भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

झारखंड

झारखंड

द चारकोल रेस्टोरेंट में मिली भारी गंदगी, 10 हजार जुर्माना

चास नगर निगम प्रशासन को मिली शिकायत के बाद फूड ऑफिसर ने वैभव होटल चास के समीप स्थित द चारकोल रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान रेस्टोरेंट में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब पाई गई। खाद्य सामग्री के रख-रखाव और स्वच्छता मानकों में गंभीर लापरवाही सामने आने पर निगम ने रेस्टोरेंट प्रबंधन पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को रसोई घर में कई अनियमितताएं मिली। जांच टीम ने पाया कि किचन में पुराना सना हुआ आटा रखा गया था, जबकि उपयोग के लिए रखा गया चिकन तीन से चार दिन पुराना था। इसके अलावा बेसिन, चूल्हा और डस्टबिन की स्थिति भी अत्यंत गंदी पाई गई। पूरे परिसर में दुर्गंध फैली हुई थी, जिससे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। फूड इंस्पेक्टर ने रेस्टोरेंट संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भोजन तैयार करने और परोसने वाले प्रतिष्ठानों में स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि लोग रेस्टोरेंट में भरोसे के साथ भोजन करते हैं और ऐसी लापरवाही उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। नगर निगम ने रेस्टोरेंट प्रबंधन को कई सलाह दी है। किचन में पड़ी गंदगी की जांच करते टीम के सदस्य। Source link

झारखंड

बाघचट्टा बाजार में नशामुक्ति के िलए जनजागरूकता अभियान

सिमडेगा| सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय सिमडेगा से सूचीबद्ध कलादल आदिकला मंच कोलेबिरा ने दल नेता बनफूल नायक के नेतृत्व में कुरडेग प्रखंड के बाघचट्टा साप्ताहिक बाजार में निषिद्ध मादक पदार्थों के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाया। कलाकारों ने ग्रामीणों को बताया कि अफीम की खेती, गांजा, भांग, मारिजुआना, ब्राउन शुगर, कोकीन का उत्पादन, बिक्री व सेवन कानूनी अपराध है। पकड़े जाने पर 20 वर्ष तक की सजा हो सकती है। इसके साथ ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। सड़क सुरक्षा के लिए सावधानी ही बचाव है, वज्रपात से बचाव में बरसात में अकेले बड़े पेड़ के नीचे न रुकें और सर्पदंश से बचाव के िलए जमीन पर न सोएं व मच्छरदानी लगाकर सोने की सलाह दी गई। सर्पदंश होने पर तुरंत अस्पताल ले जाएं। कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। अंत में सभी ने निषिद्ध मादक पदार्थों के खिलाफ शपथ ली। Source link

झारखंड

सिमडेगा में मतदाता सूची एसआईआर मैपिंग के लिए बीएलओ की ड्यूटी तय

सिमडेगा| ठेठईटांगर थाना क्षेत्र के मतरामेटा गांव में उत्पाद विभाग और ठेठईटांगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध महुआ शराब निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की। छापेमारी में 690 किलोग्राम जावा महुआ बरामद हुआ। 50 लीटर अवैध रूप से निर्मित महुआ शराब भी जब्त की गई। अवैध शराब निर्माण और भंडारण के आरोप में 6 मामले दर्ज किए गए। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है। सिमडेगा | भारत निर्वाचन आयोग व झारखंड मंत्रिमंडल निर्वाचन विभाग के निर्देश पर विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर 2026 के तहत सिमडेगा जिले की 70-सिमडेगा और 71-कोलेबिरा विधानसभा में मतदाता मैपिंग का काम तेज किया गया है। वर्तमान में दोनों क्षेत्र का मैपिंग प्रतिशत क्रमशः 84.08 और 87.16 है। एएसडीडी वोटर्स को छोड़कर शेष अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग की गुंजाइश अभी बची है। निर्वाचन आयोग के अनुसार संभावित तिथि 15.06.2026 को मतदाता सूची फ्रिज कर दी जाएगी। इसके बाद मैपिंग नहीं होगी। इसे देखते हुए सभी बीएलओ व बीएलओ पर्यवेक्षक को निर्देश दिया गया है कि दैनिक काम के साथ रोज सुबह 9 से 12 बजे तक अपने मतदान केंद्र पर रहकर मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित करें। सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी व सहायक पदाधिकारियों को व्हाट्सएप या वीडियो कॉल भौतिक निरीक्षण से अधिकतम मैपिंग कराने का निर्देश दिया गया है। Source link

झारखंड

11 quick response teams have been formed to remove waterlogging, and temporary...

Hindi News Local Jharkhand Ranchi 11 Quick Response Teams Have Been Formed To Remove Waterlogging, And Temporary Hoardings And Archways Have Been Prohibited Until October 1. रांची21 घंटे पहले कॉपी लिंक राजधानी रांची में गुरुवार को महज दो घंटे की तेज बारिश ने नगर निगम के दावों और तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। मात्र 40 एमएम (मिलीमीटर) बारिश में ही पूरा शहर पानी-पानी हो गया; कई प्रमुख सड़कें तालाब बन गईं और नालियां ओवरफ्लो होकर बहने लगीं। इधर, शुक्रवार को झारखंड में मानसून ने आधिकारिक रूप से दस्तक दे दी है। इसे देखते हुए नगर निगम के अधिकारी अब पूरी तरह रेस (सक्रिय) हो गए हैं। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने आनन-फानन में स्वच्छता और परिवहन शाखा की एक आपात बैठक बुलाई। शहर में जलजमाव की समस्या को दूर करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 11 क्विक रिस्पांस टीमों (QRT) का गठन किया गया है, जिनमें से 10 टीमें विभिन्न जोन में तैनात रहेंगी। स्लैब हटाकर होगी नालियों की सफाई, सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगेगा बैन नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नालियों के ऊपर रखे स्लैब को हटाकर तत्काल गाद (कचरा) निकाली जाए और कच्चे नालों की कटिंग कर पानी का बहाव दुरुस्त किया जाए। उन्होंने यह भी हिदायत दी कि सफाई के तुरंत बाद स्लैब को वापस अपनी जगह लगा दिया जाए, ताकि बाहर निकाला गया कचरा दोबारा नाली में जाकर उसे जाम न करे। विशेष सफाई अभियान: स्कूल और कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे में विशेष सफाई अभियान चलाने, खुले व खतरनाक नालों की बैरिकेडिंग करने और क्षतिग्रस्त स्लैब को तुरंत बदलने का निर्देश दिया गया है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह बैन: शहर की नालियों के जाम होने का सबसे बड़ा कारण प्लास्टिक कचरा है। इसके खिलाफ शनिवार से शहरभर में एक विशेष जब्ती और जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा। कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर: जलजमाव या जलभराव की समस्या की शिकायत के लिए नगर निगम में एक समर्पित कंट्रोल रूम बनाया गया है। नागरिक टोल-फ्री नंबर 18005701235 और हेल्पलाइन नंबर 9431104429 पर कॉल कर अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। जमीनी सच्चाई: बड़े हादसे को दावत दे रहे शहर के कई खुले नाले बरसात से पहले खुले और खतरनाक नालों को घेरने (बैरिकेडिंग) का निगम का दावा जमीन पर अधूरा नजर आ रहा है। शहर के कई इलाके ऐसे हैं जो मानसून के दौरान जानलेवा साबित हो सकते हैं: खोरहा टोली (कोकर): कोकर स्थित खोरहाटोली में एक बेहद खतरनाक और गहरा नाला है। गौरतलब है कि दो साल पहले इस नाले में एक बाइक सवार बह गया था। हादसे के बाद इसे व्यवस्थित और कवर करने की योजना तो बनी, लेकिन आज तक यह नाला खुला ही पड़ा है। भाभा नगर (कोकर): कोकर के ही भाभा नगर का बड़ा नाला भी स्थानीय निवासियों के लिए जानलेवा बना हुआ है। सुरक्षा का आलम यह है कि इस नाले को पार करने के लिए लोग ऊपर बांस की अस्थायी सीढ़ी (चचरी) बनाकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने पर यहाँ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

झारखंड

कन्या राशि वाले आज राहुकाल से बचें, अमृत काल में करें अपना...

Last Updated:June 14, 2026, 02:28 IST Aaj ka Kanya Rashifal 14 june 2026: पारिवारिक जीवन की बात करें तो घर का वातावरण सामान्य और शांतिपूर्ण रहने वाला है. परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा और घरेलू कार्यों में भी संतुलन बना रहेगा. हालांकि, जीवनसाथी के साथ किसी छोटी बात को लेकर मतभेद या अनबन होने की संभावना दिखाई दे रही है. ऐसे समय में अपनी वाणी और व्यवहार पर विशेष नियंत्रण रखने की जरूरत है. ख़बरें फटाफट परमजीत/देवघर: दैनिक राशिफल ग्रह-नक्षत्रों, तिथि, योग और चंद्रमा की स्थिति के आधार पर तैयार किया जाता है, जिसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों के जीवन पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलता है. पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है. साथ ही मृगशीर्षा नक्षत्र और शूल योग का विशेष संयोग बन रहा है. इसके अलावा चंद्रमा आज वृषभ राशि में प्रवेश करेगा, जिससे कन्या राशि के जातकों के जीवन में कुछ सकारात्मक तो कुछ चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां बन सकती हैं. आज का दिन सामान्य रहेगा, लेकिन कई मामलों में आपको धैर्य, संयम और समझदारी से काम लेने की आवश्यकता होगी. जल्दबाजी में लिया गया कोई भी निर्णय बाद में परेशानी का कारण बन सकता है, इसलिए हर काम सोच-समझकर करें. व्यापार में होगा उतार-चढ़ावव्यापार और कार्यक्षेत्र की बात करें तो आज कारोबार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है. व्यापारियों को उम्मीद के मुताबिक लाभ नहीं मिलने से थोड़ी चिंता हो सकती है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. दिन के दूसरे भाग में परिस्थितियां धीरे-धीरे आपके पक्ष में आती दिखाई देंगी. किसी पुराने ग्राहक या रुके हुए कार्य से लाभ मिलने की संभावना बन रही है. नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. कुछ जातकों को अपने वरिष्ठ अधिकारियों या बॉस की नाराजगी का सामना भी करना पड़ सकता है. ऐसे में किसी भी विवाद से बचें और अपने काम पर पूरा ध्यान दें. मेहनत और अनुशासन बनाए रखने से स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी. जीवनसाथी के साथ हो सकती है अनबनपारिवारिक जीवन की बात करें तो घर का वातावरण सामान्य और शांतिपूर्ण रहने वाला है. परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा और घरेलू कार्यों में भी संतुलन बना रहेगा. हालांकि, जीवनसाथी के साथ किसी छोटी बात को लेकर मतभेद या अनबन होने की संभावना दिखाई दे रही है. ऐसे समय में अपनी वाणी और व्यवहार पर विशेष नियंत्रण रखने की जरूरत है. कटु शब्द रिश्तों में दूरी बढ़ा सकते हैं, इसलिए बातचीत के दौरान धैर्य और समझदारी का परिचय दें. यदि आप शांत रहकर परिस्थिति को संभालेंगे तो विवाद जल्द समाप्त हो जाएगा और रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी. विद्यार्थी का मन रहेगा आज कमजोरविद्यार्थियों के लिए दिन की शुरुआत थोड़ी कमजोर रह सकती है. पढ़ाई में मन कम लगेगा और एकाग्रता की कमी महसूस हो सकती है. मोबाइल, मनोरंजन या अन्य गतिविधियों की ओर मन अधिक आकर्षित हो सकता है. हालांकि, दोपहर के बाद समय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा. पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी और रुके हुए कार्य पूरे करने में सफलता मिलेगी. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भी शाम के समय अच्छा लाभ मिल सकता है. आज का शुभ और अशुभ समयआज शाम 5 बजकर 28 मिनट से 7 बजकर 9 मिनट तक राहुकाल रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस अवधि में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए. वहीं शाम 7 बजकर 35 मिनट से रात 8 बजकर 48 मिनट तक अमृत काल रहेगा, जो महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाने और सकारात्मक निर्णय लेने के लिए शुभ माना जा सकता है. कुल मिलाकर कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन धैर्य, संयम और संतुलित व्यवहार की परीक्षा लेने वाला रहेगा. यदि आप अपनी वाणी पर नियंत्रण रखेंगे और सोच-समझकर कदम उठाएंगे तो दिन का अंत आपके लिए संतोषजनक साबित हो सकता है. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

झारखंड

Jharkhand Treasury Director’s post vacant, SNA Sparsh work stalled

रांची21 घंटे पहले कॉपी लिंक झारखंड में करीब एक सप्ताह से ट्रेजरी डायरेक्टर (निदेशक, कोषागार) का पद खाली पड़ा है। इस महत्वपूर्ण पद के खाली होने से केंद्र सरकार द्वारा ‘एसएनए स्पर्श’ (SNA SPARSH) के माध्यम से भेजी जाने वाली करोड़ों रुपये की केंद्रीय योजना राशि का भुगतान पूरी तरह अटक गया है। दरअसल, केंद्र से आने वाले इन पैसों के डिजिटल सत्यापन (Verification) के लिए ट्रेजरी डायरेक्टर ही अधिकृत व नामित होते हैं। इस पद पर किसी भी अधिकारी की स्थाई या अस्थाई तैनाती नहीं होने के कारण यह राशि संबंधित अन्य विभागों को ट्रांसफर नहीं की जा पा रही है। राज्य सरकार ‘एसएनए स्पर्श’ प्रणाली का उपयोग केंद्र सरकार से मिलने वाली विभिन्न योजना राशियों के प्रबंधन और भुगतान के लिए करती है। नियमानुसार, प्रत्येक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) के लिए राज्य सरकार का एक विशिष्ट नामित खाता होता है, जिसमें केंद्र से भेजी गई राशि सबसे पहले जमा होती है। ट्रेजरी डायरेक्टर के अभाव में कई महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं की राशि लाभार्थियों (लाभुकों) के खातों तक नहीं पहुँच पा रही है। इसके अलावा, ट्रेजरी निदेशालय द्वारा जिला स्तर के कोषागारों (डिस्ट्रिक्ट ट्रेजरी) के लिए भेजी जाने वाली जरूरी फाइलों का निष्पादन भी पूरी तरह लंबित है। पेंशन से लेकर घोटाले की जाँच तक… सबकुछ ठप ट्रेजरी डायरेक्टर का पद रिक्त होने से राजकोषीय और प्रशासनिक कामकाज पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है, जिससे जुड़ी प्रमुख बातें इस प्रकार हैं: जाँच प्रक्रिया पर असर: ट्रेजरी डायरेक्टर के न रहने से राज्य में चल रही ट्रेजरी घोटाले की जाँच के लिए आवश्यक कई अहम सरकारी दस्तावेज जाँच एजेंसियों को नहीं भेजे जा पा रहे हैं। अटकीं फाइलें: बजट आवंटन और विभिन्न सरकारी भुगतानों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण फाइलें निदेशालय में ही डंप हो गई हैं। पेंशन भुगतान पर रोक: चूंकि राज्य के सभी कोषागारों की निगरानी और उनके डिजिटल अप्रूवल (डिजिटल हस्ताक्षर/स्वीकृति) का अंतिम अधिकार ट्रेजरी डायरेक्टर के पास ही होता है, इसलिए सेवामुक्त कर्मचारियों के पेंशन भुगतान सहित कई अन्य वित्तीय कार्य भी लटक गए हैं। क्यों खाली हुआ पद?मालूम हो कि कार्मिक विभाग ने बीते 12 फरवरी को तत्कालीन ट्रेजरी डायरेक्टर संदीप सिंह को श्रमायुक्त (लेबर कमिश्नर) के पद पर स्थानांतरित कर दिया था। इसके बाद से इस पद पर किसी भी अधिकारी की नियमित पदस्थापना नहीं की गई। संदीप सिंह के तबादले के बाद वित्त विभाग ने आंतरिक व्यवस्था के तहत अपर निदेशक संध्या गुप्ता को ट्रेजरी डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था, लेकिन अब उनके हटने के बाद से यह पद पूरी तरह रिक्त है। कर्ण सत्यार्थी बन सकते हैं नए डायरेक्टर, वित्त मंत्री के लौटने पर फैसला ट्रेजरी डायरेक्टर का पद भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) कैडर के संयुक्त सचिव (Joint Secretary) रैंक का होता है, जिस पर कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा पोस्टिंग की जाती है। हाल ही में प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) से लौटकर आए आईएएस अधिकारी कर्ण सत्यार्थी को वित्त विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। सचिवालय सूत्रों का कहना है कि वित्त विभाग अपने स्तर से ही कर्ण सत्यार्थी को ट्रेजरी डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की तैयारी कर रहा है और इस पर विभाग के भीतर गहन मंथन चल रहा है। चूंकि वित्त मंत्री अभी रांची से बाहर हैं, इसलिए उनके वापस लौटते ही इस संबंध में अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा और फाइल आगे बढ़ा दी जाएगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

झारखंड

25 हजार आदिवासी घरों में पहली बार पहुंचेगी बिजली

आजादी के 78 साल बाद भी झारखंड में अभी ऐसे हजारों घर हैं, जहां बिजली नहीं पहुंची है। अब सरकार ने ऐसे करीब 28 हजार आदिवासी और दलित घरों में बिजली पहुंचाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। ऊर्जा विभाग ने इसके लिए 193 करोड़ रुपए का दो प्रस्ताव तैयार किया है। इस पर ऊर्जा मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सितंबर 2024 में पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान को मंजूरी दी थी। बाद में इसे धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान नाम दिया गया। इसके तहत आदिवासी बहुल गांवों में बिजली पहुंचाना था। इसी योजना के तहत 25,393 आदिवासियों के घरों में बिजली पहुंचाने की योजना है। वहीं 1782 ​दलित परिवारों के घरों में भी बिजली पहुंचाई जाएगी। गौरतलब है कि केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई गई राज्यवार सूची के अनुसार झारखंड के 24 जिलों के 7139 गांवों का सर्वे कराया गया था। राज्य बिजली वितरण निगम द्वारा कराए गए सर्वे के आधार पर 19 जिले के 25,393 घरों में बिजली पहुंचाने का फैसला हुआ। इसका डीपीआर भी तैयार हो गया है। इस योजना पर करीब 184.52 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसमें राज्य सरकार 115 करोड़ और कें्र सरकार 70 करोड़ रुपए खर्च करेगी। पहले की कई योजनाएं प्रभावी नहीं केंद्र और राज्य सरकार ने इससे पहले भी ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए कई योजनाएं चलाईं। इनमें सौभाग्य योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्या​ेति योजना, सोलर मिनी ग्रिड और ऑफ ग्रिड योजनाएं प्रमुख हैं। सरकार ने इन योजनाओं के तहत अधिकतर गांवों तक बिजली पहुंचाने का दावा किया। लेकिन दूरदराज की बस्तियां और कई टोले अभी भी बिजली से ​वंचित हैं। अब तक क्यों नहीं पहुंची बिजली पठारी क्षेत्र होने के कारण झारखंड में कई दुर्गम इलाके हैं, जहां सीधे बिजली नहीं पहुंचाई जा सकती। जंगलों और पहाड़ी इलाके में बसे छोटे गांवों तक ट्रांसमिशन लाइन पहुंचाना तकनीकी और आर्थिक रूप से कठिन माना जाता है। पहाड़ी, वन क्षेत्र और नक्सल प्रभावित इलाकों में यह समस्या अभी भी है। कम आबादी वाले बिखरे हुए टोले भी इसमें बड़ी बाधा है। कई गांवों में जैसे-तैसे कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन नियमित रूप से बिजली की आपूर्ति नहीं होती। दलित परिवारों के घर बिजली पहुंचाने पर खर्च होंगे 7.54 करोड़ रुपए सरकार ने पिछले दिनों 17 जिलों के 6770 घरों का सर्वे कराया था। पता चला कि 10 जिलों के 1782 दलित परिवारों के घर में बिजली नहीं पहुंची है। इसके बाद ऊर्जा विभाग ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत आदर्श गांवों के टोलों में बिजली पहुंचाने के लिए 7.54 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दने का प्रस्ताव तैयार किया। इनमें से 3.63 करोड़ रुपए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन उपलब्ध कराएगा। शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी। इस योजना में प्रति घर करीब 33,951 रुपए खर्च होंगे। Source link

झारखंड

ओपन जेल निगरानी समिति नहीं बनने पर हाईकोर्ट सख्त, 10 दिन में...

राज्य सरकार को 24 जून तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में ओपन जेलों की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मॉनिटरिंग कमेटी का गठन नहीं किए जाने पर राज्य सरकार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मुख्य सचिव को 10 दिनों के भीतर तीन सदस्यीय निगरानी समिति गठित करने का निर्देश दिया है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि इस मामले में अब और समय नहीं दिया जाएगा। खंडपीठ ने राज्य सरकार को 24 जून तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने तथा राज्य के सभी ओपन जेलों की स्थिति, प्रबंधन और वहां उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी। इससे पहले सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने समिति गठन के लिए आठ सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा, लेकिन अदालत ने इस मांग को खारिज कर दिया। अदालत के निर्देशानुसार समिति में झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि, गृह सचिव या अपर सचिव स्तर के अधिकारी तथा डीआईजी रैंक से कम नहीं स्तर के कारा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को शामिल किया जाएगा। Source link

झारखंड

लापता करण-अर्जुन की मां को आया फोन, कर्नाटक के अस्पताल में हैं...

धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता दो भाई करण और अर्जुन का 12 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बच्चों की मां डॉली देवी लगातार उनकी तलाश में भटक रही हैं और पुलिस पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगा रही हैं। इसी बीच शुक्रवार रात करीब आठ बजे 9505487735 नंबर से एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को कर्नाटक से बताते हुए कहा कि बच्चों का एक्सीडेंट हो गया है और वे अस्पताल में भर्ती हैं। इस सूचना के बाद पूरा परिवार परेशान है। पुलिस उस मोबाइल नंबर की जांच कर रही है। डॉली देवी का कहना है कि उनके दोनों बेटे 12 दिनों से लापता हैं, लेकिन अब तक पुलिस उन्हें ढूंढ़ने में सफल नहीं हो सकी है। उनका आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई और उन्हें खुद बच्चों की तलाश करने की बात कही। अखबारों में खबर छपने के बाद ही पुलिस ने कुछ सक्रियता दिखाई। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने धुर्वा और जगन्नाथपुर क्षेत्र से लापता बच्चों करण, अर्जुन और शिवा के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। आदित्य साहू ने कहा कि परिजनों के बयान और थाने में दर्ज प्राथमिकी के विवरण में विरोधाभास दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि लापता बच्चों की बरामदगी की मांग को लेकर भाजपा ने शनिवार शाम छह बजे मशाल जुलूस निकालने का आह्वान किया है। पार्टी का कहना है कि यदि इसके बाद भी बच्चों का पता नहीं चलता है तो आगे की आंदोलनात्मक रणनीति बनाई जाएगी। भाजपा नेता परिजनों से मिले, बरामद करने की मांग पर आज मशाल जुलूस Source link

झारखंड

रांची के पांच केंद्रों पर होगी परीक्षा, मजिस्ट्रेट, उड़नदस्ता रहेंगे तैनात

रांची| झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा-2024 के सफल, निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा 14 जून को रांची जिले के पांच उप-केंद्रों पर एक ही पाली में आयोजित होगी। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी। प्रशासन ने अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। परीक्षा की तैयारियों और विधि-व्यवस्था की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय स्थित ब्लॉक-ए सभागार में बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) धनंजय ने की। सभी पांच परीक्षा केंद्रों पर रहेगी कड़ी निगरानी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, नकल या अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेट और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। इसके अलावा उड़नदस्ता दल भी लगातार निरीक्षण करेगा। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए केंद्रों पर चिकित्सा सहायता, पेयजल, अग्निशमन व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। केंद्राधीक्षकों को परीक्षा के दौरान पारदर्शी और अनुशासित वातावरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। अपर जिला दंडाधिकारी धनंजय ने कहा कि यह परीक्षा राज्य के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी है। इसलिए सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी सतर्कता, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करने का निर्देश दिया गया है। Source link

Scroll to Top