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झारखंड

44 डिग्री सेल्सियस पहुंचा गढ़वा का पारा:राज्य के 6 जिले में 40...

झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग ने 21 से 25 मई के बीच राज्य के कई जिलों में आंधी, तेज हवा और बारिश की संभावना जताई है। खासकर संताल परगना समेत उत्तर-पूर्वी जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे जिलों में भीषण गर्मी और लू का असर जारी रहने की संभावना है। धूप-उमस के बीच कहीं राहत की बारिश पिछले 24 घंटे में राज्य में मौसम का दोहरा असर देखने को मिला। दिन के समय तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया, वहीं कुछ जिलों में शाम के समय हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़े। सरायकेला में सबसे अधिक 6.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। राजधानी रांची में दिनभर चिलचिलाती धूप रही और अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे आमजन को गर्मी से काफी परेशानी हुई। गढ़वा सबसे गर्म, कई जिले 40 पार राज्य में तापमान लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को गढ़वा सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पलामू में 43.4 डिग्री, जमशेदपुर में 41.8 डिग्री, बोकारो में 41.2 डिग्री, सरायकेला में 41.1 डिग्री और चाईबासा में 40.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। रामगढ़ का तापमान भी 40 डिग्री तक पहुंच गया। अन्य जिलों में भी पारा 37 से 39 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिससे गर्मी का असर साफ महसूस किया जा रहा है। कई जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 23 से 25 मई के बीच गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, रामगढ़, कोडरमा और हजारीबाग में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना है। वहीं रांची सहित आसपास के जिलों में भी बादल छाने और तेज हवा चलने के आसार हैं। विभाग के अनुसार 26 मई तक मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहेगा, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। Source link

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भारत ने UN में पाकिस्तान को घेरा, सीमा पार आतंकवाद पर सख्त...

होमताजा खबरदेश अरे तुम तो अपने ही लोगों पर बम बरसाते हो…UN में भारत ने पाकिस्तान को रगड़ा Last Updated:May 21, 2026, 07:25 IST India Slams Pakistan: भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद पर पाकिस्तान को खूब सुनाया है. भारत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद और अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक के जरिए नागरिकों की मौत का आरोप लगाया. भारत ने 1971 के नरसंहार का भी जिक्र किया और कहा कि तुम तो खुद अपने लोगों पर ही बम बरसाते हो. ख़बरें फटाफट संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई है. India Slams Pakistan: भारत ने आतंकवाद पर एक बार फिर पाकिस्तान को लताड़ा है. यूएन यानी संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान की बोलती बंद कर दी. यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला. पाकिस्तान पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि जिस देश का इतिहास नरसंहार और हिंसा से जुड़ा रहा है, वह भारत के आंतरिक मामलों पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं रखता. इतना ही नहीं, सीमा पार आतंकवाद पर भारत ने UN में कड़ा संदेश दिया. पी हरीश ने आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को जवाबदेह ठहराने की मांग की. संयुक्त राष्ट्र में गुरुवार को भारत ने UNAMA यानी अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि साल 2026 के पहले तीन महीनों में पाकिस्तान की सेना की सीमा पार कार्रवाई और एयरस्ट्राइक के कारण अफगानिस्तान में 750 नागरिकों की मौत और घायल होने के मामले सामने आए. UNAMA के मुताबिक, 95 में से 94 घटनाओं के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बल जिम्मेदार थे. UNAMA का पूरा नाम है- यूनाइटेड मिशन असिस्टेंस मिशन इन अफगानिस्तान. अफगानिस्तान के नाम पर पाकिस्तान को भारत ने धोया पाकस्तान ने जिस तरह से अफगानिस्तान पर अटैक किया था, उसे लेकर भारत ने उसे अच्छे से धोया. भारत ने आगे कहा कि इसी साल रमजान के दौरान मार्च महीने में पाकिस्तान ने काबुल के ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल पर एयरस्ट्राइक की थी. इस हमले में 269 नागरिक मारे गए और 122 लोग घायल हुए. भारत ने कहा कि यह हमला तरावीह की नमाज के बाद हुआ, जब लोग मस्जिद से बाहर निकल रहे थे. 1971 जंग का जिक्र भारत ने यह भी कहा कि यूनाइटेड मिशन असिस्टेंस मिशन इन अफगानिस्तान के अनुसार पाकिस्तान की सीमा पार हिंसा के कारण 94,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए. भारत ने 1971 के ऑपरेशन सर्चलाइट का भी जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अपने ही नागरिकों के खिलाफ नरसंहार और 4 लाख महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटनाओं को अंजाम दिया था. भारत ने कहा कि पाकिस्तान लगातार अपनी अंदरूनी विफलताओं को छिपाने के लिए हिंसा और प्रचार का सहारा लेता रहा है. सीमा पार आतंकवाद पर भारत का UN में कड़ा संदेश संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने कहा कि सीमा पार से होने वाला आतंकवाद आज भी क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है. उन्होंने कहा कि भारत कई दशकों से आतंकवाद का शिकार रहा है. भारत ने साफ कहा कि जो देश आतंकवाद को समर्थन, पनाह या मदद देते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी कारण के नाम पर आम नागरिकों पर हमला कभी सही नहीं ठहराया जा सकता. About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ फिटनेस का बनाया बिजनेस, वर्षा की प्रोटीन डाइट...

Last Updated:May 21, 2026, 07:02 IST Ranchi Protein Diet Business: रांची की वर्षा ने कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ मोराबादी ग्राउंड के पास प्रोटीन सलाद, सैंडविच, शेक और हेल्दी ब्रेकफास्ट का स्टॉल शुरू किया है. उन्होंने बताया कि उनके पास 100 से अधिक ग्राहक डेली आते हैं. वह इस बिजनेस से लोगों को फिट भी कर रही हैं. साथ ही कमाई भी कर रही हैं. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची की वर्षा जिम जाती हैं और प्रोटीन डाइट लेती हैं. उन्होंने बताया कि वह कॉर्पोरेट की अच्छी खासी नौकरी छोड़ चुकी हैं. वह अब प्रोटीन सलाद, प्रोटीन सैंडविच, प्रोटीन मिल्कशेक, प्रोटीन शेक यह सारी चीज खुद से बनाने का और बेचने का बिजनेस करती हैं. सुबह में खासतौर पर जो लोग जिम जाते हैं और मॉर्निंग वॉक के लिए आते हैं. उनके बीच उनका ब्रेकफास्ट और प्रोटीन शेक काफी लोकप्रिय है. आइये जानते हैं वर्षा के बिजनेस के बारे में. वर्षा ने लोकल 18 को बताया कि मुझे हमेशा से ही फिटनेस का काफी शौक रहा है. कॉर्पोरेट फील्ड में काम भी की, लेकिन मन नहीं लगा. हमेशा खुद का कुछ करना था, किसी का आदेश नहीं लेना था. ऐसे में खुद का ब्रांड बना सकूं, भले वह छोटा ही क्यों ना हो, लेकिन कहीं से तो शुरुआत करना है. ऐसे में में जो डाइट फॉलो करती हैं, बस उसी को दुनिया को खिलाने के बारे में सोचा. जानें क्या खिलाती है वर्षा वर्षा बताती हैं कि मेरे पास आपको एवोकाडो टोस्ट मिलेगा, प्रोटीन शेक मिलेगा, प्रोटीन सलाद जिसमें पनीर से लेकर सोयाबीन और काफी कुछ लोडेड होता है. आपको हमारे पास चावल का केक मिलेगा, चिया सीड पुडिंग, पीनट बटर, सैंडविच यह सारी चीज वह अपने हाथों से बनाती हैं. यह पीनट बटर भी उन्होंने अपने घर में बनाया है. इसलिए उनके  फूड में शुद्धता की गारंटी होती है. जहां एक सैंडविच की कीमत ₹100 से ₹200 के बीच में होती है. उनके पास हर दिन आराम से 100 से अधिक कस्टमर आ जाते हैं. कुछ कस्टमर तो वैसे हैं, जो फोन करके कहते हैं कि हमारे लिए अवोकैडो टोस्ट रिजर्व रखिएगा. मतलब फोन करके बुकिंग करवा लेते हैं. सुबह हो या शाम हो, इसकी डिमांड हमेशा रहती है. इसीलिए बस सुबह के 7:00 बजे से लेकर रात के 8:00 बजे तक मोराबादी ग्राउंड के पास स्टॉल लगाती हैं. घर में हमेशा से है फिटनेस का माहौल उन्होंने बताया घर में हमेशा फिटनेस का माहौल था. मेरे भाई बहन वेटलिफ्टिंग करते हैं. वह खुद भी बहुत ही फिटनेस को लेकर सजक हैं. ऐसे में उन्हें लगा की काम भी कुछ ऐसा किया जाए, जिससे दुनिया फिट भी बने और व्यापार भी हो. ऐसे में आज कमाई की हर दिन की अच्छी हो रही है और आज खुद की बॉस बन चुकी हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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रोजगार के लिए महाराष्ट्र युवक का शव आया दो मासूम बेटों के...

भास्कर न्यूज | खरौंधी थाना क्षेत्र के मझिगावां गांव में बुधवार की सुबह उस समय मातम पसर गया, जब महाराष्ट्र से 30 वर्षीय प्रिंस कुमार कन्नौजिया का शव दो दिन बाद गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल था और वह बार-बार बेसुध हो जा रही थी। गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। सूचना मिलते ही गांव के मुखिया पति सतीश राम सहित सैकड़ों ग्रामीण मृतक के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। बाद में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्थानीय श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों एवं स्वजनों ने बताया कि प्रिंस कुमार कन्नौजिया ड्राइविंग कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह पिछले माह ट्रक चलाने महाराष्ट्र गया था। शनिवार को ट्रक ड्राइविंग के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और बेचैनी महसूस होने पर उसने ट्रक सड़क किनारे खड़ा कर सीट पर ही आराम करना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद वह बेहोश हो गया। ट्रक मालिक और उसके साथियों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान सोमवार की रात उसकी मौत हो गई। इसके बाद बुधवार की सुबह शव गांव पहुंचा।ग्रामीणों ने बताया कि प्रिंस मिलनसार, मेहनती और व्यवहार कुशल युवक था। वह हमेशा गांव के लोगों की मदद के लिए तैयार रहता था। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो नाबालिग बेटों को छोड़ गया है। Source link

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ई-फार्मेसी के विरोध में जगन्नाथपुर की दवा दुकानें बंद

जगन्नाथपुर| अखिल भारतीय केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट संगठन द्वारा ई-फार्मेसी के माध्यम से ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में की गई बंदी का असर बुधवार को जगन्नाथपुर में भी देखने को मिला। संगठन के समर्थन में जगन्नाथपुर की सभी दवा दुकानें बंद रहीं। दवा व्यवसायियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध करते हुए कहा कि ई-फार्मेसी के बढ़ते प्रभाव से स्थानीय मेडिकल दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। साथ ही उचित जांच और चिकित्सकीय सलाह के दवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। बंदी के कारण दिनभर मरीजों एवं उनके परिजनों को दवाइयों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। नोवामुंडी| दवा व्यवसायियों के शीर्ष संगठन ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एण्ड ड्रगिस्टस के आह्वान पर बुधवार को नोवामुंडी, बड़ाजामदा समेत सभी दवा दुकानें बंद रहीं। शहर की सभी दवा दुकानें बंद होने से मरीजों को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। टाटा मेन हॉस्पिटल में दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीजों को डॉक्टर से चेकअप कराने के बाद दवा के लिए भटकना पड़ा। इस बंदी के कारण कई लोगों को बिना दवा के ही वापस लौटना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना था कि हार्ट व कैंसर पेशेंट तथा छोटे बच्चों के लिए दवा मिलना आवश्यक है। भास्कर न्यूज| चाईबासा पश्चिमी सिंहभूम केमिस्टस एण्ड ड्रगिस्टस एसोसिएशन, चाईबासा के आह्वान पर बुधवार को जिला के समस्त थोक एवं खुदरा व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रख कर राष्ट्रीव्यापी हड़ताल का समर्थन किया। चाईबासा में संगठन द्वारा अग्रवाल मेडिकल स्टोर के समक्ष धरना दिया गया। आल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्टस एण्ड ड्रगिस्टस तथा झारखंड केमिस्टस एण्ड ड्रगिस्टस ऐसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में भारत बंद का आह्वान किया गया था। जिसके समर्थन में जिला संगठन द्वारा बंद बुलाया गया। पश्चिमी सिंहभूम केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के सचिव रमेश खिरवाल ने बताया कि इंटरनेट के माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। एसोसिएशन द्वारा विभिन्न धाराओं को हटाने की मांग कि गई थी। बंद के दौरान जनहित के लिए जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति हेतु जिले में ब्लॉक स्तर पर औषधि निरीक्षक को मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया तथा सर्वोच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया। सभी शहरों में दवा विक्रेताओं ने एकजुट होकर अपना समर्थन दिया, साथ ही जिले की जनता ने पूरा सहयोग प्रदान किया। पश्चिमी सिंहभूम केमिस्ट एंड ड्रगिस्टस एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल द्वारा चाईबासा में उप विकास आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। मौके पर झारखंड केमिस्ट एसोसिएशन के कोल्हान उपाध्यक्ष सह जिला सचिव रमेश खिरवाल, जिला अध्यक्ष सतीश ठक्कर, कोषाध्यक्ष रितेश मुंधडा, राजु सिन्हा, रवि बुधिया ,महबूब आलम, सुबरजीत गोस्वामी, खादीम हुसैन, राकेश शर्मा , कुणाल साव, रजत घोष, सुरेश अग्रवाल , विजय सिंह , विजय सुल्तानिया,अभिजीत गोस्वामी , शक्ति महतो, शकिल अख़्तर , नरेश गुप्ता ,अंकित साव, जान्डुका बानरा, दीपांकर सिन्हा ,बलदेव महतो शामिल थे। Source link

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क्या PM मोदी लेंगे कोई बड़ा फैसला? विदेश से आते ही बुलाई...

होमताजा खबरदेश क्या PM मोदी लेंगे कोई बड़ा फैसला? विदेश से आते ही बुलाई साल की पहली अहम बैठक Last Updated:May 21, 2026, 06:22 IST पीएम मोदी आज यानी गुरुवार को मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे. लगभग एक साल बाद हो रही यह बैठक, कैबिनेट और संगठन में होने वाले बहुचर्चित फेरबदल से ठीक पहले हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री शामिल होंगे. पीएम नरेन्द्र मोदी सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक आज यानी बृहस्पतिवार को होगी. इस दौरान विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके परिणामों और भविष्य की योजनाओं सहित अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी. आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री शामिल होंगे. मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच, यह इस साल मंत्रिपरिषद की पहली बैठक होगी. सूत्रों ने बताया कि बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कामकाज, हाल ही में लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके परिणामों तथा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी. सूत्रों ने बताया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के विभिन्न पहलुओं, उन्हें अधिकतम सफलता के लिए कैसे लागू किया जाए और अन्य विषयों की भी समीक्षा किए जाने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री पश्चिम एशिया में जारी संकट और उसके आर्थिक प्रभावों का जिक्र कर सकते हैं, और मंत्रालयों एवं विभागों को नागरिकों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए आवश्यक दिशानिर्देश दे सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, बैठक में ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, जहाजरानी और रसद जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है. पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के तुरंत बाद, मोदी ने सभी संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिया था कि नागरिकों और युद्ध के कारण प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएं. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में आम जनता के लाभ के लिए सभी क्षेत्रों में सुधार लाने की सरकार की प्राथमिकता पर भी चर्चा होने की संभावना है. About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

कोडरमा में केरल से कश्मीर तक के चुनिंदा मसालों की खास दुकान,...

Last Updated:May 21, 2026, 05:58 IST कोडरमा में शुद्ध मसालों की एक खास दुकान ग्राहकों का भरोसा जीत रही है. यहां केरल समेत देश के विभिन्न राज्यों के उच्च गुणवत्ता वाले मसाले मिलते हैं. दुकान में दालचीनी, कबाब चीनी और शाह जीरा जैसे दुर्लभ मसाले उपलब्ध हैं. मिलावट के दौर में यह दुकान शुद्धता की गारंटी बनी हुई है. ख़बरें फटाफट कोडरमा: बेहतर स्वास्थ्य की शुरुआत संतुलित और पौष्टिक भोजन से होती है, और स्वादिष्ट भोजन की आत्मा उसके मसालों में छिपी होती है. यदि मसाले शुद्ध और उच्च गुणवत्ता वाले हों तो न केवल खाने का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. बल्कि स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. लेकिन आज के प्रतिस्पर्धी दौर में बाजार में मिलावटी मसालों की भरमार है. कम कीमत में उत्पाद उपलब्ध कराने की होड़ में कई व्यापारी गुणवत्ता से समझौता कर रहे हैं. जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. देश के अलग-अलग हिस्से में उगने वाले मसाले का दुर्लभ संग्रहऐसे समय में कोडरमा पूर्णिमा टॉकीज के आस पास स्थित मसाला दुकान लोगों के लिए भरोसे का केंद्र बन गई है. यहां ग्राहकों को देश के विभिन्न राज्यों से मंगाए गए शुद्ध, ताजे और उच्च गुणवत्ता वाले मसाले उपलब्ध कराए जाते हैं. यही कारण है कि कोडरमा ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों से भी लोग विश्वास के साथ यहां मसालों की खरीदारी करने पहुंचते हैं. मसाला विक्रेता तेजस्वी कुमार ने बताया कि उनके प्रतिष्ठान पर केरल समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में उगाए गए चुनिंदा मसालों का विशेष संग्रह उपलब्ध है. इनमें पाइप दालचीनी, कबाब चीनी, स्टार फूल, लौंग, बड़ी इलायची, सफेद गोलकी, शाह जीरा, धनिया सहित कई अन्य दुर्लभ और उपयोगी मसाले शामिल हैं. ये सभी मसाले अपने प्राकृतिक स्वाद, सुगंध और औषधीय गुणों के लिए जाने जाते हैं. हर मसाले पर गुणवत्ता का विशेष ध्यानउन्होंने बताया कि केरल के मसाले विशेष रूप से अपनी गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं. यही वजह है कि वे ग्राहकों को सर्वोत्तम उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए सीधे विश्वसनीय स्रोतों से मसाले मंगवाते हैं. दुकान में घरेलू उपयोग से लेकर होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई व्यवसायियों की जरूरतों के अनुरूप मसाले उपलब्ध हैं. उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य केवल व्यापार करना नहीं, बल्कि लोगों को शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद उपलब्ध कराना है. वे हर मसाले की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हैं ताकि ग्राहक बिना किसी चिंता के उनका उपयोग कर सकें. ग्राहकों का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kodarma,Jharkhand Source link

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सीएसआर फंड प्रभावित क्षेत्र के लोगों के विकास कार्यों में हो खर्च...

उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड की राशि का सीधा लाभ फैक्ट्री और माइन्स से प्रभावित क्षेत्र के लोगों को मिलना चाहिए। बुधवार को रांची में आयोजित ‘सीएसआर कॉनक्लेव 2026’ को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्राथमिकता राज्य का विकास है और सीएसआर राशि का शत-प्रतिशत उपयोग स्थानीय लोगों की स्थिति सुधारने तथा रोजगार के अवसर पैदा करने में होना चाहिए। मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में विवाह भवन जैसी बुनियादी जरूरतों के निर्माण का सुझाव दिया और घोषणा की कि इसकी निगरानी के लिए जल्द ही एक मॉनिटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। कॉनक्लेव में उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर राशि खर्च करने पर जोर दिया। वहीं, उद्योग निदेशक विशाल सागर ने सीएसआर की शर्तों की जानकारी देते हुए बतलाया कि इसमें नेट वर्थ 500 करोड़ और टर्न ओवर 1000 करोड़ और प्रॉफिट 5 करोड़ सालाना की कंपनी सीएसआर के दायरे में आती है। Source link

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अग्रसेन हितकारिणी सभा के अध्यक्ष बने शशिकांत

रांची | अग्रसेन हितकारिणी सभा की कार्यकारिणी समिति का चुनाव दिगंबर जैन भवन में संपन्न हुआ। वार्षिक आमसभा में सचिव मनीषा रानी ने पिछले एक साल में किए गए कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि कोषाध्यक्ष हर्ष अग्रवाल ने 31 मार्च 2026 तक का अंकेक्षित लेखा-जोखा सदन के सामने रखा। अगले सत्र के लिए शशिकांत अग्रवाल को अध्यक्ष चुना गया। संगठन के संचालन को मजबूत करने के उद्देश्य से राजीव गर्ग, डॉ. आलोक और डॉ. अजय कुमार उपाध्यक्ष बनाए गए। नए दायित्वों की घोषणा के साथ सभा ने आने वाले सत्र में सेवा कार्यों और संगठनात्मक गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। चुनाव पदाधिकारी प्रभाकर अग्रवाल ने बताया कि पदभार ग्रहण की प्रक्रिया के लिए वर्तमान और नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक सचिव द्वारा शीघ्र बुलाई जाएगी। Source link

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समस्तीपुर में गन्ना खेती का नया तरीका…. एकल गांठ विधि से घटेगी...

Last Updated:May 20, 2026, 23:32 IST समस्तीपुर में गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए अब वैज्ञानिक तकनीक एक नई उम्मीद लेकर आई है. हर सीजन में बाजार से महंगे बीज खरीदने की मजबूरी जहां खेती की लागत बढ़ा देती है, वहीं कई बार उत्पादन भी संतोषजनक नहीं मिलता. ऐसे में डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के वैज्ञानिकों द्वारा सुझाई गई “एकल गांठ विधि” किसानों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है. इस तकनीक के जरिए किसान अपने ही खेत में कम लागत में स्वस्थ और अधिक पौधे तैयार कर बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं. ख़बरें फटाफट समस्तीपुर. गन्ने की खेती करने वाले अधिकांश किसान हर सीजन में बाजार से बीज खरीदते हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती है. कई बार महंगे बीज लेने के बावजूद पौधों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिलती. ऐसे में यदि किसान अपने ही खेत में तैयार गन्ने से पौधा बना लें, तो खर्च कम होने के साथ-साथ बेहतर उत्पादन भी हासिल किया जा सकता है. इसी उद्देश्य से लोकल लैटिन की टीम ने पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान केंद्र पहुंचकर वैज्ञानिक डॉ. बलवंत कुमार से खास बातचीत की. वैज्ञानिक ने बताया कि गन्ना ऐसी फसल है जिसे आधुनिक तकनीक के जरिए किसान स्वयं तैयार कर सकते हैं. इसके लिए “एकल गांठ विधि” सबसे उपयोगी और किफायती तरीका माना जा रहा है. इस विधि में किसान सबसे पहले स्वस्थ और अच्छी गुणवत्ता वाले गन्ने का चयन करते हैं. इसके बाद गन्ने को विशेष कटर मशीन से इस प्रकार काटा जाता है कि प्रत्येक टुकड़े में केवल एक गांठ मौजूद रहे.यही गांठ आगे चलकर नए पौधे के रूप में विकसित होती है. वैज्ञानिकों के अनुसार यह तरीका कम जगह में अधिक पौधा तैयार करने के लिए बेहद प्रभावी साबित हो रहा है. नमी का सही प्रबंधन पौधा तैयार करने में निभाता है अहम भूमिकाडॉ. बलवंत कुमार ने बताया कि कटिंग करने के बाद किसान इन एकल गांठों को ट्रे, प्लास्टिक ग्लास या छोटे कंटेनर में लगा सकते हैं. इसके लिए वर्मी कंपोस्ट, कोकोपीट या अच्छी भुरभुरी मिट्टी का उपयोग करना चाहिए ताकि पौधों को पर्याप्त पोषण और नमी मिल सके.गन्ने की गांठ को लगाने के बाद नियमित रूप से नमी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है. यदि मिट्टी सूख जाती है तो अंकुरण प्रभावित हो सकता है. वैज्ञानिकों के अनुसार लगभग 25 से 35 दिनों के भीतर इन गांठों से मजबूत पौधे तैयार हो जाते हैं. जब पौधे पूरी तरह विकसित हो जाएं, तब किसान उन्हें खेत में रोप सकते हैं. यदि खेत तैयार न हो या पौधों को कुछ दिन और सुरक्षित रखना हो, तो ट्रे में ही नमी बनाए रखते हुए पौधों को रखा जा सकता है. इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कम बीज में अधिक पौधे तैयार हो जाते हैं और रोगमुक्त पौध मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है. इससे किसान अतिरिक्त पौध तैयार कर दूसरे किसानों को बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त कर सकते हैं. सही किस्म का चयन बढ़ा सकता है उत्पादन वैज्ञानिक ने बातचीत के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि केवल पौधा तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही किस्म का चयन करना भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने बताया कि बिहार और आसपास के जिलों के किसानों के लिए राजेंद्र गन्ना-1 काफी उपयुक्त किस्म मानी जाती है. यह किस्म बेहतर उत्पादन देने के साथ किसानों को अच्छा लाभ भी देती है. इसके अलावा किसान CoP 112 किस्म का भी उपयोग कर सकते हैं, जो कई क्षेत्रों में बेहतर परिणाम दे रही है. वहीं जल जमाव वाले क्षेत्रों के लिए “राजेंद्र गन्ना-2” अधिक लाभकारी मानी जाती है क्योंकि यह जलभराव को सहन करने की क्षमता रखती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि किसान आधुनिक तकनीक और सही किस्म का उपयोग करें तो गन्ने की खेती अधिक लाभकारी बन सकती है. आज के समय में जब खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, About the Author Madhuri Chaudhary पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Samastipur,Bihar Source link

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