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झारखंड

भविष्य की ऊर्जा: बीआईटी मेसरा में विशेषज्ञों ने स्टूडेंट्स से साझा किए...

वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में आ रहे तीव्र बदलावों के बीच सतत और कुशल ऊर्जा समाधानों की जरूरत बढ़ गई है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए बीआईटी मेसरा के विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स अभियांत्रिकी विभाग में पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का आगाज हुआ। ‘स्मार्ट ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, इंटेलिजेंट कंट्रोल और ड्राइव्स में प्रगति’ विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में देशभर के शोधकर्ता और विशेषज्ञ जुट रहे हैं। पावर इलेक्ट्रॉनिक्स व नवीकरणीय पर चर्चा विशिष्ट वक्ता के रूप में शामिल आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की डॉ. सोनम आचार्य ने पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में हो रही हालिया प्रगति और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों में उनके अनुप्रयोगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। 8 मई तक चलने वाले इस कार्यक्रम में आईआईटी और एनआईटी के प्रख्यात शिक्षाविद् माइक्रोग्रिड, ऊर्जा भंडारण और इंटेलिजेंट कंट्रोल तकनीकों जैसे विषयों पर व्याख्यान देंगे। ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया का सत्र इंडस्ट्री के बीच की दूरी कम करना लक्ष्य फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम… विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स अभियांत्रिकी विभाग में आयोजन समापन दिवस पर ईआरएलडीसी के चीफ मैनेजर श्री चंदन कुमार उद्योग-केंद्रित सत्र लेंगे, जिसमें पावर सिस्टम संचालन के वास्तविक अनुप्रयोगों पर चर्चा होगी। इस कार्यक्रम का समन्वय डॉ. प्रतीम पान और डॉ. संजीव कुमार द्वारा किया जा रहा है। मुख्य अतिथि प्रो. अशोक शेरॉन (डीन, फैकल्टी अफेयर्स) ने ऊर्जा प्रणालियों के विकसित होते क्षेत्र में निरंतर सीखने और खुद को अपडेट रखने पर जोर दिया। संयोजक डॉ. एसके मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उद्देश्य अकादमिक रिसर्च व औद्योगिक व्यवहार के बीच की खाई पाटना है, ताकि शोध का लाभ मिले। Source link

झारखंड

Jharkhand Congress Rift | Finance Minister Criticizes State President

झारखंड कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने ‘एक को साधिए, झारखंड में सब सध जाएगा’ जैसे तीखे बयान के साथ प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। . उन्होंने प्रदेश प्रभारी के. राजू को पत्र लिखकर संगठन की दिशा और कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता जताई है। इस बयान और पत्र के बाद पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसे नेतृत्व के खिलाफ खुली नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश प्रभारी के. राजू को राधाकृष्ण किशोर की ओर से भेजे गए पत्र के बाद से प्रदेश कांग्रेस के बीच चल रही खींचतान साफ दिखने लगी है। संगठन विस्तार पर उठाए सवाल, जन मुद्दों से दूरी का आरोप राधाकृष्ण किशोर ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा कि केवल संगठन का आकार बढ़ाने से पार्टी मजबूत नहीं हो सकती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश कमेटी के सदस्यों की संख्या 314 से बढ़ाकर 628 भी कर दी जाए, तब भी कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। यदि पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों पर आवाज नहीं उठाएगी। उनका कहना है कि प्रदेश कांग्रेस स्थानीय और संवेदनशील मुद्दों पर लगातार मौन बनी हुई है। यह पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। जेटेट और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर चुप्पी पर सवाल किशोर ने जेटेट परीक्षा से भोजपुरी और मगही भाषा हटाने के फैसले, हजारीबाग के विष्णुगढ़ में नाबालिग से दुष्कर्म और तीन अल्पसंख्यकों की हत्या जैसे मामलों पर प्रदेश नेतृत्व की चुप्पी को समझ से परे बताया। राधाकृष्ण किशोर ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा कि केवल संगठन का आकार बढ़ाने से पार्टी मजबूत नहीं हो सकती। पार्टी जनमुद्दों से दूर हो रही है। उन्होंने कहा कि पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, गोड्डा, धनबाद और बोकारो जैसे जिलों में इन भाषाओं का व्यापक उपयोग होता है, इसके बावजूद इसे बड़ा जनमुद्दा नहीं बनाया गया। उनका आरोप है कि इन गंभीर घटनाओं पर पार्टी की सक्रियता जमीन पर नजर नहीं आई। प्रतिनिधित्व और परिवारवाद पर भी उठे सवाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के गठन को लेकर भी राधाकृष्ण किशोर ने कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि 314 सदस्यीय कमेटी में दलित, पिछड़ा, आदिवासी, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग को कितना प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने संगठन में नेताओं के परिवारों को मिले स्थान पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि पारदर्शिता और संतुलित प्रतिनिधित्व के बिना संगठन मजबूत नहीं हो सकता। प्रदेश अध्यक्ष बोले- सोशल मीडिया पर बातें सार्वजनिक करने की आवश्यकता नहीं थी। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो से सीधी बात महिला आरक्षण मुद्दा नहीं बन सका? -प्रदेश कांग्रेस ने शुरू से ही इसे मुद्दा बनाया। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, रमा खलखो, प्रदीप यादव समेत कई नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। महिला कांग्रेस ने मशाल जुलूस निकाला और प्रमंडल स्तर पर कार्यक्रम चल रहे हैं। जेटेट से मगही और भोजपुरी भाषा हटाने का विरोध क्यों नहीं किया गया? – यह कैबिनेट का मामला था। जिस दिन जेटेट का प्रस्ताव पारित हुआ, उसी दिन मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विरोध किया था। प्रदेश अध्यक्ष अकेले फैसला नहीं लेते, यह विषय पीएसी की बैठक में उठाया जाना चाहिए था। अनुसूचित जाति आयोग पर चुप्पी क्यों? -प्रदेश कांग्रेस ने ओबीसी के लिए अलग मंत्रालय बनाने और अनुसूचित जाति परामर्शदात्री समिति व आयोग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। हजारीबाग की घटनाओं पर पार्टी निष्क्रिय थी? – विष्णुगढ़ में पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, रमा खलखो और महिला टीम गई थी। तीन अल्पसंख्यकों की हत्या के मामले में विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप के नेतृत्व में टीम भेजी गई थी। राधाकृष्ण लगातार सवाल उठा रहे हैं? – राधाकृष्ण किशोर को पूरा सम्मान दिया है। उन्हें अपनी बात पार्टी फोरम या वरिष्ठ नेताओं के समक्ष रखनी चाहिए। सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने की आवश्यकता नहीं थी। Source link

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आम की बागवानी करने वाले हो जाएं सावधान, मई में होने वाली...

होमफोटोकृषि मई में होने वाली बारिश से आम की फसल हो सकती है बर्बाद, तुरंत करें ये उपाय Last Updated:May 06, 2026, 08:21 IST मई में होने वाली असमय बारिश और बदलते मौसम ने आम की बागवानी करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है. नमी और तेज हवाओं के कारण बौर झड़ने, रोग और कीटों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे फसल को भारी नुकसान हो सकता है. ऐसे में समय रहते सही उपाय और कीट प्रबंधन अपनाना बेहद जरूरी है. आजमगढ़ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मई महीने में हो रही असमय बारिश और अचानक मौसम में बदलाव फसलों के लिए घातक साबित हो रहा है. खासकर अमरूद और आम की बागवानी पर इसका बुरा असर पड़ रहा है. इस तरह के मौसम के कारण फसलों में विभिन्न प्रकार के रोगों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में फसल को बचाने के लिए किसानों को तुरंत जरूरी उपाय करने चाहिए. प्रभावित हिस्सों को तुरंत पेड़ से काटकर अलग कर दें और उन्हें इकट्ठा करके जमीन में गड्ढा खोदकर दबा दें. कटाई करते समय यह ध्यान रखें कि केवल प्रभावित हिस्सा ही हटाया जाए, ताकि बाकी फसल को नुकसान न हो. मई की शुरुआत में आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश का असर खेतों में लगी फसलों पर अलग-अलग तरह से पड़ता है. कुछ फसलों के लिए यह लाभकारी हो सकता है, लेकिन अधिकांश बागवानी फसलों के लिए यह हानिकारक साबित होता है. बदलते मौसम और बारिश के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है. तेज हवाओं और आंधी से आम के पेड़ों पर लगे बौर झड़ रहे हैं. वहीं, अधिक नमी के कारण मिट्टी में रोगों का खतरा भी बढ़ गया है. Add News18 as Preferred Source on Google फलों को सुरक्षित रखने के लिए कीटनाशकों का छिड़काव बेहद जरूरी है. किसानों को नियमित रूप से स्प्रे करना चाहिए, जिससे कीट और रोगों का प्रभाव कम हो सके और दोबारा संक्रमण का खतरा घटे. अधिक नमी और बदलते मौसम के कारण आम के पेड़ों में ‘गुम्मा’ रोग का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा मैंगो हॉपर जैसे कीट भी फसल को नुकसान पहुंचाते हैं. कृषि विशेषज्ञ डॉ. विजय विमल के अनुसार, किसानों को समय रहते इन रोगों की पहचान कर प्रभावित हिस्सों को हटाने और उचित प्रबंधन करने की आवश्यकता है. ये रोग आम के पत्तों और फूलों को बुरी तरह प्रभावित करते हैं. नमी के कारण आम के फूलों में फुदका (मैंगो हॉपर) छिपने लगते हैं, जिससे पूरा फल खराब हो सकता है. जहां एक ओर तापमान में वृद्धि से फसलों की बढ़वार को लाभ मिलता है, वहीं दूसरी ओर असमय बारिश से रोगों का खतरा बढ़ जाता है, जो बागवानी करने वाले किसानों के लिए नुकसानदायक है. ऐसे में फसल को सुरक्षित रखने के लिए समय पर कीट प्रबंधन और रोग नियंत्रण बेहद जरूरी है. यदि किसान समय रहते सही उपाय अपनाएं, तो फसलों को खराब होने से बचाया जा सकता है और उत्पादन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान से भी बचाव संभव है. Source link

झारखंड

कोलकाता से आया 3 इन 1 वाला जादुई पलंग, रांची ट्रेड फेयर...

Last Updated:May 06, 2026, 07:41 IST Ranchi Trade Mela Harmu Ground: रांची के हरमू मैदान में 10 मई तक ट्रेड फेयर का आयोजन किया गया है. यहां मेले में कोलकाता से सुदेश एक पलंग लेकर आए हैं. इस पलंग को आप सोफा, आलमारी और पलंग बना सकते हैं. इसे देखने वालों की भीड़ लगी हुई है. आइये जानते हैं इसकी कीमत. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची के मेले में खासतौर पर एक पलंग आई हुई है, जो लोगों को खूब भा रही है. इसका आप सोफा बना सकते हैं. इसको बेड भी बना सकते हैं या फिर स्टोरेज की तरह इसको इस्तेमाल कर सकते हैं और अच्छा खासा सामान रख सकते हैं. यानी की एक ही चीज से 3 तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं. खासतौर पर बैचलर के बीच यह काफी हिट हो रहा है. आइये जानते हैं इसके बारे में. रांची के मेले में कोलकाता से लेकर आए सुदेश बताते हैं कि वह पश्चिम बंगाल से आये हैं और इसका 15 से 20 डिलीवरी यहां पर कर भी चुके हैं, जो अकेले रहते हैं घर में या फिर जो बैचलर हैं, जिनके घर छोटे हैं. ऐसे लोगों के बीच यह काफी डिमांड में है. इसकी कीमत 39000 रुपए है और यह टीक की लकड़ी से बनी हुई है. मतलब 20 साल की वह इसकी गारंटी देते हैं. यह आराम से बिना टूटे सालों साल तक चलने वाली है. मजबूत लकड़ी का है बना यह मजबूत लकड़ी की बनी हुई है और बढ़िया पालिश की गई है. अगर आप आर्डर करते हैं तो हम एक बार फिर से इसे पॉलिश करेंगे. इसके बाद आपके घर पहुंचा देंगे. इसके बाद सेट करेंगे. इसमें स्टोरेज के लिए दो बड़े-बड़े बॉक्स दिए गए हैं. आराम से इसके अंदर सामान रखकर लॉक कर सकते हैं. इसके अलावा रात में सोना है, तो इसे पलंग बना लीजिए. सिर्फ सिंगल ही नहीं, यह डबल बेड का पलंग बनेगा, जिसमें आराम से दो से तीन लोग सो सकते हैं. वहीं, अगर कोई गेस्ट है तो इसको सोफा सेट बना लीजिए. अगर आप अकेले सोना पसंद करते हैं तो आप सिंगल सोफे सेट जैसे तरीके में भी आराम से सो सकते हैं. यानी सिंगल या डबल दोनों कर सकते हैं जो आपको पसंद हो. लोगों को खूब पसंद आ रही है ये पलंग बता दें कि इस पलंग को देखने वालों की भीड़ लग रही है. भले ही लोगों को खरीदना हो या नहीं, लेकिन, एक बार रुक कर इस पलंग को जरूर देख रहे हैं कि आखिर क्या खास बात है. सुदेश बताते हैं कि अभी और बुकिंग आ रही है. यहां से जा रही नेहा बताती हैं कि वह अकेले रहती हैं. ऐसे में यह मेरे लिए परफेक्ट है. उन्होंने इसकी एक एडवांस बुकिंग कराई है. यह अधिक स्पेस घर में नहीं लेती और एक ही चीज से दो से तीन काम हो जाता है. अगर आप यह देखना चाहते हैं तो आ जाइए रांची के ट्रेड फेयर मेला में जो कि हरमु मैदान में 10 मई तक लगा हुआ है. इसका समय दोपहर के 3 से लेकर रात के 10:00 बजे तक रहता है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

व्यापार

IRCTC Tour Package: सस्ते में बोधगया, राजगीर और नालंदा घूमने का मौका,...

होमताजा खबरमनी सस्ते में बोधगया, राजगीर और नालंदा घूमने का मौका, IRCTC लाया खास टूर पैकेज Last Updated:August 01, 2022, 07:35 IST IRCTC Tour Package: बोधगया, राजगीर और नालंदा की पूरी यात्रा 4 रात और 5 दिनों की होगी. इस पैकेज की शुरुआत हावड़ा से होगी. अगर आप इस ट्रिप पर 6 लोगों के साथ घूमने जा रहे हैं, तो इसके लिए आपको प्रति व्यक्ति 10,600 रुपये खर्च करने होंगे. बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर एक पवित्र बौद्ध धार्मिक स्थल है. (फोटो क्रेडिट- Shutterstock) नई दिल्ली. अगर आप बिहार में बोधगया, राजगीर और नालंदा घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. दरअसल, आजादी का अमृत महोत्सव और ‘देखो अपना देश’ के तहत इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन यानी आईआरसीटीसी (IRCTC) बेहद ही शानदार और किफायती टूर पैकेज की पेशकश कर रहा है. इस यात्रा के लिए किराया 10,600 रुपये प्रति व्यक्ति से शुरू है. कितने का है टूर पैकेजआईआरसीटीसी ने इस पैकेज की घोषणा अपने ट्विटर अकाउंट से की है. यह पूरी यात्रा 4 रात और 5 दिनों की होगी. इस पैकेज की शुरुआत हावड़ा से होगी. पैकेज के खर्च की बात करें तो कंफर्ट क्लास में अगर आप इस ट्रिप पर 2 लोगों के साथ घूमने जा रहे हैं, तो इसके लिए आपको प्रति व्यक्ति 13,270 रुपये खर्च करने होंगे. वहीं 3 लोगों के साथ प्रति व्यक्ति किराया 11,100 रुपये है. इसके अलावा 4 लोगों के साथ यात्रा करने पर आपको प्रति व्यक्ति 12,050 रुपये खर्च करने होंगे. 6 लोगों के साथ प्रति व्यक्ति किराया 10,600 रुपये है. 5 से 11 साल के बच्चे के लिए बेड के साथ 6,500 रुपये चार्ज है. टूर पैकेज की खास बातेंपैकेज का नाम- Bodhgaya Circuit Rail Tour Ex Howrah (EHR108)डेस्टिनेशन कवर- बोधगया, राजगीर और नालंदाकितने दिन का होगा टूर – 4 रात और 5 दिनप्रस्थान करने की तारीख – हर शुक्रवारमील प्लान- होटल में ब्रेकफास्ट और डिनरट्रैवल मोड- ट्रेनक्लास- थर्ड एसी कैसे करा सकते हैं बुकिंगइस टूर पैकेज के लिए बुकिंग यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन जाकर कर सकते हैं. इसके अलावा आईआरसीटीसी पर्यटक सुविधा केंद्र, अंचल कार्यालयों और क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिए भी बुकिंग की जा सकती है. About the Author vinoy jha प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 5 वर्षों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 2 वर्षों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. पत्रकारिता में करीब एक दशक का अनुभव रखते हैं. …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : August 01, 2022, 07:35 IST Source link

झारखंड

कोर्ट ने कहा- यूपी पुलिस ने आदेश व निर्देश की अवहेलना की,...

कोर्ट द्वारा लगातार पारित आदेश और निर्देश को नजरअंदाज करने की शिकायत को लेकर सिविल कोर्ट रांची स्थित फैमिली कोर्ट नंबर 1 के जज रमेश चंद्रा की अदालत ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी को पत्र लिखा है। अपने पत्र में कहा गया है कि भरण-पोषण मामले में वाराणसी अंतर्गत लंका थाना क्षेत्र में रहने वाले देवेंद्र कुमार शर्मा की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए अगस्त 2024 से ही लंका थाना थाना प्रभारी और बनारस के एसपी को पत्र लिखा जा रहा है। जिसका आज तक पालन नहीं किया गया। भरण-पोषण का यह मामला शुभांगी शर्मा द्वारा वर्ष 2021 में अपने पति देवेंद्र कुमार शर्मा के खिलाफ दर्ज कराया गया है। जिसमें कोर्ट ने पति को पत्नी के पक्ष में भरण पोषण की राशि भुगतान करने का आदेश वर्ष 2024 में किया। लेकिन पति द्वारा पत्नी को भरण पोषण की राशि का भुगतान नहीं किया गया। जिसके बाद कोर्ट ने देवेंद्र कुमार शर्मा के खिलाफ 27 अगस्त 2024 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया और गिरफ्तारी वारंट की तामिला रिपोर्ट भी मांगी। रिपोर्ट नहीं देने पर तब कोर्ट ने लंका थाना प्रभारी को 7 जनवरी 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसका भी जवाब नहीं मिलने पर वाराणसी के एसपी को 19 अगस्त 2025 को पत्र लिखा गया। लेकिन, एसपी द्वारा भी न तो लंका के थाना प्रभारी के खिलाफ और न ही देवेंद्र कुमार शर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। जिसके बाद कोर्ट ने डीजीपी को पत्र लिखकर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। Source link

झारखंड

11 मई तक झारखंड में बदला रहेगा मौसम:रांची, रामगढ़, हजारीबाग और बोकारो...

झारखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और राज्य के ऊपर सक्रिय टर्फ लाइन के कारण पिछले 24 घंटे में रांची समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। इसका असर यह हुआ कि अधिकतम तापमान में एक ही दिन में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। रांची का अधिकतम तापमान घटकर 29.4 डिग्री पर पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग 7.7 डिग्री कम है। राज्य के कई जिलों में तापमान 30 डिग्री के आसपास सिमट गया है। जिससे मई में फरवरी जैसी ठंड का एहसास हो रहा है। अगले छह दिन बारिश और वज्रपात की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 6 से 11 मई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। 6 मई को रांची, रामगढ़, हजारीबाग और बोकारो में हल्की बारिश के आसार हैं। 7 मई को संथाल परगना और दक्षिण-पूर्वी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी, जिसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। 8 मई को पश्चिमी झारखंड को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में बारिश होगी। वहीं 9 से 11 मई तक 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। अगले दो दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री की और गिरावट संभव है। कई इलाकों में 50 मिमी से अधिक वर्षा पिछले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। तेनुघाट में सबसे अधिक 82.2 मिमी बारिश हुई, जबकि बुढ़मू में 51.2 मिमी, कांके में 50 मिमी, नामकुम में 46 मिमी, ओरमांझी में 41 मिमी और मांडर में 40 मिमी वर्षा हुई। इस दौरान न्यूनतम तापमान भी गिरकर 19.3 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और स्थानीय हीटिंग के प्रभाव से बादल बन रहे हैं। यही स्थिति पूरे सप्ताह बनी रह सकती है। बाजार पर असर, एसी-कूलर की मांग घटी मौसम में अचानक आए इस बदलाव का असर बाजार पर भी दिखने लगा है। कुछ दिन पहले तक 40 डिग्री तापमान के कारण एसी, कूलर और पंखों की मांग तेजी से बढ़ रही थी, लेकिन अब बारिश और ठंडक के कारण बिक्री में गिरावट आई है। दुकानदारों के अनुसार, फिलहाल केवल पहले से बुक किए गए ऑर्डर ही पूरे किए जा रहे हैं। नई बुकिंग लगभग बंद हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरे मई महीने में तापमान सामान्य के आसपास ही बना रहेगा। बीच-बीच में ऐसी स्थिति दोबारा बन सकती है। Source link

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पटना गांधी मैदान शपथ ग्रहण समारोह को लेकर ट्रैफिक में बड़ा बदलाव,...

Last Updated:May 06, 2026, 07:07 IST Bihar Cabinet Expansion: 7 मई 2026 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का भव्य मंत्रिमंडल विस्तार और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो रहा है. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा सहित कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना है. ऐसे में सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए पटना पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. पटना ट्रैफिक अलर्ट: 7 मई को गांधी मैदान में शपथ ग्रहण, घर से निकलने से पहले जान लें ये नए रूट और पार्किंग नियम. पटना. बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के मंत्रिपरिषद का विस्तार बृहस्पति वार (7 मई) को होने जा रहा है. इसको देखते हुए राजधानी पटना की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बदली रहेगी. शेखपुरा मोड़ से हवाई अड्डा की ओर जाने वाले सभी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है. इसके अलावा, हवाई अड्डा गोलंबर से पूर्व पटेल गोलंबर तक और राजेंद्र चौक से पटेल गोलंबर की ओर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा. पटेल गोलंबर से लेकर आयकर गोलंबर तक, जिसमें हार्डिंग रोड, सिंचाई भवन और आर ब्लॉक का इलाका शामिल है, सभी प्रकार के वाहनों के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है. पटना शहर के भीतर का डायवर्जन प्लान चितकोहरा गोलंबर से उत्तर की ओर वाहनों का परिचालन बंद रहेगा. आयकर गोलंबर से डाक बंगला, जेपी गोलंबर, रामगुलाम चौक, बाकरगंज और कारगिल चौक तक किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही, न्यू डाक बंगला रोड से एसपी वर्मा रोड में प्रवेश को भी पूर्णतः बाधित रखा गया है. एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों के लिए सलाह हवाई यात्रा करने वाले लोग जगदेव पथ और राजाबाजार होते हुए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर सकते हैं. वहीं, पटना जंक्शन जाने के लिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे करबिगहिया वाले छोर का उपयोग करें ताकि डाक बंगला और आयकर गोलंबर वाले जाम से बच सकें. VVIP एंट्री और पार्किंग की व्यवस्था प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए विशेष मानक तय किए गए हैं. अति विशिष्ट (VVIP) मेहमानों का काफिला गांधी मैदान के गेट नंबर 1 से प्रवेश करेगा. शपथ लेने वाले मंत्रीगण और पास धारक वीआईपी के वाहन बुद्ध मार्ग होते हुए गेट नंबर 4 या गेट नंबर 12 से पार्किंग एरिया में जा सकेंगे. आम जनता के लिए प्रवेश हेतु गेट नंबर 7, 8, 9 और 10 को निर्धारित किया गया है. वाहनों की पार्किंग के लिए विकल्प भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) पर दीघा गोलंबर से कंगन घाट तक पार्किंग की व्यवस्था की है. इसके अलावा, पटना कॉलेज और पटना साइंस कॉलेज के परिसर में भी वाहनों को पार्क करने की जगह दी गई है ताकि मुख्य सड़कों पर दबाव कम रहे. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

बारिश-धूप के खेल ने बढ़ाई किसानों की चिंता! मक्के की फसल पर...

होमताजा खबरकृषि बदलते मौसम में मक्के की फसल पर कीटों का हमला, समय रहते ऐसे करें बचाव Last Updated:May 06, 2026, 07:10 IST मौसम में बदलाव से मक्के की फसल पर कीटों का हमला बढ़ गया है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजन ओझा ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है. कीट नियंत्रण के लिए नीम के घोल या दवाओं का छिड़काव करें. खेतों में जल निकासी की सही व्यवस्था रखें. समय पर बचाव से फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है. ख़बरें फटाफट देवघरः झारखंड और बिहार में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदला-बदला नजर आ रहा है. कभी अचानक तेज बारिश हो जाती है, तो कुछ ही देर बाद कड़ी धूप निकल आती है. इस तरह के उतार-चढ़ाव भरे मौसम का सबसे ज्यादा असर खेतों में खड़ी फसलों पर पड़ रहा है, खासकर मक्के की खेती करने वाले किसान ज्यादा परेशान है. कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी का जमाव हो जा रहा है, जिससे मक्के की फसल को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. पानी के ठहराव की वजह से मिट्टी में नमी अत्यधिक बढ़ जाती है और यही स्थिति कीटों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर देती है. नतीजतन मक्के के पौधों में कीड़ों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पौधे कमजोर हो रहे हैं और फसल की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है. क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक?इस समस्या को लेकर देवघर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजन ओझा सर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं. उनका कहना है कि जैसे ही खेतों में कीड़ों का प्रकोप दिखाई दे, वैसे ही तुरंत कदम उठाना बेहद जरूरी है. सबसे पहले किसानों को चाहिए कि वे उचित रासायनिक दवाओं का छिड़काव करें, ताकि कीड़ों को शुरुआती स्तर पर ही खत्म किया जा सके और फसल को ज्यादा नुकसान से बचाया जा सके. हालांकि, कई किसान रासायनिक दवाओं का उपयोग नहीं करना चाहते, ऐसे में उनके लिए भी एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प मौजूद है. किसान नीम के घोल का छिड़काव कर सकते हैं, जो प्राकृतिक तरीके से कीड़ों को नियंत्रित करने में काफी कारगर होता है और इससे फसल या मिट्टी को किसी प्रकार का नुकसान भी नहीं होता. जल निकाशी की व्यवस्था करेंइसके साथ ही कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजन ओझा यह भी बताते हैं कि खेतों में पानी का जमाव बिल्कुल नहीं होने देना चाहिए. यदि खेत में पानी रुकता है, तो वह न सिर्फ कीटों को बढ़ावा देता है, बल्कि पौधों की जड़ों को भी सड़ा सकता है. इसलिए किसानों को चाहिए कि वे अपने खेतों में उचित जल निकासी की व्यवस्था करें, ताकि बारिश का पानी तुरंत बाहर निकल सके. इसके लिए खेतों में नालियां बनाना या पहले से मौजूद निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना बेहद जरूरी है.कुल मिलाकर देखा जाए तो बदलते मौसम के इस दौर में किसानों को ज्यादा सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है. समय पर सही कदम उठाकर न सिर्फ कीटों के प्रकोप को रोका जा सकता है, बल्कि फसल को होने वाले बड़े नुकसान से भी बचाया जा सकता है. थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी के साथ किसान अपनी मक्के की फसल को सुरक्षित रख सकते हैं और बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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Independence Day 2022: हर घर तिरंगा के लिए अमेज़न, फ्लिपकार्ट के साथ...

Powered by : Last Updated:August 01, 2022, 18:41 IST 2022 Independence Day 75th How to Buy Flag Online: भारत सरकार ने स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के समारोह के तहत हर घर तिरंगा अभियान चलाया है. आप इसके लिए एमेजॉन, फ्लिपकार्ट और पोस्ट ऑफिस से भी राष्ट्रध्वज खरीद सकते हैं. भारत आजादी की 75वीं सालगिरह पर हर घर तिरंगा का आयोजन कर रहा है नई दिल्ली. भारत सरकार ने स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के समारोह के हिस्से के रूप में हर घर तिरंगा अभियान शुरू किया है. इसका उद्देश्य लोगों को लगभग बिना किसी प्रतिबंध के तिरंगे का प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करना है. अभियान के तहत भारत के नागरिक 13 से 15 अगस्त यानी 3 दिन तक अपने घरों में तिरंगा फहराएंगे. गौरतलब है कि भारत आजादी के 75 साल पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रहा है. हर घर तिरंगा अभियान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से आह्वान किया है. इसलिए तिरंगों की सेल में भी वृद्धि हो गई है. लोगों को तिरंगे की आपूर्ति हो सके इसके लिए अब डाक विभाग ने ऑनलाइन तिरंगे की डिलीवरी करना शुरू कर दिया है. आप ePostoffice पोर्टल, www.indiapost.gov.in पर जाकर तिरंगा खरीद सकते हैं. निकटतम डाकघर से होगी आपूर्तिडाक विभाग ने हर घर तिरंगा अभियान के तहत यह सुविधा शुरू की है. आप उपरोक्त दोनों पोर्टल में से किसी पर भी जाकर भुगतान के साथ तिरंगे का ऑर्डर दे सकते हैं. ऑर्डर प्राप्त होने के बाद डाक विभाग आपके नजदीकी डाक कार्यालय (जहां तिरंगा मौजूद हो) से आपको झंडे की आपूर्ति करेगा. गौरतलब है कि यह सेवा 1 अगस्त यानी आज से शुरू हो गई है. डाक विभाग द्वारा बेचे जा रहे झंडे की कीमत 25 रुपये है. याद रखें कि ऑर्डर दिए जाने के बाद यह कैंसिल नहीं होगा. फ्लिपकार्ट, एमेजॉन से भी कर सकते हैं ऑर्डरकेवल डाकघर ही नहीं ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स एमेजॉन, फ्लिपकार्ट और मिंत्रा के जरिए भी आप तिरंगा ऑर्डर कर सकते हैं. इन साइट्स पर आपको 200 रुपये के आसपास की शुरुआती कीमत पर तिरंगा झंडा मिल सकता है. हालांकि, 15 अगस्त नजदीक आने के साथ-साथ इन कीमतों में बदलाव भी हो सकता है. प्रधानमंत्री ने किया अभियान में शामिल होने का आह्वानप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से बड़ी से बड़ी संख्या में हर घर तिरंगा अभियान में शामिल होने का आह्वान किया है. उन्होंने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में इसका जिक्र करते हुए कहा कि तिरंगा हमें जोड़ता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि 13-15 अगस्त तक सभी नागरिक अपने घरों में तिरंगा फहराएं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नागरिक 2 से 15 अगस्त तक अपनी सोशल मीडिया की डिस्पले पिक्चर पर भी तिरंगा लगा सकते हैं. About the Author Jai Thakur जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. पिछले 3 महीनों से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : August 01, 2022, 18:41 IST Source link

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