह हार जमीनी समझ बढ़ाने का जरिया बन गई. बकौल शिवकुमार, ‘मैं सतानूर के गांवों में वापस गया, वोट मांगने नहीं, बल्कि लोगों की सुनने.’ चार साल बाद महज 27 साल की उम्र में उन्होंने सतानूर सीट जीत ली. 1994 में जब कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया, तब उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़कर जीत हासिल की. इस अनुभव से उन्हें एक सीधा सबक मिला, ‘अगर जनता का समर्थन आपके साथ हो और आप अपनी जड़ों के प्रति वफादार रहें तो आपको आपकी मंजिल तक जाने से कोई नहीं रोक सकता.’ डीके शिवकुमार की पहचान गांधी परिवार के एक करीबी नेता की है. कांग्रेस ही पहचान डीके शिवकुमार के लिए कांग्रेस से उनका रिश्ता सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि उनकी पहचान का मूल आधार है. बकौल डीके, ‘जब मैं कहता हूं कि मैं जन्मजात कांग्रेसी हूं तो उसका मतलब यह है कि मेरे डीएनए में ही इस पार्टी की वैल्यूज हैं. मैं ताउम्र एक कांग्रेसी ही बना रहूंगा, क्योंकि मैं इस देश की आत्मा के लिए किसी और मंच से लड़ने की कल्पना भी नहीं कर सकता.’ इसी वफादारी ने उन्हें सोनिया गांधी और गांधी परिवार के साथ-साथ कांग्रेस हाईकमान के लिए बेहद भरोसेमंद बना दिया. आज के उस राजनीतिक दौर में, जहां दल-बदल आम बात हो गई है, शिवकुमार अलग दिखाई देते हैं. उन्हें हिंदू सांस्कृतिक पहचान, मंदिर परंपराओं और आध्यात्मिक प्रतीकों को खुले तौर पर अपनाने से परहेज नहीं है, लेकिन वे ऐसा कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता, कल्याणकारी सोच और संवैधानिक मूल्यों के भीतर ही रहकर करते हैं. जाति की राजनीति पर उनका नजरिया संतुलित है. वे कहते हैं, ‘जाति शुरुआत हो सकती है, मंजिल नहीं. मैं गर्व से कहता हूं कि मैं वोक्कालिगा हूं और हमेशा अपने समुदाय के साथ खड़ा रहूंगा. लेकिन मेरी असली जाति कांग्रेस है और मैं इस राज्य के हर नागरिक के प्रति कर्तव्य का निर्वाह करता हूं.’ संकटमोचक की भूमिका में उक्त खूबियों से भी अधिक शिवकुमार की राष्ट्रीय पहचान उनकी उस राजनीतिक क्षमता पर टिकी है, जिसमें वे संकट के समय पार्टी को एकजुट बनाए रखते हैं. 2002 में जब विलासराव देशमुख की सरकार संकट में थी, तब विधायकों को संभालने की जिम्मेदारी उन्हें ही सौंपी गई थी. 2017 में राज्य सभा के चुनाव के दौरान उन्होंने गुजरात कांग्रेस के विधायकों को बेंगलुरु में ठहराया, ताकि अहमद पटेल की संसद में वापसी सुनिश्चित हो सके. 2018 में जब कर्नाटक विधानसभा में त्रिशंकु जनादेश आया, तब भी कांग्रेस-जनता दल (एस) गठबंधन को बचाने में वे केंद्रीय भूमिका में थे. बाद में भी वे उन तमाम राजनीतिक परिस्थितियों में कांग्रेस के लिए सहारा बने, जहां पार्टी को संख्या, रणनीति और संसाधनों, तीनों की जरूरत थी. हालांकि उनका तरीका उतना नाटकीय नहीं है, जितनी नाटकीय उनकी छवि बना दी गई है. वे कहते हैं, ‘राजनीति में भरोसा सबसे बड़ी चीज है. अगर लोग आप पर भरोसा करते हैं तो वे आपके साथ खड़े रहते हैं.’ उनकी शख्सियत में यही मिश्रण यानी व्यक्तिगत विश्वसनीयता, संसाधन जुटाने की क्षमता, राजनीतिक साहस और समझदारी उन्हें ‘मिशन इम्पॉसिबल’ का अगुवा बना देता है. उनकी यही महारत 2023 में भी दिखाई दी, जब कांग्रेस ने कर्नाटक की 224 में से 135 सीटें जीतकर दशकों की सबसे बड़ी राज्य स्तरीय जीत दर्ज की. सिद्धरमैया ने ‘अहिंदा’ सामाजिक गठबंधन और गारंटी योजनाओं के जरिए कल्याणकारी राजनीति का मजबूत नैरेटिव दिया तो शिवकुमार ने संगठन, संसाधन और चुनावी मशीनरी संभाली. साथ ही अपने पीछे वोक्कालिगा समुदाय के समर्थन को लामबंद किया. इन दोनों नेताओं ने मिलकर कांग्रेस को वह ताकत दी जिससे भाजपा सबसे ज्यादा घबराती रही है: एक ऐसा एकजुट प्रांतीय नेतृत्व, जिसमें दोनों नेताओं की खूबियां

झारखंड

Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live | 85KMPH Wind Alert:...

Today Weather Live: गर्मी ने पिछले कई दिनों से देश के बड़े हिस्से को जैसे झुलसा कर रख दिया था. दोपहर के समय सड़कें सूनी हो जाती थीं और लू के थपेड़े लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रहे थे. लेकिन अब मौसम का रुख अचानक बदलता दिख रहा है. मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान ने साफ कर दिया है कि आने वाले घंटे और दिन राहत के साथ-साथ चुनौती भी लेकर आ रहे हैं. 19 राज्यों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का खतरा मंडरा रहा है, जहां हवा की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. यह बदलाव सिर्फ मौसम नहीं बल्कि जीवन की दिनचर्या को भी प्रभावित करने वाला है. मौसम विभाग के मुताबिक यह बदलाव कई सक्रिय वेदर सिस्टम का नतीजा है. पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशनण और निम्न दबाव के क्षेत्र मिलकर एक मजबूत सिस्टम बना रहे हैं, जो उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक असर डाल रहा है. सबसे ज्यादा प्रभाव पूर्वी और उत्तरी भारत में देखने को मिल सकता है. बिजली गिरने और अचानक तेज हवाओं के चलते नुकसान की आशंका भी जताई गई है. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है, खासकर उन इलाकों में जहां खुले में काम और यात्रा ज्यादा होती है. राजस्थान में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है इन बदलते हालातों के बीच मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्री इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है. बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने चक्रवाती सिस्टम समुद्री गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं. पहाड़ी राज्यों में भी भूस्खलन और तेज बारिश का खतरा बढ़ सकता है. कुल मिलाकर यह सिस्टम सिर्फ बारिश नहीं बल्कि एक व्यापक मौसमीय बदलाव का संकेत दे रहा है, जिसका असर आने वाले कई दिनों तक देखा जा सकता है. देश के कई हिस्सों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद जरूर है, लेकिन यह राहत पूरी तरह सुरक्षित नहीं कही जा सकती. तेज हवा, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं लोगों के लिए जोखिम भी बढ़ा सकती हैं. यही कारण है कि IMD ने साफ तौर पर सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है. दिल्ली-एनसीआर में मौसम का बड़ा बदलाव दिल्ली-एनसीआर में 30 और 31 मई को मौसम पूरी तरह से बदलने के आसार बन रहे हैं और यह बदलाव सिर्फ हल्की बारिश तक सीमित नहीं रहने वाला है. 30 मई को आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज गरज-चमक देखने को मिल सकती है. दिन के समय अचानक तेज हवाएं चलने से मौसम और भी अस्थिर हो सकता है. वहीं 31 मई को मौसम और ज्यादा सक्रिय हो जाएगा और भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. इस दौरान हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, होर्डिंग्स उड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. हालांकि इस बदलाव से भीषण गर्मी और लू से राहत जरूर मिलेगी और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन मौसम की यह तेजी लोगों के लिए चुनौती भी बन सकती है. मौसम विभाग ने साफ किया है कि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में अगले दो दिनों तक मौसम अस्थिर रहेगा और लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर पूरी तरह से करवट लेने वाला है और 30 मई को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मेरठ, लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर और बरेली जैसे बड़े शहरों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है. पश्चिमी और पूर्वी यूपी दोनों क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही तेज रहेगी और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो सामान्य स्थिति से काफी ज्यादा है. इससे खेतों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ सकता है. कई जगहों पर बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, जिससे सतर्कता बेहद जरूरी है. 31 मई को भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं होगा और हल्की से मध्यम बारिश के साथ बादल छाए रहने की स्थिति बनी रहेगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी. बिहार में मौसम का तूफानी असर बिहार में 30 मई को मौसम बेहद सक्रिय रहने वाला है और राज्य के कई जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है. पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गया, पटना, सारण, सिवान, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है. दिन के समय अचानक मौसम बदल सकता है और आसमान में घने बादल छा सकते हैं. गरज-चमक के साथ तेज बारिश के चलते कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति भी बन सकती है. इस दौरान हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. सबसे बड़ा खतरा बिजली गिरने का है, जो खुले क्षेत्रों और खेतों में काम कर रहे लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है. मौसम में यह बदलाव गर्मी से राहत जरूर देगा, लेकिन इसके साथ सावधानी बरतना भी जरूरी होगा. मौसम विभाग ने लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी है. उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर पूरी तरह से करवट लेने वाला है. झारखंड में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट झारखंड में मौसम एक बार फिर सक्रिय हो गया है और 30 मई को कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है. रांची, धनबाद, बोकारो, देवघर, गिरिडीह और हजारीबाग जैसे क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है. सुबह से ही बादलों की आवाजाही शुरू हो

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