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झारखंड

धान की खेती शुरू करने से पहले खेत में करें ये काम,...

Last Updated:May 23, 2026, 13:47 IST धान की खेती शुरू करने से पहले खेत की सही तैयारी करना बहुत जरूरी है, नहीं तो पूरी फसल पर असर पड़ सकता है. कृषि विशेषज्ञ अंबिका कुशवाहा ने बताया कि अगर किसान सही तरीके से तैयारी करें तो कमजोर मानसून में भी अच्छी पैदावार हासिल की जा सकती है. उन्होंने कहा कि इसके लिए सबसे पहले खेत की सफाई, सही बीज का चयन और मजबूत नर्सरी तैयार करना जरूरी है. सही तरीके से की गई तैयारी से धान की फसल बेहतर होती है और उत्पादन भी बढ़ता है. देवघर: धान की खेती का समय धीरे-धीरे शुरू होने वाला है. पहली बारिश के साथ ही किसान खेतों की तैयारी और धान की नर्सरी यानी बिछड़ा तैयार करने के काम में जुट जाएंगे. लेकिन कई बार जल्दबाजी में किसान कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका असर बाद में पूरी फसल पर पड़ता है. सही तरीके से शुरुआत नहीं होने पर धान की पैदावार कम हो सकती है और किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. इसलिए कृषि विशेषज्ञ खेती शुरू करने से पहले खेत की अच्छी तैयारी करने की सलाह दे रहे हैं. क्या कहते है कृषि विशेषज्ञकृषि विशेषज्ञ अंबिका कुशवाहा ने बताया कि धान की नर्सरी तैयार करने से पहले खेत की सफाई सबसे जरूरी काम है. खेत में उगी खरपतवार यानी बेकार घास को पूरी तरह हटाना चाहिए. अगर खेत में खरपतवार रह जाता है तो वह मिट्टी के पोषक तत्वों को खींच लेता है, जिससे धान के पौधे कमजोर हो जाते हैं. इसके बाद सूखे खेत की अच्छी तरह जुताई करनी चाहिए. जुताई से मिट्टी भुरभुरी हो जाती है और उसमें हवा का संचार बढ़ता है. इससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता मजबूत होती है और पौधों की जड़ें तेजी से बढ़ती हैं. खेतों में उर्वरक के रूप में गोबर का करें प्रयोगविशेषज्ञों के अनुसार खेत में गोबर की खाद का इस्तेमाल भी काफी फायदेमंद होता है. गोबर की खाद मिट्टी को प्राकृतिक ताकत देती है और जमीन में नमी बनाए रखने में मदद करती है. रासायनिक खाद के साथ गोबर खाद का उपयोग करने से फसल को अधिक फायदा मिलता है. अगर समय पर बारिश नहीं हो रही हो तो खेत में सिंचाई जरूर करनी चाहिए, ताकि मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहे. सूखी मिट्टी में तैयार की गई नर्सरी कमजोर हो जाती है और पौधों की बढ़वार सही तरीके से नहीं हो पाती. नर्सरी हमेशा थोड़ी ऊंची जमीन परधान की नर्सरी हमेशा थोड़ी ऊंची जमीन पर तैयार करनी चाहिए, जहां सिंचाई और जल निकासी दोनों की अच्छी व्यवस्था हो. लगातार बारिश होने पर खेत में पानी जमा हो सकता है, जिससे नर्सरी खराब होने का खतरा रहता है. वहीं पानी की कमी होने पर पौधे सूखने लगते हैं. इसलिए ऐसी जगह का चयन जरूरी है जहां अतिरिक्त पानी आसानी से निकल सके और जरूरत पड़ने पर सिंचाई भी हो सके. मौसम के अनुसार धान के बीज चुनेंकृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम के अनुसार धान के बीज चुनने की भी सलाह दी है. इस साल मानसून कमजोर रहने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में कम पानी में अच्छी पैदावार देने वाली किस्मों का चयन करना फायदेमंद रहेगा. विशेषज्ञों के अनुसार शक्ति पोहा, सवा 200, सवा 300, कावेरी 468 और पूसा बासमती 1509 जैसी धान की किस्में कम बारिश में भी अच्छी उपज देती हैं. इन किस्मों में बीमारियां कम लगती हैं और उत्पादन भी बेहतर होता है. सही बीज का चयन किसानों को कम खर्च में ज्यादा मुनाफा दिलाने में मदद कर सकता है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Deoghar,Jharkhand Source link

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हजारीबाग में राहुल दुबे गैंग का सदस्य गिरफ्तार:हथियार-कारतूस बरामद, बड़ी आपराधिक घटना...

हजारीबाग पुलिस ने राहुल दुबे गैंग के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। लोहसिंघना थाना क्षेत्र से जियाउल रहमान उर्फ मोजम्मिल/मुजमील (25) को हथियार और जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा गया। पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक घटना की साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। एसपी को 22 मई की शाम करीब 6 बजे गुप्त सूचना मिली थी। इसमें बताया गया कि राहुल दुबे गैंग के सदस्य लोहसिंघना थाना क्षेत्र के ग्राम रोतरा में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, एसपी के निर्देश पर बड़कागांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अमित आनंद (भा.पु.से.) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी टीम ने तत्काल ग्राम रोतरा में नगर निगम डंपिंग यार्ड के पास छापेमारी की। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहे जियाउल रहमान को टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपी ने स्वीकार किया कि वे बानादाग रेलवे साइडिंग में लेवी (रंगदारी) वसूलने और इलाके में दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग करने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने आरोपी के पास से एक लोडेड पिस्टल (मैगजीन सहित), दो जिंदा कारतूस, एक अतिरिक्त खाली मैगजीन, पांच खोखे और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। जियाउल रहमान का पुराना आपराधिक इतिहास है। वह पहले भी कटकमसांडी (पेलावल) थाना कांड संख्या 242/25 (एनडीपीएस एक्ट) और सदर (बड़ाबाजार) थाना कांड संख्या 368/24 के तहत जेल जा चुका है। पुलिस ने इस मामले में लोहसिंघना थाना कांड संख्या 57/26 दर्ज कर, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। Source link

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देवघर में महिला से रेप-हत्या मामले का खुलासा:तीन आरोपी गिरफ्तार, शव को...

देवघर पुलिस ने रिखिया थाना क्षेत्र के रढ़िया गांव में एक महिला से दुष्कर्म और हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है। इस संबंध में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में श्रवण राजत, राहुल कुमार और राकडी देवी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई कुदाल भी बरामद की है, जिसका उपयोग शव को बालू में दबाने के लिए किया गया था। यह मामला तब सामने आया, जब 19 मई को रढ़िया नदी में बालू से ढका एक अर्धनग्न महिला का शव मिला। मृतका की पहचान रिंकू कुमारी के रूप में हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए रिखिया थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, फोरेंसिक जांच और मानवीय सूचनाओं के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके बाद तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस जांच में पता चला कि 16 मई की शाम महिला खेत की ओर गई थी। इसी दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को पहले एक गड्ढे में फेंक दिया गया था। पहचान छिपाने के इरादे से आरोपियों ने बाद में शव को नदी किनारे बालू में दबा दिया था। देवघर पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे मामले के खुलासे में रिखिया थाना पुलिस, तकनीकी शाखा और विशेष टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। Source link

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गर्मी होगी छूमंतर… ठाकुर जी का बंगला बना ‘कूल-कूल’, दर्शन के लिए...

Last Updated:May 23, 2026, 12:44 IST Bhilwara Khus Bangla Mandir: भीषण गर्मी के बीच भगवान को ठंडक और राहत पहुंचाने के लिए मंदिर में खस से बना अनोखा बंगला तैयार किया गया है, जो इन दिनों श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. खस की सुगंध और उससे निकलने वाली प्राकृतिक ठंडी हवा मंदिर के वातावरण को बेहद सुकूनभरा बना रही है. मंदिर परिसर को पारंपरिक और धार्मिक शैली में सजाया गया है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. गर्मियों में भगवान को शीतलता प्रदान करने की यह पुरानी परंपरा लोगों के बीच आस्था और भक्ति का खास संदेश भी दे रही है. श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के साथ-साथ इस अनोखी सजावट की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं. ख़बरें फटाफट भीलवाड़ा: भीलवाड़ा में बढ़ती गर्मी के बीच भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए प्राचीन और पौराणिक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. शहर के सांगानेरी गेट के निकट स्थित श्री दूधाधारी गोपाल मंदिर  में इस बार भगवान के लिए विशेष रूप से खस की लकड़ियों और खस की सुगंधित जालियों से आकर्षक बंगला तैयार किया गया है. मंदिर में विराजित ठाकुरजी को इसी खस के बंगले में स्थापित किया गया है, जिससे उन्हें भीषण गर्मी से राहत मिल सके. मान्यता है कि प्राचीन समय से ही मंदिरों में ग्रीष्म ऋतु के दौरान भगवान को शीतल रखने के लिए खस, चंदन और प्राकृतिक साधनों का उपयोग किया जाता रहा है.निंबार्क संप्रदाय के अनुसार  ठाकुर जी की सेवा का अलग विधान है. वृंदावन के प्रसिद्ध मंदिरों की परंपरा से प्रेरित यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को भी विशेष रूप से आकर्षित कर रही है. खस से बनी इस संरचना पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाता है, जिससे वातावरण में ठंडक और सुगंध बनी रहती है. मंदिर का यह अनोखा खस बंगला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बन गया है, बल्कि गर्मी से बचाव के पारंपरिक भारतीय ज्ञान और संस्कृति की भी झलक प्रस्तुत कर रहा है. श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर इस विशेष व्यवस्था के दर्शन कर रहे हैं. ठाकुर जी के श्रृंगार में बदलावश्री दूधाधारी गोपाल मंदिर के पुजारी पंडित कल्याण शर्मा ने लोकल 18 से खास बातचीत में बताया कि जेष्ठ महीना चल रहा है. इसमें गर्मी अपनी तपन तेज कर देती है और इसी महीने में नौतपा दिया जाता है. हमारे निंबार्क संप्रदाय में ठाकुर जी की सेवा का अलग विधान है इस गर्मी के मौसम में हम ठाकुर जी के लिए ठंडी सेवाएं करते हैं. अत्यधिक गर्मी के कारण, हम सुबह से ही ठाकुर जी के लिए विभिन्न उपाय करते हैं ताकि उन्हें गर्मी न लगे. इसके तहत ठाकुर जी के श्रृंगार में बदलाव किया गया है. उन्हें मलमल के वस्त्र पहनाए जा रहे हैं और मोतियों का श्रृंगार किया जा रहा है, क्योंकि मोती अंदर से ठंडे रहते हैं. साथ ही, भगवान के लिए खस, गुलाब और मोगरे के इत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि उन्हें ठंडक और खुशबू मिल सके. भगवान को क्षेत्र प्रदान करने के लिए खस का बनाया बांग्लाठाकुर जी और राधा रानी को गर्मी न लगे इसके लिए हमने महाराष्ट्र से खस की बंगला तैयार करवाया गया है इसके अंदर ठाकुर जी को विराजमान करवाया गया है. प्राचीन पद्धति का इस्तेमाल करते हुए ठाकुर जी को ठंडक प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं. इसके साथ ही बदलते समय के अनुसार भगवान के गर्भ गृह में एयर कंडीशनर भी लगाया है जिससे ठाकुर जी को गर्मी का एहसास न हो. गर्मी के मौसम में भगवान लग रहे शीतल भोगमंदिर के पुजारी पंडित कल्याण शर्मा ने बताया कि अब रोजाना ठाकुर जी को गर्मी से राहत देने के लिए चंदन का लेप लगाया जा रहा है, जिससे उन्हें ठंडक मिल सके. इन दिनों गर्मी बहुत बढ़ गई है और तापमान भी लगातार बढ़ रहा है, इसे देखते हुए मंदिर में ठाकुर जी के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. भगवान को शीतल पदार्थ जैसे खरबूजा, ककड़ी, अंगूर, आम, श्री खण्ड, खस-शरबत और अन्य तरह के व्यंजनों का भोग लगाया जा रहा है. विशेष रूप से सत्तू का भोग भी अब ठाकुर जी को रोजाना गर्मी से राहत देने के लिए चढ़ाया जाएगा. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bhilwara,Rajasthan Source link

झारखंड

SSC GD ऑनलाइन परीक्षा के दौरान कंप्यूटर सिस्टम में सेंधमारी, रिमोट एक्सेस...

Last Updated:May 23, 2026, 10:59 IST Ranchi online exam cheating : रांची में SSC GD कांस्टेबल परीक्षा के दौरान हाईटेक तरीके से ऑनलाइन सिस्टम हैक कर अभ्यर्थियों को पास कराने का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. पुलिस ने सेंटर अधीक्षक समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है और पूरे रैकेट के तार बिहार से जुड़े होने की बात सामने आई है. ख़बरें फटाफट रांची के ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी परीक्षा में फर्जीवाड़े का खुलासा किया. रांची. झारखंड की राजधानी रांची के टाटीसिलवे स्थित परीक्षा केंद्र में ऑनलाइन सिस्टम हैक कर अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का खेल चल रहा था. इस मामले की जानकारी मिलते ही रांची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं, इस पूरे नेक्सस के तार बिहार से जुड़े बताए जा रहे हैं. बता दें कि रांची में मई माह में ही 2 मामले सामने आ चुके हैं. इस मामले के बारे में बताया जा रहा है कि रांची में हो रही परीक्षा के दौरान कंप्यूटर सिस्टम को हैक करने की कोशिश की जा रही थी. सूचना मिलने के बाद पुलिस की विशेष टीम बनाकर कार्रवाई की गई. इसी क्रम में जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले एक अभ्यर्थी के कंप्यूटर सिस्टम को इनविजिलेटर के कहने पर रीस्टार्ट कराया गया था, जबकि परीक्षा संचालन की मानक प्रक्रिया में इसकी अनुमति नहीं है. ऐसे में सिस्टम रीस्टार्ट होते ही पुलिस को संदेह हुआ कि कंप्यूटर को रिमोटली एक्सेस किया जा रहा है और स्क्रीन मिररिंग के जरिए प्रश्नपत्र हल कराया जा रहा है. 10 लाख दो और परीक्षा पास करो का खेल 10 लाख दो और परीक्षा पास करो, इस तरह की बातें इन दिनों फिजाओं में घूम रही हैं. दरअसल, रांची में मई माह में ही 2 ऐसे मामले सामने आए हैं जिनसे संगठित तौर पर ऑनलाइन परीक्षा के फुलप्रूफ होने पर सवाल उठ चुके हैं. ताजा मामला टाटीसिलवे थाना क्षेत्र के डोल बगीचा स्थित जीनियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (ENIUS INSTITUTE OF TECHNOLOGY)का है, जहां कर्मचारी चयन आयोग, नई दिल्ली (STAFF SELECTION COMMISSION NEW DELHI) द्वारा GD/CONSTABLE CAPF परीक्षा-2026 आयोजित की जा रही थी. सेंटर अधीक्षक और आईटी कर्मी भी गिरफ्तार इस मामले में रांची के ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि गिरफ्तार अभ्यर्थी मृत्युंजय कुमार यादव और इनविजिलेटर संजीत कुमार ने पूरे रैकेट का खुलासा किया. पुलिस की पूछताछ में दोनों ने बताया कि परीक्षा केंद्र के ठीक सामने किराए के मकान में सेंटर अधीक्षक विकास कुमार और आईटी कर्मी मुन्ना राज बैठकर इंटरनेट और IP एड्रेस के जरिए परीक्षा सिस्टम को हैक कर रहे थे. इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने मौके से 1 कंप्यूटर सिस्टम, 3 मोबाइल फोन, 2 विद्यार्थियों के ब्लैंक चेक, मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि बिहार के बिचौलियों के जरिए अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई जाती थी और परीक्षा पास कराने के एवज में 6 से 10 लाख रुपये तक वसूले जाते थे. रांची में SSC GD परीक्षा में गड़बड़ी का दूसरा मामला बता दें कि रांची में SSC GD कांस्टेबल परीक्षा में गड़बड़ी का यह दूसरा मामला है. बीते दिनों पंडरा ओपी इलाके में भी कुछ इसी तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया था, जिसमें 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. वहां भी 6 सिस्टम को मास्टर कंप्यूटर से हैक किया गया था और सिस्टम खुद से सवालों को हल कर रहा था, जबकि अभ्यर्थी सिर्फ कंप्यूटर के समक्ष बैठे थे. About the Author Vijay jha पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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बरही में चार दुकानों में लगी आग, जलकर हुईं राख:लाखों के नुकसान...

हहजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र के गया रोड पर देर रात भीषण आग लगने से चार दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। इस अग्निकांड में दुकानदारों को लाखों रुपए का भारी नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या किसी चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करते हुए मामले की जांच शुरू की। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात गया रोड स्थित दुकानों से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। आग ने जल्द ही विकराल रूप ले लिया और आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस अगलगी में ‘केशरी हार्डवेयर’ के संचालक संतोष कुमार को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उनकी दुकान में रखा करीब 4 लाख रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। इसके अलावा धर्मदेव साव और विजय साव की सब्जी दुकानों को भी भारी क्षति पहुंची। धर्मदेव साव की दुकान में लगभग 1.5 लाख रुपए और विजय साव की दुकान में करीब 1.30 लाख रुपए का सामान जल गया। सड़क किनारे ठेला लगाने वाले आशीष केशरी का ठेला भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की गहनता से जांच कर रहा है ताकि आग लगने की सही वजह का पता लगाया जा सके। पीड़ित दुकानदारों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। Source link

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गिरिडीह में छात्रा को अगवा कर दुष्कर्म का किया प्रयास:टोल प्लाजा के...

गिरिडीह के बेंगाबाद में एक स्कूली छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। दो लोगों ने छात्रा को अगवा कर एक कमरे में बंधक बना लिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रा को बरामद कर लिया है। यह घटना 20 मई की बताई जा रही है। महूआर पंचायत की इंटरमीडिएट की छात्रा अपनी मार्कशीट लेने स्कूल गई थी। स्कूल से लौटते समय रातडीह स्थित बैंक ऑफ इंडिया के पास बाइक सवार दो लोगों ने उसे जबरन बाइक पर बिठा लिया। छात्रा ने विरोध किया और शोर मचाया, लेकिन आरोपियों ने उसका मुंह दबाकर अपहरण कर लिया। कमरे में दुष्कर्म का किया प्रयास आरोपी छात्रा को एक कमरे में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। जब वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हुए, तो उन्होंने छात्रा के मुंह में कपड़ा ठूंसकर और हाथ-पैर बांधकर उसे कमरे में बंद कर दिया और मौके से फरार हो गए। देर शाम तक छात्रा के घर न पहुंचने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की और बेंगाबाद थाना को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बेंगाबाद थाना अंतर्गत नवासारी टोल प्लाजा के पास छापेमारी कर एक बंद कमरे से छात्रा को बरामद किया। अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज छात्रा की शिकायत पर बेंगाबाद थाना में कांड संख्या 83/26 के तहत दो अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। जानकारी के मुताबिक घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पंचायत के माध्यम से मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया था। हालांकि, जब पंचायत में बात नहीं बनी तो 22 मई को परिजनों ने थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। Source link

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थलापति विजय की राह में आया पहला बड़ा कांटा, TVK के सामने...

होमताजा खबरदेश थलापति विजय की राह में आया पहला बड़ा कांटा, TVK के सामने यह कैसी पहली परीक्षा Last Updated:May 23, 2026, 11:45 IST तमिलनाडु से राज्यसभा की खाली सीट पर 18 जून को चुनाव होने जा रहा है. चुनाव आयोग ने शेड्यूल जारी कर दिया है. थलापति विजय के सामने यह पहली राजनीतिक परीक्षा है. हालांकि, इसमें टीवीके गठबंधन बढ़त में है, मगर उम्मीदवार चयन और सीट सहयोगी को देने पर सस्पेंस बना है. तमिलनाडु राज्यसभा चुनाव: टीवीके के सामने पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा थलापति विजय की सियासी राह में कई परीक्षाएं हैं. पहले सरकार बनाने की परक्षा में पास हुए. उसके बाद विधानसभा में बहुमत साबित करने की परीक्षा आई. इसमें वह पास हुए. अब उनकी पार्टी टीवीके के सामने राज्यसभा वाली परीक्षा है. जी हां, राज्यसभा चुनाव की तारीख आ गई है. चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि तमिलनाडु से राज्यसभा की एक खाली सीट को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनाव 18 जून को होगा. इसके साथ ही राज्य में सत्ता आने के बाद थलापति विजय की ‘तमिलगा वेट्री कजगम’ (टीवीके) के सामने पहली चुनावी चुनौती भी खड़ी हो चुकी है. यह सीट तब खाली हुई, जब सीवी शनमुगम ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में मैलम निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी. राज्यसभा सीट के लिए चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, प्रक्रिया के लिए अधिसूचना 1 जून को जारी की जाएगी, जिसके साथ ही नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है, जबकि नामांकनों की जांच (स्क्रूटनी) 9 जून को की जाएगी. उम्मीदवार 11 जून तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं. अगर जरूरत पड़ी तो मतदान 18 जून को होगा और उसी दिन वोटों की गिनती भी की जाएगी. फिलहाल, इस चुनाव के चलते सत्ताधारी गठबंधन के भीतर उम्मीदवारों के चयन और गठबंधन से जुड़े समीकरणों पर राजनीतिक चर्चाओं के तेज होने की उम्मीद है. यह चुनाव तमिलनाडु के बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण है. टीवीके के इस चुनाव में उतरने पर उसके संसद में प्रवेश करने की संभावनाएं मजबूत हो जाएंगी. तमिलनाडु विधानसभा की वर्तमान प्रभावी सदस्य संख्या 233 है. ऐसे में किसी भी उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए 117 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी. क्योंकि किसी भी एक पार्टी के पास स्वतंत्र बहुमत नहीं है, इसलिए चुनाव का परिणाम काफी हद तक गठबंधन के गणित पर निर्भर रहने की उम्मीद है. संख्या बल के मामले में टीवीके के नेतृत्व वाला गठबंधन फिलहाल बढ़त बनाए हुए प्रतीत होता है, जिससे इस सीट पर जीत हासिल करने की दौड़ में वह सबसे आगे है. हालांकि, अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीवीके इस सीट के लिए अपना उम्मीदवार ही उतारेगी या फिर गठबंधन प्रबंधन के तहत राज्यसभा की इस प्रतिष्ठित सीट को अपने किसी सहयोगी दल के लिए छोड़ देगी. About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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अमेरिका से अलीगढ़ तक के तालों की चाबी बनती है यहां! 60...

Last Updated:May 23, 2026, 11:26 IST Jamshedpur 60 Year Old Lock-Key Shop: जमशेदपुर के बिष्टुपुर बाजार में ताले-चाबी की एक दुकान है जो करीब 60 साल पुरानी है और अब इसे परिवार की तीसरी पीढ़ी चला रही है. जिस ताले की चाबी कहीं न बने, वो यहां बन जाती है. इतना ही नहीं इनके पास 40 किलो का एक ताला भी है जो आज भी लोगों के लिए किसी अजूबे से कम नहीं. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. जमशेदपुर यूं तो अपनी औद्योगिक पहचान और आधुनिक विकास के लिए जाना जाता है, लेकिन इस शहर की पहचान उसकी पुरानी विरासत और वर्षों से चली आ रही दुकानों से भी जुड़ी हुई है. शहर के बीचों-बीच बिष्टुपुर बाजार में स्थित एक ऐसी ही खास दुकान है – द की वर्ल्ड, जिसने पिछले करीब 60 वर्षों से लोगों के भरोसे को बनाए रखा है. यहां सिर्फ साधारण ताले ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के कई तरह के खोए हुए तालों की चाबी भी तैयार की जाती है. 60 साल पहले शुरुआतइस दुकान की शुरुआत करीब 60 साल पहले मोहम्मद गुलाम रब्बानी ने की थी. उस समय चाबी बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह हाथों से की जाती थी. एक छोटी धातु की पट्टी को घंटों तक फाइल से घिसकर और आकार देकर चाबी तैयार की जाती थी. उस दौर में यह काम काफी मेहनत और अनुभव का माना जाता था. धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ता गया और यह दुकान जमशेदपुर में अपनी अलग पहचान बनाती चली गई. तीसरी पीढ़ी आगे बढ़ा रही हैआज इस विरासत को उनकी तीसरी पीढ़ी आगे बढ़ा रही है. दुकान का संचालन अब उनके पोते वसीम कर रहे हैं. वसीम बताते हैं कि समय के साथ तकनीक बदल गई है और अब चाबी बनाने का तरीका भी काफी आधुनिक हो चुका है. पहले जहां एक चाबी बनाने में काफी समय लगता था, वहीं अब नई ऑटोमेटिक मशीनों की मदद से अधिक सटीक और बेहतर तरीके से काम किया जा रहा है. विरासत में मिला हुनरवसीम के अनुसार, यहां कार, बाइक, घर, ऑफिस से लेकर तिजोरी तक की चाबियां बनाई जाती हैं. कई बार ऐसे ताले भी आते हैं, जिनकी चाबी कहीं और नहीं बन पाती, लेकिन वर्षों के अनुभव और नई तकनीक के सहारे यहां उनका समाधान निकल जाता है. उनका कहना है कि यह हुनर उन्हें विरासत में मिला है और वे इसे एक जिम्मेदारी की तरह आगे बढ़ा रहे हैं. 40 किलो का तालादुकान की एक और खास पहचान वह विशाल ताला है, जो आज भी यहां सुरक्षित रखा गया है. बताया जाता है कि इसे वसीम के दादा ने करीब 40 किलो वजन का ताला बनाकर तैयार किया था. आज भी उसकी चाबी मौजूद है और वह दुकान की पुरानी पहचान और कारीगरी की मिसाल बना हुआ है. वसीम कहते हैं कि जमशेदपुरवासियों का प्यार और भरोसा ही उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. बदलते समय में मशीनें जरूर आ गई हैं, लेकिन मेहनत, अनुभव और विरासत की पहचान आज भी उसी तरह कायम है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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सरायकेला-खरसावां में भीषण सड़क हादसा:ट्रेलर से टकराई हाइवा, चालक व खलासी की...

सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की जान चली गई। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही हाइवा चालक और खलासी की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार हाइवा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से जा टकराई। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए, लेकिन तब तक स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी। तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह, केबिन में फंसे दोनों चौका थाना प्रभारी सोनू कुमार ने बताया कि ट्रेलर सड़क किनारे खड़ी थी। इसी दौरान हाइवा (संख्या JH05AN4390) तेज गति से पीछे से आई और सीधे ट्रेलर में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हाइवा का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन के केबिन में चालक और खलासी बुरी तरह फंस गए और बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केबिन पूरी तरह पिचक गया था। पुलिस व ग्रामीणों ने मिलकर निकाला शव घटना की सूचना मिलते ही चौका थाना प्रभारी सोनू कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त केबिन को काटकर दोनों को बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। इस दौरान मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और लोगों की भीड़ जुटी रही। पुलिस ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए यातायात को भी सुचारू कराया। पहचान नहीं, जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए चांडिल अस्पताल भेज दिया है। समाचार लिखे जाने तक मृतकों की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे के पीछे अन्य कोई कारण तो नहीं है। Source link

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