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Arvind Kejriwal Latest News | Delhi Liquor Case | Justice Swarana Kanta...

होमताजा खबरदेश ‘मैं जो चोगा पहनती हूं वो…’ जस्‍ट‍िस स्‍वर्णकांता ने ऐसा ये क्‍यों कहा? Last Updated:May 14, 2026, 19:27 IST Arvind Kejriwal News: द‍िल्‍ली शराब घोटाले केस में कई आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस शर्मा ने पाया क‍ि कई लोगों ने अदालत की अवमानना की है. जस्‍ट‍िस स्‍वर्णकांता ने कहा था क‍ि वह ऐसे आरोपों के सामने चुप नहीं रह सकतीं और संकेत दिया कि अवमानना ​​की कार्रवाई शुरू की जाएगी और अब वह इस मामले में ही फैसला दे रही हैं… अरव‍िंद केजरीवाल केस में जस्‍ट‍िस स्‍वर्णकांता शर्मा ने क्‍या क्‍या कहा (Photo AI) नई द‍िल्‍ली. ‘मैं जो चोगा पहनती हूं वो इतना कमज़ोर नहीं है कि कुछ आलोचनाओं से उस पर असर पड़े’ अरव‍िंद केजरीवाल समेत 22 आरोप‍ियों को द‍िल्‍ली आरोप मुक्‍त करने के मामले की सुनवाई के दौरान जस्‍ट‍िस स्‍वर्णकांता ने यह ट‍िप्‍पणी की.दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा था कि वह कुछ प्रतिवादियों और व्यक्तियों के खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करेगा जब दिल्ली शराब घोटाले मामले के संबंध में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर ‘बेहद मानहानिकारक सामग्री’ फैलाई गई थी. दरअसल, कोर्ट ने साफ किया कि अवमानना की ये कार्यवाही अचानक या किसी निजी नाराजगी की वजह से शुरू नहीं हुई. फैसला सुनाने के बाद कोर्ट के संज्ञान में आया कि सोशल मीडिया पर एक सुनियोजित डिजिटल कैंपेन चलाया गया था. एडिट किए हुए वीडियो, चिट्ठियां और पोस्ट बड़े पैमाने पर फैलाए गए जिनका मकसद सिर्फ आलोचना नहीं, बल्कि पूरी न्यायपालिका की छवि को निशाना बनाना था. ‘जज का चोगा पहनने वाले से शांत रहने की अपेक्षा होती है’जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि उन्हें निष्पक्ष आलोचना और असहमति स्वीकार करने की ट्रेनिंग दी गई है, और जज का चोगा पहनने वाले से शांत रहने की अपेक्षा की जाती है. लेकिन उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि हर बार चुप रहना न्यायिक संयम नहीं होता. इस मामले में की गई टिप्पणियां सिर्फ असहमति नहीं थीं बल्कि एक बदनामी अभियान का हिस्सा थीं, जिसमें कुछ लोगों के पास राजनीतिक ताकत भी थी. ‘डराने-धमकाने की कोशिश की गई’जस्‍ट‍िस शर्मा ने कहा क‍ि उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई. कोर्ट के खिलाफ मनगढ़ंत कहानियां गढ़ी गईं और यहां तक कि उनके परिवार को भी इन कहानियों में घसीटा गया ताकि सोच-समझकर उनका अपमान किया जा सके. जब कोर्ट के अंदर कानूनी प्रक्रिया चल रही थी तब बाहर समानांतर डिजिटल नैरेटिव खड़ा किया जा रहा था जो सीधे इस कोर्ट और न्यायपालिका को टारगेट कर रहा था. ‘न्‍याय‍िक चोगा इतना कमजोर नहीं होता’इसी पृष्ठभूमि में जस्टिस स्वर्णकांता ने यह टिप्पणी की कि वे जो न्यायिक चोगा पहनती हैं, वह इतना कमज़ोर नहीं कि आलोचनाओं से हिल जाए लेकिन जब आलोचना की आड़ में न्यायपालिका की संस्थागत साख पर सुनियोजित हमला हो तो कोर्ट का चुप रहना भी न्यायिक संयम नहीं माना जा सकता. यही वह क्षण था जब उन्होंने अवमानना की कार्यवाही आगे बढ़ाने का संकेत दिया. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

झारखंड

जमशेदपुर का फेमस चिकन पकोड़ा, 2 घंटे में बिक जाता है 40...

Last Updated:May 14, 2026, 19:12 IST Jamshedpur Famous Chicken Pakora Shop: जमशेदपुर में स्वाद के शौकीनों की कोई कमी नहीं है. शहर में कई बड़े होटल और फूड आउटलेट मौजूद हैं, लेकिन कई बार छोटे ठेले और साधारण दुकानों का स्वाद लोगों के दिल में ऐसी जगह बना लेता है कि दूर-दूर से लोग वहां पहुंचने लगते हैं. ऐसा ही एक नाम इन दिनों सुंदरनगर फाटक के पास लोगों के बीच काफी चर्चा में है, जहां नाथू बेसरा अपने परिवार के साथ सिर्फ दो घंटे की दुकान लगाकर रोजाना लगभग 40 किलो चिकन पकोड़ा बेच देते हैं. सबसे खास बात यह है कि उनकी दुकान किसी बड़े होटल या रेस्टोरेंट की तरह नहीं है. सिर्फ चार बांस और एक तिरपाल के नीचे शाम 5 बजे से 7 बजे तक दुकान सजती है. लेकिन जैसे ही कड़ाही में चिकन पकोड़ा तलना शुरू होता है, वहां लोगों की भीड़ लग जाती है. हालत ऐसी हो जाती है कि कई बार सड़क किनारे गाड़ियां रुकने से जाम जैसी स्थिति बन जाती है. नाथू बताते हैं कि वे अपने दो बेटों और एक बेटी के साथ मिलकर यह काम करते हैं. परिवार के सभी सदस्य दुकान में हाथ बंटाते हैं. कोई चिकन तैयार करता है तो कोई चटनी बनाता है और कोई ग्राहकों को प्लेट देने में व्यस्त रहता है. उनका कहना है कि उनके पास भले ही बड़ी दुकान, चमकदार लाइट या बैठने की कुर्सियां नहीं हैं, लेकिन स्वाद और शुद्धता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है. उन्होंने बताया कि चिकन पकोड़ा बनाने में वे अरारोट, मैदा, घर के बने मसाले, अदरक-लहसुन का पेस्ट और शुद्ध तेल का इस्तेमाल करते हैं. इसके साथ मिलने वाली दो तरह की चटनियां लोगों को और भी पसंद आती हैं. एक तरफ मिर्च, धनिया और पुदीना से बनी खट्टी चटनी तो दूसरी तरफ टमाटर और खजूर की मीठी चटनी चिकन पकोड़े का स्वाद दोगुना कर देती है. Add News18 as Preferred Source on Google ग्रामीण क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कीमत भी काफी कम रखी है. यहां ₹20 में हाफ प्लेट यानी तीन पीस और ₹40 में छह पीस चिकन पकोड़ा मिल जाता है. कम कीमत और शानदार स्वाद की वजह से लोग दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं. कई ग्राहक तो गाड़ी रोककर पैक करवाते हैं और आगे निकल जाते हैं. चिकन पकोड़ा खाने आए एक ग्राहक ने बताया कि ऐसा स्वाद शायद बड़े-बड़े होटलों में भी नहीं मिलता. उन्होंने कहा कि जब भी वे सुंदरनगर की तरफ आते हैं तो यहां से चिकन पकोड़ा जरूर लेते हैं. बेसरा बताते हैं कि कई बार हालत ऐसी हो जाती है कि पकोड़ा कड़ाही में तलते-तलते ही बिक जाता है. यही वजह है कि वे पहले से ही काफी स्टॉक तैयार रखते हैं. साधारण सी दुकान और मेहनत से तैयार स्वादिष्ट चिकन पकोड़ा आज नाथू बेसरा और उनके परिवार की पहचान बन चुका है. साथ ही इस बात का प्रमाण भी कि स्वाद को शो-शॉ की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

Gomia Former Minister Madhavlal Singh Funeral State Honour

बोकारो के गोमिया क्षेत्र के जनप्रिय नेता और पूर्व मंत्री स्वर्गीय माधवलाल सिंह का गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गोमिया प्रखंड के साड़म स्थित बोकारो नदी तट पर वे पंचतत्व में विलीन हो गए। . अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से हजारों लोग पहुंचे, जिससे बोकारो नदी तट जनसैलाब में बदल गया। अंतिम संस्कार से पहले झारखंड पुलिस के सशस्त्र बलों द्वारा दिवंगत नेता को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। माधव बाबू अमर रहें के नारों से गूंज उठा मातमी धुन और पुलिस जवानों की सलामी के बीच राजकीय सम्मान की प्रक्रिया पूरी हुई। इस दौरान वहां मौजूद समर्थकों की आंखें नम हो गईं। पूरा साड़म क्षेत्र “गोमिया का एक लाल कैसा हो, माधव लाल जैसा हो” और “माधव बाबू अमर रहें” जैसे नारों से गूंज उठा। समर्थकों ने उन्हें गरीबों, किसानों और मजदूरों की आवाज बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम यात्रा और अंत्येष्टि में राजनीतिक और प्रशासनिक जगत की कई प्रमुख लोग शामिल हुईं। इनमें झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, बोकारो डीसी अजय नाथ झा, एसडीपीओ बेरमो बीएन सिंह, गोमिया बीडीओ महादेव कुमार महतो, सीओ आफताब आलम, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, कुमार महेश सिंह, झामुमो जिलाध्यक्ष रतनलाल मांझी और भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र राज प्रमुख थे। माधवलाल सिंह के अंतिम संस्कार में झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद भी शामिल हुए। राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति सभी ने एक स्वर में कहा कि माधवलाल सिंह का निधन क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति है। माधवलाल सिंह केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े संवेदनशील व्यक्तित्व के रूप में लोगों के बीच लोकप्रिय थे। वे लंबे समय तक गोमिया क्षेत्र की राजनीति का मजबूत चेहरा रहे और गरीबों तथा जरूरतमंदों की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाते थे। उनके आवास से लेकर अंतिम यात्रा तक लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की आंखों में अपने प्रिय नेता को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। बताते चले कि लंबी बीमारी के बाद बुधवार को रांची स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान माधवलाल सिंह का निधन हो गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे गोमिया और बोकारो जिले में शोक की लहर फैल गई थी। गुरुवार को अंतिम यात्रा के दौरान सड़क किनारे खड़े लोग नम आंखों से अपने ‘माधव बाबू’ को अंतिम विदाई देते नजर आए। ———————————– ये भी खबर पढ़िए झारखंड के पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह का निधन:राज्यपाल-सीएम ने बताया अपूरणीय क्षति, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार झारखंड के पूर्व मंत्री और गोमिया विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ नेता माधव लाल सिंह का बुधवार सुबह निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बोकारो के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से गंभीर हालत में रांची रेफर किया गया। रांची के पल्स अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही गोमिया समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। समर्थकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पढ़िए पूरी खबर… Source link

झारखंड

Alamgir Alam Jharkhand Former Minister Gets Bail From Supreme Court

रांची5 घंटे पहले कॉपी लिंक झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम दो साल बाद जेल से आज बाहर निकले। उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है। अदालत ने सोमवार को जमानत दी थी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से मिले जमानत का आदेश अपलोड नहीं होने के कारण जेल से नहीं निकल सके। पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के साथ उनके पीए संजीव लाल को भी जमानत मिली है। आदेश अपलोड होने के बाद आज बेल बॉन्ड भरा गया। जिसके बाद वे जेल से बाहर आए। होटवार जेल में दो साल से बंद आलमगीर आलम को लेने के लिए उनकी पत्नी सह विधायक निशात आलम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता होटवार स्थित सेंट्रल जेल पहुंचे। जानकारी के मुताबिक आलमगीर आलम की जमानतदार उनकी पत्नी निशात आलम बनी हैं। हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती झारखंड हाईकोर्ट द्वारा पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके पीए संजीव लाल की जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद दोनों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आलमगीर आलम की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि इस मामले में उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है। साथ ही, जांच के दौरान उनके पास से किसी प्रकार की नगदी या आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद नहीं हुई है, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। वकीलों ने यह भी कहा कि आलमगीर आलम की तबीयत ठीक नहीं है। वे कई बीमारियों से जूझ रहे हैं। इस आधार पर भी अदालत से राहत देने की अपील की गई। बचाव पक्ष ने कोर्ट से मानवीय आधार पर विचार करते हुए जमानत मंजूर करने का आग्रह किया है। ——————————————- इसे भी पढ़ें..… दो साल बाद जेल से बाहर आएंगे आलमगीर आलम:सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत, टेंडर कमीशन घोटाला में हुए थे गिरफ्तार टेंडर कमीशन घोटाला मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम दो साल बाद जेल से बाहर आएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। आज सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जस्टिस एम एम सुंदरेश्वर और जस्टिस एन कोटीश्वर सिंह की बेंच में जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इससे पहले उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी थी। जिसे 11 जुलाई 2025 को जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलमगीर आलम हेमंत सोरेन की पूर्ववर्ती सरकार में ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री थे। यहां पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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PM Modi | Sharad Pawar | ‘सर्वदलीय बैठक बुलाएं पीएम मोदी, देश...

Last Updated:May 14, 2026, 18:20 IST Sharad Pawar On PM Modi Appeal: वेस्ट एशिया में जारी युद्ध के कारण भारत की इकोनॉमी पर बड़े संकट के बादल मंडरा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से तेल, सोना और खाद के उपयोग में कटौती की अपील के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. शरद पवार ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है. विपक्ष ने इसे सरकार की नाकामी करार दिया है. ख़बरें फटाफट पीएम मोदी की ‘किफायत’ वाली अपील पर शरद पवार भड़के, सर्वदलीय बैठक बुलाने की डिमांड. (File Photo : PTI) नई दिल्ली: वेस्ट एशिया में युद्ध जैसे हालातों ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से कुछ कड़े कदम उठाने और संसाधनों के उपयोग में कटौती करने की अपील की है. पीएम की इस अचानक आई ‘किफायत’ (Austerity) वाली सलाह ने विपक्ष को हमलावर होने का मौका दे दिया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के अध्यक्ष शरद पवार ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि पीएम की घोषणाओं से देश के आम नागरिकों, उद्योग जगत और विदेशी निवेशकों के बीच डर का माहौल बन गया है. पवार ने मांग की है कि प्रधानमंत्री को तुरंत सभी राजनीतिक दलों की एक बैठक बुलानी चाहिए. इसमें देश की आर्थिक स्थिरता और भविष्य की नीतियों पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए. पीएम मोदी ने जनता से क्या अपील की है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद की रैली और सोशल मीडिया के जरिए देश के सामने 7 बड़ी अपीलें रखी हैं. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से सप्लाई चैन पूरी तरह टूट गई है. पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद की कीमतें आसमान छू रही हैं. विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए पीएम ने लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की सलाह दी है. इसके अलावा उन्होंने ऑफिस जाने के बजाय ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का यूज करने और खाने के तेल की खपत कम करने को कहा है. उन्होंने किसानों से भी केमिकल फर्टिलाइजर का इस्तेमाल आधा करने का आग्रह किया है. पीएम का तर्क है कि डॉलर में होने वाले इन आयातों को कम करके ही देश की आर्थिक सेहत को सुधारा जा सकता है. शरद पवार ने क्यों जताई आर्थिक अस्थिरता की आशंका? दिग्गज नेता शरद पवार का कहना है कि जिस तरह से अचानक ये घोषणाएं की गई हैं, उनका भारतीय अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक असर पड़ेगा. पवार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर सभी दलों को विश्वास में लेना जरूरी है. पवार ने सरकार को सुझाव दिया कि केवल राजनीतिक नेताओं ही नहीं, बल्कि देश के बड़े अर्थशास्त्रियों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ भी एक हाई-लेवल मीटिंग होनी चाहिए. मध्यपूर्वेतील अस्थिर आणि युद्धजन्य परिस्थितीच्या पार्श्वभूमीवर देशाचे प्रधानमंत्री नरेंद्रजी मोदी (@narendramodi) यांनी दोन दिवसांपूर्वी काही घोषणा केल्या. त्यांचा देशाच्या अर्थव्यवस्थेवर दूरगामी परिणाम होण्याची शक्यता आहे. या घोषणा अचानक करण्यात आल्याने सर्वसामान्य नागरिक,… Source link

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CBSE 12th Result: बोकारो के अमृत राज इंटर आर्ट्स में जिला टॉपर,...

Last Updated:May 14, 2026, 05:42 IST सीबीएसई 12वीं (आर्ट्स) 2026 में बोकारो के अमृत राज जिला टॉपर बने हैं. उन्होंने 99.6% अंक हासिल किए. अमृत ने तीन विषयों में 100 में 100 अंक प्राप्त किए. वह भविष्य में आईएएस अधिकारी बनना चाहते हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग को दिया है. ख़बरें फटाफट बोकारोः बोकारो जिले के होली क्रॉस स्कूल बालीडीह के मेधावी छात्र अमृत राज ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा 2026 में आर्ट्स संकाय में 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है. अमृत ने पॉलिटिकल साइंस में 100 अंक, इकोनॉमिक्स में 100 अंक, संस्कृति में 100 अंक, इंग्लिश में 99 और हिस्ट्री में 99 अंक प्राप्त किए हैं. खास बातचीत में अमृत राज ने बताया कि वह अपने परीक्षा परिणाम से बेहद खुश हैं, क्योंकि सालभर की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें यह सफलता मिली है. आगे उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसके लिए निरंतर मेहनत और सही रणनीति होना बेहद जरूरी है. वहीं, बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर अमृत राज ने बताया कि वह रोजाना 8 से 9 घंटे पढ़ाई करते थे. साथ ही हर विषय के लिए उन्होंने चैप्टर वाइज स्ट्रेटजी बनाकर पढ़ाई की. जिससे पूरा सिलेबस समय पर पूरा करने में मदद मिली है. तैयारी में बीते‌ सालों के क्वेश्चन पेपर अहमबोर्ड परीक्षा के आखिरी महीने की रणनीति पर चर्चा करते हुए अमृत ने बताया कि बीते‌ सालों के क्वेश्चन पेपर और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है. बार-बार प्रैक्टिस करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और परीक्षा का डर भी खत्म हो जाता है. छात्रों को टॉपर की सलाहबोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को अमृत राज ने सलाह दी है कि सबसे पहले अपने लक्ष्य पर फोकस करना चाहिए और लगातार अनुशासन के साथ मेहनत करना चाहिए क्योंकि अनुशासन की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं. पढ़ाई के दौरान होने वाले डिस्ट्रैक्शन को लेकर अमृत ने बताया कि कई बार लगातार पढ़ाई से थकावट महसूस होती थी. ऐसे समय में वह छोटे-छोटे ब्रेक लेते थे और कभी-कभी दोस्तों से फोन पर बात कर लेते थे, जिससे उनका मन फ्रेश हो जाता था और दोबारा पढ़ाई में ध्यान लगाने में मदद मिलती थी. भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए अमृत राज ने बताया कि वह आगे पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई करना चाहते हैं और भविष्य में आईएएस अधिकारी बनने का सपना है. वहीं, अमृत ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी नानी, बड़े भाई, माता-पिता और शिक्षकों को दिया है जिन्होंने, उनकी कमजोरी को दूर करने में हमेशा मदद की है. माता-पिता ने क्या कहा?अमृत के पिता कृष्ण दयाल सिंह समाजसेवी हैं, जबकि माता राधिका लॉ कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. बेटे की सफलता पर अमृत राज के पिता कृष्णा दयाल सिंह ने बताया कि वह बेटे की सफलता से बहुत खुश है. उन्हें उम्मीद है कि और अभी बेहतर प्रदर्शन करेंगे, वहीं उनकी मां राधिका ने बताया कि अमित राज बचपन से ही मेधावी रहे हैं. ऐसे में बेटे की सफलता से वह गौरवान्वित महसूस कर रही हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

झारखंड

टाटानगर से दिल्ली जाने वाली रेगुलर ट्रेन में लंबी वेटिंग:स्पेशल ट्रेनों से...

टाटानगर से दिल्ली के चलने वाली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस, भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस में आने वाले कई दिनों तक लंबी वेटिंग है। हालत यह है कि हर श्रेणी में वेटिंग होने से दिल्ली जाने में मुश्किल हो रही है। गर्मियों के छुट्टियों में पूर्व से टिकट नहीं करा पाएं लोगों को बनारस, प्रयागराज जाने में भी समस्या हो रही है। टाटा-आनंदबिहार समर स्पेशल ट्रेन 23 मई को खुलेगी रेलवे ने गर्मी में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए टाटा-आनंदबिहार समर स्पेशल ट्रेन चलाने जा रही है। यह ट्रेन अप-डाउन एक फेरा लगाएगी। सूत्रों के मुताबिक ट्रेन नंबर-08183 टाटा-आनंदबिहार स्पेशल ट्रेन 23 मई को टाटानगर से खुलेगी। ट्रेन रात 12.30 बजे खुलेगी जो कि मुरी, बोकारो, गोमो, गया, प्रयागराज, गोविंदपुर होते हुए गोविंदपुर दूसरे दिन तड़के सुबह 3.30 बजे पहुंचेगी। वहीं 25 मई को ट्रेन नंबर- 08184 आनदंबिहार-टाटानगर स्पेशल ट्रेन रात 1.45 बजे खुलेगी। जो कि प्रयागराज होते हुए गया-मुरी होते हुए टाटानगर दूसरे दिन रात 12.15 बजे पहुंचेगी। इस ट्रेन के एक फेरा लगाने से टाटानगर से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। Source link

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धनबाद में डीजल संकट से ऑटो के पहिए थमे:पंपों पर भारी भीड़,...

धनबाद में ईंधन की कमी के कारण पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। शहर के अधिकांश पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां लोग पेट्रोल और डीजल के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। इस स्थिति का सबसे अधिक असर डीजल से चलने वाले ऑटो चालकों पर पड़ा है। ऑटो चालकों के अनुसार, कई पेट्रोल पंपों पर डीजल सीमित मात्रा में दिया जा रहा है। कुछ पंपों पर तो दो लीटर से अधिक डीजल नहीं मिल रहा, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। पहले जहां चालक दिनभर में चार से पांच ट्रिप लगाकर अच्छी कमाई कर लेते थे, वहीं अब डीजल की समस्या के कारण वे मुश्किल से एक या दो ट्रिप ही चला पा रहे हैं। इससे उनकी दैनिक आय पर सीधा असर पड़ा है। शहर की सड़कों पर डीजल ऑटो की संख्या में कमी आई है। इसके विपरीत, ई-रिक्शा (टोटो) की संख्या बढ़ गई है, क्योंकि वे ईंधन संकट से प्रभावित नहीं हैं। लोग अब छोटी दूरी तय करने के लिए ई-रिक्शा का अधिक उपयोग कर रहे हैं। प्रशासन और पेट्रोल डीलर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ईंधन की आपूर्ति सामान्य है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बावजूद, पेट्रोल पंपों पर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। Source link

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NEET-UG Supreme Court Hearing: तुम पहचानते हो इनको? जब सुप्रीम कोर्ट में...

होमताजा खबरदेश तुम पहचानते हो इनको? जब जज ने आरोप‍ियों से वकील के बारे में पूछ ल‍िया सवाल Last Updated:May 14, 2026, 17:25 IST नीट परीक्षा लीक मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में चौंकाने वाला मामला सामने आया. आरोप‍ियों की ओर से एक वकील कोर्ट के सामने पेश हो गए. वे बिना कोर्ट की गाउन में पहुंच गए थे. यह देखकर जज भी चौंक उठे. सुप्रीम कोर्ट में यूजीसी नीट पर सुनवाई्.. सुप्रीम कोर्ट में NEET-UGC पेपर लीक से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान उस समय अजीब स्थिति बन गई जब अदालत ने वकील की पहचान पर सवाल उठा दिए. सुनवाई के बीच जज ने सीधे आरोपियों से पूछ लिया कि क्या वे उस वकील को पहचानते हैं, जो उनकी ओर से पेश हो रहा था. फ‍िर जो हुआ वो और भी चौंकाने वाला था. सूत्रों के अनुसार, यह मामला तीन आरोपियों से जुड़ा हुआ है, जिनकी तरफ से वीपी सिंह नाम के वकील अदालत में पेश हुए थे. लेकिन उनकी वेशभूषा देखकर जज साहब हैरान रह गए. न तो उन्‍होंने अदालत का ड्रेस गाउन पहना था और ना ही उन्‍होंने कोर्ट की प्रक्रिया का पालन क‍िया था. जब आरोपी से जज ने पूछा सुनवाई के दौरान जज ने सीधे आरोपियों में से एक मंगीलाल बिवाल को बुलाकर उनसे सीधा सवाल किया, क्‍या आप इन वकील साहब को पहचानते हैं? आरोपी कुछ बोल नहीं पाए. इसके बाद कोर्ट को शक हुआ. पूछा क‍ि क्या बिना अनुमति के वकील साहब ने कोर्ट के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर द‍िए हैं. जज ने स्पष्ट किया कि यदि किसी वकील को आधिकारिक रूप से पक्षकारों की ओर से पेश होना है, तो उसे कोर्ट से आवश्यक अनुमति लेनी चाहिए और प्रक्रिया का पालन करना चाहिए. वकील मुहैया कराने को कहा कोर्ट में यह भी चर्चा हुई कि यदि किसी आरोपी के पास निजी वकील उपलब्ध नहीं है, तो क्या अदालत की ओर से सरकारी वकील उपलब्ध कराया जाए. यह विकल्प भारतीय न्याय व्यवस्था के तहत हर आरोपी का मौलिक अधिकार माना जाता है, ताकि किसी भी व्यक्ति को उचित कानूनी सहायता से वंचित न रखा जाए. बाद स्थिति को संभालते हुए अदालत ने एक अन्य सरकारी वकील को आरोपियों की ओर से पेश होने के लिए नियुक्त करने का निर्देश दिया, ताकि सुनवाई प्रक्रिया आगे बाधित न हो और सभी पक्षों को कानूनी प्रतिनिधित्व मिल सके. About the Author Gyanendra Mishra Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

झारखंड

कैश देखकर ED भी रह गई थी हैरान, मंगानी पड़ी थीं कई...

रांची. झारखंड की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मंत्री आलमगीर आलम चर्चा के केंद्र में हैं. करीब दो साल तक जेल में रहने के बाद आलमगीर आलम आज रांची के होटवार जेल से जमानत पर रिहा हो गए. सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला. रिहाई से पहले ही रांची के धुर्वा स्थित उनके आवास को फूलों से सजाया गया था और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए जुट गए थे. जैसे ही आलमगीर आलम जेल से बाहर आए, समर्थकों ने फूल-माला पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया. बता दें, ईडी की टीम ने 6 मई 2024 को रांची में आलमगीर आलम कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. आलमगीर आलम के ठिकानों पर ईडी की रेड में 32.2 करोड़ कैश बरामद हुआ था. इसके बाद झारखंड के बहुचर्चित टेंडर कमीशन घोटाला मामले में ED ने आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था. इस दौरान उनके करीबी और निजी सचिव संजीव लाल से जुड़े ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी. सबसे बड़ी बरामदगी संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम के घर से हुई, जहां से ED ने करीब 32.2 करोड़ रुपये कैश जब्त किए थे. इसके अलावा अन्य जगहों से भी लाखों रुपये और कथित लेन-देन से जुड़ी डायरी बरामद की गई थी. कौन हैं आलमगीर आलम? आलमगीर आलम झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं और राज्य सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं. संथाल परगना क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती है. वे लंबे समय तक पाकुड़ और आसपास के इलाकों की राजनीति में प्रभावशाली चेहरा रहे हैं. उनकी पत्नी निशात आलम फिलहाल पाकुड़ से विधायक हैं. कांग्रेस संगठन और स्थानीय राजनीति में आलमगीर आलम को एक बड़े मुस्लिम चेहरे के रूप में देखा जाता रहा है. टेंडर कमीशन घोटाले में आया था नाम आलमगीर आलम का नाम उस वक्त सुर्खियों में आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित टेंडर कमीशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई की थी. जांच एजेंसियों का आरोप था कि सरकारी टेंडर दिलाने के बदले कमीशन वसूला जा रहा था. इसी मामले में ईडी ने उनके निजी सचिव (PS) समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था. जांच के बाद आलमगीर आलम पर शिकंजा कसता गया और उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. बाद में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. इस मामले में निचली अदालत से उन्हें राहत नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत करीब दो साल जेल में रहने के बाद 11 मई को सुप्रीम कोर्ट से आलमगीर आलम को जमानत मिली. कोर्ट से राहत मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई. पिछले दो दिनों से उनके धुर्वा स्थित सरकारी आवास पर समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ था. साहिबगंज, पाकुड़ और संथाल परगना के कई जिलों से कार्यकर्ता रांची पहुंचे थे. फूलों से सजा आवास, समर्थकों में उत्साह रिहाई से पहले ही आलमगीर आलम के सरकारी आवास को फूलों और सजावट से तैयार किया गया था. समर्थक बुके और फूल-मालाएं लेकर उनके इंतजार में खड़े दिखे. कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें अपने नेता की वापसी का लंबे समय से इंतजार था. समर्थकों का कहना है कि आलमगीर आलम क्षेत्र के बड़े नेता हैं और उनकी वापसी से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आया है. जेल से बाहर आते ही लगा समर्थकों का हुजूम होटवार जेल के बाहर आलमगीर आलम की एक झलक पाने के लिए भारी भीड़ जुटी रही. जेल से बाहर निकलते ही समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी. उनकी पत्नी और विधायक निशात आलम भी मौके पर मौजूद रहीं. आलमगीर आलम जेल से सीधे अपने धुर्वा स्थित आवास पहुंचे, जहां समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया. छापेमारी में मिला था करोड़ों का कैश ईडी की कार्रवाई के दौरान आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल और उससे जुड़े ठिकानों से करीब 35 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद बरामद किया गया था. सबसे ज्यादा चर्चा उस वक्त हुई जब एक फ्लैट से नोटों के बंडल भरे बैग और अलमारियां मिली थीं. कैश गिनने के लिए मशीनें मंगानी पड़ी थीं और कई घंटों तक नोटों की गिनती चली थी. जांच एजेंसी का दावा था कि यह रकम कथित टेंडर कमीशन और अवैध लेनदेन से जुड़ी हो सकती है. इसी बड़ी बरामदगी के बाद झारखंड की राजनीति में भूचाल आ गया था और आलमगीर आलम पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ गया था. Source link

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