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कोल्हान के ग्रामीण इलाकों में हाथियों का उत्पात:घरों-फसलों को पहुंचा रहे नुकसान,...

कोल्हान क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक बढ़ गया है। जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम के कई गांवों में हाथियों के झुंड रात के समय बस्तियों में घुसकर घरों और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल है और वे रातभर जागकर अपने घरों की निगरानी करने को मजबूर हैं। चांडिल, ईचागढ़ और कुकडू प्रखंड में हाथियों की आवाजाही में वृद्धि दर्ज की गई है। कई जगहों पर 20 से 25 हाथियों का बड़ा झुंड सक्रिय इसके अतिरिक्त, चाकुलिया, बहरागोड़ा, घाटशिला और गुड़ाबांधा क्षेत्रों में भी हाथियों के झुंड ग्रामीण इलाकों में घुसकर उत्पात मचा रहे हैं। कुछ स्थानों पर अकेला हाथी नुकसान पहुंचा रहा है, जबकि कई जगहों पर 20 से 25 हाथियों का बड़ा झुंड सक्रिय है। ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों ने कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है और घरों में रखा अनाज भी नष्ट कर दिया है। खेतों में लगी गरमा धान और सब्जियों की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हाथी ने ग्राम प्रधान के घर पर हमला किया हाल की एक घटना में, आदरडीह चौका गांव में देर रात एक हाथी ने ग्राम प्रधान के घर पर हमला किया। हाथी ने दीवार तोड़कर घर में प्रवेश किया और चावल सहित अन्य खाद्यान्न को बर्बाद कर दिया। इस दौरान मलबा गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। परिवार के अन्य सदस्य किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे। इसी तरह, डाइनमारी गांव में 20 से 25 हाथियों के एक झुंड ने एक अन्य घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हमले में दीवार गिरने से एक महिला घायल हो गई। हाथियों ने घर में रखा धान भी खा लिया। इन लगातार बढ़ती घटनाओं के कारण ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों की मांग है कि हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। Source link

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कोडरमा में नहर से वृद्ध का शव बरामद:घर से 200 मीटर की...

कोडरमा जिले के मरकच्चो थाना क्षेत्र अंतर्गत पंचखेरो जलाशय के नहर से एक 65 वर्षीय वृद्ध का शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान गोरहंद रोड निवासी लक्ष्मण यादव उर्फ भोला यादव के रूप में हुई है। शव मिलने का स्थान उनके घर से महज 200 मीटर की दूरी पर है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, लक्ष्मण यादव मंगलवार शाम से लापता थे। उनके परिजन पिछले दो दिनों से उनकी तलाश कर रहे थे और उन्हें ढूंढने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से भी गुहार लगाई थी, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया था। गुरुवार को कुछ ग्रामीण जब नहर की ओर गए, तो उन्होंने पानी के अंदर एक शव को उपलाता देखा। नहर में शव मिलने की सूचना मिलते ही वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे और शव की पहचान की। परिजनों ने ग्रामीणों के सहयोग से शव को पानी से बाहर निकाला और अपने घर ले गए। घटना की जानकारी मिलने पर मरकच्चो पुलिस मृतक के घर पहुंची। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। Source link

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एग्रिको की 100 मीटर गली में 30 स्टॉल, लिट्टी-चोखा से तंदूरी चिकन...

Last Updated:May 14, 2026, 19:32 IST Jamshedpur Famous Khao Gali: अगर आप खाने-पीने के शौकीन हैं और शाम के समय किसी बेहतरीन जगह की तलाश में हैं, तो जमशेदपुर की एग्रिको खाओ गली आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है. यह जगह खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो अलग-अलग तरह के स्वाद का मजा एक ही जगह पर लेना चाहते हैं. हर दिन शाम 6:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक यह खाओ गली पूरी तरह से गुलजार हो उठती है. लगभग 100 मीटर की दूरी पर यहां 25 से 30 स्टॉल लगते हैं और हर स्टॉल पर कुछ न कुछ खास मिलता है. जैसे ही आप इस गली में कदम रखते हैं, सबसे पहले आइसक्रीम की ठंडी मिठास आपका स्वागत करती है. इसके बाद गोलगप्पा, लिट्टी-चोखा, बर्गर, पिज्जा, मोमोज, फ्रेंच फ्राइज, डोसा, इडली जैसे स्वादिष्ट व्यंजन एक-एक करके आपकी भूख को और बढ़ा देते हैं. अगर आप नॉन-वेज पसंद करते हैं, तो यहां तंदूरी चिकन, चिकन पकोड़ा जैसे लजीज ऑप्शन भी मौजूद हैं. वहीं, गर्मी से राहत पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक, मसाला सोडा और नोवेल्टी आइसक्रीम भी आसानी से मिल जाती है. पाव भाजी का मक्खन भरा स्वाद तो यहां आने वालों की खास पसंद में शामिल है. इस खाओ गली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां हर चीज आपके सामने ताजा बनाकर दी जाती है. साफ-सफाई का भी खास ध्यान रखा जाता है, जिससे आप बेफिक्र होकर खाने का आनंद ले सकते हैं. हर स्टॉल का स्वाद दूसरे से अलग होता है, जिससे आपको हर कदम पर नया अनुभव मिलता है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके अलावा, इस जगह के पास ही एक बड़ा ग्राउंड भी है, जहां आप अपने दोस्तों या परिवार के साथ बैठकर क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं. पहले स्वादिष्ट खाना खाइए और फिर खुले माहौल में बैठकर अपने पलों को यादगार बनाइए. यही इस जगह की खास पहचान है. तो अगर आप भी शाम को कहीं अच्छा समय बिताना चाहते हैं, दोस्तों के साथ घूमना चाहते हैं या अपने लव वन्स के साथ कुछ खास पल बिताना चाहते हैं, तो एक बार एग्रिको खाओ गली जरूर जाएं. यहां का स्वाद, माहौल और अनुभव आपको बार-बार आने पर मजबूर कर देगा. Source link

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महिला ने घर में फांसी लगाकर दी जान:जन्म के कुछ देर बाद...

पलामू के शांतिपुरी मोहल्ला में एक महिला ने अपनी नवजात बेटी की मौत के सदमे में आत्महत्या कर ली। अनुज अग्रवाल की 25 वर्षीय पत्नी सलोनी कुमारी ने बुधवार को घर में फांसी लगा ली थी। इलाज के दौरान गुरुवार को उनकी मौत हो गई। शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ज्योतिलाल रजवार ने बताया कि परिजनों के अनुसार, सलोनी ने पिछले साल जून में एक बच्ची को जन्म दिया था। जन्म के कुछ समय बाद ही बच्ची की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से सलोनी गहरे सदमे और डिप्रेशन में थीं। मानसिक तनाव के कारण उनका स्वास्थ्य भी खराब रहने लगा था। बुधवार दोपहर सलोनी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। परिजनों को इसकी जानकारी मिलते ही वे उन्हें गंभीर हालत में मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन सलोनी को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। Source link

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Thalassemia Patient Death | SBMCH Oxygen Shortage Allegations

हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SBMCH) में कथित लापरवाही के कारण एक थैलेसीमिया पीड़िता सरिता कुमारी की मौत हो गई। . परिजनों ने आरोप लगाया है कि ऑक्सीजन की कमी और स्वास्थ्य कर्मियों की अनदेखी के कारण मरीज ने दम तोड़ा। शिवपुरी निवासी सरिता कुमारी थैलेसीमिया से पीड़ित थीं और नियमित रूप से रक्त चढ़वाने के लिए अस्पताल आती थीं। गुरुवार सुबह भी उन्हें रक्त चढ़वाने के उद्देश्य से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सांस लेने में परेशानी होने लगी परिजनों के अनुसार, भर्ती के दौरान ही सरिता का ऑक्सीजन स्तर गिरने लगा और उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। पति मनजीत कुमार ने बताया कि उन्होंने बार-बार स्वास्थ्य कर्मियों से ऑक्सीजन लगाने का अनुरोध किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। मनजीत कुमार ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने सरिता की गंभीर स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के ही उन्हें एक्स-रे कराने के लिए भेज दिया गया। एक्स-रे रूम ले जाते समय ही सरिता ने दम तोड़ दिया। उस समय तक उन्हें खून भी नहीं चढ़ाया गया था। इस मामले में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. राजकिशोर ने भी प्रथम दृष्टया अस्पताल की ओर से बड़ी लापरवाही स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि मरीज को जो सहायता मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिली। डॉ. राजकिशोर ने इसे ‘अक्षम्य अपराध’ बताते हुए पीड़ित परिवार को लिखित आवेदन देने की सलाह दी है। अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी गठित करने की बात कही है। ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों और संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। Source link

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जमशेदपुर का फेमस चिकन पकोड़ा, 2 घंटे में बिक जाता है 40...

Last Updated:May 14, 2026, 19:12 IST Jamshedpur Famous Chicken Pakora Shop: जमशेदपुर में स्वाद के शौकीनों की कोई कमी नहीं है. शहर में कई बड़े होटल और फूड आउटलेट मौजूद हैं, लेकिन कई बार छोटे ठेले और साधारण दुकानों का स्वाद लोगों के दिल में ऐसी जगह बना लेता है कि दूर-दूर से लोग वहां पहुंचने लगते हैं. ऐसा ही एक नाम इन दिनों सुंदरनगर फाटक के पास लोगों के बीच काफी चर्चा में है, जहां नाथू बेसरा अपने परिवार के साथ सिर्फ दो घंटे की दुकान लगाकर रोजाना लगभग 40 किलो चिकन पकोड़ा बेच देते हैं. सबसे खास बात यह है कि उनकी दुकान किसी बड़े होटल या रेस्टोरेंट की तरह नहीं है. सिर्फ चार बांस और एक तिरपाल के नीचे शाम 5 बजे से 7 बजे तक दुकान सजती है. लेकिन जैसे ही कड़ाही में चिकन पकोड़ा तलना शुरू होता है, वहां लोगों की भीड़ लग जाती है. हालत ऐसी हो जाती है कि कई बार सड़क किनारे गाड़ियां रुकने से जाम जैसी स्थिति बन जाती है. नाथू बताते हैं कि वे अपने दो बेटों और एक बेटी के साथ मिलकर यह काम करते हैं. परिवार के सभी सदस्य दुकान में हाथ बंटाते हैं. कोई चिकन तैयार करता है तो कोई चटनी बनाता है और कोई ग्राहकों को प्लेट देने में व्यस्त रहता है. उनका कहना है कि उनके पास भले ही बड़ी दुकान, चमकदार लाइट या बैठने की कुर्सियां नहीं हैं, लेकिन स्वाद और शुद्धता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है. उन्होंने बताया कि चिकन पकोड़ा बनाने में वे अरारोट, मैदा, घर के बने मसाले, अदरक-लहसुन का पेस्ट और शुद्ध तेल का इस्तेमाल करते हैं. इसके साथ मिलने वाली दो तरह की चटनियां लोगों को और भी पसंद आती हैं. एक तरफ मिर्च, धनिया और पुदीना से बनी खट्टी चटनी तो दूसरी तरफ टमाटर और खजूर की मीठी चटनी चिकन पकोड़े का स्वाद दोगुना कर देती है. Add News18 as Preferred Source on Google ग्रामीण क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कीमत भी काफी कम रखी है. यहां ₹20 में हाफ प्लेट यानी तीन पीस और ₹40 में छह पीस चिकन पकोड़ा मिल जाता है. कम कीमत और शानदार स्वाद की वजह से लोग दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं. कई ग्राहक तो गाड़ी रोककर पैक करवाते हैं और आगे निकल जाते हैं. चिकन पकोड़ा खाने आए एक ग्राहक ने बताया कि ऐसा स्वाद शायद बड़े-बड़े होटलों में भी नहीं मिलता. उन्होंने कहा कि जब भी वे सुंदरनगर की तरफ आते हैं तो यहां से चिकन पकोड़ा जरूर लेते हैं. बेसरा बताते हैं कि कई बार हालत ऐसी हो जाती है कि पकोड़ा कड़ाही में तलते-तलते ही बिक जाता है. यही वजह है कि वे पहले से ही काफी स्टॉक तैयार रखते हैं. साधारण सी दुकान और मेहनत से तैयार स्वादिष्ट चिकन पकोड़ा आज नाथू बेसरा और उनके परिवार की पहचान बन चुका है. साथ ही इस बात का प्रमाण भी कि स्वाद को शो-शॉ की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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Gomia Former Minister Madhavlal Singh Funeral State Honour

बोकारो के गोमिया क्षेत्र के जनप्रिय नेता और पूर्व मंत्री स्वर्गीय माधवलाल सिंह का गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गोमिया प्रखंड के साड़म स्थित बोकारो नदी तट पर वे पंचतत्व में विलीन हो गए। . अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से हजारों लोग पहुंचे, जिससे बोकारो नदी तट जनसैलाब में बदल गया। अंतिम संस्कार से पहले झारखंड पुलिस के सशस्त्र बलों द्वारा दिवंगत नेता को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। माधव बाबू अमर रहें के नारों से गूंज उठा मातमी धुन और पुलिस जवानों की सलामी के बीच राजकीय सम्मान की प्रक्रिया पूरी हुई। इस दौरान वहां मौजूद समर्थकों की आंखें नम हो गईं। पूरा साड़म क्षेत्र “गोमिया का एक लाल कैसा हो, माधव लाल जैसा हो” और “माधव बाबू अमर रहें” जैसे नारों से गूंज उठा। समर्थकों ने उन्हें गरीबों, किसानों और मजदूरों की आवाज बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम यात्रा और अंत्येष्टि में राजनीतिक और प्रशासनिक जगत की कई प्रमुख लोग शामिल हुईं। इनमें झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, बोकारो डीसी अजय नाथ झा, एसडीपीओ बेरमो बीएन सिंह, गोमिया बीडीओ महादेव कुमार महतो, सीओ आफताब आलम, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, कुमार महेश सिंह, झामुमो जिलाध्यक्ष रतनलाल मांझी और भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र राज प्रमुख थे। माधवलाल सिंह के अंतिम संस्कार में झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद भी शामिल हुए। राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति सभी ने एक स्वर में कहा कि माधवलाल सिंह का निधन क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति है। माधवलाल सिंह केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े संवेदनशील व्यक्तित्व के रूप में लोगों के बीच लोकप्रिय थे। वे लंबे समय तक गोमिया क्षेत्र की राजनीति का मजबूत चेहरा रहे और गरीबों तथा जरूरतमंदों की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाते थे। उनके आवास से लेकर अंतिम यात्रा तक लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की आंखों में अपने प्रिय नेता को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। बताते चले कि लंबी बीमारी के बाद बुधवार को रांची स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान माधवलाल सिंह का निधन हो गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे गोमिया और बोकारो जिले में शोक की लहर फैल गई थी। गुरुवार को अंतिम यात्रा के दौरान सड़क किनारे खड़े लोग नम आंखों से अपने ‘माधव बाबू’ को अंतिम विदाई देते नजर आए। ———————————– ये भी खबर पढ़िए झारखंड के पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह का निधन:राज्यपाल-सीएम ने बताया अपूरणीय क्षति, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार झारखंड के पूर्व मंत्री और गोमिया विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ नेता माधव लाल सिंह का बुधवार सुबह निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बोकारो के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से गंभीर हालत में रांची रेफर किया गया। रांची के पल्स अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही गोमिया समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। समर्थकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पढ़िए पूरी खबर… Source link

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Alamgir Alam Jharkhand Former Minister Gets Bail From Supreme Court

रांची5 घंटे पहले कॉपी लिंक झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम दो साल बाद जेल से आज बाहर निकले। उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है। अदालत ने सोमवार को जमानत दी थी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से मिले जमानत का आदेश अपलोड नहीं होने के कारण जेल से नहीं निकल सके। पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के साथ उनके पीए संजीव लाल को भी जमानत मिली है। आदेश अपलोड होने के बाद आज बेल बॉन्ड भरा गया। जिसके बाद वे जेल से बाहर आए। होटवार जेल में दो साल से बंद आलमगीर आलम को लेने के लिए उनकी पत्नी सह विधायक निशात आलम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता होटवार स्थित सेंट्रल जेल पहुंचे। जानकारी के मुताबिक आलमगीर आलम की जमानतदार उनकी पत्नी निशात आलम बनी हैं। हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती झारखंड हाईकोर्ट द्वारा पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके पीए संजीव लाल की जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद दोनों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आलमगीर आलम की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि इस मामले में उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है। साथ ही, जांच के दौरान उनके पास से किसी प्रकार की नगदी या आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद नहीं हुई है, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। वकीलों ने यह भी कहा कि आलमगीर आलम की तबीयत ठीक नहीं है। वे कई बीमारियों से जूझ रहे हैं। इस आधार पर भी अदालत से राहत देने की अपील की गई। बचाव पक्ष ने कोर्ट से मानवीय आधार पर विचार करते हुए जमानत मंजूर करने का आग्रह किया है। ——————————————- इसे भी पढ़ें..… दो साल बाद जेल से बाहर आएंगे आलमगीर आलम:सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत, टेंडर कमीशन घोटाला में हुए थे गिरफ्तार टेंडर कमीशन घोटाला मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम दो साल बाद जेल से बाहर आएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। आज सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जस्टिस एम एम सुंदरेश्वर और जस्टिस एन कोटीश्वर सिंह की बेंच में जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इससे पहले उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी थी। जिसे 11 जुलाई 2025 को जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलमगीर आलम हेमंत सोरेन की पूर्ववर्ती सरकार में ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री थे। यहां पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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CBSE 12th Result: बोकारो के अमृत राज इंटर आर्ट्स में जिला टॉपर,...

Last Updated:May 14, 2026, 05:42 IST सीबीएसई 12वीं (आर्ट्स) 2026 में बोकारो के अमृत राज जिला टॉपर बने हैं. उन्होंने 99.6% अंक हासिल किए. अमृत ने तीन विषयों में 100 में 100 अंक प्राप्त किए. वह भविष्य में आईएएस अधिकारी बनना चाहते हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग को दिया है. ख़बरें फटाफट बोकारोः बोकारो जिले के होली क्रॉस स्कूल बालीडीह के मेधावी छात्र अमृत राज ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा 2026 में आर्ट्स संकाय में 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है. अमृत ने पॉलिटिकल साइंस में 100 अंक, इकोनॉमिक्स में 100 अंक, संस्कृति में 100 अंक, इंग्लिश में 99 और हिस्ट्री में 99 अंक प्राप्त किए हैं. खास बातचीत में अमृत राज ने बताया कि वह अपने परीक्षा परिणाम से बेहद खुश हैं, क्योंकि सालभर की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें यह सफलता मिली है. आगे उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसके लिए निरंतर मेहनत और सही रणनीति होना बेहद जरूरी है. वहीं, बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर अमृत राज ने बताया कि वह रोजाना 8 से 9 घंटे पढ़ाई करते थे. साथ ही हर विषय के लिए उन्होंने चैप्टर वाइज स्ट्रेटजी बनाकर पढ़ाई की. जिससे पूरा सिलेबस समय पर पूरा करने में मदद मिली है. तैयारी में बीते‌ सालों के क्वेश्चन पेपर अहमबोर्ड परीक्षा के आखिरी महीने की रणनीति पर चर्चा करते हुए अमृत ने बताया कि बीते‌ सालों के क्वेश्चन पेपर और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है. बार-बार प्रैक्टिस करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और परीक्षा का डर भी खत्म हो जाता है. छात्रों को टॉपर की सलाहबोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को अमृत राज ने सलाह दी है कि सबसे पहले अपने लक्ष्य पर फोकस करना चाहिए और लगातार अनुशासन के साथ मेहनत करना चाहिए क्योंकि अनुशासन की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं. पढ़ाई के दौरान होने वाले डिस्ट्रैक्शन को लेकर अमृत ने बताया कि कई बार लगातार पढ़ाई से थकावट महसूस होती थी. ऐसे समय में वह छोटे-छोटे ब्रेक लेते थे और कभी-कभी दोस्तों से फोन पर बात कर लेते थे, जिससे उनका मन फ्रेश हो जाता था और दोबारा पढ़ाई में ध्यान लगाने में मदद मिलती थी. भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए अमृत राज ने बताया कि वह आगे पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई करना चाहते हैं और भविष्य में आईएएस अधिकारी बनने का सपना है. वहीं, अमृत ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी नानी, बड़े भाई, माता-पिता और शिक्षकों को दिया है जिन्होंने, उनकी कमजोरी को दूर करने में हमेशा मदद की है. माता-पिता ने क्या कहा?अमृत के पिता कृष्ण दयाल सिंह समाजसेवी हैं, जबकि माता राधिका लॉ कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. बेटे की सफलता पर अमृत राज के पिता कृष्णा दयाल सिंह ने बताया कि वह बेटे की सफलता से बहुत खुश है. उन्हें उम्मीद है कि और अभी बेहतर प्रदर्शन करेंगे, वहीं उनकी मां राधिका ने बताया कि अमित राज बचपन से ही मेधावी रहे हैं. ऐसे में बेटे की सफलता से वह गौरवान्वित महसूस कर रही हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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टाटानगर से दिल्ली जाने वाली रेगुलर ट्रेन में लंबी वेटिंग:स्पेशल ट्रेनों से...

टाटानगर से दिल्ली के चलने वाली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस, भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस में आने वाले कई दिनों तक लंबी वेटिंग है। हालत यह है कि हर श्रेणी में वेटिंग होने से दिल्ली जाने में मुश्किल हो रही है। गर्मियों के छुट्टियों में पूर्व से टिकट नहीं करा पाएं लोगों को बनारस, प्रयागराज जाने में भी समस्या हो रही है। टाटा-आनंदबिहार समर स्पेशल ट्रेन 23 मई को खुलेगी रेलवे ने गर्मी में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए टाटा-आनंदबिहार समर स्पेशल ट्रेन चलाने जा रही है। यह ट्रेन अप-डाउन एक फेरा लगाएगी। सूत्रों के मुताबिक ट्रेन नंबर-08183 टाटा-आनंदबिहार स्पेशल ट्रेन 23 मई को टाटानगर से खुलेगी। ट्रेन रात 12.30 बजे खुलेगी जो कि मुरी, बोकारो, गोमो, गया, प्रयागराज, गोविंदपुर होते हुए गोविंदपुर दूसरे दिन तड़के सुबह 3.30 बजे पहुंचेगी। वहीं 25 मई को ट्रेन नंबर- 08184 आनदंबिहार-टाटानगर स्पेशल ट्रेन रात 1.45 बजे खुलेगी। जो कि प्रयागराज होते हुए गया-मुरी होते हुए टाटानगर दूसरे दिन रात 12.15 बजे पहुंचेगी। इस ट्रेन के एक फेरा लगाने से टाटानगर से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। Source link

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