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व्यापार

ये बिज़नेस हर जगह बनाएगा सोना, हर महीने कमाएं एक MNC कंपनी...

Last Updated:August 27, 2025, 18:52 IST Top 5 Business Idea: आजकल लोग सोचते हैं कि गांव में बिज़नेस करके भला कौन कमा सकता है, लेकिन सच तो यह है कि अगर मेहनत और दम हो तो गांव की मिट्टी में भी सोना उगता है. यहां चाय, समोसा, पानीपूरी या मोमोज जैसी चीज़ों की हमेशा डिमांड रहती है. जानिए पांच आसान बिज़नेस आइडिया, जो कम खर्च में ज्यादा मुनाफ़ा दे सकते हैं. गांव में चाय का ठेला लगाना सबसे आसान और फायदेमंद बिज़नेस है. शुरुआत के लिए आपको गैस स्टोव, एक केतली और कुछ कप चाहिए. यदि आप बस स्टैंड, रेल्वे स्टेशन या चौपाल जैसी जगह चुनते हैं तो ग्राहक कभी कम नहीं होंगे. एक दिन में 200 कप तक बिक जाते हैं और महीने में 25–30 हजार रुपये आराम से कमाए जा सकते हैं. गांव हो या शहर, कस्बा हो या मोहल्ला—समोसा ऐसा स्नैक है जिसे बच्चे से लेकर बड़े तक सभी पसंद करते हैं. खास बात यह है कि इसकी कीमत कम होती है, लेकिन एक बार खाने वाला अक्सर दो-तीन समोसे और ले लेता है. इसी वजह से थोड़ी लागत में भी अच्छा मुनाफा निकल आता है. अगर आप स्कूल, कॉलेज या सप्ताह वाली बाजार के पास ठेला लगाएं तो ग्राहकों की भीड़ खुद खिंचकर आ जाती है. पानीपुरी लवरों की मानें तो शाम पानीपुरी के बिना अधूरी लगती है. खासकर बच्चों और महिलाओं के लिए इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि लोग एक प्लेट पर रुकते नहीं, बार-बार खाते हैं. यह बिजनेस आप आसानी से छोटे स्तर पर शुरू कर सकते हैं. सारा सामान आप घर पर ही सुबह तैयार कर सकते हैं और बाहर सिर्फ ठेले पर बैठकर बेचना होता है. इसे चौपाल, मंदिर या रोज़ का बाजार कहीं भी लगाएं, भीड़ पक्की है. Add News18 as Preferred Source on Google युवाओं में मोमोज का क्रेज हमेशा बना रहता है क्योंकि यह नया और अलग स्वाद उन्हें लुभाता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि ज्यादातर लोग दोस्तों के साथ आकर खाते हैं, जिससे एक बार में कई प्लेट बिक जाती हैं. गांव या कस्बे में अगर कॉलेज या स्कूल के पास स्टॉल लगे तो ग्राहक खुद खिंचकर आते हैं. यहां मेहनत थोड़ी ज्यादा है, लेकिन हर प्लेट पर अच्छा मुनाफा होता है. आजकल गांवों में भी लोग शहर का टेस्ट चखना पसंद करते हैं, और इसी वजह से चाट और चाउमिन की डिमांड बढ़ी है. इसकी खासियत यह है कि लोग सिर्फ खाने नहीं आते, बल्कि दोस्तों और परिवार के साथ टाइम पास करने भी आते हैं. इसलिए यहां सिर्फ बिक्री नहीं, बल्कि रोज़ नए ग्राहक जुड़ते हैं. आप इसे ठेले से या गली-मोहल्लों में घूमकर भी बेच सकते हैं. गांव में बिज़नेस करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि खर्चा बहुत कम आता है और कमाई अच्छी निकल जाती है. मान लें, कोई छोटा ठेला या स्टॉल लगाओ तो 5–10 हजार रुपये में आराम से शुरुआत हो जाती है. मेहनत और स्वाद अच्छा रहा तो महीने में 40–50 हजार तक कमाया जा सकता है. असली बात यह है कि हिचक छोड़कर काम शुरू करो, क्योंकि ग्राहक को सिर्फ चीज़ अच्छी चाहिए. वह यह नहीं देखता कि दुकान गांव में है या शहर में. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : August 27, 2025, 18:52 IST Source link

झारखंड

धनबाद भाजपा एससी मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष की संदेहास्पद मौत:घर में मिला...

धनबाद के गोविंदपुर क्षेत्र में भाजपा एससी मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष अमृत दास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव गोविंदपुर थाना क्षेत्र के उपर बाजार स्थित घर के अंदर मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। मां और बहन का कहना है कि अमृत दास की शादी दो सगी बहनों से हुई थी और उनके बीच अक्सर विवाद होता रहता था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि दोनों पत्नियों ने मिलकर अमृत दास की हत्या की है। परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दूसरी पत्नी को खरीदारी कराने ले गए थे स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले अमृत दास अपनी दूसरी पत्नी को खरीदारी कराने ले गए थे। इसी बात को लेकर घर में विवाद बढ़ गया था। इसके बाद अचानक उनकी मौत की खबर सामने आई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। गोविंदपुर थाना प्रभारी विष्णु प्रसाद रावत ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है। Source link

शिक्षा

CITU Demands Noida Protest Workers Release

Hindi News Career CITU Demands Noida Protest Workers Release | ILO Probe Police Action 43 मिनट पहले कॉपी लिंक आज ‘इंटरनेशनल लेबर डे’ है। एक ओर दुनिया इस दिन को मजदूरों के योगदान और उनके अधिकारों को बढ़ावा देने के रूप में मना रही है, तो वहीं दूसरी तस्वीर अपने हक के लिए प्रदर्शन करते भारतीय मजदूरों की है, जिनके हिस्से आपराधिक मुकदमे और जेल की चारदीवारी आई। ये मजदूर नोएडा प्रोटेस्ट में अपने हक की मांग करते प्रदर्शनकारी हैं। नोएडा के गौतम बुद्ध नगर में फैक्ट्री वर्कर्स प्रोटेस्ट के बाद अब 1 मई को ‘लेबर डे’ के अवसर पर पहले से ही सिक्योरिटी टाइट कर दी गई है। बड़ी कंपनियों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के मुताबिक लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए ड्रोन कैमरे से इंडस्ट्रियल इलाकों में निगरानी भी की जा रही है। नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रोटेस्ट हुए थे नोएडा में 9 अप्रैल से फैक्ट्री वर्कर्स ने सैलरी बढ़ाने और बेहतर वर्किंग कंडिशन जैसी मांगों को लेकर प्रोटेस्ट किया था। 13 अप्रैल को प्रदर्शन हिंसक हो गया था। भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस बल ने लाठीचार्ज किया था। कुछ मजदूरों पर FIR दर्ज कर कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने लगभग 350 प्रोटेस्टर्स को जेल में डाला था। सरकार और पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ 27 अप्रैल को दिल्ली की सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन यानी CITU ने इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) को लिखित शिकायत भेजी है। नाबालिग समेत 1100 से ज्यादा मजदूर हिरासत में यूनियन नेताओं का कहना है कि जब हड़ताल शुरू हुई थी, तब उत्तर प्रदेश में अनस्किल्ड लेबर्स की न्यूनतम मजदूरी सिर्फ 11,314 रुपए थी। उनका कहना है कि दिल्ली-NCR जैसे महंगे इलाके में मजदूरों से इतनी कम कमाई में गुजारा करने की उम्मीद की जा रही है, जिसमें बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं होतीं। पिछले दस साल में यहां रहने का खर्च कई गुना बढ़ चुका है, लेकिन वर्कर्स के लिए मिनिमम वेज उसके मुताबिक नहीं बढ़ा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि करीब 350 नाबालिग और 800 वयस्कों को कासना (गाजियाबाद) में हिरासत में रखा गया है। पुलिस और सरकार की ज्यादती की स्वतंत्र जांच की मांग इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) को लिखित शिकायत में CITU ने नोएडा में वर्कर्स के मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और ट्रेड यूनियन के अधिकारों के उल्लंघन की बात कही है। साथ ही नोएडा के प्रदर्शनकारियों की रिहाई और पुलिस और सरकार की ज्यादती पर स्वतंत्र जांच बैठाने की मांग की। कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया CPI(M) से जुड़े इस ट्रेड यूनियन ने ILO की ‘कमेटी ऑन फ्रीडम ऑफ एसोसिएशन’ (CFA) को भेजे अपने पिटीशन में वर्कर्स और यूनियन अधिकारों के बहुत गंभीर, बड़े स्तर पर और सिस्टमैटिक उल्लंघन की बात उठाई है। CITU- ‘वर्कर्स को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का हक’ CITU का कहना है कि वर्कर्स के पास न तो संघ से जुड़ने की आजादी है, न संगठित होने का अधिकार है, न कलेक्टिव बार्गेन और न ही वो शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का हक रखते हैं। साथ ही CITU ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर ILO के मौलिक सिद्धांतों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है। CITU ने ILO को सौंपे पिटीशन में नोएडा–प्रोटेस्ट से जुड़ी 3 मुख्य मांगें उठाई हैं: यूनियन ने प्रोटेस्ट के दौरान गिरफ्तार हुए प्रदर्शनकारियों को तुरंत जेल से रिहा करने और उन पर लगे आपराधिक मामलों की वापसी की मांग की है। CITU ने पुलिस के वर्कर्स पर किए गए अतिक्रमणों (पुलिस एक्सेसेस) की पारदर्शी जांच के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है। CITU ने ट्रेड यूनियन के जरिए सामूहिक बातचीत यानी क्लेक्टिव बार्गेन सिस्टम को वापस रिस्टोर करने की मांग उठाई है। कंपनी और वर्कर के बीच बातचीत और सैलरी/वर्किंग कंडीशन तय करने को लेकर यूनियन के पास बार्गेन का ऑप्शन यानी अपनी मजदूरी तय करने का हक होना चाहिए, न कि ये सिर्फ एक तरफा हो। ‘ILO के फंडामेंटल प्रिंसिपल्स को अपनाए भारत’ पिटीशन में CITU ने ILO से गुजारिश की है कि वे देखें कि भारत ILO कन्वेंशन नंबर 98 और फंडामेंटल प्रिंसिपल्स पर ILO की घोषणा को अपनाए और उसका पालन करे। ILO कन्वेंशन 98 सामूहिक सौदेबाजी यानी कलेक्टिव बार्गेनिंग के सिस्टम के बेसिक प्रिंसिपल्स तय करता है। इसका मतलब ऐसे सिस्टम से है जहां वर्कर्स, एंप्लॉयर्स और सरकारें, सैलरी, काम के घंटे और काम की शर्तों पर एक साथ बात कर सकें। ILO के 10 मुख्य कन्वेंशन यानी बुनियादी मानवाधिकारों से जुड़े नियम ILO ने वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए कुछ अहम कन्वेंशन बनाए हैं। इनमें से कुछ को तो भारत ने मान लिया है, लेकिन कुछ को अभी तक नहीं अपनाया है। भारत ने जिन कन्वेंशन को अपनाया है उनमें: 1. जबरन मजदूरी न कराना (Forced Labour Convention, No. 29) 2. जबरन मजदूरी को पूरी तरह खत्म करना (Abolition of Forced Labour, No. 105) 3. समान काम के लिए समान वेतन (Equal Remuneration, No. 100) 4. नौकरी में भेदभाव न हो (Discrimination Convention, No. 111) 5. बच्चों के काम करने की न्यूनतम उम्र तय करना (Minimum Age, No. 138) 6. बाल मजदूरी खत्म करना (Worst Forms of Child Labour, No. 182) भारत ने अभी तक जिन कन्वेंशन को नहीं अपनाया है: 7. मजदूरों को यूनियन बनाने की आजादी (Freedom of Association, No. 87) 8. संगठन बनाने और सामूहिक बातचीत का अधिकार (Right to Organise & Collective Bargaining, No. 98) 9. काम की जगह पर सुरक्षा और स्वास्थ्य का अधिकार (Occupational Safety and Health 1981, No. 155) 10. काम की सुरक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का ढांचा (Promotional Framework for Occupational Safety and Health 2006, No. 187) ILO वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) संयुक्त राष्ट्र (UN) की एजेंसी है, जो वर्कर्स के हक, सैलरी, उनकी सुरक्षा और काम की शर्तों पर नजर रखती है। ILO की 7 प्रमुख जिम्मेदारियां: 1. इंटरनेशनल श्रम नियम बनाना और देखना कि देश उन्हें मान रहे हैं या नहीं ILO हर साल इंटरनेशनल लेबर कन्वेंशन में रिकमेंडेशन बनाता है: जैसे संगठित होने की आजादी, कलेक्टिव बार्गेन, बाल मजदूरी

झारखंड

Madhupur Funeral | CISF Jawan, Wife Honored After Khagaria Accident

खगड़िया में हुए सड़क हादसे में CISF जवान विपिन चौरसिया और उनकी पत्नी दीपमाला चौरसिया का निधन हो गया। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर मधुपुर के चांदवारी गांव लाया गया। पार्थिव शरीर पहुंचते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन अंतिम दर्शन के लिए उमड़ प . बाद में दोनों का अंतिम संस्कार बैकुंठ धाम में पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। इस दौरान चित्रा यूनिट से पहुंचे CISF के जवानों ने अपने साथी को सम्मानपूर्वक गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी दी। विपिन चौरसिया दुर्गापुर स्टील प्लांट में CISF में हवलदार के पद पर कार्यरत थे। वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे। उनकी पत्नी दीपमाला चौरसिया भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता थीं और सामाजिक कार्यों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में नगरवासी, जनप्रतिनिधि और परिचित शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और दिवंगत दंपती की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। Source link

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Bengal Chunav Result 2026 LIVE | Bengal EVM Strong Room Ruckus |...

Bengal Chunav Result 2026 LIVE: विधानसभा चुनाव संपन्‍न होने के साथ ही पश्चिम बंगाल में सियासी गर्मी अपने चरम पर पहुंच गया है. एग्जिट पोल के नतीजे आने के बाद से टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की घटनाएं सामने आ रही हैं. सत्‍तारूढ़ टीएमसी पर बीजेपी के एक पोलिंग एजेंट के घर पर हमला कर उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है. अब टीएमसी ने EVM में छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना शुरू कर द‍िया है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्‍टेडियम काउंट‍िंग सेंटर के बाहर टीएमसी नेता धरने पर बैठ गए. जबक‍ि इलेक्‍शन कमीशन साफ कह रहा है क‍ि कहीं कोई द‍िक्‍कत नहीं है. ये भी बताया क‍ि आधी रात को काउंटिंग सेंटर के ईवीएम स्‍ट्रॉन्‍ग रूम में क्‍या हो रहा था. उधर बीजेपी नेता भी काउंट‍िंग सेंटर पहुंच गए. इससे टकराव की स्थिति पैदा हो गई. इसे देखते हुए काउंटिंग सेंटर के बार सुरक्षाबलों की भारी तैनाती कर दी गई. पश्च‍िम बंगाल में काउंट‍िंग से पहले ईवीएम पर बवाल हो गया है. टीएमसी का आरोप है क‍ि स्‍ट्रांग रूम की सील तोड़ी गई. ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की कोश‍िश की गई. टीएमसी ने एक वीडि‍यो भी जारी क‍िया है. इसके बाद टीएमसी के नेता काउंटिंग सेंटर के बाहर धरने पर बैठ गए. थोड़ी देर बाद मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी खुद भवानीपुर के काउंट‍िंग सेंटर पहुंचीं और मौका मुआयना क‍िया. चुनाव आयोग भी तुरंत हरकत में आ गया. चुनाव आयोग ने जवाब में कहा कि कहीं भी स्‍ट्रॉन्‍ग रूम का ताला नहीं तोड़ा गया है. अफवाह फैलाई जा रही है. इसको लेकर देर रात तक पूरे बंगाल में बवाल मच गया. थोड़ी देर में पश्च‍िम बंगाल के न‍िर्वाचन आयुक्‍त ने बताया क‍ि आधी रात काउंट‍िंग सेंटर के अंदर पोस्‍टल बैलेट को अलग करने की प्रक्र‍िया चल रही थी. सभी पार्टियों को इसके बारे में ड‍िटेल में जानकारी दी गई थी. यह हर बार होता है. कोई नई प्रक्र‍िया नहीं है. इसके बावजूद देर रात तक कोलकाता में बवाल मचा रहा. बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. काउंट‍िंग सेंटर पर धांधली के आरोपों के बाद मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी खुद आधी रात को शेखावत मेमोर‍ियल स्‍कूल में बने काउंटिंग सेंटर पहुंच गईं. वह खुद ईवीएम की रखवाली करने लगीं. यह देखकर तमाम बीजेपी कार्यकर्ता भी वहां जमा हो गए और पुल‍िसवालों से बहस करते द‍िखे. सवाल करते द‍िखे क‍ि ममता काउंट‍िंग सेंटर के अंदर कैसे पहुंच गईं. बीजेपी ने ममता के वहां जाने को असंवैधान‍िक बताया है. ज‍िस काउंट‍िंग सेंटर पर ममता मौजूद रहीं, वहां सेंट्रल फोर्स की तैनाती है. उधर, तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता काउंट‍िंग सेंटर के बाहर हंगामा करने लगे. हालात देखकर कोलकाता के ज्‍वाइंट सीपी भी भारी फोर्स के साथ वहां पहुंच गए. West Bengal Eletion Results LIVE: अधीर रंजन चौधरी का आरोप, चुनाव के बाद टीएमसी की हिंसा, विरोधियों को बनाया निशाना कांग्रेस नेता और बहरामपुर विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने चुनाव के बाद हिंसा के आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विपक्षी दलों को निशाना बनाया और उन्हें परेशान किया गया. चौधरी के मुताबिक, बहरामपुर शहर में भी टीएमसी नेताओं ने कथित तौर पर झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के लिए पहले से मौजूद पीने के पानी की सुविधाएं हटा दीं. उनका आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि उन्हें शक था कि इन लोगों ने चुनाव में टीएमसी को वोट नहीं दिया. West Bengal Eletion Results LIVE: स्ट्रॉन्ग रूम पर कड़ी नजर, गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं, बोले मनोज अग्रवाल पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने साफ कहा है कि मतगणना केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है. उन्होंने बताया कि सभी स्ट्रॉन्ग रूम की 24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है और इस पर बाहर से भी नजर रखी जा सकती है. अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी आरोप के लिए ठोस सबूत जरूरी हैं. उन्होंने मौजूदा शिकायतों को निराधार बताया. वहीं तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि ममता बनर्जी के निर्देश पर पार्टी के कार्यकर्ता और उम्मीदवार स्ट्रॉन्ग रूम की लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि ईवीएम की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. West Bengal Eletion Results LIVE: 4 मई को दीदी गईं – केशव मौर्य पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम लाइव: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर कहा कि 4 मई2026 को दीदी गईं, इसलिए वे यह सब बोल रही हैं और दुष्प्रचार कर रही हैं. EVM लूटना, बूथ लूटना न तो भाजपा का संस्कार है और न ही हमारे कार्यकर्ता ऐसा करते हैं. TMC की इस प्रकार की रीति-नीति रही है. हम जनता के आशीर्वाद से पश्चिम बंगाल में बड़े बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं. West Bengal Eletion Results LIVE: अनुपम खेर के सिर पर बाल उग सकते हैं, पर ममता बनर्जी चौथी बार सत्‍ता में नहीं आएंगी – समिक भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम लाइव: पश्चिम बंगाल की सियासत में बयानबाज़ी तेज हो गई है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे संभावित हार को लेकर घबराई हुई हैं और उसे स्वीकार नहीं कर पा रही हैं. उन्होंने दावा किया कि 4 मई के बाद दीदी सत्ता से बाहर हो जाएंगी और राज्य की जनता अब तृणमूल कांग्रेस के दावों पर भरोसा नहीं कर रही है. भट्टाचार्य ने अपने बयान में तीखे और व्यंग्यात्मक उदाहरण देते हुए कहा कि ममता बनर्जी कहीं भी जा सकती हैं (अंटार्कटिका, चंद्रमा या ईरान), लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी पर वापसी असंभव है. उन्होंने यह भी कहा कि आसमान संसद तक आ सकता है, जमुना का पानी साउथ ब्लॉक में घुस सकता है और अनुपम खेर के सिर पर बाल उग सकते हैं, लेकिन ममता बनर्जी चौथी बार सत्ता में नहीं आएंगी. भाजपा नेता के इस बयान से साफ है कि चुनावी माहौल में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी भाषा का दौर जारी है. वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी इस बयान पर कोई आधिकारिक

झारखंड

JEE, NEET, CUET…सबकी तैयारी आधी फीस पर! यहां मिल रही खास स्कॉलरशिप,...

Last Updated:May 01, 2026, 13:47 IST Palamu Scholarship For JEE, NEET, CUET Preparation: बोर्ड परीक्षा में कम मार्क्स आए हैं और परिवार की माली हालत ठीक नहीं है तो भी पलामू के स्टूडेंट्स जेईई, नीट, सीयूईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं. उन्हें नंबरों के हिसाब से फीस में छूट दी जाएगी, डिटेल चेक करें. पलामू. बोर्ड परीक्षा के परिणाम अक्सर विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को तय करने का माध्यम बन जाते हैं, जबकि सच्चाई इससे कहीं अलग है. कई छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जोकि बोर्ड में 60 प्रतिशत से कम आने पर खुद को कम आंकने लगते हैं. कई बार परिवार और समाज से अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाता, ताने सुनने पड़ते हैं और अपने सपनों को लेकर निराशा घर कर जाती है. वही पलामू में एक संस्था ऐसे छात्रों के लिए खास स्कॉलरशिप दे रही है. कई बार विद्यार्थी जो विज्ञान विषय लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं, कम अंकों के कारण खुद को उस राह से अलग होते हुए देखते हैं. लेकिन अब ऐसे छात्रों के लिए एक नई पहल की गई है, जिसमें यह संदेश दिया जा रहा है कि अंक कम आने से सपने छोटे नहीं हो जाते. पलामू जिले के बाईपास रोड समीप संचालित सेकंड स्कूल में छात्रों को स्कॉलरशिप दी जा रही है. इतनी फीस में होगी तैयारीसंस्था के डायरेक्टर ऋषिकेश कुमार ने कहा कि बोर्ड एग्जाम में 60 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आधी फीस में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ-साथ सीयूईटी की तैयारी कराई जाएगी. लगभग 7 से 8 हजार रुपये की किफायती फीस में 12वीं की पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की मजबूत तैयारी कराई जाएगी. आज के समय में केवल बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अच्छे विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए सीयूईटी परीक्षा में सफलता भी जरूरी है. इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को शुरू से ही सही दिशा में मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे अपने लक्ष्य तक पहुंच सकें. किसको कितनी छूटउन्होंने आगे कहा कि छात्र आईआईटी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सपना देखते हैं, उनके लिए भी विशेष रियायत दी जा रही है. 60 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को लगभग 15 हजार रुपये में, यानी 50 प्रतिशत छूट के साथ तैयारी कराई जाएगी. इसके अलावा, मेधावी छात्रों को भी प्रोत्साहित करने के लिए आकर्षक स्कॉलरशिप की व्यवस्था की गई है. 92 से 95 प्रतिशत अंक लाने वाली छात्राओं को 30 प्रतिशत और छात्रों को 20 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जबकि 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा रही है. इतने छात्रों को मिली सफलतासंस्थान का यह भी कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पढ़ने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए फीस कभी बाधा नहीं बनेगी. संस्थान के कई छात्र पहले ही एनआईटी जमशेदपुर, एनआईटी त्रिची और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं. हाल ही में जेईई परीक्षा में यहां के 17 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है, जिनमें से 12 को एनआईटी मिलने की संभावना है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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Business Idea: महिलाएं घर बैठे सिर्फ 10 हज़ार में शुरू करें ये...

Last Updated:August 28, 2025, 17:59 IST Business Idea: बढ़ती महंगाई के बीच घर बैठे छोटे निवेश में अचार का व्यवसाय महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए शानदार अवसर बन गया है. कम लागत में शुरू होने वाला यह व्यापार सही रेसिपी, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के साथ महीने में 25-30 हजार रुपए तक की आमदनी दे सकता है. ख़बरें फटाफट Business Idea: आज के समय में बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों के चलते घर का बजट कम पड़ने लगा है. ऐसे में लोगों की तनख्वाह महीने भर में ही खत्म हो जाती है और कई परिवारों के लिए जरूरी चीजें खरीदना मुश्किल हो जाता है. ऐसे समय में घर बैठे छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू करना सबसे सही विकल्प साबित हो सकता है. इन व्यवसायों में से एक बेहद फायदेमंद है अचार का बिजनेस (Pickle Business), जिसे कम निवेश में घर से ही शुरू किया जा सकता है और इससे अच्छी आमदनी भी कमाई जा सकती है. घर बैठे बिजनेस शुरू करने का मौकाअचार का व्यवसाय शुरू करने के लिए केवल 10 से 15 हजार रुपए तक का निवेश काफी है. इसे शुरू करने के लिए किसी बड़ी दुकान, गोदाम या अतिरिक्त जगह की आवश्यकता नहीं होती. घर में खाली कमरा, रसोई या कोई छोटी जगह ही पर्याप्त है. इस व्यवसाय की सबसे बड़ी जरूरत है बेहतरीन और यूनिक रेसिपी, क्योंकि मार्केट में कई तरह के अचार मिलते हैं और कॉम्पिटिशन भी बहुत है. अगर अचार की रेसिपी टेस्टी और यूनीक हो, तो ग्राहक उसे बार-बार खरीदने के लिए लौटते हैं. इसके अलावा, अपने प्रोडक्ट के लिए ब्रांड नाम तैयार करना जरूरी है ताकि मार्केट में पहचान बनाई जा सके. फ्लेवर का चुनाव और टारगेट कस्टमरअचार के कई फ्लेवर मार्केट में मिलते हैं. जिनमें आम और नींबू के अचार की मांग सबसे अधिक है. इसके अलावा, आंवला, सहजन और हरी मिर्च जैसे स्वास्थ्यवर्धक अचार भी लोग पसंद करते हैं. बिजनेस शुरू करने से पहले यह तय करना जरूरी है कि आप किस फ्लेवर को टारगेट करेंगे और अपने कस्टमर बेस को कैसे तैयार करेंगे. अचार को आप रिटेल या थोक में, साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बेच सकते हैं. छोटे स्तर पर शुरू होने वाले व्यवसाय के लिए ज्यादा दस्तावेज़ या जटिल प्रक्रियाओं की जरूरत नहीं होती, बस FSSAI फूड प्रोसेसिंग लाइसेंस लेना जरूरी है, जिसे ऑनलाइन आवेदन के बाद आसानी से प्राप्त किया जा सकता है. मार्केटिंग और ब्रांडिंग के टिप्सइस व्यवसाय में सफलता पाने के लिए मार्केटिंग और ब्रांडिंग अहम भूमिका निभाती है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप ग्रुप, लोकल मार्केट और पड़ोसियों के माध्यम से अचार को प्रचारित किया जा सकता है. आकर्षक पैकेजिंग, अच्छे लेबल और साफ-सुथरे जार में अचार बेचना ग्राहकों को आकर्षित करता है. ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए समय पर डिलीवरी और गुणवत्ता बनाए रखना बेहद जरूरी है. कम लागत में अच्छी कमाई शुरुआत में इस व्यवसाय से महीने में लगभग 25 से 30 हजार रुपए तक की कमाई संभव है. जैसे-जैसे व्यवसाय बढ़ेगा, और नए फ्लेवर, बड़े पैमाने पर उत्पादन और अच्छे मार्केटिंग स्ट्रैटेजी अपनाए जाएंगे, सालाना लाखों रुपए तक की कमाई भी संभव है. इसे एक छोटी शुरुआत मानकर धीरे-धीरे व्यवसाय को बड़ा किया जा सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Azamgarh,Uttar Pradesh First Published : August 28, 2025, 17:59 IST Source link

झारखंड

सिमरिया में सड़क हादसे में महिला की मौत:सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग पर किया...

चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद ग्रामीण और परिजन सड़क पर उतर आए और जाम लगा दिया। उन्होंने सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है। प्रदर्शनकारी मुआवजे और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग कर रहे हैं। यह घटना गुरुवार शाम करीब 6 बजे सिमरिया-टंडवा मार्ग पर स्थित ‘ईश्वर दयाल पेट्रोल पंप’ के पास हुई। कटिया मूर्व गांव की 40 वर्षीय बिखी देवी को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। बिखी देवी डाड़ी चौक स्थित बैंक से अपनी आवास योजना की अगली किस्त की राशि निकालकर पैदल घर लौट रही थीं। अज्ञात वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि अस्पताल ले जाते समय बिखी देवी ने दम तोड़ दिया। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल शव को सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। सड़क जाम की वजह से रोड के दोनों ओर कोयला लदे ट्रकों और यात्री वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों की मुख्य मांगें हैं कि दोषी वाहन चालक की पहचान कर उस पर कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और इस मार्ग पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। Source link

शिक्षा

India Sends 2 Ton Life Support Medicine to Tanzania

Hindi News Career India Sends 2 Ton Life Support Medicine To Tanzania | April 23 Current Affairs 8 दिन पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. रक्षा मंत्रालय ने 975 करोड़ रुपए के MoU साइन किए 21 अप्रैल को रक्षा मंत्रालय ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) और इलेक्ट्रो न्यूमेटिक्स एंड हाइड्रोलिक्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के साथ लगभग 975 करोड़ रुपए का MoU साइन किया। इस MoU के तहत T-72 और T-90 टैंकों के लिए TRAWL असेंबली इक्विपमेंट खरीदे जाएंगे। ये MoU नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में साइन हुआ। TRAWL असेंबली T-72 और T-90 टैंकों में लगाए जाने वाले इक्विपमेंट हैं, जो इंडियन आर्मी की बारूदी सुरंग भेदने की क्षमता को बढ़ाएगी। ये एंटी-टैंक बारूदी सुरंगों के जरिए गाड़ियों को निकालने के लिए एक सुरक्षित लेन बनाने के भी काम आएगी। TRAWL असेंबली एक स्वदेशी माइनफील्ड ब्रीचिंग सिस्टम है, जिसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है। TRAWL असेंबली टैंकरों में आगे लगाए जाते हैं। निधन (DEATH) 2. आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम नादेंदला भास्कर राव का निधन 22 अप्रैल को आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम एन भास्कर राव का निधन हो गया। वे 91 साल के थे। भास्कर राव पहली बार 1978 में विधायक चुने गए थे और चेन्ना रेड्डी के मंत्रिमंडल में मंत्री के तौर पर काम किया था। 1978 में, भास्कर राव ने विजयवाड़ा से चुनाव लड़ा और कांग्रेस विधायक के तौर पर जीत हासिल की। भास्कर राव बाद में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) में शामिल हो गए, TDP की स्थापना टी एन रामाराव ने की थी। 1983 में भास्कर राव तेलुगु देशम पार्टी (TDP) से गुंटूर जिले के वेमुरु निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए। 1984 में उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए तेलुगु देशम पार्टी के संस्थापक टी एन रामाराव के खिलाफ बगावत कर सरकार गिरा दी। 1984 में भास्कर आंध्र प्रदेश के सीएम बने थे। हालांकि, उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा और वे एक महीने ही इस पद पर रह पाए थे। भास्कर ने NTR, मैरी चेन्ना रेड्डी और अंजैया कैबिनेट में मंत्री रहे। 1998 में खम्मम लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। भास्कर राव ने TDP में अपने समर्थकों के साथ और कांग्रेस के समर्थन से NTR सरकार का तख्तापलट कर दिया, जब NTR उस समय हेल्थ इमरजेंसी की वजह से अमेरिका में थे। राजनीतिक तख्तापलट के बाद, भास्कर राव 16 अगस्त, 1984 को आंध्र प्रदेश के सीएम बने। हालांकि, सिर्फ 31 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने और 17 सितंबर 1984 तक इस पद पर रहे। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भास्कर राव ने 1985 में प्रजास्वामी तेलुगु देशम पार्टी की बनाई। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. भारत ने तंजानिया को लाइफ सपोर्ट मेडिसिन भेजीं 21 अप्रैल को भारत ने पूर्वी अफ्रीकी देश के तंजानिया को 2 टन लाइफ सेविंग मेडिसिन भेजी हैं। ये दवाएं तंजानिया के दार ए सलाम के श्री हिंदू मंडल हॉस्पिटल में भेजी गई हैं। ये दवाएं बेहतर स्वास्थ्य और आपसी सहयोग का हिस्सा हैं। भारत के हाई कमिश्नर बिश्वदीप डे ने हॉस्पिटल ट्रस्टी कौशिक एल. रमैया को दवाओं की खेप सौंपी है। दवाओं की इस खेप में जरूरी इक्विपमेंट जैसे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, सक्शन यूनिट, ऑक्सीमीटर, माइक्रोस्कोप और स्टेथोस्कोप के साथ-साथ इनहेलर, सीरिंज, गलब्स, पट्टियां और व्हीलचेयर जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। इस मेडिकल खेप से हॉस्पिटल में डायग्नोस्टिक कैपिसिटी, ट्रीटमेंट कैपविलिटी और पेशेंट केयर बेहतर होगी। ये मदद भारत- तंजानिया के आपसी सहयोग और स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए है। साथ ही ये डिप्लोमेटिक रिलेशन और डेवलपमेंट को बढ़ाने के लिए है। ये दवाएं भारत के इनिशिएटिव वैक्सीन मैत्री का हिस्सा हैं। जिसे 2021 में भारत ने शुरू किया था। भारत का तंजनियां को दवाएं भेजना भारत-अफ्रीका फोरम समिट फ्रेमवर्क का हिस्सा है। अफ्रीका भारत का एनर्जी, ट्रेड और मेरीटाइम पार्टनर है। भारत का ये कदम भारत और साउथ अफ्रीका के बीच साउथ कॉर्पोरेशन को बढ़ावा देगा। मिसलीनियस (Miscellaneous) 4. शेखा झील बर्ड सेंचुरी रामसर साइट बनी 22 अप्रैल को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने यूपी की शेखा झील बर्ड सेंचुरी को रामसर साइट बनाने का ऐलान किया। एक सोशल मीडिया पोस्ट में यादव ने कहा कि ये राज्य की 12वीं और देश की 99वीं रामसर साइट है, जो भारत को एक ऐतिहासिक सदी के करीब लाती है। रामसर साइट ऐसी आर्द्रभूमि यानी Wetlands होती है, जहां पक्षियों को संरक्षित करने के लिए बेहतर माहौल दिया जाता है। ये कन्वेंशन 1971 में भारत और ईरान के बीच हुआ था। रामसर साइट बनने से लोकल लोगों को रोजगार मिलेगा और क्लाइमेट सिक्योरिटी को भी बढ़ावा मिलेगा। इस समावेशन से स्थानीय आजीविका और वैश्विक जैव विविधता के साथ-साथ जल और जलवायु सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। सेंचुरी में सेंट्रल एशियाई फ्लाईवे हैं, जहां ठंड के मौसम में बार-हेडेड गूज, पेंटेड स्टॉर्क और कई बत्तखों जैसे प्रवासी पक्षियों का घर है। रामसर साइट ऐसी आर्द्रभूमि यानी Wetlands है जिसे इंटरनेशनल महत्व का दर्जा दिया गया है। वेटलैंड्स यानी नम जमीनों पर रामसर कन्वेंशन, सूखी जमीनों को टिकाऊ बनाने के लिए किया गया एक इंटरनेशनल एग्रीमेंट है। ये एग्रीमेंट 1971 में ईरान के रामसर में हुआ था। भारत 1 फरवरी 1982 को इस कन्वेंशन का हिस्सा बना। रामसर में शामिल होने वाले देश वेटलैंड्स को नॉमिनेट कर सकते हैं, जिन्हें रामसर साइटों के रूप में जाना जाता है, जैसे जैव विविधता, प्रवासी पक्षी, दुर्लभ प्रजातियां और हाइड्रोलॉजिकल एनवायरमेंट। रामसर नाम ईरान के रामसर शहर से आया है, यहीं ये संधि हुई थी। रामसर के तहत सभी रामसर साइटें इंटरनेशनल लेवल पर दुर्लभ प्रजातियों को संरक्षित करने के लिए काम करती हैं। 5. INS सुनयना अपने क्रू के साथ जकार्ता पहुंचा 21 अप्रैल को इंडियन नेवी का ऑफशोर पेट्रोल वेसल INS सुनयना इंडोनेशिया के जकार्ता पहुंचा है और ये INS सुनयना का तीसरा पोर्ट कॉल है। INS सुनयना हिंद महासागर में इंडियन ओशियन शिप (IOS) SAGAR इनशियेटिव के तहत इंडोनेशिया पहुंचा है। IOS- SAGAR का पूरा नाम इंडियन ओशियन शिप – सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन है। INS सुनयना मलक्का और सिंगापुर जलडमरूमध्य जैसे प्रमुख ग्लोबल

झारखंड

गुमला में सड़क हादसे में युवक की मौत:घाघरा के कस्तूरबा विद्यालय के...

गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। यह घटना मसरिया मोड़ स्थित कस्तूरबा विद्यालय के समीप गुरुवार देर रात हुई। मृतक की पहचान दोदांग गांव निवासी रोहित उरांव के रूप में हुई है, वहीं घायल युवक सोनू उरांव है। पुलिस के अनुसार, दोनों युवक अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव दोदांग से घाघरा की ओर जा रहे थे। कस्तूरबा विद्यालय के पास उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो गई, जिससे वे सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने रोहित उरांव को मृत घोषित कर दिया, जबकि सोनू उरांव का इलाज जारी है। सूचना मिलने पर घाघरा थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। पुलिस ने घटना की जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर थाने ले आई। शुक्रवार को शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। गौरतलब है कि गुमला जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान और वाहन जांच चला रहा है, लेकिन इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। Source link

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