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घर को रखना है ठंडा और बनाना है खूबसूरत, तो लगाइए रबर...

Last Updated:May 27, 2026, 07:00 IST गर्मी के मौसम में घर को ठंडा और हरा-भरा बनाए रखने के लिए रबर प्लांट अच्छा विकल्प माना जाता है. यह इनडोर प्लांट घर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ हवा को साफ रखने में भी मदद करता है. कम देखभाल में आसानी से बढ़ने वाला यह पौधा गर्मियों में घर और बालकनी दोनों के लिए शानदार विकल्प बन रहा है. बहराइच: गर्मी के मौसम में लोग राहत पाने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं. इन उपायों में एक बेहतर तरीका घर में हरे-भरे पौधे लगाना भी है. इससे न सिर्फ आपका घर सुंदर दिखता है, बल्कि आसपास का वातावरण भी ठंडा बना रहता है. इसके लिए आप कुछ खास किस्म के इनडोर प्लांट चुन सकते हैं. खासकर रबर प्लांट को घर में गमले में लगाकर इसका फायदा उठाया जा सकता है. खास है यह इनडोर प्लांट, घर की सुंदरता में लगा देता है चार चांद अगर आप अपने घर के लिए ऐसा पौधा ढूंढ रहे हैं, जो दिखने में बेहद खूबसूरत हो और जिसकी देखभाल करना भी आसान हो, तो इनडोर प्लांट में रबर प्लांट को शामिल कर सकते हैं. यह अपनी सुंदर पत्तियों और खास रंग के लिए जाना जाता है. घर में इस पौधे को लगाकर हरियाली और ठंडक दोनों का एहसास मिलता है. इसे गमले या क्यारी में आसानी से लगाया जा सकता है. इस खास रबर प्लांट को लगाने के कई फायदे रबर प्लांट सिर्फ घर की खूबसूरती ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इसके कई और फायदे भी हैं. यह हवा को साफ करने में मदद करता है. इसकी देखभाल भी ज्यादा नहीं करनी पड़ती और न ही रोज पानी देने की जरूरत होती है. गर्मियों में इसे 2 से 3 दिन में एक बार पानी देना काफी होता है. पानी देने से पहले गमले या जिस जगह पौधा लगा हो, वहां की मिट्टी छूकर जरूरत के हिसाब से पानी देना चाहिए. इस पौधे को लगाने से और भी कई फायदे वास्तु शास्त्र के अनुसार इसे सही दिशा, यानी दक्षिण-पूर्व में रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है. यही वजह है कि कई लोग इसे घरों में लगाना पसंद करते हैं. इसे घर के आंगन से लेकर बालकनी तक कहीं भी आसानी से लगाया जा सकता है. इस पौधे को स्वस्थ रखने के लिए रखें इन बातों का ध्यान रबर प्लांट को सीधी धूप में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे पौधे को नुकसान हो सकता है. इसे घर की ऐसी जगह रखें, जहां अच्छी और छनी हुई रोशनी आती हो. जरूरत पड़ने पर ग्रीन नेट की मदद से भी छाया की जा सकती है. इसके अलावा इसकी पत्तियों पर समय-समय पर धूल जम जाती है, इसलिए सफाई करते रहना भी जरूरी है. यह पौधा नर्सरी में आसानी से मिल जाता है. इसकी कीमत करीब 150 रुपये से शुरू होती है. अगर आप बहराइच जिले में इसे खरीदना चाहते हैं तो शहर में मरी माता मंदिर के सामने स्थित मुख्तार की नर्सरी से इसे आसानी से खरीद सकते हैं. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bahraich,Bahraich,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

ISRO-NASA दोनों इम्प्रेस… BIT मेसरा की 2 प्रोफेसर और पीएचडी स्टूडेंट का...

Last Updated:May 27, 2026, 06:48 IST Lunar Crater Study: रांची के BIT मेसरा की 2 महिला प्रोफसेर और एक पीएचडी के स्टूडेंट ने ऐतिहासिक रिसर्च किया है तीनों ने Crater Morpho टूल से चांद के crater की सफल स्टडी पूरी की है. अब ISRO इसे सैटेलाइट लैंडिंग में अपनाएगा. वहीं, NASA ने भी प्रोजेक्ट की सराहना की है. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित बीआईटी मेशरा के कंप्यूटर साइंस ब्रांच की 2 प्रोफेसर और एक पीएचडी स्टूडेंट ने मिलकर चांद के क्रेटर ( चांद के ऊपर जो गड्ढे होते हैं) की स्टडी सफलतापूर्वक की है. अब इनकी इस स्टडी को इसरो अपने सैटेलाइट लॉन्च में इस्तेमाल करेगा. इतना ही नहीं, नासा ने भी इनके प्रोजेक्ट की तारीफ की है. दरअसल, crater की सटीक जानकारी से सेटेलाइट लैंड करने में काफी आसानी हो जाती है. इसे स्टडी करने के लिए कस्टमाइज टूल क्रेटर Morpho भी बनाया है. यह टूल उन्होंने खुद ही बनाया है. इस टूल की मदद से मंगल और शुक्र तक में अब अपने सैटेलाइट सफलतापूर्वक उतार सकते हैं. डॉ संचिता पॉल ने बताया कि यह जो कस्टमाइज टूल हम लोगों ने बनाया है. इसकी मदद से भविष्य में ग्रहों पर ऑटोमेटिक ही crater की पहचान हो पाएगी. होंगे ये सारे फायदे इससे उसका रेडियस, डायमीटर, उसका खुद्रपन, उसकी ढाल हर एक चीज पता चल जाएगी. इसकी स्टडी से यह भी पता चलेगा कि चांद व अन्य ग्रह पर कितना तूफान आया, कितना वोल्कानिक इरप्शन हुआ, कितने स्टेरॉयड (steriods) टकराये हैं. धरती की इवैल्यूएशन और सोलर सिस्टम को समझने में भी काफी मदद मिलेगी. ब्रह्मांड में क्या गतिविधि हो रही है. यह भी समझने में काफी मदद मिलेगी. रिमोट सेंसिंग डिपार्टमेंट की डॉ. मिली घोष बताती हैं कि यह स्टडी तो हमने फिलहाल चांद के एक एरिया में किया है, लेकिन यह आगे चलकर अन्य ग्रहों के विश्लेषण में काफी अहम भूमिका निभाने वाली है. हम मंगल और शुक्र तक में इसके जरिए कई सारी अहम जानकारी जुटा पाएंगे. लैंडिंग में crater की होती है अहम भूमिका सीनियर रिसर्चर में मिमास्ना ने बताया, जब भी कोई सैटेलाइट लैंड करता है तो उसमें crater की अहम भूमिका होती है. अगर एक भी Crater टकराता है तो सब कुछ बर्बाद हो सकता है. ऐसे मे crater स्टडी काफी महत्वपूर्ण होती है. यह सेंसर ऑटोमेटिक crater को डिटेक्ट कर लेगा और हम किसी भी सैटेलाइट को किसी भी ग्रह में सफलतापूर्वक लैंड कर सकते हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

Ranchi Heat Alert: 39°C Max Temp; 4 Dists High Winds

रांची51 मिनट पहले कॉपी लिंक राज्य में आज दोपहर बाद से मौसम के मिजाज में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर बाकी क्षेत्रों में मौसम का प्रभाव ज्यादा देखने को मिलेगा। भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर है। हालांकि तापमान में तत्काल बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है, लेकिन अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में गरज के साथ तेज हवा और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। खासकर पूर्वी और निकटवर्ती मध्य भागों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। वहीं सिमडेगा, गुमला, कोडरमा और हजारीबाग जैसे जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उत्तर-पश्चिमी झारखंड के गढ़वा, पलामू और चतरा में लू का असर अभी भी बरकरार रह सकता है। गढ़वा, पलामू और चतरा में लू का असर जहां एक ओर राज्य के कई हिस्सों में मौसम सुहाना होने की उम्मीद है, वहीं उत्तर-पश्चिमी झारखंड के गढ़वा, पलामू और चतरा में लू का असर अभी भी बरकरार रह सकता है। इन इलाकों में गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। रांची और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान करीब 39°C और न्यूनतम 26°C रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बादल और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे धीरे-धीरे गर्मी से राहत मिलेगी। फिलहाल लोगों को बदलते मौसम के साथ सतर्क रहने की जरूरत है। रांची और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान करीब 39°C और न्यूनतम 26°C रहने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम झारखंड में सबसे अधिक तापमान आज चतरा, गढ़वा और पलामू जैसे जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। यह राज्य में सबसे अधिक तापमान वाला जोन रहेगा, जिससे लू जैसी स्थिति बनने की पूरी संभावना है। वहीं देवघर, धनबाद और पाकुड़ में अधिकतम तापमान 41 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि दुमका, जामताड़ा और गोड्डा जैसे जिलों में यह 38 से 39 डिग्री के बीच रहेगा, जो सामान्य से अधिक गर्मी का संकेत देता है। मध्य झारखंड की बात करें तो बोकारो 42 डिग्री के साथ सबसे गर्म जिलों में शामिल रहेगा, जबकि रांची, हजारीबाग, रामगढ़, गुमला और खूंटी में अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। पश्चिमी सिंहभूम 42 और सिमडेगा में 40 डिग्री रहने की संभावना है। जिससे यहां भी उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी। पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में तापमान 42 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि पश्चिमी सिंहभूम 42 और सिमडेगा में 40 डिग्री रहने की संभावना है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

पीने के पानी को तरसे गिरिडीह के 40 आदिवासी परिवार:गांव में न...

गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड अंतर्गत आदिवासी बहुल झरना गांव इन दिनों भीषण गर्मी और पेयजल संकट की दोहरी मार झेल रहा है। सूरज की तपिश जैसे-जैसे बढ़ रही है, गांव के लोगों की मुश्किलें और गहरी होती जा रही हैं। आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी यह गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। करीब 40 घरों में रहने वाले 250 से 300 ग्रामीणों के लिए पानी अब सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। हालत यह है कि लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए रोजाना तीन किलोमीटर दूर जंगल और पहाड़ी रास्तों से पानी ढोकर लाना पड़ता है। खबर से जुड़ी तस्वीरें देखें… जंगल के डाडी पर टिकी लोगों की जिंदगी गांव के चारों ओर घने जंगल हैं। इन्हीं जंगलों के बीच एक डाडी (पेयजल के बीच छोटा कुआंनुमा) में जमा पानी ही ग्रामीणों का सहारा बना हुआ है। स्थानीय महिलाओं हेमंती हांसदा, शांति मुर्मू और बिनीता बताती हैं कि तपती धूप में सिर पर मटके रखकर पहाड़ी रास्तों से पानी लाना किसी सजा से कम नहीं है। कई बार फिसलन भरे रास्ते पर गिरने का खतरा भी बना रहता है। इसके बावजूद प्यास बुझाने के लिए यही एकमात्र विकल्प है। रात में पानी खत्म हो जाए तो जंगल जाने का डर अलग सताता है, लेकिन मजबूरी के आगे हर डर छोटा पड़ जाता है। नल-जल योजना अधूरी, चापाकल भी बेकार ग्रामीणों के अनुसार गांव तक पहुंचने के लिए भी लंबा और कठिन रास्ता तय करना पड़ता है। यहां एक भी चालू चापाकल नहीं है। करीब पांच वर्ष पहले एक बोरिंग कराई गई थी, लेकिन तीन सौ फीट खुदाई के बाद भी पानी नहीं निकला। इसके बाद से न तो कोई नई पहल हुई और न ही कोई स्थायी समाधान निकला। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा कई बार विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। गांव वालों की माने तो पेयजल संकट का असर अब गांव के सामाजिक जीवन पर भी पड़ने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि शादी-विवाह जैसे शुभ कार्य भी इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। बाहर से रिश्तेदार जब गांव देखने आते हैं। पानी की स्थिति देखते हैं तो रिश्ता करने से इनकार कर देते हैं। सरकार से आस, समाधान की दरकार ग्रामीण अर्जुन मांझी और रामु मुर्मू बताते हैं कि महिलाओं को स्नान और पानी भरने के लिए जंगल जाना पड़ता है, जिससे सुरक्षा का खतरा बना रहता है। पंचायत समिति सदस्य सत्यनारायण महतो का कहना है कि पास के डाडी से पाइपलाइन के जरिए पानी की आपूर्ति की जा सकती है, लेकिन इसके लिए विभाग को पहल करनी होगी। पीएचडी विभाग के जेई जयप्रकाश यादव ने भी माना कि पहले की बोरिंग विफल रही थी। अब इस समस्या से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। ग्रामीणों की मांग है कि भीषण गर्मी के इस दौर में सरकार जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालकर उन्हें राहत दे, ताकि झरना गांव की प्यास बुझ सके। Source link

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नीतीश कुमार फॉर्मूले से कर्नाटक का नाटक खत्म करेगी कांग्रेस, सिद्दारमैया को...

Siddaramaiah To Step Down Karnataka CM Post: कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक में लंबे समय से चल रहे आपसी संघर्ष का करीब-करीब समाधान निकाल लिया है. दरअसल, वहां लंबे समय से राज्य को दोनों कद्दावर नेताओं मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार के बीच सीएम पद को लेकर खींचतान जारी था. अब आ रही जानकारी के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान ने सीएम सिद्दारमैया से कह दिया है कि वह सीएम की कुर्सी छोड़ दें और डीके शिवकुमार के लिए रास्ते खोल दें. लेकिन, राज्य में बड़े जनाधार वाले नेता सिद्दारमैया को मनाने के लिए कांग्रेस पार्टी को खूब पापड़ बेलने पड़े. अंतत: पिछले दिनों बिहार में सीएम पद से नीतीश कुमार की विदाई में इस संकट का समाधान दिख गया. अब सूत्र बता रहे हैं कि सीएम नीतीश कुमार की तरह सिद्दारमैया भी राज्यसभा की शोभा बढ़ाएंगे. करीब 80 वर्षीय सिद्दारमैया राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाएंगे, ऐसा कांग्रेस हाईकमान ने उनको आश्वासन दिया है. क्या था नीतीश कुमार फॉर्मूला हाल के दिनों में बिहार की राजनीति में हुए बदलावों को कांग्रेस ने काफी करीब से देखा है. वहां लंबे समय सीएम की कुर्सी पर काबिज नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा गया. इसको लेकर काफी माथापेच्ची हुई थी. बिहार में एनडीए ने नीतीश कुमार के चेहरे पर चुनाव लड़ा था लेकिन उनके सीएम बनने के चंद महीनों के भीतर राज्य में नेतृत्व परिवर्तन हो गया. नीतीश को राज्यसभा भेजकर इस पूरी समस्या का समाधान निकाला गया और भाजपा के सम्राट चौधरी सीएम बनाए गए. इसी मॉडल को अब कर्नाटक में भी लागू करने की कोशिश मानी जा रही है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस हाईकमान यह समझ चुका है कि बड़े जनाधार वाले नेताओं को सीधे किनारे करना पार्टी के लिए नुकसानदेह हो सकता है. ऐसे में उन्हें सम्मानजनक तरीके से राष्ट्रीय राजनीति में भेजना बेहतर विकल्प माना गया. सिद्दारमैया के मामले में भी यही रास्ता अपनाया जा रहा है. दरअसल, सिद्दारमैया सिर्फ एक मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि कर्नाटक की सामाजिक राजनीति का बड़ा चेहरा हैं. कुरुबा समुदाय समेत कई पिछड़े वर्गों में उनकी मजबूत पकड़ है. ऐसे नेता को अचानक हटाने से पार्टी के वोट बैंक में नाराजगी पैदा हो सकती थी. इसलिए राज्यसभा और राष्ट्रीय राजनीति का रास्ता एक सेफ ट्रांजिशन मॉडल के रूप में देखा जा रहा है. कर्नाटक में क्या था संकट कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी संघर्ष शुरू हो गया था. डीके शिवकुमार खुद को मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार मान रहे थे. संगठन पर उनकी पकड़ और चुनावी रणनीति में उनकी भूमिका को देखते हुए उनके समर्थक लगातार दबाव बना रहे थे. दूसरी तरफ सिद्दारमैया का जनाधार और प्रशासनिक अनुभव कांग्रेस नेतृत्व के लिए बड़ा फैक्टर था. आखिरकार पार्टी ने समझौते के तहत सिद्दारमैया को मुख्यमंत्री और डीके शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाया. लेकिन यह व्यवस्था शुरुआत से ही अस्थायी मानी जा रही थी. बीते महीनों में कई बार नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें सामने आईं. डीके समर्थक खुले तौर पर सत्ता हस्तांतरण की बात करते रहे, जबकि सिद्दारमैया खेमे ने इसे खारिज किया. इससे सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर असहज स्थिति बनी रही. विपक्षी भाजपा और जेडीएस भी लगातार कांग्रेस की अंदरूनी कलह को मुद्दा बनाते रहे. कांग्रेस हाईकमान की सबसे बड़ी चिंता यह थी कि यदि यह संघर्ष लंबा चला तो उसका असर 2028 के विधानसभा की तैयारी और दक्षिण भारत में पार्टी की स्थिरता पर पड़ सकता है. इसलिए अब पार्टी नेतृत्व एक स्पष्ट सत्ता परिवर्तन मॉडल की ओर बढ़ता दिख रहा है. सिद्दारमैया के राज्यसभा जाने से सुलझ जाएगा मामला? राजनीतिक दृष्टि से यह कदम कांग्रेस के लिए फायदे और जोखिम दोनों लेकर आता है. फायदा यह है कि पार्टी डीके शिवकुमार को पूरी तरह संतुष्ट कर सकती है. लंबे समय से इंतजार कर रहे डीके को मुख्यमंत्री बनाने से संगठन में उनका प्रभाव और बढ़ेगा तथा वे 2028 के विधानसभा चुनाव तक अपनी टीम तैयार कर पाएंगे. दूसरी ओर, सिद्दारमैया को राज्यसभा भेजकर कांग्रेस उनके अनुभव का इस्तेमाल राष्ट्रीय स्तर पर करना चाहती है. दक्षिण भारत में भाजपा के खिलाफ विपक्षी रणनीति तैयार करने, सामाजिक न्याय के मुद्दों को उठाने और ओबीसी राजनीति को मजबूती देने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है. लेकिन चुनौती भी कम नहीं है. सिद्दारमैया का प्रभाव सिर्फ विधानसभा तक सीमित नहीं है. उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता कांग्रेस के लिए चुनावी पूंजी रही है. अगर उनके समर्थकों को यह महसूस हुआ कि उन्हें साइडलाइन किया गया है, तो पार्टी को नुकसान हो सकता है. इसके अलावा डीके शिवकुमार के सामने भी बड़ी परीक्षा होगी. उन्हें सिर्फ सत्ता संभालनी नहीं होगी, बल्कि सिद्दारमैया समर्थक नेताओं को साथ लेकर चलना होगा. यदि नेतृत्व परिवर्तन के बाद गुटबाजी और बढ़ती है, तो कांग्रेस के लिए यह प्रयोग उल्टा भी पड़ सकता है. फिलहाल इतना साफ है कि कांग्रेस कर्नाटक में टकराव की राजनीति से निकलकर सम्मानजनक सत्ता हस्तांतरण का रास्ता अपनाना चाहती है. अब देखना होगा कि यह फार्मूला पार्टी को स्थिरता देता है या फिर नई राजनीतिक चुनौतियों का दरवाजा खोलता है. Source link

झारखंड

Today Weather Live | Aaj Ka Mausam Live: 90KM की आंधी और...

Aaj Ka Mausam Live: देश इस समय मौसम के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है. एक तरफ दिल्ली, राजस्थान, यूपी और मध्य भारत के कई हिस्से आग उगलती गर्मी से तप रहे हैं तो दूसरी तरफ मौसम विभाग (IMD) ने अब राहत और खतरे दोनों का बड़ा अलर्ट जारी कर दिया है. IMD के मुताबिक 27 मई को देश के 17 राज्यों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं. सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह है कि कई राज्यों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं. मौसम का यह बदला हुआ रूप सिर्फ राहत नहीं देगा बल्कि कई जगह तबाही भी मचा सकता है. विशेषज्ञ मान रहे हैं कि गर्म हवाओं और सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के टकराव की वजह से उत्तर और पूर्वी भारत में मौसम बेहद अस्थिर हो गया है. बिहार, झारखंड, यूपी और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हालात ज्यादा गंभीर हो सकते हैं. वहीं पहाड़ी इलाकों में ओलावृष्टि और अचानक बर्फबारी तक की चेतावनी जारी की गई है. ऐसे में अगले 72 घंटे देश के कई हिस्सों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं. मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण बिहार और पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने पूरे मौसम सिस्टम को बेहद ताकतवर बना दिया है. यही वजह है कि उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक मौसम में बड़ा बदलाव दिखाई देने वाला है. स्काईमेट और IMD दोनों एजेंसियों ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश की घटनाएं बढ़ सकती हैं. कई राज्यों में धूलभरी आंधी भी चल सकती है जिससे विजिबिलिटी कम होगी. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की शुरुआती हलचल और पश्चिमी विक्षोभ का असर मिलकर यह असामान्य स्थिति पैदा कर रहा है. यही कारण है कि कुछ राज्यों में तापमान 45 डिग्री के ऊपर रहेगा तो कुछ राज्यों में अचानक तेज बारिश से मौसम ठंडा हो जाएगा. किसानों, यात्रियों और छोटे कारोबारियों के लिए यह समय काफी सतर्क रहने वाला है. बिहार में 90KM की स्पीड वाला तूफान. (फोटो PTI) देश के कई हिस्सों में इस समय मौसम का मिजाज पूरी तरह बंटा हुआ दिखाई दे रहा है. उत्तर भारत में हीटवेव अब भी लोगों को परेशान कर रही है जबकि पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में बारिश का असर तेजी से बढ़ रहा है. IMD ने साफ कहा है कि बिहार, यूपी, झारखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहेंगे. कई जगहों पर वज्रपात और पेड़ गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी है. उधर दक्षिण भारत में मानसून की दस्तक अब साफ दिखाई देने लगी है. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं. समुद्री इलाकों में तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक जून के पहले सप्ताह तक मानसून और तेजी पकड़ सकता है. इससे देश के कई हिस्सों में गर्मी से राहत मिलेगी लेकिन अचानक आने वाली तेज बारिश और तूफान नई मुश्किलें भी खड़ी कर सकते हैं. दिल्ली-NCR में हीटवेव के बाद बारिश की उम्मीद दिल्ली-एनसीआर में अगले दो दिन तक गर्मी का प्रकोप जारी रहने वाला है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 27 मई को तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. हालांकि 28 मई से मौसम करवट ले सकता है. गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. 29 मई को तापमान में 6 से 7 डिग्री तक गिरावट आ सकती है जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. यूपी में आंधी-बारिश का डबल अटैक उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में मौसम का बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. सहारनपुर, मेरठ, नोएडा, गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा और अयोध्या समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. कई जिलों में बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है लेकिन बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज होगी. बिहार में 90KM की स्पीड वाला तूफान बिहार इस बार मौसम के सबसे खतरनाक जोन में शामिल है. पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर और किशनगंज समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी का रेड अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक यहां 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं. पटना में भी तेज बारिश और वज्रपात की संभावना है. किसानों को खेतों में न जाने और लोगों को बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है. झारखंड में गरजेंगे बादल, चलेगी तेज हवा झारखंड के गिरिडीह, देवघर, दुमका, बोकारो और धनबाद जैसे जिलों में मौसम बेहद खराब रह सकता है. यहां 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. रांची में तापमान गिरने की संभावना है लेकिन तेज बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. पश्चिम बंगाल में बारिश और बिजली का खतरा पश्चिम बंगाल के मालदा, बांकुड़ा, हुगली, पुरुलिया और 24 परगना जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. कोलकाता समेत कई शहरों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने कहा है कि दक्षिण बंगाल में आंधी की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. उत्तर प्रदेश में 28 मई से बदलने वाला है मौसम. राजस्थान में अभी भी आग उगलती गर्मी राजस्थान में फिलहाल राहत

झारखंड

जामताड़ा नगर में झामुमो अल्पसंख्यक मोर्चा का विस्तार, मुख्तार शेख बने नगर...

जामताड़ा| झारखंड मुक्ति मोर्चा अल्पसंख्यक मोर्चा की जामताड़ा नगर कमेटी का विस्तार दुमका रोड स्थित पार्टी कार्यालय में जिलाध्यक्ष सगीर खान के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के केंद्रीय कमेटी सदस्य अशोक मंडल, जिला उपाध्यक्ष रविंद्र नाथ दुबे, जिला प्रवक्ता आनंद टुडू, विजय राउत एवं वासुदेव मरांडी की विशेष उपस्थिति रही। बैठक में सर्वसम्मति से नई नगर कमेटी का गठन किया गया, जिसमें मुख्तार शेख को नगर अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं मुस्लिम खान एवं इरशाद खान को उपाध्यक्ष, अनवर शेख को सचिव, शेख समीम को कोषाध्यक्ष, इसराइल शेख एवं हाशिम शेख को सह सचिव तथा साहिल शेख एवं चांद शेख को संगठन सचिव बनाया गया। मौके पर केंद्रीय कमेटी सदस्य अशोक मंडल ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नई टीम के गठन से संगठन को नई मजबूती मिलेगी तथा आने वाले दिनों में पार्टी का जनाधार और मजबूत होगा। Source link

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India 6th in World Stock Market; Neelam Meena Appointed Chief Election Officer

Hindi News Career India 6th In World Stock Market; Neelam Meena Appointed Chief Election Officer 38 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. क्वाड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क पर MoU साइन किया 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक खत्म हुई। बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल हुए। अमेरिका की ओर से मार्को रूबियो, जापान से तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पेनी वोंग मौजूद रहे। भारत और अमेरिका ने क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ सप्लाई सिक्योरिटी के लिए एक MoU साइन किया। ये MoU भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने में मदद करेगा। क्वाड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क शुरू करने को मंजूरी दी। इसके साथ ही खनन, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए मिलकर निवेश और सहयोग करने पर मंजूरी दी। क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक में एनर्जी सिक्योरिटी बढ़ाने के लिए भी पहल की है, जिसके तहत फ्यूल सिक्योरिटी फोरम और रीजनल एनर्जी सिक्योरिटी को आगे बढ़ाया जाएगा। हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री निगरानी बढ़ाने के लिए क्वाड देश सैटेलाइट डेटा साझा करेंगे, जिससे तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और आपदा राहत में मदद मिलेगी। क्वाड देशों ने फिजी में ‘पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर’ प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला भी किया है, जिसके तहत पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और रीजनल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही क्वाड देशों ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े संकट पर भी बात की। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 2. ताइवान दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर मार्केट बना 25 मई को ब्लूमबर्ग की जारी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को पीछे छोड़ ताइवान दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर मार्केट बन गया है। ताइवान का कुल मार्केट कैप 4.95 ट्रिलियन हुआ, जबकि भारत का मार्केट कैप 4.92 ट्रिलियन है। ताइवान के शेयर मार्केट में आए इस उछाल का मुख्य कारण ताइवानी सेमीकंडक्टर और एआई (AI) इंडस्ट्री की बढ़ती मांग है। ताइवान के मार्केट में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह चिप निर्माता कंपनी Taiwan Semiconductor Manufacturing Company यानी TSMC रही है। कंपनी के शेयर इस साल करीब 49 प्रतिशत बढ़े हैं। भारत अब ग्लोबल शेयर मार्केट रैंकिंग में छठे नंबर पर आ गया है। दुनिया के सबसे बड़े शेयर मार्केट अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के हैं। शेयर मार्केट रैंकिंग के मामले में ताइवान भारत से आगे है, लेकिन अर्थव्यवस्था के आकार में भारत अब भी काफी बड़ा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था करीब 4.15 ट्रिलियन डॉलर की है और यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। वहीं, ताइवान का ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट यानी, GDP करीब 977 अरब डॉलर है। 3. भारत और कनाडा ने ‘CEPA 2030’ लक्ष्य तय किया 25 मई को भारत और कनाडा ने साल 2026 के आखिर तक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) पूरा करने का लक्ष्य तय किया। कनाडा के पीएम मार्क कॉर्नी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बीच ओटावा में हुई बैठक में इस बात की जानकारी दी। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, CEPA का उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $50 बिलियन (लगभग 4 लाख करोड़ रुपए) तक करना है। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने इस समझौते को दोनों देशों के लिए ‘गेम चेंजर’ बताया है। ये MoU सर्विस, इंवेस्टमेंट और ह्यूमन रिसोर्स से संबंधित है। इसके साथ ही दोनों देश एनर्जी, एग्रीकल्चर और हायर एजुकेशन जैसे सेक्टर्स में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। इस MoU से भारतीय निर्यातकों को कनाडा के बाजार में बेहतर पहुंच मिल सकेगी। ये CEPA भारत की ‘एक्ट वेस्ट’ और कनाडा की ‘इंडो-पैसिफिक’ रणनीति का हिस्सा है। इस MoU के पूरा होने पर फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल और IT प्रोफेशनल्स को फायदा मिलेगा। भारत और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता की अगली बैठक जुलाई 2026 में ओटावा में आयोजित की जाएगी। अपॉइंटमेंट (APPOINTMENT) 4. नीलम मीणा चीफ इलेक्शन ऑफिसर अपॉइंट हुईं 26 मई को 1998 बैच की IAS नीलम मीणा ने पश्चिम बंगाल की नई चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) का पद संभाला। IAS नीलम की नियुक्ति पूर्व CEO मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का मुख्य सचिव बनाए जाने के बाद की गई है। नीलम हुगली जिले की मजिस्ट्रेट भी रह चुकी हैं। साथ ही सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (SJDA) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी रहीं। नीलम पश्चिम बंगाल सरकार के युवा सेवा और पर्यावरण विभाग में वरिष्ठ पदों पर रह चुकी हैं। इसके साथ ही नीलम चाय बोर्ड और ग्रामीण विकास मंत्रालय में भी काम कर चुकी हैं। फरवरी 2024 में नीलम पश्चिम बंगाल के कंज्यूमर डिपार्टमेंट की सेक्रेटरी बनाई गई थीं और अब तक वे इस पद पर थीं। इससे साथ ही नीलम कई सारे डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सेक्रेटरी, डायरेक्टर, सेक्रेटरी, डिप्टी चेयरमैन, प्राइवेट सेक्रेटरी, जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट, जॉइंट सेक्रेटरी, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर समेत कई पदों पर काम कर चुकी हैं। नीलम कई डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सेक्रेटरी, डायरेक्टर और डिप्टी चेयरमैन रह चुकी हैं। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 5. बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह पर FWICE ने बैन लगाया 25 मई को बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने बैन लगाया। ये बैन अचानक फिल्म छोड़ने की वजह से लगाया गया है। एक्टर-डायरेक्टर फरहान अख्तर ने रणवीर सिंह के अचानक फिल्म ‘डॉन 3’ से बाहर होने की शिकायत FWICE में की थी। फरहान ने अपनी शिकायत में कहा कि फिल्म का प्री प्रोडक्शन शुरू हो गया था, इसके बाद रणवीर ने फिल्म छोड़ दी। इससे फिल्म मेकर्स को 45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। FWICE के मुताबिक, फेडरेशन के अध्यक्ष वीएन तिवारी नेरणवीर से इस मामले में तीन बार बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने रिस्पोंस नहीं दिया। इसके बाद FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (उनके साथ काम न करने का निर्देश) जारी कर दिया है। फरहान ने साल 2023 में फिल्म डॉन-3 की घोषणा एक्टर रणवीर सिंह के साथ की थी। 2006 में आई शाहरुख स्टारर डॉन और 2011 में आई डॉन-2 के बाद ये इस फ्रेंचाइजी की ये तीसरी फिल्म थी। फेडरेशन

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टीसीसी प्रीमियर लीग सीजन-2: रोमांचक मुकाबले में टीसीसी ब्लास्टर्स बना चैंपियन

भास्कर न्यूज|​गुमला शहीद तेलंगा खड़िया क्रिकेट स्टेडियम गुमला में खेले जा रहे टीसीसी प्रीमियर लीग सीजन-2 का शानदार समापन हो गया। टूर्नामेंट के सातवें और अंतिम दिन (24 मई 2026) खेले गए खिताबी मुकाबले में टीसीसी ब्लास्टर्स ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए टीसीसी हिटर्स को 7 विकेट से करारी शिकस्त देकर ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीसीसी हिटर्स की शुरुआत बेहद सधी रही। टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर 109 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। हिटर्स की ओर से एकलव्य उरांव ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 36 गेंदों में सर्वाधिक 49 रनों की पारी खेली, जबकि कमल कुमार ने 9 गेंदों में 15 रन बनाए। टीसीसी ब्लास्टर्स की तरफ से घातक गेंदबाजी करते हुए सीमा कुमारी ने अपने 4 ओवर के स्पेल में मात्र 24 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिसने हिटर्स की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। ​ब्लास्टर्स की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी, 13 ओवर में ही जीता मैच 110 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीसीसी ब्लास्टर्स की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। टीम ने मात्र 13 ओवरों में 3 विकेट के नुकसान पर 112 रन बनाकर बेहद आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया। ब्लास्टर्स की जीत के हीरो आयुष राज रहे, जिन्होंने 26 गेंदों पर नाबाद 45 रनों की धुआंधार पारी खेली। उनका बखूबी साथ देते हुए राहुल कुमार ने 26 गेंदों पर नाबाद 26 रन और कुशल मेटे ने 11 गेंदों पर ताबड़तोड़ 22 रन बनाए। हिटर्स की ओर से एकलव्य उरांव ही कुछ प्रभाव छोड़ पाए, जिन्होंने गेंदबाजी में 2 विकेट हासिल किए। ​टीसीसी ब्लास्टर्स ने फाइनल मुकाबला 7 विकेट से जीता और टीसीसी प्रीमियर लीग सीजन-2 की चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम की। खेल प्रेमियों ने दोनों टीमों के खेल और खेल भावना की जमकर सराहना की। मौके पर जिला क्रिकेट संघ के सचिव जीतेन्द्र सिंह, मनोज चौधरी, लाल शेखर नाथ सहदेव, ओमशंकर सिंह, अंकित विश्वकर्मा, नितेश कुमार, ज्ञान प्रकाश, मधुसूदन उरांव, पुनीत सोनी, हरीश पासवान, आयुष अग्रवाल, सनी साहू, विनीत नाग, समलेश शर्मा, पंकज कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे। ​मैच की समाप्ति के बाद खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया: ​प्लेयर ऑफ द मैच: सीमा कुमारी (टीसीसी ब्लास्टर्स) — शानदार गेंदबाजी (4 ओवर, 24 रन, 4 विकेट) ​प्लेयर ऑफ द सीरीज: एकलव्य उरांव (टीसीसी हिटर्स) — ऑलराउंडर प्रदर्शन (टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल) ​सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज : कुशल मेटे (टीसीसी ब्लास्टर्स) ​सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज: पुनीत कुमार सोनी (टीसीसी टाइटंस) Source link

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Aaj ka Vrishchik Rashifal: कल भूलकर भी न छुएं यह चीज! इन...

Last Updated:May 27, 2026, 00:06 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 27 may 2026: वृश्चिक राशि वालों के लिए 27 मई का दिन संयम और सतर्कता बरतने का है. सितारों की चाल के अनुसार कल जल्दबाजी, फिजूलखर्ची और वाद-विवाद से बचना बेहद जरूरी है. ऑफिस में शांत रहकर आप बड़े संकटों को टाल सकते हैं. कल आपका लकी नंबर 3 और भाग्यशाली रंग मैरून रहेगा. सीतामढ़ी: आज 27 मई 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बेहद सतर्क रहने और धैर्य से काम लेने का है. आज के दिन आपकी एक छोटी सी चूक या जल्दबाजी आपके पूरे मूड को खराब कर सकती है. आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है. सितारों की चाल इशारा कर रही है कि आज आपको हर कदम फूंक-फूंक कर रखना होगा. दिन की शुरुआत से ही अपने स्वभाव में ठहराव बनाए रखें, क्योंकि आज का दिन आपकी मानसिक दृढ़ता और संयम की परीक्षा ले सकता है. किसी भी काम को करने से पहले उसके अच्छे-बुरे परिणामों पर विचार अवश्य कर लें. जानें कैसा रहेगा कार्यक्षेत्र और करियर  ​प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार, कार्यक्षेत्र और करियर के मामले में आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है. ऑफिस या बिजनेस में कुछ लोग आपकी क्षमताओं को परखने या आपको उकसाने की कोशिश कर सकते हैं. ऐसे में ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे की सलाह है कि आपको हर बात का जवाब देने या हर बहस में उलझने की जरूरत नहीं है. आज आपका मौन ही आपका सबसे बड़ा हथियार होगा. यदि आप कार्यस्थल पर शांत रहकर अपने काम पर ध्यान केंद्रित करेंगे, तो अंततः फायदा आपका ही होगा. विरोधी खुद-ब-खुद शांत हो जाएंगे. आज फिजूलखर्च से बचेंआर्थिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो आज का दिन धन के प्रबंधन को लेकर बेहद सावधान रहने का है. आज आपको किसी भी तरह के फिजूलखर्च से बचना चाहिए और अपने बजट को संतुलित रखना चाहिए. निवेश के मामलों में आज का दिन बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है. इसलिए किसी के भी कहने पर या बहकावे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा कहीं भी लगाने से बचें. रिस्क वाले कामों से दूरी बनाकर रखना ही आज आपके वित्तीय स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा. रिश्तों के लिहाज से आज का दिन संवेदनशीलरिश्तों के लिहाज से भी आज का दिन संवेदनशील है. पार्टनर या परिवार के साथ किसी भी विवाद में पड़ने के बजाय साइलेंस यानी चुप्पी का सहारा लें. यह बहस से कहीं अधिक शक्तिशाली साबित होगा. ​आज के दिन को शुभ और शांतिपूर्ण बनाने के लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है. जानें लकी नंबर और उपायवृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का लकी नंबर 3 है. भाग्यशाली रंग मैरून रहेगा. आज का सबसे अचूक और सरल उपाय यह है कि पूरे दिन में से कम से कम 5 मिनट के लिए मोबाइल और हर तरह की तकनीक से दूर होकर बिल्कुल शांत बैठें. इससे आपका मन स्थिर और संतुलित रहेगा. अंत में यही बात सबसे महत्वपूर्ण है कि अगर आज आपने खुद के गुस्से और जल्दबाजी पर काबू पा लिया, तो पूरा दिन आपके नियंत्रण में रहेगा और आप हर मुश्किल परिस्थिति को आसानी से संभाल लेंगे. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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