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झारखंड

स्कूल के बाथरूम में 10वीं के छात्र से मारपीट:9वीं के 5 छात्रों...

धनबाद के बलियापुर थाना क्षेत्र स्थित जगदीश पब्लिक स्कूल में 10वीं कक्षा के एक छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल के ही 9वीं कक्षा के पांच छात्रों ने उसे स्कूल के बाथरूम में ले जाकर पीटा। घटना में घायल छात्र को इलाज के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) में भर्ती कराया गया है। घायल छात्र की पहचान तरुण कुमार के रूप में हुई है। छात्र के पिता बलराम चौधरी ने बताया कि बुधवार को उनका बेटा स्कूल गया था। इसी दौरान कुछ छात्रों ने उसे पकड़कर स्कूल के बाथरूम में ले जाकर बेरहमी से मारपीट की। बलराम चौधरी के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने पर वे स्कूल पहुंचे और प्रबंधन से आरोपित छात्रों के बारे में पूछा, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और संबंधित छात्रों को घर भेज दिया। बलराम चौधरी ने यह भी कहा कि स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से दोषी छात्रों पर कार्रवाई की मांग की है। घायल छात्र तरुण कुमार ने बताया कि वह बाथरूम में था तभी पांच छात्र वहां पहुंचे और बिना किसी वजह बताए उसे पीटना शुरू कर दिया। मारपीट में उसके सिर और छाती में चोटें आई हैं। इस मामले में स्कूल संचालक ने कहा है कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और जांच के बाद दोषी छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजनों ने इलाज के बाद बलियापुर थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग करने की बात कही है। Source link

झारखंड

सोनुवा में ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आया मजदूर, मौत:बिजली विभाग के...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुवा थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के एक मजदूर की मौत हो गई। यह घटना बुधवार सुबह एनएच-320डी पर स्थित गोलमुंडा कुनुसाई के पास हुई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिला निवासी 22 वर्षीय पवन कुमार के रूप में हुई है। पवन कुमार सोनुवा क्षेत्र में बिजली विभाग द्वारा चलाए जा रहे कार्य में लगा हुआ था। इस परियोजना के तहत पुराने बिजली खंभों और जर्जर तारों को हटाकर नई केबल लाइन बिछाई जा रही है। यह कार्य उत्तर प्रदेश के ठेकेदारों के माध्यम से कराया जा रहा है। बुधवार सुबह पवन कुमार अन्य मजदूरों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली से बिजली विभाग का सामान कार्यस्थल पर ले जा रहा था। वह ट्रैक्टर इंजन के पास चालक के साथ बैठा था। रास्ते में अचानक ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ा और पवन कुमार नीचे गिर गया। इससे पहले कि वह संभल पाता, पीछे चल रही ट्रॉली ने उसे कुचल दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद साथी मजदूरों और स्थानीय लोगों की मदद से पवन कुमार को तुरंत चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन चाईबासा ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद सोनुवा थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को भी इस दुखद घटना की जानकारी दे दी है। साथी मजदूरों में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है। Source link

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बार-बार क्यों जीत जाती है बीजेपी? Axis My India वाले प्रदीप गुप्ता...

क्या बीजेपी सिर्फ हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण की वजह से चुनाव जीतती है? यह सवाल स‍ियासत में लंबे समय से पूछा जाता रहा है. लेकिन देश के सबसे चर्चित चुनाव विश्लेषकों में गिने जाने वाले प्रदीप गुप्‍ता ने इस थ्योरी को सीधे खारिज कर दिया है. Axis My India के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने साफ कहा कि बीजेपी की लगातार चुनावी जीतों को सिर्फ सांप्रदायिक राजनीति से जोड़ना गुड गवर्नेंस और डिलीवरी का अपमान है. उन्होंने कहा, जीत-हार हिंदू-मुस्लिम राजनीति से तय नहीं होती. अगर आप ऐसा कहते हैं तो फिर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दूसरे राज्यों में बीजेपी की लगातार वापसी को कैसे समझेंगे? वहां की सरकारों के काम, गवर्नेंस और डिलीवरी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. सिर्फ ध्रुवीकरण से चुनाव नहीं जीते जाते प्रदीप गुप्ता ने खास तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि अगर बीजेपी सिर्फ धार्मिक ध्रुवीकरण के भरोसे चुनाव जीतती, तो अलग-अलग राज्यों में बार-बार सत्ता में वापसी संभव नहीं होती. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी लगातार दो बार सत्ता में लौटी. मध्य प्रदेश में लंबे समय तक पार्टी का दबदबा बना रहा. बिहार में NDA गठबंधन लगातार मजबूत बना हुआ है. प्रदीप गुप्ता के मुताबिक, इन नतीजों के पीछे गुड गवर्नेंस, योजनाओं की डिलीवरी और संगठन की ताकत बड़ी वजह है. यानी उनके हिसाब से बीजेपी की चुनावी मशीनरी सिर्फ भावनात्मक मुद्दों पर नहीं, बल्कि “लाभार्थी राजनीति और जमीनी नेटवर्क पर भी टिकी हुई है. बीजेपी की असली ताकत क्या है? पिछले एक दशक में बीजेपी ने खुद को सिर्फ एक वैचारिक पार्टी नहीं, बल्कि चुनाव जीतने वाली हाई-परफॉर्मेंस मशीन में बदला है. प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों तक सीधा असर पहुंचाया. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बीजेपी ने वेलफेयर , नेशनलिज्म और मजबूत लीडरशिप का ऐसा कॉम्बिनेशन बनाया, जो विपक्ष के लिए चुनौती बन गया. प्रशांत किशोर पर भी बोले प्रदीप गुप्ता बातचीत में गुप्ता ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत क‍िशोर का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर किसी भी पार्टी के साथ तभी जुड़ते हैं, जब उन्हें वहां स्पार्क यानी उभरती हुई संभावनाएं दिखाई देती हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि तमिलनाडु में DMK के साथ काम करने के दौरान I-PAC को यह समझ आ गया था कि एक नया नेतृत्व उभर रहा है. इसी संदर्भ में उन्होंने अभिनेता और नेता व‍िजय की बढ़ती लोकप्रियता का भी जिक्र किया. विपक्ष आखिर कहां चूक जाता है? बीजेपी की जीत को लेकर दो तरह की सोच दिखाई देती है. एक पक्ष मानता है कि धार्मिक ध्रुवीकरण बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत है. दूसरा पक्ष कहता है कि विपक्ष बीजेपी की संगठन क्षमता, बूथ मैनेजमेंट और योजनाओं की पहुंच को कम आंकता है. प्रदीप गुप्ता का बयान इसी दूसरे नजरिए को मजबूत करता है. उनका कहना है कि अगर हर चुनावी जीत को सिर्फ हिंदू-मुस्लिम राजनीति कहकर समझाया जाएगा, तो फिर मतदाताओं के फैसले और सरकारों के काम दोनों को हल्के में लेना होगा. और शायद यही वजह है कि भारतीय राजनीति में बीजेपी को समझना सिर्फ नारों से नहीं, बल्कि वोटर बिहेवियर, वेलफेयर मॉडल और संगठन की गहराई से जुड़ा मामला बन चुका है. Source link

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गर्मी में गहरी जुताई से खेतों को होगी डबल फायदा, पलामू के...

होमताजा खबरकृषि गर्मी में गहरी जुताई से खेतों को होगी डबल फायदा, पलामू के वैज्ञानिक ने दी सलाह Last Updated:May 20, 2026, 16:09 IST गर्मी का मौसम किसानों के लिए खेत की सेहत सुधारने का अच्छा समय माना जाता है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच की जाने वाली गहरी जुताई यानी समर प्लाविंग खेती के लिए काफी फायदेमंद होती है. कृषि वैज्ञानिक ने सलाह दी कि रबी फसल कटने के तुरंत बाद खेत की गहरी जुताई करनी चाहिए और कुछ दिनों तक खेत को खुला छोड़ देना चाहिए. पलामू: झारखंड के पलामू में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को गर्मी के मौसम में गहरी जुताई (समर प्लाविंग) करने की सलाह दी है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच खेतों की गहरी जुताई करना खेती के लिए बेहद लाभकारी होता है और इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है. उन्होंने कहा कि किसान यदि मिट्टी पलट हल, डिस्क प्लाऊ और चीजल प्लाऊ जैसी मशीनों से 15 से 30 सेंटीमीटर तक गहरी जुताई करते हैं, तो मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और फसल उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है. इसके विपरीत सामान्य कल्टीवेटर हल से केवल 5 से 7 सेंटीमीटर तक ही जुताई हो पाती है, जिससे नीचे की कठोर मिट्टी ऊपर नहीं आ पाती. वैज्ञानिकों के अनुसार, लगातार रासायनिक खादों के इस्तेमाल से खेत की लगभग 6 इंच गहराई पर कठोर परत (हार्ड पैन) बन जाती है. इस परत के कारण पौधों की जड़ें नीचे तक नहीं जा पातीं, जिससे फसल का विकास प्रभावित होता है. गहरी जुताई करने से यह परत टूट जाती है और मिट्टी भुरभुरी बन जाती है. डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि 40 से 45 डिग्री तापमान में की गई गहरी जुताई खेत के लिए प्राकृतिक उपचार की तरह काम करती है. इससे मिट्टी में छिपे दीमक, सफेद गिडार, कटवर्म और तना छेदक जैसे हानिकारक कीट ऊपर आ जाते हैं, जिन्हें धूप और पक्षी नष्ट कर देते हैं. इससे कीटनाशकों पर खर्च कम होता है और खेती की लागत घटती है. उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया से मिट्टी में मौजूद फफूंद, बैक्टीरिया और निमेटोड जैसे रोगजनक भी कम हो जाते हैं, जिससे जड़ गलन, झुलसा और विल्ट जैसी बीमारियों का खतरा घटता है. गहरी जुताई खरपतवार नियंत्रण में भी काफी उपयोगी मानी जाती है. इससे मोथा, दूब घास और कांस जैसे खरपतवारों के बीज ऊपर आ जाते हैं और तेज धूप में नष्ट हो जाते हैं. इससे खरपतवारनाशी दवाओं की जरूरत भी कम हो जाती है. साथ ही बारिश का पानी मिट्टी में अधिक मात्रा में समा पाता है, जिससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलती है. कृषि वैज्ञानिक ने सलाह दी कि रबी फसल कटने के तुरंत बाद खेत की गहरी जुताई करनी चाहिए और कुछ दिनों तक खेत को खुला छोड़ देना चाहिए. इसके बाद क्रॉस जुताई कर पाटा लगाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से की गई समर प्लाविंग से मिट्टी की सेहत सुधरती है और फसल उत्पादन में 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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गुमला में सांप काटने से छात्र की मौत:जमीन पर सो रहा था,...

गुमला जिले के रायडीह थाना क्षेत्र के रमजा कोब्जा गांव में बुधवार को सांप काटने से 11 वर्षीय छात्र जय मंगल सिंह की मौत हो गई। वह कवि राज सिंह का पुत्र था। मृतक छात्र के दादा माधो सिंह ने बताया कि जय मंगल उनके साथ जमीन पर सोया हुआ था। बुधवार सुबह करीब 4 बजे एक जहरीले सांप ने उसे काट लिया। जय मंगल ने खुद परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने स्थानीय ओझा-भगत को बुलाकर झाड़-फूंक से इलाज कराने का प्रयास किया। झाड़-फूंक में काफी समय बर्बाद हो गया। जय मंगल की हालत गंभीर हो चुकी थी। परिजन उसे सदर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक संजना प्रसाद ने उसे मृत घोषित कर दिया। जय मंगल सिंह बंदवा कोना उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक का छात्र था। इस घटना पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक अनुपम किशोर ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से मौत की खबरें अक्सर आती हैं और अधिकतर मामलों में जमीन पर सोने के कारण ऐसा होता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जमीन पर न सोएं, क्योंकि गर्मी में करैत जैसे जहरीले सांप अक्सर निकलते हैं। उपाधीक्षक ने अंधविश्वास में झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करने और तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी, ताकि समय पर इलाज मिल सके। Source link

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मोहनपुर में ब्राउन शुगर कारोबार का खुलासा:देवघर-दुमका के दो तस्कर गिरफ्तार, 8.43...

देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने ब्राउन शुगर के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से 8.43 ग्राम ब्राउन शुगर और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस को 19 मई को गुप्त सूचना मिली थी कि दधीजोर-लेटवावरण सड़क स्थित तोरहा मोड़ के पास एक युवक ब्राउन शुगर बेचने के लिए ग्राहकों का इंतजार कर रहा है। इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर देवघर अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। रंगे हाथों पकड़ाया गौतम छापेमारी के दौरान टीम ने गौतम महथा उर्फ गौतम चौधरी (26) को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वह नगर थाना क्षेत्र के बरमसिया स्कूल रोड का निवासी बताया गया है। तलाशी लेने पर उसके पास से 8.43 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी गौतम महथा ने पुलिस को बताया कि उसे ब्राउन शुगर की सप्लाई दुमका जिले के हंसडीहा थाना क्षेत्र के सिंघनी निवासी फिरोज अंसारी उर्फ गुड्डू करता है। इस जानकारी के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फिरोज अंसारी को दुमका से गिरफ्तार कर लिया। एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में FIR दर्ज पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे झारखंड के विभिन्न जिलों में संगठित तरीके से ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री करते थे। इस मामले में मोहनपुर थाना कांड संख्या 77/26 के तहत बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी गौतम महथा के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट, चोरी और मारपीट सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। छापेमारी दल में मोहनपुर थाना पुलिस, तकनीकी शाखा और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। Source link

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बिजली के प्रीपेड मीटर कितने फायदेमंद हैं? पुराने और नए मीटर में...

ब‍िजली चोरी रोकते हैं स्‍मार्ट प्रीपेड मीटर (सांकेतिक तस्वीर) लेकिन प्रीपेड मीटर एक क्रांति की तरह हैं. अभी चूंकि लोगों को इन मीटरों की आदत नहीं हुई है, इस वजह से लोगों को प्रीपेड मीटर खराब लग रहे हैं. हालांकि एक एक्सपर्ट के तौर पर देखा जाए तो नुकसान सिर्फ मानसिक है. वास्तविकता में प्रीपेड मीटरों का कोई नुकसान नहीं है. इससे कंपनियों को तो फायदा है ही उपभोक्ताओं को भी दोहरा लाभ है. डॉ. भूषण कहते हैं कि ग्राहकों को इससे शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म में फायदा मिलेगा. क्या हैं प्रीपेड मीटरों के शॉर्ट टर्म फायदे क्या हैं लॉन्ग टर्म में फायदे भूषण कहते हैं कि बहुत सारी भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत है. बिजली के प्रीपेड और पोस्टपेड मीटर मोबाइल सिम की तरह ही हैं और दोनों ही सिम आज बखूबी चल रही हैं. बहुत सारे लोगों को प्रीपेड सिम ज्यादा फायदेमंद लगती हैं. प्रीपेड या पोस्‍टपेड कौन से मीटर ज्‍यादा फायदेमंद. आने वाले समय में जब लोगों को इन मीटरों की आदत पड़ेगी तो उन्हें इनके फायदे नजर आएंगे. कहीं भी तब तकनीक आती है और पूरा शिफ्ट होता है तो ये चुनौतियां सामने आती हैं. हालांकि प्रीपेड मीटर भविष्य के लिए बेहतर हैं और तकनीकी रूप से बेहद मजबूत हैं. आइए जानते हैं उनसे सवालों के जवाब क्या प्रीपेड मीटर से बिजली चोरी रुकती है?हां प्रीपेड मीटर पूरी तरह स्मार्ट मीटर हैं और इनसे बिजली की चोरी रुकेगी, ऐसी उम्मीद है. ये मीटर कैसे काम करते हैं?प्रीपेड मीटर मोबाइल फोन की प्रीपेड सिम की तरह काम करते हैं. पहले भुगतान करिए फिर उसके हिसाब से बनी यूनिटों का उपभोग करिए.अगर आप भुगतान से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करेंगे तो आपकी बिजली कट जाएगी. इन मीटरों का फायदा क्या है?इन मीटरों से उपभोक्ता को पता चलता है कि उसकी बिजली की खपत कितनी है. उसे खपत का रियल टाइम डेटा मिलता है.इन मीटरों से डिस्कॉम कंपनियों को भी फायदा है और उन्हें बिजली सप्लाई का पूरा भुगतान मिल पाता है. रेवेन्यू के लिहाज से ये मीटर फायदेमंद हैं. इन मीटरों से बिजली चोरी भी रुकती है. स्मार्ट बिजली मीटर चोरी कैसे रोकता है? पुराने इलेक्ट्रो-मैकेनिकल मीटर आसानी से टैम्पर हो जाते थे. लोग मैग्नेट लगाकर, बाईपास करके या न्यूट्रल वायर काटकर मीटर को धीमा या बंद कर देते थे. स्मार्ट मीटर पूरी तरह डिजिटल और टैम्पर-प्रूफ हैं. इनमें एडवांस्ड सेंसर लगे होते हैं जो मैग्नेटिक टैम्पर, कवर ओपन, न्यूट्रल डिस्कनेक्ट, रिवर्स करंट या असामान्य खपत का तुरंत पता लगाते हैं. यह मीटर घटना रिकॉर्ड करता है और रियल-टाइम में डिस्कॉम के सेंटर को अलर्ट भेजता है. जरूरत पड़ने पर रिमोट से कनेक्शन डिस्कनेक्ट भी किया जा सकता है. इससे चोरी लगभग असंभव हो जाती है. प्रीपेड डिजिटल स्मार्ट मीटर का पूरा मैकेनिज्म क्या है?स्मार्ट मीटर में माइक्रोकंट्रोलर, करंट और वोल्टेज सेंसर, रियल-टाइम क्लॉक और कम्युनिकेशन मॉड्यूल (RF/GSM/PLC) होते हैं. यह हर 15-30 मिनट में खपत का डेटा रिकॉर्ड करता है और AMI (Advanced Metering Infrastructure) के जरिए हेड-एंड सिस्टम को भेजता है. यह न सिर्फ यूनिट गिनता है बल्कि पावर फैक्टर, वोल्टेज फ्लक्चुएशन, पीक लोड आदि भी मॉनिटर करता है. एन्क्रिप्टेड डेटा होने से हैकिंग मुश्किल है. क्या इन प्रीपेड मीटरों का बिल ज्यादा आता है, जैसा सूचनाएं आ रही हैं?नहीं ऐसा नहीं है. इसमें भी उतना ही बिल आता है. यह साइकोलॉजिकल है कि प्रीपेड में पहले पैसा जमा करके फिर बिजली इस्तेमाल करते हैं तो बिल खत्म होता दिखता है. इसके फायदे क्या हैं?इन मीटरों से सटीक बिलिंग, अनुमानित बिल खत्म, विवाद कम होता है. ये रियल-टाइम मॉनिटरिंग के साथ ऐप या डिस्प्ले पर देख सकेंगे कि कौन-सा उपकरण कितनी बिजली खा रहा है, बिल कंट्रोल में रहेगा. इन मीटरों के लगने से पूरा सिस्टम अपडेट होगा. चोरी रुकने से बिजली की उपलब्धता और गुणवत्ता बढ़ेगी, कम लोडशेडिंग होगी. प्रीपेड ऑप्शन में रिचार्ज जैसे मोबाइल, लो-बैलेंस अलर्ट की भी सुविधा है. लंबे समय में बिल में बचत और पारदर्शिता भी है. डॉ. भारत भूषण कहते हैं कि स्मार्ट मीटर सिर्फ मीटर नहीं, बल्कि ऊर्जा प्रबंधन का स्मार्ट टूल है. UP में इसका बड़े पैमाने पर विस्तार हो रहा है, जो AT&C घाटे को कम कर बिजली क्षेत्र को मजबूत बनाएगा. Source link

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Jobs news| Sarkari Naukri:10वीं और ITI पास के लिए सरकारी नौकरी का...

CSIR CIMFR Technician Recruitment 2026, Sarkari Naukri: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है. सीएसआईआर-सीआईएमएफआर यानी सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च, धनबाद ने टेक्नीशियन-1 के पदों पर भर्ती निकाली है. इस भर्ती के जरिए अलग-अलग ट्रेडों में कुल 30 पद भरे जाएंगे.इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए 10वीं और आईटीआई पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं. वहीं चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल-2 के तहत 19,900 रुपये से लेकर 63,200 रुपये तक सैलरी मिलेगी. औसतन शुरुआती वेतन करीब 37 हजार रुपये प्रतिमाह बताया गया है.सीएसआईआर-सीआईएमएफआर की यह भर्ती देश के कई केंद्रों के लिए की जा रही है. ऐसे में तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की सोच रहे युवाओं के लिए यह शानदार अवसर माना जा रहा है. कब से शुरू होंगे आवेदन? इस भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन 20 मई 2026 को जारी किया गया है. उसी दिन सुबह 10 बजे से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी.उम्मीदवार आवेदन शुल्क 17 जून 2026 शाम 5 बजे तक जमा कर सकेंगे. वहीं ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने और सबमिट करने की आखिरी तारीख 19 जून 2026 शाम 5 बजे तय की गई है.जो उम्मीदवार आवेदन करना चाहते हैं उन्हें अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है. भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें सीएसआईआर-सीआईएमएफआर भर्ती 2026 के लिए उम्मीदवारों को इन महत्वपूर्ण तारीखों का ध्यान रखना होगा: नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 20 मई 2026ऑनलाइन आवेदन शुरू: 20 मई 2026 सुबह 10 बजेआवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख: 17 जून 2026 शाम 5 बजेऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख: 19 जून 2026 शाम 5 बजे किन पदों पर होगी भर्ती? सीएसआईआर-सीआईएमएफआर ने टेक्नीशियन-1 के कुल 30 पदों पर भर्ती निकाली है. ये पद अलग-अलग ट्रेडों के लिए हैं.चयनित उम्मीदवारों की पोस्टिंग सिर्फ धनबाद में ही नहीं बल्कि संस्थान के अन्य केंद्रों पर भी की जा सकती है. इनमें बिलासपुर, नागपुर, रांची, रुड़की और रानीगंज शामिल हैं. कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए तीन अलग-अलग पात्रता मार्ग तय किए गए हैं. उम्मीदवार अपनी योग्यता और अनुभव के अनुसार आवेदन कर सकते हैं. ITI योग्यता वाले उम्मीदवारों के लिए मौका पहले मार्ग के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का 10वीं पास होना जरूरी है.उम्मीदवार के 10वीं में विज्ञान विषय होने चाहिए और कम से कम 55 प्रतिशत अंक होने चाहिए. इसके साथ संबंधित ट्रेड में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई या नेशनल/स्टेट ट्रेड सर्टिफिकेट होना जरूरी है. अप्रेंटिस वाले भी कर सकते हैं आवेदन दूसरे मार्ग में उन उम्मीदवारों को मौका दिया गया है जिनके पास अप्रेंटिसशिप का अनुभव है.इसके लिए उम्मीदवार का 10वीं विज्ञान विषयों के साथ कम से कम 55 प्रतिशत अंकों से पास होना जरूरी है. साथ ही संबंधित ट्रेड में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कम से कम दो साल का फुल टाइम अप्रेंटिस अनुभव होना चाहिए. अनुभवी उम्‍मीदवार भी करें अप्‍लाई  तीसरे मार्ग में उन उम्मीदवारों को आवेदन का मौका मिलेगा जिनके पास संबंधित ट्रेड में कार्य अनुभव है.इसके लिए भी 10वीं में विज्ञान विषय और कम से कम 55 प्रतिशत अंक जरूरी हैं. इसके अलावा उम्मीदवार के पास भारत सरकार, राज्य सरकार, पीएसयू या किसी स्वायत्त निकाय में संबंधित ट्रेड में कम से कम तीन साल का कार्य अनुभव होना चाहिए. कितनी मिलेगी सैलरी? सीएसआईआर-सीआईएमएफआर में चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल-2 के तहत वेतन दिया जाएगा.सैलरी 19,900 रुपये से शुरू होकर 63,200 रुपये तक जाएगी. संस्थान के अनुसार शुरुआती औसत मासिक वेतन लगभग 37 हजार रुपये रहेगा.इसके अलावा सरकारी नियमों के तहत अन्य भत्तों और सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा. किन शहरों में होगी पोस्टिंग? भर्ती के तहत चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति देश के अलग-अलग केंद्रों में की जाएगी.इनमें धनबाद के अलावा बिलासपुर, नागपुर, रांची, रुड़की और रानीगंज जैसे केंद्र शामिल हैं. आवेदन कैसे करें? उम्मीदवारों को आवेदन के लिए सबसे पहले CSIR-CIMFR की आधिकारिक वेबसाइट cimfr.res.in पर जाना होगा.वेबसाइट के होमपेज पर Recruitment या Career सेक्शन में जाकर भर्ती से जुड़ा लिंक खोलना होगा.इसके बाद Apply Online पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करना होगा. रजिस्ट्रेशन के दौरान नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी जानकारी भरनी होगी.रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद उम्मीदवार लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भर सकते हैं. इसके साथ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे.यदि आवेदन शुल्क लागू हो तो उसका भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा. आखिर में आवेदन फॉर्म को ध्यान से जांचकर सबमिट करना होगा. Source link

झारखंड

जमशेदपुर में बड़ी वारदात की साजिश नाकाम:पिस्तौल और गोलियों के साथ युवक...

जमशेदपुर में पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक घटना को समय रहते टाल दिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक को बुधवार देर रात गुप्त सूचना मिली थी कि ओलीडीह ओपी क्षेत्र के लक्ष्मण नगर छठ घाट के पास एक संदिग्ध युवक अवैध हथियार के साथ घूम रहा है और किसी गंभीर वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक पटमदा, बचनदेव कुजूर के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लक्ष्मण नगर छठ घाट इलाके की घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया। देसी पिस्तौल और तीन जिंदा गोलियां बरामद तलाशी के दौरान युवक के पास से एक देसी पिस्तौल और तीन जिंदा गोलियां बरामद की गईं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विश्वजीत सिंह उर्फ रॉकी (33) के रूप में हुई है, जो लक्ष्मण नगर, सुभाष कॉलोनी, डिमना रोड का निवासी है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने यह हथियार बिहार के बक्सर से 30 हजार रुपए में खरीदा था। वह इस हथियार के बल पर इलाके में अपना दबदबा बनाना चाहता था। साथ ही, व्यवसायियों को धमकाकर रंगदारी वसूलने और लोगों के बीच दहशत फैलाने की योजना बना रहा था। सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पहले से एमजीएम थाना में आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत दो मामले दर्ज हैं। यह स्पष्ट करता है कि वह पूर्व में भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। इस मामले में ओलीडीह ओपी थाना में कांड संख्या 117/26 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1-B) a/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किसी गिरोह से जुड़ा है या अकेले इस वारदात की योजना बना रहा था। Source link

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जसीडीह पार्किंग में युवक पर चाकू से हमला:पेट में फंसा चाकू खुद...

देवघर के जसीडीह थाना क्षेत्र में सोमवार को पार्किंग एरिया में चाकूबाजी की घटना सामने आई है। इस घटना में संथाली निवासी संदर्भ कुमार नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल देवघर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। घायल संदर्भ कुमार ने बताया कि वह जसीडीह पार्किंग क्षेत्र में मौजूद था, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने उस पर अचानक चाकू से हमला कर दिया। हमलावरों ने उसके पेट पर वार किया, जिससे चाकू वहीं फंस गया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। दर्द से तड़पते हुए युवक ने खुद ही पेट में फंसा चाकू बाहर निकाला। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से संदर्भ को तुरंत देवघर सदर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, युवक के पेट में गहरा जख्म हुआ है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना पार्किंग क्षेत्र में वर्चस्व और आपसी रंजिश को लेकर हुई है। बताया जा रहा है कि पार्किंग संचालन को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल युवक से पूछताछ की और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। Source link

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