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झारखंड

20 साल पुराने जमीन विवाद ने रोका अंतिम संस्कार:पाकुड़ में 12 घंटे...

पाकुड़ के महेशपुर थाना क्षेत्र में एक चौकीदार के शव को दफनाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। विवाद के कारण शहरग्राम मुख्य सड़क करीब 12 घंटे तक जाम रही। गुरुवार सुबह प्रशासन ने हस्तक्षेप कर सड़क जाम समाप्त कराया। हालांकि शव दफनाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी है। प्रशासन लगातार ग्रामीणों और मृतक के स्वजनों से बातचीत कर रहा है। मृतक की पहचान शहरग्राम निवासी चौकीदार भीम सोरेन के रूप में हुई है। उनका निधन पाकुड़ सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ था। बुधवार को स्वजन शव को पैतृक गांव पीपरजोड़ी में दफनाने ले गए थे। इसी दौरान विवाद शुरू हो गया। ग्रामीणों के विरोध के बाद सड़क पर रखा शव जानकारी के अनुसार भीम सोरेन के स्वजन पीपरजोड़ी गांव में दफनाने के लिए जमीन पर गड्ढा खोद रहे थे। तभी गांव के कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया। ग्रामीण शव को वहां दफनाने देने के लिए तैयार नहीं हुए। इसके विरोध में परिजनों ने बुधवार दोपहर चौकीदार के शव को शहरग्राम मुख्य सड़क पर रख दिया। इसके बाद सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। सड़क जाम होने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही बीडीओ सिद्धार्थ शंकर यादव, सीओ संजय कुमार सिन्हा और थाना प्रभारी रवि शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन देर रात तक कोई समाधान नहीं निकल सका। बाद में पाकुड़ के सिविल एसडीओ साइमन मरांडी भी घटनास्थल पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। जमीन विवाद को लेकर बढ़ा मामला गुरुवार सुबह प्रशासन ने सड़क से शव हटवाकर जाम समाप्त कराया। मौके पर मौजूद सिविल एसडीओ साइमन मरांडी ने कहा कि शव दफनाने को लेकर ग्रामीणों के बीच आपसी विवाद था। इसी कारण सड़क जाम की स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पक्षों के साथ वार्ता जारी है। सहमति बनने के बाद शव दफनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार चौकीदार भीम सोरेन के पिता पीपरजोड़ी गांव में घर जमाई थे। करीब 20 वर्ष पहले किसी विवाद के कारण ग्रामीणों ने भीम सोरेन को उसकी जमीन से बेदखल कर दिया था। अब उनकी मौत के बाद जब स्वजन उसी जमीन में दफनाने पहुंचे तो ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया। इसी के बाद पूरा मामला विवाद में बदल गया। Source link

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TN Govt Formation: WhatsApp पर सरकार बनाने का न्योता! विजय की चाल...

चेन्नई: तमिलनाडु में सरकार बनाने की जद्दोजहद के बीच थलापति विजय की पार्टी तमिलनाडु वेत्री कड़गम (TVK) ने संभावित सहयोगियों तक पहुंचने के लिए डिजिटल रास्ता अपनाया है. रिपोर्ट के मुताबिक, टीवीके ने इंडिया ब्लॉक की छोटी पार्टियों जैसे सीपीआई, सीपीआई (एम) और वीसीके को औपचारिक मुलाकात के बजाय व्हाट्सएप मैसेज भेजकर समर्थन मांगा है. इस अनौपचारिक तरीके ने पुराने और अनुभवी राजनेताओं को हैरान कर दिया है. एक लेफ्ट नेता ने चुटकी लेते हुए कहा कि शायद यह नई पीढ़ी की राजनीति है, जहां सरकार बनाने जैसे गंभीर मुद्दे भी मैसेजिंग ऐप पर तय किए जा रहे हैं. तमिलनाडु की सत्ता की चाबी किसके पास होगी, इस पर गहरा सस्पेंस बना हुआ है. गवर्नर की शर्त और विजय का मिशन 118 टीवीके के पास फिलहाल 108 सीटें हैं, जो बहुमत के जादुई आंकड़े 118 से 10 कम हैं. हालांकि कांग्रेस के 5 विधायकों ने टीवीके को समर्थन देने का वादा किया है, लेकिन इसके बावजूद विजय के पास केवल 113 का आंकड़ा ही पहुंच पा रहा है. विजय से TN गवर्नर की दो-टूक: ‘फोन पर नहीं, कागज पर दिखाओ बहुमत’. (File Photo : ANI) लेफ्ट पार्टियों की नाराजगी और ‘डिजिटल’ दूरियां टीवीके के व्हाट्सएप आउटरीच ने लेफ्ट पार्टियों के भीतर काफी असहजता पैदा कर दी है. नेताओं का कहना है कि गठबंधन बनाने के लिए आमतौर पर औपचारिक चर्चा, सम्मान और वैचारिक स्पष्टता की जरूरत होती है. एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, ‘जो पार्टी सरकार बनाना चाहती है और जिसके पास बहुमत नहीं है, वह हमारे ऑफिस तक नहीं आई. उन्होंने सिर्फ व्हाट्सएप पर निमंत्रण भेज दिया, इसे हम क्या समझें?’ इसके पीछे एक गहरी चिंता यह भी है कि कांग्रेस ने डीएमके के साथ अपना दशकों पुराना रिश्ता तोड़कर टीवीके का हाथ थाम लिया है. लेफ्ट पार्टियों को डर है कि कहीं टीवीके का यह डिजिटल जाल उनके गठबंधन को भी न तोड़ दे. फिलहाल सीपीआई और वीसीके जैसी पार्टियों ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है और वे अपनी आंतरिक बैठकों का इंतजार कर रही हैं. क्या डीएमके और एआईएडीएमके आएंगे साथ? मौजूदा राजनीतिक गतिरोध के बीच तमिलनाडु में एक ऐसी संभावना की चर्चा भी तेज हो गई है, जो पहले अकल्पनीय थी. राजनीतिक गलियारों में खबर है कि अगर टीवीके बहुमत साबित करने में विफल रहती है, तो डीएमके और एआईएडीएमके के बीच एक गुप्त समझौता हो सकता है. उधर, एमके स्टालिन ने भी आंतरिक रूप से संकेत दिए हैं कि वे टीवीके को सरकार बनाने का मौका देने के पक्ष में हैं, लेकिन उनकी नजर इस बात पर है कि क्या विजय 118 का आंकड़ा जुटा पाएंगे. तमिलनाडु में आगे क्या होने वाला है? 16वीं तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है. इसका मतलब है कि विजय के पास बहुमत जुटाने के लिए बहुत कम समय बचा है. अगर 10 मई तक कोई भी दल सरकार बनाने का स्पष्ट दावा पेश नहीं कर पाता, तो राज्यपाल के पास राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने या नए चुनाव कराने का विकल्प होगा. टीवीके के लिए चुनौती यह है कि वह उन 5-10 विधायकों का समर्थन कहां से लाए, जो उन्हें सीएम की कुर्सी तक पहुंचा सकें. क्या व्हाट्सएप वाला यह ‘जेन-जी’ अंदाज काम आएगा या फिर तमिलनाडु की पुरानी राजनीतिक परंपराएं विजय पर भारी पड़ेंगी, इसका फैसला अगले 48 घंटों में हो सकता है. फिलहाल, चेन्नई से लेकर पुडुचेरी तक राजनीति का पारा सातवें आसमान पर है. Source link

झारखंड

किसान लगाएं ग्रीन पॉलीहाउस, सरकार करेगी 5 लाख तक मदद, मौसम की...

होमफोटोकृषि किसान लगाएं ग्रीन पॉलीहाउस, सरकार करेगी 5 लाख तक मदद, फसल होगी सुरक्षित Last Updated:May 07, 2026, 20:55 IST Government Offers Free Greenhouses: परंपरागत खेती में किसान मौसम पर काफी हद तक निर्भर रहते हैं, जिससे कभी ज्यादा बारिश, कभी तेज गर्मी या फिर कड़ाके की ठंड फसलों को नुकसान पहुंचा देती है. खासकर सब्जियों की खेती में यह समस्या और ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि इनके लिए संतुलित तापमान और सुरक्षित माहौल जरूरी होता है. ऐसे में पॉलीहाउस और शेड-नेट जैसी आधुनिक तकनीक किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इन तकनीकों के जरिए किसान अपनी फसल को नियंत्रित वातावरण में उगा सकते हैं, जिससे उत्पादन कई गुना बढ़ जाता है. माना जाता है कि परंपरागत खेती की तुलना में पॉलीहाउस या शेड-नेट के अंदर सब्जियों की पैदावार 5 से 10 गुना तक ज्यादा ली जा सकती है, जिससे किसानों की आय में भी बड़ा इजाफा होता है. भारत जैसे देश में जहां जलवायु की विविधता बहुत ज्यादा है, वहां खेती करना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान 1 डिग्री से लेकर 48 डिग्री तक पहुंच जाता है. उत्तर भारत की बात करें तो यहां अप्रैल से जून तक तेज गर्मी, जुलाई से अक्टूबर तक बारिश और नवंबर से फरवरी तक कड़ाके की सर्दी पड़ती है. ऐसे बदलते मौसम में फसलों को सुरक्षित रखना आसान नहीं होता. यही वजह है कि अब धीरे-धीरे किसान आधुनिक खेती की ओर रुख कर रहे हैं. पॉलीहाउस और शेड-नेट में फसल को बाहरी मौसम के प्रभाव से बचाया जा सकता है, जिससे पौधों की ग्रोथ बेहतर होती है और उत्पादन भी स्थिर बना रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google हालांकि, इन तकनीकों को अपनाने में सबसे बड़ी बाधा उनकी लागत है. पॉलीहाउस या ग्रीनहाउस बनाने में अच्छी-खासी रकम खर्च होती है, जिसे हर किसान आसानी से नहीं उठा सकता. लेकिन किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार भी आगे आ रही है. कई राज्यों में सरकार किसानों को पॉलीहाउस लगाने के लिए भारी सब्सिडी देती है, वहीं कुछ जगहों पर 100 प्रतिशत तक सहायता भी दी जा रही है. इस योजना का फायदा उठाकर किसान बिना ज्यादा आर्थिक बोझ के आधुनिक खेती शुरू कर सकते हैं. झारखंड के एक लाभुक किसान टुनटुन पंडित का अनुभव इस बात को और मजबूत करता है. वे पिछले तीन साल से पॉलीहाउस में खेती कर रहे हैं और बताते हैं कि सही जानकारी के अभाव में कई किसान इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाते. उनका कहना है कि सरकार की तरफ से पॉलीहाउस लगाने के लिए मदद दी जाती है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करना होता है. सबसे पहले किसानों को नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेना पड़ता है, ताकि वे इस तकनीक को सही तरीके से समझ सकें. इसके बाद उन्हें जिला उद्यान विभाग में आवेदन करना होता है, जिसमें आधार कार्ड, फोटो और जमीन से जुड़े दस्तावेज जमा करने होते हैं. जब आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तब सरकार की ओर से किसानों को पॉलीहाउस लगाने के लिए सहायता दी जाती है, जो लगभग 5 लाख रुपये तक हो सकती है. इस तरह किसान आधुनिक तकनीक के साथ खेती करके कम लागत में ज्यादा उत्पादन हासिल कर सकते हैं. अगर किसान सही जानकारी लेकर इस योजना का लाभ उठाएं, तो वे अपनी आय को कई गुना तक बढ़ा सकते हैं और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बना सकते हैं. Source link

व्यापार

Start Ratan tata invested startup Generic Aadhaar franchise in 1 lakh investment...

नई दिल्ली. कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) ने देश की अर्थव्यवस्था (Economy) के साथ ही आम जन का बजट (Budget) भी बिगाड़ दिया है. महामारी के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को नौकरी से हाथ (Job Loss) धोना पड़ा है. लोगों ने गुजर-बसर के लिए दूसरे कामों में हाथ अजमाया है. ऐसे में अगर आप भी अपना कारोबार शुरू करना (Start own Business) चाहते हैं, या अतिरिक्त इनकम चाहते हैं, तो आपके पास शानदार मौका है. जहां, आप कम निवेश में अपना बिजनेस स्टार्ट (small level business ideas) कर सकते हैं. इसमें सबसे खास बात है कि इस कंपनी में दिग्गज बिजनेसमैन रतन टाटा (Ratan Tata) का भारी निवेश है. जी हां.. हम बात कर रहे हैं- रतन टाटा के निवेश वाली जेनरिक दवा स्टार्टअप कंपनी जेनेरिक आधार (Generic Aadhaar ) की. यह कंपनी आम लोगों को फ्रेचांइजी के जरिए कमाने (earn money from franchise) का मौका दे रही है. जहां आप वन टाइम इंवेस्टमेंट से मेडिकल स्टोर खोल (How to open medical store) सकते हैं और इससे हर महीने अच्छी खासी रकम कमा (Earning opportunity) सकते हैं. तोआइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ… सिर्फ 1 लाख रुपये लगाकर करें शुरू अगर आप कम निवेश में प्रॉफिटेबल बिजनेस करना चाहते हैं तो आपके लिए एक बेहतर विकल्प है.  जेनरिक आधार की फ्रेंचाइजी टीम News18 हिन्दी से बातचीत के दौरान कहा कि जेनरिक आधार का फ्रेंचाइजी (franchise) कोई भी व्यक्ति ले सकता है. इस कारोबार को शुरू करने के लिए सिर्फ एक बार 1 लाख रुपये का निवेश करना होगा. इस फ्रेंचाइजी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंपनी अपने पार्टनर्स को 40% तक मार्जिन देती है, जबकि बड़ी दवा कंपनियां 15-20% का अधिकतम मार्जिन देती हैं. कंपनी 1000 तरह की जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराएगी. इन दवाओं पर ग्राहकों को 80 प्रतिशत तक की छूट मिलती है. इसमें सबसे बड़ा फायदा यह भी है कि कंपनी जो भी ऑनलाइन दवा का आर्डर लेगी. यदि वह आपके शहर का होगा तो यह आर्डर आपको मिलेगा. कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मुंबई, उत्तर प्रदेश में कई ऐसे रिटेलर्स हैं जो कि कंपनी की फ्रेंचाइजी लेकर हर महीने 8-10 लाख तक की कमाई कर लेते हैं. हालांकि, कमाई सिटी और लोकेशन वाइज निभर्र करता है. रतन टाटा के साथ जेनेरिक आधार के संस्थापक अर्जुन देशपांडे फ्रेंचाइजी लेने के लिए क्या करें?जेनेरिक आधार का फ्रेंचाइजी उन्हें मिलता है, जो पहले से ही अपना मेडिकल स्टोर चला रहे हैं या फिर जो अपना नया स्टोर शुरू करना चाहते हैं.अगर आप इस कंपनी की फ्रेंचाइजी लेते हैं तो कंपनी की तरफ से ही आपको GA (Generic Aadhaar) का ब्रांड लोगो (Logo) मिलेगा. साथ ही ब्रांडिंग मैटेरिल, इन-हाउस प्रोडक्ट्स और मेडिसिन पर्सेज के लिए इन-हाउस साॅफ्टवेयर दी जाएगी. इसके लिए आपको ड्रग लाइसेंस भी लेनी पड़ेगी. जानें इस कंपनी के बारे में सबकुछभारत के सबसे युवा संस्थापक अर्जुन देशपांडे (Founder Mr. Arjun Deshpande) का जेनेरिक आधार एक फार्मेसी व्यवसाय है, जिसे ऑनलाइन और ऑफलाइन (Online & Offline Business) दोनों तरह से किया जा सकता है. जेनरिक आधार कंपनी की शुरूआत भले ही महाराष्ट्र के पुणे से हुई थी लेकिन अब यह 18 राज्यों में 130 से अधिक शहरों में अपनी पहुंच बना चुका है. इस फार्मा कंपनी में रतन टाटा ने खुद निवेश किया है. जानें कैसे करें आवेदन? कंपनी के मुताबिक, अगर आप इस कंपनी के साथ जुड़कर कमाई करना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले कंपनी की वेबसाइट https://genericaadhaar.com/ पर जाना होगा. यहां आपको Business Opportunity का Option दिखाई देगा. यहां क्लिक करने पर फ्रेंचाइजी के लिए ऑनलाइन फॉर्म खुल जाता है. इसके अलावा, व्यवसाय के बारे में अधिक जानने के लिए और फाॅर्म भरने के लिए आप इस लिंक पर जा सकते हैं- https://genericaadhaar.com/franchise-opportunities.php. यहां आपको अपना विवरण भेजना होगा जैसे- नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और शहर का नाम.अलावा फ्रेंचाइजी से जुड़ी जानकारी के लिए नीचे दिए गए नंबरों पर कॉल कर सकते हैं. इसके लिए आप देश भर की फ्रेंचाइजी के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं.पश्चिम भारत – 9653373636, उत्तर भारत – 9653373640, पूर्वी भारत – 9653373641, दक्षिण भारत – 9653373639). (Disclaimer- यह जानकारी कंपनी से मिली सूचना के आधार पर है. फ्रेंचाइजी लेने से पहले आप खुद पूरी तरह जांच पड़ताल कर लें.) Source link

झारखंड

धनबाद में NH किनारे मिला अज्ञात युवक का शव:मृतक के हाथ में...

धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना सहरजोरी काली मंदिर के समीप नेशनल हाईवे किनारे की है। सुबह स्थानीय ग्रामीणों की नजर सड़क किनारे झाड़ियों में पड़े शव पर पड़ी। इसके बाद लोगों ने तुरंत बरवाअड्डा थाना पुलिस को सूचना दी। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर आसपास के लोगों से पूछताछ भी की। फिलहाल युवक की पहचान नहीं हो सकी है। हाथ में मिला सांप काटने जैसा निशान पुलिस के अनुसार मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है। युवक के शरीर पर किसी प्रकार के गंभीर चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि शुरुआती जांच में उसके दाहिने हाथ में सांप के काटने जैसा निशान पाया गया है। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि युवक की मौत सर्पदंश से हुई हो सकती है। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक आसपास के किसी गांव का निवासी है या बाहर का। शव मिलने की सूचना के बाद आसपास के गांवों के लोग भी पहचान के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन कोई उसकी पहचान नहीं कर सका। पहचान कराने में जुटी पुलिस बरवाअड्डा थाना पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए धनबाद भेज दिया है। पुलिस आसपास के थानों और गांवों से संपर्क कर युवक की शिनाख्त कराने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। Source link

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जामताड़ा में बिरसा मुंडा की प्रतिमा किया क्षतिग्रस्त:हाथ में लगे तीर-धनुष और...

जामताड़ा जिला मुख्यालय स्थित कोर्ट मोड़ पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। असामाजिक तत्वों ने प्रतिमा के हाथ में लगे तीर-धनुष और एक हाथ को तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही आदिवासी समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार बुधवार देर रात शरारती तत्वों ने इस घटना को अंजाम दिया। गुरुवार सुबह जब लोगों की नजर क्षतिग्रस्त प्रतिमा पर पड़ी तो खबर तेजी से पूरे शहर में फैल गई। देखते ही देखते कोर्ट मोड़ पर सैकड़ों लोग जमा हो गए। लोगों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया। सूचना मिलते ही एसडीओ अनंत कुमार, एसडीपीओ बिकास आनंद लागुरी और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से भरोसा दिलाया गया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि घटना में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान की जा सके। अधिकारियों ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। काफी देर तक लोगों को समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत कराया गया। आदिवासी संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी भारत ढिशुम आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेश मुर्मू ने घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के गौरव, स्वाभिमान और संघर्ष के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना पूरे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो समाज उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। वहीं अंचल अधिकारी ओबिश्वर मुर्मू ने बताया कि थाना प्रभारी को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। Source link

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भारत ने पाकिस्तान के ‘न्यूक्लियर ब्लफ’ को किया बेनकाब, वाइस एडमिरल एएन...

होमताजा खबरदेश बेनकाब हुआ पाक का न्यूक्लियर ब्लफ, वाइस एडमिरल बोले- हम तय करेंगे युद्ध का रुख Last Updated:May 07, 2026, 20:18 IST वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान की परमाणु को लेकर बार-बार दी जाने वाली गीदड़ भ‍भकियों को दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है. 7 मई 2025 को आज के दिन भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों पर बिल्‍कुल सटीक हमला कर लश्कर, जैश और हिजबुल के लॉन्च पैड तबाह किए थे. वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा है कि भविष्य में भारत सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा, बल्कि शुरुआत से ही युद्ध के मैदान का रुख अपनी रणनीति के मुताबिक तय करेगा. भविष्‍य में भारत युद्ध की दिशा खुद तय करेगा. Operation Sindoor: भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने गुरुवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने पाकिस्तान की न्‍यूकिल्‍यर ब्‍लैकमेल की सच्चाई दुनिया के सामने उजागर कर दिया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से परमाणु हमले की धमकी देकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन भारत ने इस बार साफ कर दिया कि वह किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग से डरने वाला नहीं है. ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर बेहद सटीक हमले किए. इन हमलों में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के लॉन्च पैड और ठिकानों को निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि लंबी दूरी तक मार करने वाले आधुनिक हथियारों की मदद से भारत ने पाकिस्तान के अंदर घुस कर कार्रवाई की. साथ ही, यह साबित कर दिया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार है. उन्‍होंने कहा कि इन हमलों ने पाकिस्तान की न्यूक्लियर ब्लैकमेल की रणनीति को पूरी तरह नाकाम कर दिया है. पहले जैसे नहीं होंगे भविष्‍य में युद्ध वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने यह भी कहा कि भविष्य के युद्ध अब पहले जैसे नहीं होंगे. आने वाले समय में बिना इंसानों वाली यानी अनक्रूड और ऑटोनॉमस प्रणालियों की भूमिका बहुत बढ़ने वाली है. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना तेजी से नई तकनीकों को अपने सैन्य सिस्टम में शामिल कर रही है ताकि दुश्मन से हमेशा एक कदम आगे रहा जा सके. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की रणनीतिक ताकत, सैन्य तैयारी और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का बड़ा उदाहरण है. समुद्र में बड़ी ताकत बन चुका है भारतीय नौसेना लगातार अपनी युद्ध रणनीतियों की समीक्षा कर रही है और नई क्षमताओं को शामिल कर रही है. प्रमोद ने भारतीय नौसेना के स्वदेशी युद्धपोतों की भी तारीफ करते हुए कहा कि विमानवाहक पोत विक्रांत, कोलकाता और विशाखापत्तनम ने शानदार प्रदर्शन किया है. इस युद्ध में यह भी साबित हो गया है कि भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति सही दिशा में आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि समुद्र में लंबे समय तक युद्ध के लिए तैयार रहने के साथ आधुनिक युद्ध कौशल को विकसित कर भारत की बड़ी ताकत बन चुका है. सैन्‍य सफलता के लिए जरूर है आत्‍मनिर्भता उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी सैन्य अभियान में सफलता के लिए आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है. भारत अब अपने हथियार, युद्धपोत और तकनीक खुद विकसित कर रहा है, जिससे सेना की ताकत लगातार बढ़ रही है. भविष्य की चुनौतियों पर बात करते हुए वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि अब भारत सिर्फ जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा. उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में भारत को फिर चुनौती दी गई तो भारतीय सेना सिर्फ जवाब नहीं देगी, बल्कि शुरुआत से ही युद्ध के मैदान का रुख अपने हिसाब से तय करेगी. 11 एयरपोर्ट और 13 एयरक्राफ्ट को किया बर्बाद भारतीय वायु सेना के उप-प्रमुख एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को हुए नुकसान की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 7 मई 2025 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद नौ बड़े आतंकी ठिकानों पर हमला किया था और उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया था. अवधेश कुमार भारती ने बताया कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 11 एयरपोर्ट्स को निशाना बनाया और उसके 13 विमानों को नष्ट कर दिया. इनमें जमीन और हवा दोनों में मौजूद विमान शामिल थे. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर मौजूद पाकिस्तान की एक अहम हवाई संपत्ति को भी सफलतापूर्वक निशाना बनाया था. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

नावाडीह आरओबी आज से शुरू, आब AIIMS-एयरपोर्ट जाने में नहीं मिलेगा ट्रैफिक...

Last Updated:May 07, 2026, 08:06 IST देवघर के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. आज 7 मई से नावाडीह आरओबी आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. फिलहाल इस पर केवल छोटे वाहनों को अनुमति मिली है. भारी वाहन नीचे की सर्विस लेन से जाएंगे. इससे एम्स और एयरपोर्ट जाने वालों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी. ख़बरें फटाफट देवघर स्थित नावाडीह आरओबी शुरू देवघर: बाबा नगरी देवघर के निवासियों और यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया है. शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज 07 मई 2026 से नावाडीह आरओबी को आम जनता के आवागमन के लिए खोल दिया है. इस पुल के शुरू होने से न केवल स्थानीय लोगों को जाम से निजात मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य और परिवहन सेवाओं की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी. यातायात के लिए जारी किए गए मुख्य दिशा-निर्देशप्रशासन ने सुरक्षा और सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के लिए कुछ शुरुआती नियम लागू किए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है: छोटे वाहनों को अनुमति: सुरक्षा के दृष्टिकोण से फिलहाल इस आरओबी के ऊपर से केवल दोपहिया वाहनों (बाइक) और छोटे चार पहिया वाहनों (कार, जीप आदि) को ही गुजरने की अनुमति दी गई है. भारी वाहनों पर प्रतिबंध: बड़े और मालवाहक वाहनों का परिचालन अभी आरओबी के ऊपर से पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. भारी वाहनों के चालकों को निर्देश दिया गया है कि वे पहले की तरह आरओबी के नीचे बनी सर्विस लेन का ही उपयोग करें. प्रशासन की अपील: जिला प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अपना पूर्ण सहयोग दें. इन क्षेत्रों को होगा सीधा फायदानावाडीह आरओबी के खुलने का सबसे बड़ा लाभ सत्संग-भीरखीबाद मुख्य मार्ग को होगा, जहां अक्सर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिलता था. अब इस पुल के माध्यम से लोग सीधे निकल सकेंगे. विशेष रूप से, देवघर एम्स (AIIMS) जाने वाले मरीजों और देवघर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है. अब उन्हें शहर के ट्रैफिक में फंसकर समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा, जिससे आपातकालीन स्थितियों में जान बचाने और समय पर फ्लाइट पकड़ने में आसानी होगी. श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को बलयह उद्घाटन ऐसे समय में हुआ है जब आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां जोर-शोर पर हैं. सावन के महीने में देश-विदेश से आने वाले लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यह आरओबी यातायात प्रबंधन में मील का पत्थर साबित होगा. प्रशासन को उम्मीद है कि इस पुल के चालू होने से मेले के दौरान शहर की आंतरिक सड़कों पर दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद व सुगम बनेगी. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

व्यापार

Business opportunity with Flipkart Walmart Vriddhi program you can earn money 80k...

होमताजा खबरमनी Flipkart दे रहा कमाने का मौका, हर महीने होगी ₹80 हजार तक की कमाई, जानिए कैसे? Last Updated:August 17, 2021, 22:17 IST Business opportunity- फ्लिपकार्ट से जुड़ने के लिए आपको किसी प्रकार की कोई चार्जेस नहीं लगेंगे और आप घर बैठे ही फ्लिपकार्ट से जुड़ सकते हैं और हर महीने अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं. Business opportunity- फ्लिपकार्ट से जुड़ने के लिए आपको किसी प्रकार की कोई चार्जेस नहीं लगेंगे और आप घर बैठे ही फ्लिपकार्ट से जुड़ सकते हैं और हर महीने अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं. नई दिल्ली. क्या आप भी अपना कारोबार शुरू करने की सोच रहे हैं? या फिर अतिरिक्त इनकम (earning opportunity) के लिए अपने कारोबार को नए तरीके से आगे बढ़ाना चाह रहे हैं? तो आप वाॅलमार्ट (Walmart) की स्वामित्व वाली कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) से जुड़ सकते हैं. जहां आप हर महीने में अच्छी-खासी कमाई कर (earn money) सकेंगे. सबसे खास बात यह है कि इससे जुड़ने के लिए आपको किसी प्रकार की कोई चार्जेस नहीं लगेंगे और आप घर बैठे ही फ्लिपकार्ट से जुड़ सकते हैं. दरअसल, वाॅलमार्ट का वृद्धि कार्यक्रम (Walmart Vriddhi program) उन लोगों के लिए ही है जो ऑनलाइन के जरिए अपना कारोबार करना (Online Business) चाह रहे हैं. आज हम आपको पानीपत के एक कारोबारी हितेश कुमार के बारे में बता रहे हैं जिन्होंने फ्लिपकार्ट से जुड़ कर हर महीने 70 हजार रुपये तक कमाई कर लेते हैं. आइए जानते हैं कैसे? नौकरी छोड़ शुरू किया कारोबार39 साल के हितेश, IT सेक्टर में आठ वर्षों में काम करने के बाद अपना हैंडलुम का कारोबार शुरू कर दिया. उन्होंने 2005 में जब अलवर, राजस्थान से अपना घर छोड़ा था तब उनके सपने काफी बड़े थे. वह अपना खुद का कारोबार शुरू करना चाहते थे. इसी सिलसिले में वे पानीपत आए. उन्होंने यहां श्री बालाजी स्टोर नाम से अपना बिजनेस शुरू किया. वे सोफा कवर, शेनिले सोफा फैब्रिक और टिश्यू के पर्दे बना कर सेल करने लगे. ऑफलाइन उन्हें मुनाफा तो होता था लेकिन मनमुताबिक फायदा नहीं मिल रहा था. एक साल पहले फ्लिपकार्ट से जुड़े2020 में हितेश ने ऑनलाइन कारोबार शुरू किया और फ्लिपकार्ट ई-कॉमर्स की मदद से शुरुआत की, ताकि वे पूरे देश के बाज़ारों तक पहुंच सकें. कुमार का इससे पहले तक ऑनलाइन कारोबार से कोई नाता नहीं था. शुरुआत में उन्होंने इस ऑनलाइन कारोबार को कमाई का एक अन्य साधन ही माना, हालांकि जैसे-जैसे ग्राहकों तक उनकी पहुंच बढ़ती गई, उन्हें समझ आने लगा कि ऑनलाइन रिटेल बिक्री बढ़ाने का मजबूत साधन है. लाॅकडाउन में भी मिला फायदा2020 में महामारी ने हर जगह ऑफलाइन कारोबार को अपनी चपेट में ले लिया.श्री बालाजी ऑनलाइन स्टोर का कारोबार न सिर्फ़ चलता रहा बल्कि दिसंबर, 2020 में उन्हें बिक्री में 100 गुना वृद्धि भी देखने को मिली. हितेश ने बताया, पहले हम सिर्फ अपनी ऑफलाइन बिक्री पर निर्भर करते थे. ऑनलाइन बिक्री की शुरुआत करने के बाद हम हर महीने 5,00,000 से 7,00,000 लाख रुपये तक की बिक्री कर पा रहे हैं. पिछले साल ऑनलाइन कारोबार की हिस्सेदारी 10 फीसदी थी, मैं अब इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 50 फीसदी करना चाहता हूं. हितेश के मुताबिक, वर्तमान में उन्हें 70-80 हजार तक का इनकम हो जाता है. जानें वाॅलमार्ट के वृद्धि प्रोग्राम से कैसे जुड़े?हितेश कहते हैं कंपनी से जुड़ने के बाद मुझे कारोबार करने से जुड़ी सभी ज़रूरी बातें सिखाई गईं जिसमें कारोबार के ऐसे तरीके भी शामिल थे जो हमें कहीं और सीखने को नहीं मिल सकते. हितेश के मुताबिक, इस कार्यक्रम से कोई भी कारोबारी अपने कारोबार को बढ़ा सकता है. इससे जुड़ने के लिए कंपनी से संपर्क करना पड़ता है, इसके बाद सबकुछ बस जरूरी जानकारी देनी होती है, और कंपनी की ओर से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है. MSME को बढ़ावा देना है मकसद हाल ही में वॉलमार्ट ने प्रतिबद्धता जताई है कि वह 2027 तक भारत से हर साल चीज़ों का निर्यात तीन गुना करके 10 अरब डॉलर करना चाहता है जिससे हितेश जैसे उन एमएसएमई को जबरदस्त वृद्धि मिलेगी जो निर्यात करने की महत्वाकांक्षा रखते हैं. साथ ही, वॉलमार्ट अपने वृद्धि प्रोग्राम के माध्यम से एमएसएमई (MSME) का समर्थन जारी रखेगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : August 17, 2021, 10:25 IST Source link

झारखंड

सांसद निशिकांत दुबे ने स्वयं कराया जनगणना पंजीकरण:लोगों से अभियान में हिस्सा...

गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के सांसद निशिकांत दुबे ने देवघर में जनगणना अभियान में स्वयं पंजीकरण कराकर लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया। दिल्ली से देवघर पहुंचने के बाद उन्होंने संबंधित सांख्यिकी पदाधिकारी के समक्ष अपनी स्व-जनगणना प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनगणना देश के विकास, संसाधनों के सही उपयोग और योजनाओं के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। संविधान के अनुसार, प्रत्येक दस वर्षों पर जनगणना कराई जाती है, जिससे देश की वास्तविक जनसंख्या और सामाजिक स्थिति का सही आकलन हो सके। जनगणना कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा सांसद ने बताया कि वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कारण जनगणना कार्य समय पर नहीं हो सका था। अब केंद्र सरकार इसे पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में घरों की गिनती की जाएगी। इसमें यह दर्ज होगा कि कितने घर हैं, उनकी स्थिति कैसी है (पक्का या कच्चा), और उनमें किस प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह प्रक्रिया मई महीने से शुरू होकर जून के मध्य तक चलेगी। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में वर्ष 1931 के बाद पहली बार जातिगत आधार पर जनसंख्या के आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। इससे विभिन्न वर्गों की वास्तविक संख्या सामने आएगी और भविष्य की सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि आधुनिक तकनीक ने जनगणना प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। अब लोग मोबाइल ऐप के माध्यम से कुछ ही मिनटों में अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना अभियान में सक्रिय भागीदारी करें, ताकि देश के विकास की योजनाएं सही आंकड़ों के आधार पर बनाई जा सकें। Source link

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